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बीजिंग: अमेरिका की प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनी एपल ने चीन की ऐप के जरिए टैक्सी सेवा प्रदान करने वाली कंपनी, दीदी चुक्सिन में एक अरब डालर का निवेश किया है। दीदी ने कहा कि एपल ने कंपनी में एक अरब डालर का निवेश किया है। सरकारी अखबार चायना डेली की खबर के मुताबिक इस निवेश को महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि दीदी अमेरिकी ऐप आधारित टैक्सी सेवा, उबर की प्रतिद्वंद्वी है।खबर में कहा गया कि इस निवेश के जरिए एपल, दीदी की रणनीतिक निवेशक बन गई है और यह टेन्सेंट, अलीबाबा और टन्सेंट की कतार में शामिल गई है। दीदी के मुख्य कार्यकारी और संस्थापक चेंग वेई ने कहा, ‘ऐपल का निवेश हमारी चार साल पुरानी कंपनी के लिए बड़ा प्रोत्साहन है।’

भुवनेश्वर : कम से कम छह प्रमुख उद्योग ने ओड़िशा से अपनी परियोजनाओं को वापस ले लिया है जबकि दक्षिण कोरिया की इस्पात कंपनी पोस्को ने पारादीप के निकट अपने 1.2 करोड़ टन प्रतिवर्ष की क्षमता वाली ग्रीनफील्ड इस्पात संयंत्र स्थापित करने की योजना को फिलहाल राज्य में ही रोका हुआ है। प्रदेश सरकार ने गुरुवार को यह जानकारी दी।उद्योग मंत्री देबी प्रसाद मिश्रा ने विधानसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, पोस्को ने तात्कालिक तौर पर अपनी ओड़िशा परियोजना को रोक रखा है। मंत्री का पोस्को पर दिया यह बयान इस संदर्भ में महत्वपूर्ण है कि महज तीन दिन पहले केन्द्रीय इस्पात राज्य मंत्री विष्णु देव ने संसद को सूचित किया था कि केन्द्र सरकार को दक्षिण कोरिया की प्रमुख इस्पात कंपनी पोस्को से अपने प्रस्तावित संयंत्र के आगे बढ़ाने को लेकर ‘अरुचि’ के संदर्भ में कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है।मिश्रा से कांग्रेस सदस्य कैलाश चन्द्र कुलेसिका ने पूछा था कि क्या पोस्को ने अपनी परियोजना को वापस ले लिया है। कांग्रेस के सदस्य आशुमान मोहंती के एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने कहा कि पोस्को इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने जमीन की खरीद करने के लिए सरकारी उपक्रम आईडीसीओ में 41,61,71,739 रुपये जमा कराये हैं जिसमें से 40,17,61,606 रुपये भेजे गये हैं और भूमि अधिग्रहण पर खर्च किये जा चुके हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य सरकार के पास पोस्को द्वारा ओडिशा में किये गये खर्च के बारे में जानकारी नहीं है।

बीजिंग: अमेरिका की प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनी एपल ने चीन की ऐप के जरिए टैक्सी सेवा प्रदान करने वाली कंपनी, दीदी चुक्सिन में एक अरब डालर का निवेश किया है। दीदी ने कहा कि एपल ने कंपनी में एक अरब डालर का निवेश किया है। सरकारी अखबार चायना डेली की खबर के मुताबिक इस निवेश को महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि दीदी अमेरिकी ऐप आधारित टैक्सी सेवा, उबर की प्रतिद्वंद्वी है।खबर में कहा गया कि इस निवेश के जरिए एपल, दीदी की रणनीतिक निवेशक बन गई है और यह टेन्सेंट, अलीबाबा और टन्सेंट की कतार में शामिल गई है। दीदी के मुख्य कार्यकारी और संस्थापक चेंग वेई ने कहा, ‘ऐपल का निवेश हमारी चार साल पुरानी कंपनी के लिए बड़ा प्रोत्साहन है।’

