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नई दिल्ली।हिंदी आलोचना के शिखर पुरुष नामवर सिंह नहीं रहे। मंगलवार की रात 11.52 पर दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में उन्होंने अंतिम सांस ली। पिछले दिनों नामवर सिंह दिल्ली के अपने घर में गिर गए थे जिसके बाद उनके सिर में चोट लगी और उनको एम्स के ट्रामा सेंटर में भर्ती करवाया गया था।28 जुलाई, 1926 को तत्कालीन बनारस जिले के जीयनपुर गांव में नामवर सिंह का जन्म हुआ था। नामवर सिंह ने अपने लेखन की शुरुआत कविता से की और 1941 में उनकी पहली कविता ‘क्षत्रियमित्र’ पत्रिका में छपी।1951 में काशी हिंदू विश्वविद्यालय से एमए करने के दो साल बाद वहीं हिंदी के व्याख्याता नियुक्त हुए। 1959 में चकिया चंदौली से कम्युनिस्ट पार्टी के टिकट पर लोकसभा चुनाव हारने बाद बीएचयू से अप्रिय परिस्थितियों में नौकरी छोड़नी पड़ी और उसके बाद सागर विश्वविद्यालय में कुछ दिन नौकरी की।1960 में बनारस लौट आए। फिर 1965 में जनयुग साप्ताहिक के संपादन का जिम्मा मिला। 1971 में नामवर सिंह को कविता के नए प्रतिमान पर साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला। 1974 में दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में प्रोफेसर नियुक्त हुए और वहीं से 1987 में सेवा-मुक्त हुए।नामवर सिंह एक प्रखर वक्ता भी थे। बकलम खुद, हिंदी के विकास में अपभ्रंश का योगदान, आधुनिक साहित्य की प्रवृत्तियांष छायावाद, पृथ्वीराज रासो की भाषा, इतिहास और आलोचना, नई कहानी, कविता के नए प्रतिमान, दूसरी परंपरा की खोज उनकी प्रमुख कृतियां हैं। लेखक नामवर सिंह के निधन पर साथी लेखकों, पत्रकारों और राजनेताओं ने गहरा दुख जताते हुए श्रद्धांजलि दी है। इस कड़ी में नेता सीतारम येचुरी ने ट्वीट किया है- 'डॉ नामवर सिंह का साहित्य की दुनिया में बहुत विशेष स्थान था। उनका काम और उनका योगदान, उनके जाने के बाद भी कई पीढ़ियों को प्रभावित करेगा। उन्हें श्रद्धांजलि दी।'
लंबे समय तक किया अध्यापन कार्य
हिंदी साहित्यजगत के चर्चित आलोचक नामवर सिंह ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के अलावा दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में लंबे अरसे तक अध्यापन कार्य किया था। बीएचयू से हिंदी साहित्य में एमए और पीएचडी की डिग्री हासिल करने वाले नामवर सिंह ने हिंदी साहित्य जगत में आलोचना को नया मुकाम दिया।अध्यापन की कड़ी में जेएनयू से पहले उन्होंने सागर (मध्य प्रदेश) और जोधपुर यूनिवर्सिटी (राजस्थान) में भी पढ़ाया। जनयुग और आलोचना नाम की दो हिंदी पत्रिकाओं के वह संपादक भी रहे। 1959 में उन्होंने चकिया-चंदौली सीट से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी से चुनाव लड़ा, लेकिन हार के बाद बीएचयू में पढ़ाना छोड़ दिया।
रचनाएं;-बकलम खुद - व्यक्तिव्यंजक निबन्धों का संग्रह, कविताओं तथा विविध विधाओं की गद्य रचनाओं के साथ संकलित
शोध;
हिन्दी के विकास में अपभ्रंश का योग - 1952
पृथ्वीराज रासो की भाषा - 1956 (अब संशोधित संस्करण 'पृथ्वीराज रासो: भाषा और साहित्य' नाम से उपलब्ध)
आलोचना:-आधुनिक साहित्य की प्रवृत्तियां - 1954
छायावाद - 1955
इतिहास और आलोचना - 1957
कहानी : नयी कहानी - 1964
कविता के नये प्रतिमान - 1968
दूसरी परंपरा की खोज - 1982
वाद विवाद और संवाद - 1989

