खेल

खेल (1950)

नई दिल्ली। सचिन तेंदुलकर ने जब वनडे क्रिकेट खेलना छोड़ा था तब वो इस प्रारूप में सबसे टॉप पर थे। वनडे में 49 शतक, सबसे ज्यादा मैच, सबसे ज्यादा रन और ना जाने कितने रिकॉर्ड्स। वनडे में सचिन ने जो उपलब्धियां हासिल की थी वो अपने आप में कमाल था। अब वनडे में विराट कोहली शतक के मामले में सचिन की बराबरी करने से सिर्फ 6 शतक ही पीछे हैं। वनडे में विराट का रिकॉर्ड भी जबरदस्त है और कई मामलों में वो सचिन से भी आगे निकल चुके हैं।वहीं बात रोहित शर्मा के बारे में की जाए तो उजले गेंद के क्रिकेट में उनका अपना अलग ही जलवा है। तीन-तीन दोहरे शतक। वनडे का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर भी उन्हीं के नाम पर है। एक वर्ल्ड कप में 5 शतक लगाने का कमाल भी रोहित ने ही किया था और उनके नाम पर 29 शतक दर्ज हैं जबकि वो 10,000 रन के करीब भी पहुंच चुके हैं। यानी सचिन, विराट व रोहित तीनों ही कमाल के हैं और इन तीनों का एक अलग मुकाम है और तीनों ही भारत के महान खिलाड़ियों में शुमार होते हैं।वहीं टीम इंडिया के पूर्व ओपनर बल्लेबाज वसीम जाफर से जब पूछा गया कि सफेद गेंद के क्रिकेट में भारत में सचिन, रोहित व विराट में से कौन बेस्ट है तो उन्होंने टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली का चयन किया। वहीं भारत के लिए 31 टेस्ट खेलने वाले वसीम जाफर से फेवरेट कप्तान को लेकर भी सवाल पूछा गया तो उन्होंने सौरव गांगुली को अपने पसंदीदा कप्तान बताया। उन्होंने कहा कि गांगुली ने साल 2000 के बाद टीम इंडिया को खड़ा किया। जाफर ने कहा कि गांगुली की पहचान ऐसे कप्तान के तौर पर होती थी जो खिलाड़ियों का साथ देते थे और उन्हें खुद को साबित करने का भरपूर मौका भी देते थे।वसीम जाफऱ ने कहा कि सौरव गांगुली ने वीरेंद्र सहवाग को ओपनिंग का मौका दिया और फिर सहवाग किसी पहचान के मोहताज नहीं रहे। उन्होंने युवराज सिंह, जहीर खान और हरभजन सिंह जैसे खिलाड़ियो को मौका दिया और टीम में लेकर भी आए। ये सभी खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट टीम के अहम खिलाड़ी बने।

नई दिल्ली। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान इंजमाम उल हक ने भारतीय कप्तान विराट कोहली और पाकिस्तानी कप्तान बाबर आजम की तुलना करने पर अपनी राय दी है। इंजामाम ने बताया आज विराट जिस जगह हैं वहां पहुंचने में बाबर को वक्त लगेगा लेकिन अब उन्होंने जैसा खेल दिखाया वो काबिल ए तारीफ है।पिछले कुछ सालों में पाकिस्तान के बाबर आजम ने काफी अच्छा खेल दिखाया है। इंजमाम के पाकिस्तान के कोच रहते बाबर ने टीम में जगह बनाई थी। उन्होंने बताया की शुरुआत में वह इतनी अच्छी बल्लेबाजी नहीं करते थे लेकिन उनकी प्रतिभा को देखते हुए बाबर को खेलते रहने का मौका दिया गया। पूर्व पाकिस्तानी ओपनर आमिर सोहेल ने भी बाबर और कोहली की तुलना नहीं होनी चाहिए। कोहली ने जो हासिल किया है बाबर को 5 साल लगेंगे वो हासिल करने के लिए।इस वक्त टी20 रैंकिंग में बाबर नंबर एक बल्लबाज हैं जबकि वनडे में विराट कोहली नंबर एक बल्लेबाज हैं। विराट ने अब तक तीनों ही फॉर्मेट में दुनिया के हर कोने में अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया है। बाबर को भी लोग कोहली जैसा बल्लेबाज मानते हैं। इंजमाम ने बताया कि दोनों के बीच तुलना कहना सही नहीं।
पूर्व मुख्य चयनकर्ता बोले, मैंने नेट्स में सुनील गावस्कर जैसा खराब बल्लेबाज कभी नहीं देखा:-इंजमाम ने एक टीवी चैनल पर कहा, "बाबर शुरुआती दिनों में टेस्ट क्रिकेट में संघर्ष करते थे लेकिन हमने उनकी क्षमता पर कभी भी शक नहीं किया। यही वजह थी कि हमने उनके साथ बने रहने का फैसला लिया और देखिए आज वह हर फॉ़र्मेट में किस जगह पर खड़े हैं।""बाबर की तुलना हमेशा ही विराट कोहली के साथ होती है लेकिन उन्होंने कहीं ज्यादा क्रिकेट खेला है और अगर आप उनके आंकड़े को देखेंगे और जैसा प्रदर्शन अब तक बाबर ने इस स्तर पर किया है वह इतना भी बुरा नहीं है।"

