Editor

Editor

जयपुर। राजस्थान के सियासी संकट के बीच पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने अपने समर्थक विधायकों के साथ दिल्‍ली में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात की है। सूत्र बताते हैं कि कांंग्रेस ने उन्‍हेें दोबारा प्रदेश अध्‍यक्ष का पद देने की संभावनाओं से इनकार कर दिया है। हालांकि उन्‍हें कांग्रेस पार्टी का राष्‍ट्रीय महासचिव बनाया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार सचिन पायलट की पिछले दो दिन में कांग्रेस के कोषाध्यक्ष अहमद पटेल व संगठन महासचिव के.सी.वेणुगोपाल से मुलाकात हुई है।सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के मुताबिक, आज राहुल गांधी पायलट से मिले, प्रियंका गांधी वाड्रा भी वहां मौजूद थीं। इस मुलाकात के दौरान पायलट ने उन सभी परिस्थितियों के बारे में समझाया, जिनके चलते उन्हें फैसला लेना पड़ा और बताया कि उन्होंने कांग्रेस के विरुद्ध कुछ भी नहीं किया है, वह सिर्फ अशोक गहलोत का विरोध कर रहे थे। सूत्रों की मानें तो सचिन पायलट की शिकायतों को सुनने के बाद, यह निर्णय लिया गया है कि वह शीघ्र ही वरिष्ठ नेताओं से मिलेंगे और इस मुद्दे को हल करने के लिए एक समिति बनाई जाएगी। इस बीच पार्टी पायलट कैंप के कुछ विधायकों को समझाने में सफल रही।सचिन पायलट की कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से टेलीफोन पर बात होने की सूचना भी है। उधर पार्टी आलाकमान का रूख देखते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने खेमे के विधायकों से कहा, राजनीति में कभी-कभी जहर का घूंट पीना पड़ता है। उन्होंने कहा कि कई बाद दिल पर पत्थर रखकर फैसले करने पड़ते हैं। सोमवार को जैसलमेर से जयपुर रवाना होने से पहले गहलोत ने अपने विश्वस्त मंत्रियों व विधायकों के साथ विचार-विमर्श किया। इससे पहले रविवार शाम को हुई विधायकों की बैठक में संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल सहित अन्य विधायकों ने बागियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि इन्हे अब कभी वापस नहीं लिया जाना चाहिए। इस पर गहलोत ने कहा कि हमें आलाकमान के फैसले का सम्मान करना है। आलाकमान जो भी फैसला करेंगे, उसे हम मानेंगे।गहलोत ने कहा कि राजनीति में कई बार नहीं चाहते हुए भी कई बातें माननी पड़ती है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि बागियों को कार्यकर्ताओं की भावना का सम्मान करते हुए वापस आना चाहिए । उधर, कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य रघुवीर मीणा ने कहा कि बागी विधायक अगर फ्लोर टेस्ट में कांग्रेस के पक्ष में वोट करते हैं तो उन्हें माफ कर दिया जाएगा।रघुवीर मीणा के बयान को सुलह की कवायद से जोड़कर देखा जा रहा है। कांग्रेस कोशिश कर रही है कि 14 अगस्त से पहले किसी भी फॉर्मूले पर बात बन जाए और पायलट वापसी के लिए तैयार हो जाएं, ताकि फ्लोर टेस्ट से पहले ही सरकार को सुरक्षित किया जा सके। कांग्रेस की इस कोशिश की एक वजह बीएसपी के 6 विधायकों पर मंगलवार को राजस्थान हाईकोर्ट से आने वाला संभावित फैसला भी है। अगर हाईकोर्ट बीएसपी विधायकों के कांग्रेस में विलय पर स्टे देता है तो सरकार को बचाना मुश्किल हो जाएगा।

