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नई दिल्ली। अपने विशाल आकार और सुख-सुविधाओं के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध विश्व का सबसे बड़ा यात्री विमान बंद होने की कगार पर है। लॉचिंग के वक्त इस विमान को उड़ता महल कहा गया था। इस विमान को लॉच हुए अभी मात्र 11 वर्ष ही हुए हैं और अब इस विशाल विमान के लिए खरीदार नहीं मिल रहे हैं। इसकी वजह बेहद चौंकाने वाली है।यहां हम बात कर रहे हैं एयरबस के A380 विमान की। एयरबस ने 15 अक्टूबर 2007 को जब पहली बार इस विमान को उतारा तो इसे विमानन उद्योग में एक क्रांतिकारी शुरूआत मानी जा रही थी। जैसे की उम्मीद थी इस विमान ने यात्रियों और विमानन कंपनियों को काफी आकर्षित किया। इस विमान की लोकप्रियता लॉच होने के साथ ही इतनी बढ़ गई थी कि जहां भी यह विमान पहुंचता, इसके साथ सेल्फी लेने वालों की भीड़ जुट जाती। इस विमान की सुख-सुविधाओं ऐसी हैं, जो किसी और यात्री विमान में नहीं हैं।विशाल आकार और बड़े इंजनों के बावजूद इस विमान में ईंधन का खर्च कम है। जब इस विमान को लॉच किया गया था, तो इसने सारे प्रतिद्वंदियों को मात दे दी थी। इस विमान की लंबाई 72.7 मीटर और ऊंचाई 24 मीटर है, जबकि इसके डैनों का विस्तार 79.8 मीटर तक है। इस वजह से इस विमान के अंदर किसी महल से भी अधिक जगह है। बावजूद, विमानन कंपनियों का इस विमान से मोह भंग हो रहा है। खरीदार न मिलने की वजह से एयरबस ने इस विमान का निर्माण बंद करने की घोषणा कर दी है।
850 यात्रियों की क्षमता:-इस विमान को इसके विशाल आकार की वजह से सुपरजम्बो भी कहा जाता है। ये विमान तीन अलग-अलग कैटेगरी में 500 यात्रियों को लग्जरी और आरामदायक हवाई यात्रा करा सकता है। अन्य बड़े लग्जरी विमानों की तुलना में इसकी यात्री क्षमता 100 ज्यादा है। अगर इस विमान को केवल इकोनॉमी क्लास बना दिया जाए तो इसमें 850 यात्री सफर कर सकते हैं। हालांकि, ये विमान लग्जरी और आरामदायक यात्रा के लिए है, लिहाजा इसके डेक और फर्स्ट क्लास सुईट में बिस्तर लगे हुए हैं।
इस विमान में निजी सुईट भी है:-A380 विमान के बड़े आकार की वजह से इसमें बड़ी-बड़ी खिड़कियां, ऊंची छत और ऐसा इंजन है जो बिल्कुल आवाज नहीं करता। इसके अंदर इतनी जगह है कि कुछ एयरलाइन कंपनियों ने इसमें शॉवर, लाउंज, ड्यूटी फ्री शॉप और दोनो डेक पर बार आदि भी बना दिए। इसके अलावा यात्रियों को किसी आलीशान होटल की तरह बड़ी-बड़ी खिड़कियों वाले खूबसूरत निजी सुईट में सफर करने का भी विकल्प दिया जाने लगा। इस विमान की लोकप्रियता का ही असर है कि बेहद कीमती होने के बावजूद आज दुनिया भर 160, A380 विमान हैं।
दो मंजिला है विमान:-ये विमान दो मंजिल का है। इसके निचले तल पर 12 बंकरनुमा बिस्तर बने हैं, जिसमें विमान के कर्मचारी लंबी फ्लाइट के दौरान आराम कर सकते हैं। इस विमान में पायलट्स के लिए भी बेड लगे हैं।
सिंगापुर एयरलाइंस था पहला खरीदार:-सबसे बड़े यात्री विमान A380 की पहली खरीदार सिंगापुर एयरलाइंस थी। उस वक्त एयरलाइंस के लिए इस विशाल विमान को अपने बेड़े में शामिल करना गर्व की बात थी। माना जाता था कि एक बार में ज्यादा से ज्यादा यात्रियों को ले जाना मुनाफे का सौदा होगा। लिहाजा शुरूआती कुछ वर्षों में एयरलाइंस कंपनियों ने इस विशाल यात्री विमान को लेकर काफी उत्साहित रहीं। हालांकि, जल्द ही इस विमान की खूबी ही इसके लिए समस्या बन गई। विमान इतना बड़ा था कि इसकी सीटें खाली रहने लगीं। ऐसे में इस विमान को उड़ाने में एयरलाइंस कंपनियों को घाटा झेलना पड़ा और कंपनियों ने इसके संचालन को सीमित करना शुरू कर दिया।
