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सोलन।शिमला संसदीय क्षेत्र के तहत सोलन के ठोडो मैदान में जनसभा को संबोधित किया। प्रधानमंत्री के वहां पहुंचते ही सारा मैदान मोदी-मोदी के नारे से गूंज उठा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने लाल टोपी और सुरेश कश्यप ने शाॅल पहनाकर प्रधानमंत्री का स्‍वागत किया। माँ शूलिनी को कोटि कोटि नमन करते हुए प्रधानमंत्री जनसभा को संबोधित किया।सोलन के ठोडो ग्राउंड में मोदी की रैली के लिए जनसैलाब उमड़ा हुआ था । पुलिस का कड़ा पहरा था, मंच पर अभी मुख्यमंत्री जयराम विराजमान हैं, प्रत्याशी सुरेश कश्यप, पूर्व सांसद वीरेंद्र कश्यप, नरेन्द्र बरागटा, तीर्थ रावत, राजीव सैजल सहित वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे।
4: 00 PM- दुनिया के बड़े बड़े देश भी डिजिटाइजेशन के लिए संघर्ष कर रहे है लेकिन भारत में हर किसी के पास मोबाइल है, 10 प्रतिशत आरक्षण दिया वो भी औरों का छीनें बिना दिया। हिमाचल आज देश के अग्रणी राज्य में है जिसके लिए सीएम जयराम ठाकुर भी बधाई के पात्र है। सोलन की मंडी को सम्मानित होने का मौका मुझे मिला।
3: 52 PM- हिमाचल का हर परिवार देश की रक्षा में जुड़ा है। हमारे प्रत्याशी भी फौजी है, कांग्रेस ने छह साल तक फौजियों के लिए बुलेट प्रूफ जैकेट की मांग टालते रहे। जवान शहीद हो रहे है लेकिन कांग्रेस कह रही है कि हुआ तो हुआ 2014 में आपने मुझे सेवा करने का मौका दिया। फाइलें खंगाली तो पता चला कि भारत अपनी सुरक्षा के लिए दूसरे पर निर्भर था, रक्षा सौदे कांग्रेस के लिए एटीएम था। कोई रक्षा सौदा नही है जिसमें इन पर आरोप न लगे हो। हिमाचल छोटा सा प्रदेश है लेकिन देश की सेवा में अहम भूमिका निभा रहा है।
3: 45 PM- वो मोदी को हराने में लगे है जबकि मैं देश को जिताने में लगा हूं। वो अपने पूर्वजों के नाम पर वोट मांगते है लेकिन जब उनसे उनके कारनामे पर जवाब मांगते है तो कहते है कि हुआ तो हुआ।
3: 43 PM- आज भी नामदार और उनके रिश्तेदार जमानत पर है। इसलिए यही गुस्सा उनमे है की कैसे चाय वाला देश को आगे ले जा रहा है। कांग्रेस की गालियों से मैं डिगने वाला नही हूं क्योंकि हमने भी सोलन का मशरूम खाया है। उनका मिशन मोदी की छवि को बिगाड़ने का है जबकि मेरा मिशन है देश की छवि को विश्व बनाने का।
3: 41 PM- हिमाचल के उन नौजवानों से जो पहली बार वोट डाल रहे है। उसमें ज्यादातर वो जिनका जन्म 21वीं सदी में हुआ है उनको अपने विकास के साथ देश के विकास को वोट देंगे। आप पूरी शताब्दी के विकास को वोट देंगे। इसलिए उनसे आग्रह करता हूं कि युवा इसका लाभ उठाए। 21वीं सदी के दो दशक चले गए है। अटल जी के विकास की गति को यदि कांग्रेस 10 साल केवल और केवल वहीं भी खड़ा रखते तो देश कहीं का कहीं होता लेकिन वो आधे पर लाये कांग्रेस के किये हुए गड्ढे को मैंने भरने की कोशिश की है, महंगाई को आधे पर लाये है। कांग्रेस व उसके महागठबंधन ने इतने घोटाले किये की हर रोज अखबारों में छपते थे।
3: 35 PM- 23 मई को इस समय तक आधे से ज्यादा परिणाम आ चुके होंगे और फिर होगा एक बार फिर मोदी सरकार लेकिन फिर भी बूंद बूंद से घड़ा भरता है। 19 मई तक हर मतदाता तक जाए कार्यकर्ता
3: 33 PM- माँ शूलिनी को कोटि-कोटि नमन, सोलन, सिरमौर व शिमला के लोगों का बहुत-बहुत धन्यवाद सोलन के माल रोड पर घुमा करते थे[ हिमाचल ने मुझे अपना बना लिया सोलन के माल रोड पर घूमा करते थे, सोलन के मनोहर लाल के चने जरूर खाते थे
3: 29 PM- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रैली स्थल पर पहुंचे, लाल टोपी और शाॅल पहनाकर किया सम्मानित
3: 27 PM- मोदी-मोदी के नारे से गूंजा ठोड़ो मैदान
3: 26 PM- 2014 में चाय वाला पीएम नही बन सकता और पूरा देश चाय वाले के समर्थन में आ गए। 2019 में चौकीदार चोर है के नारे कांग्रेस ने लगाए तो पूरा देश बोल उठा कि हम भी चौकीदार है
3: 25 PM- मोदी सोलन ठोड़ो मैदान पहुंचे।
3: 24 PM- जयराम बोले कांग्रेस सेना पर पथराव करने वालों को बचाना चाहती है जबकि भाजपा उसका जवाब देती है। वहीं कांग्रेस उनके बचाव का कानून बना रही है। कांग्रेस को सिर्फ कुर्सी चाहिए बाकी कुछ नही
3: 20 PM- सीएम जयराम ने कहा भाजपा प्रत्याशी सुरेश कश्यप वायु सेना से रिटायर्ड है और कांग्रेस के प्रत्याशी डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल सेना से रिटायर्ड है। लेकिन अंतर क्या है। सुरेश कश्यप एयर स्ट्राइक का समर्थन करते है कांग्रेस प्रत्याशी उसका सबूत मांगते है।
3: 15 PM- सोलन पहुंचा मोदी का हेलीकाप्टर। जनसभा स्थल के ऊपर से हेलीकॉटर गुजरते ही रुका मुख्यमंत्री का भाषण, लोगों ने हेलीकॉप्टर को दिखाए मोदी के चेहरे वाले फ़ोटो। उत्साहित हुए हजारों समर्थक।
3: 14 PM- सीएम जयराम ने कहा आज विपक्ष के पास कोई मुद्दा नही है। एक नेता ऐसा है जो परिवार की वजह से है। जो बोलता है कि इधर से आलू डलेगा उधर से सोना निकलेगा। पता ही नही चलता कि क्या बोलते है। आलू का फॉर्मूला भाजपा तो भाजपा कांग्रेस को भी समझ नही आया। हमीरपुर में कांग्रेस के अध्यक्ष आये और कबड्डी कबड्डी करते रहे
3: 11 PM- सर्जिकल स्ट्राइक व एयर स्ट्राइक पीओके में किया। मोदी जी आपको लोग पांच साल नही कई पांच साल पीएम देखना चाहते है।
3: 07 PM- मुंबई की 26/11 हमले में सैंकड़ों लोग मारे गए, लेकिन कार्रवाई क्या हुई। कसाब को पकड़ने के बाद घोर निंदा की गई। कसाब ने पाकिस्तान होने की बात कबूली लेकिन पाक ने मानने से इनकार कर दिया। दूसरी ओर मोदी ने उड़ी हमले का सीमा में घुसकर करारा जबाव दिया। पाकिस्तान को जिस भाषा में जबाव देने की जरूरत थी उसी भाषा में जबाव दिया गया।
3: 04 PM- मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का कहना है कि लोकसभा में नरेंद्र मोदी मूल मंत्र बन गया है। मोदी के नाम से देश की विश्व में पहचान होती है। 5 साल पहले भारत को भी सम्मान के साथ नहीं देता था। विश्व की महाशक्तियों में अमेरिका, रूस, जापान के नेता मोदी का खड़ा होकर सम्मान करते हैं। कांग्रेसी नेता परेशान है कि ऐसे में जाएं तो जाएं, कहां जाएं। शहरों के साथ-साथ गांव में भी मोदी छाए हुए हैं। कांग्रेस ने 5 साल तक कुछ नहीं किया, मोदी को गालियां देते समय गुजार दिया।
2: 58 PM- सोलन में भाजपा की चुनावी जनसभा में बोल रहे है सीएम जयराम ठाकुर। नरेंद्र मोदी ने भारत को विश्व मे दिलाई पहचान। कांग्रेस आज परेशान है। मोदी ही आएंगे और जीतेंगे ऐसा सुनकर परेशान है।
2: 48 PM- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महंगाई पर काबू करके इस मुद्दे को खत्म कर दिया। पहली बार केंद्र सरकार ने भ्रष्टाचार मुक्त सरकार प्रदान की है।
2: 46 PM- चंडीगढ़ से चल चुके प्रधानमंत्री मोदी, कुछ ही देर में पहुंचेंगे सोलन।
2: 43 PM- राजीव सैजल ने कहा की देश मे नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनें तो हिमाचल को श्रेष्ठ बनाने का सपना पूरा होगा ।
2: 42 PM-सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ राजीव सैजल का कहना है कि देश की बदहाली के लिए कांग्रेस जिम्मेदार है। इस देश को विकास की ओर ले जाने के बजाय कांग्रेस ने बर्बाद किया है। उनका कहना है कि नरेंद्र मोदी ही देश को आगे ले जा सकते हैं। दिल्ली में भाजपा सरकार बनने से हिमाचल का विकास संभव होगा
2: 34 PM- देश मे मोदी की लहर नहीं, सुनामी चल रही है : सुरेश कश्यप।
2: 33 PM- सोलन भाजपा रैली में जन सैलाब उमड़ा है। इस रैली में भाजपा नेताओं की ओर से 15 हजार लोगों की भीड़ उमड़ने का दावा किया जा रहा है। रैली मैदान के साथ-साथ पहाड़ी पर लोग बैठे हैं। इतना ही नहीं रैली स्थल के साथ लगती सड़कों पर भारी संख्या में लोग नजर आ रहे हैं।
2:14 PM - मंच पर अभी मुख्यमंत्री जयराम विराजमान हैं, प्रत्याशी सुरेश कश्यप, पूर्व सांसद वीरेंद्र कश्यप, नरेन्द्र बरागटा, तीर्थ रावत, राजीव सैजल सहित वरिष्ठ नेता भी मौजूद हैं।
1:28 PM - सोलन के ठोडो ग्राउंड में मोदी की रैली के लिए उमड़ी भीड़
12:29 PM - पुलिस का कड़ा पहरा, सबकी तलाशी के बाद मैदान में दाखिल किया जा रहा है।
गौरतलब है कि मंच दिखने में परेशानी होने के कारण मोदी की जनसभा स्थल से आयोजकों ने टेंट हटा दिया गया है। इसे धूप व बारिश से बचने के लिए लगाया था। भाजपा नेताओं का कहना है कि लोगों को मंच नहीं दिख रहा था, जिस कारण इसे हटाना पड़ा। रविवार को जनसभा स्थल से हेलीपैड तक एसपीजी ने कई बार ट्रायल किया और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया।भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष गणेश दत्त ने बताया कि जनता के बीच सोलन में प्रधानमंत्री करीब एक घंटे तक रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, सांसद शांता कुमार, पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती, संगठन महामंत्री राम लाल व शिमला संसदीय क्षेत्र के प्रमुख नेता मौजूद रहेंगे। मोदी सोलन में दोपहर करीब ढाई बजे भाषण शुरू करेंगे। इससे पहले स्थानीय नेता जनता को संबोधित करेंगे। एक बजे के बाद मैदान पैदल पहुंचना होगा। गणेश दत्त ने कहा कि मोदी के आने के कुछ समय पहले करीब एक बजे वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।लोगों को कुछ दूरी से जनसभा स्थल तक पैदल आना होगा। अधिकतर गाड़ियों की पार्किंग के लिए बाईपास पर व्यवस्था की गई है। इसके अलावा कुछ वाहनों को सड़क किनारे पर खडा करने की योजना है। दोपहर में बादल और बारिश की संभावना मौसम विभाग के निदेशक मनमोहन च्सह का कहना है कि 13 मई को दिन में बादल छाए रहने और हल्की बारिश के साथ तूफान की संभावना है। सोलन शिमला व सिरमौर तीनों जिलों में मौसम लगभग एक जैसा रहेगा। सुबह सूरज निकलेगा, लेकिन दोपहर के समय तूफान के साथ हल्की बारिश का भी अनुमान है।

