नई दिल्ली। पहाड़, वादियां, समंदर किनारे, झील, नदियां - गर्मियों में बस इनका जिक्र आपको वेकेशन मोड में ले जाने के लिए काफी होता है। लेकिन छुट्टियों में टूरिस्ट प्लेसेस पर होनेवाली भीड़-भाड़ अगर आपका मज़ा खराब करती है, तो आज हम आपको कराएंगे भारत की 10 ऐसी एकांत टूरिस्ट डेस्टिनेशन्स की सैर, जिनके बारे में बहुत से लोग जानते भी नहीं होंगे।पर जहां भी आप घूमने जाएं - पहाड़, वादियां, बीच, या शांत मोनास्ट्री - अपनों से कनेक्टेड रहना बेहद जरूरी है। और इसलिए आप को चाहिए Airtel4G जैसा मजबूत नेटवर्क जो हमेशा आपके साथ चलता है। इन एकांत डेस्टिनेशन्स में भी!
1. पैंगोंग लेक, लद्दाख;-भारत की सबसे एकांत जगहों में सबसे पहले आती है लद्दाख की पैंगोंग लेक। 4350 फीट की ऊंचाई पर स्थित ये झील एशिया की सबसे बड़ी खारे पानी की झील है। सबसे दिलचस्प बात तो यह है कि इस झील के पानी का रंग दिन के अलग-अलग समय पर अलग नजर आता है।यहां जाने का सबसे सही समय है मई से सितंबर केबीच, क्योंकि सर्दियों में इस झील का पानी जम कर बर्फ बन जाता है।
2.फुगटाल मोनैस्ट्री, लद्दाख:-लद्दाख बौद्ध धर्म का केंद्र है, शायद इसी वजह से यहां बड़ी संख्या में मोनैस्ट्री मौजूद हैं। इन्ही में से एक है दक्षिण पूर्वी जन्सकर वैली में बसी फुगटाल मोनास्ट्री, जो 12वीं शताब्दी में बनाई गई थी। ये लद्दाख की एकलौती ऐसी मोनास्ट्री है जहां आप पैरों से चलकर पहुंच सकते हैं।यहां जुलाई से सितंबर के बीच जाना सबसे अच्छा होगा।
3. गुरूडोंगमार लेक, सिक्किम:-भीड़ और शोर-शराबे से कोसों दूर, गुरुडोंगमार लेक दुनिया की सबसे ऊंचाई पर स्थित झीलों में शुमार है। 17,100 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह झील भारत की सबसे एकांत जगहों में से एक है। इस झील का धार्मिक महत्व है और इसके पानी को बेहद पवित्र माना जाता है।यहां जाने का सबसे सही समय है नवंबर से जून के बीच।
4.ज़िरो, अरुणाचल प्रदेश;-मूल रूप से अरुणाचल प्रदेश के अपातानी आदिवासी समुदाय का घर ज़िरो, सुकून तलाशने वाले लोगों के लिए स्वर्ग है। यहां की एक और खासियत है, यहां का प्रसिद्ध म्यूजिक फेस्टिवल जो 2012 में शुरू किया गया था।इसमें देश भर से कई म्युज़िकल बैंड हिस्सा लेते हैं।
5.ज़ुकू वैली, मणिपुर:-अगर आप वादियों में ट्रेकिंग करते हुए, अपने अकेलेपन के साथ शांति का आनंद चाहते हैं, तो मणिपुर और नागालैंड की सीमा पर स्थित जुकू वैली आपके लिए एक बेहतरीन जगह है।यहां जून से सितंबर के बीच आना सबसे बेहतर होगा।
6.गोइचा-ला ट्रेक:-कुछ दिन कॉन्क्रीट जंगल और कंप्यूटर लाइफ से पीछा छुड़ाकर थोड़ा एडवेंचर करना चाहते हैं, तो गोइचा-ला आपके लिए एक ज़बरदस्त ट्रेकिंग स्पॉट है। भारत की सबसे एकांत जगहों में से एक इस ट्रेक से आपको 16200 फीट की ऊंचाई से कंचनजंगा की विशाल पर्वतमाला का कभी न भूलने वाला नज़ारा दिखेगा।अप्रैल-जून और सितंबर-अक्टूबर यहां घूमने का सबसे बेहतरीन समय है।
7.दारिंगबाड़ी, ओडिशा:-अगर आप देवदार के पेड़ और कॉफी गार्डन की साउथ नॉर्थ फ्यूजन वाली सुंदरता का आनंद लेना चाहते हैं, तो ओडिशा के दारिंगबाड़ी ज़रूर जाएं। इसे ओडिशा का कश्मीर कहा जाता है। यहां पर्यटकों के घूमने के लिए वॉटरफॉल, नेचर पार्क, कॉफी गार्डन, कई सारे पिकनिक गार्डन और बर्ड सैंक्चुरी प्रमुख आकर्षण हैं।यहां घूमने का सबसे अच्छा समय है नवम्बर से फरवरी के बीच।
8.कास प्लैट्यू, महाराष्ट्र:-अगर आप वनस्पति और जीव-जंतुओं के बारे में जानने का शौक रखते हैं,तो सातारा जिले से करीब 25 किलोमीटर दूर है कास प्लैट्यू या कास पठार जो देश की सबसे एकांत जगहों में से एक है।
9.धनुषकोड़ी, तमिलनाडु:-क्या आपको पता है कि धनुषकोडि से आप भारत और श्रीलंका के बीच पौराणिक रामसेतु की शुरुआत देख सकते हैं? धनुषकोडि एक शांत और एकांत बीच है, जो रामेश्वरम से केवल 20 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। लेकिन यहां पहुंचना थोड़ा मुश्किल होता है। पम्बन तक ट्रेन से आने के बाद रेतीली सड़कों पर हिचकोले भरी यात्रा करके धनुषकोडि पहुंचा जा सकता है। लेकिन अगर ‘मिस्ट्री ट्रैवेलिंग’ आपका शौक है, तो भारत और श्रीलंका के छोर पर स्थित ‘सुनसान कस्बे’ धनुषकोडि में आपका स्वागत है।अक्टूबर से फरवरी यहां आने का सबसे अच्छा समय माना जाता है।
10.राधानगर बीच, अंडमान-निकोबार:-अगर इस गर्मी की छुट्टी में आप शहर और आबादी से कहीं दूर भाग जाने का मन बना रहे हैं, तो अंडमान-निकोबार का राधानगर बीच आपके लिए होगी परफेक्ट स्थान है। साफ नीला पानी, सफेद रेत और प्राकृतिक सुंदरता से भरा ये बीच एकांत तलाशने वालों की आइडियल पसंद हो सकता है।अक्टूबर से अप्रैल का समय यहां घूमने के लिए बेहतर है।

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