चार साल में आने लगी तकनीकी खामियां:-2007 में पहले विमान की डिलीवरी के चार साल बाद ही इस विशाल विमान में तकनीकि खामियां नजर आने लगीं। 2011-2012 में A380 विमानों की तकनीकी खामियों की वजहों से कई जगह पर आपात लैडिंग भी करानी पड़ी। क्वांटस, एमिरेट्स और सिंगापुर एयरलाइंस को आपातल लैडिंग की वजह से भी काफी नुकसान झेलना पड़ा। जनवरी 2012 में क्वांटस और सिंगापुर एयरलाइंस ने विमान के डैनों में दरार की शिकायत की। जांच में पता चला कि डैनों में दरार की वजह तकनीकी खामी है। इसमें निर्माण में प्रयोग किए गए मैटेरियल और गुणवत्ता बहुत अच्छी नहीं पायी गई। ऐसे में डैनों में आयी दरार को सही करने में कंपनी को 26.3 करोड़ यूरो (करीब 2054 करोड़ रुपये) खर्च करने पड़े, जो बहुत ज्यादा था।
खामी के बाद रद्द होने लगे सौदे:-इस विशाल यात्री विमान में खामियां सामने आने के बाद इसके सौदे रद्द होने लगे। जनवरी-फरवरी 2019 में एयरबस के दो सबसे बड़े खरीदार एमिरेट्स और ऑस्ट्रेलियन एयरलाइन क्वांटस ने A380 विमान के आर्डर रद्द कर दिए। एमिरेट्स ने इस सौदे को रद्द कर इसकी जगह छोटे विमान लेने का सौदा किया, जबकि क्वांटस ने A380 की डील ही निरस्त कर दी। इसी तरह अन्य कंपनियों का भी A380 से मोहभंग होने लगा। इसके बाद एयरबस ने ऐलान किया कि है कि वह 2021 में इसका निर्माण बंद कर देगी।
सब जगह नहीं कर सकता लैंड:-ये विमान इतना विशाल है कि ये हर एयरपोर्ट से संचालित नहीं किया जा सकता। ये विमान इतना बड़ा है कि इसके लिए लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पर बने हैंगर्स को नए सिरे से संवारना पड़ा। हीथ्रो एयरपोर्ट के हैंगर्स 1950 में बने थे और इनकी ऊंचाई 76 फीट थी, जिन्हें सुपरजम्बो लायक बनाने के लिए 11.5 फीट और बढ़ाना पड़ा था। हैंगर्स की ऊंचाई बढ़ाने में 18 महीने का वक्त लगा। इतना ही नहीं इस विशाल विमान के टेकऑफ और लैंडिंग के लिए बेहत प्रशिक्षित और कुशल पायलटों की जरूरत होती है।
काफी कर्मचारियों की होती है जरूरत;-इस विशाल विमान की जांच और मेंटीनेंस आदि के लिए विशेष प्रशिक्षण प्राप्त एक बड़ी टीम लगती है। दरअसल, A380 विमान में काफी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक्स और कंप्यूटर सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है। इसके सभी सिस्टम, केबल और उपकरणों के नेटवर्क की देखरेख के लिए तकनीशियन की जगह कंप्यूटर इंजीनियरों की आवश्यकता होती है। कंप्यूटर इंजीनियर विमान के रडार से लेकर एयर कंडीशनिंग और फ्लाइट नियंत्रण तक पर नजर रखते हैं। इस विशाल विमान से कंपनियों का मोह भंग होने की ये भी अहम वजहें हैं।
इसी तरह बंद हुआ था सुपरसोनिक यात्री विमान कॉनकॉर्ड:-एयरबस का A380 विश्व का सबसे बड़ा यात्री विमान है, तो सुपरसोनिक प्लेन कॉनकॉर्ड विश्व का सबसे तेज विमान था। कहा जाता है कि इस सुपरसोनिक विमान की रफ्तार गोली से भी तेज थी। इसका एयरोडायनमिक डिजाइन इसे अलग लुक देता था। आम विमान के मुकाबले सुपरसोनिक विमान लंबी दूरी का सफर आधे से भी कम समय में तय कर लेता था। इस विमान ने 26 नवंबर 2003 को इंग्लैंड के ब्रिस्टल के ऊपर आखिरी उड़ान भरी थी। इस विमान ने 21 जनवरी 1976 को पहली बार लंदन-बहरीन और पेरिस-रियो रूट पर उड़ान भरी थी। पहले एयर फ्रांस और फिर ब्रिटिश एयरवेज ने सुपरसोनिक विमान को बंद कर दिया था। विमान उद्योग में मंदी और अमेरिकी प्रतिबंध इसके बंद होने की मुख्य वजह है। अमेरिका ने इन विमानों की उड़ान पर प्रतिबंध लगा दिया था। अमेरिकी नागरिकों ने इसकी तेज आवाज से ध्वनि प्रदूषण होने पर इसे प्रतिबंधित करने के लिए प्रदर्शन किया था। अपने 27 साल के कार्यकाल में ये विमान केवल एक बार वर्ष 2000 में पेरिस के पास दुर्घटनाग्रस्त हुआ, जिसमें 100 से ज्यादा लोग मारे गए थे। फिलहाल ये सभी विमान संचालन से बाहर हैं। कुछ को संग्राहलयों में रखा गया है।

