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नई दिल्ली। वेस्टइंडीज़ के ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ क्रिस गेल ने अपनी घरेलू टीम जमैका के लिए आखिरी लिस्ट ए मैच खेलते हुए ताबड़तोड़ शतक ठोक दिया। सुपर 50 2018 के मुकाबले में गेल ने जमैका की तरफ से अपना आखिरी मुकाबला खेला। बारबाडोस के खिलाफ शानदार शतक जमाकर गेल ने टीम को जीत दिलाई और लिस्ट ए क्रिकेट को अलविदा कहा।क्रिस गेल ने 114 गेंदों में 122 रनों की बेहतरीन पारी खेलकर शानदार विदाई ली। गेल ने अपने आखिरी मुकाबले में 10 चौकों के साथ-साथ 8 शानदार छक्के भी लगाए। गेल ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि यह जमैका के लिए उनका आखिरी लिस्ट ए मैच होगा, हालाँकि उन्हें चार दिवसीय मुकाबले में भी जमैका की तरफ से आखिरी मैच खेलने की उम्मीद है।टीम की तरफ से ओपनिंग करने उतरे क्रिस गेल को दोनों ही टीम के खिलाड़ियों की तरफ से गार्ड ऑफ ऑनर दिया। गेल का यह लिस्ट ए में 27वां शतक था और उन्होंने अपनी पारी में 10 चौके और 8 छक्के लगाए। गेल की बेहतरीन पारी के बावजूद जमैका की टीम 226 रन बनाकर ऑल आउट हो गई, लेकिन बढ़िया गेंदबाजी की बदौलत उन्होंने बारबाडोस को 193 रनों पर ही समेट दिया और 33 रनों से मैच जीत लिया। क्रिस गेल को उनके बेहतरीन पारी के लिए मैन ऑफ़ द मैच भी चुना गया। शतक के अलावा गेल ने मैच में एक विकेट भी हासिल किया।मैच के बाद गेल ने कहा कि जमैका के लिए अपने आखिरी एकदिवसीय मैच में शतक लगाकर वह बहुत खुश हैं और इसकी बदौलत टीम को जीत मिली, इससे उनकी ख़ुशी और बढ़ गई। इसके साथ ही गेल ने कहा 'अपने देश की तरफ से खेलना हमेशा ही काफी खुशी देता है। मैं धन्यवाद देता हूं और शुक्रगुजार हूं कि 39 साल की उम्र में यहां खड़ा हूं और जमैका के लिए आखिरी मैच में शतक बना पाया।'गेल ने यह भी कहा कि वह जमैका के लिए आखिरी चार दिवसीय मुकाबला भी खेलना चाहते हैं और कार्यक्रम के मुताबिक वह मैच के लिए उपलब्ध हो सकते हैं। गौरतलब है कि गेल ने अपना आखिरी प्रथम श्रेणी मुकाबला 2014 में खेला था और इसके अलावा वह वेस्टइंडीज की टेस्ट टीम से भी काफी समय से बाहर चल रहे हैं। अगर अनुमान लगाया जाए तो क्रिस गेल अगले साल इंग्लैंड में होने वाले एकदिवसीय विश्व कप के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले सकते हैं।उन्होने आगे कहा, 'अभी वैसे तो उनके अंदर काफी कुछ बाकी है लेकिन क्रिकेट के अलावा भी जिंदगी होती है इसलिए मुझे उसका भी आनंद उठाना है। 25 साल से क्रिकेट खेल रहा हूं यह व्यक्तिगत तौर पर काफी बड़ी उपलब्धि है। अब मेरा परिवार मेरे साथ है। उनके साथ जितना संभव हो उतना वक्त बिताना चाहूंगा और बच्चों को बड़ा होते देखना है।'

