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नई दिल्ली। एशिया कप में शानदार प्रदर्शन करने वाले जसप्रीत बुमराह ने खिताब जीतने के बाद ना केवल अपनी खुशी जाहिर की बल्कि राजस्थान पुलिस को भी उन्होंने इशारों इशारों में ताना मार दिया।जसप्रीत बुमराह ने ट्वीट करते हुए लिखा कि यह पोस्ट जीत की खुशी के साथ-साथ उन लोगों के लिए ताना भी था जो उनकी कबीलियत पर शक करते हैं। कुछ लोग अपनी क्रिएटिविटी का उपयोग साइनबोर्ड पर करते हैं. उम्मीद है कि यह तस्वीर भी उस काम आएगी। अब इस कैप्शन में साफ देखा जा सकता है कि वह राजस्थान पुलिस को ही ताना मार रहे है।
आखिर बुमराह ने ऐसा किया क्यों?;-दरअसल ये किस्सा है साल 2017 में हुई चैंपियंस ट्रॉफी की। फाइनल में टीम इंडिया को पाकिस्तान ने मात देकर खिताब जीता था। उस मैच में जसप्रीत बुमराह की नो बॉल भारतीय टीम को बहुत भारी पडी थी। पाकिस्तानी पारी के चौथे ओवर की पहली गेंद पर बुमराह ने पाकिस्तानी ओपनर फखर जमां को धोनी के हाथों कैच करा दिया था। धोनी के कैच लपकते ही भारतीय टीम फखर ज़मान के आउट होने जश्न मना ही रही थी कि उसी समय अंपायर ने बुमराह की इस बॉल को नो बॉल करार दे दिया। फखर ने इस मौके का जमकर फायदा उठाते हुए अपने करियर का पहला शतक जड़ दिया और अंत में भारत को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा।6उसके बाद नो बॉल का फोट जयपुर में सड़क सुरक्षा का विज्ञापन बन गया था। जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने इस फोटो को जेबरा लाइन उल्लंघन से जो़ड़कर एक विज्ञापन बना दिया है जो यह संदेश दे रहा है कि लाइन क्रॉस करना आपके लिए काफी महंगा पड सकता है।

नई दिल्ली। बांग्लादेश की क्रिकेट टीम के लिए एक बुरी खबर है। उनका सबसे बड़ा हथियार यानी शाकिब अल हसन कम से कम तीन महीने क्रिकेट नहीं खेल पाएंगे। हाल ही में शाकिब चोट की वजह से एशिया कप के फाइनल में नहीं खेल पाए थे। अब चोट के पास उंगली में संक्रमण बढ़ने की वजह से उनके हाथ की सर्जरी की गई हालांकि अभी उनके एक और सर्जरी होना बाकी है।जब शाकिब बांग्लादेश वापस आ रहे थे तो उनकी उंगली के पास मवाद बढ़ने लग गई थी, जिसकी वजह से उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इसके साथ ही शाकिब ने सोशल मीडिया पर भी एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि मुझे नहीं मालूम था कि मेरी ऐसी स्थिति होगी। बांग्लादेश लौटते ही मुझे असमान्य दर्द हुआ और सूजन की वजह से मेरा तुरंत ऑपरेशन किया गया। चोट की वजह से संक्रमण 60 प्रतिशत पहुंच गया था लेकिव यहां जल्दी पहुंचने की वजह से मेरी स्थिति में सुधार हुआ। लेकिन अभी भी मुझे एक और सर्जरी करनावी पड़ेगी।शाकिब ने कहा कि अगर थोड़ी और देर होती तो मेरी कलाई काम करना बंद कर देती। अब मेरे हाथ से मवाद निकाल दी गई है, जिसके बाद मैं काफी राहत महसूस कर रहा हूं। शाकिब ने बताया कि मपझे ठीक होने में कम से कम 3 महीने लग सकते हैं।शाकिब ने फीजियो पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि चंद्रमोहन उनकी चोट की सही ढंग से पहचान नहीं कर सके। शाकिब ने बताया कि बांग्लादेश बोर्ड के अध्यक्ष ने मुझसे कहा कि मैं खुद फैसला लूं कि मैं एशिया कप में खेलना चाहता हूं या फिर सर्जरी करवाना चाहता हूं। जब मैं फिज़ियो से चोट के बारे में पूछा तो उन्होंने मुझे कहा कि ये चोट गंभीर नहीं है। इस वजह से मैंने दर्द के बावजूद एशिया कप में 4-5 मैच खेले।शाकिब की उंगली इस साल जनवरी में चोटिल हो गई थी और ये चोट एशिया कप के दौरान बढ़ गई। हसन की उंगली में चोट के कारण उन्हें एशिया कप बीच में छोड़कर स्वदेश रवाना होना पड़ा। शाकिब का एशिया कप में खेलना संदिग्ध था क्योंकि वह उंगली का ऑपरेशन करवाना चाहते थे लेकिन बोर्ड उन्हें एशिया कप की टीम में चाहता था।

