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मुंबई:-लगता है टीम इंडिया के बल्लेबाज सुरेश रैना कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धौनी से सीख गए हैं कि मीडिया को कैसे पलटकर जवाब देना है। इंडियन प्रीमियर लीग में गुजरात लायंस के कप्तान रैना ने टीम इंडिया के हेड कोच पर किए गए सवाल का ऐसा जवाब दिया कि रिपोर्टर चारो खाने चित हो गया।टीम डायरेक्टर रवि शास्त्री का कॉन्ट्रैक्ट टी-20 वर्ल्ड कप के साथ ही खत्म हो गया, इसके बाद से ही टीम के लिए नए हेड कोच को लेकर खबरों का बाजार गर्म है। मुंबई में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रैना से एक रिपोर्टर ने पूछा कि एक खिलाड़ी के तौर पर वो विदेशी या देसी किस कोच के साथ ज्यादा सहज होंगे।इस पर रैना ने कहा, 'भाई पहले आप बताओ कि आप अपनी बीवी के साथ ज्यादा सहज होगे या दूसरे कि? जवाब अपने आप मिल जाएगा।' रैना का जवाब सुनते ही हर कोई वहां पर ठहाके लगाने लगा।हालांकि इसके बाद रैना ने गंभीरता से जवाब दिया, 'हम खिलाड़ी हैं हमारा काम खेलना है, कोच का फैसला बीसीसीआई पर ही छोड़ दीजिए।'

मुंबई:-इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के नौवें सीजन का बिगुल शुक्रवार शाम को बज जाएगा। उद्घाटन समारोह में बॉलीवुड एक्ट्रेस कैटरीना कैफ, जैकलीन फर्नांडिस, एक्टर रणवीर सिंह अपने जलवे बिखेरेंगे। वहीं टी-20 वर्ल्ड चैंपियन कैरेबियाई टीम के ड्वेन ब्रावो भी ओपनिंग सेरेमनी में परफॉर्म करेंगे।आईपीएल का नौंवा सीजन 9 अप्रैल से शुरू होगा, लेकिन शुक्रवार को मुंबई में इसका उद्घाटन समारोह होगा। ओपनिंग सेरेमनी में कैटरीना, जैकनीन, रणवीर और यो यो हनी सिंह के अलावा अमेरिकी गायक क्रिस ब्राउन पहली बार इसमें परफॉर्म करेंगे। ब्राउन के साथ अमेरिकी बैंड मेजर लेजर, इंग्लिश रैपर फ्यूज ओडीजी और जमैका-अमेरिका मूल के रिकॉर्डिंग आर्टिस्ट नेलाह थोरबोर्न भी आईपीएल स्टेज पर परफॉर्म करते नजर आएंगे।कैटरीना ने कहा, 'क्रिकेट और बॉलीवुड हमेशा से काफी नजदीक रहे हैं। क्रिकेट के इस महाकुंभ को लेकर मैं काफी उत्साहित हूं।' तो वहीं रणवीर ने कहा, 'मैं अपना परफॉर्मेंस दुनिया भर के क्रिकेट फैन्स को समर्पित करना चाहता हूं।' जैकलीन ने भी कहा कि वह परफॉर्मेंस करने को लेकर बेहद रोमांचित है।टूर्नामेंट के पहले मैच में गत चैंपियन मुंबई इंडियंस और नई टीम पुणे के बीच मु़काबला होगा। मैच रात 8 बजे से मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। आईपीएल अध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा, 'उद्घाटन समारोह में सभी आठ टीमों के कप्तान एमसीसी पर क्रिकेट भावना की शपथ लेंगे। मैं सभी टीमों को सफल सीजन की शुभकामानाएं देता हूं।'