अहमदाबाद।गुजरात में अब मास्‍क नहीं पहनने पर एक हजार रुपये का जुर्माना होगा। राज्‍य में कोरोना संक्रमितों की संख्‍या लगातार बढ़ने तथा अगस्‍त में जन्‍माष्‍टमी, गणेश उत्‍सव, मोहर्रम जैसे त्‍योहार के दौरान लोगों को एक जगह एकत्र होने से रोकने के लिए भी सरकार प्रयास कर रही है। मुख्‍यमंत्री विजय रूपाणी ने सोमवार को बताया कि गुजरात उच्‍च न्‍यायालय के निर्देश पर राज्‍य में मास्क नहीं पहनने पर जुर्माना राशि को बढ़ाकर एक हजार रुपये किया गया है। मंगलवार से मास्‍क नहीं पहनने वालों से 500 रुपये के बदले 1000 रुपये वसूले जाएंगे। हाईकोर्ट में दायर एक याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा था कि मास्‍क नहीं पहनकर लोगों व परिवार के सदस्‍यों के जीवन को खतरे में डालने वाले लोगों पर पूरी सख्‍ती बरती जानी चाहिए।मुख्‍यमंत्री रूपाणी ने कहा कि उच्‍च न्‍यायालय के आदेश का पालन करते हुए मंगलवार, 11 अगस्‍त से राज्‍य में सार्वजनिक स्‍थलों पर मास्‍क नहीं लगाने वालों से जुर्माना राशि 500 के स्‍थान पर 1000 रुपये वसूले जाएंगे। रूपाणी ने लोगों से अपील की है कि वे आगामी जन्‍माष्‍टमी, गणेश उत्‍सव व मोहर्रम आदि के जुलूस नहीं निकालें तथा अपने घरों पर रहकर ही उत्‍सव मनाएं। बाजारों, गली व मोहल्‍लों में भी भीड़भाड़ नहीं करें तथा सोशल डिस्‍टेंसिंग का पूरा ध्‍यान रखें।वहीं, गृह राज्‍यमंत्री प्रदीप सिंह जाडेजा ने भी जनता को आगाह किया है कि अगस्‍त 2020 में सामाजिक, धार्मिक व राष्‍ट्रीय पर्व आ रहे हैं, इसलिए लोग अपने घरों पर रहकर ही इनको मनाएं। गणेश स्‍थापना घर पर ही करें तथा घर पर ही उनका विसर्जन करना होगा। गौरतलब है कि गुजरात में रविवार को कोरोना वायरस के 1078 नए मामले सामने आए और 25 लोगों की मौत हुई है। गुजरात सरकार के अनुसार, कोरोना वायरस के 14,272 सक्रिय मामलों सहित राज्य में कुल मामले 71,064 हो गए हैं। अब तक कोरोना से राज्य में 2654 लोगों की मौत भी हो चुकी है।