नई दिल्‍ली। यूरोपियन यूनियन इस बात पर राजी हो गया है कि ब्रिटेन को ब्रेक्जिट के लिए और समय दिया जाना चाहिए। ब्रिटेन ने इसके लिए ईयू से 30 जून तक का समय मांगा था। इससे पहले ब्रिटेन को ईयू से बाहर होने के लिए 29 मार्च तक का समय था। ब्रिटेन की पीएम थेरेसा मे के आग्रह पर ईयू ने ब्रिटेन को आखिरी लाइफ लाइन दी है। इसका मकसद ईयू से अलग होने की शर्तें तैयार करना है। हालांकि थेरेसा ब्रिटेन की संसद में दो बार शर्तों का प्रस्‍ताव लेकर आई थीं, लेकिन सदन में इनपर सहमति नहीं बन पाई। इसकी वजह से ब्रिटेन के ईयू से बिना शर्त निकलने का संकट खड़ा हो गया था। बहरहाल, ब्रिटेन में इसको लेकर सदन के बाहर और अंदर काफी असमंजस की स्थिति है। लेकिन इन सभी के बीच यह बात आशंका भी घर करने लगी है कि ब्रेक्जिट के बाद न सिर्फ ब्रिटेन बल्कि यूरोपियन यूनियन को आर्थिक तौर पर काफी नुकसान होने वाला है। यह नुकसान अरबों डालर का भी हो सकता है।
शोध में सामने आई बात:-जर्मनी के बैर्टेल्समन फाउंडेशन की स्टडी के मुताबिक यदि ब्रिटेन बिना किसी समझौते के यूरोपियन यूनियन से बाहर होता है तो इसका असर भी व्‍यापक होगा। इस वजह से इसको हाई ब्रेक्जिट का नाम दिया गया है। वहीं दूसरी तरफ यदि सहमति के बाद वह ईयू से बाहर होता है तो यह सॉफ्ट ब्रेक्जिट होगा। हाई ब्रेक्जिट की सूरत में ब्रिटेन की सालाना आय में करीब 40 अरब यूरो का नुकसान हो सकता है। वहीं ब्रिटेन में रहने वालों की आय में सालाना करीब 57 अरब यूरो या प्रति व्यक्ति 873 यूरो की कमी आ सकती है।
ये है वजह:-स्‍टडी में जिस तर्ज पर नुकसान का जायजा लिया गया है उसकी बड़ी वजह ब्रेक्जिट के कारण चीजों और सेवाओं पर टैरिफ बताया गया है। आपको बता दें कि यूरोपियन यूनियन के सिंगल मार्केट सिस्टम में कोई टैरिफ नहीं लगता है। वहीं ब्रिटेन के ईयू में रहने से वह गुड्स एंड सर्विसेज के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा से बचा रहता है। ब्रेक्जिट के बाद चीजों के दाम ऊपर जा सकते हैं और लोगों की आय में भी कमी आ सकती है।
किसे नुकसान, किसे फायदा:-स्‍टडी के मुताबिक साफ्ट ब्रेक्जिट के कारण सभी पक्षों को कम नुकसान झेलना पड़ेगा। इससे यूरोपीय संघ के बाकी देशों को होने वाला अनुमानित घाटा करीब आधा हो जाएगा। स्‍टडी की मानें तो इससे जर्मनों की आय में आने वाली सामान्य कमी भी घट कर पांच अरब यूरो और ब्रिटेन के नागरिकों की आय में कमी करीब 32 अरब यूरो के आसपास हो जाएगी। इस शोध में एक अहम बात निकलकर सामने आई है। इसके मुताबिक हाई ब्रेक्जिट होने पर अमेरिका, रूस और चीन की आय बढ़ सकती है। हाई ब्रेक्जिट की सूरत में जहां अमेरिका के लोगों की सालाना आय में करीब 13 अरब यूरो और चीन में करीब पांच अरब यूरो की सालाना आय बढ़ सकती है। वहीं रूस की सालाना आय में 26 करोड़ यूरो की बढ़त हो सकती है।
हाई ब्रेक्जिट से झटका:-हार्ड ब्रेक्जिट से सबसे बड़ा झटका जर्मनी और फ्रांस को लग सकता है। शोध के मुताबिक यहां के लोगों को हर साल इससे करीब 10 अरब यूरो का घाटा झेलना पड़ सकता है। इतना ही नहीं जर्मनी के दक्षिणी राज्यों जैसे बवेरिया, बाडेन वुर्टेमबैर्ग और पश्चिमी राज्य नार्थ राइन वेस्टफेलिया के औद्योगिक और निर्यात केंद्र बुरी तरह प्रभावित हो सकते हैं। दरअसल, इन देशों को होने वाले घाटे की सबसे बड़ी वजह इनका निर्यात पर अधिक निर्भरता है। आपको बता दें कि वर्ष 2017 में जर्मनी को जिन देशों ने सबसे अधिक निर्यात किया था उसके टॉप फाइव देशों में ब्रिटेन शामिल था।