चेन्नई। देशभर के आज करीब 56 हजार पेट्रोल पंप 20 मिनट के लिए बंद रहेंगे। पुलवामा आतंकी हमले के विरोध और शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए द कंसोर्टियम ऑफ इंडियन पेट्रोल पंप डीलर्स (सीआइपीडी) के अंतर्गत आने वाले देशभर के 56 हजार पेट्रोल पंप बुधवार को 20 मिनट के लिए बंद रहेंगे।पुलवामा हमले के विरोध में संगठन के अंतर्गत आने वाले पेट्रोल पंप शाम सात बजे से 7:20 बजे तक बद रहेंगे। इस दौरान पेट्रोल पंपों पर शहीदों की तस्वीर और बैनर लगाए जाएंगे तथा लाइट बंद रखी जाएंगी। सीआइपीडी के प्रभारी महासचिव के सुरेश कुमार ने लोगों से सहयोग का आह्वान किया है।20 मिनट पर पेट्रोल पंप पर कोई कामकाज नहीं होगा। संगठन का कहना है कि हम यह संदेश देना चाहते हैं कि दुख की इस घड़ी में हम देश के बहादुर जवानों व उनके परिजनों के साथ खड़े हैं। पेट्रोल डीलर्स संगठन ने भी आम जनता से भी सहयोग करने की अपील की है। लोगों से अपील की गई है कि अगर जरूरी है तो वे पहले ही अपनी गाड़ी में पेट्रोल भरा लें, जिससे बंद के दौरान उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो।गौरतलब है कि 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 44 जवान शहीद हो गए। इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद ने ली है। यह हमला आत्मघाती हमलावर आदिल अहमद डार ने किया।

पटना। बिहार में अब सनी लियोनी जूनियर इंजीनियर की नौकरी करेंगी, ये सुनकर आपको आश्चर्य होगा, लेकिन खबर पक्की है। एेसा इसलिए कि पीएचईडी विभाग में जूनियर इंजीनियर के लिए निकली वैकेंसी के लिए किए गए आवेदन में मेरिट लिस्ट में सनी लियोनी का नाम सबसे टॉप पर है।दरअसल बिहार में जूनियर इंजीनियर की मेरिट लिस्ट में सनी लियोन नाम की छात्रा पहले नंबर पर आयी हैं, मेरिट लिस्ट की मानें तो उन्होंने परीक्षा में 98.5 प्रतिशत स्कोर किया है और एजुकेशन प्वाइंट में 73.50 अंक मिले हैं। एक्सपीरियंस प्वाइंट के रूप में 25 नंबर मिले हैं. एेसे में वो रिजल्ट की मेरिट लिस्ट में टॉप पर हैं।इस बारे में बिहार सरकार में मंत्री विनोद नारायण झा ने कहा कि विभाग में सनी लियोनी के नाम पर आवेदन देना, यह किसी शरारती तत्व की हरकत है और इस मामले को विभाग देख रहा है, कोई गड़बड़ी हुई कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जूनियर इंजीनियर के लिए कई लोगों ने आवेदन भेजा था।तो अब ये भी जान लीजिए कि यह बॉलीवुड की अभिनेत्री सनी लियोन नहीं हैं, बल्कि 13 मई, 1991 को जन्मी सनी लियोन नामक महिला अभ्यर्थी हैं, जिनका एप्लिकेशन आइडी जेइसी/0031211 है और उनके पिता का नाम लियोना लियोन लिखा है। हालांकि यह नाम सही है कि नहीं इसको लेकर सवाल उठ रहे हैं। क्योंकि मेरिट लिस्ट में तीसरे नंबर पर BVCXZ नामक अभ्यर्थी है, जिसने 92.89 स्कोर किया है. हालांकि पीएचईडी विभाग का कहना है कि इस लिस्ट पर दावा और आपत्ति के लिए 24 फरवरी तक का समय दिया गया है।दावा आपत्ति आने के बाद लिस्ट को एक बार फिर से जारी किया जायेगा और अंतिम सूची में दर्ज कैंडिडेट को सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के लिए बुलाकर उन्हें अंतिम तौर पर सेलेक्ट किया जायेगा।हालांकि विभाग के संयुक्त सचिव अशोक कुमार ने कहा कि गलत नाम से रजिस्ट्रेशन कर आवेदन करना ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की सुविधा का दुरुपयोग है। उनका कहना है कि ये सभी सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन में नहीं आएंगे, इसके बाद फर्जी डाटा एंट्री करने वालों पर कार्रवाई पर भी विचार किया जा सकता है।बता दें कि हाल में ही 214 सिविल इंजीनियर के पदों के लिए कांट्रैक्ट पर यह वैकेंसी निकली थी, जिसमें जूनियर इंजीनियरों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किये गये थे। इसकी मेरिट लिस्ट 15 फरवरी को प्रकाशित की गयी है और इसके मेरिट लिस्ट के प्रकाशन के बाद ये बात पकड़ में आई है।

