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नई दिल्‍ली। 70 वर्ष पुराने उत्‍तरी एटलांटिक संधि संगठन (नाटो) पर संकट के बादल मंडराते दिखाई दे रहे हैं। इसकी वजह अमे‍रिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप हैं जो अब इससे अलग होने की बात कर रहे हैं। इससे बाहर आने की उनकी सोच पहली बार पिछले वर्ष सामने आई थी। ट्रंप इसको भी अमेरिका की तरक्‍की में बाधा मान रहे हैं। यही वजह है कि वह इससे बाहर आने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। वहीं इसके उलट ट्रंप के करीबी सहयोगी इस फैसले को गलत मानते हुए उनका विरोध कर रहे हैं। इसमें जिम मैटिस, पूर्व रक्षा सचिव, जॉन बोल्‍टन, नेशनल सिक्‍योरिटी एडवाइजर शामिल हैं। आपको बता दें कि कोरियाई युद्ध के दौरान इसके गठन का खाका सामने आया था। इसके गठन में अमेरिका के दो वरिष्‍ठ सैन्‍य अधिकारियों ने अहम भूमिका निभाई थी।
ट्रंप ने पिछले वर्ष दिया था बयान;-पिछले वर्ष ट्रंप ने इसका जिक्र नेशनल सिक्‍योरिटी से जुड़े टॉप अधिकारियों से भी किया था। उनका कहना था कि नाटो में शामिल होने से देश को नुकसान हो रहा है। आपको यहां पर बता दें कि ट्रंप ने कुछ समय पहले कहा था कि अमेरिका पूरे विश्‍व की चौकीदारी नहीं कर सकता है। जहां तक ट्रंप की बात है तो वह साफतौर पर इस बात को जगजाहिर कर चुके हैं कि जहां अमेरिका का फायदा नहीं है उस काम को करने में कोई फायदा नहीं है। वहीं हालांकि यदि ट्रंप इस तरह का फैसला लेते हैं तो यह कोई नई बात नहीं होगी।
ट्रंप की सोच से डरे अधिकारी;-ट्रंप कई मामलों में न सिर्फ पूर्व सरकार के फैसलों को पलट चुके हैं। ईरान से परमाणु समझौता, ओबामा हेल्‍थकेयर, रूस से समझौता रद करना और पेरिस डील से पीछे हटने जैसे कई उदाहरण हैं जो ट्रंप के इन तथ्‍यों को प्रमाणित करते हैं। ट्रंप की इस सोच से राष्‍ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अधिकारी भी कहीं न कहीं डरे हुए हैं। बराक ओबामा सरकार में रक्षा मंत्रालय में अवर सचिव मिशेले फ्लोरनॉय इस सोच को काफी खतरनाक मानते हैं। उनके अलावा रिटायर्ड एडमिरल जेम्‍स स्‍टावरिडीस इसको एक बड़ी गलती मानते हैं।
नाटो के बजट में 50 फीसद की हिस्‍सेदारी रखता है अमेरिका:-आपको यहां पर ये बताना भी जरूरी हो जाता है कि नाटो के सभी सदस्यों का संयुक्त सैन्य खर्च दुनिया के रक्षा व्यय का 70 फीसद से अधिक है। इसके कुल बजट का आधा खर्च केवल संयुक्त राज्य अमेरिका अकेले ही उठाता है। इसके बाद ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली इसमें 15-15 फीसद की हिस्‍सेदारी रखते हैं। यहां पर ये बात इसलिए भी मायने रखती है क्‍योंकि पेरिस समझौते से अलग हटते हुए ट्रंप ने साफतौर पर कहा था कि जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर सबसे अधिक खर्च अमेरिका करता है। ऐसे में अमेरिका हर तरफ से नुकसान नहीं सहेगा। नाटो के मुद्दे पर भी ट्रंप की यही सोच काम कर रही है।
नाटो के गठन पर एक नजर:-उत्‍तरी एटलांटिक संधि संगठन की स्थापना 4 अप्रैल 1949 को हुई थी। इसका मुख्यालय बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में है। संगठन ने सामूहिक सुरक्षा की व्यवस्था बनाई है, जिसके तहत सदस्य राज्य बाहरी हमले की स्थिति में सहयोग करने के लिए सहमत होंगे। इसकी गठन की शुरुआत के कुछ वर्षों में यह संगठन एक राजनीतिक संगठन से अधिक नहीं था। लेकिन कोरियाई युद्ध ने सदस्य देशों को प्रेरक का काम किया और दो अमेरिकी सर्वोच्च कमांडरों के दिशानिर्देशन में एक एकीकृत सैन्य संरचना निर्मित की गई। लॉर्ड इश्मे पहले नाटो महासचिव बने थे। 1 अप्रैल 2009 को अल्बानिया और क्रोएशिया के प्रवेश के साथ गठबंधन की सदस्य संख्या बढ़कर 28 हो गई।

 

 