गाजियाबाद। नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी से मोहननगर तक मेट्रो फेज-तीन के पांच स्टेशनों की लोकेशन फाइनल हो गई है। रैपिड रेल कॉरिडोर से जोड़ने के कारण सिर्फ वसुंधरा सेक्टर-2 स्टेशन की लोकेशन तय होना बाकी है। इस कॉरिडोर पर तीन स्टेशन सड़क के बीचोंबीच बनेंगे। मेट्रो फेज-दो की तरह ज्यादा जगह न घिरे, उसका ख्याल रखा गया है। इन स्टेशन दोनों तरफ केवल सीढ़ियां बनाई जाएंगी। तीन स्टेशन सड़क किनारे बनेंगे। मेट्रो के यहां आने और रेल कॉरिडोर के इससे जुड़ने से न केवल नोएडा, गाजियाबाद के लोगों के लोगों को लाभ होगा, बल्कि इससे हापुड़ और मेरठ के लोगों का भी आवागमन आसान हो जाएगा। एक अनुमान के मुताबिक, इससे दिल्ली के साथ यूपी के कम से कम चार जिलों के 50 लाख से अधिक लोगों को सीधे लाभ होगा। इससे गाजियाबाद के लोग मजेंटा लाइन से सफर करने के लिए रेड लाइन के बजाय ब्लू लाइन की ओर रुख करेंगे। दोनों परियोजनाओं से लाभान्वित होने वाले लोगों की संख्या शामिल करें तो यह 50 लाख के आसपास पहुंचेगी।
मेट्रो फेज-तीन के पांच स्टेशनों की जगह हुई तय, एक पर मंथन जारी;-नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी से एनएच-9 क्रॉस करने के बाद 1.125 किलोमीटर दूर मोहननगर लिंक रोड पर पहला स्टेशन वैभवखंड बनाया जाएगा। ये ठीक नेशनल फूड लैबोरेट्री (खाद्य अनुसंधान एवं मानकीकरण प्रयोगशाला) के सामने बनेगा। शिप्रा सन सिटी, अहिंसाखंड और वैभवखंड के लोगों के लिए यही करीब होगा। दूसरा स्टेशन डीपीएस इंदिरापुरम होगा, जो निराला ईडन पार्क के ठीक सामने बनेगा। तीसरा स्टेशन शक्तिखंड बनेगा, ये गौड़ साई सेलेस्टियल और द ग्रैंड प्लाजा के बीच बनेगा। पास में एसटीपी भी है। यही तीन स्टेशन सड़क के बीच बनेंगे। इन्हें बनाने के जमीन खरीदने की जरूरत नहीं होगी। सिर्फ एंट्री और एग्जिट के लिए सीढ़ी बनाने को भूमि चाहिए होगी।इसके बाद कॉरिडोर कनावनी पुलिया से पहले सड़क किनारे टर्न कर जाएगा। यहां से एलिवेटेड रोड के ऊपर से कॉरिडोर सड़क के किनारे-किनारे आगे जाएगा। चौथा स्टेशन वसुंधरा सेक्टर पांच होगा। जोकि, बुद्ध चौक से पहले गोल्ड प्लेट बैंक्वेट के सामने लिंक रोड पर करके कृषि भूमि पर बनाना प्रस्तावित है। पांचवां स्टेशन वसुंधरा सेक्टर-दो बनाया जाएगा। इसकी लोकेशन निर्धारित होनी है।मूल डीपीआर में था कि शिवाजी भोंसले मार्ग (खुला मैदान) रोटरी से टर्न कर मदन मोहन मालवीय मार्ग (वैशाली-मोहननगर मार्ग) पर ग्रीन बेल्ट पर कॉरिडोर बनाया जाए। उसमें इस मार्ग पर भारत बैटरी कंपनी के सामने वसुंधरा की तरफ इस स्टेशन को बनाना प्रस्तावित किया था। रैपिड रेल के साहिबाबाद स्टेशन से इस स्टेशन को जोड़ना है। वसुंधरा सेक्टर-दो स्टेशन के लिए जगह पर मंथन चल रहा है। कॉरिडोर का अलाइनमेंट बदलने की संभावनाएं तलाशने को अध्ययन चल रहा है।इस रूट पर जिन स्टेशनों की जगह तय हो गई है, उनमें छठा स्टेशन मोहननगर है। यह स्टेशन मेट्रो फेज-दो (दिलशाद गार्डन-शहीद स्थल न्यू बस अड्डा कॉरिडोर) के मोहननगर स्टेशन से थोड़ा पहले मदन मोहन मालवीय मार्ग पर बनाया जाएगा।
-3 स्टेशनों की दूरी एक किलोमीटर से कम
-नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी से वैभवखंड स्टेशन की दूरी 1.125 किलोमीटर
-वैभवखंड से डीपीएस इंदिरापुरम स्टेशन की दूरी महज 777.7 मीटर
-डीपीएस इंदिरापुरम से शक्तिखंड की दूरी 725.3 किलोमीटर
-शक्तिखंड से वसुंधरा सेक्टर-पांच की दूरी 1.289 किलोमीटर
-वसुंधरा सेक्टर पांच से सेक्टर दो स्टेशन की दूरी 1.377 किलोमीटर
-वसुंधरा सेक्टर दो से मोहननगर स्टेशन की दूरी 880.5 मीटर
-कंचन वर्मा (वीसी, जीडीए) के मुताबिक, मेट्रो फेज-तीन के पांच स्टेशनों की लोकेशन पर सहमति बन चुकी है। केवल वसुंधरा सेक्टर-दो की लोकेशन बदलेगी। डीपीआर में मामूली संशोधन के बाद जमीन का इंतजाम होगा।
-यह मेट्रो कॉरिडोर 5.917 किलोमीटर लंबा होगा
-कॉरिडोर बनाने के लिए 57279.7 वर्ग मीटर जमीन की जरूरत
-स्टेशन बनाने के लिए 11333.9 वर्ग मीटर भूमि चाहिए
-रनिंग कॉरिडोर के लिए 45945.8 वर्ग मीटर भूमि की जरूरत
-ज्यादातर सरकारी भूमि उपलब्ध, 8110 वर्ग मीटर खरीदनी होगी
1866 करोड़ रुपये लागत:-इस कॉरिडोर के निर्माण में 1866 करोड़ रुपये लागत का आंकलन किया गया है। डीपीआर में 1567.20 करोड़ रुपये की व्यवस्था राज्य सरकार के विभागों को करनी होगी। यह आर्थिक बोझ जीडीए, नगर निगम, आवास विकास परिषद और यूपीएसआइडीसी पर पड़ेगा। 274.80 करोड़ रुपये की फंडिंग केंद्र सरकार के पाले में आएगी।
इन स्टेशनों पर लगी मुहर
-वैभवखंड
-डीपीएस इंदिरापुरम
-शक्तिखंड
-वसुंधरा सेक्टर पांच
-मोहननगर
चार जिलों को होगा फायदा
-मेरठ, हापुड़, गाजियाबाद और नोएडा के लोग मेट्रो के जरिये आसान से दिल्ली जा सकेंगे।
-नोएडा के सेक्टर-63 इलेक्ट्रॉनिक सिटी मेट्रो स्टेशन से वैभव खंड, डीपीएस इंदिरापुरम, शक्ति खंड, वसुंधरा सेक्टर-5, वसुंधरा सेक्टर-2 और मोहन नगर तक जुड़ेंगे।
-वसुंधरा सेक्टर-2 से वैशाली तक के सेक्शन पर साहिबाबाद तक आना होगा। यहां से रैपिड रेल के स्टेशन तक वॉकवे से जाकर रैपिड रेल के सहारे भविष्य में मेरठ और दिल्ली के सराय काले खां तक जा सकेंगे।
-ग्रेटर नोएडा के निवासी एक्वा लाइन का सहारा लेते हुए सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन पर उतरेंगे। यहां से ब्लू लाइन के सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन से सेक्टर-63 के इलेक्ट्रॉनिक सिटी मेट्रो स्टेशन होते हुए आगे का सफर तय कर सकेंगे।
-रैपिड रेल कॉरिडोर और मेट्रो के चलने से नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ के लोगों का सफर काफी आसान हो जाएगा।
-मेरठ के लोगों का दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद तक पहुंचना काफी आसान हो जाएगा। वह रैपिड रेल नेटवर्क से गाजियाबाद और दिल्ली से जुड़ेंगे और मेट्रो से नोएडा तक आ सकेंगे।

