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नई दिल्ली।भारत और बांग्लादेश के बीच खेले जाने वाले पहले डे नाइट टेस्ट मैच में बांग्लादेश के कप्तान मोमिनुल हक ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। बांग्लादेश का ये फैसला टीम के हक में नहीं रहा और पूरी टीम पहली पारी में 106 रन पर सिमट गई।इस मुकाबले के लिए भारतीय टीम ने प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं किया। बांग्लादेश की टीम में दूसरे टेस्ट के लिए दो बदलाव किया गए। अल अमीन और नईम को प्लेइंग इलेवन में जगह दी गई जबकि ताइजुल और मेहदी हसन को बाहर किया गया।
बांग्लादेश की टीम 106 रन पर सिमटी:-भारत के खिलाफ अपने पहले गुलाबी टेस्ट मैच की पहली पारी में बांग्लादेश की टीम भारतीय गेंदबाजों से सामने पूरी तरह से धराशाई हो गई। बांग्लादेश की टीम सिर्फ 106 रन पर सिमट गई। भारत की तरफ से इशांत शर्मा ने पांच विकेट, उमेश ने तीन जबकि शमी ने दो विकेट लिए।
इशांत ने भारत को दिया नौवां झटका:-इशांत शर्मा ने नईम हसन को पुजारा के हाथों कैच आउट करवा दिया। नईम हसन ने 28 गेंदों का सामना करते हुए कुल 19 रन बनाए। इशांत का ये पांचवां विकेट था।
इशांत ने दिया आठवां झटका;-लंच के ठीक बात गेंदबाजी करने आए इशांत शर्मा ने इबादत हुसैन को महज 1 रन पर बोल्ड कर वापस भेजा। यह मैच में इशांत का तीसरा विकेट था। इसके बाद रिटायर हर्ट हुए लिटन दास की जगह बल्लेबाजी करने आए सब्सट्यूट मेहदी हसन को उन्होंने पुजारा के हाथों कैच करवाया।
लंच तक बांग्लादेश के छह विकेट गिरे:-खेल के पहले सेशन में भारतीय गेंदबाजों का दबदबा देखने को मिला। लंच तक के खेल तक इशांत शर्मा, उमेश यादव और मोहम्मद शमी ने बांग्लादेश के छह विकेट गिरा दिए। उमेश ने 3 विकेट चटकाए, इशांत ने दो विकेट हासिल किए जबकि शमी ने एक बल्लेबाज को आउट किया।
साहा ने लपका बेहतरीन कैच;-इशांत शर्मा की गेंद पर महमुदूल्लाह ने खड़े खड़े शॉट लगाया और बल्ले का किनारा लेते हुए गेंद रिद्धिमान साहा के पास पहुंची। साहा ने दाईं तरफ डाइव लगाते हुए बेहतरीन कैच पकड़ भारत को छठी सफलता दिलाई।
उमेश यादव ने झटका अपना तीसरा विकेट:-भारतीय टीम को उमेश यादव ने पांचवीं सफलता दिलाई। 29 रन पर बल्लेबाजी कर रहे शादमान इस्लाम उमेश ने विकेट के पीछे रिद्धिमान साहा के हाथों कैच आउट करवाया। यह उमेश का तीसरा विकेट था ।
मोहम्मद शमी ने झटका विकेट;-बांग्लादेश के अनुभवी बल्लेबाज मुशफिकुर रहीम मोहम्मद शमी की गेंद पर बोल्ड होकर वापस लौटे। महज चार गेंद का सामना करने वाले रहीम खाता भी नहीं खोल पाए। वह शून्य पर आउट होने वाले तीसरे बांग्लादेशी बल्लेबाज हैं।
रोहित शर्मा का शानदार कैच, उमेश का जलवा:-भारत को बांग्लादेश का दूसरा विकेट रोहित शर्मा के शानदार कैच पर हासिल हुआ। उमेश यादव की बाहर जाती गेंद पर कप्तान मोमिनुल हक ने बल्ले लगाया और स्लिप में खड़े रोहित ने एक हाथ से कैच लिया। इसी ओवर में उमेश यादव ने मिथुन दास को क्लीन बोल्ड कर दिया। मिथुन अपना खाता भी नहीं खोल पाए थे।