नई दिल्ली:-टीम इंडिया का नया कोच कौन बनेगा इस पर सस्पेंस बना हुआ है। 'मिस्टर भरोसेमंद' के नाम से मशहूर पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ के बाद अब खबर आ रही है कि 'मुल्तान के सुल्तान' वीरेंद्र सहवाग ने भी इस रोल के लिए उम्मीदवारी पेश की है।हाल ही में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद कमेंटेटर बने सहवाह इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के इस सीजन में किंग्स इलेवन पंजाब टीम के मेंटर की भूमिका भी निभा रहे हैं। सहवाग ने सोशल मीडिया के जरिए टीम इंडिया के हेड कोच बनने की इच्छा जाहिर की है।टी-20 वर्ल्ड कप के साथ ही टीम डायरेक्टर रवि शास्त्री का कॉन्ट्रैक्ट भी खत्म हो गया है। इसके बाद से ही टीम इंडिया के नए हेड कोच को लेकर खबरों का बाजार गर्म है। ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज शेन वार्न भी उस लिस्ट में शुमार हैं जो टीम इंडिया का हेड कोच बनना चाहते हैं।इसके अलावा न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग का नाम भी कोच पद के लिए सामने आ चुका है। 9 अप्रैल से लेकर 29 मई तक आईपीएल खेला जाना है। इसके बाद टीम इंडिया को वेस्टइंडीज के दौरे पर जाना है।टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर ऋतिंदर सोढ़ी ने ट्वीट करके कहा कि टीम इंडिया के कोच के लिए सहवाग अच्छा विकल्प हो सकते हैं। इस ट्वीट को वीरू ने रिट्वीट करके संकेत दिया है कि वो मौका मिलने पर टीम इंडिया का कोच बनना चाहेंगे।हालांकि बीसीसीआई इस मामले में बिल्कुल भी जल्दबाजी करता नजर नहीं आ रहा है। बीसीसीआई की एडवाइजरी कमिटी टीम इंडिया के कोच पर फैसला लेगी। इस कमिटी में वीवीएस लक्ष्मण, सौरव गांगुली और मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर शामिल हैं।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत जल्द ही विराट कोहली और कप्तान धौनी के साथ ठुमके लगाते दिखेंगी। दरअसल, कंगना, विराट और धौनी जल्द ही एक एड में साथ में नजर आएंगे। इस एड में कंगना विराट और धौनी को फिल्म 'क्वीन' के मशहूर गाने 'हंगामा हो गया' के डांस स्टेप्स सिखाती दिखेंगी।राजकुमार हिरानी के निर्देशन में ये एड खास आईपीएल-9 के लिए बनाया जा रहा है। देखें एड की कुछ तस्वीरें जिसमें कंगना अपने क्वीन के अवतार में नजर आ रही हैं। विराट कोहली और धौनी भी अपनी-अपनी आईपीएल टीम की जर्सी में दिख रहे हैं।

 

नई दिल्ली:-आईआईटी की फीस 90 हजार से बढ़ाकर दो लाख रुपये कर दी गई है। आईआईटी की फीस में इजाफा होना उसी वक्त से तय माना जा रहा था जब आईआईटी काउंसिल की स्थाई समिति (एससीआईसी) ने पिछले महीने फीस तीन गुना करने का सुझाव दिया था। फीस बढ़ोतरी पर अंतिम फैसला आईआईटी काउंसिल की अध्यक्ष मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी को लेना था। आईआईटी में इससे पहले 2013 में फीस बढ़ाई गई थी। तब सालाना फीस 50 हजार से बढ़ाकर 90 हजार रुपये की गई थी। आईआईटी में करीब 80 हजार छात्र हैं और यहां सैलरी और मेंटेनेंस पर सालाना 2500 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। छत्रों पर फीस बढ़ोतरी के असर को कॉम्प्रिहेन्शिव स्टूडेंट लोन सिस्टम के जरिए कम किया जाएगा। प्रस्ताव के मुताबिक छात्रों को आईआईटी में ऐडमिशन मिलते ही उनके लिए कॉम्प्रिहेन्सिव स्टूडेंट लोन सिस्टम प्रभावी हो जाएगा।

2015 में बनाई गई थी कमेटी:-आईआईटी एससीआईसी ने आईआईटी डायरेक्टर्स की कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर फीस बढ़ाने का सुझाव दिया था। कमेटी का गठन अक्टूबर 2015 में किया गया था। कमेटी ने आईआईटी की वित्तीय स्वायत्तता के लिए एक रोडमैप तैयार किया है। कमेटी ने सुझाव दिया था कि आईआईटी की फीस उतनी बढ़ाई जाए, जिससे सैलरी कॉस्ट और मेटेनेंस खर्च निकल जाए।

एससी, एसटी छात्रों को छूट:-इस बढ़ी हुई फीस से अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के साथ-साथ दिव्यांग छात्रों और बीपीएल परिवार के छात्रों को राहत दी गई है। सूत्रों के मुताबिक एससी, एसटी, दिव्यांग और एक लाख से कम आमदनी वाले परिवार के छात्रों की फीस माफ होगी और 5 लाख तक जिन परिवारों की आय होगी उनके बच्चों की फीस दो तिहाई माफ की जाएगी। इस तरह से उन्हें फीस में 66 फीसदी की छूट दी जाएगी।

