Editor

Editor

नई दिल्ली। देश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे ज्यादा प्रभावित आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, पंजाब, बिहार, गुजरात, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक की। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि जिन राज्यों में टेस्टिंग रेट कम है और जहां पॉजिटिविटी रेट ज्यादा है, वहां टेस्टिंग बढ़ाने की जरूरत है। खासतौर पर बिहार, गुजरात, यूपी, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना में टेस्टिंग बढ़ाने पर खास बल देने की बात इस समीक्षा में निकली है।इस बैठक में उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ, तमिलनाडु के सीएम के पलानीस्वामी, पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह, तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव, महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे, गुजरात के सीएम विजय रूपानी और बिहार के सीएम नीतीश कुमार शामिल हुए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस बैठक में भाग लिया। इस साल मार्च में पहली बार लॉकडाउन की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना वायरस की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्रियों के साथ कई बैठक की थी।
बंगाल में 2.5 करोड़ परिवारों से मिले आशा कार्यकर्ता;-कोरोना पर हो रही वर्चुअल बैठक के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पास हर जिले में कोरोना वारियर्स क्लब है। हमारे आशा और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने बंगाल में 2.5 करोड़ परिवारों से मिले, जिसमें 2.5 लाख लोगों की पहचान SARI/ILL से की गई है और उन्हें परामर्श और चिकित्सा सहायता दी गई।
72 घंटे के भीतर परीक्षण:-बैठक में पीएम ने कहा कि अगर हम शुरुआत के 72 घंटों में ही मामलों की पहचान कर लें, तो ये संक्रमण काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। इसलिए, यह महत्वपूर्ण है कि संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने वाले सभी लोगों का 72 घंटे के भीतर परीक्षण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा अब तक का हमारा अनुभव है कि कोरोना के खिलाफ कंटेनमेंट, कांटेक्ट ट्रेसिंग और सर्विलांस, सबसे प्रभावी हथियार है।
हर रोज 7 लाख कोरोना टेस्ट:-देश में तेजी से हो रही कोरोना जांच पर पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना टेस्टिंग की संख्या बढ़कर हर दिन 7 लाख तक पहुंच चुकी है और लगातार बढ़ भी रही है। इससे संक्रमण को पहचानने और रोकने में जो मदद मिल रही है, आज हम देख रहे हैं। हमारे यहां औसत मृत्यु दर पहले भी दुनिया के मुकाबले काफी कम था, संतोष की बात है कि ये लगातार और कम हो रहा है।
10 राज्यों से 80 फीसद मामले:-उन्होंने कहा कि आज 80 प्रतिशत एक्टिव मामले इन दस राज्यों में हैं, इसलिए कोरोना के खिलाफ लड़ाई में इन सभी राज्यों की भूमिका बहुत बड़ी है। आज देश में एक्टिव मामले 6 लाख से ज़्यादा हो चुके हैं, जिनमें से ज़्यादातर मामले हमारे इन दस राज्यों में ही हैं।
देश में 22.68 लाख लोग संक्रमित:-इन सबके बीच देश में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या 22 लाख 68 हजार 676 और मृतकों की संख्या 45,257 हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से सुबह आठ बजे जारी आंकडों के मुताबिक बीते चौबीस घंटे के दौरान 53,601 नए मामले सामने आए और 871 लोगों की मौत हुई। कुल 15 लाख 83 हजार 490 मरीज पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं और सक्रिय मामले छह लाख 39 हजार 929 रह गए हैं। मरीजों के स्वस्थ होने की दर बढ़कर 69 फीसद हो गई है।

