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खेल (198)

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के ओपनर बल्लेबाज रोहित शर्मा ने पहली बार बताया कि, उनके क्रिकेट करियर का सबसे बुरा लम्हा कौन सा था। हिटमैन का मानना है कि, 2011 वनडे वर्ल्ड कप के लिए जब उन्हें भारतीय टीम में नहीं चुना गया तो ये उनके करियर का सबसे बुरा वक्त था। इस बात के लिए रोहित शर्मा ने किसी को भी दोषी नहीं ठहराया और कहा कि, शायद उस वर्ल्ड कप से पहले उनका प्रदर्शन ज्यादा अच्छा नहीं था और इसकी वजह से ही वो उस टीम का हिस्सा नहीं बन पाए थे।हालांकि रोहित शर्मा को साल 2007 में टी20 वर्ल्ड कप टीम में खेलने का मौका मिला था और उनका प्रदर्शन भी ठीक था। भारत ने उस साल खिताब भी जीता था, लेकिन इसके बाद रोहित शर्मा ज्यादा अच्छा खेल नहीं दिखा पाए थे और इसकी वजह से ही उन्हें वनडे वर्ल्ड कप 2011 के लिए टीम इंडिया में जगह नहीं मिली थी। दिनेश कार्तिक को दिए इंटरव्यू में उस वक्त को याद करते हुए रोहित शर्मा ने कहा कि, वो उस टीम का हिस्सा बनना चाहते थे और भारत की जीत में अपनी भागीदारी भी निभाना चाहते थे। रोहित ने कहा कि, ये  सबसे बुरा वक्त था। उस समय मैं टीम में जगह बनाने के लिए बेकरार था और टीम के लिए प्रदर्शन करना चाहता था। आप जानते हैं कि आप अपने घरेलू मैदान पर खेल रहे होंगे। मुझे पता था कि हमारे पास वर्ल्ड कप जीतने का बेस्ट मौका था। मैं उसका हिस्सा बनकर अंतर पैदा करना चाहता था। कहीं न कहीं मैं इसके लिए खुद को जिम्मेदार मानता हूं। मैं किसी को इसके लिए दोषी नहीं ठहराना चाहता। वर्ल्ड कप से कुछ समय पहले मेरा प्रदर्शन शायद इतना अच्छा नहीं था कि मुझे उस मेगा इवेंट के लिए टीम में जगह दी जाती। उन्होंने कहा कि, हर कोई वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा बनना चाहता है लेकिन एक तरह से मेरे लिए यह अच्छा ही रहा। मैं एक अलग खिलाड़ी बनकर निकला और मुझे अपनी बल्लेबाजी को बेहतर तरीके से समझने का मौका मिला। मैं ये जान सका कि यहां से आगे मुझे क्या करना है और मैंने सब कुछ बदला। इसके बाद मैंने अपना माइंटसेट और अपनी तकनीक में भी सुधार किया। हालांकि मेरी बैटिंग पोजीशन लगातार बदल रही थी और मैं इसके हिसाब से खुद को नहीं ढ़ाल पा रहा था। इसकी वजह से मैं थोड़ा पिछड़ गया क्योंकि आपको अपने डाउन की वजह से खेल में बदलाव करने होते हैं। 