रांची। झारखंड की राजधानी रांची में अजब प्रेम की गजब कहानी सामने आई है। यहां एक सनकी प्रेमी ने शादी के बाद दूल्‍हे के साथ ससुराल जा रही दुल्‍हन को कार से जबरन उतार लिया और फरार हो गया। दुल्‍हन को अपनी प्रेमिका बता रहे इस आशिक ने मौके पर ही दूल्‍हे और उसके परिजनों की जमकर पिटाई भी कर दी। फिलहाल दुल्‍हन का अपहरण कर लिए जाने का मामला थाना पहुंचा है। जहां सनकी प्रेमी पर अपहरण की प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। दुल्हन और दूल्हे के परिजन नगड़ी थाना में प्रथामिकी करने पहुंचे हैं।
थाने में किया आत्मसमर्पण:-इधर नगड़ी थाना के लाबेद गांव से दुल्हन को लेकर भागे प्रेमी ने प्रेमिका संग ईटकी थाने में आत्मसमर्पण कर दिया है। प्रेमी के साथ फरार हुई दुल्हन ने पुलिस से कहा कि मैंने परिवार वालों को पहले ही अपने प्रेम संबंध के बारे में बता दिया था। इसके बावजूद उसकी मर्जी के खिलाफ परिवार वालों ने जबरन शादी कर दी। दुल्हन अंजलि टोप्‍पो ने बताया कि शादी के पहले ही दूल्हे को भी दूसरे से प्रेम करने की बात बताई गई थी। फिर भी वह नहीं माना तो अपने प्रेमी असीम मिंज के साथ अपनी मर्जी से चली आई। प्रेमी असीम मिंज, पिता याकूब मिंज ईटकी थाना क्षेत्र के रानीखटंगा का रहने वाला है। दुल्‍हन अंजलि नगड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम लाबेद, तिरिल आश्रम की रहने वाली है।
क्‍या है मामला;-रांची के नगड़ी थाना क्षेत्र के लाबेद गांव में बीती रात शादी के उपरांत विदाई समारोह के बाद जब दुल्हन को दूल्हा (वर बाबू) अपने गांव खूंटी ले जा रहा था। तब गांव से आगे कुछ दूरी पर पहले से घात लगाकर बैठे दुल्हन के प्रेमी ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर दूल्हा की कार रोक ली। इसके बाद दूल्हा के परिजनों से मारपीट कर दुल्हन को लेकर फरार हो गया।बताया गया कि सनकी प्रेमी खड़गा गांव का रहने वाला है। वह अपहरण को अंजाम देने के लिए अपने दो दोस्‍तों के साथ गांव से करीब एक किलोमीटर दूर खड़ा था। इस बीच दुल्‍हन की गाड़ी आते ही जबरन उसके प्रेमी और दोस्‍तों ने मिलकर कार रोक ली। इसके बाद दुल्‍हन को लेकर बुलेट से निकल भागा। दुल्‍हा खूंटी के फुदी गांव से बरात लेकर लाबेद गांव में शादी करने पहुंचा था। यहां से रात आठ बजे दुल्‍हन की विदाई की गई।जिसके बाद उसका अपहरण कर लिया गया। दुल्‍हन के प्रेमी के साथ फरार हो जाने के बाद दूल्‍हे के परिजन दुल्‍हन के घर पहुंच कर हंगामा करने लगे। लड़के वालों का आरोप था कि जानबूझकर और अंधेरे में रखकर शादी की गई। परिजनों को पहले से ही दुल्‍हन के प्रेमी के बारे में सब कुछ पता था।जानकारी के मुताबिक लाबेद गांव के राम उरांव की 27 वर्षीय बेटी अंजलि टोप्‍पो की शादी के लिए बरात खूंटी के फुदी गांव से आई थी। विवाह के रस्‍म पूरे करने के बाद रात आठ बजे दूल्‍हे के संग दुल्‍हन की विदाई कर दी गई। हालांकि, लड़की के परिजन पहले से प्रेम प्रसंग के बारे में किसी तरह की जानकारी होने से इन्‍कार कर रहे हैं।

