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नई दिल्ली। इंग्लैंड दौरे में बुरी तरह फ्लॉप रहने के बाद विराट कोहली ने कम प्रैक्टिस मैच खेलने का कारण बताते हुए कहा था कि अगर कमजोर टीम के खिलाफ आप अभ्यास मैच खेलते हो तो आपको ज्यादा फायदा नहीं होता है।अब कोहली के इस बयान पर टीम इंडिया के महान बल्लेबाज और इस समय भारत ए और अंडर 19 टीम के कोच राहुल द्रविड़ ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। द्रविड़ ने कहा कि मैं उनकी इस बात से इत्तेफाक नहीं रखता। द्रविड़ का मानना है कि किसी भी विदेशी दौरे से पहले प्रैक्टिस मैच खेलना जरूरी होता है। इससे आपको परिस्थिति में ढलने का मौका मिलता है।द्रविड़ ने कहा कि अगर मैं अपनी बात करूं को मुझे तो सीरीज से पहले अभ्यास मैच खेलने से बहुत फायदा होता था। हो सकता है अब समय बदल गया है और समय के हिसाब से शेड्यूल बदल जाता है लेकिन मैं फिर भी कहूंगा कि अभ्यास मैच खेलना हमेशा ही अच्छा होता है।मौजूदा भारतीय टीम के प्रदर्शन पर द्रविड़ ने कहा कि अभी भी टेस्ट क्रिकेट में भारतीय बल्लेबाजी उतनी मजबूत नहीं है जितनी वनडे और टी-20 क्रिकेट में है। इस महान बल्लेबाज के अनुसार टेस्ट में सफल होने के लिए आपको ज्यादा से ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। भारतीय टीम की बल्लेबाजी की दीवार कहे जाने वाले द्रविड़ ने अपने टेस्ट करियर में 164 टेस्ट मैच में 52 से ज्यादा की औसत से 13288 रन बनाए हैं, इस दौरान उन्होंने 36 शतक और 63 अर्धशतक लगाए। इसके अलावा 344 वनडे में उनके नाम करीब 40 की औसत से 10889 रन हैं, वनडे करियर में उन्होंने 12 शतक और 83 अर्धशतक लगाए हैं।

नई दिल्ली। टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली लगभग हर मैच में रिकॉर्ड बनाते और तोड़ते रहते हैं। वेस्टइंडीज़ के खिलाफ 12 अक्टूबर से खेले जाने वाले दूसरे टेस्ट मैच में कोहली के पास एक मौका है पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज़ रहे इंजमाम-उल-हक के एक रिकॉर्ड की बराबरी करने का। हैदराबाद के मैदान पर कोहली इंजमाम के 25 टेस्ट शतकों के रिकॉर्ड की बराबरी कर सकते हैं। इसी के साथ कोहली की नज़र एक और उपलब्धि पर है।
कोहली करेंगे इंजमाम की बराबरी?:-टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली के इस समय टेस्ट क्रिकेट में 24 शतक हैं। यदि कोहली ने हैदराबाद में होने वाले दूसरे टेस्ट मैच में भी शतक जड़ दिया तो वो इंजमाम के 25 टेस्ट शतक के रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगे। 29 वर्षीय विराट ने अब तक 72 टेस्ट मैच में 24 शतक बनाए हैं। उन्होंने 54.66 के बेहतरीन बल्लेंबाजी औसत से 6286 रन बनाए हैं। दूसरी ओर, इंजमाम ने 120 टेस्ट मैच खेलकर 49.60 के औसत से 8830 रन बनाए थे।
टेस्ट क्रिकेट में सचिन के हैं सबसे ज़्यादा शतक:-टेस्ट क्रिकेट में शतक जड़ने के मामले में कोहली फिलहाल 21वें नंबर पर हैं। वहीं अगर सफेद कपड़ों की क्रिकेट में सबसे ज़्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज़ की बात करें तो वो हैं सचिन तेंदुलकर। मास्टर ब्लास्टर सचिन के बल्ले से क्रिकेट के इस सबसे बड़े फॉर्मेट में सबसे ज्यादा सेंचुरी का विश्व रिकॉर्ड है। सचिन ने टेस्ट मैचों में 51 शतक जड़े हैं। सचिन के नाम 200 टेस्ट मैचों में 53.78 के औसत से 15 हजार 921 रन बनाए हैं। दक्षिण अफ्रीका के जॉक कैलिस ने 166 टस्ट में 45 शतक बनाए हैं और वे इस मामले में दूसरे नंबर पर हैं।