सिडनी। भारत और ऑस्ट्रेलिया (IND vs AUS) के बीच दूसरे वनडे मैच में मेजबान टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी का फैसला किया। इस मुकाबले में टीम इंडिया के पूर्व कप्तान एम एस धौनी (MS Dhoni) ने एक बार फिर दिखाया कि विकेट के पीछे कितने तेज़ हैं। इस मैच में धौनी ने अपनी चीते सी फुर्ती का नज़ारा पेश किया। ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज़ पीटर हैंड्सकॉम्ब कुछ समझ पाते उससे पहले ही धौनी ने गिल्लयां बिखेर दी।
धौनी ने ऐसे किया हैंड्सकॉम्ब को स्टंप;-रवींद्र जडेजा (Ravinder Jadeja) ऑस्ट्रेलिया की पारी का 28 वां ओवर फेंक रहे थे। इस ओवर की दूसरी गेंद (27.2) पर हैंड्सकॉम्ब 20 रन बनाकर खेल रहे थे। जडेजा ने गेंद फेंकी और हैंड्सकॉम्ब ने आगे बढ़कर गेंद को खेलना चाहा, लेकिन वो बॉल की लाइन पढ़ने मेंं चूक गए और गेंद सीधे धौनी के हाथों में चली गई। इससे पहले कि हैंड्सकॉम्ब क्रीज़ में वापसी कर पाते उससे पहले ही धौनी ने गिल्लियां बिखेर कर भारत को चौथी सफलता दिला दी।
एक गेंदबाज की गेंद पर धौनी द्वारा सर्वाधिक स्टंप
19 हरभजन
18 आर जडेजा
15 आर अश्विन
10 कुलदीप
09 युवराज
वनडे क्रिकेट में अलग-अलग देशों के खिलाफ धौनी की स्टंपिंग
24 v श्रीलंका
16 v ऑस्ट्रेलिया*
16 v इंग्लैंड
14 v वेस्टइंडीज
ऑस्ट्रेलिया ने फिर जीता टॉस;-सिडनी वनडे की तरह ही इस मैच में भी ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी का फैसला किया। पहले 8 ओवर के अंदर ही ऑस्ट्रेलिया को 26 रन के स्कोर पर दो झटके लग गए थे। इसके बाद ख्वाज़ा और मार्श ने ऑस्ट्रेलिया की पारी को आगे बढ़ाया। इन दोनों के बीच 56 रन की साझेदारी भी हो गई थी, तभी जडेजा ने एक शानदार थ्रो फेंककर ख्वाज़ा को रन आउट कर दिया। इसके बाद हैंड्सकॉम्ब और मार्श के बीच एक 52 रन की साझेदारी हुई ही थी कि धौनी ने अपनी फुर्ती से हैंड्सकॉम्ब की पारी का काम तमाम कर दिया।

 

नई दिल्ली। आईटी इंडस्ट्री बॉडी नैस्कॉम ने सरकार से बीपीओ/केपीओ सेवाओं में जीएसटी नियमों के तहत कर प्रावधानों को स्पष्ट करने का आग्रह किया है। साथ ही उसने सरकार से यह आग्रह भी किया है कि स्टार्टअप में निवेश पर लगने वाले एंजल टैक्स को खत्म कर दिया जाए।राजस्व अधिकारियों की ओर से इस तरह के बढ़ते उदाहरणों पर चिंता व्यक्त करते हुए जिसमें बीपीओ और केपीओ समेत तमाम सेवाओं को आईटी-सक्षम सेवाओं की 'मध्यस्थ सेवा' माना जा रहा है नैस्कॉम के सीनियर डायरेक्टर और पब्लिक पॉलिसी हैड आशीष अग्रवाल ने बताया कि इन मुद्दों पर तत्काल ध्यान दिए जाने की जरूरत है।उन्होंने कहा, "इस तरह की कंपनियां पूर्व आपूर्ति चरणों में किसी भी तरह की वस्तुओं की आपूर्ति एवं सेवाओं से जुड़ी हुई नहीं हैं...यहां पर स्पष्टता की जरूरत है कि बीपीओ और केपीओ मध्यस्थ सेवा के रूप में अर्हता प्राप्त नहीं करेगा।" उन्होंने यह बात आगामी बजट में इंडस्ट्री की इच्छाओं के संदर्भ में कही।अग्रवाल ने उल्लेख करते हुए कहा कि बीते वर्ष जीएसटी काउंसिल ने कई पहलुओं पर स्पष्टीकरण दिए हैं जिन्होंने उद्योग की मदद की है। अग्रवाल ने कहा, "व्यापार को आसान बनाने, विकास और क्षेत्र की निर्यात प्रतिस्पर्धा के निर्वाह के लिए इन पर ध्यान दिया जाना चाहिए।" उन्होंने यह भी कहा कि एंजल टैक्स के प्रावधानों को खत्म किया जाना चाहिए और स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने वाले विचारों पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