नई दिल्ली। भारत में क्रिकेट एक ऐसा खेल है जिसे सबसे ज़्यादा पसंद किया जाता है। किसी भी खेल की तरह क्रिकेट में भी कई नियम हैं। क्रिकेट के ज़्यादातर नियम सभी को पता हैं, लेकिन ऐसे भी कुछ नियम हैं जिनसे लोग आज भी अनजान हैं। इस खेल के ज़्यादातर नियम समझ में आते हैं, जबकि कुछ अजीब लगते हैं जिसके लिए हम अक्सर सोचते हैं कि ऐसे नियम आखिर हैं क्यों? आज हम आपके बताने जा रहे हैं क्रिकेट के ऐसे ही अजीबोगरीब नियमों के बारे में।
बिना गिल्ली के भी खेला जा सकता है क्रिकेट:-क्या आप जानते हैं कि क्रिकेट बिना गिल्ली के भी खेला जा सकता है? जी हां, क्रिकेट के नियमों में इसकी अनुमति है। इसका उदहारण पिछले साल अफगानिस्तान और वेस्टइंडीज़ के बीच हुए मुकाबले में देखने को मिला। मैच के दौरान हवाएं इतनी तेज़ थीं कि गिल्ली विकेट से बार-बार गिर रही थीं। तभी अंपायर और दोनों टीमों के कप्तानों ने मिलकर फैसला किया कि मैच बिना गिल्ली के ही खेला जाएगा।
अगर अपील नहीं तो आउट भी नहीं:-क्रिकेट के सबसे अजीब नियमों में अपील की अनिवार्यता भी शामिल है। भले ही बल्लेबाज़ एलबीडब्ल्यू आउट हो, लेकिन अंपायर तब तक आउट नहीं दे सकता जब तक फील्डिंग कर रही टीम अपील न करे। हालांकि, ऐसा कम ही होता है जब टीम अपील न करती हो। अक्सर देखा जाता है कि फील्डिंग कर रही टीम बल्लेबाज़ के आउट होने पर अंपायर से पूछती है ' how's that?"
कई बार महंगा साबित हुआ हैं ग्राउंड पर रखा हेल्मेट:-क्रिकेट में बॉल अगर विकेटकीपर के हेल्मेट, पानी की बोतल या फील्डिंग कर रही टीम की किसी भी चीज़ की वजह से रुक जाती है तो बल्लेबाज़ी कर रही टीम को 5 पेनल्टी रन दिए जाते हैं। ये पेनल्टी रन उस वक्त भी मिलते हैं जब फील्डर अपनी बॉडी के अलावा किसी और चीज़ से बॉल को रोकने की कोशिश करता है। यहां तक कि बल्लेबाज़ को धोखा देने के लिए नकली फील्डिंग के प्रयासों में भी 5 रनों का जुर्माना लग जाता है।
हवा में ऑबस्ट्रक्शन का मतलब डेड बॉल:-जैसा कि हमने आपको बताया कि मैदान पर गेंद के साथ ऑब्स्ट्रक्शन होने पर बल्लेबाज़ी कर रही टीम को 5 पेनल्टी रन दिए जाते हैं, लेकिन अगर ऐसा हवा में होता है तो नियम अलग हैं। टीवी प्रसारण के लिए मैदान पर स्पाइडर और ड्रोन कैमरा लगाया जाता है। इसके इस्तेमाल से क्रिकेट फैन्स को घर बैठे मैच का अलग अनुभव मिलता है। लेकिन मैच के दौरान अक्सर देखा गया है कि बल्लेबाज़ बॉल को हवा में खेलता है और वो सीधे जाकर स्पाइडर या ड्रोन कैमरे से जा टकराती है। अगर ऐसा होता है तो इस बॉल को डेड करार दे दिया जाता है। यानि गेंदबाज़ को दोबारा बॉल फेंकनी पड़ती है।
अगर ग्लव्स और बैट में संपर्क नहीं तो आउट भी नहीं:-क्रिकेट के एक नियम के मुताबिक, अगर बॉल बल्लेबाज़ के उस ग्लव्स से छूकर फील्डर के पास जाती है जिसका संपर्क बैट से नहीं था तो उसे कैच आउट नहीं माना जाएगा। ऐसा ही कुछ साल 2014 में श्रीलंका और इंग्लैंड के बीच हुए टेस्ट मैच के दौरान देखा गया था। जब रंगना हैराथ इस नियम के बारे में नहीं जानते थे और फील्डर के कैच लेते ही वो क्रीज़ छोड़ मैदान से बाहर चले गए। जबकि अंपायर ने उन्हें आउट करार नहीं दिया था

 