जयपुर। जासूसी व आतंकी गतिविधियों से जुड़े मामले में जयपुर सेंट्रल जेल में बंद एक पाकिस्तानी कैदी की हत्या का मामला सामने आया है। जयपुर सेंट्रल जेल में बंद शकीरूल्लाह उल्लाह उर्फ मोहम्मद हनीफ की बुधवार दोपहर में हत्या हुई। कैदियों में आपसी विवाद के बाद हत्या की बात सामने आई है। जेल में बंद तीन अन्य कैदियों द्वारा उसकी हत्या किए जाने की बात सामने आई है।जेल सूत्रों के अनुसार, पुलवामा में आतंकी हमले के बाद जेल में बंद चार पाकिस्तानी कैदियों ने टीवी देखते हुए पाक जिंदाबाद के नारे लगाए थे, इससे अन्य कैदियों में नाराजगी थी। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में पिछले तीन दिन से कई बार विवाद भी हुआ, लेकिन जेल प्रशासन की दखल से मामला शांत हो गया। बुधवार को एक बार फिर कैदियों के दोनों गुटों में विवाद हुआ और इसी दौरान अन्य कैदियों ने शकीरूल्लाह की पीट-पीटकर हत्या कर दी। ये सभी कैदी एक ही बैरक में बंद थे। शहील उल्लाह आतंकी संगठन सिमी और लश्कर ए तैयबा से जुड़ा हुआ था। वह यहां आजीवन कारावास की सजा काट रहा था।
आठ सिमी आतंकी बंद है जयपुर जेल में:-जयपुर सेंट्रल जेल में आठ आतंकी उम्रकैद की सजा काट रहे है। इनमें से एक कैदी शकीरूल्लाह की अन्य कैदियों के साथ हुई मारपीट में हत्या की गई है। शकीरूल्लाह को साल,2010 में एटीएस ने गिरफ्तार किया था और 30 नवंबर, 2017 को जयपुर अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट्र ने उम्र कैद की सजा सुनाई थी। पूछताछ में सामने आया था कि वह अन्य आतंकियों के साथ मिलकर जासूसी करने के साथ ही आतंकी गतिविधियों के लिए फंड की व्यवस्था करता था। बुधवार दोपहर हुई कैदी की हत्या के बाद जेल में हड़कंप मच गया। जेल प्रशासन ने तत्काल उच्च अधिकारियों और पुलिस को सूचना दी। कैदियों को कड़ी चौकसी में रखा गया। सूचना मिलने के तत्काल बाद जेल महानिदेशक एनआरके रेड्डी, जेल महानरीक्षक रूपेन्द्र सिंह और जयपुर पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव जेल में पहुंचे और उस बैरक का मुआयना किया, जिसमें पाक कैदी की हत्या हुई है।जेल प्रशासन की सूचना पर एफएसएल की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। इसके बाद शाकिर उल्लाह के शव को कड़ी सुरक्षा में एसएमएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव स्वरूप ने केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों को इस घटना की जानकारी दी है। रेड्डी ने दैनिक जागरण को बताया कि एफएसएल की जांच रिपोर्ट आए बिना अधिकारिक रूप से कुछ भी नहीं कहा जा सकता, मृतक के शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जेल और पुलिस के अधिकारी अन्य कैदियों से पूछताछ कर रहे हैं।गौरतलब है कि इससे पहले पाकिस्तान की जेल में कैद भारतीय नागरिक सरबजीत पर मई, 2013 में वहां के कैदियों ने जानलेवा हमला किया था। इस हमले में आई चोटों की वजह से वे कोमा में चला गया और बाद में उनकी मौत हो गई थी। इस वारदात के बाद 8 मई, 2013 को कोट भलवाल जेल में एक कैदी विनोद कुमार जोकि भारतीय सेना का पूर्व सैनिक था, ने मामूली कहासुनी के बाद पाकिस्तान निवासी एक अन्य कैदी सनाउल्लाह पर घास काटने के औजार से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। बाद में उसकी चंडीगढ़ के पीजाआइ अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सनाउल्लाह पर हमला उस समय हमला हुआ, जब वे घास काट रहा था। सनाउल्लाह हक पाकिस्तान के सियालकोट का रहने वाला था। उसे वर्ष 1996 में गिरफ्तार किया गया था। उस पर हत्या सहित कुल आठ मामले चल रहे थे। इनमें से दो में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। वहीं, उस पर हमला करने वाला भारतीय सेना का पूर्व सैनिक विनोद कुमार कोट भलवाल जेल में 2007 से बंद था। लद्दाख तैनाती के दौरान विनोद पर अपने एक सहकर्मी की हत्या का आरोप था। कोर्ट मार्शल में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।

