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न्यूयॉर्क:-तकनीकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी गूगल ने भारतीय मूल के एक उद्यमी द्वारा शुरू किए गए एक प्रौद्योगिकी स्टार्टअप का अधिग्रहण किया है। यह अधिग्रहण गूगल द्वारा अपने ग्राहकों को गूगल एप्स प्रशिक्षण का दायरा बढ़ाने की योजना का हिस्सा है।टोरंटो आधारित सिनर्जीस के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी वरुण मल्होत्रा ने 2013 में इसकी शुरुआत गूगल एप्स का प्रशिक्षण देने के लक्ष्य के साथ की थी। गूगल ने इस समझौते से जुड़ी वित्तीय जानकारियों का खुलासा नहीं किया है।

नई दिल्ली:-ब्रिटेन घूमने आए सऊदी अरब के सुल्तान तुर्की बिन अब्दुल्लाह एक बार फिर से चर्चा के विषय बने हुए है। दरसल तुर्की बिन अब्दुल्लाह ने अपने सोने की सुपर कार लेम्बोर्गिनी एवेंटाडोर को लंदन के मेफेयर स्ट्रीट पर गलत तरीके से पार्क किया जिसपर लोकल पुलिस ने उनकी तीन करोड़ रुपए की कार पर जुर्माने लगा दिया। यह कोई पहला मामला नहीं जिसमे बिन अब्दुल्लाह ने इतना बड़ा जुर्माना दिया हो, वो अक्सर देते रहते हैं। सहजादे तुर्की बिन अब्दुल्लाह बीते दिनों तब चर्चा में आये जब उन्हें लंदन की सड़कों पर अपने सोने की कारों के काफिले के साथ घूमते देखा गया था। इसने गोल्डन करें के काफिले में रॉल्स रॉयस फेंटम कूपे, मर्सिडीज 6X6, हमर और लम्बोर्गिनी एवेंटाडोर जैसे सुपर कारें शामिल है जिसे वो अक्सर एक साथ लेकर सड़कों पर दिखाई देतें हैं। सोशल मीडिया पर लगातार इन गाड़ियों की तस्वीरें और वीडियो शेयर किए जा रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि उन्होंने गाड़ियां तो तमाम देखीं, लेकिन ऐसी सोने की गाड़ियां कभी नहीं देखीं।राजकुमार तुर्की बिन अब्दुल्लाह के इंस्टाग्राम अकाउंट को 73 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। अपने अकाउंट पर इन्होंने अब तक 180 से ज्यादा वीडियो और तस्वीरें शेयर की हैं। अधिकतर वीडियो और तस्वीरों में राजकुमार की गाड़ियां नजर आ रही हैं।

नई दिल्ली:-संसद की एक समिति ने रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के बढ़ते डूबे कर्ज (एनपीए) की वास्तविक वजह बताने को कहा है। राजन ने समिति के समक्ष इसकी प्रमुख वजह कुल आर्थिक कमजोरी को बताया है। कांग्रेस नेता के वी थॉमस की अगुवाई वाली लोक लेखा समिति (पीएसी) ने राजन के जवाब की समीक्षा की। समिति का कार्यकाल कल समाप्त हो गया है। सूत्रों ने बताया कि समिति के पुनर्गठन के बाद रिजर्व बैंक के गवर्नर को भविष्य में उसके समक्ष पेश होने को कहा जा सकता है।इसके अलावा विभिन्न सरकारी बैंकों को भी अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए समिति के समक्ष पेश होने का कहा जा सकता है। संसदीय समिति ने स्वत: संज्ञान लेते हुए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की गैर निष्पादित आस्तियों की समीक्षा का फैसला किया था। दिसंबर, 2015 के अंत तक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का एनपीए 3.61 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। दिसंबर के अंत तक 701 खाते ऐसे थे, जिनपर सरकारी बैंकों का बकाया 1.63 लाख करोड़ रुपये था। इन सभी खातों पर बकाया 100-100 करोड़ रुपये से अधिक था। इसमें सबसे अधिक हिस्सा भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का था। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक पहले पीएसी के समक्ष पेश होने को तैयार नहीं थे, लेकिन बाद में वे इसके लिए राजी हो गए और उन्होंने समिति के समक्ष अपनी बात रखी। 