ऑस्ट्रेेलिया के रिकी पोंटिंग 168 टेस्ट में 41 शतक के साथ तीसरे, श्रीलंका के कुमार संगकारा 134 टेस्ट में 38 शतक के साथ चौथे और भारत के राहुल द्रविड़ 164 टेस्ट मैच में 36 शतक के साथ पांचवें स्थान पर हैं। पाकिस्तान के यूनुस खान, भारत के सुनील गावस्कर, वेस्टइंडीज के ब्रायन लारा और श्रीलंका के महेला जयवर्धने के नाम टेस्ट मैचों में 34-34 शतक हैं।
क्लीन स्वीप पर कोहली की नज़र:-दो टेस्ट मैच की सीरीज़ का ये आखिरी मैच होगा और टीम इंडिया मौजूदा श्रृंखला का पहला मैच जीत चुकी है। अब कप्तान कोहली की नज़र इंजमाम-उल-हक के रिकॉर्ड की बराबरी के साथ-साथ सीरीज़ में टीम का क्लीन स्वीप करने भी होगी। वैसे आपको बता दें कि वेस्टइंडीज़ की टीम पिछले 16 सालों से भारत में एक भी टेस्ट सीरीज़ नहीं जीत सकी है। इससे भी मजेदार बात ये है कि कैरिबियाई टीम पिछले 24 सालों से भारत में एक अदद टेस्ट मैच जीतने तक के लिए तरस रही है।

नई दिल्ली। पाकिस्तान के लेफ्ट ऑर्म स्पिनर अब्दुर रहमान ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का एलान कर दिया है। हालांकि वो घरेलू क्रिकेट खेलते रहेंगे। 38 वर्षीय इस खिलाड़ी ने 2011 विश्व कप में भी हिस्सा लिया था, हालांकि नॉकआउट मैचों के बाद उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला था। रहमान 2014 से ही पाकिस्तान की टीम का हिस्सा नहीं थे।
भारत के खिलाफ नहीं खेला एक भी टेस्ट और टी-20;-रहमान ने पाकिस्तान के लिए 22 टेस्ट, 31 वनडे और 8 टी-20 मैच खेले, लेकिन मजेदार बात ये है कि उन्होंने टीम इंडिया के खिलाफ न तो एक भी टेस्ट मैच खेला और न ही कोई टी-20। रहमान ने अपने पूरे इंटरनेशनल करियर में भारत के खिलाफ सिर्फ दो वनडे मैच खेले और इन दो वनडे मैचों में उन्होंने तीन भारतीय बल्लेबाज़ों का शिकार किया।
घरेलू क्रिकेट में हैं 900 से ज्यादा विकेट:-भले ही रहमान ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का एलान कर दिया हो, लेकिन वो घरेलू क्रिकेट खेलते रहेंगे। उनके डोमेस्टिक क्रिकेट में तीनों फॉर्मेट में कुल मिलाकर 900 से ज्यादा विकेट हैं।अब्दुर रहमान ने अपना अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू साल 2006 में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे मैच से किया था। वहीं 2007 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने अपना टेस्ट डेब्यू किया था। अपने डेब्यू मैच में उन्होंने 2 बार 4 विकेट लिए थे और इस सीरीज में वो पाकिस्तान की तरफ से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे। हालांकि उसके बाद उन्हें टेस्ट मैच खेलने के लिए 3 साल का इंतजार करना पड़ा था। 2010 में एक बार फिर उनकी टेस्ट टीम में वापसी हुई। उसके बाद 2014 तक वो लगातार टीम का हिस्सा रहे। 2014 में श्रीलंका के खिलाफ सीरीज के बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया था। रहमान ने 2011 विश्व कप में भी हिस्सा लिया था, हालांकि नॉकआउट मैचों के बाद उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला था। रहमान ने 2012 में इंग्लैंड के खिलाफ यूएई में हुए सीरीज में जबरदस्त प्रदर्शन किया था और 19 विकेट चटकाए थे। इसी का नतीजा था कि पाकिस्तान ने उस सीरीज में इंग्लैंड को व्हाइटवॉश कर दिया था।