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मुंबई (हम हिंदुस्तानी)-अनुभवी निर्माता आनंद पंडित ने हिंदी फिल्म उद्योग के कुछ सबसे बड़े सितारों के साथ काम किया है और सिनेमा की रचनात्मक प्रक्रिया को अच्छी तरह से समझते हैं. वह हाल ही में गुजरात में थे और फिल्म के अन्य निर्माता संदीप सिंह के साथ अपनी अगली फिल्म पीएम नरेंद्र मोदी के सेट पर काफी समय बिताया. उन्होंने मुख्य अभिनेता विवेक आनंद ओबेरॉय की प्रशंसा की, जो बायोपिक में नरेंद्र मोदी की भूमिका निभा रहे हैं.
आनंद पंडित कहते हैं, "मैंने शूटिंग के दौरान विवेक को बहुत ध्यान से देखा. वह ज्यादातर समय सेट पर शांत होते है और जैसे ही ओमंग एक्शन बोलते है, विवेक कैमरे के सामने लार्जर दैन लाइफ पर्सोना वाले नरेंद्र मोदी के चरित्र में उतर जाते है. उन्हें रूपांतरित होते देखना आकर्षक था."
गुजरात से होने के कारण, आनंद पंडित ने यह भी देखा है कि कैसे श्री नरेंद्र मोदी लगातार तीन बार मुख्यमंत्री बने. आनंद इस ऐतिहासिक यात्रा के साक्षी रहे हैं. वह आगे कहते हैं, "लाखों लोग इस बायोपिक का आनंद लेने जा रहे हैं, इससे प्रेरित हो सकते हैं और जीवन का एक महत्वपूर्ण सबक घर ले जा सकते हैं."
सफल 2018 के साथ और 2019 के लिए एक शानदार स्टार्ट करते हुए आनंद पंडित मोशन पिक्चर्स नए काम करने जा रहा है. आनंद पंडित की हालिया फिल्म टोटल धमाल बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों के बीच काफी हलचल मचा रही है. पीएम नरेंद्र मोदी की बायोपिक के साथ, आनंद पंडित वर्तमान में कई अन्य दिलचस्प, कंटॆंट ड्रिवेन प्रोजेक्ट्स को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं.
आनंद पंडित फिल्मों की एक शानदार सूची के साथ एक सफल निर्माता हैं. उनके खाते में 'सत्यमेव जयते' 'प्यार का पंचनामा 2', 'बत्ती गुल मीटर चालू', 'सरकार 3', बाजार, ग्रेट ग्रैंड मस्ती, मिसिंग और हाल ही में रिलीज 'टोटल धमाल' जैसी फिल्में है.
संदीप सिंह, आनंद पंडित द्वारा निर्मित और बायोपिक मैस्ट्रो ओमंग कुमार द्वारा निर्देशित, इस बहुप्रतीक्षित बायोपिक में शानदार कलाकारों की फौज शामिल है जिसमें बहुमुखी अभिनेता विवेकानंद ओबेरॉय मुख्य भूमिका में है.