कटड़ा। मां वैष्णो देवी एक बार फिर अपने भक्तों पर कृपा बरसाएंगी। अगर सब ठीक रहा तो आगामी 16 अगस्त से श्रद्धालु त्रिकुटा पर्व की गुफा में विराजमान मां वैष्णो के आलोकित दर्शन कर पाएंगे। विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल मां वैष्णो देवी का प्रांगण एक बार फिर श्रद्धालुओं से गुलजार होगा। श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं के स्वागत की तैयारियां तेज कर दी हैं। बस अब उन्हें गृह विभाग जारी धार्मिक स्थलों को लेकर जारी होने वाले जरूरी दिशानिर्देशों यानी एसओपी का इंतजार है।विश्वस्त सूत्रों के अनुसार राज्य प्रशासन द्वारा जारी किए जाने वाले दिशानिर्देशों के तहत पहले चरण में केवल जम्मू-कश्मीर के निवासियों को ही वैष्णो देवी यात्रा करने की इजाजत होगी। पहले चरण में रोजाना केवल 4000 से 5000 ही श्रद्धालु मां वैष्णो देवी के दर्शन कर पाएंगे। यात्रा आरंभ करने से पहले श्रद्धालुओं के लिए आरटीपीएस टेस्ट करवाना अनिवार्य होगा। जम्मू-कश्मीर के हरेक जिले में आरटीपीएस सेंटर बनाया जाएगा। जिला रियासी में आरटीपीएस सेंटर आधार शिविर कटरा में बनेगा। यह सेंटर मुख्य यात्रा पंजीकरण केंद्र के पास होगा। पहले चरण में 10 साल से छोटे तथा 60 साल से ऊपर के श्रद्धालुओं को फिलहाल वैष्णो देवी यात्रा की इजाजत नहीं होगी।
केवल दिन को ही होगी यात्रा: कोरोना महामारी का प्रकोप जारी रहने तक श्रद्धालुओं को केवल दिन को ही यात्रा करने की इजाजत रहेगी। श्रद्धालु रात के समय ना तो भवन में प्रवेश कर पाएंगे और न ही भवन पर रहने की इजाजत दी जाएगी। इतना ही नहीं सुबह व शाम के समय मां वैष्णो देवी भवन पर होने वाली दिव्य महाआरती में भी श्रद्धालु शामिल नहीं हो पाएंगे।कोरोना काल के दौरान प्रसिद्ध अर्द्धकुंवारी मंदिर की पवित्र गुफा भी श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेगी। श्रद्धालु शारीरिक दूरी का पालन करते हुए केवल बाहर से ही दर्शन कर सकेंगे।
प्रवेश मार्गों पर स्थापित होंगी रैपिड टेस्ट मशीन: वैष्णो देवी यात्रा आरंभ करने से पहले श्राइन बोर्ड प्रशासन मां वैष्णो देवी के सभी प्रवेश द्वार जिनमें कटड़ा स्थित हेलीपैड, बाणगंगा स्थित दर्शनी ड्योढी, ताराकोट प्रवेश द्वार, अर्द्धकुंवारी मंदिर, वैष्णो देवी भवन तथा भैरव घाटी आदि स्थानों पर अत्याधुनिक रैपिड टेस्ट मशीनें भी स्थापित करेगा। हरेक श्रद्धालु को इन मशीनों के भीतर से जाना अनिवार्य होगा। मशीनों के बीच में जाते ही श्रद्धालु के सभी तरह के बॉडी टेस्ट दर्ज हो जाएंगे। इसके अलावा श्राइन बोर्ड प्रशासन सभी प्रमुख स्थलों के बाहर अत्याधुनिक ऑटोमेटिक हैंड फ्री सैनिटाइजर मशीनें भी लगाएगा।

नई दिल्ली। रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर’ होने की दिशा में भारत ने 101 तरह के हथियार, तोप, एयरक्राफ्ट, हेलीकॉप्टर, राइफल और समुद्री-जहाज के आयात पर रोक लगा दी है। रक्षा मंत्री ने आज कहा कि 'आत्मनिर्भर भारत अभियान' का विजन, इस महामारी के कठिन समय में, न केवल आर्थिक वृद्धी के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि उससे कहीं अधिक हमारे आत्मविश्वास को बढ़ाने का एक विजन है। राजनाथ सिंह ने कहा कि अगह हम भारत में चीजों (हथियार) के निर्माण में सक्षम हो गए तो देश की काफी पूंजी बचेगी। इस बची हुई पूंजी से रक्षा से जुड़े देश के लगभग 70000 एमएसएमई को प्रोत्साहित किया जा सकेगा।रक्षा मंत्रालय के DDP, DPSUs & OFB द्वारा, मिलकर शुरू किए जा रहे 'आत्मनिर्भर भारत सप्ताह' के उद्घाटन के अवसर पर, आप सबके बीच उपस्थित होकर मुझे बड़ी खुशी हो रही है। इस सप्ताह के दौरान होने वाली सभी गतिविधियाँ, इंडिजिनस डिफेंस प्रोडक्शन को बढ़ावा देंगी।रक्षा मंत्री ने कहा कि मुझे यह बतलाते हुए खुशी हो रही है कि हमने पहली बार 101 आइटम्स की ऐसी सूची निकाली है जो अब हम इंपोर्ट नहीं करेंगे। इस सूचि को हम नेगेटिव लिस्ट कहते हैं जिसमें सिर्फ छोटी आइटम्स ही नहीं बल्कि बड़ी और क्रिटिकल तकनीक वाले हथियार सिस्टम भी हैं।रक्षा मंत्री के मुताबिक, इस निर्णय से स्वदेशी डिफेंस इंडस्ट्री को करीब चार लाख करोड़ के कांट्रेक्ट मिलने का अनुमान है, जिसमें 30 लाख करोड़ थलसेना, 1.30 लाख करोड़ वायुसेना और 1.40 लाख करोड़ नौसेना के लिए हो सकता है।