नई दिल्ली। वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली जाने वाली तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले के लिए इंग्लैंड के टीम की घोषणा कर दी गई है। बेन स्टोक्स के हाथों में पहले टेस्ट मैच में टीम की कमान होगी। लंबे समय बाद टीम संभावित टेस्ट टीम में जगह बनाने वाले मोइन अली को 13 सदस्यीय टीम में जगह नहीं दी गई है। डॉमनिक बेस को बतौर स्पिनर टीम में जगह दी गई है। विकेटकीपर जॉनी बेयरस्टो भी टीम में जगह बनाने से चूक गए हैं।इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच 8 जुलाई से 3 टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला साउथैप्टन के रोज बाउल में खेला जाना है। इस मैच के लिए 13 सदस्यीय टीम की घोषणा शनिवार को की गई। इंग्लैंड एंव वेल्स क्रिकेट ने बेन स्टोक्स की कप्तानी वाली टीम की घोषणा करते हुए पहले मैच के आगाज की घोषणा भी कर दी।कोरोना वायरस संक्रमण फैलने की वजह से क्रिकेट पर ब्रेक लग रहा था। इस सीरीज के इंटरनेशनल क्रिकेट की वापसी होने जा रही है। शनिवार को पहले टेस्ट के लिए इंग्लैंड की टीम की घोषणा की गई। नियमित कप्तान जो रूट निजी कारणों से इस मैच में नहीं खेलेंगे। ऑलराउंडर बेन स्टोक्स उनकी जगह कप्तानी करेंगे तेज गेंदबाजी आक्रमण में अनुभवी जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड की जोड़ी एक बार फिर से नजर आने वाली है। वहीं मार्क वुड को भी 13 सदस्यीय टीम में शामिल किया गया है। स्पिन गेंदबाज के तौर पर डॉमनिक बेस को चुना गया है जबकि ऑलराउंडर के तौर पर क्रिस वोक्स और ओली पोप टीम में हैं।
पहले टेस्ट के लिए इंग्लैंड की 13 सदस्यीय टीम:-बेन स्टोक्स (कप्तान), जेम्स एंडरसन, जोफ्रा आर्चर, डॉमनिक बेस, स्टुअर्ट ब्रॉड, रोरी बर्न्स, जोस बटलर, जैक क्रॉवल, जो डेनली, ओली पोप, डॉम सिबले, क्रिस वोक्स और मार्क वुड

नई दिल्ली। सचिन तेंदुलकर ने ना जाने कितने रिकॉर्ड्स अपने नाम कर रखे हैं। अपने इंटरनेशनल क्रिकेट करियर के दौरान सचिन तेंदुलकर ने जिस तरह की कामयाबी हासिल की वो सपना सरीखा ही किसी अन्य क्रिकेटर के लिए है। टेस्ट हो या फिर वनडे दोनों ही प्रारूप में सचिन के रिकॉर्ड्स उनकी सफलता की कहानी कहते हैं। 24 साल तक वो इंटरनेशनल क्रिकेट खेलते रहे और इस दौरान उन्होंने सबसे ज्यादा टेस्ट मैच व सबसे ज्यादा वनडे मैच खेलने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।इंटरनेशनल सर्किट पर सबसे ज्यादा टेस्ट और सबसे ज्यादा वनडे मैच खेलने वाले सचिन तेंदुलकर अपने घर में सबसे ज्यादा टेस्ट मैच खेलने के मामले में दुनिया के नंबर एक बल्लेबाज हैं। सचिन ने कुल 200 टेस्ट मैच खेले थे और इनमें से उन्होंने 94 टेस्ट मैच अपनी धरती यानी भारत में ही खेले थे। अपनी धरती पर सचिन से ज्यादा टेस्ट मैच इंटरनेशनल स्तर पर किसी भी अन्य खिलाड़ी ने नहीं खेला था। हालांकि इस मामले में 92 टेस्ट खेलकर रिकी पोंटिंग उनसे ठीक पीछे हैं।
अपने घर में सबसे ज्यादा टेस्ट मैच खेलने वाले दुनिया के टॉप 5 बल्लेबाज
सचिन तेंदुलकर - 94 टेस्ट
रिकी पोंटिंग - 92 टेस्ट
एलिएस्टर कुक - 89 टेस्ट
स्टीव वॉ - 89 टेस्ट
जैक्स कैलिस - 88 टेस्ट
टेस्ट क्रिकेट में जहां सचिन अपने देश में सबसे ज्यादा मैच खेलने के मामले में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी हैं तो वहीं वनडे क्रिकेट में वो जरा सा पीछे रह गए और दूसरे नंबर पर हैं। अपने घर में सबसे ज्यादा वनडे मैच खेलने वाले खिलाड़ी एलेन बॉर्डर थे जिन्होंने कुल 177 मुकाबले अपने देश में खेले थे। वहीं सचिन तेंदुलकर ने 164 वनडे मैच भारतीय धरती पर खेले थे और इस मामले में दूसरे नंबर पर हैं। वहीं रिकी पोंटिंग 153 मैच के साथ तीसरे स्थान पर हैं।
अपने घर में सबसे ज्यादा वनडे मैच खेलने वाले टॉप 5 बल्लेबाज
एलेन बॉर्डर - 177 वनडे
सचिन तेंदुलकर - 164 वनडे
रिकी पोंटिंग - 153 वनडे
स्टीव वॉ - 153 वनडे
महेला जयवर्धने - 151 वनडे