मुंबई (हम हिंदुस्तानी)-इस बात में कोई शक नहीं है कि यामी गौतम बॉलीवुड में सबसे फिट एक्ट्रेस में से एक हैं। सोशल मीडिया पर उन्हें फॉलो करने वाले लोगों को फिटनेस के लिए उनके जुनून के बारे में पता है और इस माया नगरी में वह सबसे अधिक एथलेटिक शख्सियतों में से एक हैं। वह कभी भी फिटनेस के केवल पुराने तरीकों पर निर्भर नहीं रहती हैं और हमेशा अपनी फिटनेस को बेहतर बनाने के लिए कुछ नया करने की कोशिश करती हैं, इसलिए इस एक्ट्रेस ने अब फिटनेस के लिए पूरे जोश के साथ ज़ुम्बा की ओर ध्यान दिया है।
इस बार वह फिटनेस के इस वर्ल्ड फेमस तरीके के जरिए खुद के साथ-साथ सभी लोगों को फायदा पहुंचाना चाहती हैं, और इसी वजह से उन्होंने अमेरिका से दुनिया के सबसे बड़े ज़ुम्बा इंस्ट्रक्टर, जीना ग्रांट के साथ मिलकर काम करने का फैसला लिया है। जीना और यामी भारत के लोगों के लिए इस हाई आक्टैन फिटनेस वर्कआउट के क्रेज को आगे बढ़ाने के लिए, फिटनेस के इस बेहद खास प्रोजेक्ट पर साथ मिलकर काम करने वाली हैं, और इसके लिए जीना भारत आ रही हैं। जीना ग्रांट ने अमेरिका में जेसन डेरुलो, और मेगन ट्रेनर जैसे संगीत की दुनिया के कई सितारों के साथ काम किया है।
इस एसोसिएशन के जरिए फिटनेस के दो फायरब्रांड साथ मिलकर काम करेंगे, ताकि भारतीयों के बीच वर्कआउट के इस बिल्कुल नए और मज़ेदार तरीके को बढ़ावा दिया जा सके। इससे पहले भी फिटनेस के तरीकों में नयापन लाने के लिए जिम से दूर रहने और अपने फिटनेस गोल्स को हासिल करने के लिए पोल डांसिंग पर यामी ने काफी मेहनत की है।


मुंबई (हम हिंदुस्तानी)-सभी को लगता है कि वे कश्मीर को जानते हैं। दो किशोर सब कुछ बदलने वाले हैं, ट्रेलर में इन्हीं बातों को मनोरंजक दृश्यों के जरिए प्रस्तुत किया गया है। नो फादर्स इन कश्मीर, ऑस्कर के लिए नामांकित फिल्म निर्माता और दो बार के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता लेखक और निर्देशक, अश्विन कुमार द्वारा निर्देशित सार्वभौमिक मानवीय भावनाओं के बारे में सच्चाई, करुणा और सहानुभूति की लड़ाई का एक अनूठा मिश्रण है।
उन्होंने कहा, “विश्व भर में भारत में युवाओं की आबादी सबसे ज्यादा है और यह फिल्म उनके लिए ही है। यदि शेष भारत के युवा कश्मीर की जटिलताओं को समझना शुरू कर सकें, तो वे कश्मीर के लोगों के साथ सहानुभूति रख सकते हैं। कि सच सुनने के लिए साहस चाहिए, लेकिन ऐसा करने से सहानुभूति भी पैदा होती है।”
हालांकि फिल्म के लिए एफसीएटी द्वारा यूए प्रमाण पत्र जारी करने के आदेश के बावजूद अभी तक सीबीएफसी द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किया जाना बाकी है, जबकि आगामी 5 अप्रैल को फिल्म का रिलीज प्रस्तावित है।