नई दिल्ली। देश की तीसरी बड़ी आईटी फर्म विप्रो ने जानकारी दी है कि वो 17 और 18 जनवरी 2019 को होने वाली अपनी बोर्ड मीटिंग में बोनस इश्यू जारी करने पर विचार करेगी। इस संभावित कॉर्पोरेट घोषणा के साथ ही विप्रो वित्त वर्ष 2018-2019 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के वित्तीय नतीजे भी घोषित करेगी। साथ ही अगर कंपनी के निदेशक मंडल की ओर से फैसला लिया जाता है तो वो अंतरिम डिविडेंट (लाभांस) की भी घोषणा कर सकती है।
दिन के करीब 2 बजे कंपनी के शेयर्स का हाल: कंपनी की इस घोषणा का असर कंपनी के शेयर्स पर भी देखा जा रहा है। मंगलवार को करीब दिन के दो बजे बीएसई पर विप्रो लिमिटेड का शेयर 5.12 फीसद की तेजी के साथ 329 रुपये प्रति शेयर के स्तर पर कारोबार करता देखा गया।विप्रो ने अपनी नियामकीय फाइलिंग में बताया, "बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक जो कि 17 और 18 जनवरी 2019 को होनी है जिसमें 31 दिसंबर, 2018 को समाप्त तिमाही के ऑडिटेड स्टैंडअलोन और कंसॉलिडेटेड नतीजों पर विचार किया जाएगा। साथ ही वित्त वर्ष 2018-19 के लिए अंतरिम डिविडेंड भी जारी किया जा सकता है।"विप्रो ने आगे बताया, "बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स बोनस शेयर को जारी करने के प्रस्ताव पर भी विचार करेंगे। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की इस मीटिंग के फैसलों की जानकारी स्टॉक एक्सचेंज को 18 जनवरी 2019 की शाम को दे दी जाएगी।"


स्वामी विवेकानंद जी एक ऐसे शख्स जिस पर सिर्फ भारत वासियों को नहीं समूची मानव जाति को उन पर गर्व है इन्होंने अपनी ओजस्वी वाणी से टूटी हुई भारतीय जनता को फिर से उठ खड़े होने के लिए प्रेरित किया। वास्तव में किसी भी युग पुरुष की जयंती मनाने का मतलब उनको सिर्फ याद करना ही नहीं होता जयंती का मतलब है हम उनके उपदेशों को अपने जीवन में डाल कर अपने जीवन को सही ढंग से चला सकें। गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने उनके बारे में कहा था- "यदि आप भारत को जानना चाहते हैं, तो विवेकानन्द को पढ़िये। उनमें आप सब कुछ सकारात्मक ही पाएंगे, नकारात्मक कुछ भी नहीं।"युग-पुरुष 'स्वामी विवेकानंद' का जन्म 12 जनवरी 1863 को कलकत्ता (वर्तमान में कोलकाता) में हुआ।उनका जन्म दिवस राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। विवेकानंद जी ने अपने गुरु श्री रामकृष्ण परमहंस जी के दिव्य ज्ञान और उनके बताएगें सन्मार्ग पर चल कर मानव जाति के लिए बड़े-बड़े कल्याणकारी कार्य किए। विवेकानन्द जी अपने साथियों को संबोधित करते हुए कहते थे, "मनुष्य गाड़ना ही हमारे जीवन का एकमात्र उद्देश्य हो। हमारी एकमात्र साधना हो। वृथा विद्या का गर्व छोड़ दो।भले ही कोई मतवाद उत्कृष्टतम हो, हमें उस की आवश्यकता नहीं है।ईश्वर की अनुमति ही जीवन का एकमात्र लक्ष्य है।श्री रामकृष्ण देव अपने जीवन में इन आदर्शों को दर्शा गए हैं हमें उनके आदर्श जीवन का ही अनुकरण करना है।"
स्वामी जी ने 11 सितंबर 1893 शिकागो में सर्वधर्म सम्मेलन में ऐसा जोरदार भाषण दिया कि जिसको सुनकर सारे विश्व में हिंदुत्व की गूंज सुनाई देने लगी और विवेकानंद जी को तूफानी हिंदू के नाम से सब जाने लगे। स्वामी जी ने शिकागो में हुई सर्व धर्म सम्मेलन में कहा था, "मनुष्य मनुष्य के बीच भेद पैदा करना धर्म का काम नहीं है।जो धर्म मनुष्य में टकराव पैदा करता है।वह कुछ सिरफिरे लोगों का निजी विचार अथवा मत हो सकता है।उसे धर्म की संज्ञा देना मनुष्य के धार्मिक विवेक का अपमान करना है।धर्म द्वंद से परे है धर्म का आधार है प्रेम,भाईचारा,सहानुभूति,दया,ममता, आत्मीयता तथा सह- अस्तित्व की भावना।"