 

आज देशभर में होली का जश्न धूमधाम से मनाया जा रहा है। चारों तरह सिर्फ और सिर्फ रंगों की धूम मची है। बात अगर बॉलीवुड की करें तो सभी सेलेब्स इसका खूब मजा ले रहे हैं। इस जश्न को करीना कपूर और सैफ अली खान के बेटे तैमूर अली खान भी मनाते दिखाई दिए। जी हां, सोशल मीडिया पर छोटे नवाब तैमूर की कुछ तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही है। इन सभी तस्वीरों में तैमूर रंगों से सराबोर दिखाई दिए। इस दौरान तैमूर अपने घर की बालकनी से जमकर पिचकारों में पानी पर कर बरसाते नजर आए। इस में उनकी नैनी उनको गोद में लिए इसमें शामिल दिखी।वाइट कलर की टी शर्ट पहने तैमूर कितने क्‍यूट नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर ये तस्वीरें खूब पसंद की जा रही है। तैमूर के फैंस भी इन तस्वीरों पर फिदा होते दिखाई दे रहे है। तैमूर ही नहीं बल्कि उनकी बहन इनाया कुणाल खेमू भी होली का जमकर मजा लेती दिखाई दी। वायरल हो रही तस्वीरों में इनाया के गालों पर गुलाबी रंग लगा हुआ दिखाई दिया। उनके ये क्‍यूट अंदाज भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।भाई तैमूर अली खान की तरह इनाया कुणाल खेमू की भी तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफी पसंद की जाती है। इनाया की पोपुलार्टी उनकी मां सोहा अली खान और पिता कुणाल खेमू से भी ज्यादा है। उनकी नई-नई तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब पसंद की जाती है।

 