कार्यक्रम में उपस्थित सबसे तेज और मुखर निर्देशकों में से एक श्री महेश भट्ट ने कहा, "यह एक चौंका देने वाली, दिल टूटने वाली फिल्म है। अश्विन के पास सारे अंधेरे को सामने लाने की हिम्मत है, जो हमारे लिए काफी रोशनी लेकर आता है। नफरत के इन अंधेरे समय में, यहां कश्मीर की खून से लथपथ घाटी की एक प्रेम कहानी है, जिसमें आशा पैदा करने का साहस है।”
फिल्म की मुख्य कलाकार सोनी राजदान ने कहा, “मेरा कश्मीर के साथ व्यक्तिगत जुड़ाव है, क्योंकि मैं आधी कश्मीरी हूं। उन्होंने कहा कि जब अश्विन ने पहली बार मुझे पटकथा भेजी और मैंने इस पटकथा को पढ़ा तो मुझे यह बहुत दिलचस्प लगी, क्योंकि यहां एक फिल्म थी जो वास्तविकता को दिखा रही थी। उन्होंने कहा कि कश्मीर पर कई फिल्में बनी हैं, लेकिन यह नाटक, प्रेम कहानियों और अन्य चीजों से प्रभावित नहीं है। यह वास्तव में घाटी की स्थिति का प्रतिनिधित्व करती है और यही कारण है कि मैं इस फिल्म के प्रति आकर्षित हुई।“
फिल्म के जरिए फिल्मकार अश्विन कुमार ने अपने अभिनय की शुरुआत की है। इनके साथ ही इसमें अभिनेता अंशुमान झा, सोनी राजदान और कुलभूषण खरबंदा भी हैं। अश्विन ने कार्यकारी निर्माता वरुण वेसुना के साथ फिल्म का लेखन और निर्माण भी किया है।


मुंबई (हम हिंदुस्तानी)-बहुमुखी अभिनेता श्रेयस तलपड़े इन दिनों काफी व्यस्त हैं. वे एक टीवी सिरीज के साथ ही आगामी फिल्म की शूटिंग कर रहे हैं. बार-बार उन्होंने ये साबित किया है कि चाहे गंभीर भूमिकाएं हों या कॉमिक, वे बेजोड़ हैं.
वह सिरीज माई नेम इजज लखन में अपने प्रदर्शन के लिए समर्पित हैं, यहां तक कि उन्होंने अपनी आगामी फिल्म सेटलर्स’ के लिए बैक-टू-बैक शूटिंग शेड्यूल को भी टाल दिया.
हाल ही में, 'माई नेम इजज लखन' के लिए वे एक कुश्ती दृश्य की शूटिंग के दौरान चोटिल हो गए और उनके कन्धे पर चोट लग गई थी. शॉट के बाद श्रेयस काफी दर्द में थे और इसकी वजह से उन्हें ब्रेक लेना पड़ा, क्योंकि उनके कलाकारों और क्रू मेंबर को चोट लगने की चिंता थी.
सूत्र के मुताबिक, श्रेयस काफी समय दर्द में थे, और सेट पर एक डॉक्टर को बुलाया गया था. “कंधे में लगी चोट और खिंचाव के कारण श्रेयस को डॉक्टर ने कुछ दिनों तक आराम करने की सलाह दी. हालांकि, उन्होंने एक प्रोफेशनल की तरह शूटिंग जारी रखी, और हर किसी का मनोबल बनाए रखा. ” सूत्र ने कहा.
अभिनेता ने कुछ दर्द निवारक दवाएं लीं और दिन का अपना शूट शेड्यूल पूरा किया. दर्द और तकलीफ के बावजूद अपने सभी अन्य काम को वे प्रतिबद्धताओं के साथ करते गए.
अपनी चोट के बारे में, श्रेयस ने कहा, "हां, मुझे चोट के कारण कुछ आराम की सलाह दी गई थी, लेकिन मैं अब बेहतर महसूस कर रहा हूं. हम जो करते हैं, उसका एक हिस्सा यह है, और मेरा मानना है कि शो मस्ट गो ऑन."
श्रेयस को आखिरी बार 2017 की कॉमेडी फिल्म गोलमाल अगेन में देखा गया था. वे जल्द ही निर्देशक अश्विनी चौधरी के सेटलर्स’ में एक गंभीर अवतार में नज़र आएंगे और इस साल ‘तीन दो पांच’ नामक एक फैमिली एंटरटेनर में दिखेंगे.