नई दिल्ली:-देश की कुल आबादी में करदाताओं की संख्या सिर्फ एक प्रतिशत हैं। हालांकि, 5,430 लोग ऐसे हैं जो सालाना एक करोड़ रुपये से अधिक का कर देते हैं। सरकार के आकलन वर्ष 2012-13 के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। पारदर्शिता अभियान के तहत सरकार ने पिछले 15 साल के प्रत्यक्ष कर आंकड़ों को सार्वजनिक किया है। आकलन वर्ष 2012-13 के लिए लोगों के आंकड़ों को प्रकाशित किया गया है।इसमें 31 मार्च, 2012 को समाप्त वित्त वर्ष के आयकर के आंकड़े दिए गए हैं। कुल मिलाकर 2.87 करोड़ लोगों ने वित्त वर्ष के लिए आयकर रिटर्न दाखिल किया। इनमें से 1.62 करोड़ ने कोई कर नहीं दिया। इस तरह करदाताओं की कुल संख्या 1.25 करोड़ रही, जो उस समय देश की 123 करोड़ की आबादी का लगभग एक प्रतिशत बैठता है।आंकड़ों के अनुसार ज्यादातर यानी 89 प्रतिशत या 1.11 करोड़ लोगों ने 1.5 लाख रुपये से कम का कर दिया। इस दौरान औसत कर भुगतान 21,000 रुपये रहा। कुल कर संग्रहण 23,000 करोड़ रुपये रहा। 100 से 500 करोड़ रुपये के दायरे में तीन लोगों ने 437 करोड़ रुपये का कर दिया। इस तरह औसत कर भुगतान 145.80 करोड़ रुपये रहा।कुल मिलाकर 5,430 लोगों ने एक करोड़ रुपये से अधिक का आयकर अदा किया। इनमें से 5,000 लोगों का कर भुगतान एक से पांच करोड़ रुपये के दायरे में रहा। इन लोगों का कुल कर भुगतान 8,907 करोड़ रुपये रहा। कुल आंकड़ों के अनुसार 2015-16 में कुल आयकर संग्रहण नौ गुना बढ़कर 2.86 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। यह 2000-01 में 31,764 करोड़ रुपये था। 

इस्लामाबाद:-पाकिस्तान के प्रतिबंधित जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज सईद ने कहा कि उसका संगठन देश में मंदिरों एवं गैर-मुस्लिमों के अन्य पवित्र स्थानों का विध्वंस नहीं होने देगा।सिंध प्रांत के मतली शहर में एक एक सभा को संबोधित करते हुए सईद ने कहा कि मुस्लिमों की ये जिम्मेदारी है कि वे अपने हिंदू भाईयों के पवित्र स्थलों की रक्षा करें।संगठन के मुखिया ने चेताया, हम लोग देश में मंदिरों और गैर-मुस्लिमों के अन्य पवित्र स्थलों को नहीं तोड़ने देंगे। जमात-उद-दावा प्रमुख ने उन आरोपों को खारिज कर दिया कि भारत से सटे सिंध के थार क्षेत्र में मदरसों की शुरआत करके उनका संगठन चरमपंथ को बढ़ावा दे रहा है।डॉन की रिपोर्ट के अनुसार सईद ने कश्मीरी मुस्लिमों के प्रति समर्थन का संकल्प जताया। सईद ने कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां राज्य विरोधी तत्वों एवं रॉ के खिलाफ गंभीरता से लड़ने का प्रयास कर रही हैं लेकिन नवाज शरीफ सरकार इस मुददे पर मूक बनी हुई है।