लंदन। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ओली रोबिन्सन ने भारतीय कप्तान विराट कोहली के विकेट को करियर का बेशकीमती विकेट बताया। साथ ही कहा कि उनके खिलाफ चौथी-पांचवीं स्टंप लाइन (आफ स्टंप से बाहर) पर गेंदबाजी करने की योजना सफल रही। ट्रेंटब्रिज में खेले गए पहले टेस्ट में पांच विकेट लेने वाले इस गेंदबाज ने दूसरे टेस्ट के पहले दिन कोहली (42) को पहली स्लिप में जो रूट को हाथों कैच कराया।कोहली का विकेट लेने पर मैच के बाद प्रतिक्रिया देते हुए रोबिन्सन ने कहा, 'विराट का विकेट अब तक के मेरे करियर का सबसे बड़ा विकेट था। इसलिए मैं खुश था। यह बहुत बड़ा पल था। उनके खिलाफ हमारी योजना चौथी-पांचवीं स्टंप लाइन पर बैक आफ अ लेंथ गेंदबाजी करने की थी। सौभाग्य से यह प्लान काम कर गई।'रोबिन्सन ने टीम इंडिया के बल्लेबाजों की तारीफ की, लेकिन यह भी कहा कि किस्मत ने उनकी टीम का साथ नहीं दिया। उन्होंने कहा, 'लगभग 10-15 ऐसा मौका आया जब गेंद बल्ले के करीब से निकल गई। अगर किस्मत ने साथ दिया होत तो हम दो-तीन विकेट चटका सकते थे।बता दें कि टास जीतकर इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया। टीम इंडिया के ओपनर रोहित शर्मा और केएल राहुल ने शानदार बल्लेबाजी की। दोनों ने पहले विकेट के लिए 126 रनों की साझेदारी की। रोहित शर्मा 83 रन बनाकर जेम्स एंंडरसन की गेंद पर बोल्ड हुए। वहीं केएल राहुल शतक लगाकर अभी भी क्रीज पर हैं।रोहित के आउट होने के बाद क्रीज पर चेतेश्वर पुजारा आए। पुजारा एक बार फिर सस्ते में आउट हो गए। एंडरसन ने 9 के स्कोर पर आउट किया। टीम का स्कोर तब 150 था। इसके बाद कप्तान कोहली क्रीज पर आए। कोहली ने राहुल के साथ मिलकर 117 रनों की साझेदारी की, लेकिन अर्धशतक से चूक गए। उन्होंने 43 रनों की पारी खेली।दिन का खेल समाप्त होने तक टीम इंडिया ने 3 विकेट पर 276 रन बना लिए थे। केएल राहुल 127 रनों पर नाबाद हैं। वहीं अजिंक्य राहणे 1 रन पर नाबाद हैं। इंग्लैंड की ओर से जेम्स एंडरसन को दो और ओली रोबिन्सन को एक विकेट मिला। 

नई दिल्ली। चेतेश्वर पुजारा टेस्ट क्रिकेट में मैच दर मैच लगातार अपनी बल्लेबाजी से टीम इंडिया को निराश कर रहे हैं। पुजारा के बल्ले से जैसे रन निकलने ही बंद हो गए हैं और वो जल्दी ही अपना विकेट गंवा दे रहे हैं। ऐसा नहीं है कि, पुजारा तकनीकी तौर पर सक्षम नहीं हैं कि वो बड़ा स्कोर नहीं कर पाएं, लेकिन बार-बार उनका जल्दी आउट होना टीम के लिए नुकसानदेह होता जा रहा है क्योंकि वो बेहद अहम तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हैं। दूसरे यानी लार्ड्स टेस्ट मैच की पहली पारी में भी वो सिर्फ 9 रन बनाकर ही आउट हो गए थे और इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन ने उन्हें बेयरस्टो को हाथों कैच आउट करवा दिया था।अब पुजारा पहली पारी में एंडरसन के खिलाफ किस गलती की वजह से आउट हुए इसके बारे में टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर व कमेंटेटर मो. कैफ ने बताया। कैफ ने सोनी स्पोर्ट्स पर बात करते हुए कहा कि, पुजारा इन दिनों पूरी तरह से दवाब में हैं और ये बात साफ तौर पर नजर भी आ रही है। वो अपनी पारियों को गिन रहे हैं (जिनमें वो फेल रहे हैं) जो नहीं करना चाहिए, लेकिन ये आसान नहीं होता है। लार्ड्स की पिच पर पुजारा का अपने शरीर से बाहर बल्ले को फेंकना ही उनकी सबसे बड़ी गलती साबित हुई। इस बार एंडरसन की गेंद आफ स्टंप के बाहर थी, लेकिन अब वो ज्यादातर बल्ले के बाहरी किनारा लेने पर ही आउट हो रहे हैं। उनकी आखिरी पारी में भी गेंद स्टंप्स के अंदर आ रही थी, फिर वो गिरने के बाहर की तरफ गई और उनके बल्ले का किनारा लेते हुए कैच फील्डर के पास चला गया।  कैफ ने पुजारा की लार्ड्स की पारी पर बात करते हुए कहा कि, इस मैच में वो स्टंप से काफी दूर थे। जब आपका फुटवर्क सही तरीके से काम नहीं कर रहा होता और पुजारा जैसे खिलाड़ी ऑफ स्टंप के बाहर की गेंदें खेलने लगें तो इसका साफ मतलब है कि, आप एक या दो पारियों को लेकर संदेह में हैं। पुजारा जब अच्छी फॉर्म में होते हैं तो उनके बल्ले और पैड के बीच में एक बड़ा गेम होता है और वो गेंद को अपने शरीर के पास खेलते हैं और ये उनकी ताकत भी है।

