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नई दिल्ली। Reliance Industries Limited ने पेट्रोल, डीजल के सेल्स के मामले में दोहरे अंक में वृद्धि हासिल की है। इस तरह उसने इस मामले में पूरी इंडस्ट्री को पीछे छोड़ दिया है। कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक दिसंबर तिमाही में कंपनी के पेट्रोल पंपों से पेट्रोल-डीजल की बिक्री में 10 फीसद की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। कंपनी ने बताया कि अक्टूबर से दिसंबर, 2019 के बीच उसके 1,394 पेट्रोल पंपों से डीजल की बिक्री में 11 फीसद की वृद्धि दर्ज की गई। दूसरी ओर पेट्रोल की बिक्री में 15 फीसद का इजाफा हुआ है। इस अवधि में इंडस्ट्री की डीजल की सेल 0.2 फीसद की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। दूसरी ओर पेट्रोल की वृद्धि 7.1 फीसद बढ़ी। Reliance Industries Limited के हर Petrol Pumps में हर माह 3.42 लाख लीटर पेट्रोल और डीजल मंगाया गया। यह किसी भी पब्लिक सेक्टर पेट्रोलियम कंपनियों Indian Oil Corporation (IOC) और BPCL के मुकाबले दोगुना है। रिलायंस के मुताबिक उसके पेट्रोल पंपों की रिटेल सेल्स इस अवधि में पांच फीसद बढ़कर 3,725 करोड़ रुपये रही। अक्टूबर से दिसंबर तिमाही के बीच फ्यूल की बिक्री 53.8 करोड़ लीटर रही। कंपनी के इन 1,394 पेट्रोल पंपों में से 518 कंपनी के स्वामित्व में चल रहे हैं। बाकी का परिचालन डीलर कर रहे हैं।RIL ने कहा कि अक्टूबर से दिसंबर के दौरान भारत में तेल की मांग में 3.2 फीसद की वृद्धि दर्ज की गई। कंपनी की ओर से प्रस्तुत आंकड़ों के मुताबिक इस अवधि में पेट्रोल की मांग 7.1 फीसद और एलपीजी की मांग में 15 फीसद की तेजी दर्ज की गई।

 

नई दिल्ली। आम लोगों के लिए बजट एवं उससे जुड़े विभिन्न टर्म्स को सरल बनाने के लिए वित्त मंत्रालय 22 जनवरी से सोशल मीडिया पर एक अभियान चलाएगा। एक अधिकारी ने बताया कि इस अभियान का नाम '#ArthShastri' है। इस अभियान के तहत मंत्रालय दिलचस्प एनिमेटेड वीडियो के जरिए आम लोगों एवं छात्रों को विभिन्न आर्थिक शब्दों से रूबरू कराने की कोशिश करेगा। अधिकारी ने कहा कि मंत्रालय ने पिछले साल बजट से पहले भी इस तरह का अभियान चलाया था। वित्त मंत्रालय ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। लोग 22 जनवरी को सुबह 11 बजे से अपने सवाल पूछ सकेंगे। मंत्रालय ने बजट से जुड़े वायदों और डिलीवरी को लेकर '#HamaraBharosa' टैग के साथ भी एक अभियान की शुरुआत की। अधिकारी ने बताया कि ये दोनों अभियान 29 जनवरी तक चलेंगे। उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को वित्त वर्ष 2020-21 का बजट पेश करेंगी। वायदों और डिलीवरी को लेकर शुरू किए गए अभियान में हेल्थ सेक्टर, मानवरहित क्रॉसिंग और हर किसी के लिए घर जैसे बिन्दुओं को शामिल किया गया है। इस अभियान को 12 प्रमुख क्षेत्रीय भाषाओं में भी शुरू किया गया है। इस सिलसिले में वित्त मंत्रालय ने रविवार को अपने ट्विटर हैंडल पर नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन से जुड़े विवरण साझा किए।