कानपुर। भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का कोई अंत नहीं है, द्वापर युग की लीला के किस्से तो बहुत सुनें होंगे लेकिन कलियुग की उनकी ये लीला हर किसी को आश्चर्य में डाल देती है। मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण को जन्म लेते ही कंस की कैद से मुक्ति मिल गई थी लेकिन यहां माखनचोर 18 बरस से थाने में कैद हैं। अभी तक उनकी रिहाई का फरमान नहीं आ सका है। हां, जन्माष्टमी पर वह जरूर बाहर आते हैं।
ऐसी है प्रभु की लीला;-दरअसल, कानपुर देहात के शिवली में प्रचीन राधा कृष्ण मंदिर से 12 मार्च 2002 को बलराम, श्रीकृष्ण व राधा की तीन बड़ी व दो छोटी अष्टधातु की मूर्तियां चोरी हो गई थीं। मंदिर के सर्वराकर आलोक दत्त ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने सातवें दिन ही चोरों को गिरफ्तार करके मूर्तियां बरामद कर ली थीं। पुलिस ने कोतवाली के मालखाने में मूर्तियां रखवाने के बाद चोरों को जेल भेज दिया था। मामले में आरोपित तो जमानत पर रिहा हो गए लेकिन लीलाधर भगवान कृष्ण, बलराम व राधाजी को मालखाने की कैद से आजतक रिहाई नहीं मिल सकी है।
कानूनी दांवपेच में फंसी रिहाई:-श्रीकृष्ण की रिहाई कानूनी दांवपेच में फंस गई है। थाने के मालखाने से निकालकर वापस मंदिर में विराजमान करने के लिए सर्वराकार ने काफी प्रयास किये लेकिन सफलता नहीं मिली। सर्वराकार का कहना है कि प्रभु इच्छा के बगैर सफलता मिलना संभव नहीं है, जब लीलाधर की मर्जी होगी वह खुद ही मंदिर में विराजमान हो जाएंगे।
जन्माष्टमी पर बाहर आते हैं प्रभु:-सर्वराकार बताते हैं कि प्रतिवर्ष जन्माष्टमी पर प्रभु बाहर आते हैं। थाना प्रभारी और पुलिस कर्मी जन्माष्टमी के दिन श्रीकृष्ण भगवान समेत सभी मूर्तियों को मालखाने से बाहर निकालते हैं। इसके बाद स्नान कराने के साथ नए वस्त्र धारण कराए जाते हैं और फिर रात में उनका पूजन किया जाता है।थाने में प्रसाद का भी वितरण होता है। मौजूदा शिवली कोतवाल वीरपाल सिंह तोमर ने बताया कि माल मुकदमाती होने के कारण बरामद मूर्तियों को मालखाने में रखा गया है। परंपरा के चलते इस बार भी जन्माष्टमी पर मूर्तियों को बाहर निकालकर नए वस्त्र धारण कराए गए हैं। पूजन के बाद मूर्तियों को पुन: मालखाने में रखवा दिया जाएगा।