 

नई दिल्ली। वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम का चयन हो चुका है। इस टीम में पहली बार कर्नाटक के ओपनर मयंक अग्रवाल को शामिल किया गया है, वहीं हैदराबाद के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज भी पहली बार टेस्ट टीम में शामिल हुए लेकिन एक खिलाड़ी को फिर से नजरअंदाज किया गया। इस खिलाड़ी का नाम है रोहित शर्मा।एशिया कप में शानदार कप्तानी के साथ बल्लेबाजी में भी कमाल करने वाले रोहित को अभी टेस्ट टीम में वापसी के लिए और इंतजार करना होगा।रोहित शर्मा के चयन पर भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने भी हैरानी जताते ट्वीट किया और कहा कि रोहित और टीम की शानदार जीत, रोहित तुम विशिष्ट हो लेकिन हर बार टेस्ट टीम में तुम्हारा नाम नहीं पाकर अचंभित हो जाता हूं। लेकिन ये भी अब बहुत दूर नहीं है।सीमित ओवर की क्रिकेट में भारतीय टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में से एक रोहित का टेस्ट करियर अब तक फीका ही रहा है। रोहित ने साल 2013 में ही वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने टेस्ट करियर का आगाज किया था लेकिन उसके बाद वह केवल 25 टेस्ट ही खेल पाए। इसी साल साउथ अफ्रीका दौरे पर उन्हें सफेद जर्सी में मौका मिला लेकिन वह फ्लॉप रहे, जिसके बाद उन्हें इंग्लैंड दौरे से भी बाहर कर दिया गया था।वेस्टइंडीज के खिलाफ चुनी गई टीम में इंग्लैंड की धरती पर खेली गई टेस्ट सीरीज के दौरान खराब बल्लेबाजी करने वाले ओपनर बल्लेबाज मुरली विजय व शिखर धवन को टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। वहीं चोटिल इशांत शर्मा टेस्ट टीम का हिस्सा नहीं बन पाए। टीम के ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या भी अपनी जगह बनाने में कामयाब नहीं हो पाए। इंग्लैंड में पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के दौरान पांड्या ने भी निराश किया था।
वेस्टइंडीज के खिलाफ भारतीय टेस्ट टीम- विराट कोहली (कप्तान), लोकेश राहुल, पृथ्वी शॉ, मयंक अग्रवाल, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे (उप-कप्तान), हनुमा विहारी, रिषभ पंत (विकेटकीपर), आर. अश्विन, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मो. शमी, उमेश यादव, मो. सिराज, शर्दुल ठाकुर।

 

 

 

नई दिल्ली। एक वर्ष से भी ज्यादा वक्त से भारतीय वनडे टीम से बाहर रहने के बाद रवींद्र जडेजा की एशिया कप के दौरान टीम में वापसी हुई। अपनी वापसी को सही साबित करते हुए जडेजा ने एशिया कप के दौरान जता दिया कि वो टीम के लिए कितने उपयोगी खिलाड़ी हैं। एशिया कप के लिए टीम के कप्तान बनाए गए रोहित शर्मा ने कहा कि जडेजा ने टीम में मजबूत वापसी की और मिले मौके का भरपूर फायदा उठाया। जडेजा ने एशिया कप में खुद को साबित किया और दिखा दिया कि वो पहले से ज्यादा बेहतर खिलाड़ी बन चुके हैं। उनकी गेंदबाजी, बल्लेबाजी और फील्डिंग सबकुछ टीम के लिए काफी उपयोगी है। एशिया कप के दौरान जडेजा की भारतीय वनडे टीम में सुपर चार के मुकाबले में बांग्लादेश के खिलाफ वापसी हुई। इस मैच में उन्होंने काफी प्रभावशाली गेंदबाजी की और 10 ओवर में 29 रन देकर 4 विकेट लिए। उनकी घातक गेंदबाजी ने भारतीय टीम की जीत में बड़ी भूमिका निभाई थी। जडेजा ने एशिया कप में वापसी से पहले छह जुलाई 2017 को सबीना पार्क में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना आखिरी वनडे मैच खेला था। इस मैच के 442 दिनों के बाद उनकी वनडे टीम में वापसी हुई। उजले गेंद के क्रिकेट में वापसी करने के बाद जडेजा ने कहा कि वो खुद को साबित करना चाहते थे। रवींद्र जडेजा ने कहा कि मैं वनडे क्रिकेट से लगभग 15 महीनों तक दूर रहा। मैं वनडे क्रिकेट खेलना चाहता था साथ ही खुद को साबित करते हुए अपने खेल में और सुधार लाना चाहता हूं।

