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बेंगलुर। एयरो इंडिया 2019 का आगाज हो गया है। आज से 24 फरवरी तक चलने वाले एशिया के सबसे बड़े मिलिट्री एविएशन शो का बुधवार को रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने उद्घाटन किया। इसके बाद बेंगलुरु के आसमान में पहली बार राफेल लड़ाकू विमान उड़ान भरता हुआ दिखा और आसमान में करतब दिखाए। राफेल डील को लेकर पिछले काफी समय से राजनीति हो रही है। इस शो में राफेल के अलावा करतब दिखाने वाले सुखोई और तेजस जैसे अन्य फाइटर जेट व सारंग हेलिकॉप्टरों ने वहां मौजूद लोगों का उत्साह दोगुना कर दिया। बता दें कि एयरो शो में सूर्य किरण के विमान शामिल नहीं होंगे। मंगलवार को हुए हादसे के कारण ये निर्णय लिया गया, इसलिए ये विमान रनवे के पीछे खड़े हैं।रनवे टू बिलियन ऑपट्यूनिटीज थीम पर आयोजित एशिया की सबसे बड़ी विमानन प्रदर्शनी में शुमार 'एयरो इंडिया' दुनिया के 100 से भी अधिक देशों के स्वागत के लिए अब तैयार है। इस प्रदर्शनी में रक्षा क्षेत्र से जुड़े तमाम रक्षा उपकरणों को प्रदर्शित किया जाएगा। प्रदर्शनी में विमानन क्षेत्र के बड़े निवेशक और वैश्विक नेताओं के साथ दुनिया के कई थिंक टैंक कार्यक्रम में शिरकत करते नजर आएंगे।'एयरो इंडिया' विमानन क्षेत्र में हो रही प्रगति और नए विचारों को दुनिया से साझा करने के लिए बड़ा मंच है। जिसमें भारत का मकसद मेक इन इंडिया को बढ़ावा देना है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार की प्रदर्शनी में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) भी बड़े पैमाने पर हिस्सा ले रहा है और करीब 250 प्रणालियों, तकनीकों, क्रियाशील नमूनों और हाल में किये गए नवाचार का प्रदर्शन कर रहा है।भारत दुनिया में हथियारों का सबसे बड़ा बाजार हैं, ऐसे में दुनिया भर की हथियार बनाने वाली कंपनियों की नजर हर साल भारत में आयोजित होने वाले 'एयरो इंडिया' पर रहती है, इसी के चलते अमेरिका की बोइंग तो वहीं फ्रांस की राफेल जैसी बड़ी कंपनिया भी इस कार्यक्रम में भाग लेने पहुंची है।सुपरसोनिक स्पीड में जैसे ही राफेल बेंगलुरु के येलाहांका एयरबेस के ऊपर से गुजरा, सबकी नजरें उसी पर टिक गईं।

नई दिल्ली। मंगलवार को माघ पूर्णिमा पर भारत समेत दुनिया भर में लोगों ने आकाश में सबसे दुर्लभ चांद का दीदार किया। वैज्ञानिकों ने इस दुर्लभ चांद को सुपर स्नो मून का नाम दिया है। वैज्ञानिकों के अनुसार अब करीब सात साल बाद ऐसा खूबसूरत चांद दिखेगा। अगर आप ने ये मौका गंवा दिया है, तो आप इसकी खूबसूरती का मजा तस्वीरों से ले सकते हैं।यूपी के ग्रेटर नोएडा में बहुमंजिला रिहायशी इमारतों के बीच ऐसा दिखा सुपर स्नो मून।यहां आपको ये भी बता दें कि इस सुपर स्नो मून को मंगलवार रात देश-दुनिया में करोड़ों लोगों ने अपने मोबाइल और कैमरों में कैद किया। लोगों ने इस अद्भुत चांद के साथ जमकर सेल्फी ली। कुछ जगहों पर इस सुपर स्नो मून को देखने के लिए विशेष तौर पर इंतजाम किए गए थे। सुपर स्नो मून का सबसे खूबसूरत नजारा समुंद्री किनारों पर देखने को मिला।मंगलवार रात आकाश में साल का सबसे बड़ा चांद दिखा। खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार ये चांद आम दिनों की तुलना में काफी विशाल और बहुत खूबसूरत था। वैज्ञानिकों के अनुसार चांद का ये अनोखा स्वरूप केवल पूर्णिमा की वजह से ही नहीं, बल्कि एक खास खगोलीय वजह से दिखा। वैज्ञानिक इस खगोलीय घटना को सुपर स्नो मून (Super Snow Moon) कह रहे हैं। दुनिया के कुछ देशों में इस खगोलीय घटना को स्ट्रॉम मून (Storm Moon) या हंगर मून (Hunger Moon) या बोन मून (Bone Moon) भी कह रहे हैं।अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के अनुसार सुपर स्नो मून तब होता है, जब पूर्णिमा के दिन चांद-धरती के सबसे नजदीक होता है। इस वजह से इसका आकार और रोशनी आम पूर्णिमा के चांद के मुकाबले काफी ज्यादा होता है। इस दौरान चांद ज्यादा चमकीला और बड़ा दिखाई देता है। इसलिए इस खगोलीय घटना को सुपर स्नो मून कहा जाता है।