नई दिल्ली। सुशांत सिंह राजपूत मामले में रिया चक्रवर्ती ने सुप्रीम कोर्ट में आज नई याचिका दाखिल की है। मीडिया ट्रायल और ऐक्टर की मौत के लिए दोषी घोषित करने का उन्होंने आरोप भी लगाया है। दाखिल याचिका में रिया चक्रवर्ती ने कहा है कि पिछले 30 दिनों में सुशांत की तरह अभिनेता आशुतोष भाकरे और समीर शर्मा ने भी आत्महत्या की है, लेकिन इन मामलों के बारे में मीडिया में कानाफूसी भी नहीं हुई है।दाखिल याचिका में यह भी कहा गया कि मीडिया ने 2 जी और तलवार मामले में भी अभियुक्तों को समान रूप से दोषी ठहराया था, लेकिन बाद में उन दोनों मामलों में सभी आरोपियों को बाद में कोर्ट द्वारा निर्दोष पाया गया था। मालूम हो कि सुशांत सिंह राजपूत के मामले में रिया चक्रवर्ती का नाम मीडिया में खूब लिया जा रहा है। इस वजह से रिया ने सुप्रीम कोर्ट में मीडिया ट्रायल किए जाने का आरोप लगाते हुए याचिका दाखिल की है।
रिया चक्रवर्ती से प्रवर्तन निदेशालय कर रहा पूछताछ;-बता दें कि फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या मामले में लगातार पूछताछ का सिलसिला जारी है। वहीं, आज एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारी अभिनेत्री और सुशांत की गर्लफ्रेंड रहीं रिया चक्रवर्ती, उनके पिता-भाई से पूछताछ की गई।
सुशांत के पिता ने रिया चक्रवर्ती पर दर्ज करा रखी है एफआइआर:-गौरतलब है कि सुशांत सिंह राजपूत की बीते 14 जून को मुंबई स्थित उनके फ्लैट में मौत हो गई थी। इस मामले में मुंबई पुलिस की जांच से असंतुष्‍ट उनके पिता ने पटना में एफआइआर दर्ज करा रिया व उनके परिवार को अपने बेटे की मौत के लिए जिम्‍मेदार बताया था। एफआइआर में उन्‍होंने धन उगाही, ब्‍लैकमेल, प्रताड़ना व सुसाइड के लिए उकसाने आदि के आरोप लगाए थे। इस मामले की जांच अब सीबीआइ कर रही है। इस बीच ईडी ने भी मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से अपनी जांच शुरू कर दी है।