नई दिल्ली : अर्थव्यवस्था को लगे दोहरे झटके में देश के औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर मार्च माह में घटकर 0.1 प्रतिशत रह गई जबकि अप्रैल में खुदरा मुद्रास्फीति एक बार फिर पांच प्रतिशत से उपर निकलर 5.39 प्रतिशत पर पहुंच गई। मुद्रास्फीति बढ़ने से रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में तुरंत कमी लाने की संभावनायें धूमिल पड़ सकतीं हैं।विनिर्माण और खनन क्षेत्र के कमजोर प्रदर्शन के साथ-साथ पूंजीगत सामानों के उत्पादन में गिरावट से औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर धीमी पड़ी है जबकि खाद्य पदार्थों के ऊंचे दाम से खुदरा मुद्रास्फीति बढ़ी है। इससे पिछले कुछ महीने से खुदरा मुद्रास्फीति में जारी गिरावट का क्रम थम गया। इससे पहले मार्च में खुदरा मुद्रास्फीति 4.83 प्रतिशत रही थी जो कि पिछले छह माह में सबसे कम था। एक साल पहले अप्रैल में यह 4.87 प्रतिशत रही थी।आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने खुदरा मुद्रास्फीति बढ़ने पर अपनी टिप्पणी में कहा, ‘इसका आगे विश्लेषण किये जाने की जरूरत है। शायद उपभोक्ता मूल्य सूचकांक की कुछ मुद्रास्फीति में पिछले साल के तुलनात्मक आधार का भी असर हो। कुल मिलाकर मुख्य मुद्रास्फीति पांच प्रतिशत से नीचे बनी हुई है सकल आंकड़ा भी 5.5 प्रतिशत से नीचे है। यह लक्ष्य के दायरे में है।’ अप्रैल के आज जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक माह के दौरान खाद्य मुद्रास्फीति बढ़कर 6.32 प्रतिशत हो गई जो कि एक माह पहले मार्च में 5.21 प्रतिशत थी। 

चेन्नई: जर्मनी की लक्जरी कर कंपनी बीएमडब्ल्यू के चेन्नई के कारखाने से 50,000 वीं कार बनकर बाहर आई है।कंपनी ने चेन्नई स्थानीयकरण तत्व को बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक कर दिया है।बीएमडब्ल्यू संयंत्र चेन्नई के प्रबंध निदेशक जोचेन स्टालकैंप ने कहा, ‘‘हम चेन्नई में स्थानीय स्तर पर बनी 50,000 वीं कार को बाहर लाकर गर्व का अनुभव हो रहा है। प्रत्येक बीएमडब्ल्यू स्थानीय स्तर पर विनिर्मित है।यह दुनिया में कहीं भी बीएमडब्ल्यू कार के अंतरराष्ट्रीय स्तर के समान है।’’ कंपनी ने एक बयान में कहा कि उसने भारत में स्थानीय स्तर पर बनी 7 श्रृंखला की 50,000वीं कार बाहर निकाली है। बीएमडब्ल्यू का कारखाना चेन्नई के पास सिंगापेरमलकोइल में महिंद्रा वर्ल्ड सिटी में है।

नई दिल्ली : केंद्रीय मंत्री अनंत गीते ने कहा है कि आटोमोटिव मिशन प्लान (एएमपी) 2016-2026 को महीने भर में केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जा सकता है। इस योजना के तहत पांच करोड़ अतिरिक्त रोजगार सृजित किए जाने हैं।गीते ने कहा, 'हम नेशनल आटोमोटिव मिशन प्लान को 2026 तक बढ़ा रहे हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल इस प्रस्ताव पर मंजूरी के लिए महीने भर में विचार करेगा।’ उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल की मंजूरी से नये एएमपी की शुरुआत का मार्ग प्रशस्त होगा। इस योजना का उद्देश्य भारत के आटोमोबाइल उद्योग को अभियांत्रिकी, वाहन निर्यात, विनिर्माण और वाहन कलपुर्जों के लिहाज से तीन शीर्ष देशों में शामिल करना है। पहला आटोमोटिव मिशन प्लान 2006-2016 के लिए शुरू किया गया था।

भुवनेश्वर : कम से कम छह प्रमुख उद्योग ने ओड़िशा से अपनी परियोजनाओं को वापस ले लिया है जबकि दक्षिण कोरिया की इस्पात कंपनी पोस्को ने पारादीप के निकट अपने 1.2 करोड़ टन प्रतिवर्ष की क्षमता वाली ग्रीनफील्ड इस्पात संयंत्र स्थापित करने की योजना को फिलहाल राज्य में ही रोका हुआ है। प्रदेश सरकार ने गुरुवार को यह जानकारी दी।उद्योग मंत्री देबी प्रसाद मिश्रा ने विधानसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, पोस्को ने तात्कालिक तौर पर अपनी ओड़िशा परियोजना को रोक रखा है। मंत्री का पोस्को पर दिया यह बयान इस संदर्भ में महत्वपूर्ण है कि महज तीन दिन पहले केन्द्रीय इस्पात राज्य मंत्री विष्णु देव ने संसद को सूचित किया था कि केन्द्र सरकार को दक्षिण कोरिया की प्रमुख इस्पात कंपनी पोस्को से अपने प्रस्तावित संयंत्र के आगे बढ़ाने को लेकर ‘अरुचि’ के संदर्भ में कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है।मिश्रा से कांग्रेस सदस्य कैलाश चन्द्र कुलेसिका ने पूछा था कि क्या पोस्को ने अपनी परियोजना को वापस ले लिया है। कांग्रेस के सदस्य आशुमान मोहंती के एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने कहा कि पोस्को इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने जमीन की खरीद करने के लिए सरकारी उपक्रम आईडीसीओ में 41,61,71,739 रुपये जमा कराये हैं जिसमें से 40,17,61,606 रुपये भेजे गये हैं और भूमि अधिग्रहण पर खर्च किये जा चुके हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य सरकार के पास पोस्को द्वारा ओडिशा में किये गये खर्च के बारे में जानकारी नहीं है।

