नई दिल्ली। हैदराबाद में डॉक्टर की गैंगरेप के बाद हत्या के मामले में पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। सोमवार को संसद में भी ये मामला गूंजता रहा। सांसद जया बच्चन ने तो संसद में यहां तक कह दिया कि ऐसे लोगों को भीड़ के हवाले कर देना चाहिए था, वो ही इनके साथ न्याय करती। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि घटना ने पूरे देश को शर्मसार कर दिया है। इस वजह से ऐसे मामलों में सख्त कानून लाने की जरूरत है। यदि संसद के सभी सदस्य राजी हो तो इस तरह की घटना के लिए एक ऐसा कानून लाया जाना चाहिए जो सभी को मान्य हो और इस तरह की घटना करने वालों को इससे कठोर से कठोर सजा मिल सके। यदि इस तरह की वारदात करने वालों को कठोर सजा नहीं मिलेगी और इसका संदेश दूर तक नहीं जाएगा तो इन पर अंकुश लगाना मुश्किल होगा। उधर पूरे देश में इस मामले को लेकर प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। महिलाएं, पुरुष, राजनीतिक और गैर राजनीतिक संगठन इस मामले में प्रदर्शन कर रहे हैं। कैंडल मार्च करके डॉक्टर को श्रद्धांजलि दी जा रही है। हैदराबाद के अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी लगातार प्रदर्शन और न्याय की मांग के लिए आवाज उठाई जा रही है। सोशल मीडिया ट्विटर और फेसबुक पर बीते तीन दिनों से इसी मुद्दे पर चर्चा की जा रही है। लोग तमाम तरह से अपना विरोध दर्ज करवा रहे हैं।महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि जो कानून बने हुए हैं उसका पालन करने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति, प्रशासनिक कौशल और मानसिकता में बदलाव की जरूरत है। यदि इन चीजों में बदलाव नहीं हुआ तो कानून की लाठी सबके लिए नहीं चल सकती। जागरूकता का अभाव भी इसका एक बड़ा कारण है। तेलंगाना की महिला पशु चिकित्सक से बलात्कार और हत्या पर जीएस किशन रेड्डी (एमओएस होम) ने कहा कि केंद्र सरकार मामले में तेजी से न्याय के लिए राज्य को सभी मदद देने के लिए तैयार है। इस तरह के मामलों की जल्द सुनवाई होनी चाहिए और जो इसके लिए जिम्मेदार है उन सभी को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए जिससे अपराधों पर अंकुश लग सके। राज्यसभा सांसद सोनल मानसिंह ने कहा कि पशुचिकित्सक के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या पर मैं शर्मिंदा और हैरान हूं। उन्होंने कहा कि मैं भी निराश हूं कि इस तरह की घटनाएं पूरे देश में हो रही हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं पर सरकार, पुलिस, नागरिक समाज की उदासीनता क्यों है? हर बार जब कैंडल मार्च और रैलियां होती हैं, तो ही इस तरह की घटनाओं पर रोक के लिए गंभीर बातें कही जाती है। अखिल भारतीय लोकतांत्रिक महिला संघ (AIDWA) और अखिल भारतीय लोकतांत्रिक छात्र संगठन (AIDSO) ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मुद्दे पर जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया। संगठनों की मांग है कि महिलाओं और बच्चियों के साथ तमाम तरह के अपराध हो रहे हैं मगर सख्त कानून न होने की वजह से इन पर रोक नहीं लग पा रही है, इसके लिए सख्त कानून बनाया जाना चाहिए।

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