कोलंबो। श्रीलंका के पूर्व खेल मंत्री महिंदानंदा अलुथगामगे ने आरोप लगाए थे कि 2011 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल मैच फिक्स था। इसके बाद श्रीलंका के मौजूदा खेल मंत्री ने इसकी जांच शुरू करवा दी थी, लेकिन अब श्रीलंकाई पुलिस ने साफ कर दिया है कि वर्ल्ड कप फाइनल मैच की फिक्सिंग को लेकर जांच आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। पुलिस का कहना है कि सबूतों की कमी की वजह से इस जांच को बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई सबूत उन्हें नहीं मिला जिसके आधार पर ये कहा जा सके या फिर जो ये साबित करता हो कि श्रीलंका के खिलाड़ियों ने भारत को जीत दिलाने में मदद की थी।आपको बता दें कि इस मामले की जांच को लेकर श्रीलंका के कई पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों से पूछताछ की गई थी जिसमें टीम के पूर्व कप्तान अरविंद डी सिल्वा, उपुल थरंगा और 2011 वर्ल्ड कप में टीम की कप्तानी करने वाले कुमार संगकारा शामिल थे। इन खिलाड़ियों से पुलिस ने कई-कई घंटों तक पूछताछ की और इसके आधार पर ही पुलिस ने अपना ये बयान जारी किया। इससे पहले श्रीलंका के पूर्व खेल मंत्री ने आरोप लगाए थे कि 2 अप्रैल 2011 को भारत व श्रीलंका के बीच खेला गया फाइनल मैच फिक्स था। हालांकि इसे लेकर उन्होंने कोई ठोस सबूत नहीं दिए थे। पूर्व खेल मंत्री की तरफ से लगाए गए इस आरोप के बाद ही विशेष जांच समिति ने पूर्व कप्तान अरविंद डिसिल्वा व उस मैच में पारी की शुरुआत करने वाले पूर्व ओपनर बल्लेबाज उपुल थरंगा के बयान भी पुलिस ने लिए थे। अरविंद उस वक्त टीम के चयन समिति के अध्यक्ष थे। विशेष जांच समिति ने इसके पूर्व अलुथगामगे का बयान भी दर्ज किया था और उन्होंने इससे संबंधित रिपोर्ट भी जांच समिति को सौंपी थी। पूर्व खेल मंत्री चाहते थे कि इसकी विस्तार में जांच हो। इस जांच के मद्देनजर टीम के पूर्व कप्तान कुमार संगकारा से पुलिस ने गुरुवार को 10 घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ की थी। आपको बता दें कि भारत ने इस वर्ल्ड कप के फाइनल में श्रीलंका को हराकर एम एस धौनी की कप्तानी में 28 साल के बाद दूसरी बार वनडे विश्व कप का खिताब जीता था।