मुंबई: भारत में सोने की मांग इस साल पहली तिमाही के दौरान 39 फीसदी घटकर 11.65 टन रह गयी। डब्ल्यूजीसी की रपट के मुताबिक स्वर्ण आभूषणों पर उत्पाद शुल्क फिर से लगाये जाने के खिलाफ जौहरियों की हड़ताल के कारण शादी-ब्याह के मौसम का बाजार प्रभावित हुआ। वर्ष 2015 की जनवरी-मार्च की तिमाही में सोने की मांग 191.7 टन थी।विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) की रपट के मुताबिक मूल्य के हिसाब से भारत में सोने की मांग 2016 की पहली तिमाही में 36 प्रतिशत गिरकर 29,900 करोड़ रुपए रही जो पिछले साल 46,730 करोड़ रुपए थी।डब्ल्यूजीसी की भारतीय इकाई के प्रबंध निदेशक सोमसुंदरम पीआर ने कहा, ‘ 2016 की पहली तिमाही में भारत में सोने की मांग 2015 की जनवरी-मार्च की अवधि 39 प्रतिशत घटाकर 116.5 टन रही । उत्पाद शुल्क फिर से लागू करने के बाद सर्राफा व्यापारियों की हड़ताल के कारण शादी-ब्याह के मौसम की खरीदारी प्रभावित हुई, मांग के प्रभावित होने की मुख्य वजह रही।’ उन्होंने कहा कि इस साल की शुरुआत से सोने की कीमत में भारी बढ़ोतरी और सोने पर उत्पाद शुल्के में कटौती की उम्मीद के कारण उपभोक्ताओं ने खरीदारी टाली हुई थी।उन्होंने कहा कि नए नियम के तहत दो लाख रुपए से अधिक की खरीद पर पैन कार्ड का ब्योरा अनिवार्य बनाने से भी खरीदारी प्रभावित हुई। सोमसुंदरम ने कहा, ‘हमारा मानना है कि इससे सोने मांग दबी रही और इसके साथ ही इस साल की शुरआत से सोने ने अन्य परिसंपत्ति वर्गों को पीछे छोड़ दिया है।’ रपट में कहा गया है कि कुल जेवरात की मांग इस साल पहली तिमाही के दौरान 41 प्रतिशत घटकर 88.4 टन रह गई जो पिछले साल की इसी अवधि में 150.8 टन थी।मूल्य के लिहाज से मां 38.2 प्रतिशत घटकर 22,702 करोड़ रुपए थी जो 2015 की पहली तिमाही में 36,761 करोड़ रुपए थी। रपट के मुताबिक सोने की कुल निवेश मांग 31 प्रतिशत घटकर 28 टन रही जे पिछले साल की इसी अवधि में 40.9 टन थी।समीक्षाधीन अवधि में मूल्य के लिहाज से सोने की निवेश मांग 27.8 प्रतिशत गिरकर 7,198 करोड़ रुपए रही जो जनवरी-मार्च 2015 में 9,969 करोड़ रुपए थी। सोमसुंदरम ने कहा कि दूसरी छमाही में आम तौर पर सोने के लिए बेहतर अवधि होती है और इस दौरान पहली दो तिमाहियों के नुकसान की भरपाई होगी।उन्होंने कहा, ‘2015 में भी यही रुझान रहा जबकि पहली छमाही में मांग सात प्रतिशत गिरी और दूसरी छमाही में 14 प्रतिशत बढ़ी थी।’ समीक्षाधीन अवधि में भारत में सोने के रिसायक्लिंग में भी 22 प्रतिशत की गिराट हुई और यह 14 टन रहा जो 2015 की इसी अवधि में 18 टन था।सोमसुंदरम ने कहा, ‘पुनर्चक्रण (रिसायक्लिंग) इस आधार पर बढ़ेगा कि स्वर्ण मौद्रीकरण योजना का क्या होता है, जिसका रफ्तार पकड़ना अभी बाकी है। सिक्कों के लिए मांग बनी हुई है। सरकार लोगों को सिक्का खरीदने के लिए हतोत्साहित करने के बदले सरकार सकारात्मक नीतियों के जरिए स्वर्ण मौद्रीकरण योजना को लोकप्रिय बना सकती है। इस लिए देश में पुनर्चक्रण बढ़ेगा।’ आयात के बारे में उन्होंने कहा कि इसमें मांग के अनुरूप 30 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई। उन्होंने कहा, ‘इस साल मांग की तरह आयात भी 10-15 प्रतिशत बढ़ सकता है।’