मुंबई (हम हिंदुस्तानी)-आज के दौर में सबसे टैलेंटेड एक्ट्रेस में से एक, आलिया भट्ट का करियर सफलता की बुलंदियों पर है और उन्होंने अपने माता-पिता महेश भट्ट और सोनी राजदान का सर गर्व से ऊंचा किया है। वह बैक-टू-बैक हिट फिल्में दे रही हैं, और इसकी वजह से वह बॉलीवुड में फिल्ममेकर्स के बीच टॉप कंटेंडर्स में से एक हैं। आज वह अपने जन्मदिन के मौके पर, अपनी माँ सोनी राजदान की फिल्म ‘नो फादर्स इन कश्मीर’ का टीज़र रिलीज करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, जिसका दर्शकों को लंबे समय से इंतजार है।
आलिया इस फिल्म का टीज़र आज शाम को सोशल मीडिया के जरिए रिलीज करेंगी। माँ और बेटी की यह जोड़ी बेहद खास है और अक्सर पब्लिक डोमेन में उन्हें एक-दूसरे के काम की तारीफ करते हुए तथा एक-दूसरे के फैसलों का जोरदार समर्थन करते हुए देखा जा सकता है। आलिया ने अपनी माँ की इस फिल्म का शुरू से ही समर्थन किया है, साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए CBFC से फिल्ममेकर्स को इस फिल्म के लिए आवश्यक सर्टिफिकेट जारी करने का भी अनुरोध किया है, ताकि इस फिल्म को लोगों के बीच पहुंचाया जा सके। फिल्म ‘नो फादर्स इन कश्मीर’ का निर्देशन, ऑस्कर नॉमिनेटेड डायरेक्टर अश्विन कुमार ने किया है तथा ‘नो फादर्स इन कश्मीर’ के फिल्ममेकर्स को आवश्यक सर्टिफिकेट पाने के लिए फिल्म बिजनेस के गवर्निंग बॉडी, अर्थात FCAT और CBFC से काफी लंबा संघर्ष करना पड़ा है, जो बेहद अफ़सोसजनक होने के साथ-साथ दिलचस्प भी है। अब यह फिल्म 5 अप्रैल, 2019 को रिलीज होगी।

पीएम नरेंद्र मोदी फिल्म का नया पोस्टर रिलीज हो गया है। इस पोस्टर में विवेक ओबरॉय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का किरदार निभाते हुए नजर आएंगे। मालुम हो कि ये फिल्म नरेंद्र मोदी की बायोपिक फिल्म है। पिछले काफी समय से इस फिल्म को सोशल मीडिया के जरिए प्रमोट किया जा रहा है। वैसे, इस नए पोस्टर को रिलीज करने के साथ फिल्म मेकर्स ने एक बार फिर इसकी रिलीज डेट बदल दी है। पहले ये फिल्म 12 अप्रैल को रिलीज होने वाली थी लेकर अब ये फिल्म 5 अप्रैल को दर्शकों के सामने होगी। पीएम नरेंद्र मोदी फिल्म का निर्देशन राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता उमंग कुमार ने किया है।खैर, बात अगर रिलीज हुए नए पोस्टर की करें तो, नरेंद्र मोदी के किरदार में विवेक ओबरॉय दमदार नजर आ रहे हैं। पोस्टर में विवेक ओबरॉय के अलावा कुछ बच्चे भी दिखी दे रहे हैं। इस दौरान कुछ बच्चों ने ग्रीन तो कुछ ने ऑरेंज कलर का ड्रेस पहन रखा है। इन सबके बीच में विवेक व्हाइट कुर्ता पहने नजर आ रहे हैं। जारी हुए इस पुरे पोस्टर को तिरंगे का स्वरुप दिया गया है। सोशल मीडिया पर ये पोस्टर तेजी से वायरल हो रहा है। मालुम हो कि मूवी क्रिटिक तरण आदर्श ने खुद इसे सोशल मीडिया पर शेयर किया है।मालुम हो कि 18 मार्च को इस फिल्म से जुड़ा बड़ा इवेंट होने वाला था। लेकिन गोवा के मुखमंत्री मनोहर पर्रिकर के निधन के बाद इसको कैंसिल कर दिया गया था। अगर ये इवेंट होता तो भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह इसका नया पोस्टर बड़े इवेंट के साथ रिलीज करते। खैर, बता दें, नरेंद्र मोदी के चाहने वाले इस बायोपिक फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। फिल्म में पीएम मोदी की जिंदगी से जुड़ी सभी चोजों को फिल्मी अंदाज में दिखाया जाएगा।

