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पटना। बिहार में आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल से आने वाली मछलियों की बिक्री पर 15 दिनों के लिए रोक लगा दी गई है। यह रोक फिलहाल पटना नगर निगम क्षेत्र में रहेगी। अगर कोई इन मछलियो की बिक्री या भंडारण करते हुए पकड़ा जाता है तो उसे सात साल की जेल और दस लाख का जुर्माना देना होगा।स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि कुछ आंध्र प्रदेश और बंगाल सहित बिहार की मछली के नमूनों की जांच की गई। जांच में जो रिपोर्ट आई है उसमें पता चला है कि आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल से आनेवाली मछलियां खाने योग्य नहीं हैं।बता दें कि बिहार सरकार के पशुपालन विभाग ने आंध प्रदेश और पश्चिम बंगाल की मछलियों का कोलकाता की लैब में जांच कराया था। जांच में मछलियों में हानिकारक फॉर्मेलिन पाया गया था। इन मछलियों के खाने से कैंसर की बीमारी होने का खतरा है। जांच की रिपोर्ट मिलने के बाद पशुपालन विभाग ने स्वास्थ्य विभाग को इन मछलियों की बिक्री पर रोक लगाने की अनुशंसा की थी।इस अनुशंसा के बाद आज स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि आंध्र और बंगाल से आने वाली मछलियों की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि इन दोनों राज्यों से आनेवाली मछलियां खाने योग्य नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग के एक्सपर्ट इस बारे में अध्ययन कर रहे हैं।

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी Vodafone-Idea ने अपने यूजर्स के लिए नया बंपर प्रीपेड प्लान लॉन्च किया है। इस प्लान में यूजर्स को 365 दिनों की वैलिडिटी मिलती है। इस प्लान का मुकाबला रिलायंस Jio के 1,699 रुपये वाले ईयरली प्रीपेड प्लान से होगा। Vodafone-Idea के इस नए प्रीपेड प्लान में यूजर्स को अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग, फ्री एसएमएस और डाटा का लाभ मिलता है। वोडाफोन आइडिया का यह प्लान रिलायंस जियो के ईयरली प्लान से 200 रुपये सस्ता है। साथ ही, इस प्लान में मिलने वाले ऑफर्स की बात करें तो वोडाफोन आइडिया के इस प्लान में जियो से कम डाटा का लाभ मिलता है।
Vodafone-Idea 1,499 रुपये वाला प्लान:-Vodafone-Idea के इस ईयरली प्रीपेड प्लान की कीमत 1,499 रुपये है। इस प्लान में मिलने वाले बेनिफिट्स की बात करें तो इसमें यूजर्स को प्रतिदिन 1GB डाटा का लाभ मिलता है। इसके अलावा यूजर्स को अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग का लाभ मिलता है। रोमिंग में भी यूजर्स इन बेनिफिट्स का लाभ ले सकते हैं। इसके साथ ही यूजर्स को प्रतिदिन 100 एसएमएस का भी लाभ मिलता है। इस प्लान की वैलिडिटी 365 दिनों की है।
रिलायंस जियो 1,699 रुपये का प्लान;-रिलायंस जियो के ईयरली प्लान की बात करें तो इस प्लान में यूजर्स को 1,699 रुपये का रिचार्ज कराना होता है। इस प्लान में मिलने वाले बेनिफिट्स की बात करें तो इसमें यूजर्स को अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग का लाभ मिलता है। रोमिंग में भी यूजर्स इस प्लान का लाभ उठा सकते हैं। इसके अलावा इस प्लान में प्रतिदिन 1.5GB डाटा और 100 एसएमएस का लाभ मिलता है। रिलायंस जियो के इस प्लान में यूजर्स को कम्प्लिमेंटरी ऐप्स जैसे की जियो मूवीज, जियो टीवी, जियो सावन म्यूजिक ऐप्स आदि की भी सुविधा फ्री में मिलती है।