नई दिल्ली। बजट 2020 पेश किये जाने में एक पखवाड़े से भी कम का समय बचा है और सरकार का जोर Economic Slowdown दूर करने के साथ Job के अवसर बढ़ाने पर रहेगा। इसके लिए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण कृषि और बुनियादी ढांचा क्षेत्र के साथ सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योग क्षेत्र के लिए विशिष्ट उपायों का एलान कर सकती हैं। आर्थिक सुस्ती के चलते रोजगार की स्थिति और बिगड़ गई है।Skill India, Startup, Make in India जैसे मिशनों ने कुछ हद तक रोजगार सृजन का काम किया है। हालांकि, आर्थिक सुस्ती ने इन मिशनों के प्रभाव को सीमित कर दिया है। विश्लेषकों के मुताबिक स्वरूप में बदलाव ने MGNREGA जैसी रोजगारमूलक स्कीम को संपत्ति सृजन वाली स्कीम बना दिया है। इसमें सुधार के लिए बजट में मनरेगा को लेकर कुछ एलान संभव हैं।कृषि और इससे जुड़े उद्योगों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए विशिष्ट उपायों की घोषणा भी की जा सकती है। पिछले पांच वर्षो में ग्रामीण मजदूरी की दर में 0.6 फीसद की औसत वृद्धि हुई है। ग्रामीण आमदनी में बढ़ोतरी से गांवों में औद्योगिक सामानों की खपत भी बढ़ेगी। इससे घटती मांग का संकट दूर होगा और अर्थव्यस्था की हालत सुधरेगी।भारत नेट और मोबाइल नेटवर्क के विस्तार से डिजिटल ढांचे तथा पोस्ट पेमेंट बैंक ढांचे से वित्तीय गतिविधियों के विस्तार के चलते गांवों में रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना है। बजट में इन योजनाओं में तेजी लाने के कुछ नए उपाय घोषित किए जा सकते हैं।शहरी क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने के लिए सरकार का फोकस सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों तथा सेवा क्षेत्र से जुड़ी गतिविधियों में जान फूंकने पर होगा। इसके लिए इस क्षेत्र को आसान कर्ज के साथ करों में और राहत की घोषणाएं हो सकती है। रिटेल क्षेत्र में विदेशी निवेश तथा ई-कॉमर्स वाले ऑनलाइन बिक्री चैनलों के कारण परंपरागत देसी किराना दुकानदारों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। इससे उबरने के लिए देश के सवा करोड़ देसी किराना स्टोर बजट से राहत की उम्मीद कर रहे हैं। इन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने तथा ऑनलाइन कंपनियों के साथ साङोदारी के लिए प्रोत्साहित करने के लिए सरकार कोई बड़ी स्कीम ला सकती है। इससे शहरी युवाओं को रोजगार का नया और बड़ा प्लेटफॉर्म मिलने की आशा है।