वाराणसी। गंगा के रास्ते पूर्वी उत्तरप्रदेश के चुनावी सफर को तय कर रहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर हैं। अपनी गंगा यात्रा के तीसरे दिन प्रियंका वाड्रा बनारस में हैं। इससे पहले यात्रा के दूसरे दिन उन्होंने प्रधानमंत्री का नाम लिए बगैर निशाना साधा कि बार-बार बीते 60-70 साल में कुछ न होने का हवाला देने वाले अपने पांच साल का हिसाब नहीं दे रहे हैं। पिछले पांच साल से सिर्फ झूठ बोला जा रहा है।
आठ वादे किए गए, पूरे एक भी नहीं;-प्रियंका ने वाराणसी में कांग्रेस के कार्यकर्ता समागम (होली मिलन) में 2014 के भाजपा के बनारस से जुड़े घोषणा पत्र को दिखाते हुए कहा कि इसमें आठ वादे किए गए, पूरे एक भी नहीं हुए। प्रचार की राजनीति हो रही है। प्रियंका ने कहा कि मैं रास्ते मे आ रही थी तो भाजपा के लोगों ने अपने पक्ष में नारे लगाए, कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पीटा भी। कांग्रेस ऐसी राजनीति नहीं करती है, हमने अंग्रेजों की पिटाई सही लेकिन हाथ नहीं उठाया। सिर्फ सच को सामाने लाया है।वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पहुंचीं प्रियंका पहले दशाश्वमेध घाट पर मां गंगा का पूजन किया। इस दौरान उन्होंने मां गंगा की आरती उतारी। यहां से वह बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिये पहुंचीं। उन्होंने चुनरी ओढ़कर बाबा के दर्शन किए। बाबा के दर्शन के बाद वह पिपलानी कटरा में होली मिलन समारोह में पहुंचीं। इस दौरान प्रियंका की मौजूदगी में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की बहू अमृता पांडेय, बीजेपी के पूर्व पार्षद ओमप्रकाश चौरासिया समेत एक दर्जन लोगों ने ली कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की।वाराणसी के रामनगर से स्टीमर से अस्सी घाट पहुंचीं प्रियंका ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकार आई तो मछुआरों के लिए अलग मंत्रालय बनेगा। उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल में राजनीति का मकसद बदल गया है, अब यह सत्ता पाने और जनता को दबाने के लिए हो रही है।वाराणसी के रामनगर में प्रियंका ने लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। हालांकि इसी बीच प्रियंका के सामने ही मोदी-मोदी की नारेबाजी कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं से कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की मारपीट हो गई। प्रियंका के जाते ही भाजपा कार्यकर्ताओं ने शास्त्री प्रतिमा से माला उतार कर गंगा जल से नहाया और प्रतिमा के सामने प्रदर्शन करने लगे।
पीएम जनता को बेवकूफ न समझें, जनता सब देख और समझ रही:-वाराणसी में वंशवाद पर पीएम के ट्वीट पर पलटवार करते हुए प्रियंका ने कहा कि पिछले पांच साल में भाजपा ने सुनियोजित तरीके से संस्थाओं पर हमला किया है। हमें जितना प्रताणित किया जाएगा हम उतने जोर से प्रतिकार करेंगे। पीएम जनता को बेवकूफ न समझें। जनता सब देख और समझ रही है।