पटना। बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की बीते 14 जून को हुई मौत के मामले में आरोपित उनकी गर्लफ्रेंड व अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती (Rhea Chakraborty) की सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में दाखिल याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट को यह तय करना है कि रिया के खिलाफ मामले की जांच कौन करेगा। इस मामले में रिया के वकील ने पटना में दर्ज एफआइआर तथा बिहार सरकार की सिफारिश पर हो रही सीबीआद जांच का विरोध किया। साथ ही यह भी कहा कि अगर कोर्ट चाहे तो अपने स्‍तर से जांच का ओदश दे। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों से कहा कि वे 13 अगस्‍त तक पहले के फैसलों की नजीर दाखिल करें।विदित हो कि महाराष्‍ट्र सरकार कह चुकी है कि यह सीबीआइ की जांच का मामला ही नहीं है। बिहार सरकार ने कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में कहा है कि अब यह जांच सीबीआइ कर रही है, इसलिए रिया की याचिका का कोई अर्थ नहीं रहा। सुशांत के पिता भी सीबीआइ जांच के समर्थन में हैं।
रिया के वकील ने वर्तमान सीबीआइ जांच का किया विरोध:-सुनवाई के दौरान रिया ने अपने वकील श्‍याम दीवान के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में बिहार सरकार की सिफारिश पर हो रही सीबीआइ जांच का विरोध किया। हां उन्‍होंने यह भी कहा कि कोर्ट चाहे तो इस मामले की जांच खुद सीबीआइ से करा ले। रिया के वकील ने कहा कि बिहार सरकार ने इस मामले में हस्तक्षेप कर कार्यपालिका के अधिकारों का उल्लंघन किया है। अगर न्यायपालिका चाहे तो हस्तक्षेप करते हुए सीबीआइ जांच का आदेश दे दे। रिया के वकील ने पटना में दर्ज एफआइआर को लेकर कहा कि वहां जीरो एफआइआर की जा सकती थी। पटना में एफआइआर सरकार के दबाव में दर्ज की गई। इस मामले का पटना से कोई लेना-देना नहीं है, न ही पटना पुलिस की जांच उचित थी।
सीबीआइ जांच को लेकर हो सकता अहम फैसला;-विदित हो कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में सुशांत के पिता केके सिंह द्वारा पटना में दर्ज एफआइआर के खिलाफ मुख्‍य आरोपित रिया चक्रवर्ती ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर उसे मुंबई ट्रांसफर करने की गुहार लगाई है। कोर्ट में रिया के पक्ष का समर्थन महाराष्‍ट्र सरकार ने किया है। जबकि, सुशांत के पिता व बिहार सरकार ने इसका विरोध किया है। इस मामले की पहली सुनवाई बीते पांच अगस्‍त को हुई थी, जिसमें कोर्अ ने सभी पक्षों को तीन दिनों में अपना जवाब देने को कहा था। कोर्ट ने मुंबई व पटना पुलिस की जांच रिपोर्ट भी मांगी थी। सभी पक्षों ने अपने जवाब दाखिल कर दिए हैं। अब आज की सुनवाई में कोर्ट सीबीआइ जांच को लेकर अहम फैसला कर सकता है। इसके लिए मंगलवार को कोर्ट ने सभी पक्षों से अपने-अपने तर्क के समर्थन में पहले के फैसलों की नजीर 13 अगस्‍त तक दाखिल करने को कहा।
हलफनामा में रिया ने कही है ये बात:-इस मामले में रिया चक्रवर्ती ने अपने हलफनामाम में मीडिया (Media) पर उनकी छवि को खराब करने की बात भी कही है। उनके अनुसार उन्‍हें मीडिया ट्रायल के तहत उन्‍हें टारगेट किया जा रहा है। रिया ने मीडिया ट्रायल पर रोक लगाने का आग्रह भी किया है। उन्‍होंने पटना में दर्ज एफआइाआर को चुनावी राजनीति से प्रेरित बताया है। रिया के अनुसार पटना मे दर्ज एफआइआर के पीछे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इस मामले में दिलचस्पी है। उन्‍होंने कहा है कि मामले को सीबीआइ को ट्रांसफर करने के परछे भी राजनीति है। बिहार पुलिस या सीबीआइ को इस मामले की जांच का अधिकार ही नहीं है।
रिया की याचिका का सुशांत के पिता ने किया विरोध:-उधर, रिया की याचिका का सुशांत के पिता केके सिंह ने कोर्ट में विरोध किया है। बीते शनिवार को दाखिल अपने हलफनामा में उन्‍होंने कहा कि खुद रिया ने गृह मंत्री अमित शाह से मामले में सीबीआइ जांच का आग्रह कर चुकीं हैं। अब तो सीबीआइ की जांच शुरू भी हो चुकी है। ऐसे में पटना में दर्ज एफआइआर को मुंबई स्थानांतरित करने की बात आधारहीन हो गयी है।
अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पर टिकी नजर:-बहरहाल, सबों की नजीरें सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पर टिकी है। अब कोर्ट ने सभी पक्षों से अपने-अपने तर्क के समर्थन में पहले के नजीर फैसलों को 13 अगस्‍त तक दाखिल करने को कहा है। इसके बाद कोर्अ आगे की कार्रवाई करेगा।