कोझिकोड। कोझिकोड में विमान दुर्घटना में राहत और बचाव कार्य में भाग लेने वाले 600 लोगों को कोरोना संक्रमण के मद्देनजर एहतियात के तौर पर क्‍वारंटाइन में भेज दिया गया है। क्‍वारंटाइन में भेजे गए लोगों में मलाप्‍पुरम के कलेक्‍टर के गोपालकृष्‍णन भी शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर एअर इंडिया एक्सप्रेस ने कहा है कि कोझिकोड में विमान दुर्घटना में घायल 56 लोगों को ठीक होने के बाद विभिन्न अस्पतालों से छुट्टी मिल गई है।नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को कहा था कि 149 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया जिनमें से 23 लोगों को छुट्टी मिल गई है जबकि तीन गंभीर रूप से घायल हैं। वहीं एअरलाइन ने अपने बयान में कहा है कि एअर इंडिया एक्सप्रेस लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और क्षेत्रीय प्रमुख (दक्षिणी क्षेत्र) परिवार के सदस्यों को सहायता पहुचांने के लिए अब भी कालीकट (कोझिकोड) में ही मौजूद हैं। ठीक होने के बाद 56 घायलों को अस्पतालों से छुट्टी मिल चुकी है।एयर इंडिया एक्सप्रेस ने कहा है कि विमान के ब्लैक बॉक्स को आगे की जांच के लिए दिल्ली लाया गया है। डीजीसीए ने कहा है कि ब्लैक बॉक्स से जल्द ट्रांसक्रिप्ट को निकाला जाएगा। ट्रांसक्रिप्ट मिलने के बाद विमान निर्माता कंपनी बोइंग से भी संपर्क किया जाएगा। कंपनी से विमान के मूल उपकरण और खामियों की जांच करने के लिए कहा जाएगा। उधर केरल पुलिस ने भी जांच के लिए एसआइटी गठित की है।बता दें कि चालक दल के छह सदस्यों समेत 190 लोगों के साथ दुबई से पहुंचा एअर इंडिया एक्सप्रेस का बी737 विमान शुक्रवार रात कोझिकोड हवाईअड्डे पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। विमान भारी बारिश के बीच हवाई पट्टी से फिसलने के बाद 35 फुट गहरी खाई में जा गिरा था जिससे उसके दो टुकड़े हो गए थे। इस हादसे में दोनों पायलटों सहित 18 लोगों की मौत हो गई थी।विमान हादसे की जांच करने वाले एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) भूषण गोखले ने कहा कि इसकी कई वजहें हो सकती हैं। हादसे के वक्त वहां भारी बारिश हो रही थी और रनवे पर पानी भर गया था, ऐसी स्थिति में लैंडिंग में मुश्किल होती है। रनवे पर तीन मिलीमीटर से ज्यादा पानी नहीं होना चाहिए क्योंकि लैंडिंग के समय विमान के चक्के ब्रेक के चलते लॉक होते हैं जो सतह के संपर्क में आने के बाद खुलते हैं। ऐसे में विमान के गलत दिशा में जाने का खतरा बना रहता है।

नई दिल्ली। जुलाई का महीना खत्म हो गया है और उसी के साथ देश के कई हिस्सों में भारी बारिश से हाल बेहाल है। बारिश के दिनों में तो कई राज्यों में बाढ़ जैसे हालात रहें, लेकिन अब जहां अगस्त भी दस्तक दे चुका है तो तब भी बारिश का जोर उफान पर है और मौसम हर दिन के साथ बदल रहा है। देखा गया है कि अगस्त में गर्मी एक बार फिर बढ़ जाती है, लेकिन इस बार मौसम विभाग की माने तो कई इलाकों में बारिश से मौसम का मिजाज बदला रहेगा। ऐसे में कुछ दिनों के लिए मौसमी अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, आज कुछ शहरों व उनसे जुड़े इलाकों के लिए भी अलग से अलर्ट जारी किया गया है।
इन राज्‍यों में भारी बारिश की चेतावनी:-मौसम विभाग ने हिमाचल और उत्‍तराखंड में भारी बारिश की चेतावनी दी है। साथ ही इन राज्‍यों के लोगों को घरों में सुरक्षित रहने की सलाह दी है। भारी बारिश के दौरान अग कोई फंस जाता है, तो उनकी मदद के लिए हेल्‍पलाइन नंबर 97183-97183 भी जारी किया गया है।भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की माने तो अगले दो घंटों के दौरान (लगभग 11.30 बजे दी गई जानकारी) आगरा, टूंडला, नोएडा, भिवानी, पानीपत, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा, भरतपुर, नारनौल और करनाल के आस-पास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम तीव्रता की बारिश होनी है। इससे पहले सोमवार सुबह ही मौसम विभाग ने कुरुक्षेत्र, सहारनपुर और इनके आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम तीव्रता की बारिश के साथ मौसम बिगड़ने का अलर्ट जारी किया था। लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, और बरेली सहित इनके आसपास के क्षेत्रों में भी अलग-थलग स्थानों पर बारिश / गरज और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
आने वाले कुछ दिनों कैसा रहेगा मौसम?;-मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तरी पंजाब, पश्चिम उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, पूर्वी मध्य प्रदेश, ओडिशा, तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल में पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई है।वहीं, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिम राजस्थान, पश्चिम मध्य प्रदेश, विदर्भ, बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय , नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, कोंकण और गोवा, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, तेलंगाना और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा का अलर्ट है।इसके अलावा हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पूर्वी राजस्थान, बिहार, झारखंड में अलग-अलग स्थानों पर बिजली गिरने के साथ गरज और तेज हवाएं चलने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों में गर्म हवा चलने का कोई पूर्वानुमान नहीं है।