मुंबई। बॉलीवुड के साथ हॉलीवुड फिल्में कर चुकी दीपिका पादुकोण का नाम टॉप अभिनेत्रियों में शुमार है। उनकी फिल्मों को और अभिनय को काफी सराहा जाता रहा है। ऐसे में दीपिका पादुकोण ने एक एक्ट का इस्तेमाल घर पर भी किया वो भी अपनी मां को हंसाने के लिए। जी हां, दीपिका पादुकोण ने हाल ही में खुद इस बारे में सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए दो तस्वीरें शेयर की है। दोनों तस्वीरों में दीपिका को अपनी मां उज्जवला पादुकोण के साथ देखा जा सकता है। दीपिका की दोनों तस्वीरें काफी क्यूट है। एक तस्वीर में वे मां के साथ बैठी हैं तो दूसरी तस्वीर में वे क्यूट एक्ट से मां को हंसाने की कोशिश कर रही हैं। इस कोशिश में दीपिका पादुकोण कामयाब नजर आ रही हैं क्योंकि दीपिका के इस एक्ट के बाद वे हंस देती हैं।दीपिका की इस तस्वीर और एक्ट को देखकर आपको जरूर बचपन की याद आ जाएगी। इन तस्वीरों को शेयर करते हुए दीपिका ने लिखा है कि, हंसाने की कोशिश कर रही हूं लेकिन मां नेचुरल हैं। दीपिका मां की इस क्यूट तस्वीर पर उनकी बहन अनीषा पादुकोण ने भी कमेंट किया। अनीषा पादुकोण ने इस तस्वीर पर हार्ट (दिल) बनाकर कमेंट किया है। आपको बता दें कि, दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह ने पिछले साल नवंबर में इटली में शादी की थी। इसके बाद उन्होंने मुंबई और बैंग्लुरु में वेडिंग रिसेप्शन का आयोजन किया था।

पटना बिहार की राजधानी पटना में वैसे तो कोई पांचसितारा होटल नहीं है, लेकिन नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने जिस बंगले को लेकर इतना मोह पाल रखा था, जिसके लिए वो सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गए थे। उसके भीतर की साज-सज्जा देखकर उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी हतप्रभ रह गए। ये बंगला किसी सेवेन स्टार होटल से कम नहीं है।
इस बंगले के सामने राष्ट्रपति भवन और पीएम आवास भी फेल है;-तेजस्वी यादव का ये बंगला 5, देशरत्न मार्ग में है जो अब डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी का हो गया है, जहां मंगलवार की शाम चार बजे उन्होंने प्रवेश किया। अंदर की साज-सज्जा और लक्जरी व्यवस्था देखकर वे हक्के-बक्के थे। उन्होंने कहा कि इसके सामने तो राष्ट्रपति भवन और पीएम आवास भी फेल है। बिहार का राजभवन और मुख्यमंत्री आवास से 100 गुना बेहतर डेकोरेशन है।सुशील मोदी ने कहा कि इस बंगले की सारी सुविधाएं फाइव स्टार होटल को मात करने वाली हैं। महंगे पलंग, सोफा, कुर्सियां छोड़िए, बाथरूम की व्यवस्था देखकर ही आप दंग रह जाएंगे। इटालियन टाइल्स, सारे कमरों में अद्‌भुत साज-सज्जा की गई है, जो किसी राजमहल जैसा लग रहा है।बंगले की व्यवस्था देखकर अहसास हो रहा है कि तेजस्वी यादव क्यों नहीं इसे छोड़ रहे थे? ऐसा अद्‌भुत बंगला कोई भी नहीं छोड़ना चाहेगा। इसमें रहने के बाद वे इन सुविधाओं को कैसे छोड़ सकते थे? इसे सजाने में पांच करोड़ से कम की रकम नहीं खर्च हुई होगी।पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि भवन निर्माण मंत्री की हैसियत से तेजस्वी यादव ने पद का दुरूपयोग कर इस बंगले को सजाने संवारने पर जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा पानी की तरह बहाया है। मकराना के संगमरमर, इटालियन टाइल्स, बाथरूम में अत्याधुनिक झरने, कीमती फर्नीचर, स्वचालित आरामदायक सोफे, बिलियर्ड रूम की कौन कहे, क्या नहीं है इस बंगले में। टिकट लगा दिया जाए तो लोग इसे देखने आएंगे।
मैं इतने महंगे बंगले में नहीं रह सकता:-सुशील मोदी ने बताया कि वो इतने महंगे बंगले में नहीं रह सकेंगे। इस मकान का उपयोग वे सरकारी कार्यों के लिए करेंगे। वे अपने परिवार के साथ राजेंद्र नगर वाले पुश्तैनी मकान में ही रहेंगे। मोदी ने कहा कि वे तेजस्वी से अनुरोध करते हैं कि वे एक पोलो रोड वाले आवास में जाकर रहें।
सीएम नीतीश आकर रहें इस बंगले में:-मोदी ने कहा कि वे इस आवास के संबंध में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी अवगत कराएंगे। उन्हें भी इस आवास को दिखाएंगे कि तेजस्वी कैसी सुविधाओं को उपभोग कर रहे थे। मुख्यमंत्री से आग्रह भी करेंगे कि वे ही इस आवास में रहें। यह बंगला उनके लिए हाथी के समान है। इसका रखरखाव भी उनके लिए मुश्किल होगा।
नीतीश को दिखाएंगे कि देखिए आपके डिप्टी कैसे रहते थे:-मोदी ने कहा कि वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुलाकर इसे दिखाएंगे और कहेंगे- देख लीजिए आपके डिप्टी सीएम ने कैसे रहते थे। उन्होंने कहा यह बंगला मेरे रहने लायक नहीं। ऐसा मुख्यमंत्री का आवास होना चाहिए। पीएम आवास से भी ज्यादा भव्य है।शायद यही वजह थी तेजस्वी के इस बंगला को खाली नहीं करने के पीछे। उन्हें इस बंगले से मोह हो गया था। तभी तो इसे खाली कराने में सरकार को पूरे 18 महीने लग गए। वह भी सुप्रीम कोर्ट के पचास हजार जुर्माना लगाने के बाद।