नई दिल्ली। श्रीलंका दौरे के दौरान कुणाल पांड्या के कोविड पाजिटिव पाए जाने के मामले में बीसीसीआइ के चिकित्सा अधिकारी पर सवाल खड़े होने लगे हैं। क्रुणाल के टेस्ट में एक दिन की देरी की बात सामने आई है। समाचार एजेंसी पीटीआइ के अनुसार 26 जुलाई को क्रुणाल को जब गले में दर्द जैसे लक्षण दिखाई दिए, तो उन्होंने तुंरत  दौरे पर मेडिकल आफिसर के तौर पर गए अभिजित साल्वी को इसके बारे मे बताया, लेकिन इसके बाद न तो उनका रैपिड एंटिजन टेस्ट हुआ, न उन्हें आइसोलेट किया गया।दरअसल, गले में दर्द के बावजूद टीम के डाक्टर ने खिलाड़ी को टीम मीटिंग में शामिल होने की इजाजत दी और 27 जुलाई की सुबह  उनका आरटी-पीसीआर टेस्ट किया गया। रिपोर्ट दोपहर में आई, जिसके बाद बीसीसीआइ और श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (SLC) ने मैच को एक दिन के लिए स्थगित करने का फैसला किया। क्रुणाल के संपर्क में आए आठ खिलाड़ियों का भी टेस्ट हुआ। शुरुआत में इन सभी का टेस्ट नेगेटिव आया, लेकिन बाद में टीम के श्रीलंका से लौटने से पहले कृष्णप्पा गौतम और युजवेंद्रा चहल भी पाजिटिव पाए गए।  बता दें कि शिखर धवन को इस दौरे पर टीम इंडिया का कप्तान बनाया गया था और राहुल द्रविड़ कोच थे। टीम ने यहां तीन वनडे और तीन टी-20 मैचों की सीरीज खेली। वनडे सीरीज में टीम को 2-1 से जीत मिली। वहीं टी-20 सीरीज में 1-2 से हार का सामना करना पड़ा।  

26 जुलाई को क्रुणाल के गले में दर्द हुआ;-मामले से अवगत बीसीसीआइ के एक सूत्र ने नाम न छापने की शर्तों पर समाचार एजेंसी पीटीआइ को बताया,' 26 जुलाई को क्रुणाल के गले में दर्द हुआ और उन्होंने प्रोटोकाल का पालन करते हुए चिकित्सा अधिकारी को इसके बारे में सूचित किया। अजीब बात है कि रैपिड एंटीजन टेस्ट (सेल्फ टेस्ट किट) करने के बाद तुरंत उन्हें आइसोलेट किया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। हालांकि, रैपिड एंटीजन टेस्ट से जरूरी नहीं कि संक्रमण का पता लगे, लेकिन यह प्रोटोकॉल का पहला हिस्सा है। मैं यह भी पुष्टि कर सकता हूं कि क्रुणाल ने गले में दर्द के बावजूद टीम मीटिंग में हिस्सा लिया।

जय शाह के हस्तेक्षेप से सीरीज रद होने से बच गई:-सूत्र ने आगे कहा, 'एक सवाल यह भी उठ रहा है कि श्रीलंका में बीसीसीआइ की मेडिकल टीम हर पांचवें दिन टेस्ट करने के लिए कैसे तैयार हुई, जबकि आइपीएल में हर तीसरे दिन टेस्ट किया जाता है। शुक्र है बोर्ड के सचिव जय शाह का, जिन्होंने मामले में हस्तक्षेप किया। सभी क्लोज कांटेक्ट को आइसोलेट किया गया और सीरीज के रद होने का संकट टल गया। उनके इस कदम से सीरीज बच गई और श्रीलंकाई क्रिकेट बोर्ड को भी मदद मिली। लेकिन अगर मेडिकल टीम सक्रिय होती तो ऐसी स्थिति पैदा ही न होती।' ऐसे में अभिजित साल्वी सवालों के घेरे में हैं। समाचार एजेंसी पीटीआइ ने उनका पक्ष जानने के लिए उनसे संपर्क करने किया, लेकिन उन्होंने कुछ भी कहने से मना कर दिया।