बीजिंग। हांगकांग में लोकतांत्रिक मूल्यों को बढ़ावा देने के आरोप में चीन ने अमेरिका के 11 राजनेताओं और कुछ संगठनों के प्रमुखों के खिलाफ प्रतिबंध की घोषणा की है। यह प्रतिबंध किस तरह के होंगे, इस बारे में कुछ नहीं बताया गया है। जिनके खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनमें सीनेटर मार्को रूबियो और टेड क्रूज के साथ ही प्रतिनिधि सभा के सदस्य क्रिस स्मिथ भी शामिल हैं। रूबियो, क्रूज और स्मिथ पर पिछले महीने ही बीजिंग यात्रा प्रतिबंध लगा चुका है।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने सोमवार को कहा, 'इन 11 अमेरिकी राजनेताओं ने हांगकांग के मुद्दों को बेवजह का तूल दिया है।' चीन ने पिछले महीने इस अर्ध स्वायत्त क्षेत्र में असहमति की आवाजों को दबाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू किया था।बता दें कि चीन ने यह कदम अमेरिका की उस कार्रवाई के बाद उठाया है, जिसमें उसने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का हवाला देकर हांगकांग और चीन के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। जिन अन्य अमेरिकी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनमें सीनेटर जोश हावले और टॉम कॉटन हैं। इसके अलावा प्रतिनिधि सभा के सदस्य क्रिस स्मिथ पर भी प्रतिबंध लगाने की घोषणा की गई है। नेशनल एंडोमेंट फॉर डेमोक्रेसी एंड फ्रीडम हाउस सहित कई दूसरे संगठनों के प्रमुखों के खिलाफ भी प्रतिबंध की घोषणा की गई है।

काठमांडू। नेपाल के प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर के बाहर सावन के अंतिम सोमवार के मौके पर प्रार्थना के लिए लोग एकत्र हुए। हालांकि अभी नेपाल सरकार ने मंदिर को खोलने का आदेश नहीं दिया है। यह मंदिर पिछले पांच महीनों से कोविड-19 के कारण बंद है। अन्य प्रतिबंधों के साथ सरकार ने धार्मिक स्थलों को भी बंद करने का आदेश दे दिया है। मंदिर के बाहर प्रभु की प्रार्थना के खातिर आए एक श्रद्धालु सुरेश श्रेष्ठ ने कहा, ' हम भगवान की प्राथना गेट के बाहर से ही कर रहे हैं। पहले हम मंदिर के अंदर जाकर दर्शन करते और भगवान की पूजा करते थे। एक अन्य श्रद्धालु श्रीजन ढुंगल ने बताया, ' हर साल करीब 5000 श्रद्धालु पशुपतिनाथ मंदिर आते थे। इस साल करीब 1 हजार 500 लोग ही यहां आए।' श्रद्धालुओं ने कहा कि इस साल हम मंदिर में भगवान शिव के दर्शन नहीं कर पाए। कोरोना वायरस के कारण जारी प्रतिबंधों हम मंदिर के परिसर में नहीं जा सके। हमने बाहर से ही प्रार्थना की। यूनेस्को विश्व सांस्कृतिक विरासत स्थल की सूची में शामिल पशुपतिनाथ मंदिर में दुनिया भर से हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए यहां आते हैं। इस साल महामारी के कारण मंदिर को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।पिछले माह पशुपतिनाथ मंदिर को दोबारा खोले जाने के निर्देश दिए गए थे। पशुपतिनाथ मंदिर का संचालन करने वाली के कर्मियों को इसके तहत तैयारियों के निर्देश भी दे दिए गए थे। नेपाल के संस्कृति मंत्री ने पशुपतिनाथ हिंदू मंदिर का संचालन करने वाले ट्रस्ट के कर्मियों से इस मंदिर को फिर से खोलने की तैयारियां शुरू करने को कहा था। कोविड-19 के मामलों में वृद्धि के मद्देनजर इस प्रतिष्ठित धार्मिक स्थल में विशेष पूजा पर रोक लगा दी गई थी।शनिवार तक नेपाल में कुल संक्रमण के 378 नए मामले आए थे। इस बीमारी के कारण तीन और मरीजों की मौत हो गई। इसके बाद देश में संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 22,592 हो गई और मृतकों की संख्या 73 पर पहुंच गई।स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ जागेश्वर गौतम के अनुसार पिछले चौबीस घंटे में 7,788 पीसीआर जांच की गई जिसमें संक्रमण के मामलों की पुष्टि हुई। अभी तक नेपाल में कोविड-19 के 16,313 मरीज ठीक हो चुके हैं। वर्तमान में देश में 6,206 मरीज उपचाराधीन हैं।