नई दिल्‍ली। सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक हुई, जिसमें दोनों देशों के बीच कई समझौतों पर सहमति बनी। बैठक के बाद साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि हमारे संबंधों में और भी प्रगाढ़ता आई है, सऊदी अरब भारत के सबसे महत्वपूर्ण सहयोगी में से है। सऊदी अरब हमारे विस्तृत पड़ोस में है, एक करीबी दोस्त है और भारत की ऊर्जा सुरक्षा का महत्वपूर्ण स्रोत भी है। वहीं सऊदी युवरात मोहम्‍मद बिना सलमान ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ हम भारत के साथ खुफिया जानकारी बांटने समेत हर कदम पर सहयोग करेंगे।सऊदी के युवराज ने कहा, 'आतंकवाद और कट्टरवाद पर हमारी साझा चिताएं हैं। हम अपने दोस्त भारत को बताना चाहते हैं कि हर मोर्चे पर हम सहयोग करेंगे। सबके साथ मिलकर हम आने वाली पीढ़ी के बेहतर भविष्य के लिए काम करेंगे।'प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने पुलवामा आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा, 'पुलवामा में हुए आतंकी हमले पर चर्चा हुई। पिछले हफ्ते पुलवामा में हुआ बर्बर आतंकवादी हमला, इस मानवता विरोधी खतरे से दुनिया पर छाए कहर की एक और क्रूर निशानी है। इस खतरे से प्रभावशाली ढंग से निपटने के लिए हम इस बात पर सहमत हैं कि आतंकवाद को किसी भी प्रकार का समर्थन दे रहे देशों पर सभी संभव दबाव बढ़ाने की आवश्यकता है। सऊदी अरब और भारत आतंकवादी, कट्टरवाद पर एक जैसा विचार रखते हैं। अतिवाद के खिलाफ सहयोग और इसके लिए एक मज़बूत कार्ययोजना की भी जरूरत है, ताकि हिंसा और आतंक की ताकतें हमारे युवाओं को गुमराह न कर सकें। मुझे खुशी है कि सऊदी अरब और भारत इस बारे में साझा विचार रखते हैं। हम इस बात पर भी सहमत हुए हैं कि काउंटर टेररिज्म, समुद्री सुरक्षा और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में और मजबूत द्विपक्षीय सहयोग दोनों देशों के लिए लाभप्रद रहेंगे। पश्चिम एशिया और खाड़ी में शांति और स्थिरता सुनिचित करने में हमारे दोनों देशों के साझा हित हैं। आज हमारी बातचीत में, इस क्षेत्र में हमारे कार्यों में तालमेल लाने और हमारी भागीदारी को तेजी से आगे बढ़ाने पर सहमति हुई है।'पीएम मोदी ने बताया, 'आज हमने द्विपक्षीय संबंधों के सभी विषयों ​​पर व्यापक और सार्थक चर्चा की है। हमने अपने आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का निश्चय किया है। हमारे ऊर्जा संबंधों को स्ट्रैटिजिक पार्टनरशिप में तब्दील करने का समय आ गया है। दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी और स्ट्रैटिजिक पेट्रोलियम रिजर्व में सऊदी अरब की भागीदारी, हमारे ऊर्जा संबंधों को बायर-सेलर रिलेशन से बहुत आगे ले जाती है। भारत और सऊदी अरब के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक सम्बन्ध सदियों पुराने हैं। और यह सदैव सौहार्द्रपूर्ण और मैत्रीपूर्ण रहे हैं। हमारे लोगों के बीच के घनिष्ठ और निकट संपर्क हमारे देशों के लिए एक सजीव सेतु यानि living bridge है।'इससे पहले राष्ट्रपति भवन में सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान के सम्‍मान में भव्‍य स्वागत समारोह हुआ। पीएम मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद इसमें मौजूद रहे। सऊदी प्रिंस ने इस दौरान कहा कि आज हमें यह पक्का करना है कि दोनों देशों के बीच रिश्ते बने रहें और पहले से बेहतर हों। पीएम और राष्ट्रपति के नेतृत्व में मुझे उम्मीद है कि हमलोग दोनों देशों के लिए कुछ अच्छा कर पाएंगे। सऊदी प्रिंस मंगलवार को देर रात नई दिल्ली पहुंचे और पीएम नरेंद्र मोदी ने हवाई अड्डे पर उनकी आगवानी की।
भारत और सऊदी अरब के बीच हुए ये करार
- भारत और सऊदी अरब के बीच ऊर्जा को लेकर करार हुआ है।
- पर्यटन क्षेत्र में भारत-सऊदी अरब के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं।
- भारत और सऊदी अरब के बीच व्‍यापार को और बढ़ावा देने के लिए करार हुए हैं।
- प्रसार भारती और सऊदी अरब के बीच प्रसारण साझा करने पर भी करार किया गया है।
- इंटरनेशनल सोलर अलायंस के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच करार हुए हैं।
प्रिंस सलमान सोमवार को पाकिस्तान में थे और वहां उनकी पीएम इमरान खान के साथ हुई वार्ता के बाद जारी बयान में कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध लगाने संबंधी प्रावधानों का राजनीतिक इस्तेमाल किसी को नहीं करना चाहिए। यह सीधे तौर पर जैश-ए-मुहम्‍मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर पर भारत की तरफ से संयुक्त राष्ट्र का प्रतिबंध लगाने की चल रही कोशिशों की तरफ इशारा करता है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान की तरफ से खास आग्रह करने पर संयुक्त बयान में शामिल किया गया है।मोदी और प्रिंस सलमान के बीच इस मुलाकात से भारत व सऊदी अरब के बीच मौजूदा ऊर्जा सहयोग की तस्वीर में भी भारी बदलाव आएगा। अभी दोनो देशों में खरीददार व विक्रेता का रिश्ता है। सउदी तेल व गैस बेचता है और भारत खरीदता है, लेकिन आने वाले दिनों में सऊदी भारत के ऊर्जा सेक्टर में एक बड़ा निवेशक भी बनने जा रहा है और भारत सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उसका एक बड़ा साझेदार देश बनेगा।