वाशिंगटन:-अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनावों का प्राइमरी सत्र जहां अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है, वहीं अमेरिका के इस शीर्ष पद का मुकाबला न्यूयार्क के दो निवासियों यानी रियल एस्टेट क्षेत्र के दिग्गज डोनाल्ड ट्रंप और पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के बीच सिमट गया है। इंडियाना के प्राइमरी चुनाव से पहले बड़ी खबर प्रतिष्ठानों और राजनीतिक पंडितों का कहना है कि राष्ट्रपति पद के चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी हिलेरी क्लिंटन के हाथ आ सकती है जबकि ट्रंप रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार बन सकते हैं।सीएनएन ने अपने हालिया ओपीनियन पोल में कहा कि देश का यही मूड है।सीएनएन:ओआरसी के नए सर्वेक्षण के अनुसार, देशभर में 84 प्रतिशत मतदाता सोचते हैं कि नवंबर में रिपब्लिकन पार्टी की टिकट पर ट्रंप मैदान में होंगे। वहीं 85 प्रतिशत मतदाता डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी हिलेरी क्लिंटन के साथ आने की बात कहते हैं।हिलेरी 51 प्रतिशत डेमोक्रेटिक मतदाताओं की पसंद हैं जबकि 49 प्रतिशत रिपब्लिकन मतदाताओं का कहना है कि वे अपना उम्मीदवार ट्रंप को बनाना चाहेंगे।माइक्रोसॉफ्ट के बड़े सर्च ईंजन बिंग ने कल कहा कि केलिफोर्निया में सात जून को रिपब्लिकन प्राइमरी प्रक्रिया के अंत में ट्रंप के पास 1366 डेलीगेट होंगे। यह संख्या रिपब्लिकन उम्मीदवार बनने के लिए जरूरी संख्याबल यानी 1237 से 125 ज्यादा होगी।इसी तरह, हिलेरी के पास 2676 डेलीगेट होंगे। यह संख्या डेमोक्रेटिक उम्मीदवार बनने के लिए जरूरी संख्याबल 2383 से लगभग 300 ज्यादा होगी। इसके बाद वह अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में इस बड़े राजनीतिक दल की पहली महिला उम्मीदवार बन जाएंगी।रियल क्लीयर पॉलिटिक्स की गणनाओं के अनुसार, ट्रंप के पास 996 डेलीगेट हैं जबकि ट्रंप का खुद का दावा है कि उनके पास कम से कम 1001 डेलीगेटस का समर्थन है। क्रूज के पास 565 और ओहायो के गवर्नर जॉन कसीच के पास 153 डेलीगेट हैं।इसी तरह डेमोक्रेटिक पक्ष में, हिलेरी के पास 2165 डेलीगेट हैं जबकि वरमोंट के सीनेटर बर्नी सैंडर्स के पास 1357 डेलीगेट हैं। सैंडर्स ने कल हिलेरी के लिए मैदान खाली छोड़ देने से इंकार कर दिया था। बहरहाल, उन्होंने यह माना है कि उम्मीदवारी हासिल करने की स्पर्धा उनके लिए हर दिन मुश्किल होती जा रही है।

नई दिल्ली:-आतंकी संगठन आईएस के आतंकी सिद्धार्थ धर ने कई लड़कियों को यौन गुलाम बना रखा है। नए जेहादी जॉन नाम से कुख्यात यह आतंकी लड़कियों को प्रताड़ित भी करता है।आईएस के चंगुल से भागी एक यजीदी लड़की निहाद बराकत ने यह खौफनाक खुलासा किया है। इस नाबालिग लड़की का कहना है कि सिद्धार्थ ने उसे भी गुलाम बना रखा था। सिद्धार्थ का परिवार मूल रूप से भारत का रहने वाला है। निहाद के मुताबिक सिद्धार्थ मोसुल का वरिष्ठ कमांडर बन गया है। काफी समय से वह लड़कियों का अपहरण कर उन्हें यौन गुलाम बना रहा है। 2014 में वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ सीरिया चला गया। सिद्धार्थ की बहन और परिवार वालों का कहना है कि उनका सिद्धार्थ से कोई रिश्ता नहीं रहा।दो साल पहले आतंकियों ने इराक के सिंजर पर हमला कर वहां से निहाद और उसके 27 लोगों के परिवार का अपहरण किया। तब निहाद सिर्फ 16 साल की थी। अपहरण के बाद सबकों अलग वर्गो में बांटा गया। बाद में लड़कियों को मोसुल ले जाया गया।निजाद के मुताबिक उसे कई बार पीटा गया और उसके साथ रेप हुआ। फिर जबरदस्ती उसकी शादी कुख्यात ऑस्ट्रेलियाई आतंकी अब्दुल सलाम मोहम्मद से की गई थी। लेकिन डेढ़ महीने बाद वह मारा गया। इसके बाद निजाद ने भागने की कोशिश की लेकिन पकड़ी गई। पकड़े जाने पर आतंकी निजाद को मोसुल के कमांडर अबु धार के पास ले गए।