हाल ही में दीपिका पादुकोण ने पति रणवीर सिंहके साथ जी सिने अवॉर्ड्स नाइट में हिस्सा लिया। फिल्मी दुनिया के इस सबसे बडे़ अवॉर्ड फंग्शन में दीपिका पादुकोण को फिल्म 'पद्मावत' के लिए जहां बेस्ट एक्ट्रेस चुना गया तो वहीं, बेस्ट एक्टर व्यूअर च्वाइस के लिए रणवीर सिंह को 'पद्मावत' के लिए अवॉर्ड मिला। इस दौरान दोनों ने स्टेज पर पहुंचकर एक प्यारी सी स्पीच दी। इतना ही नहीं, स्टेज पर दोनों ने जमकर मस्ती भी की। यहां इस अवॉर्ड फंग्शन के होस्ट विक्की कौशल और कार्तिक के साथ मिलकर इन दोनों ने स्टेज पर दोबारा सात फेरे भी लिए। यहां मौजूद दर्शक इन स्टार्स की जुगलबंदी देखकर हंसते-हंसते लोटपोट हो गए।लेकिन यहां कुछ ऐसा हुआ कि दीपिका पादुकोण विक्की कौशल से नाराज हो गईं। हुआ कुछ ऐसा कि विक्की कौशल यहां बार-बार दीपिका को 'भाभी' पुकार रहे थे। लगता है कि ये बात दीपिका को रास नहीं आई और उन्होंने विक्की कौशल को टोकते हुए कहा कि उन्हें वो 'भाभी' न बुलाएं। दरअसल, दीपिका और विक्की कौशल की अच्छी दोस्ती है।क्या आप जानते हैं कि पहले संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावत' में शाहिद कपूर की जगह विक्की कौशल को कास्ट करने की तैयारी चल रही थी। लेकिन दीपिका की इच्छा थी कि उनके अपोजिट महाराजा रावल रतन सिंह के किरदार में किसी नामी एक्टर को चुना जाए। उनकी उम्मीद के मुताबिक बाद में इस फिल्म में विक्की कौशल की जगह शाहिद कपूर को चुन लिया गया और ऐसे हम दीपिका-विक्की की जोड़ी ऑन स्क्रीन नहीं देख पाए। आलिया से पहले इस हीरोइन को गया था ‘इंशाअल्लाह’ का ऑफर ? ठुकरा चुकी है भाईजान की कई फिल्मेंखैर, गौर करने वाली बात ये है कि अब विक्की कौशल बहुत जल्द दीपिका के पति रणवीर सिंह के साथ फिल्म 'तख्त' में साथ काम करने वाले हैं। ये फिल्म अगले साल तक फ्लोर पर जा सकती है। कारण ये है कि इन दिनों रणवीर सिंह अपनी फिल्म '83' में बिजी हैं। जिसके लिए उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ रही है और वो कपिल देव और सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गज क्रिकेटर्स से क्रिकेटिंग के गुर सीख रहे हैं।

सुशांत सिंह राजपूत और सारा अली खान को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही हैं। मिली जानकरी के अनुसार सुशांत ने सारा को सोशल मीडिया पर अनफॉलो कर दिया है। अनफॉलो करने के साथ ही सुशांत ने सारा की सभी तस्वीरें भी डिलीट कर दी है। आपको बता दें, सारा ने अपने करियर की शुरुआत केदारनाथ फिल्म से की थी। इस फिल्म में उनके अपोजिट बड़े पर्दे पर सुशांत सिंह राजपूत दिखाई दिए थे। फिल्मी पर्दे पर इन दोनों की जोड़ी को दर्शकों ने इतना पसंद किया कि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई। इसके बाद इन दोनों के अफेयर की खबर भी मीडिया में खूब चली। सारा अली खान की सौतेली मां करीना कपूर ने भी बातों बातो में सारा को एक चैट शो में सलाह देते हुए कहा कि अपने करियर के पहले होरो से अफेयर नहीं करना चाहिए। करीना का इशारा सुशांत सिंह राजपूत की ओर था।अफेयर की खबरों के पिछल हाल ही सारा अली खान सोन चिड़िया के स्पेशल स्क्रीन में भी शिरकत करती दिखाई दी थी। लेकिन अब सुशांत सिंह राजपूत ने सारा अली खान को सोशल मीडिया पर अनफॉलो कर दिया है ये खबर वाकई चौकाने वाली है। वैसे मालुम हो कि सारा इनदिनों लव आज कल पार्ट 2 की शूटिंग कर रही है। इस फिल्म में उनके अपोजिट कार्तिक आर्यन दिखाई देने वाले है। मालुम हो कि सुशांत सिंह राजपूत ने सारा अली खान को इंस्टाग्राम से अनफॉलो क्यों किया है इसको लेकर किसी तरह की कोई वजह सामने नहीं आई है।सारा सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हुए अपनी कई तस्वीरें अपने फैंस के लिए शेयर करती दिखाई देती है। खैर बता दें, केदारनाथ के रिलीज के बाद सारा सिम्बा में दिखाई दी थी। इस फिल्म में उनकी जोड़ी रणवीर सिंह के साथ बनी थी। सिम्बा ने बॉक्स ऑफिस पर 200 करोड़ से भी ज्यादा का कलेक्शन किया था