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त वर्ष 2020-21 के बजट में नॉमिनल GDP Growth का लक्ष्य 9.5-10% के बीच रख सकती हैं। न्यूज एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले से अवगत लोगों का कहना है कि 'आशावादी लक्ष्य' निर्धारित करने के प्रयोग का समय बीत चुका है। रपट के मुताबिक एक सूत्र ने कहा कि इस साल नॉमिनल जीडीपी को लेकर वास्तविक आकलन पेश किया जाएगा।सूत्रों ने जानकारी दी है कि आगामी बजट में राजस्व आकलन और राजकोषीय घाटा से जुड़े लक्ष्य भी बहुत सोच-समझकर पेश किया जाएगा ताकि उसे हासिल करना नामुमिकन ना दिखे। वित्त मंत्री बजट से जुड़े आंकड़ों में पारदर्शिता चाहती हैं। इसके साथ ही वह नहीं चाहती हैं कि कर संग्रह और राजकोषीय घाटा से जुड़ा लक्ष्य जरूरत से ज्यादा महत्वाकांक्षी हो।बजट बनाने की प्रक्रिया से करीब से जुड़े प्रधानमंत्री कार्यालय ने नॉर्थ ब्लॉक को कर संग्रह और राजकोषीय घाटा से जुड़ा बहुत महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय नहीं करने को कहा है।उल्लेखनीय है कि निवेशकों, बाजार और रेटिंग एजेंसियों के सामने अर्थव्यवस्था की अच्छी तस्वीर पेश करने की कोशिशों के तहत नॉमिनल ग्रोथ के लक्ष्य को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है। Nominal GDP के आधार पर ही आयकर और कॉरपोरेट टैक्स और GST जैसे परोक्ष कर संग्रह के लक्ष्य तय किए जाते हैं।इसी प्रकार बजट डॉक्यूमेंट में किसी तरह की 'clerical' चूक ना रह जाए, इसे सुनिश्चित करने के लिए नॉर्थ ब्लॉक और पीएमओ अधिकारी अर्थव्यवस्था से जुड़े आंकड़ों का बहुत सूक्ष्मता से अध्ययन कर रहे हैं।सीतारमण एक फरवरी को वित्त वर्ष 2020-21 का बजट पेश करेंगी। उनका यह बजट ऐसे वक्त में काफी अहम माना जा रहा है जब पहले अनुमानों में चालू वित्त वर्ष में वास्तविक जीडीपी के पांच फीसद रहने की संभावना प्रकट गई है। इस आंकड़े का इस्तेमाल अगले साल के बजट के निर्माण में बेहद अहम साबित होता है।

बॉलीवुड के स्टार एक्टर कार्तिक आर्यन (Kartik Aaryan) इन दिनों अपनी आगामी फिल्मों के चलते लगातार चर्चा में बने हुए है। कार्तिक आर्यन बहुत जल्द 'लव आज कल' में नजर आने वाले है। इस फिल्म का जबरदस्त ट्रेलर रिलीज हो गया है। इसमें कार्तिक आर्यन दमदार किरदार में दिखाई दिए है। फिल्म का ट्रेलर रिलीज होने के साथ ही सोशल मीडिया पर ट्रेंड की कर रहा हैं। फिल्म 'लव आज कल' का ट्रेलर ट्रेंड होने के साथ- साथ कार्तिक आर्यन (Kartik Aaryan) की कुछ तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर उनके फैंस के बीच वायरल हो रही हैं।दरअसल, सामने आई इन तस्वीरों में कार्तिक आर्यन (Kartik Aaryan) अपनी मां एक गाड़ी में बैठे दिखाई दिए। कार्तिक की ये तस्वीरें एक फैनपेज पर शेयर हुई है। सामने आई इन तस्वीरों के पीछे सच्चाई ये हैं कि बॉलीवुड एक्टर कार्तिक आर्यन ने अपनी ममी को कार गिफ्ट की है। हाल ही में कार्तिक को अपनी मम्मी के साथ इस कार में देखा गया। ग्रीन कलर की इस कार को मिनी कूपर कहा जाता है। सामने आई इन फोटोज में आप देख सकते हो कि कार्तिक ड्राइव कर रहे है और उनकी मम्मी उनके बगल में बैठी हुई दिखाई दी। बता दें, इस कार की शुरुआती कीमत 29 लाख से होती है।खैर बात अगर 'लव आज कल' की करें तो, कार्तिक आर्यन (Kartik Aaryan) इस फिल्म में सारा अली खान के साथ रोमांस करते दिखाई देंगे। ये फिल्म 14 फरवरी को रिलीज होने वाली है। इस फिल्म के अलावा कार्तिक आर्यन पहली बार कियारा आडवाणी के साथ फिल्म 'भूल भुलैया 2' और जाह्नवी कपूर के साथ फिल्म 'दोस्ताना 2' में भी अहम किरदार में नजर आने वाले हैं।