भारत में इस वक्त दिखा सुपर स्नो मून:-भारत समेत ये सुपर स्नो मून दुनिया के कई देशों में दिखा। सुपर स्नो मून का समय मंगलवार रात नौ बजकर 23 मिनट से शुरू हुआ था। भारत में सुपर स्नो मून 19 फरवरी 2019 की शाम दिल्ली में 6:30 बजे, मुंबई में 5:20 बजे और कोलकाता में सूरज डूबने के बाद देखा गया। सुपर स्नो मून का समय रात 11 बजकर 23 मिनट तक रहा। हालांकि, मौसम की खराबी की वजह से कुछ जगहों पर सुपर स्नो मून का साफ नजारा नहीं देखा जा सके और कुछ जगहों पर चांद की बादलों में लुकाछिपी की वजह से लोगों को काफी इंतजार करना पड़ा।
सात साल बाद दिखेगा ऐसा चांद:-वैज्ञानिकों के अनुसार अगले सुपर स्नो मून का नजारा आज के बाद करीब सात साल (लगभग 2555 दिन) बाद दिसंबर 2026 में दिखेगा। इससे पहले हुए सुपर स्नो मून की कई खूबसूरत तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर देखी जा सकती हैं। इस दौरान चांद अपने सामान्य आकार से लगभग 14 फीसद बड़ा और 30 प्रतिशत ज्यादा चमकीला दिखता है।
पिछले महीने हुआ था सुपर ब्लड मून:-इससे पहले 21 जनवरी 2019 में अमेरिका के कुछ हिस्सों में सुपर ब्लड मून (Super Blood Moon) या सुपर वुल्फ ब्लड मून (Super wolf Blood Moon) का अद्भुत नजारा देखा गया था। वैज्ञानिकों के अनुसार मंगलवार को देखा गया सुपर स्नो मून, पिछले महीने दिखे सुपर ब्लड मून से भी आकार में बड़ा और चमकीला था।वैज्ञानिकों के अनुसार मंगलवार को देखे गए सुपर स्नो मून का चांद, पिछले तीन सुपर स्नो मून के चांद से भी आकार में बड़ा था। सुपर ब्लड मून में चांद जहां लाल रंग का दिखा था, वहीं सुपर स्नो मून के दौरान ये चमकीले सफेद रंग का था। सुपर ब्लड मून तीन घंटे 30 मिनट तक रहा था।

नई दिल्ली। दिल्‍ली समेत पूरे एनसीआर में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। बारिश से ठंड बढ़ गई है। India Meteorological Department इस साल फरवरी महीना खत्म होने में सिर्फ सप्ताह भर का समय बचा है, लेकिन सर्दी है कि खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है। इस बीच कुछ दिनों के अंतराल पर पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी के साथ मैदानी राज्यों में बारिश और ओलावृष्टि से मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। इसके चलते ठंड में इजाफा हो रहा है। वहीं, इसको लेकर India Meteorological Department (मौसम विभाग) के अधिकारियों का भी कहना है कि फरवरी के महीने में इतनी सर्दी होना असामान्य है, लेकिन सच यह है कि सर्दी मार्च तक जाएगी और लोगों को परेशान भी करेगी।मौसम विज्ञानियों की मानें तो पश्चिमी विक्षोभ के चलते ही पहाड़ों पर बड़े पैमाने पर बर्फबारी देखने को मिली है। इसके चलते उत्तर और मध्य भारत में तापमान अपेक्षाकृत कम रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, इस साल मार्च के पहले सप्ताह तक सर्दी का मौसम जारी रह सकता है। एक मार्च को आखिरी पश्चिमी विक्षोभ के चलते उत्तर भारत में सर्दी बढ़ सकती है और ऐसा मौसम कई दिनों तक बना रह सकता है।पश्चिमी विक्षोभ के चलते इस साल फरवरी में अच्छी खासी ठंड रही है। खासतौर पर उत्तर भारत के अधिकतकर इलाकों में इस महीने में ठंड जारी है। वहीं, रुक-रुक सर्दी में इजाफा होने कई तरह की बीमारियों को भी दावत दे रहा है, खासकर युवाओं के साथ बुजुर्ग व बच्चे सर्दी-खांसी की चपेट में जल्दी आ रहे हैं।