आरक्षण है लागू:-गौरतलब है कि आईआईटी में अनुसूचित जाति (एससी) के लिए 15 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए 7.5 प्रतिशत जबकि अति पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण लागू है। फीस में 66 प्रतिशत की छूट से बड़ी तादात में मध्यम और निम्न मध्यम वर्ग के छात्रों को फायदा होगा।

आईआईटी में अभी इतनी फीस:- आईआईटी भुवनेश्वर- 68,600-

- आईआईटी बॉम्बे- 67,876

- आईआईटी मंडी- 62,300

- आईआईटी दिल्ली- 56,635

- आईआईटी खड़गपुर- 57,876

- आईआईटी जोधपुर- 68,750

- आईआईटी कानपुर- 66,517

- आईआईटी मद्रास- 54,927

- आईआईटी गांधीनगर- 62,600

- आईआईटी पटना- 60,250

- आईआईटी रुड़की- 63,820

- आईआईटी धनबाद- 49,842

- आईआईटी रोपड़- 58,650

- आईआईटी वाराणसी-66,200

- आईआईटी गुवाहाटी- 56, 600

देश में अब 22 आईआईटी:-1- आईआईटी बॉम्बे

2- आईआईटी दिल्ली

3-आईआईटी भुवनेश्वर

4- आईआईटी कानपुर

5- आईआईटी इंदौर

6- आईआईटी खड़गपुर

7- आईआईटी मद्रास

8- आईआईटी गांधीनगर

9- आईआईटी (बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी)

10- आईआईटी गुवाहाटी

11- आईआईटी हैदराबाद

12- आईआईटी जोधपुर

13- आईआईटी मंडी

14- आईआईटी पटना

15- आईआईटी रुड़की

16- आईआईटी रोपड़

17- आईआईटी तिरुपति (नया)

18- आईआईटी छत्तीसगढ़ (नया)

19- आईआईटी गोवा (नया)

20- आईआईटी पालघाट (नया)

21- आईआईटी कर्नाटक (नया)

22- आईएसएम धनबाद को भी आईआईटी का दर्जा दे दिया गया है।

आईआईटी में कितनी सीट?:- पहले 16 आईआईटी में 10 हजार सीटें थीं।

- 6 नए इंस्टीट्यूट्स जुड़ने से 1080 बढ़ीं।

- अब आईआईटीज में कुल 11,080 सीटें हैं।

कैसे होता है आईआईटी में एडमिशन?:- पहला आईआईटी खड़गपुर में 1951 में खुला था। तब 12वीं के माक्र्स के बेसिस पर इंटरव्यू होते थे और देश में कहीं भी एडमिशन मिलता था।

- 1955-59 के बीच आईआईटी खड़गपुर ने एग्जाम लेना शुरू किया। इंटरव्यू और काउंसलिंग के बाद किसी ब्रांच में एडमिशन दिया जाता था।

- कॉमन आईआईटी-जेईई एग्जाम 1960 से शुरू हुआ। इसमें इंग्लिश लैंग्वेज मिलाकर चार सब्जेक्ट के पेपर होते थे।

- 1997 में आईआईटी-जेईई एग्जाम साल में दो बार होने लगा। इसकी वजह कुछ सेंटरों में पेपर लीक होना बताया गया था।

- 2006 से एक ऑब्जेक्टिव टाइप का प्रिलिमनरी एग्जाम कर दिया गया। इसमें पास होने वाले कैंडिडेट्स को मेन्स देना होता है।

- एग्जाम में बैठने वाले जनरल कैटेगरी के छात्रों को 12वीं में 60 पर्सेंट और रिजर्व कैटेगरी के छात्रों को 55 प्रतिशत माक्र्स लाने होते हैं।