उन्होंने पाकिस्तान के लिए 22 टेस्ट मैच खेले जिसमें 99 विकेट चटकाए, वहीं 31 वनडे मैचों में 30 विकेट उन्होंने लिए। जबकि 8 टी-20 मैचों में उनके नाम 11 विकेट दर्ज हैं। रहमान ने अपना आखिरी टी-20 मैच नवंबर 2013 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला था।अब्दुर रहमान का टेस्ट क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 25 रन देकर 6 विकेट है। जबकि वनडे क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 48 रन देकर 4 विकेट है। टी-20 में उनका बेस्ट प्रदर्शन 7 रन देकर 2 विकेट है।

हैदराबाद। भारत और वेस्टइंडीज़ के बीच खेली जाने वाली वनडे सीरीज़ के लिए गुरुवार को टीम इंडिया का एलान होना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस घरेलू वनडे सीरीज़ में महेंद्र सिंह धौनी की खराब बल्लेबाजी फॉर्म के कारण चयनकर्ता रिषभ पंत को भी टीम में जगह दे सकते हैं। ये भी हो सकता है कि वेस्टइंडीज़ के खिलाफ वनडे सीरीज़ के लिए धौनी का चयन ही न हो।अभी यह तय नहीं है कि टीम का चयन पहले तीन मैचों के लिए किया जाएगा या पूरी श्रृंखला के लिए। सीमित ओवरों के चरण की शुरुआत 21 अक्टूबर से होगी जिसमें पांच एकदिवसीय और तीन टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले जाएंगे।कप्तान विराट कोहली पर काम का बोझ भी अहम मुद्दा है लेकिन इस बात की संभावना कम ही है कि वह पूरी श्रृंखला से आराम लेना चाहेंगे। इसके अलावा धौनी के कवर को लेकर चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन के बीच चर्चा हो सकती है। धौनी की विकेटकीपिंग धारदार है लेकिन उनकी बल्लेबाजी फार्म में गिरावट आई है।
धौनी को न मिले टीम में जगह!:-चयन मामलों की जानकारी रखने वाले बीसीसीआइ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को कहा, ‘हम सभी को पता है कि धौनी विश्व कप तक खेलेगा लेकिन पंत को निखारने में कोई नुकसान नहीं है जो छठे या सातवें नंबर पर शानदार बल्लेबाज हो सकता है, जिसमें मैच को खत्म करने की क्षमता है।’ इस बात से ये भी इशारा मिल रहा है कि धौनी का वनडे सीरीज़ के लिए सेलेक्शन ही न हो और इस सीरीज़ में रिषभ पंत को चुना जाए। क्योंकि ये सीरीज़ वेस्टइंडीज़ के खिलाफ है तो ऐसे में चयनकर्ता ये प्रयोग कर सकते हैं, लेकिन हम सभी जानते हैं कि धौनी विकेट के पीछे काफी तेज़ हैं तो ऐसे में पंत पर भी विकेटकीपिंग में धौनी को मैच करने का दबाव रहेगा। क्योंकि इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज़ में पंत ने अपनी विकेटकीपिंग से सभी को निराश किया था। हालांकि उन्होंने इसके बाद भारत के पूर्व विकेटकीपर सैयद किरमानी से विकेटकीपिंग के कुछ टिप्स भी लिए थे।द ओवल में पहला टेस्ट शतक जड़ने के बाद राजकोट में भी पंत ने 92 रन की पारी खेली जिसके बाद 20 साल के इस विकेटकीपर बल्लेबाज को टीम में शामिल करने की मांग तेज हो रही है। दिनेश कार्तिक टीम का हिस्सा रहे हैं लेकिन उनके प्रदर्शन में निरंतरता की कमी है और अहम मौकों पर वह मैच को फिनिश करने में नाकाम रहे हैं जो टीम प्रबंधन की चिंता का सबब है।चयनकर्ता इसके अलावा कुछ और विकल्पों पर भी विचार कर सकते हैं। केदार जाधव अपनी पैर की मांसपेशियों को लेकर परेशान हैं और सीमित ओवरों के चरण से बाहर हो गए हैं जिससे मध्यक्रम में एक स्थान बना है।एशिया कप में अच्छे प्रदर्शन के बाद अंबाती रायुडू का चुना जाना लगभग तय है, फिर भले ही कोहली खेलने का फैसला करें या नहीं। मौजूदा टेस्ट श्रृंखला से ब्रेक के बाद भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह की वापसी लगभग तय है।