इस बार मार्च तक जारी रहेगा सर्दी का मौसम:-मौसम विभाग से जुड़े वैज्ञानिकों की मानें तो जाहिर इस महीने इतनी सर्दी होना असामान्य है। वैज्ञानिकों का कहना है कि मौसम में इस बदवाल की बड़ी वजह पश्चिमी विक्षोभ है। इसके चलते ही पहाड़ों पर बड़े पैमाने रुक-रुक पर बर्फबारी देखने को मिल रही है। इसके असर से उत्तर और मध्य भारत में तापमान में कमी जारी है।
फरवरी में छह बार पश्चिमी विक्षोभ ने डाला असर:-मौसम से अधिकारियों का भी कहना है कि फरवरी को सर्दियों का आखिरी महीना माना जाता है, लेकिन यह सर्दी जाती हुई होती है और गर्मी का अहसास आ जाता है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते इस बार सर्दी ज्यादा दिन तक है और रहेगी। सबसे बड़ी परेशानी की बात है कि दिन का तापमान बढ़ जाता है और सुबह-शाम न्यूनतम तापमान घट रहा है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि कई सालों की तुलना में फरवरी में अब तक 6 बार पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम प्रभावित हुआ है और जाती हुई सर्दी लौट आई है।मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस महीने इतनी सर्दी होना असामान्य है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते ही पहाड़ों पर बड़े पैमाने पर बर्फबारी देखने को मिली है। इसके चलते उत्तर और मध्य भारत में तापमान अपेक्षाकृत कम रहा है।
वेस्टर्न डिस्टर्बन्स (Western Disturbance) क्या है?;-वेस्टर्न डिस्टर्बन्स (Western Disturbance) जिसको पश्चिमी विक्षोभ भी बोला जाता है, भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तरी इलाक़ों में सर्दियों के मौसम में आने वाले ऐसे तूफ़ान को कहते हैं जो वायुमंडल की ऊंची तहों में भूमध्य सागर, अटलांटिक महासागर और कुछ हद तक कैस्पियन सागर से नमी लाकर उसे अचानक वर्षा और बर्फ़ के रूप में उत्तर भारत, पाकिस्तान व नेपाल पर गिरा देता है। यह एक गैर-मानसूनी वर्षा का स्वरूप है जो पछुवा पवन (वेस्टर्लीज) द्वारा संचालित होता है।
वेस्टर्न डिस्टर्बन्स या पश्चिमी विक्षोभ का निर्माण कैसे होता है?:-वेस्टर्न डिस्टर्बन्स या पश्चिमी विक्षोभ भूमध्य सागर में अतिरिक्त उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के रूप में उत्पन्न होता है। यूक्रेन और उसके आस-पास के क्षेत्रों पर एक उच्च दबाव क्षेत्र समेकित होने के कारण, जिससे ध्रुवीय क्षेत्रों से उच्च नमी के साथ अपेक्षाकृत गर्म हवा के एक क्षेत्र की ओर ठंडी हवा का प्रवाह होने लगता है। यह ऊपरी वायुमंडल में साइक्लोजेनेसिस के लिए अनुकूल परिस्थितियां उत्पन्न होने लगती है, जो कि एक पूर्वमुखी-बढ़ते एक्सट्रैटॉपिकल डिप्रेशन के गठन में मदद करता है। फिर धीरे-धीरे यही चक्रवात ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के मध्य-पूर्व से भारतीय उप-महाद्वीप में प्रवेश करता है।