नई दिल्ली,। टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज मो. कैफ ने स्पोर्ट्स तक पर विराट कोहली की कप्तानी के बारे में खुलकर चर्चा की। कैफ से पूछा गया कि श्रीलंका के खिलाफ क्रिकेट सीरीज और आइपीएल 2021 पार्ट टू के बाद क्या ये क्लीयर हो जाएगा कि, टी20 वर्ल्ड कप के लिए 15 सदस्यीय टीम क्या हो सकती है। इसका जवाब देते हुए कैफ ने साफ तौर पर कहा कि, इस टीम इंडिया में कोई स्पष्टता नहीं है। एक कमेंटेटर के तौर पर भी हम ये बात करते हैं कि, टीम में स्पष्टता होनी चाहिए। अब भारतीय टीम उस तरह से नहीं खेलती, आप मान लो ना। कैफ ने आगे कहा कि, कोहली का ऐसा तरीका नहीं है। वो देखते हैं कि, भाई कल कौन फॉर्म में आया और उसे प्लेइंग इलेवन में शामिल कर लेते हैं। ये विराट कोहली की कप्तानी का अपना तरीका है। कोहली अब तक भारत को आइसीसी खिताब जीता पाते हैं या नहीं आप उनको इस पर जज करिए और अब तक तो वो ऐसा नहीं कर पाए हैं। कोच या टीम मैनेजमेंट भी कोहली की तरीके को ही फॉलो करती है। इस टीम को खिलाड़ी के पिछले प्रदर्शन में कोई रुझान नहीं होता।कोहली का ये मानना है कि, आप अभी क्या कर रहे हैं और आपका फॉर्म कैसा है। तभी तो भारतीय टीम के लिए सूर्यकुमार यादव, इशान किशन खेले। शिखर धवन को ड्रॉप कर दिया गया और रोहित शर्मा को टेस्ट में मौका मिला। इस टीम में आपकी जगह पक्की नहीं है ये प्लेयर्स को भी मालूम है। ये पुरानी बात हो गई कि टीम में आपकी जगह पक्की है और खिलाड़ी भी इस बात को समझने लगे हैं। वो अब बस मौके का इंतजार करते हैं कि, जैसे ही मौका मिले उसे बस पकड़ना है। कैफ ने सौरव गांगुली की कप्तानी के बारे में कहा कि, वो खिलाड़ी के पीछे खड़े रहते थे और पूरा मौका देते थे। जो लीडर होता है वो यही करता है, लेकिन विराट कोहली का ये तरीका नहीं है। गांगुली के पास उस वक्त ज्यादा ऑप्शन नहीं थे, आइपीएल नहीं था। उस वक्त 20-25 खिलाड़ी होते थे और उन्हीं में से वो चुनते थे क्योंकि उन्हें पता था कि, प्लेयर को बैक नहीं किया गया तो वो अपना बेस्ट नहीं दे पाएगा। कैफ ने कहा कि, हमारे समय में हमें ज्यादा मौके मिलते थे, लेकिन आज ऐसा नहीं है। खिलाड़ी के मन में डर है कि, वो कहीं बाहर ना कर दिए जाएं और ऐसे में वो प्रेशर में बिखर जाते हैं। 