 

 

 

नई दिल्ली। देश में बढ़ती नशे की लत एक गंभीर समस्या बन चुकी है। नशे की बढ़ती लत पर भारत सरकार का एक चौंकाने वाला सर्वे सामने आया है। इस सर्वे में बताया गया है कि तकरीबन 7.13 करोड़ भारतीय तरह-तरह के नशों की गंभीर लत से जुझ रहे हैं। इनमें नशे की लत इतनी बढ़ चुकी है कि इन्हें तत्काल इलाज की जरूरत है, जो पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है।भारत सरकार के इस सर्वे में प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित राज्यों (Union Territories) को शामिल किया गया है। बताया गया है कि सर्वे में सबसे ज्यादा 5.17 करोड़ लोग शराब के गंभीर लती पाए गए हैं। इसके अलावा 72 लाख लोग भांग, 60 लाख लोग अफीम व चरस आदि और 11 लाख लोग नशीली गोलियों या इंजेक्शन से होने वाले नशे की लत में फंसे हुए हैं। सर्वे में 70,293 लोग ऐसे भी शामिल हैं, जो नशे के लिए खतरान किस्म के ड्रग्स का इस्तेमाल करते हैं।सर्वे में ये भी आशंका व्यक्त की गई है कि नशे की गंभीर लत से जूझ रहे लोगों की वास्तविक संख्या सर्वे रिपोर्ट से भी ज्यादा हो सकती है। इस सर्वे में 186 जिलों के दो लाख से अधिक परिवारों को शामिल किया गया है। भारत में नशे की लत के ये आंकड़े दिसंबर 2017 से अक्टूबर 2018 के बीच एकत्र किए गए हैं। सर्वे रिपोर्ट के अनुसार भारत में नशे की इन लत से जूझ रहे लोगों के लिए इलाज की उचित और पर्याप्त सुविधाएं नहीं है।
सर्वे में भांग को बताया गेटवे ड्रग:-रिपोर्ट में कहा गया है कि ये सर्वे ड्रग्स और शराब की लत की चिंताजनक तस्वीर पेश करती है, क्योंकि ये लोगों के स्वास्थ्य के साथ उनको आर्थिक रूप से भी छति पहुंचा रहा है। लोगों में भांग की लत बढ़ना एक बड़ी समस्या की तरफ इशारा कर रहा है, क्योंकि ये शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में आसानी से उपलब्ध है। सर्वे में बताया गया है कि भांग बहुत से लोगों के लिए एक शुरूआती नशे (गेटवे ड्रग) की तरह है। मतलब लोग भांग से नशे की शुरूआत कर रहे हैं और फिर कोकीन व हेरोइन जैसे खतरान नशों के जाल में फंस जा रहे हैं। भांग के नशे से व्यक्ति के दिमाग और व्यक्तित्व को गंभीर नुकसान पहुंचता है।
नशे की लत में महिलाएं भी पीछे नहीं;-इस सर्वे में सरकार ने पहली बार महिलाओं द्वारा नशा करने का डाटा भी एकत्र किया है। सर्वे में बताया गया है कि कुल आबादी के 27.3 फीसद पुरुष और 6.4 प्रतिशत महिलाएं शराब का सेवन करते हैं। महिलाओं के मुकाबले शराब का सेवन करने वाले पुरुषों की संख्या 1.6 फीसद अधिक है।