भारतीय उप-महाद्वीप पर वेस्टर्न डिस्टर्बन्स या पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव;-वेस्टर्न डिस्टर्बन्स या पश्चिमी विक्षोभ खासकर सर्दियों में भारतीय उपमहाद्वीप के निचले मध्य इलाकों में भारी बारिश तथा पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कृषि में इस वर्षा का बहुत महत्व है, विशेषकर रबी फसलों के लिए। उनमें से गेहूं सबसे महत्वपूर्ण फसलों में से एक है, जो भारत की खाद्य सुरक्षा को पूरा करने में मदद करता है।ध्यान दें कि उत्तर भारत में गर्मियों के मौसम में आने वाले मानसून से वेस्टर्न डिस्टर्बन्स या पश्चिमी विक्षोभ का बिलकुल कोई संबंध नहीं होता। मानसून की बारिशों में गिरने वाला जल दक्षिण से हिंद महासागर से आता है और इसका प्रवाह वायुमंडल की निचली सतह में होता है। मानसून की बारिश ख़रीफ़ की फ़सल के लिये ज़रूरी होती है, जिसमें चावल जैसे अन्न शामिल हैं। कभी-कभी इस चक्रवात के कारण अत्यधिक वर्षा भी होने लगती है जिसके कारण फसल क्षति, भूस्खलन, बाढ़ और हिमस्खलन होने लगता हैभारत-गंगा के मैदानी इलाकों में, यह कभी-कभी शीत लहर की स्थिति और घना कोहरा लाता है। अन्य पश्चिमी विक्षोभ के आने तक यह स्थिति स्थिर रहती है। जब मानसून की शुरुआत से पहले पश्चिमी विक्षोभ उत्तरपश्चिम भारत में घूमता है, तो इस क्षेत्र पर मानसून की वर्तमान में अस्थायी उन्नति होती है।

नई दिल्ली। इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनैंशियल सर्विसेज (IL&FS) मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कई ठिकानों पर छापा मारा है।ईडी ने कंपनी के पूर्व चेयरमैन रवि पार्थसारथी के ठिकानों पर भी छापा मारा है। अधिकारियों ने बताया कि ईडी ने कथित पेमेंट डिफॉल्ट मामले में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ट्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत केस भी दर्ज किया है। छापा मुंबई और दिल्ली-एनसीआर के कई ठिकानों पर पड़ा है।आईएलएंडएफएस समूह पर कुल 91,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। सितंबर 2018 में इस समूह की कई कंपनियों ने डिफॉल्ट किया, जिसके बाद बैंकिंग व्यवस्था में नकदी संकट की आशंका मंडराने लगी थी।

नई दिल्ली। जीएसटी काउंसिल ने अचल संपत्ति और लॉटरी पर कर की दरों का फैसला रविवार तक के लिए टाल दिया है। साथ ही काउंसिल ने जनवरी महीने का सेल्स रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन को भी 22 फरवरी तक के लिए बढ़ा दिया है।बुधवार को हुई जीएसटी काउंसिल की मीटिंग के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि रिटर्न भरने को लेकर हड़बड़ी को देखते हुए सभी राज्यों के लिए डेडलाइन को 22 फरवरी तक बढ़ा दिया गया है। वहीं जम्मू-कश्मीर के लिए यह डेडलाइन 28 फरवरी होगी। समरी सेल्स रिटर्न GSTR-3B फाइल करने की आखिरी तारीख 20 फरवरी निर्धारित थी।निर्माणाधीन आवास संपत्तियों पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) दर के संबंध में जेटली ने कहा कि जैसा कि तमाम राज्य इस मसले पर फिजिकल मीटिंग (सभी की उपस्थिति) चाहते हैं, इसलिए काउंसिल 24 फरवरी को इस संबंध में निर्णय लेने के लिए फिर से बैठक करेगी। उन्होंने कहा कि आज की बैठक को रविवार तक के लिए टाल दिया गया है। वित्त मंत्री ने आगे कहा कि रियल एस्टेट और लॉटरी पर चर्चा जारी रहेगी।