स्वामी जी ने हमें धर्म की सही परिभाषा का ज्ञान करवाया है मगर हम उस ज्ञान को अनदेखा कर आज भी धर्म के नाम लड़ -झगड़ रहे। स्वामी जी ने भारत के मूल धर्म का परिचय देते हुए कहा है,"जिस धर्म के वह प्रतिनिधि है वह सनातन हिंदू धर्म है।समुंदर पार भारतवर्ष नाम किस धर्म की विशेषता है कि यह समूची मनुष्य जाति के लौकिक एवं अध्यात्मिक विकास का संकल्प लेकर चला है। इससे सोच की मूल भूमि मनुष्य मात्र का कल्याण है। समस्त बुराइयों का परित्याग कर समस्त अच्छाइयों की ओर पूर्वक बढ़ने का निर्देश देता है यह धर्म।विश्व के सभी धर्मों की तुलना में सनातन हिंदू धर्म सर्वाधिक प्राचीन उधार है इस धर्म में किसी तरह की संकीर्णता तथा नकारात्मकता के लिए कोई स्थान नहीं है।" जिस सनातन हिंदू धर्म को स्वामी जी ने सारे विश्व में गर्व का पात्र बनाया।उसी धर्म की आज हम खिल्ली उड़ा रहे क्योंकि जिस तरह उन्होंने धर्म की व्याख्या की उस तरह आज हम अपने धर्म को नहीं निभा रहे हैं। आज तो हम धर्म के नाम पर आपस में मार कटाई ही कर रहे।स्वामी जी को यु्वाओं से बड़ी उम्मीदें थीं।उन्होंने युवाओं की अहं की भावना को खत्म करने के उद्देश्य से कहा है 'यदि तुम स्वयं ही नेता के रूप में खड़े हो जाओगे, तो तुम्हें सहायता देने के लिए कोई भी आगे न बढ़ेगा। यदि सफल होना चाहते हो, तो पहले ‘अहं’ ही नाश कर डालो।' उन्होंने युवाओं को धैर्य, व्यवहारों में शुद्ध‍ता रखने, आपस में न लड़ने, पक्षपात न करने और हमेशा संघर्षरत् रहने का संदेश दिया। स्वामी जी ने अपनी ओजस्वी वाणी से युवकों को जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया मगर आज हमारा युवा वर्ग स्वामी जी के उपदेशों को भूलकर अपने जीवन का अर्थ ही भूल गया है। आज युवा दिवस के अवसर पर मैं यही कहना चाहूंगा कि हमारे युवा वर्ग को जागने की जरूरत है क्योंकि जब वो जागेगा और स्वामी विवेकानंद जी के उपदेश पर चलेगा।उस दिन हमारे भारतवर्ष का स्वरूप बिल्कुल ही बदल जाएगा। क्योंकि युवा गहन ऊर्जा और उच्च महत्वकांक्षाओं से भरे हुए होते हैं। उनकी आंखों में भविष्य के इंद्रधनुषी स्वप्न होते हैं। समाज को बेहतर बनाने और राष्ट्र के निर्माण में सर्वाधिक योगदान युवाओं का ही होता है। अंत में मैं स्वामी जी की सुप्रसिद्ध पंक्तियों से अपनी कलम को विराम देता हूं
"जिस पल मुझे यह ज्ञात हो गया कि हर मानव के हृदय में भगवान हैं तभी से मैं अपने सामने आने वाले हर व्यक्ति में ईश्वर की छवि देखने लगा हूं और उसी पल मैं हर बंधन से छूट गया। हर उस चीज से जो बंद रखती है, धूमिल हो जाती है और मैं तो आजाद हूं।"

-राजीव डोगरा कांगड़ा,हिमाचल प्रदेश
Rajivdogra1@gmail.Com
9876777233


रोहतक (हम हिंदुस्तानी)- बहलम्बा गाँव की बेटी और अजायब गाँव की बहू शिक्षाविद, कवयित्री एवं समाज सेविका डॉ सुलक्षणा अहलावत को 12 जनवरी को जयपुर में वीआ अवार्ड 2019 से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें समाज सेवा के लिए प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान जयपुर के मैसूर पैलेस में आयोजित भव्य सम्मान समारोह में जानी मानी बॉलीवुड अभिनेत्री डॉ अदिति गोवित्रिकर द्वारा प्रदान किया जाएगा। डॉ सुलक्षणा ने बताया कि कार्यक्रम के आयोजक हरीश सोनी ने मोबाइल पर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वो अपनी सामाजिक संस्था विलक्षणा एक सार्थक पहल समिति के माध्यम से समाज सेवा कर रही हैं। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए वो महिलाओं एवं लड़कियों को मुफ्त में सिलाई प्रशिक्षण और ब्यूटीशियन प्रशिक्षण करवाती हैं। संस्था के माध्यम से वो एक पैड बैंक भी संचालित कर रही हैं। उन्होंने बताया कि संस्था के माध्यम से वो रोहतक जिले के अजायब गाँव के राजकीय विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं को हर दूसरे महीने मुफ्त में सैनेटरी पैड उपलब्ध करवाती हैं। इसके अलावा वो शिक्षा के क्षेत्र में भी प्रयासरत हैं उन्होंने भट्ठों पर काम करने वाले मजदूरों के 43 बच्चों का विद्यालय में दाखिला भी करवाया है। डॉ सुलक्षणा ने बताया कि वो समय समय पर रक्तदान शिविर और स्वास्थ्य जांच शिविर भी आयोजित करवाती हैं। इन्हीं समाजहित के कार्यों के लिए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया जा रहा है। डॉ सुलक्षणा राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर लगभग 50 बार सम्मानित की जा चुकी हैं।

 

जयपुर (HH) गृह मंत्रालय भारत सरकार के सौजन्य से नेहरू युवक केंद्र
संगठन, जयपुर की ओर से राजधानी स्थित स्काउट प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित
सात दिवसीय आदिवासी yuwa आदान प्रदान शिविर में देश के विभिन्न राज्यों
के नक्सल प्रभावित ज़िलों के 200 युवाओं ने भाग लिया। शिविर में विषय
विशेषज्ञों ने विभिन्न सत्रों में आदिवासी युवाओं के शैक्षिक और कौशल
उन्नयन व्यक्तित्व विकास, जीवन शिक्षा,राष्ट्रीय एकता, आदिवासी संस्कृति
,सामाजिक आर्थिक विकास, जनजाति क्षेत्रों में रोजगार सृजन,आदिवासी
क्षेत्रों में वन औषधियां, सहित विविध राष्ट्रीय कार्यक्रमों, विकास
योजनाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी गई । नेहरू
युवा केंद्र संगठन राजस्थान के उप निदेशक और आदिवासी संस्कृति के
अध्येता
डॉ भुवनेश जैन ने बताया कि शिविर का शुभारम्भ प्रदेश के युवा और खेल
विभाग के शासन सचिव भास्कर ए सांवत ने किया। अध्य्क्षता प्रज्ञा पालीवाल
गौड़ ने की और विशिष्ट अतिथि शिक्षाविद निर्मल पंवार और पूर्व निदेशक
नेहरू युवा केंद्र सदाशिव शर्मा थे।
इस अवसर पर देशभक्ति और राष्ट्र निर्माण विषय पर राज्य स्तरीय भाषण
प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में प्रदेश के 26 जिलों के चयनित
प्रतिभागियों ने भाग लिया। जयपुर के जिला कलेक्टर जगरूप सिंह यादव ने
विजेताओं को पारितोषिक प्रदान किये। राज्य स्तरीय भाषण प्रतियोगिता में
अलवर की रिया मिश्रा प्रथम, राजसमंद की रीना कुमावत द्वितीय, जयपुर के
राजीव कुमार तृतीय रहे । जिला कलेक्टर जगरूप सिंह यादव के हाथों विजेताओं
को कमशः पच्चीस हजार, दस हजार व पांच हजार का पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र
देकर उनका सम्मान किया गया । राज्य स्तरीय भाषण प्रतियोगिता की जानकारी
देते हुए नेहरू युवा केंद्र संगठन के उप निदेशक डॉ भुवनेश जैन ने बताया
कि इस कार्यक्रम की शुरुआत 2015 में की गई । प्रत्येक वर्ष इस कार्यक्रम
का आयोजन खंड जिला राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर गणतंत्र दिवस कार्यक्रम
के हिस्से के रूप में किया जाता है । कार्यक्रम का उद्देश्य देश के
दूरदराज के इलाकों से प्रतिभाओं को तराशना तलाशना और उन्हें अवसर देना है
ताकि देश के विकास में उनकी भागीदारी को बढ़ाया जा सके । जैन ने बताया कि