नई दिल्ली। जब भी हम यात्रा करते है तो अपने साथ कुछ ना कुछ सामान जरुर लेकर जाते है। कई बार सामान की मात्रा काफी अधिक हो जाती है। हवाई यात्रा में भी सामान के वजन को लेकर कुछ नियम कानून लागू हैं। हालांकि, शायद ही आप जानते हों कि रेलवे में भी सामान को लेकर कुछ कायदे कानून बनाए गए हैं। भारतीय रेलवे के नियमों के मुताबिक हर एक व्यक्ति को यात्रा के दौरान मुफ्त सामान ले जाने की सीमा निर्धारित है। मुफ्त सामान ले जाने की सीमा ट्रेन के क्लास के हिसाब से अलग-अलग है।हालांकि, यात्री की टिकट श्रेणी के अनुसार, डिब्बे में मुफ्त सामान ले जाने की सीमा से परे अतिरिक्त सामान बुक कराकर ले जा सकते हैं। अतिरिक्त सामान पर भारतीय रेलवे के पोर्टल के अनुसार लागू सामान दर से 1.5 गुना अधिक चार्ज लगता है।
ये है अतिरिक्त सामान दर से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें
-भारतीय रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट indianrail.gov.in के अनुसार,
-कक्षा नि: शुल्क भत्ता सीमांत भत्ता अधिकतम मात्रा अनुमत (मुफ्त भत्ता सहित)
-एसी फर्स्ट क्लास 70 किलोग्राम 15 किलोग्राम 150 किलोग्राम
-एसी 2-टीयर स्लीपर / प्रथम श्रेणी
-50 किलोग्राम 10 किलोग्राम 100 किलोग्राम
-एसी 3-टियर स्लीपर / एसी चेयर कार 40 किलोग्राम 10 किलोग्राम 40 किलोग्राम
-स्लीपर क्लास
-40 किलोग्राम 10 किलोग्राम 80 किलोग्राम
-दूसरी श्रेणी 35 किलोग्राम 10 किलोग्राम 70 किलोग्राम
-जिन यात्रियों के बकसे, सूटकेस, 100 cms x 60 cms x 25 cms (लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई) होगी उन्हें सामान ले जाने की अनुमति है। यदि तय किए गए माप से सामान का वजन और माप ज्यादा है तो ऐसे में ब्रेक वैन के जरिएहालांकि, ट्रंक / सूटकेस का अधिकतम आकार एसी 3 टियर और एसी चेयर कार कम्पार्टमेंट में 55 सेंटीमीटर x 45 सेंटीमीटर x 22.5 सेमी है। बड़ा सामान केवल ब्रेक वैन के माध्यम से ले जाना की अनुमति है, जिसके लिए न्यूनतम शुल्क 30 रुपये है। यात्री ट्रेनों के ब्रेक वैन में सामान की ढुलाई पर कोई प्रतिबंध नहीं है। रेलवे की वेबसाइट के अनुसार, पांच वर्ष से 12 वर्ष तक की आयु के बच्चों को अधिकतम 50 किलोग्राम तक मुफ्त भत्ता दिया जाता है।