जयपुर। राजस्थान के सियासी संग्राम को खत्म करने की प्रक्रिया करीब एक सप्ताह पहले ही शुरू हो गई थी। कांग्रेस आलाकमान के इशारे पर चार अगस्त को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) द्वारा सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायकों के खिलाफ राजद्रोह के केस में (अंतिम रिपोर्ट) एफआर लगाने और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा आलाकमान के माफ करने पर बागी विधायकों को गले लगाने की बात कहने के साथ ही समझौते की पटकथा लिखी जानी शुरू हो गई थी। सीएम गहलोत ने लगातार तीन दिन तक मीडिया में और अपने खेमे के विधायकों की बैठक में कहा कि यदि आलाकमान पायलट सहित अन्य बागी विधायकों को माफ कर देगा तो मैं आगे बढ़कर गले लगाऊंगा।गहलोत के साथ ही पार्टी महासचिव अविनाश पांडे ने भी पिछले सप्ताह से अपने सुर बदल लिए थे। इस घटनाक्रम को देखते हुए चार अगस्त से ही माना जाने लगा था कि कांग्रेस के दोनों खेमों में समझौता होगा। हालांकि गहलोत खेमें कुछ नेता अंतिम दौर तक यह प्रयास करते रहे कि समझौता नहीं हो, इसके लिए उन्होंने कुछ केंद्रीय नेताओं का भी सहारा लिया, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी व महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इन नेताओं की बात को अधिक तवज्जो नहीं दी।
ऐसे चला पूरा घटनाक्रम:-जुलाई के पहले सप्ताह में पायलट खेमे के विधायकों ने गहलोत के खिलाफ मोर्चा खोला। आठ जुलाई से दोनों खेमों की तरफ से बयानबाजी शुरू हुई। 10 जुलाई को एसओजी ने राजद्रोह का मामला दर्ज किया। 12 जुलाई को एसओजी ने भरत मालानी व अशोक सिंह को विधायक खरीद-फरोख्त मामले में गिरफ्तार किया। 16 जुलाई के सोशल मीडिया पर तीन ऑडियो वॉयरल हुए, जिनमें कथित रूप से केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, पायलट के विश्वस्त विधायक भंवरलाल शर्मा व विश्वेंद्र सिंह के साथ ही मध्यस्थ संजय जैन की आवाज होने की बात कही गई। मुख्य सचेतक महेश जोशी की शिकायत पर इनके खिलाफ राजद्रोह व विधायक खरीद-फरोख्त का मामला दर्ज किया। 17 जुलाई को एसओजी की टीममानेसर की उस होटल में गई, जिसमें पायलट खेमे के विधायक ठहरे हुए थे, लेकिन हरियाणा पुलिस व होटल के गार्ड ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। एसओजी ने इन नेताओं को नोटिस जारी किए। चार अगस्त को एसओजी ने मामला खत्म करते हुए एफआर लगा दी।

नई दिल्‍ली। देश में कोरेाना वायरस की स्थिति और कोरोना वैक्‍सीन को वर्तमान स्थिति को लेकर मंगलवार को स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय और आइसीएमआर ने प्रेस कांफ्रेंस की। स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने कहा कि देश में पहली बार कोरोना वायरस की मृत्यु दर 2 फीसद से कम हो गई है और वर्तमान में 1.99 फीसद है।स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि भारत में अब तक कोरोना के 2.5 करोड़ टेस्ट किए जा चुके हैं। पिछले 24 घंटों में 7,17,364 टेस्ट किए गए हैं। 15 लाख से ज्यादा मरीज अब तक ठीक हो चुके हैं। पीएम मोदी ने इस तथ्य पर भी जोर दिया कि इन 10 राज्यों में खासकर से बिहार, तेलंगाना, यूपी, गुजरात, पश्चिम बंगाल में टेस्टिंग रेट बढ़ाने की जरूरत है। 

नई दिल्ली। प्रसिद्ध शायर डॉ. राहत इंदौरी का इंदौर में मंगलवार शाम करीब पांच बजे निधन हो गया। अंतिम सांस के साथ ही अब वे 'जमींदार" हो गए हैं। दरअसल, शायरी के लंबे दौर में उन्होंने कभी कहा था-