कोलंबो। इंग्लैंड की सीमित ओवरों की टीम के कप्तान इयोन मोर्गन ने कहा है कि अगर उनके बाहर जाने से टीम के अगले साल होने वाले विश्व कप में जीत की संभावनाएं प्रबल होती हैं तो वह अपने आप को टीम से बाहर करने को तैयार हैं।इंग्लैंड का 2015 में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की संयुक्त मेजबानी में खेले गए विश्व कप में प्रदर्शन निराशाजनक रहा था, लेकिन इसके बाद मोर्गन ने टीम में एक नई जान फूंकी है और वो उसे सकरात्मक रास्ते पर ले कर आए हैं और अब इंग्लैंड की टीम एक ऐसी टीम बन गई है जिसे विश्व कप का दावेदार माना जा रहा है।मोर्गन ने इससे पहले भी अपने आप को टेस्ट क्रिकेट से यह कहते हुए बाहर किया था कि वह युवाओं को मौका देना चाहते हैं। मोर्गन ने कहा, 'यह मुश्किल फैसला है, लेकिन हम इस टीम के साथ काफी आगे आए हैं। टीम में जो काबिलियत है उसे देखकर हम अगले विश्व कप या उसके बाद वाले विश्व कप के लिए अपनी टीम को सर्वश्रेष्ठ स्थिति में रखना होगा।'उन्होंने कहा, 'अगर इस रास्ते में लगता है कि मैं टीम में एक कप्तान और एक खिलाड़ी दोनों के तौर पर उपयोगी नहीं हूं तो मैं ईमानदारी से कहूं तो मुझे टीम में नहीं होना चाहिए। मैं ऐसा कहने वाला पहला खिलाड़ी हूं। अगर यह मुश्किल फैसले लेने की बात है तो मैं इसके लिए समर्थ हूं।'बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा, 'अतीत में भी मैंने युवाओं को मौका देने के लिए अपने आप को टीम से बाहर कर लिया था। जब आप एक कप्तान के तौर पर अपने आप को बाहर करते हो तो यह एक उदाहरण पेश करता है कि टीम में किसी की भी जगह पक्की नहीं है।'मोर्गन ने कहा, 'हम 16-17 खिलाड़ियों की एक टीम बनाना चाहते हैं जो विश्व कप जीत सके। यह हमारा लक्ष्य है। यह किसी व्यक्ति विशेष की बात नहीं है कि किसी एक को रन करने हैं या किसी एक को विकेट लेने हैं। यह टीम का संयुक्त प्रयास है जिस पर सभी को चलना होगा।'

 

 

नई दिल्ली। पिछले महीने एशिया कप के एक मुकाबले में भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने कप्तानी की थी। ये मुकाबला सुपर फोर स्टेज में अफगानिस्तान के खिलाफ खेला गया था। बतौर भारतीय कप्तान धौनी का ये 200वां वनडे मैच भी था, लेकिन अब खबरें सामने आ रही हैं कि भारतीय टीम के चयनकर्ता धौनी के कप्तानी करने के खुश नहीं हैं। उन्होंने धौनी के कप्तानी करने पर नाराजगी जाहिर की है।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय टीम के चयनकर्ता धौनी के टीम इंडिया की कमान संभालने के फैसले से खुश नहीं हैं। उन्होंने इस बात पर भी नाराज़गी ज़ाहिर की कि पांच-पांच खिलाड़ियों को एक ही मैच में आराम क्यों दिया गया। बीसीसीआइ से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि जिस तरह से अफगानिस्तान के खिलाफ मैच में भारतीय टीम में इतने ज्यादा बदलाव हुए उससे चयनकर्ता खुश नहीं हैं। रोहित शर्मा और शिखर धवन दोनों को आराम दिया गया और एम एस धौनी को कप्तानी करनी पड़ी।