नई दिल्ली। एशिया कप के फाइनल में भारतीय बल्लेबाज केदार जाधव ने बांग्लादेश के खिलाफ चोटिल होने के बावजूद अपना संयम नहीं खोया और टीम इंडिया को जीत दिला कर ही दम लिया। केदार की हालात इतनी खराब थी कि एक बार तो वह रिटायर्ट हर्ट होकर मैदान से बाहर चले गए थे लेकिन रवींद्र जडेजा का आउट होने के बाद उन्होंने फिर से टीम इंडिया को जिताने का जिम्मा उठाया।फाइनल में बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 223 रन का लक्ष्य भारत के सामने रखा। भारतीय बल्लेबाज जब इस टारगेट को हासिल करने के लिए मैदान पर आए तो सभी को लगा कि भारत आसानी से इसे हासिल कर लेगा लेकिन बांग्लादेशी खिलाड़ियों ने गजब का जज्बा दिखाया और मैच आखिरी गेंद तक खींचा। आखिरी ओवर में भारत को जीत के लिए 6 रन की जरुरत थी और क्रीज पर मौजूद थे केदार जाधव और कुलदीप यादव।फाइनल ओवर के बारे में जाधव ने बताया कि आखिरी ओवर में जब हमे 6 रन चाहिए तो बांग्लादेश के कप्तान को लगा कि बड़े शॉट यानी चौके या छक्के लगाने की कोशिश करेंगे इसी वजह से उन्होंने सारे फील्डर बांउड्री पर लगा दिए।हमें भी पता कि 30 गज के एरिया में ज्यादा खिलाड़ी नहीं है इसलिए हमने सिंगल और डबल्स से मैच अपने नाम कर लिया। जाधव ने ये भी माना कि जिस तरह दूसरे छोर पर कुलदीप ने बल्लेबाजी की, उससे भी मुझे काफी आत्मविश्वास मिला। केदार ने फाइनल में 27 गेंद पर 1 चौके और 1 छक्के की मदद से नाबाद 23 रन बनाए।
गेंदबाजी में भी केदार का जादू;-गेंदबाजी में केदार जाधव का जादू देखने को मिला। केदार ने ना केवल बांग्लादेश को बड़ा स्कोर बनाने से रोका बल्कि उसकी पारी ढहाने में भी अहम योगदान दिया।एक वक्त बांग्लादेश 20 ओवर में बिना कोई विकेट खोए 120 रन बना चुका था, भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने अपने सभी मुख्य हथियार यानी भुवी, बुमराह, जडेजा, कुलदीप और चहल को गेंद थमाई लेकिन वह विकेट लेने में नाकाम साबित हुए।अब इन गेंदबाजों के विकेट ना लेने के बाद रोहित के पास ही चारा बचता था और वह थे केदार जाधव, टीम इंडिया में जोड़ी ब्रेकर के नाम से मशहूर केदार ने अपनी कप्तान को निराश नहीं किया और अपने स्पैल की शुरुआत में ही उन्होंने मेहदी हसन को पवेलियन भेज अपनी टीम को पहली सफलता दिलाई। यही नहीं इसके बाद जाधव ने बांग्लादेश का सबसे बड़ा हथियार को भी फुस कर दिया।इस गेंदबाज ने टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में चल मुश्फिकुर रहीम को भी बुमराह के हाथों कैच आउट करवा बांग्लादेश को सबसे बड़ा झटका दिया। इस मैच में केदार ने 9 ओवर की गेंदबाजी में 41 रन देकर 2 विकेट झटके।