नई दिल्ली। विमानन कंपनी गोएयर 1,499 और 4,999 रुपये की शुरुआती कीमत पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ान टिकट दे रही है। इस ऑफर के तहत टिकट बिक्री की तारीख 20 फरवरी 2019 है। टिकट लेने वाले ग्राहक 1 मार्च, 2019 से 30 सितंबर, 2019 के बीच यात्रा कर सकते हैं।इस ऑफर के तहत, सबसे सस्ती फ्लाइट टिकट 1,499 रुपये बेंगलुरु-कन्नूर रूट पर है। जिसपर 4 मार्च से 31 मार्च 2019 के बीच यात्रा की जा सकती है। वहीं अहमदाबाद से कोच्चि का टिकट 2,299 रुपये है। बेंगलुरु-फुकेट रूट का किराया 6,299 रुपये है, जिसपर 11 मार्च और 30 सितंबर, 2019 के बीच यात्रा की जा सकती है।इसके अलावा विमान कंपनी Air Asia अपने टिकटों पर 20 फीसद की छूट दे रही है। एयर एशिया के मुताबिक सस्ते फ्लाइट टिकट की सात दिन की सेल 18 फरवरी से शुरू हुई। एयर एशिया के सेल में खरीदे गए टिकटों पर 25 फरवरी से 31 जुलाई के बीच हवाई यात्रा की जा सकेगी। छूट का लाभ लेने के लिए ग्राहक कंपनी की वेबसाइट या मोबाइल एप से टिकट बुकिंग कर सकते हैं। Air Asia की इस सेल के दौरान आप घरेलू हवाई यात्रा के साथ-साथ विदेश यात्रा के लिए भी फ्लाइट टिकट बुक कर सकते हैं।इस स्कीम के तहत एयरएशिया के अंतरराष्ट्रीय रूट्स कुआलालंपुर, बाली, लंगकावी, सिंगापुर की यात्रा की जा सकती है। इसके अलावा घरेलू रूट्स पर भुवनेश्वर, जयपुर जैसे कई और डेस्टिनेशन पर भी यात्रा की जा सकती है।

नई दिल्ली। सऊदी अरब के 33 वर्षीय क्राउन प्रिंस और भावी शासक मुहम्मद बिन सलमान मंगलवार देर रात भारत पहुंच चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद उनकी आगवानी करने नई दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे थे। वह पाकिस्तान यात्रा के ठीक बाद दो दिन की भारत यात्रा पर आए हैं। पुलवामा हमले के ठीक बाद उनके भारत आने से इस यात्रा का महत्व और बढ़ गया है। उनके दौरे से भारत को कई उम्मीदे हैं। हालांकि, उम्मीदों पर वह कितना खरा उतरेंगे, इसके लिए उनकी शख्सियत के बारे में जानना भी बेहद जरूरी है।दरअसल, सऊदी प्रिंस की शख्सियत के तीन विरोधाभाषी रंग हैं। एक तरफ जहां विवादित फैसलों की वजह से उनकी छवि तानाशाह की है, तो दूसरी तरफ सऊदी अरब के लिए उनकी नीतियां और कई फैसले उनकी उदारवादी छवि प्रस्तुत करते हैं। इन सबके बीच उनके महंगे शौकों की चर्चा सबसे ज्यादा होती है। आपको जानकार हैरानी होगी की मुहम्मद बिन सलमान को तीन साल पहले तक कोई नहीं जानता था। तीन साल में उन्होंने अपने कुछ विवादित फैसलों और चर्चित शौक के जरिए दुनिया भर में अपनी पहचान कायम की है।
पिता के राजा बनने पर आए सुर्खियों में:-प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान के पिता वर्ष 2015 में सऊदी अरब के राजा बने तो वह भी चर्चा में आ गए। इससे पहले सऊदी अरब के बाहर उन्हें कोई नहीं जानता था। सलमान का जन्म 31 अगस्त 1985 में हुआ था। वह तब के प्रिंस सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सउदी की तीसरी पत्नी फहदाह बिन फलह बिन सुल्तान के सबसे बेटे हैं। उन्होंने देश की राजधानी रियाद स्थित किंग सउद विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की है। इसके बाद वह कई सरकारी संस्थाओं में काम किया। मुहम्मद बिन सलमान उस वक्त चर्चा में आए जब उन्हें, उनके चचेरे भाई मुहम्मद बिन नईफ की जगह क्राउन प्रिंस बना दिया गया। ये फैसला उनके पिता और सऊदी अरब के राजा सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सउदी ने लिया था। मुहम्मद बिन सलमान से पहले मुहम्मद बिन नईफ ही सऊदी के क्राउन प्रिंस थे।
पिता के सलाहकार भी रह चुके हैं;-क्राउन प्रिंस बनने से पहले मुहम्मद बिन सलमान अपने पिता के विशेष सलाहकार भी रह चुके हैं। वर्ष 2009 में उनके पिता रियाद के गवर्नर थे। तब मुहम्मद बिन सलमान ने उनके सलाहकार की भूमिका निभाई थी। इसके बाद वर्ष 2013 में उन्हें मंत्री पद का दर्जा देते हुए क्राउन प्रिंस कोर्ट का मुखिया बना दिया गया था। जनवरी 2015 में उनके पिता ने किंग बनने के बाद उन्हें रक्षा मंत्री बना दिया था।