नई दिल्ली। टी-20 क्रिकेट के अनुभवी खिलाड़ी ड्वेन ब्रावो, कीरोन पोलार्ड और सुनील नरेन के भारत के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज में वेस्टइंडीज टीम में नहीं खेलने की संभावना है, क्योंकि भारतीय वीजा हासिल करने के लिए तैयार की गई बोर्ड की 25 खिलाडि़यों की सूची में उनके नाम नदारद हैं।टेस्ट सीरीज के बाद भारत और वेस्टइंडीज के बीच 21 अक्टूबर से वनडे सीरीज खेली जानी है। न्यूजडे डॉट को डॉट टीटी के अनुसार, 'ड्वेन ब्रावो के भारत जाने वाली टी-20 टीम में भी चुने जाने की संभावना नहीं दिखती है, क्योंकि क्रिकेट वेस्टइंडीज (सीडब्ल्यूआइ) ने भारत का वीजा हासिल करने के लिए जिन खिलाडि़यों से संपर्क किया है, उसमें वह शामिल नहीं है, जबकि उन्होंने त्रिनबागो नाइटराइडर्स की अगुआई करते हुए उसे हाल में कैरेबियाई प्रीमियर लीग खिताब दिलाया था।सीडब्ल्यूआइ ने 21 अक्टूबर से शुरू होने वाली सीरीज के लिए संभावित खिलाडि़यों के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। खिलाडि़यों के चयन के लिए तीन अक्टूबर से शुरू हुई घरेलू वेस्टइंडीज सुपर 50 (राष्ट्रीय वनडे प्रतियोगिता) में प्रदर्शन अहम होगासीडब्ल्यूआइ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जॉनी ग्रेव ने कहा, 'सुपर 50 से पहले वनडे टीम के लिये लंबी सूची चुनने का कारण यही है कि खिलाड़ी 10 अक्टूबर को भारत के लिए रवाना होंगे और 12 अक्टूबर तक पहुंचेंगे। पहले वनडे से पूर्व गुवाहाटी में एक शिविर भी आयोजित होगा।

नई दिल्ली। पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच दुबई में चल रहे पहले टेस्ट में लगभग दो साल बाद वापसी कर रहे पाक ओपनर मोहम्मद हफीज ने शतक बनाकर शानदार तरीके से अपना कमबैक किया। पाकिस्तान टीम में प्रोफेसर के नाम से मशहूर हफीज ने 12 चौकौ की मदद से अपना 10वां टेस्ट शतक ठोका। हफीज ने शुरू से ही ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया।तेज गेंदबाज हो या स्पिनर्स उन्होंने हर किसी को बड़े संयम और आत्मविश्वास के साथ खेला। इस दौरान उन्होंने दूसरे ओपनर इमाम उल हक के साथ पाकिस्तान टीम को शानदार शुरुआत दिलाई और पहले विकेट के लिए करीब 200 रन की साझेदारी की।हफीज ने अब तक अपने टेस्ट करियर में 51 टेस्ट में करीब 40 की औसत से 3553 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 10 शतक और 12 अर्धशतक निकले। वैसे गेंदबाजी के मामले में भी वह पाकिस्तान टीम के महत्वपूर्ण हथियार है, टेस्ट क्रिकेट में वह अब तक 52 विकेट ले चुके हैं, वनडे क्रिकेट में तो उनके नाम 136 विकेट दर्ज है।हाल ही में पाकिस्तान का स्पिन विभाग लगातार फेल रहा है, एशिया कप में भी पाकिस्तान के स्पिनर्स बुरी तरह फ्लॉप हुए थे। इसी के बाद से मोहम्मद हफीज को दोबारा टीम में शामिल करने की मांग लगातार उठने लगी थी। हफीज ने अपना आखिरी टेस्ट मैच साल 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था लेकिन उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था। 6 पारियों में हफीज़ महज 102 रन ही बना पाए थे। इसी वजह से उन्हें ओवल में खेले गए आखिरी टेस्ट मैच से ड्रॉप भी कर दिया गया था।