नई दिल्ली। एशिया कप 2018 में भारतीय ओपनर शिखर धवन का बल्ले से खूब आग निकली। टीम इंडिया को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले शिखर धवन ने इस टूर्नामेंट में 5 मैच खेलकर 68.40 की औसत से 342 रन बनाए हैं। इस दौरान टीम इंडिया के इस गब्बर ने 2 शतक भी जड़े।मैन ऑफ द टूर्नामेंट बनने के बाद शिखर धवन ने कहा कि इस टूर्नामेंट में उन्होंने अपनी बल्लेबाजी का खूब आनंद उठाया। धवन ने कहा कि सच में ये टूर्नामेंट मेरे लिए शानदार रहा। यहां तक की फाइनल मुकाबले का भी सभी ने लुत्फ उठाया। इस सीरीज में मेरी बल्लेबाजी अच्छी रही, आगे भी मैं इसे कायम रख पाउंगा। धवन ने कहा कि इंग्लैंड दौरे ने मुझे परिपक्व बनाने में काफी मदद की। मैंने इस टूर्नामेंट में काफी संतुलित तरीके से बल्लेबाजी की। वहीं इस काम में रोहित शर्मा ने भी मेरी काफी मदद की। दूसरे छोर पर वह भी लगातार अच्छा खेल रहे थे, जिससे मुझे काफी मदद मिली। शिखर ने रोहित के साथ तालमेल पर कहा कि कभी वह आक्रामक होकर खेलते हैं तो कभी मैं ये रोल निभा लेता हूं। मेरे साथ रोहित ने भी एशिया कप में जबरदस्त प्रदर्शन किया।शिखर धवन- मैन ऑफ द टूर्नामेंट रहे शिखर धवन ने 5 मैच में करीब 69 की औसत से 342 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 2 शतक भी लगाए। इस टूर्नामेंट में उनका सर्वाधिक स्कोर 127 रन रहा।रोहित शर्मा- इस टूर्नामेंट में टीम इंडिया की कप्तानी कर रहे रोहित ने 5 मैच में 106 की बेहतरीन औसत से 317 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 1 शतक लगाया। इस प्रतियोगिता में उनका बेस्ट स्कोर रहा 111 रन।

नई दिल्ली। एशिया कप 2018 में केदार जाधव ने ना केवल बल्ले से अहम भूमिका निभाई बल्कि गेंदबाजी में भी टीम इंडिया की जीत में अहम योगदान दिया। फाइनल मुकाबले में भी केदार ने पहले गेंद से बांग्लादेश के दो महत्वपूर्ण विकेट लिए और उसके बाद चोटिल होने के बावजूद एक धैर्यपूर्ण पारी खेलते टीम इंडिया को एक रोमांचक जीत दिलाई।अब केदार ने टीम इंडिया को तो जैसे तैसे जीत…
नई दिल्ली। अब तक भारतीय क्रिकेट इतिहास में महेंद्र सिंह धौनी को कैप्टन कूल के नाम से जाना जाता है लेकिन अब एशिया कप में भारत को खिताब जिताने के बाद रोहित शर्मा की हर जगह तारीफ हो रही है। फैंस और कई क्रिकेट दिग्गज क्रिकेटरों का कहना है कि जिस तरह रोहित दवाब की परिस्थिति में भी एक दम शांत रहे वह सच में काबिलेतारीफ है।यही नहीं फाइनल में…
मुंबई। वेस्टइंडीज में होने वाले आइसीसी महिला वर्ल्ड टी-20 टूर्नामेंट के लिए भारतीय महिला क्रिकेट टीम की घोषणा कर दी गई है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) ने एक ट्वीट के जरिए इसकी जानकारी दी।अखिल भारतीय महिला चयन समिति ने 15 सदस्यीय टीम की घोषणा की है, जिसका नेतृत्व हरमनप्रीत कौर करेंगी और स्मृति मंधाना उनके साथ उप-कप्तान के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगी।आइसीसी महिला वर्ल्ड टी-20 टूर्नामेंट के छठे संस्करण…
नई दिल्ली। साउथ अफ्रीका के स्टार तेज गेंदबाज डेल स्टेन को लगभग दो साल बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए चुना गया है। टीम में वापसी करने के बाद स्टेन ने कहा कि कि अभी वह साल 2019 में होने वाले वर्ल्डकप में खेलने की इच्छा रखते हैं। इस तूफानी गेंदबाज ने कहा कि चुनौती लेना मेरे लिए अच्छी बात रहेगी। मुझे लगता है कि लुंगी और रबाडा…
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