भारत ने पहला रिव्यू गंवाया;-मोहम्मद शमी की अंदर आती गेंद पर शादमान पूरी तरह से चूके और गेंद विकेटकीपर रिद्धिमान साहा के पास पहुंची। साहा ने डाइव लगाकर शानदार कैच पकड़ा जोरदार अपील की लेकिन अंपायर मरे इरॉसिमस ने इसे नकार दिया। कप्तान विराट कोहली ने रिव्यू लिया लेकिन थर्ड अंपायर ने पाया कि गेंद थाई पैड से टकराई थी।
इशांत ने झटका पहला विकेट;-इशांत शर्मा ने भारत को पहली कामयाबी दिलाई। ओवर की पहली गेंद पर रिव्यू लेकर बचने वाले ओपनर इमरूल कायेस को इशांत ने ओवर की तीसरी गेंद पर LBW आउट किया। कायेस महज चार रन बनाकर आउट हुए।
बांग्लादेश का सफल रिव्यू:-इशांत शर्मा पारी का सातवां ओवर लेकर आए और पहली ही गेंद पर इमरूल कायेस के खिलाफ कैच की अपील हुई। अंपायर ने आउट करार दिया। कायेस ने रिव्यू लिया और थर्ड अंपायर ने पाया कि गेंद थाई पैड से टकराते हुए विकेटकीपर रिद्धिमान साहा के पास पहुंची थी। कायेस को नॉट आउट करार दिया गया।बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज के दूसरे और आखिरी टेस्ट मैच में भारतीय टीम जीत हासिल कर ऐतिहासिक डे नाइट टेस्ट को यादगार बनाना चाहेगी। भारतीय टीम कोलकाता में पहली बार पिंक बॉल टेस्ट मैच खेलने उतरेगी। भारत ने दो मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला बांग्लादेश से पारी और 130 रन से जीता था।
ममता बनर्जी और शेख हसीना ने बजाया बेल:-पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने मैच से पहले बेल बजाकर मैच के आगाज का ऐलान किया। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष सौरव गांगुली भी इन दोनों के साथ यहां मौजूद थे।
प्लेइंग इलेवन :
भारत: विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा, मयंक अग्रवाल, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, रविंद्र जडेजा, ऋद्धिमान साहा (विकेटकीपर), आर अश्विन, इशांत शर्मा, मोहम्मद शमी, उमेश यादव।
बांग्लादेश: इमरुल कायेस, शादमान इस्लाम, मोहम्मद मिथुन, मोमिनुल हक (कप्तान), मुशफिकुर रहीम, महमूदुल्लाह, लिटन दास (विकेटकीपर), नईम, मुस्ताफिजुर रहमान, अबू जयाद, अल-अमीन हुसैन।

नई दिल्ली। भारतीय टीम शुक्रवार को बांग्लादेश के खिलाफ अपने पहले पिंक बॉल टेस्ट मैच में खेलने उतरी। दुनिया की सबसे बेहतरीन गेंदबाजी अटैक रखने वाली टीम इंडिया ने पहले ही सेशन में बांग्लादेश के छह विकेट झटक लिए। लंच के ठीक पहले मोहम्मद शमी ने एक खतरनाक बाउंसर मारी जिसपर घायल होकर लिटन दास को वापस लौटना पड़ा।बांग्लादेश के लिए कोलकाता टेस्ट मैच की शुरुआत बेहद खराब रही और पहले सेशन में ही टीम ने छह विकेट गंवा दिए। लंच से ठीक पहले मोहम्मद की एक तेज रफ्तार बाउंसर ने बांग्लादेश के विकेटकीपर बल्लेबाज लिटन दास घायल हो गए।