कश्ती तेरा नसीब चमकदार कर दिया, इस पार के थपेड़ों ने उस पार कर दिया।

दो गज सही ये मेरी मिलकियत तो है, ऐ मौत तूने मुझे जमींदार कर दिया।

इस शेर में जमींदार होने से उनका आशय था कि जिस जमीन में उन्हें दफनाया जाएगा, वह भले ही दो गज की हो, मगर हमेशा के लिए उनकी मिलकियत (संपत्ति) हो जाएगी। उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था। कोरोना से संक्रमित होने की जानकारी राहत इंदौरी ने खुद ट्वीट कर दी थी।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शाम को उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उनका निधन हो गया। उनके दोनों फेफड़ों में कोरोना का संक्रमण और किडनी में सूजन थी। सुबह उन्होंने ट्वीट किया था कि कोविड के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर मेरा कोरोना टेस्ट किया गया, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अरविंदो अस्पताल में भर्ती हूं, दुआ कीजिए जल्द से जल्द इस बीमारी को हरा दूं। एक और आग्रह है कि मुझे या घर के लोगों को फोन ना करें, मेरी खैरियत टि्वटर और फेसबुक पर आपको मिलती रहेगी। इस ट्वीट के बाद राहत इंदौरी के चाहने वाले जल्द से जल्द उनके स्वस्थ होने की दुआ के साथ मैसेज लिख रहे थे, लेकिन देर शाम उनके निधन की खबर आई।राहत इंदौरी के निधन के बाद अरबिंदो अस्पताल का अहम बयान सामने आया है। समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार डॉ विनोद भंडारी ने कहा कि उन्हें आज (मंगलवार) दो बार दिल का दौरा पड़ा और उन्हें बचाया नहीं जा सका। कोरोना की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें रविवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके शरीर में 60 फीसद तक निमोनिया था।बता दें कि राहत इंदौरी मशहूर शायर हैं, साथ ही वह बॉलीवुड के लिए भी कई गाने लिखते आए। राहत इंदौरी की उम्र 70 साल थी, ऐसे में उन्हें डॉक्टरों की सलाह पर अस्पताल में भर्ती किया गया था।इंदौरी के निधन की खबर आने के बाद सोशल मीडिया में शोक की लहर दौड़ गई। सोशल मीडिया यूजर्स उनके शेर और शायरी लिखकर भावभीनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं और उन्हें याद कर रहे हैं।गौरतलब है कि कि मध्य प्रदेश में कोरोना का संक्रमण तेजी तेजी से फैल हुआ है। इंदौर भी शुरुआत में कोरोना वायरस का हॉटस्पॉट बनकर उभरा था। बीते दिनों ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी कोरोना की चपेट में आए थे, हालांकि अब उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है।

भोपाल। मध्य प्रदेश गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मंगलवार को कहा कि सरकार ने स्वतंत्रता दिवस पर राज्य के विभिन्न जेलों से 244 कैदियों को रिहा करने का फैसला किया है, । एक अधिकारी ने कहा कि सरकार हर साल 15 अगस्त को अपने अच्छे आचरण और अन्य मापदंडों को ध्यान में रखते हुए कैदियों को रिहा करती है।मिश्रा ने संवाददाताओं से कहा कि 244 कैदी विभिन्न जेलों से रिहा किए जाएंगे। इस बीच, बड़वानी जिले में पुलिस कर्मियों द्वारा दो सिखों पर हमले की पृष्ठभूमि के खिलाफ, गृह मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सभी नागरिकों के सम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि सिख समुदाय के एक प्रतिनिधिमंडल ने पहले ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस मामले में त्वरित कार्रवाई करने (दो पुलिस कर्मियों को निलंबित करके) के लिए धन्यवाद दिया। हमले का एक वीडियो वायरल हो गया था। शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने इस घटना की निंदा की थी।