नई दिल्‍ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की वैकेशन बेंच (अवकाश पीठ) ने सोमवार को दिल्‍ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) के उस आदेश के खिलाफ केंद्र सरकार की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करने का निर्णय लिया जिसमें 2018 बैच के आईएएस (IAS) और आईपीएस (IPS) अधिकारियों का कैडर आवंटन रद्द कर दिया गया था।यह याचिका तुरंत सुनवाई के लिए जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ के समक्ष आई, जिस पर बेंच ने कहा कि अदालत इस याचिका पर शुक्रवार को यानी 17 मई को सुनवाई करेगी। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि हाईकोर्ट ने सरकार को कैडर आवंटन की पूरी प्रक्रिया फिर से करने के लिए कहा है। दिल्‍ली हाईकोर्ट ने हाल ही में नई नीति के तहत साल 2018 बैच के आईएएस और आईपीएस अधिकारियों का कैडर आवंटन रद्द करते हुए इसको दोबारा आवंटित करने का आदेश जारी किया था।बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में हर साल की तरह इस बार भी 13 मई से ग्रीष्‍मावकाश शुरू हो जाएगा जो 30 जून तक चलेगा। इस दौरान शीर्ष अदालत की वैकेशन बेंच (अवकाश पीठ) सुनवाई करती है। इस बार इसमें चीफ जस्‍टिस रंजन गोगोई भी शामिल हैं। सीजेआइ को इस बेंच में शामिल करने का मुख्‍य उद्देश्‍य यह है कि नई सरकार के गठन में किसी तरह का व्‍यवधान उत्‍पन्‍न होने पर उसे तुरंत सुलझाया जा सके।