बाहुबली फेम सुपरस्टार प्रभास (Prabhas) को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही हैं। ये खबर प्रभास की आगामी फिल्म से जुड़ी हुई है। खबर के अनुसार, प्रभास ( Prabhas ) ने फिल्म 'जान' ( jaan ) की शूटिंग शुरू कर दी है। मिली जानकारी के मुताबिक, नवंबर महीने में प्रभास ने इस फिल्म की शूटिंग शुरू कर दी थी। लेकिन प्रभास इस फिल्म की शूटिंग और आगे बढ़ाने से पहले ब्रेक लेना चाहते थे। लेकिन अब प्रभास ने जान की शूटिंग पूरी तैयारी के साथ शुरू कर दी है। प्रभास ने जान की टीम को शूटिंग के लिए जॉइन कर लिया है। इसकी जानकरी प्रभास ( Prabhas ) ने खुद सोशल मीडिया के जरिए अपने चाहने वालों को दी है।इंस्टाग्राम पर सुपरस्टार प्रभास (Prabhas) ने एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा- ‘मुझे आपको ये बताते हुए खुशी हो रही है कि मैंने अपनी अगली फिल्म की शूटिंग शुरू कर दी है। शूटिंग के दौरान कई अनुभव और ढेर सारे मजे की उम्मीद करता हूं।' खबर के अनुसार, प्रभास (Prabhas) ने इस फिल्म की शूटिंग हैदराबाद में शुरू की है। हैदराबाद की रामोजी राव फिल्म सिटी में इस फिल्म का मेकर्स ने बड़ा सेट लगाया है।बात अगर प्रभास (Prabhas) की आगामी फिल्म जान की करें तो, इस फिल्म में उनके साथ बॉलीवुड एक्ट्रेस पूजा हेगड़े दिखाई देंगी। फिल्म में उनका किरदार ज्योतिष का होगा। ये फिल्म हिंदी के साथ- साथ तमिल, तेलुगू में भी एक साथ शूट होगी। खैर, दर्शकों ने प्रभास (Prabhas) को आखरी बार फिल्म 'साहो' में देखा था। इस फिल्म से मेकर्स और दर्शकों से काफी उम्मीदें थी लेकिन फिल्म कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई थी। 'साहो' को मेकर्स ने बिग बजट के साथ बनाया था। फिल्म में वो श्रद्धा कपूर के साथ रोमांस करते दिखाई दिए थे।

मुंबई। बॉम्बे हॉस्पिटल के PRO ने जानकारी देते हुए बताय कि आज सुबह टाटा मुंबई मैराथन के दौरान एक 64 वर्षीय व्यक्ति का कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। इनका नाम गजानन मलजलकर बताया गया, जहां हॉस्पिटल ने इन्हें उन्हें मृत घोषित कर दिया है। हॉस्पिटल द्वारा बताया गया कि आज इस दौड़ के दौरान कुल सात लोगों को दिल का दौरा पड़ा। इन सभी सात लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।टाटा मुंबई मैराथन में एलीट फुल मैराथन पुरुष वर्ग में श्रीनू बुगाथा ने जीत हासिल की और महिला वर्ग में सुधा सिंह सबसे आगे रही, जिन्होंने खिताब अपने नाम किया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने ड्रीम रेस, 5.9 किलोमीटर की दौड़ को हरी झंडी दिखाई थी। अभिनेता राहुल बोस भी ड्रीम रेस में भाग लिया। रेस के दौरान गीतकार गुलज़ार भी बच्चों के साथ मौजूद रहे। टाटा मुंबई मैराथन के 17 वें संस्करण में, 55,000 से अधिक लोग भाग ले रहे हैं।।टाटा मुंबई मैराथन के 17 वें संस्करण में कई मुद्दों को उठाया गया। इनमें डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा का मुद्दा अहम था। इस दौरान एक डॉक्टर पीड़ित के रूप में वस्र पहने दिखा, जिसने मरीजों और उनके परिवारों द्वारा हमले से सुरक्षा की मांग की। अभिजीत प्रभु नाम के प्रतिभागी ने कहा कि डॉक्टर सिर्फ इंसान हैं और वे प्रत्येक जीवन को बचाने के लिए अपने स्तर पर पूरी कोशिश करते हैं।उन्होंने एएनआई को बताया, 'मैं एक डॉक्टर हूं, दिन के अंत में आपकी तरह एक इंसान हूं, कोई भगवान नहीं। मैंने जीवन बचाने के लिए, जीवन न लेने का संकल्प लिया है। पिछली बार, मैंने कैंसर रोगी के रूप में और उससे पहले रक्तदाता के रूप में मैराथन में भाग लिया था। उन्होंने कहा कि मैं ऐसी चीज पर ध्यान केंद्रित करता हूं जो दिन की जरूरत है।'बता दें कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) द्वारा भी डॉक्टरों के साथ हिंसा करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त केंद्रीय कानून की मांग की है। वहीं, मैराथन के दौरान, अन्य प्रतिभागियों द्वारा कुछ और मुद्दों को भी उठाया गया। इनमें लड़कियों पर एसिड हमलों और बढ़ते प्रदूषण जैसे विभिन्न सामाजिक मुद्दों थे।