नई दिल्ली:-फ्रांस में 19 साल की एक महिला ने पेरिसकोप नाम के एप पर करीब 1000 लोगों से लाइव वीडियो चैट करते हुए ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। अपनी मौत का खुद वीडियो शूट करने की इस घटना ने पूरी दुनिया को हिला दिया। सिर्फ तीन दिन में इस वीडियो को 3 लाख लोगों ने देखा है।बीबीसी के मुताबिक 19 साल की ये युवती इस वीडियो में पहले अपने अपार्टमेंट में दिख रही है। वह सोडा पीते हुए और सिगरेट पीते हुए करीब 1000 लोगों से पेरिस्कोप एप पर चैट कर रही है। वह फ्रेंच भाषा में चैट कर रही थी। वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक महिला अपने पूर्व प्रेमी के बारे में बात कर रही थी। उसने उस पर आरोप लगाया कि उसके साथ गाली गलौच की गई और बलात्कार किया।न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार शाम 4.29 बजे युवती ने ट्रेन से कटकर जान दे दी। वीडियो में देखा जा सकता है कि अंतिम समय तक उस युवती को चैट के जरिए लोग सुसाइड के उसके कदम को उठाने से रोकते रहे लेकिन वह नहीं मानी और जान दे दी। वीडियो में देखा जा सकता है कि घटना के बाद वहां पुलिस पहुंची और उसी ने फोन को ऑफ किया। युवती के इस खतरनाक कदम की चर्चा पूरी दुनिया में है। उसका ये वीडियो यूट्यूब पर तीन दिन में तीन लाख लोगों ने देखा।

इस्लामाबाद:-बेनजीर भुट्टो की हत्या की जांच कर रही पाकिस्तानी संयुक्त जांच दल (जेआईटी) के प्रमुख ने कहा है कि जांच दल ने तीन लोगों की जांच नहीं की है। बेनजीर ने अपनी हत्या के कुछ माह पहले लिखे एक पत्र में तीनों का के नाम का जिक्र करते हुए कहा था कि वे उन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं।जिरह के दौरान बुधवार को संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) के पूर्व अतिरिक्त महानिदेशक खालिद कुरैशी ने कहा कि जेआईटी ने इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) के पूर्व महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल हामिद गुल (सेवानिवृत्त), खुफिया ब्यूरो के पूर्व महानिदेशक ब्रिगेडियर एजाज शाह (सेवानिवृत्त) और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री परवेज इलाही के खिलाफ जांच नहीं की गई है।डॉन ऑनलाइन की खबर के अनुसार, इन सभी लोगों के नाम पाकिस्तान की दिवंगत प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के उस पत्र में हैं, जिसे उन्होंने अमेरिकी लॉबिस्ट मार्क सेगेल को वर्ष 2007 में अपनी हत्या के कुछ माह पहले लिखा था।भुट्टो 1988 से 90 तक और 1993 से 96 तक प्रधानमंत्री रहीं। उनकी हत्या वर्ष 2007 में उस समय कर दी गई, जब वह रावलपिंडी में चुनावी रैली के बाद अपने बुलेटप्रूफ वाहन से लौटने की तैयारी में थीं।जब रावलपिंडी की एक आतंक-रोधी अदालत ने पूछा कि भुट्टो ने जिनके नाम लिए थे, क्या कुरैशी ने उनकी जांच की है तो जेआईटी प्रमुख ने नकारात्मक जवाब दिया। यह भी खुलासा हुआ कि कुरैशी पंजाब पुलिस की जेआईटी के एक सदस्य थे जिसने शुरुआती जांच की थी।हत्या की जांच दो चरणों में विभाजित है। भुट्टो की हत्या के तुरंत बाद तत्कालीन पाकिस्तान मुस्लिम लीग की सरकार ने एक जांच टीम बनाई थी, जिसके कुरैशी एक सदस्य थे। इस टीम ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया था।आतंकी संगठन अलकायदा ने हमले की जिम्मेदारी ली थी लेकिन तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को बाद में भुट्टो को पर्याप्त सुरक्षा नहीं मुहैया कराने का दोषी ठहराया गया था। वर्ष 2008 में जांच एफआईए को सौंप दी गई और कुरैशी को जेआईटी का प्रमुख बनाया गया।जेआईटी ने एक और जांच की और मुशर्रफ, पुलिस उपमहानिरीक्षक साउद अजीज और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शाहजाद को इस आरोप में फंसाया कि सबूत मिटाने के लिए घटनास्थल को धो दिया गया और बेनजीर को पर्याप्त सुरक्षा नहीं मुहैया कराई गई। जेआईटी ने बेनजीर के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराने के लिए भी अजीज को जिम्मेदार माना।

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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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