यहां आधी से ज्यादा पुरुष आबादी शराब पीती है:-शराब के आदि लोगों में सबसे खराब स्थिति चंडीगढ़, त्रिपुरा और पंजाब की है। सर्वे के अनुसार चंडीगढ़, त्रिपुरा और पंजाब में आधे से ज्यादा पुरुष आबादी शराब का सेवन करती है। अगर शराब का सेवन करने वालों की जनसंख्या की बात करें तो उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 4.2 करोड़ लोग शराब पीते हैं। दूसरे नंबर पर पश्चिम बंगाल है, जहां 1.4 करोड़ लोग हैं और तीसरे स्थान पर मौजूद मध्य प्रदेश में 1.2 करोड़ लोग शराब पीते हैं।
4.6 लाख बच्चे भी हैं नशे की जद में:-सर्वे में पता चला है कि देश में कुल लगभग 16 करोड़ शराब पीने वाले लोग हैं, जिनकी आयु 10 वर्ष से 75 वर्ष के बीच है और इनमें से 19 फीसद लोग शराब की गंभीर लत के आदि हो चुके हैं। शराब और ड्रग्स के अलावा भी लगभग 4.6 लाख बच्चे और 18 लाख वयस्क सर्दी-जुकाम में दवा के तौर पर इस्तेमाल होने वाले इनहेलर (Inhalants) और नशीली दवाईयों की लत से जूझ रहे हैं।
नशे से निपटने के लिए नहीं हैं इलाज के इंतजाम:-भारत में नशे की लत के ये आंकड़े दिसंबर 2017 से अक्टूबर 2018 के बीच एकत्र किए गए हैं। सर्वे रिपोर्ट के अनुसार भारत में नशे की इन लत से जूझ रहे लोगों के लिए इलाज की उचित और पर्याप्त सुविधाएं नहीं है। शराब के आदि हो चुके 38 में से केवल एक व्यक्ति को किसी तरह का इलाज मिल पा रहा है। वहीं शराब के आदि हो चुके 180 व्यक्तियों में से मात्र एक का अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जा पा रहा है। वहीं ड्रग के आदि हो चुके 20 लोगों में से भी केवल एक व्यक्ति को सही इलाज मिल पा रहा है।
एम्स द्वारा किया गया है सर्वे:-"मैग्नीट्यूड ऑफ सब्सटेंस एब्यूज इन इंडिया" शीर्षक से ये सर्वे रिपोर्ट सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के निर्देश पर एम्स के नेशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर द्वारा तैयार की गई है। इस सर्वे के संबंध में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने कहा कि ड्रग के इस्तेमाल को लेकर वर्ष 2004 की रिपोर्ट व्यापक नहीं थी। इसलिए 2016 में नए सिरे से सर्वे शुरू कराया गया।
इन राज्यों में है खतरान स्थिति:-मंत्री गहलोत ने सर्वे का हवाला देते हुए बताया कि यूपी, पंजाब, सिक्किम, छत्तीसगढ़ और दिल्ली में भांग, गांजा और चरस का प्रचलन काफी ज्यादा है। इन राज्यों में ये मादक पदार्थ प्रतिबंधित होने के बावजूद आसानी से शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को उपलब्ध है। सिक्किम और पंजाब में भांग का उपयोग, राष्ट्रीय औसत से भी तीन गुना ज्यादा है। नशे की लत से जुझ रहे जिन लोगों को तत्काल चिकित्सकीय मदद की जरूरत है, उनमें से 28 लाख यूपी, 5.7 लाख पंजाब और 4.9 लाख ओड़िशा में है। सर्वे के अनुसार भारत की पांच फीसद आबादी शराब पीने से होने वाले स्वास्थ्य के खतरों से जूझ रही है।