नई दिल्‍ली। जानकारों का मानना है कि सरकार को 2020-21 में पहले के वर्षों से कहीं ज्यादा पैसा खर्च करने की जरूरत है। इसके पीछे की वजह निजी खपत है। अर्थव्यवस्था में 60 फीसद हिस्सा रखने वाली खपत ठप पड़ गई है। अनुमान लगाया जा रहा है कि 2019-20 में निजी खपत में केवल 5.8 फीसद की बढ़त होगी। ये 2009-10 से लेकर अब तक की सबसे धीमी बढ़त है। लोग पहले की तरह चीजों पर पैसा खर्च नहीं कर रहे हैं। ऐसे माहौल में जरूरी है कि सरकार पहले से ज्यादा पैसा खर्च कर अर्थव्यवस्था की मदद करे।
कमाने और खर्च का अंतर है राजकोषीय घाटा;-इस बजट से आम आदमी के साथ कारोबारियों को भी काफी उम्मीदें हैं। लिहाजा वित्तमंत्री को ऐसा सतरंगी बजट पेश करना होगा जिससे देश में खुशियों का इंद्रधनुष खिल जाए। खपत बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा ज्यादा रकम खर्च करने के कई नकारात्मक असर हो सकते हैं। अगर सरकार ज्यादा पैसा खर्च करेगी तो राजकोषीय घाटा बढ़ेगा। लगभग सभी सरकारें जितना पैसा कमाती हैं, उससे कहीं ज्यादा पैसा खर्च करती है। कमाने और खर्च के बीच के इस अंतर को राजकोषीय घाटा कहा जाता है। जब राजकोषीय घाटा बढ़ता है तो इस घाटे को भरने के लिए सरकार को ज्यादा पैसा उधार लेना पड़ता है। जब सरकार ज्यादा उधार लेती है तो बाकी वित्त संस्थानों के उधार लेने के लिए पहले से कम पैसा बचता है। ऐसी परिस्थिति में ब्याज दरों के बढ़ने का डर रहता है।
विनिवेश का कैलेंडर बनाने की है जरूरत:-मार्च 2019 और नवंबर 2019 के बीच बैंकों के द्वारा दिया गया गैर खाद्य कर्ज केवल 0.5 फीसद बढ़ा है। उद्योग और सेवाओं को दिया गया कर्ज 3.9 फीसद और 2. फीसद घटा। ऐसे माहौल में सरकार ये कतई नहीं चाहेगी कि ब्याज दरें राजकोषीय घाटा बढ़ने की वजह से बढ़ जाए। इसलिए, सरकार का पहले से ज़्यादा खर्च करना जरूरी है पर ये भी ज़रूरी है कि सरकार पहले से कही ज़्यादा पैसा कमाए और राजकोषीय घाटे को ज्यादा बढ़ने ना दे। इसके लिए सरकार को अन्य विकल्पों पर ध्यान देने की जरूरत होगी। 2019-20 में सरकार ने विनिवेश से करीब एक लाख पांच हजार करोड़ कमाने की आशा की थी। नवंबर तक सरकार केवल 18,099 करोड़ रुपये ही कमा पाई थी। 2020-21 में जरूरी है कि सरकार विनिवेश का एक कैलेंडर बनाए और साल के शुरुआत से सरकारी कंपनियों का विनिवेश करती रहे। अभी तक का तजुर्बा ये रहा है कि सरकारें साल के आखिरी छह महीनों में जागती है और फिर विनिवेश का लक्ष्य प्राप्त नहीं कर पाती हैं।