शमी की बाउंसर पर घायल लिटन दास:-लंच से मोहम्मद शमी 21वां ओवर करने आए थे और चौथी गेंद पर उन्होंने तेज बाउंसर मारा। गेंद सीधा लिटन दास के हेलमेट पर जा लगी। बाउंसर लगने के बाद लिटन थोड़े असहज लगे लेकिन उन्होंने खुद को संभालते हुए अगली गेंद पर चौका लगाया। शमी की बाउंसर पर लगी चोट का असर लिटन को अगले ओवर में समझ आया और उन्होंने अंपायर को इसके बारे में बताया। लंच के पहले इशांत के ओवर को चौथी गेंद के बाद रोका गया और लिटन रिटायर हर्ट होकर वापस लौटे।
लिटन की जगह मेहदी हसन:-चोट लगने के बाद लिटन दास 24 रन बनाकर रिटायर हर्ट हुए और लंच के बाद विकेट गिरने के बाद वह बल्लेबाजी करने नहीं आए। उनकी जगह प्लेइंग इलेवन से बाहर रखे गए मेहदी हसन को पहली पारी में बल्लेबाजी के लिए भेजा गया।कोलकाता के इडेन गार्डन्स पर खेले जा रहे डे नाइट टेस्ट में बांग्लादेश के कप्तान मोमिनुल हक ने टॉस जीता। टॉस जीतकर बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया। इशांत शर्मा ने बांग्लादेश के पहला झटका दिया। ओपनर इमरूल कायेस उन्होंने महज 4 रन के स्कोर पर आउट किया। इसके बाद तीन लगातार बल्लेबाज बिना खाता खोले वापस लौटे। कप्तान मोमिनुल हक, मोहम्मद मिथुन और मुशफिकुर रहीम शून्य पर आउट हुए।

नई दिल्ली। भारत के पहले एतिहासिक डे-नाइट टेस्ट मैच का इंतजार खत्म हुआ और इस कभी ना भूलने वाले पल का गवाह कोलकाता का ईडन गार्ड्ंन स्टेडियम बना। भारत व बांग्लादेश के इस एतिहासिक टेस्ट के मौके पर कई पूर्व क्रिकेटर समेत बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीन भी मौजूद रहीं। बंगाल की मुख्य मंत्री ममता बनर्जी ने घंटी बजाकर इस टेस्ट की शुरुआत की। इस मैच के पहले दिन ईडन गार्ड्ंस का पूरा स्टेडियम खचाखच भरा था और इसे देखकर लगा का पिंक गेंद से टेस्ट की इससे बेहतर शुरुआत शायद ही कुछ और हो सकती थी।भारत के पहले एतिहासिक डे-नाइट टेस्ट मैच का मंजर शायद ही कभी भूला जा सकेगा, लेकिन इस टेस्ट के पहले दिन साहा ने भी कमाल का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। रिद्धिमान साहा ने इस टेस्ट की पहली पारी में इशांत की गेंद पर महमूदुल्लाह का बेहतरीन कैच लपका साथ ही साथ उन्होंने एक अन्य बल्लेबाज यानी टीम के ओपनर शादमान इस्लाम का भी कैच उमेश यादव की गेंद पर लपका। इस दो कैचों की मदद से उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में अपने 100 विकेट पूरे कर लिए।रिद्धिमान साहा अब टेस्ट क्रिकेट में विकेट के पीछे 100 शिकार करने वाले भारत के पांचवें विकेटकीपर बन गए हैं। साहा से पहले चार और विकेटकीपर ये कमाल कर चुके हैं। भारत की तरफ से टेस्ट में विकेट से पीछे सबसे ज्यादा शिकार करने वाले विकेटकीपर महेंद्र सिंह धौनी हैं जिन्होंने कुल 294 बल्लेबाजों को आउट किया था। इसके बाद दूसरे स्थान पर सैयद किरवानी 198 विकेट के साथ मौजूद हैं। तीसरे नंबर पर 130 विकेट के साथ किरण मोरे व नयन मोंगिया 107 विकेट के साथ चौथे स्थान पर हैं। वहीं पांचवें स्थान पर साहा पहुंच गए हैं। साहा ने इस मैच में इशांत की गेंद पर महमूदुल्लाह का कमाल का कैच लपका।