राज्य के 26 जिलों में आयोजित भाषण प्रतियोगिता के विजेताओं ने राज्य
स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लिया । राज्य स्तर पर विजेता राष्ट्रीय
स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेंगे । राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के
निर्णायक मंडल में वरिष्ठ पत्रकार व डी पी आर के पूर्व संयुक्त निर्देशक
बालमुकुंद ओझा, सीओ स्काउट गणेश गुर्जर तथा युवा अधिकारी श्रवण कुमार
उपस्थित थे। समारोह में में जिला युवा समन्वयक महेश कुमार शर्मा ने
धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन राजेंद्र कुमार शर्मा ने किया ।
शिविर के दौरान आदिवासी संस्कृति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रमों का
आयोजन भी किया गया।

नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (Jawaharlal Nehru University) में 9 फरवरी, 2016 को आतंकी अफजल गुरु की बरसी पर देश के खिलाफ हुई नारेबाजी को लेकर दिल्ली पुलिस ने पटियाला हाउस कोर्ट में कन्‍हैया कुमार समेत 10 लोगों के खिलाफ 1200 पेज की चार्जशीट दाखिल की है। इधर कन्‍हैया कुमार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मैं मोदी और पुलिस का धन्‍यवाद देना चाहता हूं। इस चार्जशीट में शामिल 10 लोगों में जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार, सैयर उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य के नाम शामिल हैं। कन्‍हैया कुमार के साथ अपराजिता राजा का नाम भी पुलिस ने केस में दर्ज किया है। शहला राशिद और सीपीआइ लीडर डी राजा की बेटी अपराजिता राजा हैं।दिल्ली पुलिस ने आरोप लगाया है कि कन्हैया ने देशद्रोही नारों का समर्थन किया है। इसे दिल्ली पुलिस ने लोगों के बयान से स्टेबलिश किया है। वहीं, कन्हैया की मौजूदगी को वीडियो से स्टेबलिश किया गया है। इस केस में पुलिस ने कन्‍हैया कुमार को मुख्‍य आरोपी बनाया है, वहीं अनिर्बान, उमर खालिद और सात कश्मीरी छात्र भी आरोपित हैं। पुलिस को कन्हैया का भाषण देते हुए एक वीडियो भी मिला है। चार्जशीट के मुताबिक कन्हैया कुमार ने भी लगाए देश विरोधी नारे लगाए हैं। बताया जा रहा है कि स्पेशल सेल ने इस संबंध में दिल्ली पुलिस कमिश्नर और अभियोग से जरूरी निर्देश ले लिए हैं।इधर कन्‍हैया कुमार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मैं मोदी जी और पुलिस का धन्‍यवाद देना चाहता हूं। उन्‍होंने कहा कि घटना के तीन साल बाद जब चुनाव नजदीक आ गए हैं तब चार्ज शीट दाखिल की गई है। इस पूरे घटनाक्रम से यह साफ होता है कि यह राजनीति से प्रेरित है। उन्‍होंने न्‍याय व्‍यवस्‍था पर भरोसा जताते हुए कहा कि मुझे अपने देश की न्यायपालिका पर भरोसा है। गौरतलब है कि 12 सितंबर, 2018 को बताया था कि जिन अन्य छात्रों के नाम इसमें शामिल हैं और ये सभी जम्मू-कश्मीर राज्य के रहने वाले हैं। इनके नाम आकिब हुसैन, मुजीब हुसैन, मुनीब हुसैन, उमर गुल, रईस रसूल, बशरत अली, और खलिद बशीर भट हैं।
कन्हैया पर है यह आरोप:-सूत्रों के मुताबिक, जेएनयू के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर आरोप है कि उसने 9 फरवरी की शाम प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व किया था। आरोप यह भी है कि जेएनयू परिसर में अफजल गुरु की बरसी पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम के लिए अनुमति की प्रक्रिया अधूरी थी।