खराब परफार्मेंस वाली सरकारी कंपनियां हों बंद:-बहुत सारी सरकारी कंपनियां, जो केवल चलाये जाने के लिए चलायी जा रही हैं, उन्हें बंद करने का समय आ गया है। इन कंपनियों की संपत्ति (ज्यादातर जमीन) को बेच कर 102 लाख करोड़ के नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में लगाया जाना चाहिए। इस देश को बेहतर सड़कों, ज्यादा बंदरगाहों, बेहतर रेलवे, बेहतर सिंचाई, इत्यादि की जरूरत है। अगर इसकी वजह से कुछ ख़राब प्रदर्शन करने वाली सरकारी कंपनियों और बैंकों को बंद करना पड़े तो घबराने की कोई बात नहीं है। इससे देश का भला होगा।
इकोनॉमी में कम हो रही कृषि की भागीदारी:-कृषि का देश की अर्थव्यवस्था में योगदान दिन ब दिन कम होता जा रहा है, लेकिन कृषि पर निर्भर लोगों की संख्या उस हिसाब से कम नहीं हो रही है। इसलिए कृषि क्षेत्र में सुधार लाने की बहुत जरूरत है। कृषि क्षेत्र को एपीएमसी से आगे देखने का समय आ गया है। ये जरूरी हो गया है कि किसान जो पैदा कर रहा है वो उसे खुद भी किसी को भी बेच सके, ना कि केवल एपीएमसी के एजेंटों को।
माल और सेवा कर में सुधार की जरूरत;-माल और सेवा कर में सुधार लाने की बहुत ज्यादा जरूरत है। अभी कुछ दिनों पहले भूटान माल और सेवा कर लागू करने की तरफ बढ़ा। भारत के विपरीत, भूटान में माल और सेवा कर की केवल एक ही दर होगी। समय आ गया है कि भारत भी इस तरफ बढ़े। हालांकि इसका आम बजट से कोई सीधा संबंध नहीं है पर वित्तमंत्री अपने बजट भाषण में इस तरफ बढ़ने की बात कर सकती है। जिन निर्यातकों का माल और सेवा कर की अदायगी फंसी हुई है, उसे सरकार को जल्द से जल्द अदा करने की जरूरत है।
पहले से ज्‍यादा आवंटन की जरूरत;-व्यक्तिगत आयकर की दरों को घटाने की जरूरत है। इससे लोगों के हाथों में ज्यादा पैसा आएगा और वो इस पैसे को खर्च कर सकते हैं। इस खर्च से व्यापार को फायदा होगा और आर्थिक विकास की दर पहले से तेज़ी से बढ़ेगी। आयकर की दरों को घटाने के अलावा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में पहले से ज्यादा आवंटन करने की भी जरूरत है।