नई दिल्ली। भारत में अच्छे क्रिकेटरों की कोई कमी नही है और घरेलू स्तर पर होने वाले मैचों के जरिए एक से बढ़कर एक नए टैलेंट सामने आते ही रहते हैं। अब एक नया नाम सबके सामने आया है और वो हैं उत्तराखंड के ओपनर बल्लेबाज करनवीर कौशल। करनवीर कौशल मौजूदा विजय हजारे ट्रॉफी टूर्नामेंट में लगातार रन बना रहे हैं। अपनी बेहतरीन फॉर्म को जारी रखते हुए कौशल ने सिक्किम के खिलाफ दोहरा शतक लगा दिया और सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा। विजय हजारे ट्रॉफी टूर्नामेंट के इतिहास में पहली बार करनवीर ने दोहरा शतक लगाने का कमाल किया इससे पहले ये कमाल और कोई बल्लेबाज नहीं कर पाया था।
135 गेंदों पर 202 रन की पारी खेली कौशल ने:-उत्तराखंड के लिए सिक्किम के खिलाफ ओपनिंग बल्लेबाजी करने उतरे करनवीर ने मैदान पर आते ही अपना तूफानी अंदाज दिखाया। उन्होंने तूफानी पारी खेलते हुए 135 गेंदों पर 202 रन की ताबड़तोड़ पारी खेल दी। इस पारी में उनका स्ट्राइक रेट 149.63 का रहा और उन्होंने 18 चौके और 9 छक्के लगाए। करनवीर ने अपने ओपनिंग पार्टनर विनीत सक्सेना के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 296 रन की बेहद मजबूत साझेदारी की। विनीत ने भी इस मैच में 133 गेंदों पर 100 रन की पारी खेली। करनवीर के दोहरे शतक और विनीत के शतक के दम पर उत्तराखंड ने निर्धारित 50 ओवर में दो विकेट के नुकसान पर 366 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
विजय हजारे ट्रॉफी में करनवीर का तीसरा शतक:-विजय हजारे ट्रॉफी टूर्नामेंट के जरिए करनवीर ने लिस्ट ए मैच में बिहार के खिलाफ अपना डेब्यू किया। अपने पहले मैच में तो वो सिर्फ 13 रन ही बना पाए लेकिन अपने दूसरे ही मैच में उन्होंने पुडुचेरी के खिलाफ लिस्ट ए मैच में अपना पहला शतक जड़ दिया और 101 रन की पारी खेली। उन्होंने मिजोरम के खिलाफ इस टूर्नामेंट का दूसरा शतक लगाते हुए118 रन बनाए और अब उनके बल्ले से 202 रन निकले। अपने सातवें मैच में ही करनवीर ने दोहरा शतक लगा दिया। अब तक विजय हजारे टूर्नामेंट के सात मैचों की बात करें तो उन्होंने इन मैचों में 13,101,0,18*,15,118,202 रन की पारी खेली। करनवीर ऑफ ब्रेक गेंदबाजी भी करते हैं और मणिपुर के खिलाफ उन्होंने 21 रन देकर एक विकेट भी लिया था।
कौन हैं करनवीर कौशल;-27 वर्ष के करनवीर कौशल उत्तराखंड के हैं और यहां की टीम के लिए खेलते हैं। 25 अगस्त 1991 को देहरादून में जन्मे करनवीर दाहिने हाथ के बल्लेबाज हैं और ऑफ ब्रेक गेंदबाजी भी करते हैं। लिस्ट ए क्रिकेट में विजय हजारे ट्रॉफी के जरिए उन्होंने वर्ष 2018-19 सीजन में अपना डेब्यू किया। अपने डेब्यू टूर्नामेंट में ही 202 रन की पारी खेलकर उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में इतिहास रच दिया।

 

 

 