नई दिल्‍ली। कुछ दिन पहले चिनूक और अब अपाचे। भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल इन दोनों लड़ाकू हेलीकॉप्टरों ने दुर्गम स्थानों पर भी इसकी मारक क्षमता में कई गुना वृद्धि की है। तमाम खूबियों वाला अपाचे दुनिया की कई ताकतवर सेनाओं के जखीरे में शामिल है। अपाचे हेलीकॉप्टर को भारतीय वायुसेना की भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया गया है और यह पर्वतीय क्षेत्र में महत्वपूर्ण क्षमता प्रदान करेगा। अपाचे को अमेरिकी कंपनी बोइंग ने इस तरह डिजाइन किया है कि यह दुश्मन की किलेबंदी को भेद कर उस पर सटीक हमला करने में सक्षम है।
क्या खास है अपाचे में
-550 किलोमीटर है फ्लाइंग रेंज।
-16 एंटी टैंक मिसाइलें छोड़ने की क्षमता है 16अत्यंत तेज गति वाले अपाचे में
-16 फ़ुट ऊंचे और 18 फ़ुट चौड़े अपाचे हेलीकॉप्टर को उड़ाने के लिए दो पायलट होना जरूरी है।
-30 एमएम की 1,200 गोलियां एक बार में भरी जा सकती हैं, हेलीकॉप्टर के नीचे लगी बंदूकों में।
-इस हेलीकॉप्टर के बड़े विंग को चलाने के लिए दो इंजन होते हैं। इस वजह से इसकी रफ्तार बहुत ज्यादा है।
-इसका डिजाइन ऐसा है कि इसे रडार पर पकड़ना मुश्किल होता है।
-ये एक बार में पौने तीन घंटे तक उड़ान भर सकता है।
-अपाचे हेलीकॉप्टर की डिजिटल कनेक्टिविटी व संयुक्त सामरिक सूचना वितरण प्रणाली में सुधार किया गया है। साथ ही अधिक शक्ति को समायोजित करने के लिए इंजनों को उन्नत किया गया है। यह मानव रहित हवाई वाहनों (यूएवी) को नियंत्रित करने की क्षमता से लैस है। बेहतर लैंडिंग गियर, बढ़ी हुई क्रूज गति, चढ़ाई दर और पेलोड क्षमता में वृद्धि इसकी कुछ अन्य विशेषताएं हैं।
-इस हेलीकॉप्टर में युद्ध के मैदान की तस्वीर को प्रसारित करने और प्राप्त करने की क्षमता है।
अचूक निशाना;-इसका निशाना बहुत सटीक है। जिसका सबसे बड़ा फायदा युद्ध क्षेत्र में होता है, जहां दुश्मन पर निशाना लगाते वक्त आम लोगों को नुकसान नहीं पहुंचता है
कंपनी ने दो हजार से ज्यादा हेलीकॉप्टर बेचे:-जनवरी, 1984 में बोइंग कंपनी ने अमेरिकी फौज को पहला अपाचे हेलीकॉप्टर सौंपा था। तब इस मॉडल का नाम था एच-64ए। तब से लेकर अब तक बोइंग 2,200 से ज्यादा अपाचे हेलीकॉप्टर बेच चुकी है। भारत से पहले इस कंपनी ने अमेरिकी फौज के जरिये मिस्न, ग्रीस, इंडोनेशिया, इजरायल, जापान, क़ुवैत, नीदरलैंड, कतर, सऊदी अरब और सिंगापुर को अपाचे हेलीकॉप्टर बेचे हैं।
पायलट को चाहिए विशेष ट्रेनिंग:-पांच साल तक अफगानिस्तान के संवेदनशील इलाकों में अपाचे हेलीकॉप्टर उड़ा चुके ब्रिटेन की वायु सेना में पायलट एड मैकी के मुताबिक, किसी नए पायलट को इस हेलीकॉप्टर उड़ाने के लिए कड़ी और एक लंबी ट्रेनिंग लेनी होती है, जिसमें काफी खर्च आता है। सेना को एक पायलट की ट्रेनिंग के लिए 30 लाख डॉलर तक भी खर्च करने पड़ सकते हैं। बतौर मैकी इसे कंट्रोल करना बड़ा मुश्किल है। दो पायलट मिलकर इसे उड़ाते हैं। मुख्य पायलट पीछे बैठता है। उसकी सीट थोड़ी ऊंची होती है। वह हेलीकॉप्टर को कंट्रोल करता है। आगे बैठा दूसरा पायलट निशाना लगाता है और फायर करता है। इस पर अपना हाथ साधने के लिए पायलट एड मैकी को 18 महीने तक ट्रेनिंग करनी पड़ी थी।