जबलपुर। किसी लक्ष्य को पाने की लगन और न हारने की जिद हो तो किसी भी मुश्किल को पार किया जा सकता है। जहां लोग कैंसर जैसी बीमारी और गरीबी के आगे घुटने टेक देते हैं, वहां जबलपुर के दो होनहारों ने मिसाल कायम की है। पहले हैं भूपेंद्र मरकाम। नौ साल पहले भूपेंद्र दुर्घटना में याददाश्त खो चुके थे। इसके बाद कैंसर जैसी बीमारी से भी दो-दो हाथ किए। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और सिविल जज बनने का सपना साकार किया।दूसरी हैं-स्वाति चौहान, जिनके पिता ऑटो चलाते हैं और वे खुद बच्चों को पढ़ाकर अपनी पढ़ाई की फीस जमा करती थीं। वह भी आज सिविल जज बन चुकी हैं।
भूपेंद्र मरकाम: सपने देखे और पूरे किए:-सिविल जज की परीक्षा में एससी कैटेगिरी से तीसरी रैंक लाने वाले लार्डगंज निवासी भूपेन्द्र सिंह के पिता एएल मरकाम सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। दो बहनों के इकलौते भाई भूपेंद्र ने प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद साइंस कॉलेज में एडमिशन लिया। साल 2009 में बीएससी द्वितीय वर्ष की पढ़ाई के दौरान सड़क दुर्घटना में उनकी याददाश्त चली गई। करीब चार महीने बाद धीरे-धीरे उनकी याददाश्त वापस आई। स्वस्थ होने के बाद भूपेन्द्र ने फिर से पढ़ने की ठानी और आईपीएस कॉलेज इंदौर में दाखिला लिया।यहां उन्होंने साइंस से ही ग्रजुऐशन की पढ़ाई शुरू की, लेकिन फाइनल के पहले ही कैंसर ने घेर लिया। बीमारी के साथ ही भूपेन्द्र ने परीक्षा दी और इलाज के लिए नागपुर चले गए। नागपुर में इलाज के दौरान ही लॉ (एलएलबी) की डिग्री पूरी की, बल्कि कैंसर को भी मात दी। इसके बाद उन्होंने सिविल जज की परीक्षा की तैयारी की। पहले प्रयास में वे असफल रहे, लेकिन दूसरे प्रयास में वे एससी कैटेगिरी में तीसरी रैंक पर रहे। भूपेन्द्र की बड़ी बहन दंत चिकित्सक हैं, जबकि दूसरी अभी एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं।
स्वाति चौहान हर परीक्षा में रहीं अव्वल:-सिविल लाइन निवासी सीएल चौहान की तीन बेटियां एक बेटा है। चौहान ऑटो चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। अब उनकी बड़ी बेटी पीएचडी कर चुकी है। दूसरे नंबर की स्वाति ने हाल ही में सिविल जज की परीक्षा में 40वीं रैंक हासिल की है। स्वाति पढ़ाई में शुरू से ही अव्वल रही। स्कूल से लेकर कॉलेज तक सभी कक्षाओं में टॉप किया। कई दफा बेस्ट स्टूडेंट का खिताब भी मिला। महाकोशल कॉलेज से ग्रेजुएशन करने के बाद हितकारिणी लॉ कॉलेज से एलएलबी की और फिर सिविल जज की तैयारी करने लगीं।ग्रेजुएशन की शुरुआत से ही घर-घर जाकर बच्चों को कॉमर्स की कोचिंग देती रहीं और अपनी पढ़ाई का खर्च निकाला। लॉ की पढ़ाई पूरी करने के बाद स्वाति ने सिविल जज के लिए कोचिंग ज्वाइन की। यहां जितने भी टेस्ट हुए उसमें उसे कम नंबर मिलते रहे। जिससे कई बार मन में निराशा भी आई और सोचा कि बच्चों को पढ़ाना छोड़कर पूरा ध्यान सिर्फ पढ़ाई में लगा दूं लेकिन जैसे ही पापा और घर की स्थिति का ख्याल मन में आता तो सारी निराशा दूर हो जाती और फिर नए जोश के साथ वे अपनी तैयारी में लग जाती थीं।