सरकार के रिपोर्ट कार्ड पर तीखा वार:-भदोही स्थित सीता समाहित स्थल सीतामढ़ी से लेकर मीरजापुर के ऐतिहासिक चुनार किले तक की करीब 75 किमी की यात्रा में प्रियंका ने 30 किमी का सफर गंगा के रास्ते स्टीमर से तय किया। सड़क मार्ग के दौरान बीच-बीच में भीड़ के साथ पैदल भी चलीं। मंदिरों में दर्शन-पूजन के साथ ही दरगाह में चादर भी चढ़ाई। सुबह सीतामढ़ी मंदिर में दर्शन करने के साथ ही वहां मौजूद मीडिया से मुखातिब होकर सरकार के रिपोर्ट कार्ड पर तीखा वार किया। बोलीं सरकार का प्रचार बहुत अच्छा है लेकिन जमीनी हकीकत से इसका कोई वास्ता नहीं है। युवा, बेरोजगार और किसान सभी परेशान हैं। आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ता प्रताडि़त हैं।
चुनरी ओढ़ी, चादर चूमा;-अपने चुनावी सफर में प्रियंका लोगों को धर्म के नाम पर बांटने से आगाह भी कर रही हैं तो खुद धार्मिक समीकरणों में भी सामंजस्य बिठाने से नहीं चूक रही हैं। सीतामढ़ी के अलावा उन्होंने मां विंध्यवासिनी के धाम में दर्शनपूजन किया और प्रसाद स्वरूप मिली चुनरी को ओढ़ा। मंदिर से कुछ ही दूर स्थित कंतित के मौलाना इस्माइल चिश्ती की मजार पर चादरपोशी की और अकीदत में चादर को चूमा भी। चुनार में महाराज गुहराज निषाद का भी दर्शन किया।
मोदी-मोदी, राहुल-प्रियंका और जयमाता दी:-प्रियंका को विंध्यवासिनी धाम में सुबह 11 बजे पहुंचना था लेकिन वह पहुंची दोपहर एक बजे के बाद। इस बीच रोज की तरह 12 बजे मंदिर बंद हुआ और दर्शनार्थियों की काफी भीड़ जुट गई। प्रियंका के चलते दर्शनार्थियों को देर तक रोका गया था। क्षुब्ध कुछ दर्शनार्थियों ने प्रियंका के मंदिर में प्रवेश करते ही मोदी-मोदी की नारेबाजी शुरू कर दी। यह देख कुछ दर्शनार्थी राहुल और प्रियंका के लिए नारेबाजी करने लगे। इस उपजे हालात का पटाक्षेप तब हुआ जब तटस्थ बहुसंख्य दर्शनार्थियों ने जय माता दी का उद्घोष शुरू कर दिया।
56 इंच के सीने वाले ने नहीं पूरे किए वादे:-इससे पहले सोमवार को प्रियंका वाड्रा ने गंगा यात्रा की शुरुआत प्रयागराज से की थीं। सोमवार की शाम वह पौराणिक स्थल सीतामढ़ी पहुंचीं। गंगा किनारे आयोजित मछुआरों व महिलाओं से संवाद में बगैर प्रधानमंत्री का नाम लिए उन्होंने तंज कसा। बोलीं, खुद को शक्तिमान और 56 इंच के सीने वाले इतने महान नेता आप हैं तो सभी वादे पूरे क्यों नहीं किए। सच ये है कि मौजूदा सरकार दुर्बल है।

नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक (PNB Scam) को 13 हजार करोड़ रुपये का चूना लगाकर विदेश भागे नीरव मोदी (Nirav Modi Arrested) को लंदन में गिरफ्तार कर लिया गया है। नीरव को लंदन के होलबोर्न मेट्रो स्टेशन से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी का कदम लंदन की एक कोर्ट द्वारा मनी लॉन्ड्रिग केस में उनके प्रत्यर्पण के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अनुरोध उठाया है। भगोड़े हीरा कोराबारी नीरव मोदी को स्थानीय समयानुसार सुबह 11.20 बजे लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट में पेश किया जाएगा।इससे पहले, सीबीआई सूत्रों ने कहा था कि फरार चल रहे नीरव मोदी को ब्रिटेन से प्रत्यर्पित कराने के लिए तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन ने पिछले साल नीरव मोदी के खिलाफ एजेंसी द्वारा जारी किए गए रेड कॉर्नर नोटिस का जवाब दिया था।नीरव मोदी कथित रूप से अपने मामा मेहुल चौकसी की मिलीभगत से लेटर्स ऑफ अंडरटेकिंग का इस्तेमाल कर पीएनबी से करीब 13,000 करोड़ रुपये लेकर फरार हो गया है।