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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत होने जा रहे मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा है कि देशभर में लंबित मामलों का इस्तेमाल संस्थान को झुकाने के लिए किया जा रहा है। रविवार को सेवानिवृत होने जा रहे जस्टिस गोगोई ने शनिवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से हाई कोर्ट के जजों और न्यायिक अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जिस बात को लेकर हमें देशभर में चुनौती दी गई है, वह लंबित मुकदमों का मामला है। इसका इस्तेमाल हमारे संस्थान पर हमला करने और हमें झुकाने के लिए किया जा रहा है।जस्टिस गोगोई ने कहा कि एक आंतरिक सर्वेक्षण से पता चलता है कि लगभग 48 फीसद आपराधिक मामले ऐसे हैं, जिनमें आरोपित को कोर्ट में पेश किया जाना है। इसी तरह 23 फीसद सिविल मुकदमों में पार्टियों की उपस्थिति निर्धारित कर दी गई है। न्यायपालिका के लिए तार्किक रूप से जितना संभव है, उससे ज्यादा यह काम करने का प्रयास कर रहा है।
अदालतों को करना पड़ रहा चुनौतियों का सामना:-जस्टिस गोगोई ने कहा कि आज हम सबको नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। दुर्भाग्य से कोर्ट परिसर के अंदर और बाहर दोनों जगह चुनौतियां बढ़ रही हैं। कोर्ट परिसर के भीतर शिष्टाचार और अनुशासन को लेकर लोग उदासीन होते जा रहे हैं। संस्थान की प्रतिष्ठा हाल के दिनों में बहुत ज्यादा गिर गई है। गुंडागर्दी और डराने वाला व्यवहार कुछ न्यायिक हलकों में दिखाई देने लगा है। हमें ध्यान देना होगा कि शातिर तत्वों को हराया जाए और न्यायपालिका की गरिमा से किसी तरह का समझौता न किया जाए।

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