कानपुर:-सैकड़ों बच्चों को जीवन भर अपाहिज रहने का दंश देने वाले पोलियो वायरस पर अंतिम कील ठोंकने की पूरी तैयारी कर ली गई है। पोलियो की पी-2 वैक्सीन की आखिरी बूंद बच्चों को 16अप्रैल से दी जाएगी।पांच दिनों तक घर घर टीकाकरण अभियान चलेगा। 21 अप्रैल के बाद बचे वैक्सीन को खात्मे के लिए पुणे भेजा जाना है। दशकों बाद पूरी दुनिया से पी-2 वैक्सीन विदा हो रही है। नगर में16,17,18,19 20 और 21 अप्रैल को अभियान चलेगा। इस बार बूथ नहीं बनेंगे।बल्कि घरों पर जाकर छह लाख बच्चों को यह ट्राइवैंलेंट वैक्सीन दी जाएगी यानी पी-1, पी-2 और पी-3 वायरस से बचाने वाली वैक्सीन। अब पी-2 खत्म हो जाएगी तो सिर्फ पी-1 और पी-3 वैक्सीन दी जानी है जो बाइवैलेंट वैक्सीन कहलाएगी। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉॅ. जीके मिश्र के मुताबिक बेहद कामयाब अभियान रहा। स्टाक में जो भी पी-2 वैक्सीन है उसे पांच दिनों में खत्म कर दिया जाएगा। जो बचेगा उसे खात्मे के लिए पुणे भेजा जाएगा।

नई दिल्ली:-मोबाइल टॉवर्स से निकलने वाली विद्युत चुम्बकीय तरंगों का लोगों के स्वास्थ्य पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ता है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली में गुरुवार को यह तथ्य अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार विशेषज्ञों और चिकित्सकों ने ‘मोबाइल टेलीफोनी में विद्युत चुम्बकीय उत्सर्जन और इसके स्वास्थ्य पर प्रभाव’ विषय पर एक कांफ्रेंस में रखा। आईआईटी दिल्ली और मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज की इस संयुक्त कांफ्रेंस का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने किया और मोबाइल टॉवर्स से होने वाले उत्सर्जन पर एक दस्तावेज भी जारी किया।इस मौके पर रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि मोबाइल टॉवर विकिरण की भ्रामक चिंताओं से बेजोड़ मोबिलिटी के आगे बढ़ने की राह पर गंभीर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर हजारों अनुसंधान किए गए हैं और अभी तक मोबाइल टॉवर उत्सर्जन का मानव स्वास्थ्य जोखिमों से जुड़े होने का कोई निर्णायक संबंध सामने नहीं आया हैकांफ्रेंस में यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिलवेनिया के अनुसंधानकर्ता डॉ. केनेथ आर. फोस्टर ने कहा कि रेडियो फ्रीक्वेंसी क्षेत्र, संभावित खतरों को लेकर सबसे अधिक अनुसंधान वाले क्षेत्रों में शामिल है। इस संबंध में दुनिया भर में अनेक शोध हुए हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी एजेंसियां ने इनकी कई बार समीक्षा भी की है। आमतौर पर सभी लोग इस बात पर सहमत हैं कि अंतरराष्ट्रीय और भारतीय स्तर पर तय सीमा से नीचे के स्तर की फ्रीक्वेंसी ऊर्जा से मानव स्वास्थ्य पर कोई विपरीत असर नहीं होता है।विद्युत चुम्बकीय उत्सर्जन के क्षेत्र के विशेषज्ञ डॉ. सीके चाऊ  ने कहा कि निश्चित रूप से तथाकथित विकिरण के प्रभावों के बारे में चिंताएं रही हैं। लेकिन इस बात पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण है कि अब तक इस बात के प्रमाण नहीं मिले हैं कि मोबाइल टॉवर से निकलने वाली तंरगों और मानव सेहत का आपस में कोई संबंध है।एम्स के निदेशक डॉ. एमसी मिश्रा ने कुछ अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों का हवाला देते हुए बताया कि मोबाइल फोन का अत्यधिक उपयोग लोगों के लिए विशेषकर बच्चों के लिए हानिकारक सिद्ध हो सकता है। हालांकि अभी इसके लिए भी और शोध किए जाने बाकी हैं। उन्होंने कहा कि टॉवर उत्सर्जन का कोई विपरीत प्रभाव लोगों की सेहत पर नहीं पड़ता है। इस मौके पर आईआईटी दिल्ली के निदेशक के. त्यागराजन भी मौजूद थे।

विश्व स्वास्थ्य संगठन:-विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने अपने दो दशक तक चले शोध की रिपोर्ट में अक्तूबर 2014 में कहा कि अभी तक यह निर्धारित नहीं हो पाया है कि मोबाइल फोन से लोगों की सेहत पर विपरीत असर पड़ता है। हालांकि इसमें कहा गया है कि तंरगों के संपर्क में आने से दिमाग के तापमान में कुछ वृद्धि जरूर हो जाती है।