लखनऊ। बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कल रात से लखनऊ की राजनीति को गरमा दिया है। बसपा सुप्रीमो के काफी देर तक भेंट करने के बाद वह आज दिन में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिले। इस दौरान उन्होंने मीडिया को भी संबोधित किया।राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सपा व बसपा के बीच गठबंधन के लिए मैं तहेदिल से अखिलेश यादव व मायावती जी को धन्यवाद देता हूं। उन्होंने कहा कि भाजपा के खिलाफ यह गठबंधन देश की राजनीति की दिशा व दशा तय करेगा। तेजस्वी ने कहा कि भाजपा तो संविधान की हत्या करने वाली पार्टी है। संविधान विरोधी पार्टी का लोकसभा चुनाव में अब तो उत्तर प्रदेश के साथ ही बिहार से भी सफाया हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संविधान विरोधी पार्टी की उलटी गिनती शुरू हो गई है। नागपुरिया कानून से देश चलाया जा रहा है। बंच ऑफ थॉट्स किताब को संविधान की जगह रखना चाहते हैं।तेजस्वी ने कहा कि इस पार्टी ने देश के लोगों को धर्म व जाति के नाम पर लड़ाकर अपना उल्लू सीधा किया है। अब लोगों को इनकी सारी साजिश का पता चल गया है। भाजपा की सरकार में मॉब लिंचिंग बढ़ी है। समाज में जहर फैलाया जा रहा है। देश में हर तरफ अघोषित इमरजेंसी का माहौल है। इनके राज में तो हर संवैधानिक संस्थाओं को तानाशाही करके अपने फायदे के लिए चलाया जा रहा है। देश में बेरोजगारी बढ़ी है। किसान भी मर रहा है। तेजस्वी यादव ने साथ ही कहा कि कई पत्रकार और कलाकारों को गालियां दी जा रही है, उन्हें पाकिस्तान जाने के लिए कहा जा रहा है। जैसा देश का माहौल है, उसे देश की जनता देख रही है। आने वाले समय में पता लग जाएगा कि कौन कितना बेइमान है। आपके चौकीदार ने कितना बेइमानी का काम किया है।उन्होंने कहा कि हम उत्तर प्रदेश में गठबंधन को समर्थन देंगे। तेजस्वी ने कहा कि केंद्र सरकार का मुख्य रास्ता यूपी व बिहार से ही जाता है। इस बार तो उत्तर प्रदेश व बिहार के साथ ही झारखंड में भाजपा को बहुत नुकसान होने जा रहा है। भाजपा ने बिहार में लोगों को ठगा है। पीएम मोदी ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नही दिया। विशेष पैकेज से एक भी पैसा अभी तक नही दिया। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि हर वर्ग भाजपा को हटाना चाहता है। अखिलेश यादव ने कहा कि हर कोई भाजपा को हटाना चाहता है।उत्तर प्रदेश में गठबंधन हुआ है, पूरे देश में खुशी है। दिल्ली से लेकर कोलकाता तक लोग भाजपा से नाराज हैं। उन्होंने कहा कि बुलेट ट्रेन मुंबई-अहमदाबाद चलाई है। हमने मांग की थी कि दिल्ली से लखनऊ के बीच चले। इस इलाके के लोग नाराज हैं। भाजपा के लोग कितना भी चाहें हम समाजवादी लोग अपनी भाषा नहीं बदलेंगे। हम तो अपने गठबंधन को और मजबूत करेंगे। सपा-बसपा गठबंधन की खुशी पूरे देश में है। दिल्ली से कलकत्ता तक के लोग हमारे फैसले से खुश हैं। आने वाले चुनाव में गठबंधन को समर्थन मिलेगा। देश में यूपी के गठबंधन का एक बड़ा संदेश गया है।इससे पहले तेजस्वी यादव ने आज समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय में उन्होंने अखिलेश यादव के साथ काफी देर तक भेंट की। उनके मिलने को अखिलेश यादव पहले से ही कार्यालय में थे, जबकि तेजस्वी यादव होटल ताज से सपा कार्यालय पहुंचे। उनसे समाजवादी पार्टी के अन्य कई नेताओं ने भी मुलाकात की।समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय में उन्होंने अखिलेश यादव के साथ काफी देर तक भेंट की। उनके मिलने को अखिलेश यादव पहले से ही कार्यालय में थे, जबकि तेजस्वी यादव होटल ताज से सपा कार्यालय पहुंचे। उनसे समाजवादी पार्टी के अन्य कई नेताओं ने भी मुलाकात की।