नई दिल्ली। Bhima Koregaon Case, भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने आनंद तेलतुंबड़े (Anand Teltumbde) के खिलाफ हुई एफआइआर को रद करने से मना कर दिया है, हालांकि कोर्ट ने उन्हें जमानत के लिए 4 हफ्ते का वक्त दिया है। चीफ जस्टिस ने कहा, 'जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में कार्रवाई रोकना जरूरी नहीं है'।बता दें कि बांबे हाई कोर्ट (Bombay High Court) ने भीमा कोरेगाव हिंसा (Bhima Koregaon Case) के आरोपी एक्टिविस्ट आनंद तेलतुंबड़े की याचिका खारिज कर दी थी। तेलतुंबड़े ने इस मामले में उन पर लगे एफआइआर को हटाने की मांग की थी। हालांकि हाई कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर लगी रोक को तीन हफ्ते के लिए बढ़ा दिया था और कहा था कि इस दौरान वह उच्चतम न्यायालय से संपर्क कर सकते हैं।
माओवादियों से संबंध रखने के आरोप:-गौरतलब है कि आनंद तेलतुंबड़े पर पुणे पुलिस ने माओवादियों से संबंध रखने के आरोप लगाए थे। इस मामले में पुणे पुलिस ने आनंद तेलतुंबड़े के गोवा स्थित घर पर छापेमारी भी की थी और उन्हें संदेह के घेरे में रखा है। आनंद ने सभी आरोपों से इन्कार किया था और दावा किया कि उन्हें इस मामले में फंसाया गया है और उनके पास इसका पर्याप्त सबूत है।
बांबे हाई कोर्ट ने बताया गहरी साजिश;-एलगार परिषद-भीमा कोरेगांव हिंसा मामले को बांबे हाई कोर्ट ने गहरी साजिश बता चुका है है। इस साजिश का परिणाम अत्यंत गंभीर है। इस मामले कई माओवादी समर्थकों की पुणे पुलिस जांच कर रही है। जस्टिस बीपी धर्माधिकारी और जस्टिस एसवी कोटवाल की खंडपीठ ने मामले के आरोपितों में से एक आनंद तेलतुंबड़े की याचिका खारिज करते हुए टिप्पणी की। पीठ ने कहा कि अपराध गंभीर है।साजिश गहरी है और उसका परिणाम अत्यंत गंभीर है। साजिश की प्रकृति और प्रभाव पर विचार करते हुए जांच एजेंसी को आरोपी के खिलाफ सुबूत जुटाने के लिए पर्याप्त समय दिए जाने की जरूरत है। जांच पर संतोष व्यक्त करते हुए पीठ ने कहा कि पुणे पुलिस के पास आनंद के खिलाफ पर्याप्त सामग्री है और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप आधारहीन नहीं हैं।

कुंभनगर। जयंत अपने पिता की सत्ता अक्षुण्ण रखने के लिए अमृत कुंभ लेकर दौड़ चुके हैं। सूर्य भी अपने पुत्र शनि के घर पहुंचने को आतुर हैं। इधर, प्रयागराज अपनी दिव्यता के साथ दोनों के स्वागत की प्रतीक्षा में है। सुदूर क्षेत्रों से विरक्त और गृहस्थ संगम तट पर पहुंच चुके हैं। सभी अमृत कुंभ को लेकर आसक्त हैं। उन्हें उस पल का इंतजार है,जब दोनों पथिक लक्ष्य पर पहुंचें और शाही स्नान के वे साक्षी बनें। संगम तीरे आस्था, भक्ति और अध्यात्म का अदभुत संसार बस चुका है। लघु भारत को अपने में समेटे कुंभ क्षेत्र में अखाड़ों में अध्यात्म की बयार बह रही है तो कथावाचकों के पंडाल से रामधुन। कहीं कृष्ण-राधा के प्रेम का बखान हो रहा है। हनुमान की रामभक्ति की चर्चा है तो कहीं एक ब्रह्म की। सभी की अपनी भक्ति और सभी के अपने इष्ट। जा की रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी। सद्भाव और समरसता का संगम हर आश्रम में शाश्वत सत्य की तरह विराजमान है। त्रियम्बक की दोनों शिखाओं गंगा और यमुना को लांघ बढ़ने पर शंख द्वार के सामने से चारों ओर जहां तक दृष्टि जाती है। आश्रम और आश्रय स्थलों की पंक्तियां दूर-दूर तक दिखाई दे रही हैं। अखाड़े, महामंडलेश्वर, महंत और कथावाचकों के विशाल पंडाल सजकर तैयार हैं। शायद ही कोई राज्य होगा और शायद ही कोई जिला अपवाद होगा, जहां का संत और गृहस्थ यहां मौजूद न हो। क्षेत्र भर में हरि अनंत, हरि कथा अनंता.. चरितार्थ हो रहा है। तप और जप के माध्यम से परमात्मा तक पहुंचने का प्रयास करने वालों की भी कमी नहीं है। ध्यान, हठ योग, क्रिया योग और सहज ध्यान योग आदि से अंत:करण को शुद्ध करने का यह मार्ग उनके गुरु ने सिखाया है।कुरीतियों और आडंबर से खुद को मुक्त करने का संदेश देने के लिए भी कई संत प्रयासरत हैं। ग्रहों की दशा बता सचेत करने वाले और तंत्र-मंत्र और गंडा-ताबीज से सुख-शांति देने का दावा करने वाले भी अनेक हैं। दिव्यांग जन को कृत्रिम अंग बांटने वाले भी अपने सेवा कार्य के साथ मौजूद हैं। सबका अपना-अपना दर्शन,अपना-अपना सेवा कार्य। कुछ के पास सुसज्जित कॉटेज है तो कुछ के पास पर्ण कुटि तो अनेक सिर्फ नीली छतरी के भरोसे। लेकिन किसी को शिकायत नहीं। सिर्फ प्रतीक्षा है पुत्र शनि के घर के द्वार खोल पिता सूर्य के उदित होने की, ताकि ग्रहण कर सकें संगम का पुण्य प्रताप।

नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा सिख विरोधी दंगे (1984 anti Sikh riots) में उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के खिलाफ कांग्रेस नेता सज्जन कुमार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार की अपील पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने सीबीआइ से इस मामले में जवाब मांगा है और इस पर अब छह हफ्ते बाद सुनवाई होगी।बता दें कि सीबीआइ ने 20 दिसंबर को ही सुप्रीम कोर्ट मे कैविएट दाखिल कर दी है, ताकि कोर्ट सज्जन कुमार को एकतरफा सुनवाई मे कोई राहत न दे दे। कोर्ट कोई भी आदेश देने से पहले सीबीआइ का भी पक्ष सुने। यही वजह है कि सीबीआइ से कोर्ट ने जवाब मांगा है। बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक मामले में सज्जन कुमार को दोषी ठहराते हुए उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई है। सज्जन कुमार ने हाई कोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
1984 सिख विरोधी दंगा मामला:-यहां पर बता दें कि दिल्ली हाई कोर्ट ने 1984 के सिख विरोधी दंगे के एक मामले में गत 17 दिसंबर को कांग्रेस के पूर्व सांसद और दिल्ली के दिग्गज नेता सज्जन कुमार को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हाई कोर्ट ने सज्जन कुमार को जीवित रहने तक कैद में रहने की सजा दी है।दरअसल, सज्जन कुमार को दिल्ली कैंटोनमेंट के राज नगर इलाके में नवंबर 1984 को पांच सिखों की हत्या और एक गुरुद्वारे में आग लगाए जाने के मामले में दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
क्या होती है कैविएट:-कैविएट हाई कोर्ट से मुकदमा जीतने वाला पक्षकार सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करता है। इसका मतलब होता है कि अगर मुकदमा हारने वाला पक्षकार सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करे तो कोर्ट उसके हक में एकतरफा सुनवाई करके कोई फैसला न दे दे। कोर्ट मामले में कोई भी आदेश देने से पहले कैविएट दाखिल करने वाले पक्षकार का पक्ष भी सुने। कैविएट दाखिल होने से एकतरफा आदेश की आशंका नहीं रहती। दोनों पक्षों को सुनने के बाद ही कोई आदेश पारित होता है।