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के सीनियर विकेटकीपर-बल्लेबाज और भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल कप्तान MS Dhoni का अब क्या होगा इसका किसी को कुछ नहीं पता। वेस्ट इंडीज के खिलाफ भारतीय टीम के एलान से पहले ये उम्मीद की जा रही थी कि धौनी को शायद टीम में मौका मिले क्योंकि रिषभ की नादानी टीम इंडिया पर भारी पड़ रही है। रिषभ की अनुभवहीनता व उनकी जल्दबाजी की वजह से वो ना तो बल्लेबाजी में ही कुछ कर पा रहे हैं और विकेट के पीछे भी वो बचकानी हरकत करते पाए गए।खैर एक बार फिर से सेलेक्टर्स ने रिषभ पर भरोसा दिखाते हुए उन्हें टीम में शामिल किया हालांकि इसमें कुछ गलत नहीं है, लेकिन टीम में दूसरे विकेटकीपर के तौर पर किसी को भी मौका नहीं दिया गया। अगर वेस्टइंडीज के खिलाफ रिषभ मैच के दौरान चोटिल हो जाते हैं तो भारत के पास उनके विकल्प के तौर पर शायद कोई नहीं होगा, हालांकि केएल राहुल कामचलाऊ विकेटकीपिंग कर सकते हैं।अब जरा वापस आते हैं धौनी पर जिन्हें एक बार फिर से वेस्टइंडीज के खिलाफ भी नजरअंदाज कर दिया गया। इससे पहले बांग्लादेश के खिलाफ भी उन्हें टीम में नहीं चुना गया था। वजह साफ है कि धौनी की जगह अब युवाओँ को ज्यादा से ज्यादा मौका दिया जाना है। यानी सेलेक्टर्स के इस मंशा से साफ जाहिर है कि धौनी का क्रिकेट करियर अब शायद खत्म है और उनका टीम में वापस आना मुश्किल है। वैसे 38 वर्ष के धौनी को भी आखिर किस बात का इंतजार है। बार-बार धौनी को टीम में नहीं शामिल किए जाने की वजह अब उनकी बढ़ती उम्र और कुछ हद तक उनकी बल्लेेबाजी का फॉर्म भी है। धौनी अब पहले के मुकाबले बल्लेबाजी में काफी धीमे हो चुके हैं और फीनिशर के तौर पर वो पहले की तरह काम भी नहीं कर पाते।टीम इंडिया अब अगले वर्ष होने वाले टी 20 विश्व कप के लिए तैयारी कर रही है जिसके लिए युवा खिलाड़ियों को आजमाया जा रहा है ताकि उस बड़े टूर्नामेंट के लिए एक बेहतरीन टीम भारत के पास हो। इस सोच के साथ धौनी टी 20 टीम में तो कहीं से भी फिट नजर नहीं आ रहे हैं। रही बात वनडे की तो भारत को अगले टी 20 विश्व कप तक कोई ज्यादा वनडे मैच खेलने हैं नहीं। ऐसे में उनका वनडे में भी वापस आना मुश्किल लग रहा है टेस्ट से वो पहले ही संन्यास ले चुके हैं तो क्या ये समझा जाए कि अब धौनी के युग की समाप्ति हो चुकी है बस आधिकारिक घोषणा होना ही बाकी रह गया है।

 