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भाजपा के खिलाफ लोकसभा चुनाव के पहले समाजवादी पार्टी व बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन की घोषणा के दो दिन बाद ही समाजवादी पार्टी ने विधायक ने गठबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सुहागनगरी फिरोजाबाद के सिरसागंज से विधायक हरिओम यादव ने कहा कि यह गठबंधन लंबा नहीं चलेगा। मुलायम सिंह यादव के समधी हरिओम यादव से साफ कहा कि गठबंधन तभी तक चलेगा जब तक हमारी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव बसपा अध्यक्ष मायावती के सामने घुटने टेकते रहेंगे।समाजवादी पार्टी के विधायक हरिओम यादव ने कल समाजवादी पार्टी व बहुजन समाज पार्टी के बीच के गठबंधन को लेकर बड़ा बयान दिया है। बेहद आक्रामक छवि के विधायक हरिओम यादव ने कहा कि फिरोजाबाद में तो यह गठबंधन काम नहीं करेगा। गठबंधन यहां पर कभी कामयाब नहीं होगा। मायावती के बारे में सभी को पता है, वह अपने सामने किसी की भी नहीं सुनती हैं। यह गठबंधन तभी तक चल सकता है, जब तक हमारे अध्यक्ष अखिलेश यादव जी हर बात पर बहनजी की हां में हां मिलाते रहेंगे, और घुटने टेकते रहेंगे। इतना ही नहीं विधायक हरिओम यादव ने कहा कि फिरोजाबाद लोकसभा सीट से शिवपाल सिंह यादव चुनाव लड़ेंगे। यदि नहीं लड़ते हैं तो जनता जो फैसला करेगी वहीं हम करेंगे।फिरोजाबाद के सिरसागंज से विधायक और मुलायम सिंह यादव के समधी हरिओम यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव अब तो पूरी तरह से घुटने टेक दें तभी लोकसभा चुनाव में सपा- बसपा का गठबंधन चलेगा। माना जा रहा है कि समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच हुए गठबंधन के बाद अब सपा में ही बगावत शुरू हो गई है।पार्टी के फिरोजाबाद के सिरसागंज से विधायक और मुलायम सिंह यादव के समधी हरिओम यादव ने अखिलेश यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हरिओम यादव का कहना है कि यह गठबंधन नहीं चलेगा। विधायक ने समाजवादी पार्टी के खिलाफ शिकोहाबाद में 22 जनवरी को पोल खोलो सम्मेलन बुलाया गया है। इसमें लोगों को बताया जाएगा कि पांच साल में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ क्या-क्या किया गया।विधायक हरिओम यादव ने कहा कि नेताजी (मुलायम सिंह यादव) जैसे विशाल हृदय वाले व्यक्ति के साथ गठबंधन नहीं चला तो इनके साथ कैसे चलेगा। अब तो सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव बसपा मुखिया मायावती के सामने घुटने टेक दें तो ही यह संभव हो सकेगा। उन्होंने पार्टी के मुख्य महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव और सांसद अक्षय यादव पर भाजपा से मिले होने का आरोप लगाया। यहां पर काफी समय से रामगोपाल यादव की खिलाफत कर रहे हरिओम यादव ने कहा कि रामगोपाल यादव भाजपा से मिले हैं।जिले के भाजपा नेता और पूर्व मंत्री जयवीर सिंह से उनकी सांठगांठ है। चंद रोज पहले रामगोपाल ने पूर्व मंत्री के साथ मिलकर उनके (हरिओम यादव) और बेटे विजय प्रताप उर्फ छोटू के ही खिलाफ तमाम साजिशें रचीं। हरिओम यादव ने कहा कि मैंने सिरसागंज क्षेत्र में जितना विकास अखिलेश यादव के सहयोग से कराया, उतना पूरे उत्तर प्रदेश की किसी विधानसभा क्षेत्र में विकास नहीं हुआ, लेकिन सांसद और उनके पिता क्षेत्र की जनता को गुमराह कर रहे हैं। सांसद ने यदि यहां विकास कराया होता तो टूंडला, जसराना, शिकोहाबाद में दिखाई देता।

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