 

 

 

 

 

नई दिल्‍ली। सभी जानते हैं कि तरबूज गर्मियों शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है। इसमें पानी, कार्बोहाइड्रेट और फाइबर भरपूर मात्रा में होता है। तरबूज में विटामिन्स भी पाये जाते है, इसमें कोलेस्ट्राल नहीं होता, यह आखों के लिए भी उपयोगी होता है। डिहाइड्रेशन से बचाने के साथ ही यह हमें कई अन्य बीमारियों से भी बचाता है। गर्मियों में भरपूर तरावट के लिए हर दिन एक प्लेट तरबूज जरूर खाएं, लेकिन तरबूज खाने के साथ पानी न पिएं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके ज्यादा सेवन से आप बीमार भी पड़ सकते हैं। आहार व पोषण विशेषज्ञ सिमरन सैनी बता रही हैं क्यों तरबूज का सेवन नहीं करना चाहिए।
डायबिटीज की समस्या:-क्योंकि डायबिटीज लाइफस्टाइल से जुड़ी समस्या है, इसलिए डायबिटीज के रोगियों को अपने खानपान का विशेष रूप से ध्यान रखना पड़ता है। तरबूज में भारी मात्रा में नेचुरल शुगर होता है। ऐसे में अगर शुगर के मरीज तरबूज का ज्यादा सेवन करेंगे तो उनके ब्लड में शुगर की मात्रा बढ़ जाएगी। इसलिए डायबिटीज के मरीजों को एक सीमित मात्रा में तरबूज का सेवन करना चाहिए।
हार्ट प्रॉब्लम से घिरे लोग:-हॉर्ट की प्रॉब्लम से घिरे लोगों को तरबूज का सेवन करने से बचना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि तरबूज में भारी मात्रा में पोटेशियम होता है। डॉक्टर सैनी का कहना है कि हार्ट की प्रॉब्लम से घिरे लोगों को तरबूज का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि इससे हॉर्ट की प्रॉब्लम और बढ़ जाती है।
किडनी समस्या से घिरे लोग:-आजकल लोगों में किडनी की समस्या भी आम हो गई है। किडनी की समस्या भी लाइफस्टाइल से जुड़ी हुई है। डॉक्टरों की माने तो आजकल युवाओं में भी किडनी की समस्या होना आम बात हो गई है। किडनी की समस्या से घिरे लोगों को इसलिए तरबूज का ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इसमें मिनरल्स की मात्रा अधिक होती है। इसलिए किसी गंभीर समस्या से बचने के लिए ऐसे लोग तरबूज का लिमिटिड मात्रा में ही सेवन करें।
अस्थमा के रोगी और तरबूज:-अस्थमा एक बहुत गंभीर बीमारी है। इसलिए इस रोग से जूझ रहे लोगों को अपने खानपान पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। अस्थमा के मरीजों के लिए ज्यादा तरबूज का सेवन सही नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि असथमा में अमीना एसिड होता है। अगर रोगी ज्यादा तरबूज का सेवन करेंगे तो अस्थमा अटैक का खतरा बढ़ सकता है।

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों बस्तर और दंतेवाड़ा में 30 महिला सदस्यों की एक यूनिट को तैनात किया गया है। इस महिला नक्सल विरोधी दस्ते को 'दंतेश्रवरी लड़ाके' के नाम से जाना जाता है। इस यूनिट में आत्मसमर्पण कर चुकी 10 पूर्व नक्सली महिलाओं को भी शामिल किया गया है।बस्तर जिले की आईजी विवेकानंदा सिन्हा ने दंतेश्वर लड़ाके यूनिट के बारे में बताया कि महिला पुलिस कमांडो अपने पुरुष समकक्षों के साथ काम करने जा रही हैं। मझे यकीन है कि महिला कमांडो अच्छा काम करेंगी और यह महिला सशक्‍तीकरण का एक अनूठा उदाहरण है।
क्यों रखा गया ‘दंतेश्वरी लड़ाके’ नाम:-इस यूनिट का नाम ‘दंतेश्वरी लड़ाके’ देवी दंतेश्वरी के नाम पर रखा गया है। यह दस्ता छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से करीब 400 किलोमीटर दूर स्थित नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में जिला रिजर्व गार्ड में शामिल किया गया है।