पेरिस:-वैज्ञानिकों के एक अंतरराष्ट्रीय दल ने आज कहा कि उन्होंने पृथ्वी जैसे तीन ग्रहों की खोज की है जो हमारे सौर तंत्र से बाहर के हैं और जीवन होने के अनुकूल हैं।नेचर में प्रकाशित अध्ययन में वैज्ञानिकों ने कहा कि ये तीनों ग्रह करीब 39 प्रकाश वर्ष दूर हैं और आकार एवं तापमान में इनकी पृथ्वी एवं शुक्र के साथ तुलना की जा सकती है। 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

वाशिंगटन:-अमेरिका ने सांसदों की आपत्ति के बाद पाकिस्तान को एफ-16 लड़ाकू विमानों को खुद से ही खरीदने की बात कही है।अमेरिका के विदेश विभाग के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने जानकारी देते हुए कहा, 'सांसदों के विरोध का यह मतलब है कि अब अमेरिका के विदेशी सैन्य विभाग के बजट का इस्तेमाल लड़ाकू विमानों को खरीदने में नहीं किया जा सकता है। सांसदों की आपत्ति के बाद हमने पाकिस्तान को स्पष्ट कह दिया है कि वह विमानों की खरीद खुद से ही करे।'गौरतलब है कि अमेरिकी सरकार ने फरवरी में पाकिस्तान को करीब 70 करोड़ डॉलर के आठ एफ-16 लड़ाकू विमान, राडार और अन्य उपकरणों को बेचे जाने की मंजूरी दी थी।इस फैसले पर शीर्ष अमेरिकी सांसदों ने फैसले पर चिंता जाहिर करते हुए कहा था कि इन विमानों का इस्तेमाल आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में नहीं, बल्कि भारत के खिलाफ किया जा सकता है। उन्होंने इस संबंध में ओबामा प्रशासन से अपने फैसले की समीक्षा करने का अनुरोध किया था।सांसद मैट सैल्मन ने कांग्रेस में सुनवाई के दौरान कहा था, मेरे साथ साथ कांग्रेस के कई सदस्यों ने इस फैसले और इस बिक्री के समय पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इसके अलावा भारत एवं पाकिस्तान के बीच तनाव अब भी बढ़ा हुआ है। हालांकि पाकिस्तान ने कहा है कि वह इसका इस्तेमाल आतंकवादियों के खिलाफ करेगा, कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या एफ 16 विमानों का इस्तेमाल आतंकवादियों के बजाए भारत या अन्य क्षेत्रीय शक्तियों के खिलाफ अंतत: किया जा सकता है।

नई दिल्ली:-सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने की ख़बर आए दिन मिलती है। इस बार ब्राजील की एक अदालत ने 72 घंटों के लिए पूरे देश में व्हाट्सएप की सभी सेवाओं को स्थगित करने का आदेश दिया है। अदालत का यह आदेश सोमवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर दो बजे से लागू हो चुका है। संघीय पुलिस के आग्रह के बाद न्यायाधीश मार्शेल मेया मोंटाल्वो ने यह फैसला सुनाया। फेसबुक की स्वामित्व वाली मैसेजिंग सर्विस व्हाट्सएप मैसेंजर के इस्तेमाल की जांच में सहयोग करने से इनकार करने की वजह से यह फैसला सुनाया गया है।मोंटाल्वो ने फेसबुक को व्हाट्सएप के उन यूजर्स के नामों का खुलासा करने का आदेश दिया था, जिन्होंने ड्रग्स के बारे में सूचना का आदान-प्रदान किया था लेकिन फेसबुक ने ऐसा करने से इनकार दिया। इसके बाद फेसबुक को प्रतिदिन 50,000 रीस (14,300 डॉलर) का जुर्माना अदा करने के लिए कहा गया। इसका पालन नहीं करने पर पिछले महीने फेसबुक पर 10 लाख रीस (286,000 डॉलर) का जुर्माना लगाया गया था।अब तक व्हाट्सएप  के मैसेज सुरक्षा एजेंसियों से लेकर हैकर तक कोई भी इंटरसेप्ट कर सकता था, लेकिन अब मैसेज ऐसे कोड में जाएगा कि कोई नहीं पढ़ पाएगा। अभी तक एप्पल और ब्‍लैकबेरी को ही सबसे सिक्योर माना जाता था। हाल ही में ऐसा मामला अमेरिका में सामने आया था। एप्पल कंपनी ने निजता को प्राथमिकता देते हुए एक कथित आतंकी के आईफोन के डाटा को अमेरिकी सरकार को देने से मना कर दिया था।

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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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