वहीं प्रवर्तन निदेशालय को मुंबई में PMLA कोर्ट से 173 पेंटिंग्स को बेचने की अनुमति मिल गई है। इसके साथ ही 11 कारों की नीलामी भी होनी है। पीएमएलए कोर्ट ने नीरव मोदी की पत्नी अमी मोदी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। गौरतलब है कि दो दिन पहले ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) के प्रत्यर्पण अनुरोध पर लंदन की अदालत ने नीरव के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। पीएनबी घोटाले का मुख्य आरोपी मोदी पिछले दिनों लंदन की सड़कों पर घूमता नजर आया था। उल्लेखनीय है कि नीरव के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी हुआ है। ब्रिटेन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने हाल ही में उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया था। नीरव की गिरफ्तारी भले हो गई हो लेकिन उसके भारत प्रत्यर्पण में बहुत लंबा वक्त लग सकता है। क्योंकि गिरफ्तारी के बाद उसके पास कोर्ट जाने का विकल्प होगा और कोर्ट से उसे कुछ शर्तो के साथ जमानत भी मिल सकती है।

मुंबई। Pulwama Terror Attack के बाद भारत (India) और पाकिस्तान (Pakistan) से रिश्ते बद से बदतर होते जा रहे हैं। केंद्र सरकार पाकिस्तान को अलग-थलग करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पहले ही साफ कर दिया था कि पाकिस्तान जब तक अतंकियों पर कार्रवाई नहीं करता तब तक बातचीत संभव नहीं है। पुलवामा हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान में 6 से 9 मार्च को होने वाले कोस्ट गार्ड ऑफ इंडिया और पाकिस्तान के बीच होने वाली बैठक को रद कर दिया था। पाकिस्तान में होने वाली इस बैठक में भारतीय डीजी कोस्ट गार्ड राजेंद्र सिंह को जाना था। लेकिन पुलवामा हमले के मद्देनजर इसे रद कर दिया गया था। 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ की गाड़ी पर हुए आत्मघाती हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान में मौजूद आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद ने ली थी। पुलवामा हमले में 40 जवानों की शहादत का बदला लेने के लिए पूरा देश सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहा था और पाकिस्तान पर कड़ा प्रहार करने की हर कोई मांग कर रहा था।पुलवामा में सीआरपीएफ की गाड़ी पर हुए हमले के बाद केंद्र सरकार ने हर मोर्चे पर पाकिस्तान को घेरने का काम शुरू कर दिया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने भी इस कायराना हमले की निंदा की थी। फ्रांस, रूस, अमेरिका समेत पूरी दुनियां भारत के साथ खड़ी हो गई। सभी देशों ने पाकिस्तान पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। इस दौरान भारत सरकार ने कई ऐसे कदम उठाए, जिससे पाकिस्तान की कमर टूट गई।

 

 

 

नई दिल्‍ली। वर्तमान में वेदांता एल्युमिनियम संयंत्र को लेकर ओडिशा सुर्खियों में बना हुआ है। यहां के कालाहांडी जिले में स्थित वेदांता एल्युमिनियम संयंत्र के बाहर सोमवार को हिंसक विरोध प्रदर्शन हुआ था। इसमें दो लोगों की मौत हो गई और तीस से अधिक लोग घायल हो गए थे। इस घटना के बाद इलाके में धारा 144 लगा दी गई थी। आपको बता दें कि वेदांता समूह 23 लाख टन सालाना उत्पादन क्षमता के साथ देश में एल्युमिनियम का सबसे बड़ा उत्पादक है। इसका भारत के एल्युमिनियम उद्योग पर 40 फीसद तक कब्जा है। लेकिन इसके साथ ही वेदांता का विवादों से पुराना नाता भी रहा है। ओडिशा में जो कुछ हुआ वह सब पहली बार नहीं हुआ है। 2018 में भी इसी तरह की घटना तमिलनाडु के तूतीकोरीन स्थित वेदांता कॉपर संयंत्र में घटी थी। इसके अलावा नियामगिरी, गोवा और छत्तीसगढ़ समेत देश के विभिन्न हिस्सों में भी समूह की कई परियोजनाएं विवादों में रही हैं।