जयपुर। Honeytraap के मामले में फंसे सेना के जवान सोमवीर से हुई पूछताछ और अब तक की छानबीन में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। पूछताछ में सामने आया है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ एजेंट महिला अनिका चोपड़ा नाम से फेसबुक आइडी बनाकर जवानों को फंसाती है। आशंका है कि उसने अब तक करीब चार दर्जन जवानों को अपने जाल में फंसाकर खुफिया जानकारी एकत्रित की है।आइएसआइ से जुड़ी महिला एजेंट भारत के महत्वपूर्ण सामरिक ठिकानों पर तैनात जवानों से फेसबुक के माध्यम से दोस्ती कर अपने जाल में फंसाती है। जैसलमेर मिलिट्री स्टेशन के टैंक यूनिट में तैनात सोमवीर को इस मामले में पुलिस ने चार जनवरी को गिरफ्तार था। उससे पूछताछ में अब पूरे मामले से पर्दा हटना शुरू हो गया है।सेना के प्रवक्ता कर्नल संबित घोष ने बताया कि जांच में पुलिस को सेना पूरा सहयोग कर रही है। पूछताछ में सामने आया है कि हरियाणा के रोहतक निवासी जवान सोमवीर आइएसआइ को सेना की गतिविधियों की खुफिया जानकारी उपलब्ध करा रहा था। सोमवीर पर पिछले चार महीनों से खुफिया एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुई थीं।सेना के सूत्रों के अनुसार, जवान से यह भी जानने का प्रयास किया जा रहा है कि इसके अलावा कितने जवान महिला के जाल में फंसे हैं। चार जनवरी को पकड़ा गया सोमवीर लंबे समय से भारतीय सेना की गतिविधियों की जानकारी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी से साझा कर रहा था। सोमवीर फेसबुक के माध्यम से हनीट्रैप का शिकार हुआ था।

भोपाल। मध्य प्रदेश में गिद्धों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज हुई है। शनिवार को प्रदेश भर में एक साथ कराई गई गणना में 7906 गिद्ध पाए गए हैं, जो दो साल पहले गिने गए गिद्धों से 900 ज्यादा हैं। वन विभाग के कर्मचारियों को भोपाल, छतरपुर और उज्जैन वन वृत्त में एक-एक हजार से ज्यादा गिद्ध मिले हैं। विभाग गिद्धों के संरक्षण की दिशा में इसे बेहतर संकेत मान रहा है।विभाग ने वर्ष 2017 में गिद्धों की गिनती कराई थी। तब सात हजार गिद्ध गिने गए थे। शनिवार को प्रदेश के 33 जिलों में एक साथ 886 चयनित स्थानों पर गिनती प्रारंभ हुई और करीब तीन घंटे में सात हजार से ज्यादा गिद्ध गिने गए। आंकड़ा बढने की भी संभावना है। फिलहाल विभाग आठ हजार से ज्यादा संख्या होने का अनुमान लगा रहा है।
सात हजार कर्मचारी लगाए:-गिद्धों की गिनती के लिए विभाग ने पूरे प्रदेश में सात हजार कर्मचारियों को लगाया था। उनके साथ स्थानीय स्तर पर एनजीओ के सदस्य भी गिनती में शामिल हुए। विभाग ने प्रारंभिक सर्वे पिछले माह ही कर लिया था। जिसमें गिद्धों के घोसले चिह्नित किए गए थे। शनिवार को सुबह करीब साढ़े छह बजे कर्मचारियों की टीम चिह्नित जगहों पर पहुंची और सिर्फ बैठे हुए गिद्धों की गिनती की। वन अफसरों का कहना है कि धूप चढ़ने के साथ गिद्ध आसमान में उड़ने लगते हैं। जिससे गिनती प्रभावित हो सकती थी। जबकि सुबह वे अपने घोसलों के आसपास ही बैठते हैं, जिससे गिनती आसान हो जाती है।
पेंच पार्क में नजर आया दुर्लभ एशियन पाम सिवेट;-आम तौर पर दक्षिण भारत में पाया जाने वाला दुर्लभ एशियन पाम सिवेट पेंच नेशनल पार्क की सड़कों पर चहलकदमी करता दिखाई दिया है। पेंच पार्क के रूट नंबर दो पर जोड़ा मुनारा कैंप के नजदीक एशियन पाम सिवेट की तस्वीरें पार्क के वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर ओमवीर चौधरी ने कैमरे में कैद की हैं। चौधरी ने बताया कि निशाचर प्रवृत्ति के इस स्तनपायी वन्यप्राणी को दिन अथवा दोपहर के समय देख पाना बेहद मुश्किल होता है। एकांतप्रिय यह वन्यप्राणी किसी की आहट सुनते ही जमीन की खोह अथवा अपने आवास में दुबक जाता है।रात के अंधेरे में शिकार के लिए यह मांसाहारी वन्यप्राणी बाहर निकलता है। बड़ी शिकारी बिल्ली की तरह दिखने वाले एशियन पाम सिवेट छोटे जीवों जैसे छिपकली, सांप, मेढक व कीड़ों का शिकार करता है। दक्षिण भारत के अलावा दक्षिण-पूर्व एशिया, श्रीलंका, दक्षिणी चीन में यह बड़ी संख्या में पाया जाता है। काले बाल व बड़ी आंखों वाले इस वन्यप्राणी की उम्र 15 से 20 साल तक होती है। पेंच टाइगर रिजर्व में एशियन पाम सिवेट रिकॉर्डेड वन्यप्राणी है, लेकिन कई सालों बाद यह पार्क में लोगों को दिखाई दिया है। ताड़ के पेड़ों की कटाई से एशियन पाम सिवेट की संख्या दुनिया भर में तेजी से कम हुई है। इस वन्यप्राणी को ताड़ के फल काफी पसंद हैं।