हैदराबाद। तेलंगाना के हैदराबाद में एक 60 वर्षीय कोरोना वायरस संक्रमित ने कथित तौर पर एक निजी अस्पताल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, पुलिस ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी है।। डीसीपी रमेश पूर्वी क्षेत्र, हैदराबाद ने कहा कि व्यक्ति ने कुछ दिनों पहले कोरोना वायरस के लिए सकारात्मक परीक्षण किया और अब उसने आत्महत्या कर ली। उन्होंने कहा कि उसने फांसी लगाकर अपनी जान ली है।मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि करीमनगर जिले के मूल निवासी एक 60 वर्षीय व्यक्ति ने कोरोना वायरस (सीओवीआईडी -19) के लिए सकारात्मक परीक्षण किया था और कुछ दिनों पहले इलाज के लिए यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया गया था और आज कुछ ही घंटो में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने बताया कि वार्ड के बाथरूम में जाकर उसने फांसी लगाई थी।पुलिस ने कहा कि आदमी का शव स्थानांतरित कर दिया गया है और चदरघाट पुलिस स्टेशन में धारा 174 सीआरपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया है।गौरतलब है कि राज्य में कोरोना वायरस के  82,647  संक्रमित मरीज हो गए हैं। फिलहाल, राज्य में  22628  एक्टिव केस हैं। वहीं, कोरोना वायरस के कारण अब तक राज्य में  645  लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, कोरोना वायरस से संक्रमित होकर  59374 लोग ठीक हो चुके हैं।बात करें देश में कोरोना वायरस मामलों की तो देश में कोरोना के अब तक 22 लाख से अधिक मरीज हो गए हैं। देश में इस वक्त कोरोना के 639929   एक्टिव केस हैं। कुल मामलों में से अब तक 1583489  संक्रमित लोग ठीक हो गए हैं। वहीं, कोरोना वायरस के कारण अब तक 45257 लोगों की मौत हो चुकी है। जानकारी के लिए बता दें कि रूस ने कोरोना वायरस की वैक्सीन बना ली है। रूस के राष्ट्रपति पुतिन की बेटी को पहला डोज दे दिया गया है। कोरोना का पहला मामला चीन के वुहान शहर में दर्ज किया गया था।

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने कहा कि कोरोना परीक्षण के मामले में अमेरिका नंबर वन है। उन्‍होंने कहा कोरोना वायरस की इतनी बड़ी संख्‍या में परीक्षण अन्‍य किसी देश में नहीं हुआ है। इस मामले में दुनिया का कोई मुल्‍क अमेरिका सामने नहीं ठिकता है। राष्‍ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के बाद भारत में कोरोना वायरस की बड़ी संख्‍या में परीक्षण हुए हैं।
अमेरिका में अब तक 6.5 करोड़ और भारत में 1.1 करोड़ लोगों की जांच:-राष्‍ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका में अब तक 6.5 करोड़ लोगों की और भारत में 1.1 करोड़ लोगों की कोरोना वायरस की जांच हो चुकी है। ट्रंप ने कहा कि जांच के मामले में भारत दुनिया में दूसरे स्‍थान पर है। उन्‍होंने कहा कि अमेरिका के पास उच्‍च गुणवत्‍ता वाले जांच केंद्र हैं। उन्‍होंने कहा कि मुझे पूरा विश्‍वास है कि इस साल के अंत तक हमारे पास टीका होगा। यह जल्‍द ही लोगों की पहुंच में होगा।
पहले की तुलना में इसमें 14 फीसद की गिरावट:-उन्‍होंने कहा कि अमेरिका में कोरोना का प्रसार धीमा हुआ है। ट्रंप ने कहा कि पहले की तुलना में इसमें 14 फीसद की गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि पिछले सात दिनों में कोरोना के मरीजों में राष्ट्रव्यापी गिरावट देखी गई है। पिछले सात दिनों में कोरोना के मरीजों में 14 फीसद तक गिरावट देखी गई है। उन्‍होंने कहा कि अस्‍तपतालों में कोरोना मरीजों का दबाव कम हुआ है। अस्‍पतालों में सात फीसद तक कमी आई है। उन्‍होंने कहा कि मृत्‍यु दर में भी नौ फीसद तक गिरावट आई है।
दुनिया भर में कोरोना संक्रमितों की संख्‍या 2 करोड़ के पार:-दुनिया भर में कोरोना संक्रमितों की संख्‍या 2 करोड़ के पार है। कोरोना से अब तक कुल 7 लाख 34 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी द्वारा जारी किए गए नवीनतम आंकड़ों के अनुसार मंगलवार सुबह तक संक्रमितों की कुल संख्या 2 करोड़ 11 हजार के पार हो गई। कोरोना से मरने वालों की संख्‍या 7 लाख 34 हजार के पार पहुंच गई। संक्रमण के मामले में अमेरिका अग्रणी राष्‍ट्र बना हुआ है। यहां संक्रमितों का आंकड़ा 50 लाख के पार पहुंच गया है। मरने वालों का कुल आंकड़ा 1 लाख 63 हजार के पार है। ब्राजील दूसरे स्‍थान पर है। यहां सं‍क्रमितों की संख्‍या 30 लाख के पार हो चुकी है। ब्राजील में कोरोना से अब तक 1 लाख से ज्‍यादा लोगों की मौत हो चुकी है। आंकड़ों के लिहाज से भारत तीसरे नंबर पर है। यहां अब तक कुल संक्रमण 22 लाख के पार पहुंच गई है।