टीवी की जानी मानी अदाकारा एरिका फर्नांडीस इन दिनों कसौटी जिंदगी के के जरिए लोगों का दिल जीतने में लगी हुई है। एकता कपूर के इस सीरियल में एरिका प्रेरणा की भूमिका अदा करती है और दर्शकों को पार्थ समथान के साथ उनकी केमेस्ट्री खूब भाती है। हाल ही में खबर आई थी कि एरिका और पार्थ के रिश्ते इस सीरियल में कोमोलिका का किरदार का निभाने वाली हिना खान के साथ कुछ ठीक नहीं है।खैर तीनों कलाकारों ने इस तरह की खबरों पर अपने अपने तरीके से पूर्ण विराम लगाने की कोशिश की थी। बात करें एरिका और हिना की तो सूत्र ये दावा भी कर चुका है कि दोनों आपस में बात करना भी नहीं पसंद करती है। वैसे टीवी की इस प्रेरणा की भले ही नई कोमोलिका से ना बनती हो लेकिन आपको बता दें कि पुरानी कोमोलिका के साथ एरिका की खूब जमती है। दरअसल हम ऐसा नहीं कह रहे है बल्कि एरिका की नई तस्वीर ये बयान कर रही है।आपको बता दें कि बीते गुरुवार को ही एकता कपूर की होली पार्टी में टीवी के कई कलाकारों ने शिरकत की थी। इस दौरान एरिका फर्नांडीस और उर्वशी ढोलकिया ने जमकर हुड़दंग मचाया था। रंगों के साथ मस्ती करने के बाद दोनों ने खूब तस्वीरें भी खींची। इन्हीं में से एक तस्वीर को उर्वशी ने बीती रात ही अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया था। इस तस्वीर में उर्वशी एरिका के साथ पाउट बनाती हुई नजर आ रही है। इस तस्वीर को साझा करते हुए उर्वशी ने लिखा था कि ‘स्वीटहार्ट के साथ।’ इसी तस्वीर को रीपोस्ट करते हुए एरिका ने ‘असली कोमो’ के साथ।

 

 

 

 

'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' की दयाबेन उर्फ दिशा वकानी साल 2017 के सितंबर महीने से शो से नदारद हैं। वजह थी उनकी डिलीवरी। नवंबर 2017 में एक्ट्रेस ने एक बेटी को जन्म दिया था। इसके लिए वो सिंतबर से ही मैटरनिटी लीव पर चली गईं थी। तभी से इस बात की चर्चाएं थी कि शायद ही एक्ट्रेस दोबारा इस टीवी शो में लौट सकें। लेकिन इन खबरों पर शो के निर्माता असित कुमार मोदी ने फुल स्टॉप लगा दिया था।उन्होंने कहा था, 'अभी तक कॉन्ट्रेक्ट को खत्म नहीं किया गया है। दया भाभी का कैरेक्टर अभी भी है और हमने किसी और एक्टर को उनकी जगह नहीं लिया है। वो जब दोबारा लौटना चाहेंगी हम इसके बारे में देखेंगे। अगर हम दोनों को ही ये सही लगेगा तो हम दोबारा काम करेंगे।'लेकिन अब खबर सामने आई है कि निर्माता ने दिशा को आखिरी 30 दिन तक का वक्त दिया है। उन्होंने इस टीवी शो की लीड स्टार एक्ट्रेस को 30 दिनों में शो पर वापस लौटने के लिए कहा है। रिपोर्ट्स की मानें तो दिशा वखानी को अल्टीमेटम देते हुए कहा गया है कि वो 30 दिन में या तो वापस लौटे या फिर उनकी जगह किसी और एक्ट्रेस को कास्ट कर लिया जाएगा।एंटरटेनमेंट पोर्ट्ल स्पॉटबॉयई को शो के एक करीबी सूत्र ने जानकारी देते हुए कहा, 'बस अब हो गया। मोदी ने और शो की कास्ट एंड क्रू ने एथिकली तब तक इंतजार किया जब तक किया जा सकता था। अब मोदी ने कहा है कि वो सिर्फ एक महीने का और समय दे सकते हैं। दयाबेन के आखिरी शूट से लेकर अब तक दोनों के बीच कोई कॉन्टेक्ट नहीं हुआ है। तारक मेहता का उल्टा चश्मा की टीम को कोई दिक्कत नहीं है अगर दिशा अपने परिवार को समय देना चाहती हैं लेकिन बीती दफा जब उनके पति ने आखिरी बार बात की थी तो उनकी कुछ मांगें मानना आसान नहीं था।'साल 2017 में शो में दिशा के आखिरी शूट्स में दिखाया गया था कि दयाबेन अपने मायके चली गई है। इस बात को अब 1 साल से भी ज्यादा का वक्त हो चुका है। ऐसे में दिक्कत की बात ये है कि आखिर कितने दिन दयाबेन का किरदार मायके में रह सकता है। वहीं, उनके किरदार की मौत भी दिखाना मुश्किल हैं क्योंकि ये एक कॉमेडी शो है।रिपोर्ट्स की मानें तो दिशा को पहले भी कई बार अप्रोच किया गया है लेकिन उनकी ओर से कुछ ऐसी मांगे आई जो निर्माताओं के लिए मानना मुश्किल है। जिसके चलते दयाबेन के किरदार की वापसी नहीं हो पा रही है।