नई दिल्ली। टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज, बेहतरीन फील्डर व कमेंटेटर मो. कैफ ने टी20 वर्ल्ड कप 2021 को लेकर स्पोर्ट्स तक पर काफी बातें की। मो. कैफ से पूछा गया कि, क्या रोहित शर्मा के साथ विराट कोहली का इस इवेंट में ओपनिं करना सही होगा क्योंकि शायद कप्तान भी यही चाहते हैं। इसका जवाब देते हुए मो. कैफ ने कहा कि, ये शायद टीम के हित में नहीं होगा। उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप के लिए रोहित शर्मा के साथ शिखर धवन को उतारने की सलाह दी। कैफ ने कहा कि, बल्लेबाज में राइट और लेफ्ट का कांबिनेशन हमेशा ही विरोधी टीम के लिए परेशानी खड़ी करता है। विरोधी कप्तान को लेफ्ट व राइट बल्लेबाजों के खिलाफ साइड बदलते ही रणनीति बदलनी होती है, फील्डिंग में बदलाव करना होता है और गेंदबाज भी गेंदबाजी को लेकर कन्फ्यूज हो जाते हैं।मो. कैफ ने शिखर धवन के बारे में कहा कि, श्रीलंका दौरे पर रन बनाकर वो अपनी टीम जगह में मजबूत कर सकते हैं और पिछले कुछ दिनों से वो काफी अच्छी फॉर्म में हैं और आइपीएल 2021 पार्ट वन में उनका प्रदर्शन अच्छा रहा था। इसके अलावा दूसरे ओपनर के तौर पर उन्होंने केएल राहुल और पृथ्वी शॉ के नाम पर भी मुहर लगाई। उन्होंने कहा कि, विराट कोहली तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उपयुक्त हैं। अगर विराट कोहली और रोहित शर्मा ओपनिंग करते हैं तो विरोधी टीम के लिए इनके खिलाफ रणनीति बनाना आसान होगा। ये दोनों टीम की बल्लेबाजी की जान हैं और अगर ये जल्दी आउट हो जाते हैं तो टीम मुसीबत में आ जाएगी। वहीं उन्होंने भारतीय टीम के श्रीलंका दौरे पर वनडे सीरीज के लिए विकेटकीपर के तौर पर इशान किशन की जगह संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन में रखने की वकालत की। उन्होंने कहा कि, अनुभव के आधार पर संजू सैमसन इशान किशन से ज्यादा बेहतर वनडे में साबित हो सकते हैं। वहीं उन्होंने कहा कि, भारत के पास एक तेज गेंदबाज ऑलराउंडर की जरूरत है जिसे हार्दिक पांड्या पूरी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि, भारत के लिए तेज गेदंबाज ऑलराउंडर की जरूरत शार्दुल ठाकुर और भुवनेश्वर कुमार भी पूरी कर सकते हैं। 

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया की टीम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले तीन मैच हारने के बाद चौथे टी20 मुकाबले में जबरदस्त वापसी की और 4 रन से करीबी जीत दर्ज की। इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए कंगारू टीम ने कप्तान आरोन फिंच और मिचेल मार्श की शानदार अर्धशतकीय पारी के दम पर 20 ओवर में 6 विकेट पर 189 रन बनाए थे। कैरेबियाई टीम को जीत के लिए 190…
नई दिल्ली:- दीपक हुड्डा ने 2021 के घरेलू सत्र से पहले बड़ौदा का साथ छोड़ दिया है। उन्होंने बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) से एनओसी मांगी है। स्पोर्टस्टार ने यह जानकारी दी है। ऑलराउंडर का पिछले सीजन में सीनियर ऑलराउंडर और टीम के कप्तान क्रुणाल पांड्या के साथ झगड़ा हुआ था। इसके बाद उन्हें बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन ने निलंबित कर दिया था। उनके बड़ौदा की टीम छोड़ने पर टीम इंडिया के…
नई दिल्ली। महेंद्र सिंह धौनी टीम इंडिया के सबसे सफल कप्तान हैं और हर कोई उनकी कप्तानी का लोहा मानता है। आकाश चोपड़ा भी धौनी की कप्तानी के बहुत बड़े फैन हैं और उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि, अपनी लीडरशिप के साथ साथ धोनी कप्तानी के एक नए आयाम को सामने लेकर आए हैं। उन्होंने कहा कि, धौनी ने हमें कप्तानी का नया तरीका सिखाया। सौरव गांगुली ने…
नई दिल्ली। टीम इंडिया के कई पूर्व खिलाड़ियों की बायोपिक बन चुकी है और इनमें अलग-अलग अभिनेता इनके किरदार को सिल्वर स्क्रीन पर जीवंत करते हुए नजर आ चुके हैं। सचिन तेंदुलकर, महेंद्र सिंह धोनी और मोहम्मद अजहरुद्दीन के बाद, सौरव गांगुली अगले भारतीय क्रिकेट कप्तान हैं जिनके जीवन को बड़े पर्दे पर दिखाया जाएगा। पूर्व क्रिकेटर और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के वर्तमान अध्यक्ष ने इस परियोजना के लिए…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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