इस वजह से धौनी ने की कप्तानी;-एशिया कप के सुपर 4 स्टेज में पाकिस्तान और बांग्लादेश के खिलाफ जीत के बाद भारतीय टीम फाइनल में पहुंच चुकी थी। अफगानिस्तान के खिलाफ मैच बस एक औपचारिकता मात्र था, इसलिए टीम से 5 प्रमुख खिलाड़ियों को आराम दिया गया। एशिया कप में भारतीय टीम की कप्तानी करने वाले रोहित शर्मा के साथ-साथ उप कप्तान शिखर धवन, तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्वर कुमार और लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल को इस मैच में आराम दिया गया था। कप्तान रोहित शर्मा और उप कप्तान शिखर धवन के इस मैच में न खेलने की स्थिति में धौनी को टीम की कमान संभालनी पड़ी थी।
2017 में धौनी ने छोड़ी वनडे और टी-20 की कप्तानी:-महेंद्र सिंह धौनी ने जनवरी 2017 में भारतीय टीम की कप्तानी छोड़ दी थी। उनकी जगह विराट कोहली को टीम का कप्तान बनाया गया था। कोहली को एशिया कप के लिए आराम दिया गया था और उनकी जगह रोहित शर्मा को टीम का कप्तान नियुक्त किया गया था। भारतीय टीम ने फाइनल में बांग्लादेश को हराकर एशिया कप का खिताब 7वीं बार जीता था।
टाई रहा था मुकाबला:-ये मैच काफी रोमांचक हुआ था और टाई रहा था। 253 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम को आखिरी गेंद पर जीत के लिए 1 रन चाहिए था और 1 विकेट शेष था, लेकिन रविंद्र जडेजा राशिद खान द्वारा फेंकी गई मैच की आखिरी गेंद को हवा में खेल बैठे और कैच आउट हो गए।

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के तूफानी ओपनर बल्लेबाज एरोन फिंच को 31 वर्ष की उम्र में टेस्ट में पदार्पण करने का मौका मिला। आम तौर पर उम्र के इस पड़ाव पर आने के बाद किसी भी खिलाड़ी का क्रिकेट करियर ढ़लान पर आना शुरू हो जाता है, लेकिन फिंच ने इस उम्र में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया। अपने डेब्यू टेस्ट की पहली पारी में फिंच ने अपने स्वभाव…
मुंबई। एशिया कप अंडर-19 टूर्नामेंट में विजेता बनीं भारतीय टीम के लिए बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में से एक हैं यशस्वी जायसवाल। वह तीन मैचों में 214 रन बनाकर सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बने, जिसमें श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में 85 रनों की पारी भी शामिल हैं। इस टूर्नामेंट में उन्हें मैन ऑफ द सीरीज चुना गया। अंडर-19 टीम तक पहुंचने के लिए यशस्वी ने कई मुश्किलों का…
नई दिल्ली। दो साल बाद टेस्ट में वापसी करने वाले अनुभवी बल्लेबाज मुहम्मद हफीज (126) के शानदार शतक की मदद से पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले मैच के पहले दिन रविवार को अपनी पहली पारी में तीन विकेट पर 255 रन बना लिए।पाकिस्तान ने यहां दुबई इंटरनेशल क्रिकेट स्टेडियम में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। हफीज और इमाम उल हक…
नई दिल्ली। भारत ने राजकोट टेस्ट मैच में वेस्टइंडीज पर भारतीय टेस्ट क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी जीत दर्ज की और मेहमान टीम को एक पारी और 272 रन से हरा दिया। लगभग तीन दिन में ही खत्म हुए इस मुकाबले में वेस्टइंडीज की टीम मैच में एक बार भी भारतीय टीम को टक्कर देती नजर नहीं आई। कैरेबियाई टीम पर बड़ी जीत के साथ-साथ इस मैच में कई कमाल…
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