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि एक पगड़ीधारी सिख को बिना हेलमेट पहने किसी खेल प्रतियोगिता में शामिल नहीं होने देना उसके साथ भेदभाव नहीं है। सुरक्षा मानकों को पालन कराने की कहने को धार्मिक अधिकारों में हस्तक्षेप भी नहीं ठहराया जा सकता।जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस एसके कौल और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ ने दिल्ली के सिख जगदीप सिंह पुरी की तरफ से दायर याचिका को खारिज कर दिया। 50 वर्षीय पुरी ने कहा था कि हेलमेट पहनने से इन्कार करने पर उसे साइकिल प्रतियोगिता में शामिल नहीं होने दिया गया था, जो उसके साथ भेदभाव की श्रेणी में आता है।पीठ ने पुरी की इस दलील पर भी गंभीर आपत्ति जताई कि जब सेना एक सिख को पगड़ी के साथ नियंत्रण रेखा पर ड्यूटी करने दे सकती है तो एक खेल प्रतियोगिता के आयोजक उस पर कैसे आपत्ति कर सकते हैं।पेशे से ग्राफिक डिजाइनर पुरी की तरफ से पेश वकील आरएस सूरी ने कहा कि जब एक सिख को सेना में पगड़ी पहने की अनुमति दी जा सकती है तो खेल प्रतियोगिता में क्यों नहीं। पीठ ने कहा, 'आप एक सैनिक की किसी रेस प्रतियोगिता में शामिल होने वाले के साथ तुलना नहीं कर सकते। सेना में आप देश की सेवा करते हैं। वहां किसी तरह का भेदभाव नहीं हो सकता। आप सेना में भर्ती होकर यह नहीं कह सकते कि मैं युद्ध लड़ने नहीं जाऊंगा, लेकिन आप एक साइकिल खरीदने के बाद भी किसी साइकिल रेस में शामिल होने या नहीं होने का फैसला कर सकते हैं।'पीठ ने कहा, 'यह धार्मिक आधार पर किसी के साथ भेदभाव या उसके धार्मिक अधिकारों में हस्तक्षेप का मामला नहीं है। यह आस्था या कर्तव्य का मामला भी नहीं है।' पीठ ने सिखों को साइकिल प्रतियोगिता में बिना हेलमेट शामिल होने देने के लिए सरकार या आयोजकों को किसी तरह का निर्देश देने से भी इन्कार कर दिया। पीठ ने याचिकाकर्ता से सरकार के सामने अपना पक्ष रखने को कहा। पुरी को 14 अगस्त, 2015 में बिना हेलमेट के आजाद हिंद ब्रिवेट में शामिल होने से रोक दिया गया था।

कर्नाटक। कर्नाटक में हम्पी में स्थित विष्णु मंदिर के खंभे गिराने के आरोपियों को स्थानीय कोर्ट ने अनोखी सजा सुनाई है। यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेड साइट हम्मी में पत्थर के बने खंभों को गिराने वाले चार आरोपियों पर कोर्ट ने 70 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है, साथ ही उनसे खंभे को फिर से खड़ा करने का भी निर्देश दिया है।जिन आरोपियों को इस मामले में पकड़ा गया था, उन्हें सजा सुनाने के बाद सीधे उस जगह पर ले जाया गया जहां हम्पी में मंदिर हैं। जानकारी के मुताबिक, वहां मौके पर उनसे खंभे पर नक्काशी कराई गई। इतना ही नहीं, उनसे वहां सफाई भी कराई गई। इस दौरान वहां आर्कियॉलजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के अधिकारी और पुलिस भी मौजूद थी।खंभे गिराने के आरोप में जिन चार आरोपियों को पकड़ा गया है, उनके नाम- आयुष (मध्य प्रदेश) और बिहार के राजा बाबू चौधरी राज आर्यन और राजेश कुमार चौधरी हैं। पुलिस ने बताया कि आठ फरवरी को इन चारों को खंभे गिराने के आरोप में पकड़ा गया था। हालांकि, सभी आरोपियों ने कोर्ट के आदेश का पालन किया और जुर्माना भी भर दिया, इसलिए अब उन्हें छोड़ दिया गया है।बता दें कि इन आरोपियों ने मंदिर के खंभे गिराने का वीडियो भी बनाया था और इसे सोशल मीडिया साइट इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर दिया था। इस वीडियो को देखने के बाद लोगों का गुस्सा उबल पड़ा था और लोग विरोध पर उतर आए थे। लोगों ने इस ओर भी ध्यान दिलाया कि यूनेस्को की ओर से इसे विश्व धरोधर धोषित किए जाने के बाद भी हम्पी में बिल्कुल भी सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। इस घटना के बाद हम्पी की बेहतर सुरक्षा की मांग की गई थी।

 

 

 

 

 

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