कोलकाता।भारत के पहले एतिहासिक डे-नाइट टेस्ट मैच का हिस्सा बनने जा रहे टीम के विकेटकीपर रिद्धिमान साहा (Saha) ने कहा है कि दिन-रात के टेस्ट मैच में गुलाबी गेंद के विकेटकीपिंग करना बेहद चुनौती भरा होगा। भारतीय क्रिकेट टीम कोलकाता में शुक्रवार से अपना पहले डे-नाइट टेस्ट मैच बांग्लादेश के खिलाफ खेलेगी। इस टेस्ट मैच में पहली बार एसजी द्वारा अपने देश में तैयार किए गए पिंक गेंद का इस्तेमाल किया जाएगा।रिद्धिमान साहा ने कहा कि गुलाबी गेंद को पकड़ना आसान नहीं है। अगर स्लिप में खड़े फील्डर के लिए इसे पकड़ना चुनौतीपूर्ण है तो मैं भी स्पिल के बगल में ही विकेट के पीछे खड़ा होता हूं। यही नहीं जब तेज गेंदबाज इसे फेंकते हैं तो ये लहराती है। इसे पकड़ने में ये एक फैक्टर हो सकता है, लेकिन मैं इसके लिए तैयार हूं। हम पेशेवर खिलाड़ी हैं और इस तरह की चुनौतियों का हमें सामना करना पड़ता है।भारतीय खिलाड़ियों में रिद्धिमान साहा और मो. शमी को ही घरेलू क्रिकेट में दिन-रात मैच खेलने का अनुभव है। ये दोनों खिलाड़ी साल 2016 में ईडन गार्ड्ंस में सीएबी के सुपर लीग फाइनल में दिन-रात का क्रिकेट पिंक गेंद से खेल चुके हैं। साहा ने कहा कि गुलाबी गेंद को पकड़ते समय ज्यादा चुनौती होती है। हमें इसमें तालमेल बिठाना होगा। गेंद नई है और ये तेज गेंदबाजों के लिए मददगार साबित हो सकती है। इस गेंद के सामने बल्लेबाजी करना बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती होगी।साहा से पूछा गया कि भारतीय टीम के तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा, उमेश यादव और मोहम्मद शमी को इस गेंद से कितनी मदद मिलेगी इस पर उन्होंने कहा कि गेंद गुलाबी हो या लाल उनके लिए वैसा ही रहेगा। शमी ने पिछले मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया है और वो किसी भी कंडीशन में अच्छी गेंदबाजी कर सकते हैं। वो गति के साथ-साथ रिवर्स स्विंग भी हासिल कर लेते हैं। भारतीय तेज गेंदबाज इन दिनों काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और ये उम्मीद है कि पिंक गेंद से भी उनका वैसा ही प्रदर्शन जारी रहेगा

 

नई दिल्ली। कोलकाता के ईडन गार्ड्ंस पर खेले जाने वाले एतिहासिक डे-नाइट टेस्ट मैच को टीम समेत पूरे भारत में गजब का उत्साह देखा जा रहा है। डे-नाइट टेस्ट मैच को भारत में पहली बार कराने का श्रेय पूरी तरह से बीसीसीआइ ने नए अध्यक्ष सौरव गांगुली को जाता है जिन्होंने इसकी पहल की और भारतीय कप्तान विराट कोहली इसके लिए मान गए। विराट की तरफ से हरी झंडी मिलते ही गांगुली ने तुरंत ही इसकी तैयारी शुरू करवा दी और अब आलम ये है कि भारतीय टीम इसके लिए पूरी तरह से तैयार है। हालांकि पिंक गेंद से खेलने का अनुभव टीम के खिलाड़ियों के नहीं है, लेकिन इसे पहली बार अनुभव करने के लिए हर खिलाड़ी में गजब का उत्साह है।भारत के पहले एतिहासिक डे-नाइट टेस्ट मैच में कप्तानी का सौभाग्य विराट कोहली को मिलेगा और वो मैदान पर उतरते ही नया इतिहास रच देंगे। अब विराट का नाम भारतीय क्रिकेट के इतिहास में दर्ज होगा जो टीम इंडिया के पहले डे-नाइट टेस्ट मैच में कप्तानी करने वाले देश के पहले खिलाड़ी बने। आइए एक नजर डालते हैं कि भारत की तरफ से क्रिकेट के हर प्रारूप में किन-किन खिलाड़ियों ने पहली बार कप्तानी की थी।