अमेरिकी नेशनल कैंसर संस्था:-अमेरिकी नेशनल कैंसर संस्था ने कुछ वर्ष पहले कहा था कि अभी तक उपलब्ध वैज्ञानिक शोध में इस बात की पुष्टि नहीं होती है कि मोबाइल उपयोग से कैंसर हो सकता है, लेकिन इस क्षेत्र में आगे अध्ययन की बहुत अधिक आवश्यकता है।

आईआईटी के 24 शिक्षकों ने कहा नहीं पड़ा स्वास्थ्य पर असर:-देश भर में मौजूद विभिन्न आईआईटी के 24 शिक्षकों ने अपना एक संयुक्त बयान जारी किया है। इसके मुताबिक ‘रेडियो फ्रीक्वेंसी रेडियेशंस (मोबाइल टॉवर से) एक्सरे या गामा रे की तरह ही होती हैं। ये मानव शरीर के केमिकल बांड को नहीं तोड़ता है।’

नई दिल्ली:-नवरात्रि के पहले दिन पीएम नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर से असम में चुनावी अभियान की कमान संभाली। मां कामाख्या के दर्शन के बाद वह असम के नौगांव पहुंचे। वहां उन्होंने चुनावी रैली की। उनके निशाने पर एक बार फिर कांग्रेस रही। उन्होंने कहा- उनको तो सिर्फ बेटे बेटियों की परवाह है।मोदी ने असम सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, यहां न तो मनरेगा को ठीक से लागू कराया गया न ही गरीबों के लिए घर बनाए गए। उन्होंने आम जनता से अपील की कि किसी के हाथ में रिमोट कंट्रोल मत देना। असम में पूर्ण बहुमत की सरकार दीजिएगा। आज हिंदुस्तान की पूरी दुनिया में तारीफ हो रही है।इससे पहले वह कामाख्या मंदिर गए जहां उन्होंने न सिर्फ भगवान के दर्शन किए बल्कि नवरात्रि के कारण कन्याओं से भी आशीष लिया।नवरात्रि के पहले दिन पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुवाहाटी के प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना की। 9 दिनों का उपवास रखने वाले मोदी आज असम में चार चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे। उन्होंने बताया कि आज असम के राहा, रांगिया, सरभोग और गुवाहाटी में उनकी चुनावी रैलियां हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि कई सालों के बाद नवरात्रि के पहले ही दिन कामाख्या मंदिर जाने और मां कामाख्या की पूजा-अर्चना करने का सौभाग्य मिला है।इससे पहले पीएम ने नवरात्रि और गुडी पडवा पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी। यह नया साल खुशहाली और समृद्धि लाए। उन्होंने अपने सिंधी दोस्तों को चेती चांद पर बधाई दी।

नई दिल्ली:-आतंकवाद से मिलकर निपटने के मुद्दे पर पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत की पीठ में छुरा घोंपा है। अभी तक पठानकोट आतंकी हमले की जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) टीम के अपने यहां आने देने की बात कर रहा पाकिस्तान गुरुवार को इस वादे से पीछे हटता दिखा।

लेन-देन का मसला नहीं:-एनआईए के अपने यहां के दौरे के संदर्भ में भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने कहा कि पूरी जांच को आपसी लेन-देन की दृष्टि से नहीं देखना चाहिए। इसे सहयोग बढ़ाने की दृष्टि से देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों देश पठानकोट मामले की तह तक जाने के लिए एक-दूसरे से सहयोग कर रहे हैं, लिहाजा जांच के इस चरण में अभी कुछ नहीं कह सकता। यह पूछे जाने पर कि क्या वह एनआईए की पाक यात्रा से मना कर रहे हैं तो उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया।भारत और पाकिस्तान देशों के बीच स्थायी शांति  का कोई ‘शॉर्ट कट’ नहीं है। इसके लिए एक दूसरे की संप्रभुता का सम्मान करते हुए सतत, व्यापक और गंभीर प्रयास करने होंगे। सच्चाई यह है कि इस रास्ते में कश्मीर विवाद मूल बाधा है।-अब्दुल बासित, पाक उच्चायुक्त