ओडिशा के वेदांता संयंत्र में हिंसा की वजह;-यहां पर ये जानना बेहद जरूरी है कि आखिर ओडिशा स्थित वेदांता एल्युमिनियम संयंत्र के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन की वजह क्‍या थी। इसका जवाब हमारे पास है। दरअसल समूह ने कुछ साल पहले अपनी इस परियोजना के लिए कालाहांडी जिले के लांजीगढ़ में जमीन का अधिग्रहण किया था। इसके एवज में कंपनी ने जमीन के मालिकों को नकद मुआवजे के अलावा संबंधित परिवारों के एक-एक सदस्य को संयंत्र में नौकरी देने का भरोसा दिया था। कुछ को कंपनी ने ठेके पर नौकरी भी दी। सोमवार को इसके ही खिलाफ लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इनकी मांग थी कि उनके परिवार के सदस्‍य को नौकरी दी जाए और बच्‍चों को स्‍कूल में मुफ्त दाखिला दिया जाए। प्रदर्शनकारी संयंत्र में दाखिल होना चाहते थे लेकिन गेट पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों के मना करने पर वह हिंसा पर उतारू हो गए और पथराव समेत आगजनी की घटना को अंजाम दिया।
वेदांता और विवाद का पुराना नाता
नियामगिरी विवाद;-ओडिशा के ही नियामगिरी पहाड़ियों में समूह को बॉक्साइट के खनन की अनुमति देने पर भी काफी विवाद हुआ था। यह क्षेत्र भी कालाहांडी जिले के अंतर्गत आता है। इस विवाद को लेकर राज्‍य सरकार पर भी कई तरह के आरोप लगे थे। विवाद और विरोध की वजह यहां पर भी जमीन अधिग्रहण ही था। दरअसल, संयंत्र के लिए दी गई जंगल के इलाके की जमीन को लेकर आदिवासियों ने जबरदस्‍त विरोध किया था। इस अधिग्रहण के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल इंडिया की तरफ से याचिका दायर की गई थी। याचिका में खनन से संबंधित नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया गया था। याचिका में सीधेतौर पर सरकार को जिम्‍मेदार ठहराया गया था। 2014 में उस परियोजना की अनुमति वापस ले ली गई थी।
तूतीकोरिन विवाद:-तमिलनाडु के तूतीकोरिन में वेदांता एल्‍युमिनियम संयंत्र की शुरुआत वर्ष 1997 में हुई थी। तब से ही इसके खिलाफ विवाद शुरू हो गया था। आरोप था कि संयंत्र से पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है। मई 2018 में तमिलनाडु के तूतीकोरीन स्थित समूह के कॉपर संयंत्र को बंद करने को लेकर जबरदस्‍त विरोध प्रदर्शन हुआ था। इस दौरान चली पुलिस की गोली से 13 लोगों की मौत हो गई थी। 2010 में मद्रास हाईकोर्ट ने इसे बंद करने का आदेश दिया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट उसका फैसला पलट दिया था। 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण को हो रहे नुकसान के लिए बतौर जुर्माना समूह पर लगभग 100 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था।

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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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