यमन पर हमला:-रक्षा मंत्री बनने के बाद मुहम्मद बिन सलमान ने पहला कदम यमन पर सैन्य हस्तक्षेप बढ़ाकर उठाया। वर्ष 2015 में उन्होंने अन्य अरबी देशों के साथ मिलकर यमन में सैन्य अभियान शुरू किया था। उस वक्त यमन के राष्ट्रपति अब्दाब्रूह मंसूर हादी हूती विद्रोही आंदोलन की वजह से निर्वासित हो गए थे। यमन पर हमला करने को लेकर सऊदी अरब की काफी आलोचना हुई। सऊदी अरब समेत उसके सहयोगी देशों पर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप भी लगे थे।
पत्रकार जमाल खशोगी की क्रूर हत्या:-सऊदी क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान पर उनके ही देश के पत्रकार जमाल खशोगी की क्रूर तरीके से हत्या करवाने का भी आरोप लगता रहा है। जमाल, सुन्नी रियासत के खिलाफ लिखने की वजह से हमेशा विवादों में रहते थे। क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान को सत्ता मिलने के बाद वह देश छोड़कर अमेरिका चले गए थे। वहां वह वॉशिंगटन पोस्ट के लिए काम कर रहे थे। 1987 से 1995 के बीच वह मोस्ट आतंकवादी ओसामा बिन लादेन के साथ घूमते दिए और उनका साक्षात्कार लेने की वजह से सुर्खियों में रहे। वर्ष अक्टूबर 2018 में खशोगी की इस्तांबुल स्थित रियाद के वाणिज्य दूतावास में हत्या कर दी गई थी। बताया जाता है कि हत्या से पहले उनकी अंगुलियां काटकर उन्हें यातना दी गई थी। इसके बाद उनके शव के टुकड़े-टुकड़े कर तेजाब में डालकर खत्म कर दिया गया। इसलिए खशोगी का शव भी बरामद नहीं हुआ। पत्रकार की हत्या के बाद सऊदी अरब को अंतरराष्ट्रीय दबाव का सामना करना पड़ा था।
सऊदी के कई प्रिंस और अमीरों को बनाया बंदक:-सऊदी प्रिंस पिछले साल उस वक्त भी अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने अपने देश के ही कई प्रिंस और अमीर लोगों को एक सप्ताह तक एक होटल में बंदन बना लिया था। बंदक बनाए गए लोगों पर उन्होंने वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया था। करीब एक सप्ताह बाद इन लोगों को बंदन मुक्त किया गया था। इसे लेकर भी सऊदी प्रिंस को देश के भीतर व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव का सामना करना पड़ा था।
विजन 2030 से बनाई उदारवादी छवि;-प्रिंस ने विजन 2030 के तहत अपने तेल निर्भर देश को सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। इसमें देश की सब्सिडी व्यवस्था को कम करना और सरकारी तेल कंपनी सऊदी अराम्को के निजीकरण का प्रस्ताव भी शामिल है। विजन 2030 को पूरा करने के लिए वह बीजिंग, मॉस्को और वॉशिंगटन जैसे देशों में गए थे। उन्होंने महिलाओं पर लगे कई प्रतिबंदों को हटा लिया। 1970 के दशक से अरब में बंद थिएटरों को खुलवा दिया। उन्होंने सऊदी अरब में 500 बिलियन डॉलर की सिलिकॉन सिटी बनाने की भी घोषणा की है। इस वजह से बहुत से लोग प्रिंस में उदारवादी छवि भी देखते हैं।
पेरिस में है दुनिया का सबसे महंगा बंगला:-सऊदी प्रिंस अपने विवादित फैसलों को लेकर ही नहीं, बल्कि अपने महंगे शौक के लिए भी काफी चर्चित हैं। उन्होंने वर्ष 2015 में पेरिस में 57 एकड़ का एक बंगला खरीदा है, जिसकी कीमत लगभग 21 लाख करोड़ रुपये है। उनका ये बंगला दुनिया के सबसे महंगे महलों में शामिल है। इस बंगले के सामने डिजाइन फव्वारे और अगल-बगल फलदार पेड़ों का सुंदर बाग है। यहां की पेटिंग, झूमर और इंडीरियर इसे और खास व आकर्षक बनाती है। इस बंगले में प्रिंस कभी-कभार ही आते हैं, लेकिन इसके रख-रखाव पर हर महीने करोड़ों रुपये खर्च होते हैं।