छिंदवाड़ा। विविधता से भरे भारत में देवी-देवताओं के मंदिरों में अलग-अलग ढंग से पूजा-अर्चना के उदाहरण मिलते हैं। छिंदवाड़ा का शंकर मंदिर और संत दादा श्यामलाल मौनी बाबा की समाधि इसका जीता-जगता उदाहरण है।जिस तरह उज्जैन में भैरव बाबा को शराब चढ़ाने की प्राचीन काल से परंपरा चली आ रही है। ठीक इसी तरह छिंदवाड़ा जिले के मोहखेड़ विकास खंड के देवगढ़ गांव से सात किमी दूर ग्राम लिलाही में भगवान शंकर के मंदिर और संत दादा श्यामलाल मौनी बाबा की समाधि पर गांजे का प्रसाद चढ़ाया जाता है और फिर इसे श्रद्धालुओं को बांटा जाता है। गांजे की खेती करना कानूनी तौर पर अपराध है, लेकिन यहां प्रसाद के लिए मंदिर परिसर में गांजा लगाया जाता है।समाधि और मंदिर में पूजा-पाठ का कार्य संभाल रहे किशन मादरेकर ने बताया कि करीब 20 साल पहले भांग ठेकेदार ने पुलिस से शिकायत की थी। इसके बाद यहां कलेक्टर, एसपी और अन्य अधिकारी आए थे। मौके से मंदिर के आसपास लगे गांजे के पौधे उखाड़कर ले गए थे। इसका लोगों ने विरोध किया। मामला न्यायालय तक पहुंचा। न्यायालय ने परंपरा के कारण 40 डिसमिल जमीन में गांजा लगाने की अनुमति दे दी। यहां साल भर पूजा-पाठ और महाआरती के बाद गांजे का प्रसाद वितरित किया जाता है।
जानिए क्या है मान्यता:-मंदिर के सामने 90 साल से अखंड जोत जल रही है। मादरेकर ने बताया कि समाधि में लीन संत श्यामलाल मौनी बाबा मोहखेड़ के पास सतनूर गांव के रहने वाले थे और यहां आकर बस गए थे। वह भोलेनाथ का मंदिर बनवाकर यहां रहने लगे। मंदिर के सामने उन्होंने अखंड धूनी जलाई। भोलेनाथ की काफी तपस्या की। चालीस साल तक वह मौन रहे। बाबा हमेशा गांजा पीते थे। भगवान को भी वही चढ़ाते और भक्तों को प्रसाद के रूप में देते थे। 60 के दशक के पूर्व मौनीबाबा ने समाधि ले ली। तब से गांजा चढ़ाने परपंरा चली आ रही है।
मंदिर परिसर में लगता है मेला:-मंदिर परिसर में मकर संक्रांति, शरद पूर्णिमा, गुरपूर्णिमा, महाशिवरात्रि, रामनवमीं मेला लगता है। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं

ग्वालियर। Farmer loan waiver प्रदेश के किसान मुख्यमंत्री कर्ज माफी योजना के तहत केवल दो लाख रुपये तक कर्ज माफी का लाभ ले सकेंगे। योजना का लाभ उन किसानों को मिलेगा जिन्होंने बैंक से खाद-बीज या केवाईसी के तहत कर्ज ले रखा है। कर्जमाफी का लाभ लेने के लिए ऋण खाते से आधार का लिंक होना आवश्यक है। आधार कार्ड लिंक न होने व आवेदन न करने पर किसान इसका लाभ नहीं ले सकेंगे।एमपी ऑनलाइन द्वारा 15 जनवरी से लाइव पोर्टल चालू किया जा रहा है, जिस पर किसानों से मिलने वाले आवेदन ऑनलाइन अपडेट किए जाएंगे। किसानों को तीन श्रेणियों में रखा जाएगा। किसान जिस श्रेणी में आएगा उसे उस रंग का फॉर्म भरना होगा, फार्म किसान को निशुल्क मिलेगा।
15 से सूची होगी चस्पा, तीन रंग के मिलेंगे फॉर्म:-15 जनवरी से ग्राम पंचायत भवन व वार्ड ऑफिस पर कर्जदार किसानों की सूची चस्पा की जाएगी। सूची तीन रंग की होगी- हरी, सफेद व गुलाबी। हरी सूची में उन किसानों के नाम होंगे जिनके आधार खाते से लिंक हैं। सफेद सूची में उनके नाम होंगे जिनके खाते से आधार लिंक नहीं है तथा गुलाबी सूची में वे किसान होंगे जिनका नाम इन दोनों सूची में गलत लिखा है या नाम है ही नहीं। जो किसान जिस रंग की सूची में है उसे आवेदन भी उसी रंग का देना होगा।
यहां कराएं फॉर्म जमा:-किसान जिस ग्राम पंचायत में निवासरत हैं, वह उसी पंचायत में ग्राम सचिव, ग्राम रोजगार सहायक व नोडल अधिकारी के पास फार्म जमा कर सकते हैं। निगम सीमा में आने वाले किसान वार्ड ऑफिस में फॉर्म जमा कर सकते हैं। दो लाख से अधिक का कर्ज स्वयं चुकाएं किसान को दो लाख रुपये तक की कर्ज माफी का लाभ मिलेगा। भले ही अलग-अलग बैंकों से किसान क्रेडिट कार्ड के तहत अधिक कर्ज ले रखा हो।
सम्मान प्रमाण पत्र भी मिलेगा:-एक अप्रैल 2007 से 31 मार्च 2018 के बीच कर्ज लेने वाले सभी किसानों को कर्ज माफी का लाभ मिलेगा। शासन से राशि पहुंचने के बाद बैंक किसान को ऋण मुक्ति का प्रमाण पत्र देगा। इसके साथ ही 12 दिसंबर 2018 तक जो किसान आंशिक या कर्ज का पूर्ण भुगतान कर चुके हैं, उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा। बैंक में शासन की ओर से राशि पहुंचने के बाद बैंक बकाया काटकर बाकी का पैसा किसान के खाते में पहुंचाएगा। जो किसान आंशिक या पूर्ण भुगतान कर चुके हैं उन्हें बैंक की ओर से सम्मान प्रमाण पत्र भी मिलेगा।
एक नजर
- राष्ट्रीकृत व ग्रामीण बैंक के खातेदार को ऋण पुस्तिका के प्रथम पेज की फोटो कॉपी आवेदन में लगानी होगी।
-किसान 15 जनवरी से 5 फरवरी तक आवेदन कर सकेंगे। इस बीच किसान खाते से आधार भी लिंक करवा सकेंगे।
- 5 फरवरी से 10 फरवरी के बीच किसानों के आवेदन ऑनलाइन फीड किए जाएंगे।
-किसान के मोबाइल पर फॉर्म ऑनलाइन जमा होने का मैसेज आएगा।
-10 फरवरी से 15 फरवरी तक बैंक फॉर्मो का सत्यापन करेंगे।
-20 फरवरी को कृषि कल्याण बोर्ड से कर्ज राशि की मांग की जाएगी।
-21 फरवरी को कर्ज की राशि मिलेगी।
-22 फरवरी को राशि किसानों के खातों में आवंटित की जाएगी।
आधार लिंक होना अनिवार्य:-किसान का दो लाख रुपये तक का कर्ज माफ होगा। ऋण खाते से आधार लिंक होना व आवेदन करना अनिवार्य है। फॉर्म ऑनलाइन फीड होने पर किसान के मोबाइल पर एसएमएस पहुंचेगा। इसके बाद 15 जनवरी को कर्ज माफी वाले किसानों की सूची चस्पा की जाएगी।

 

 

 

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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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