शिकागो। अमेरिका के शिकागो शहर में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। पुलिस द्वारा शहर के दक्षिणी हिस्से में की गई गोलीबारी के विरोध में सोमवार को लोग सड़कों पर उतर आए। इस दौरान हिंसा पर उतारू भीड़ ने ना केवल कई व्यवसायिक स्थानों में तोड़फोड़ की बल्कि जमकर लूटपाट भी की। उपद्रव रविवार को उस समय शुरू हुआ जब पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को उस समय गोली मार दी जब उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए अधिकारियों पर गोली चलाई।पुलिस अधीक्षक डेविड ब्राउन ने बताया कि हिंसाग्रस्त क्षेत्र में 400 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। पुलिस ने 100 लोगों को गिरफ्तार किया है जबकि 13 अधिकारी घायल हुए हैं। एक अधिकारी पर बोतल से हमला किया गया था।
पुलिस ने बरामद की पांच बंदूकें: पुलिस अधीक्षक ब्राउन:-ब्राउन ने इस बात को सिरे से खारिज किया कि अराजकता एक संगठित विरोध का हिस्सा थी। उन्होंने इसे शुद्ध आपराधिक गतिविधि बताते हुए कहा कि इसमें ऐसे लोग शामिल थे, जिन्होंने पुलिस पर फायरिंग की थी। उन्होंने कहा कि फायरिंग में कोई भी अधिकारी घायल नहीं हुआ है, लेकिन एक सुरक्षाकर्मी और एक नागरिक को गोली लगने के बाद गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने पांच बंदूकें भी बरामद की हैं।
फेसबुक में शेयर किए जा रहे वीडियों से बढ़ा तनाव:-मेयर लोरी लाइटफुट ने इस बात से सहमति जताई है कि हिंसा का विरोध-प्रदर्शन से कोई लेनादेना नहीं है। यह सीधे-सीधे गुंडागर्दी है। यह हमारे शहर पर सीधा हमला है। फेसबुक पर चल रहे एक वीडियो से भी शहर में तनाव बढ़ा। वीडियो में दावा किया गया था कि शिकागो पुलिस ने 15 साल के लड़के की गोली मारकर हत्या कर दी है। यह वीडियो रविवार शाम साढ़े छह बजे पोस्ट किया गया था, जिसे सोमवार सुबह तक लगभग एक लाख बार देखा जा चुका था।

Page 1 of 1446

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

pr checker

ताज़ा ख़बरें