दुबई। खाड़ी अरब क्षेत्र के छह देशों वाले एक समूह ने अपने आंतरिक कलहों को दरकिनार करते हुए रविवार को ईरान पर हथियारों को लेकर लगाए गए संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध को आगे बढ़ाने की वकालत की है। ईरान पर लगा मौजूदा प्रतिबंध दो महीने में समाप्त होने वाला है। बता दें कि संयुक्त राष्ट्र ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनावों के बीच उस पर 2010 में विदेशों से हथियार खरीदने पर प्रतिबंध लगा दिया था।
राष्ट्र सुरक्षा परिषद से प्रतिबंध जारी रखने की गुजारिश:-खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) ने कहा कि उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को एक पत्र भेजा है, जिसमें ईरान पर प्रतिबंध बरकरार रखने का समर्थन किया गया है। इस प्रतिबंध की वजह से ईरान विदेश में निíमत युद्धक विमान, टैंक और हथियार नहीं खरीद सकता है। खाड़ी सहयोग परिषद में बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।
पड़ोसी देशों में दखलंदाजी कर रहा ईरान:-परिषद का आरोप है कि ईरान ने पड़ोसी देशों में सीधे या संगठनात्मक गतिविधियों के माध्यम से हथियारों के जरिये दखल देना बंद नहीं किया है। समूह का कहना है कि ऐसे संगठनों को ईरान द्वारा प्रशिक्षित किया जाता है। बता दें कि सऊदी नीत गठबंधन का यमन में हूती विद्रोहियों के साथ युद्ध जारी है। हूती विद्रोहियों के बारे में संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका और हथियार विशेषज्ञों का आरोप है कि इन्हें हथियारों की आपूर्ति ईरान द्वारा की जाती है।
आतंकी गतिविधियां छोड़े ईरान:-हालांकि ईरान हूती विद्रोहियों को हथियार और जरूरी चीजें मुहैया कराने से इन्कार करता रहा है लेकिन लगातार ईरान के हथियार यमन में मिलते रहते हैं। जीसीसी का कहना है कि जब तक ईरान इस क्षेत्र को अस्थिर करने वाली अपनी गतिविधियों और आतंकवादियों और विभाजनकारी संगठनों को हथियार की आपूर्ति कराने वाली गतिविधियों को नहीं छोड़ता है तब तक उस पर से प्रतिबंध हटाना अनुचित होगा।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने की निंदा:-ईरान के सरकारी टीवी चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्बास मूसावी ने जीसीसी के इस पत्र की निंदा की है और उसे गैर जिम्मेदाराना बयान करार दिया है। मूसावी ने खाड़ी अरब देशों की आलोचना करते हुए कहा कि ये देश दुनियाभर में और इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा हथियारों की खरीद करने वाले देश हैं।

Page 3 of 1446

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

pr checker

ताज़ा ख़बरें