जेआईटी भारत आई थी:-पाक की जेआईटी पठानकोट एयरबेस पर हमले की जांच के लिए हाल में भारत आई थी। इसके बाद भारत अपनी एनआईए टीम को पाक भेजने की उम्मीद कर रहा है।

दोनों देशों के बीच शांति प्रक्रिया निलंबित है:-पाकिस्तानी उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने कहा कि पाकिस्तान और भारत के बीच शांति वार्ता अभी निलंबित स्थिति में है। उन्होंने कहा कि जहां तक मैं जानता हूं कि दोनों देशों के विदेश सचिवों की बैठक पर कोई फैसला नहीं हुआ है। मुझे लगता है कि यह अभी निलंबित स्थिति में है। लिहाजा देखते हैं कि क्या हम वार्ता प्रक्रिया शुरू कर पाते हैं। पठानकोट हमले के बाद दोनों देशों के बीच वार्ता रद्द कर दी गई थी।

पाक शर्तों पर राजी था:-भारत सरकार के गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि पाक जेआईटी के दौरे के काफी पहले ही इस पर सहमति बन गई थी कि पठानकोट ऑपरेशन में शामिल रक्षा कर्मियों तक उसकी पहुंच नहीं होगी। शर्तों के अनुसार, यह जांच पठानकोट आतंकी हमले के प्रमुख गवाहों और पीड़ितों से बातचीत के लिए थी। इसमें सैन्य या किसी अन्य सुरक्षाकर्मी से मिलने देने का कोई जिक्र नहीं था।

भारत से शस्त्र नियंत्रण पर वार्ता को तैयार:-अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की नसीहत मानते हुए पाकिस्तान ने गुरुवार को कहा कि क्षेत्र में हथियारों की अनावश्यक होड़ से बचने के लिए वह भारत के साथ शस्त्र नियंत्रण संबंधी कदमों पर चर्चा के लिए तैयार है।

पहले ही बता दिया था:-संयुक्त जांच टीम (जेआईटी) के भारत दौरे से पहले पाकिस्तान इस बात पर सहमत हुआ था कि यह आपसी आदान-प्रदान के आधार पर होगा। पाकिस्तान को एनआईए टीम के दौरे को लेकर पहले ही बता दिया गया था।- विकास स्वरूप, प्रवक्ता विदेश मंत्रालय

नई दिल्ली:-आज से हिन्दी नववर्ष नव संवत्सर का आगाज हो गया। नववर्ष विक्रम संवत 2073 का भी शुभारंभ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा आज से शुरू हो गया। आज से ही मां दुर्गा की अराधना का पर्व नवरात्र भी शुरू हो गया है। हिन्दू चैत्र नवरात्र पूजन के दौरान ही चैती छठ महापर्व और रामनवमी भी है। सालभर में चार नवरात्र होते हैं जिसमें शारदीय नवरात्र और वासंतिक नवरात्र का विशेष महत्व है। शारदीय नवरात्र को महापूजा और चैत्र नवरात्र को वार्षिकी पूजा कहा जाता है। इसी दिन सृष्टि का शुभारंभ भी माना जाता है। आज देश भर में चैती चंद और गुड़ी पडवा भी मनाया जा रहा है। इस मौके पर पीएम नरेंद मोदी ने देशवासियों को बधाई दी है।  

हिन्दी नववर्ष का भी शुभारंभ:-हिंदी नववर्ष विक्रम सम्वत 2073 का आरंभ आठ अप्रैल से होने जा रहा है। हिंदी पंचांग के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को हिंदी नववर्ष प्रारंभ होता है। इसी दिन से चैत्र नवरात्र भी शुरु हो रहे हैं। इस नवसंवत्सर का नाम साधारण सम्वतसर है। नवसम्वत कैसे रहेगा और नवरात्र में पूजन कितना शुभ फल देंगे। इन सभी के बारे में कुछ ज्योतिषों की अपनी-अपनी राय है। नवसम्वत का प्रवेश कन्या लग्न में हो रहा है।  इस  बार सम्वत का राजा शुक्र और मंत्री बुध है।

चैती चंद भी आज:-आज चैती चंद भी है। सिंधी समाज के लोग इसे मनाते हैं। इस मौके पर भगवान झूलेलाल की पूजा अर्चना करते हैं। 

महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा:-महाराष्ट्र में आज के दिन गुड़ी पड़वा मनाया जाता है। इस मौके पर सब लोग खुशियां मनाते हैं।  

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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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