नई दिल्ली। भारतीय स्पिनर कुलदीप यादव ने काफी कम वक्त में टीम इंडिया में अपनी जगह पक्की कर ली, लेकिन वो सबसे ज्यादा सफल तब रहे थे जब विकेट के पीछे MS Dhoni खड़े रहते थे। अब Dhoni लगभग एक साल से टीम इंडिया से दूर हैं ऐसे में कुपदीप को उनकी याद सताने लगी है। कुलदीप ने धौनी से मैदान पर काफी बारीकियां सीखी हैं और उनका ये मानना है कि विकेट के पीछे धौनी जैसे खिलाड़ी के रहने से उनके जैसे गेंदबाजों को काफी मदद मिलती थी।कुलदीप यादव ने कहा कि अब मैदान पर उन्हें धौनी की कमी महसूस होती है जो विकेट के पीछे काफी मददगार साबित होते थे। ईएसपीएन क्रिकइन्फो के एक कार्यक्रम में दीप दासगुप्ता से बात करते हुए उन्होंने बताया कि करियर के शुरुआती दिनों में मैं पिच के मिजाज के नहीं पढ़ पाता था। मैंने धौनी के साथ खेलते हुए ही पिच को पहचानना सीखा। वो बताते थे कि गेंद को कहां पिच करानी है जिससे कि स्पिन मिले और फिल्डिंग सेट करने में तो वो माहिर हैं। उन्हें ये पहले से ही पता होता था कि सामने वाला बल्लेबाज कहां पर शॉट खेल सकता है और फिल्डिंग भी उसी हिसाब से सेट करते थे। उनकी वजह में मुझे ज्यादा आत्मविश्वास के साथ गेंदबाजी करने में मदद मिली।इसके अलावा कुलदीप यादव ने बताया कि स्टीव स्मिथ और एबी डिविलियर्स दो ऐसे बल्लेबाज हैं जिनके सामने गेंदबाजी करना सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण है। इन दोनों बल्लेबाजों में अलग तरह की क्षमता है। एक तरफ जहां स्मिथ बैकफुट पर खेलते हैं और काफी देर से शॉट लगाते हैं जिकी वजह से उन्हें गेंदबाजी करना मुश्किल होता है तो वहीं एबी का अंदाज ही अलग है। हालांकि एबी अब इंटरनेशनल करियर को अलविदा कह चुके हैं। इन दोनों के अलावा और किसी अन्य बल्लेबाज से मुझे डर नहीं लगता है।वहीं अपने खराब प्रदर्शन के बारे में कुलदीप ने कहा कि टीम में लगातार नहीं खेल पाने की वजह से उनके प्रदर्शन पर फर्क पड़ा। उन्होंने बताया कि वनडे वर्ल्ड कप 2019 के लिए मैंने काफी अच्छी तैयारी की थी और उस टूर्नामेंट में अच्छी गेंदबाजी भी की। मैं पिछले साल आइपीएल में अपने खराब प्रदर्शन से उबरना चाहता था। वर्ल्ड कप के बाद में टीम से अंदर-बाहर होता रहा और इसकी वजह से मुझ पर दवाब आया। लगातार नहीं खेलने की वजह से मेरे आत्मविश्वास में भी कमी आई जिसका असर प्रदर्शन पर भी पड़ा।

नई दिल्ली। सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग दोनों अलग मिजाज के बल्लेबाज थे। सहवाग जहां अपने तूफानी अंदाज के लिए जाने जाते थे तो वहीं सचिन वक्त के मुताबिक अपनी बल्लेबाजी को गति देने में विश्वास रखते थे। ये दोनों ही खिलाड़ी बल्लेबाज के तौर पर काफी सफल रहे और जब तक खेलते रहे भारतीय क्रिकेट फैंस का जमकर मनोरंजन किया। हालांकि अगर बात सचिन और सहवाग की बल्लेबाजी की…
नई दिल्ली। टी20 विश्व कप 2020 के आयोजन को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है और आइसीसी ने इस पर अब तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया है। कोविड-19 महामारी के बीच इस बड़े टूर्नामेंट का आयोजन किस प्रकार से किया जाएगा ये काफी कठिन चुनौती है। अब ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज माइकल हसी ने टी20 वर्ल्ड कप की मेजबानी को लेकर अपनी चिंता जाहिर की और…
नई दिल्ली। इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड इस वक्त को क्रिस गेल के नाम पर है जबकि इस मामले में दूसरे स्थान पर शाहिद अफरीदी काबिज हैं। वहीं भारतीय ओपनर बल्लेबाज रोहित शर्मा सबसे ज्यादा छक्के लगाने के मामले में तीसरे स्थान पर काबिज हैं। वैसे रोहित भारत की तरफ से इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज हैं। बेशक इंटरनेशनल क्रिकेट में रोहित…
नई दिल्ली। पीयूष चावला उन भाग्यशाली खिलाड़ियों में शामिल हैं जो 2007 और 2011 विश्व विजेता भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा थे, लेकिन उन्होंने सिर्फ 35 इंटनेशनल मैच ही खेले। पीयूष उस युवा टीम के सदस्य थे जिन्होंने MS Dhoni की कप्तानी में पहला टी20 वर्ल्ड कप जीता था। हालांकि वो टीम का हिस्सा जरूर थे, लेकिन किसी भी मैच में उन्हें अंतिम 11 में जगह नहीं मिल पाई थी…
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