दुनिया की सबसे महंगी सुपर याट:-प्रिंस के पास दुनिया की सबसे महंगी सुपर याट सेरेन भी है, जिसमें वह कभी-कभी अवकाश के दौरान फुर्सत के चंद लम्हे बिताते हैं। इस याट पर वह अपने खास मेहमानों के लिए पार्टी भी आयोजित करते हैं। प्रिंस ने ये सुपर याट भी वर्ष 2015 में खरीदी थी। इटली में बनी इस याट के हर मंजिल पर दुनिया भर के ऐशो आराम की व्यवस्था है। इसमें हर तल पर स्विमिंग पूल, नमक के पानी का पूल, सोना बाथ, सुपर हॉट टब और हेलिपैड आदि की सुविधा है।
एक सप्ताह की पार्टी पर खर्च किए 57 करोड़ रुपये:-सऊदी क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान ने करीब दो साल पहले मालदीव में करीब एक सप्ताह की शानदार पार्टी आयोजित की थी। इस एक सप्ताह की पार्टी पर तकरीबन 57 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। पार्टी में आने वाले मेहमानों के लिए मालदीव में करीब 50 आलीशान होटल व विला आदि बुक थे। इसमें दुनिया भर से उनके खास मेहमानों को आमंत्रित किया गया था।
प्रिंस के पास हैं 18 महंगी कारें;-सऊदी प्रिंस के पास 18 दुनिया की सबसे महंगी कारें हैं। इनमें बुगाती, रोल्स रॉयस, लैम्बॉर्गिनी, बेंटले, फेरारी जैसी कारें शामिल हैं। इन कारों के रखरखाव पर भी प्रति माह करोड़ों रुपये खर्च होते हैं। कारों के अलावा प्रिंस को दुनिया की सबसे महंगी पेंटिंग्स खरीदने का भी शौक है। बताया जाता है कि प्रिंस की व्यक्तिगत संपत्ति तीन बिलियन डॉलर (करीब 214.20 अरब रुपये) है। उनकी सालाना आय 400 मिलियन डॉलर (करीब 28.6 अरब रुपये) है।

जमैका। इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की 5 वनडे मैचों की सीरीज के लिए वेस्टइंडीज ने विस्फोटक बल्लेबाज क्रिस गेल को टीम में शामिल किया है। इंग्लैंड को टेस्ट सीरीज में 2-1 से हराने और गेल की मौजूदगी से कैरेबियाई टीम काफी मजबूत दिखाई दे रही है। इस सीरीज के पहले मुकाबले से पहले उन्होंने इंग्लैंड के स्पिनर आदिल राशिद को बचकर रहने की चेतावनी दे दी है। गेल की इस चेतावनी के बाद राशिद भी चुप नहीं बैठे और बोले मैं भी तैयार हूं। बता दें कि गेल ने वर्ल्ड कप (ICC World Cup 2019) के बाद वनडे क्रिकेट से रिटायर होने की घोषणा कर दी है।
गेल के बयान पर राशिद का पलटवार;-बता दें कि वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के बीच पहला मैच आज ही यानी 20 फरवरी को खेला जाना है। इस वनडे मुकाबले के खेले जाने से पहले गेल ने राशिद को टारगेट करते हुए कहा, ‘बचके रहना… मैं तैयार हूं और मुकाबले का इंतजार कर रहा हूं।’ गेल ने कहा, 'मुझे नहीं पता कि इंग्‍लैंड की गेंदबाजी की शुरुआत कौन करेगा, लेकिन किसी भी गेंदबाज को क्रिस गेल से बचकर रहना होगा।' इसके बाद राशिद ने गेल को जवाब देते हुए कहा, 'मेरे लिए भी ये रोमांचक होगा। मैं अपनी योजना का सही तरह से इस्तेमाल कर सकूंगा। मुझे गेंदबाजी करते हुए अपने वेरिएशंस का चतुराई से इस्‍तेमाल करना होगा। मैं भी इस मुकाबले का इंतजार कर रहा हूं।'
राशिद बोले- गेल भी इंसान, करेंगे गलती:-राशिद ने कहा, 'स्‍वाभाविक रूप से कुछ चिंता होती है, लेकिन आपको अपनी क्षमता और अपने आप पर विश्‍वास करना होता है। आपको खुद पर यह यकीन रखना होता है कि आप उसे आउट कर सकते हैं। गेल भी इंसान है और हर इंसान से गलतियां होती हैं। ऐसे में उसे गलती के लिए मजबूर करके आउट करने के लिए केवल एक गेंद की जरूरत होगी।'बता दें कि वनडे सीरीज से पहले बारबाडोस में हुए अभ्‍यास मैच में इंग्‍लैंड ने 171 रन से जीत हासिल की थी। इस मैच में राशिद ने 7 ओवर में 21 रन देकर 2 विकेट लिए थे। इस प्रदर्शन को देखकर कहा जा सकता है कि वनडे सीरीज में राशिद इंग्‍लैंड की गेंदबाजी की अहम कड़ी होंगे।