 

मोसुल। मोसुल के पूर्व जिहादी गढ़ में कुर्दिश नए साल का जश्न मना रहे परिवारों के साथ भरी हुई नाव सूलन नदी में गुरुवार को डूब गई। इराक में हुए सबसे भीषण नाव हादसे में 100 लोगों की मौत हो गई, जबकि कुछ लोगों को बचा लिया गया। इस हादसे में ज्यादातर महिलाओं और बच्चों को अपनी जान गंवानी पड़ी।इस दुर्घटना ने उन निवासियों में शोक की लहर दौड़ी, जिन्होंने हाल ही में उत्तरी शहर के इस्लामिक स्टेट समूह से हटने के बाद टाइग्रिस के तट पर उत्सव शुरू किया था।पोत एक लोकप्रिय पिकनिक क्षेत्र में जाने के लिए टाइग्रिस को पार करने वाले पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के साथ पैक किया गया था। 'यह एक आपदा है, किसी को उम्मीद नहीं थी', एक युवा ने कहा जो तट पर पहुंचने में कामयाब रहा था। नाव पर बहुत सारे लोग थे, विशेषकर महिलाएं और बच्चे', उन्होंने एजेंसी को बताया।आंतरिक मंत्रालय ने एक ताजा टोल जारी करते हुए कहा कि 94 लोगों की मौत हो गई और 55 लोगों को बचा लिया गया। इसके प्रवक्ता साद मान ने बताया कि इस दुर्घटना में 19 बच्चों और 61 महिलाओं को अपनी जान गंवानी पड़ी। मोसुल में स्थित एक अन्य सुरक्षा अधिकारी ने एएफपी को बताया कि नाव इसलिए डूब गई, क्योंकि उसमें सौ से अधिक यात्री सवार थे।अधिकारियों ने कई दिनों तक भारी बारिश के बाद मोसुल बांध से पानी छोड़े जाने के कारण लोगों को सावधान रहने की चेतावनी दी थी, जिससे नदी का स्तर बढ़ गया था। वसंत के पहले दिनों के लिए वन क्षेत्र में आने वाले सैकड़ों लोग नदी के तट पर इकट्ठा हो गए क्योंकि आपदा सामने आई थी।एम्बुलेंस और पुलिस वाहनों ने मृतकों और घायलों को शहर के अस्पतालों में पहुंचाया। इराक की आखिरी बड़ी नाव दुर्घटना मार्च 2013 में हुई थी, जिसमें पांच लोग मारे गए थे।प्रधानमंत्री एडेल अब्देल महदी ने स्वास्थ्य सेवाओं को अलर्ट पर रखा और गुरुवार की दुर्घटना के बाद बचे लोगों को खोजने के लिए सभी उपलब्ध टीमों को जुटाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिम्मेदारियों को निर्धारित करने के लिए जांच के आदेश दिए हैं।

 