-भारत के पहले दिन के टेस्ट में कप्तानी- सीके नायडू
-भारत के पहले दिन-रात के टेस्ट में कप्तानी- विराट कोहली
-भारत के पहले दिन के वनडे में कप्तानी- अजीत वाडेकर
-भारत के पहले दिन-रात के वनडे में कप्तानी- सुनील गावस्कर
-भारत के पहले दिन के टी 20 में कप्तानी- महेंद्र सिंह धौनी
-भारत के पहले दिन-रात के टी 20 में कप्तानी- वीरेंद्र सहवाग
विराट कोहली टेस्ट क्रिकेट में भी कप्तान के तौर पर एक से बढ़कर एक रिकॉर्ड दर्ज कर चुके हैं और एक और कमाल का रिकॉर्ड उनके नाम पर दर्ज होने जा रहा है। यही नहीं अगर वो इस टेस्ट मैच में जीत दर्ज कर लेते हैं तो भारत के पहले डे-नाइट टेस्ट मैच में कप्तान के तौर पर पहली जीत दर्ज करने का रिकॉर्ड भी उनसे नाम पर होगा।

नई दिल्ली। भारत बांग्लादेश पिंक बॉल टेस्ट को लेकर सभी काफी उत्साहित हैं। मैच से पहले भारतीय कप्तान विराट कोहली ने बताया कि यह मैच इतना आसान नहीं होने वाला। कोहली को पिंक बॉल से खेलने में काफी परेशानी हो रही है। उन्होंने गुरुवार को मीडिया से बताया कि इससे खेलते हुए उनको कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।कोहली ने बताया, "मुझे लगता है आम तौर पर अगर आपने पिंक…
नई दिल्ली। भारत और बांग्लादेश के बीच डे नाइट टेस्ट होने जा रहा है। इस मैच को लेकर काफी बातें की जा रही हैं क्योंकि भारत और बांग्लादेश की टीमों ने आज तक कोई भी डे नाइट टेस्ट मैच नहीं खेला है। भारतीय कप्तान ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया के पिछले दौरे पर आखिरी टीम इंडिया ने क्यों पिंक बॉल टेस्ट मैच खेलने से मना किया था।विराट ने कहा, "देखिए हम…
कोलकाता - सिटी ऑफ जॉय नहीं, अब इसे पिंक सिटी कहिए जनाब क्योंकि खुशियों का शहर कोलकाता कुछ दिनों के लिए गुलाबी हो गया है। ईडन गार्डेस ही नहीं, आसपास के क्लबों, स्मारकों और बड़ी-बड़ी इमारतों को भी गुलाबी रोशनी से सराबोर कर दिया गया है। गली-गली में पुचका (गोलगप्पे), झालमूड़ी और सिंघाड़ा (समोसे) बेचने वालों के साथ-साथ रसोगुल्ला (रसगुल्ला) की दुकानों और यहां की प्रचलित पीली टैक्सी चलाने वाले…
नई दिल्ली - टीम इंडिया (Team India) को बांग्लादेश (Bangladesh cricket team) के खिलाफ टेस्ट सीरीज के बाद वेस्टइंडीज की मेजबानी करनी है और तीन-तीन मैचों का टी 20 और वनडे सीरीज खेलनी है। इस सीरीज के लिए भारतीय टीम का चयन गुरुवार को किया जाएगा जहां सबसे ज्यादा निगाहें MS Dhoni पर लगी हुई है जो वर्ल्ड कप सेमीफाइनल के बाद से भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं।…
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