नई दिल्ली। कैंसर (Cancer) शब्द सुनते ही हम सभी थोड़े सहम जाते हैं। इस बीमारी से देश-दुनिया में कई लोग जूझ रहे हैं। कैंसर दुनिया में मौत का दूसरा सबसे आम कारण है। कई लोग तो इलाज के अंतिम चरण तक पहुंचने से पहले ही मर जाते हैं। कैंसर इंसान को ग्रस्त करने से पहले आगाह करता हैं। कई लक्षण ऐसे हैं जो हम रोजमर्रा में होने वाली बीमारी समझ कर अनदेखा कर देते हैं। शुरुआत में ही यदि बीमारी का पता लग जाए तो प्रभावी ढंग से इसका इलाज किया जा सकता है। इसलिए हमें सतर्क रहने की जरूरत है और उन लक्षणों को अनदेखा नहीं करना चाहिए जो कैंसर के संकेत देते हैं। चलिए तो हम आपको बताते है उन 14 लक्षणों के बारे में जो कैंसर होने की संभावना बताते हैं।
अचानक वजन कम होना:-अगर बिना डाइटिंग और व्यायाम ना करने के बाद भी आपका वजन कम हो रहा है तो आपको सतर्क होने की जरुरत क्योंकि वजन का खुद ब खुद कम होना पेट, फेफड़े और अग्न्याशय में कैंसर के सबसे आम लक्षणों में से एक है।
तेज बुखार;-ल्यूकेमिया और लिम्फोमा जैसे रक्त कैंसर शुरुआती चरण में तेज बुखार के जरिए संकेत देते हैं। बता दें कि तेज बुखार गुर्दे या पेट के कैंसर का शुरूआती संकेत भी हो सकता है।
थकान;-हम कही घूमने जाते हैं या लंबे व्यस्त सप्ताह के बाद थकान होना आम बात है। आप थोड़ा आराम कर लें तो आपकी थकान खत्म हो जाएगी। लेकिन चिंता की बात तब है जब आराम के बाद भी थकान खत्म ना हो। क्योंकि ये ब्लड और पेट के कैंसर का शुरूआती लक्षण हो सकता है।
दर्द होना:-दर्द कैंसर के सबसे आम लक्षणों में से एक है और आमतौर पर कैंसर के सबसे पर अनदेखा संकेतों में से भी है। हड्डी और testicular cancer का कारण दर्द हो सकता है। लगातार सिरदर्द होना मस्तिष्क ट्यूमर का संकेत हो सकता है और पीठ में दर्द ओवैरी या पेट के कैंसर का लक्षण हो सकता है।
अचानक स्कीन में बदलाव;-मौसम या आहार की वजह से कई बार स्कीन में अचानक बदलाव आपको नजर आ सकता है। अगर इसके पहले आपको ऐसा कभी नहीं हुआ, तो आप सचेत होनी की जरूरत है। फ्रीकल्स या मोल्स रंग या आकार में बदलते हैं, उन्हें कैंसर की जांच करने की आवश्यकता होती है। अगर आपको स्कीन के गहरा लाल या अपकी आंखों का रंग पीला नजर आता है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
सांस फूलना;-यदी सांस लेने में तकलीफ होती है तो ये भी कैंसर का ही संकेत हो सकता है। सांस लेने की फेफड़ों के कैंसर होने के कारण हो सकता है। इसके अलावा ये स्तन, ओवैरी और लीवर कैंसर की वजह से भी हो सकता है।
बेवजह खून का बहना;-असामान्य रूप से रक्त बहना हमेशा ही चिंता का कारण होता है, खांसी के साथ रक्त आना फेफड़ों के कैंसर का संकेत दे सकता है, जबकि पेशाब या मल में रक्त का मतलब कोलन, किडनी या ब्लैडर कैंसर हो सकता है। स्तन कैंसर के रोगियों ने निप्पल से खूनी आन की बात भी कही है।
खरीर में गांठ होना:-यदि आप अपने शरीर में कहीं भी गांठ पाते हैं, तो आपको तुरंत डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए। लेकिन, एक कैंसर की गांठ का पहचान करने का तरीका यह है कि यह कठोर, लेकिन दर्दनाक नहीं, अनियमित आकार की हो सकती है।
खाना निगलने में तकलीफ होना;-यदि आपको खाना या पानी निगलते वक्त दिक्कत होती है तो ये मुंह या गले के कैंसर की वजह से हो सकता है। हालांकि ऐसा सिर और गर्दन में अन्य कैंसर जैसे कि एसोफैगल, ऑरोफरीन्जियल, थायरॉयड और लैरींगियल कैंसर के संकेत भी हो सकते हैं।
खांसी की शिकायत:-यह एक चौंकाने वाला आंकड़ा है कि 50% से अधिक ऐसे लोग जिन्हें खांसी की शिकायत है और जो दवा लेने के बाद भी ठीक नहीं हो है तो ये फेफड़े के कैंसर की चेतावनी भी हो सकती है। खांसी laryngeal और थायरॉयड कैंसर से जुड़ी भी है।
मुंह के अंदर सफेद थक्का होना:-यदि आप अपने मुंह के अंदर सफेद पैच देखते हैं, तो आपको उन्हें तुरंत इलाज करवाना चाहिए। ये प्री-कैंसरस ल्यूकोप्लाकिया हो सकते हैं, जिसका मतलब है कि अगर जल्द इलाज न किया जाए तो आप कैंसर का शिकार हो सकते हैं।
जलन होना;-जलन किसी भी वजह से हो सकती है। शराब और भोजन का अधिक सेवन के कारण भी ऐसा हो सकता है। लेकिन, दवा लेने के बाद भी यदि ये समस्या बनी रहती है तो ये ओवैरी, पेट या गले का कैंसर के कारण हो सकता है।
पेट दर्द और डिप्रेशन:-पेट में दर्द और डिप्रेशन कैसल के दुर्लभ लक्षणों में से एक है। ये लक्षण अधिकतर अग्नाशय के कैंसर (pancreatic cancer) के रोगियों में पाया गए हैं। हालांकि ये परिवारिक बीमारी के कारण भी हो सकता है। लेकिन अगर आपके परिवार में किसी को ये बीमारी नहीं है तो आपको डॉक्टर से परामर्श जरुर लेना चाहिए।

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