शिमला।शिमला की मशहूर ग्रैंड होटल इमारत में देर रात भीषण आग लग गई, जिससे एक हिस्सा पूरी तरह जलकर राख हो गया। बता दें कि ऐतिहासिक ग्रैंड होटल भवन केंद्र में सरकार का अतिथि गृह भी है। रात पौने एक बजे पुलिस की पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची। तब तक आग काफी फैल चुकी थी। कुछ देर बाद फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची, जिसके बाद आग को बुझाने का काम शुरू किया गया। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। प्राप्‍त जानकारी के मुताबिक, आग लगने की सूचना पुलिस को रात 12:30 बजे सीटीओ के समीप ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ने दी। आग लगने की सूचना जैसे ही मिली मॉल रोड, छोटा शिमला और बोइलुगेंग फायर स्‍टेशनों से दमकल कर्मी घटनास्‍थल की ओर रवाना हो गए। लेकिन, जब तक वे मौके पर पहुंचते आग बुरी तरह फैल चुकी थी। पानी की कमी के चलते उन्‍हें आग बुझाने में कड़ी मशक्‍कत करनी पड़ी। आग की लपटें शहर के कई हिस्‍सों से दिखाई दे रही थीं। इमारत का जो हिस्‍सा जला है उसका नाम मायो ब्‍लाक है। इसे वीआईपी ब्‍लॉक के नाम से भी जाना जाता है। इसी हिस्‍से में केंद्र सरकार का अतिथि गृह है। यहां पर केंद्र सरकार के अधिकारी ठहरा करते थे। अमूमन, हफ्ते के अंत में वीआईपी ब्‍लॉक पूरी तरह से भर जाता है, लेकिन गनीमत रही कि नवीनीकरण के चलते इसमें कोई अतिथि मौजूद नहीं था। भवन में लकड़ी का इस्तेमाल अधिक हुआ था और अतिथि गृह के भीतर जीर्णोद्धार में इस्तेमाल हो रहा नया लकड़ी की मटीरियल भी पड़ा था। इस कारण आग तेजी से फैली, अग्निशमन विभाग की पांच गाड़ियां आग बुझाने के काम में लगाई गई थीं। करीब चार घंटे बाद आग पर काबू पाया गया। अतिथि गृह के छह कमरे पूरी तरह जल गए हैं। सूत्रों ने बताया कि बीते छह महीनों से ग्रैंड होटल के रेस्ट हाउस में जीर्णोद्धार का चला था। इस काम को एक निजी ठेकेदार से कराया जा रहा था, जो कि दिल्ली का रहने वाला है। रेनोवेशन का काम 80 फीसदी काम पूरा हो चुका था। इसमें बिजली की आपूर्ति पहले होती थी लेकिन जब से काम चला तब से बंद थी। ठेकेदार ने बिजली का अस्थाई कनेक्शन लिया हुआ था। फिलहाल, सुरक्षा व्यवस्था ठेकेदार की जिम्मे थी। बावजूद इसके ठेकेदार रात को ना तो किसी को यहां छोड़ता था और ना ही निगरानी के लिए अन्य व्यवस्था की थी। ऐसे में इस अग्निकांड में शक की सुई ठेकेदार की लापरवाही पर घूम गई है। पुलिस ने ठेकेदार को पूछताछ के लिए शिमला बुला लिया है।

नई दिल्ली। सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिये फेक न्यूज यानी फर्जी खबर का बढ़ता प्रसार दुनियाभर के देशों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। अब शोधकर्ताओं ने अध्ययन कर यह पता लगाने का दावा किया है कि भारत में वाट्सएप पर प्रसारित होने वाले गलत सूचना संदेश (फेक न्यूज) वोटरों को कैसे प्रभावित कर रहे हैं।ब्रिटेन में रहने वाले एक भारतीय शोधकर्ता सायन बनर्जी के मुताबिक, फर्जी खबर लोगों के राजनीतिक विचारों को नहीं बदलती, बल्कि, मौजूदा मान्यताओं को और मजबूत करती है। साथ ही, यह हमारे भीतर मौजूद सबसे खराब विचारों को भी बाहर ले आती है। कई रिपोर्ट यह भी कहती हैं कि फेक न्यूज के जरिये किसी केप्रति गलत धारणाएं बनाकर राजनीतिक पार्टी के उम्मीदवारों या किसी समूह के सदस्यों के प्रति वोटरों की पसंद को बदला जा सकता है।ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ एसेक्स के बनर्जी और उनकी टीम यह समझना चाहती थी कि भारत जैसे विकासशील देशों में वाट्सएप जैसे सोशल मीडिया मंचों पर फारवर्ड की जाने वालीं फर्जी खबरें कैसे लोगों के राजनीतिक मतों, जातीय हिंसा और सार्वजनिक नीति के विकल्पों को प्रभावित करती हैं। इसके लिए शोधकर्ताओं की एक टीम ने पांच सप्ताह तक देश के 18 निर्वाचन क्षेत्रों का अध्ययन किया। इनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, और झारखंड के इलाके शामिल थे।बनर्जी ने कहा, ‘अमेरिका के शोधकर्ताओं ने इस बात का पहले ही पता लगा लिया है कि फेक न्यूज केवल मौजूदा राजनीतिक विचारों और मतों को पुष्ट करती है। लेकिन इससे किसी व्यक्ति के विश्वास को नहीं डिगाया जा सकता।’ उन्होंने कहा कि आज फेक न्यूज एक रोग बनकर हमारे सामने खड़ी है और लोग बिना सोचे समझे एप पर आए संदेशों का फॉरवर्ड कर देते हैं। उन्होंने कहा कि अपने शोध में हमने पाया कि फेक न्यूज केवल एक उत्प्रेरक है, जो हमारे भीतर के दानव को बाहर निकाल देती है।शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन के लिए दो चरणों में प्रयोग किए। पहले चरण में उन्होंने 18 निर्वाचन क्षेत्रों से 3500 मतदाताओं का चुनाव किया और उनकी राजनीतिक प्राथमिकताएं जानीं। इसके बाद अपना फोन नंबर साझा करने के इच्छुक प्रतिभागियों को शोध के लिए चुना। दूसरे चरण में शोधकर्ताओं ने खबर को उसकी सत्यता की जांच कर एक ग्रुप के जरिये साझा किया। साथ ही एक दूसरे ग्रुप से दैनिक प्रयोग में आने वाली वस्तुओं और सुरक्षा से संबंधित फेक खबर साझा की।बनर्जी ने कहा कि ये खबर हानिकार नहीं थी और न ही किसी राजनीतिक पार्टी से संबंधित थी। बनर्जी ने कहा कि इस दौरान हमने पाया कि राजनीतिक पार्टियों के लोग केवल वोट पाने के लिए ऐसे संदेशों को भी अपने वाट्सएप ग्रुपों में साझा कर देते हैं, जिससे हिंसा भड़क सकती है। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता है ऐसे संदेश लोगों को प्रभावित करते हैं। लेकिन सड़क, बिजली जैसे मुद्दे जरूर लोगों को सोचने पर मजबूर करते है।

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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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