 

मुंबई। महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे के एक बयान के विरोध में शिरडी (Shirdi) पूरी तरह रविवार को बंद रहा। इसके बावजूद यहां का साई बाबा (Sai Baba Temple) मंदिर खुला और यहांं श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंची। इस बंद के कारण मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे फंसते नजर रहे हैं। इस क्रम में सोमवार को उन्‍होंने एक मीटिंग बुलाई है जिसमें वे सभी प्रतिनिधियों से बात करेंगे।दरअसल, उन्‍होंने प्रभानी (Parbhani) स्‍थित पथरी को साई बाबा का जन्‍मस्‍थान बताया है। बंद के दौरान शिरडी शहर के बाजार पूरी तरह बंद रहे। इस बंद को शिवसेना सांसद सदाशिव लोखंडे ने अपना समर्थन दिया। पथरी के विकास के लिए मुख्‍यमंत्री ठाकरे ने 100 करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान भी किया था। इससे पहले वर्ष 2018 में यहां राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी बाबा का जन्‍मस्‍थान पथरी को ही बताया था।9 जनवरी को मुख्‍यमंत्री ने औरंगाबाद (Aurangabad) में साईंबाबा के कथित जन्म स्थान पथरी के लिए 100 करोड़ की विकास निधि की घोषणा की। इसके बाद से ही शिरडी में नाराजगी का माहौल है और बंद का ऐलान कर दिया गया। पथरी को लेकर अगर सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेगी तो वो कोर्ट जाएंगे। बंद बुलाने वाले लोगों के अनुसार, साई बाबा ने अपने जन्म और धर्म को लेकर कहीं चर्चा नहीं की न ही उनके चरित्र में इसके बारे में कुछ लिखा है।वहीं साईं मंदिर के पूर्व ट्रस्टी अशोक खांबेकर (Ashok Khambekar) ने भी कहा कि साई बाबा ने अपने जन्‍म व धर्म के बारे में नहीं बताया। वे सर्वधर्म समभाव के प्रतीक थे। उद्धव ठाकरे (Uddhav Thakrey) की ओर से गलत जानकरी दी गई। उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री को साई सत चरित्र के अध्‍ययन की सलाह दी।उन्‍होने आगे कहा कि साई बाबा के जन्‍मस्‍थान को लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ramnath Kovind) ने भी बयान दिया था 2018 में जब साईं बाबा समाधि शताब्दी समारोह का उद्धघाटन करने आए थे। राष्‍ट्रपति ने भी यही कहा था कि साई बाबा का जन्‍मस्‍थान पथरी (Pathari) है और इसके विकास के लिए काम करेंगे जिसका उस समय भी काफी विरोध हुआ था।

श्रीनगर। जम्मू कश्मीर में इस समय भारी बर्फबारी हो रही है। इसके बीच भारतीय जवानों ने एक गर्भवती महिला की जान बचाई है। जवानों ने महिला को अस्पताल पहुंचाया। महिला काफी बीमार है और उनके शरीर में खून की कमी भी बताई गई है। ऐसे में घाटी से जवानों ने महिला को गुरेज (Gurez) से स्पेशलाइज्ड मेडिकल सेंटर में पहुंचाया।सोशल मीडिया पर ये तस्वीरें लगातार वायरल हो रही है। ऐसे में प्रेगनेंट महिला के लिए देवदूत बनकर आए भारतीय सैनिकों की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है। बता दें कि इससे पहले बारामुला जिले के दर्दपोरा गांव में बर्फबारी में फंसी एक गर्भवती महिला की भारतीय जवानों ने मदद की थी। जवानों महिला द्वारा अपने परिवारवालों को मदद के लिए गुहार लगाई थी। इस दौरान भारतीय सैनिकों ने घंटो पैदल चलकर महिला को अस्पताल पहुंचाया था।भारतीय जवानों की बहादुरी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी तारीख की थी। सोशल मीडिया पर उन्होंने इस वीडियो को ट्वीट करते हुए लिखा कि हमारी सेना को उसकी मानवता, वीरता और प्रोफेशनलिज्म के लिए जाना जाता है। इसके साथ ही उन्होंने लिखा कि हमारी सेना लोगों की जरुरत के लिए हमेशा खड़ी रहती हौ हरसंभव मदद करती है। इसके अलावा पीएम मोदी ने गर्वभती महिला को शुभकामनाएं भी दी थी।गौरतलब है कि घाटी में लगातार हो रही भारी बर्फबारी से लच्छीपूरा इलाके में एक नागरिक भी फंस गया था। इसके बाद जवानों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया था। पिछले दिनों भारतीय सेना और स्थानीय आपदा राहत टीमों के संयुक्त अभियान के चलते केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख में 'चादर ट्रेक' के दौरान फंसे 107 लोगों की बचाई थी। इन लोगों में विदेशी नागरिक भी शामिल थे।

 

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