नई दिल्ली। भारत और वेस्टइंडीज के बीच राजकोट में चल रहे पहले टेस्ट के दूसरे दिन विराट कोहली ने कुछ ऐसा किया जो आज से पहले कोई भारतीय नहीं कर पाया। विराट कोहली ने दूसरे दिन नाम केवल अपने टेस्ट करियर का 24वां शतक ठोका बल्कि कई ऐसे रिकॉर्ड्स भी बनाए, जिनकी वजह से वह कई दिग्गज बल्लेबाजों से आगे निकल गए। लेकिन एक ऐसा रिकॉर्ड उन्होंने अपने नाम किया जो उनसे पहले सचिन और गावस्कर जैसे दिग्गज भी नहीं बना पाए।दरअसल विराट ने अपनी 139 रन की शतकीय पारी के दौरान साल 2018 में अपने एक हजार टेस्ट रन पूरे कर लिए। ये लगातार तीसरा मौका है जब विराट ने एक साल में हजार से ज्यादा रन बनाए हो। इससे पहले उन्होंने साल 2016 और 2017 में भी ये कारनामा किया था।इसके अलावा लगातार साल भी एक हजार रन बनाने वाले वह दुनिया के पहले कप्तान बने। इस साल विराट ने 9 टेस्च मैच में करीब 64की औसत से अपने एक हजार रन पूरे किए। इस साल कोहली 4 शतक और 4 अर्धशतक लगा चुके हैं। साल 2017 में कोहली ने 10 टेस्ट मैच में 75 से ज्यादा की औसत से 1059 रन बनाए थे। पिछले साल कोहली ने टेस्ट मैचों में 5 शतक और 1 अर्धशतक लगाया था। वहीं साल 2016 में कोहली के बल्ले से 12 टेस्ट मैच में 76 की औसत से 1215 रन निकले थे। उस साल कोहली ने 4 शतक और 2 अर्धशतक लगाए थे।
भारत में 3000 हजार रन भी किए पूरे;-विराट ने इस पारी में एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया। विराट ने भारत में अपने टेस्ट क्रिकेट के 3 हजार रन पूरे कर लिए हैं। भारत में विराट की 33 टेस्ट मैचों में औसत 65 से ज्यादा की है। अपने घरेलू जमीन पर विराट ने 11 शतक और 10 अर्धशतक लगाए हैं।विराट के नाम अपने देश में 5 दोहरे शतक भी है। इस दौरान उनका बेस्ट स्कोर 243 रन है, जो उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ बनाया था।
सबसे तेज 24 शतक लगाने वाले दूसरे बल्लेबाज:-विराट कोहली सबसे तेज 24 टेस्ट शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में दूसरे स्थान पर आ गए। विराट से आगे केवल ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज न ब्रैडमैन है। विराट ने अपने टेस्ट करियर की 123वीं पारी में 24 शतक लगाए, वहीं ब्रैडमैन ने इसके लिए केवल 66 पारियां ली। तीसरी स्थान पर सचिन तेंदुलकर का नंबर है जिन्होंने 125 पारियों में 24 शतक लगाए थे।

 

नई दिल्ली।सबसे ज्यादा रन बना दिए। भारत ने अपनी पहली पारी 649 रन पर घोषित कर दी। इस मैच की पहली पारी में भारतीय बल्लेबाजों ने वेस्टइंडीज के स्पिनर्स की सबसे ज्यादा पिटाई की। इन स्पिनर्स में देवेंद्र बिशू सबसे ज्यादा पिटे और उन्होंने खूब रन लुटाए। अकेले बिशू ने दिए 217 रन;-मैच की पहली पारी में भारतीय बल्लेबाजों का कहर सबसे ज्यादा बिशू पर ही बरसा। उन्होंने अपनी टीम…
नई दिल्ली। टीम इंडिया में सबकुछ सही नहीं चल रहा है। कई सीनियर खिलाड़ी कप्तान विराट कोहली और टीम प्रबंधन से सहमत नहीं हैं। हाल ही में रोहित शर्मा ने विराट कोहली को इंस्टाग्राम और ट्विटर से अनफॉलो किया था। वहीं एशिया कप के मैन ऑफ द सीरीज शिखर धवन को वेस्टइंडीज के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज से बाहर कर दिया गया।धवन को टीम से हटाने पर सवाल…
नई दिल्ली। भारत और वेस्टइंडीज़ के खिलाफ राजकोट में खेले जा रहे टेस्ट मैच में पृथ्वी शॉ ने पदार्पण किया। अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की पहली पारी में पृथ्वी शॉ शतक जड़कर ये भी दिखा दिया कि इस युवा खिलाड़ी को महज़ 18 साल की उम्र में ही टीम इंडिया में जगह क्यों मिली है। शॉ ने अपने पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में 134 रन की पारी खेली, लेकिन…
नई दिल्ली। भारतीय टीम के ओपनिंग बल्लेबाज़ मुरली विजय ने भी टीम इंडिया के चयनकर्ताओं को लेकर सवाल खड़े किए हैं। मुरली विजय ने कहा कि जब से वो टीम से बाहर हुए हैं तब से उनसे न तो किसी चयनकर्ता ने बात की है और न ही टीम मैनेजमेंट में से किसी ने उनसे संपर्क साधा। मुरली विजय से पहले करुण नायर ने भी कहा था कि उनसे इंग्लैंड…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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