यानचेंग। चीन (China) के शहर यानचेंग (Yancheng) में केमिकल प्लांट में ब्लास्ट में मरने वालों का आंकड़ा 47 पहुंच गया है। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट की वजह से 90 लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। पांच दिवसिय यूरोप दौरे पर गए राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने राहत बचाव के लिए हर संभव मदद देने के लिए कहा है। आपातकालीन प्रबंधन मंत्रालय (Ministry of Emergency Management) के मुताबिक घटना स्थल से 88 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है।दरअसल ये ब्लास्ट गुरूवार को जियांगसू के यानचेंग शहर के औद्योगिक पार्क में हुआ। चश्मदीदों ने बताया की प्लांट में हुए धमाके की वजह से कई इमारतें भी गिर गई, जिसमें कई मजदूर दब गए। इसके अलांवा धमाका इतना जोरदार था कि आस पास की इमारतों की खिड़कियां भी चकनाचूर हो गईं। राहत बचाव कार्य के लिए 928 कर्मियों और 176 फायर ट्रकों को लगाया गया है।बीजिंग यूनिवर्सिटी ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी केे प्रोफेसर ने एक इंटरव्यू में कहा है कि धमाके के बाद प्लांट से जहरीले रसायनों के रिसाव की वजह से आस पास के पर्यावरण और लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। इसलिए लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का काम होना चाहिए।शहर के पर्यावरण संरक्षण प्राधिकरण के अनुसार, विस्फोट से 500 मीटर के दायरे में रासायनिक पार्क और इसके आसपास के क्षेत्रों में हवा की गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। लेकिन तेज हवाओं से भारी धुआं उठने की आशंका है। अधिकारियों ने कहा कि कोई भी व्यक्ति रासायनिक पार्क में नहीं रहता है, जबकि आसपास के सभी लोगों को निकाल लिया गया है। यानचेंग के शिक्षा विभाग ने बताया की धामके वाली जगह के आस पास करीब 10 स्कूल थे। विस्फोट में घायल हुए लोगों में कुछ स्कूल के छात्र भी हैबताया जा रहा है कि जियांगसू तियानजैई केमिकल कंपनी ने इस संयंत्र को 2007 में स्थापित किया गया था। इसमे हाइड्रोक्सीबेनज़ोइक एसिड जैसे रासायनिक उत्पादों का निर्माण होता था।

नई दिल्ली। IPL 2019 के पहले मुकाबले में मौजूदा चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स का सामना रॉयल चैलेंजर बैंगलोर के साथ होगा। आइपीएल में अब तक धौनी की चेन्नई विराट की बैंगलोर पर हावी रही है। एक बार फिर से इस सीजन में भी धौनी को हराना विराट के लिए बड़ी चुनौती होगी। कप्तानी के मामले में धौनी विराट पर हावी दिखते हैं शायद यही सबसे बड़ी वजह से है चीकू के लिए माही को हराना आसान नहीं होता। वहीं इस बार फिर से धौनी चाहेंगे कि उनकी टीम बैंगलोर के खिलाफ अपना विजयी अभियान जारी रखे। वर्ष 2008 से लेकर अब तक दोनों टीमों के बीच में कुल 23 मुकाबले खेले जा चुके हैं। इन मैचों में चेन्नई ने 15 मुकाबले जीते हैं जबकि आरसीबी को सिर्फ 7 मैचों में ही जीत मिली है। एक मैच दोनों टीमों के बीच ड्रॉ पर खत्म हुआ था। यानी चेन्नई की जीत का प्रतिशत 50 से भी ज्यादा है। अब पिछले सीजन यानी वर्ष 2018 की बात करें तो यहां पर भी चेन्नई सुपर किंग्स ने बाजी मारी थी। चेन्नई ने दोनों मुकाबलों में बैंगलोर पर जीत दर्ज की थी। धौनी ने आरसीबी के खिलाफ अपने आखिरी मैच में 70 रन की शानदार पारी खेली थी और अपनी टीम को जीत दिलाई थी। धौनी की अगुआई में चेन्नई की टीम ने दो वर्ष के बाद आइपीएल में वापसी की थी और तीसरी बार खिताब जीतने में सफल भी रही थी वहीं विराट की टीम अब तक एक बार भी खिताब नहीं जीत पाई है। चेन्नई की टीम काफी अनुभवी है और इस टीम में इस बार भी कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। वहीं विराट की टीम में कुछ नए खिलाड़ियों को शामिल किया गया है जिसमें वेस्टइंडीज के धुरंधर बल्लेबाज हेटमायर, ऑस्ट्रेलिया के ऑल राउंडर मार्कस स्टॉयनिस और भारतीय खिलाड़ी शिमव दूबे भी शामिल हैं। टीम में विराट का साथ बल्लेबाजी में एबी भी निभाएंगे वहीं इस बार टीम के हेटमायर पर मध्यक्रम में भरोसा करना होगा। स्टॉयनिस भी अच्छे फॉर्म में हैं वो टीम के लिए ऑलराउंडर की भूमिका निभाते दिख सकते हैं।

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