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम से बाहर चल रहे युवराज सिंह आखिरकार सिक्सर किंग क्यों कहे जाते हैं इसका उदाहरण उन्होंने फिर से पेश कर दिया। युवी बेशक टीम इंडिया का हिस्सा नहीं हैं लेकिन वो कुछ ना कुछ ऐसा करते रहते हैं जो उन्हें सुर्खियों में बनाए रखता है। अब युवराज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर छाया हुआ और इसे खूब पसंद भी किया जा रहा है। इस वीडियो में दिख रहा है कि युवी ने एक गेंद पर रिवर्स स्वीप पर एक कमाल का छक्का लगाया है। आपको बता दें कि युवराज सिंह ने ये छक्का मालदीव व भारत फ्रेंडशिप क्रिकेट सीरीज 2019 के तहत खेले गए एक मुकाबले के दौरान लगाया था। युवी ने इस मैच में एयर इंडिया की तरफ से खेलते हुए मालदीव्स क्रिेकेट टीम के विरुद्ध सिर्फ 6 गेंदों पर 17 रन जड़ दिए। युवी की ये छोटी लेकिन आकर्षक पारी की खूब तारीफ हो रही है, लेकिन इस पारी के दौरान उन्होंने रिवर्स स्वीप पर जो छक्का लगाया वो सबसे ज्यादा पसंद किया जा रहा है और क्रिकेट फैंस इसकी जमकर तारीफ कर रहे हैं। इस वीडियो में दिख रहा है कि गेंदबाज की गेंद का सामना करने से पहले ही सिस्कर किंग युवी ने इस गेंद को खेलने का मन बना चुके थे। हालांकि गेंदबाज को ये पता चल गया था कि वो रिवर्स शॉट खेलना चाह रहे हैं। इसके बावजूद उन्होंने अपना मन नहीं बदला। इस गेंद को गेंदबाज ने यार्कर लेंथ पर डालना चाहा, लेकिन गेंद सीधी युवी के बल्ले पर आ गई और सीधे बाउंड्री के बाहर छह रन के लिए चली गई। आपको बता दें कि युवी इस बार आइपीएल में मुंबई के लिए खेलेंगे। इस बार मुंबई ने उन्हें उनके बेस प्राइस एक करोड़ देकर खरीदा था।

काठमांडू। नेपाल में एक बार फ‍िर हिंदू राज्‍य घोषित करने की मांग तेज हो गई है। नेपाल में एक दक्षिणपंथी राजनीतिक दल ने सरकार से धर्मनिरपेक्षता के प्रावधान को रद करके देश को हिंदू राज्य घोषित करने की मांग की है। बता दें कि वर्ष 2006 यहां के एक जन आंदोलन के बाद नेपाल की व्‍यवस्‍था में कई तरह के बदलाव देखे गए। वर्ष 2008 में नेपाल ने अपने आपको हिंदू राष्‍ट्र की जगह एक धर्मनिरपेक्ष राज्य घोषित किया था। इसके साथ ही नेपाल में राजशाही व्‍यवस्‍था का अंत हुआ। नेपाल में राजतंत्र के स्‍थान पर धर्मनिरपेक्ष राज्‍य की स्‍थापना हुई।बुधवार को नेपाल के पूर्व उप प्रधानमंत्री कमल थापा के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री केपी ओली को सौंपे ज्ञापन में मांग की कि नेपाल को धर्मनिरपेक्षता के प्रावधान को रद करके पूरी धार्मिक स्वतंत्रता के साथ एक हिंदू राज्य घोषित किया जाना चाहिए। इस बाबत पार्टी ने प्रशासन के जरिए नेपाल के प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा।पार्टी ने नेपाल के संघीय ढांचे के लिए भी जनमत संग्रह की मांग की। हिंदुत्ववाद की दलील में पार्टी ने का कि हिूदू, नेपाल का सबसे बड़ा धर्म है। बता दें कि 2011 की जनगणना के अनुसार, 1.3 फीसद नेपाली आबादी हिंदू थी, 9.9 फीसद बौद्ध थी, 4.4 फीसद मुस्लिम थी, 3.3 फीसद किराटिस्ट (स्वदेशी जातीय धर्म) थी, 1.4 फीसद ईसाई थी, 0.2 फीसद सिख थी।

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