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नई दिल्ली। सोमवार के कारोबारी दिन में सोने की कीमतों में उछाल देखने को मिला है। आज के कारोबार में सोना 145 रुपये उछलकर 32,495 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। सोने की कीमतों में इस उछाल की वजह हाजिर बाजार में सोने की तेज मांग रही है।वहीं दूसरी तरफ सोने के उलट चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। आज के कारोबार में चांदी 350 रुपये गिरकर 38,150 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई। चांदी की कीमतों में गिरावट की वजह औद्योगिक इकाईयों और सिक्का निर्माताओं की ओर से सुस्त उठान रही है। ट्रेडर्स का मानना है कि वैश्विक स्तर पर मजबूत संकेत और डॉलर के मुकाबले कमजोर होता रुपये ने कीमती धातु सोने की कीमत में इजाफा लाने का काम किया है।राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 145 रुपये उछलकर क्रमश: 32,495 रुपये और 32,345 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा है। हालांकि गिन्नी के भाव 25,000 रुपये प्रति 8 ग्राम पीस पर रहे हैं। वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में सोना 1,249.34 डॉलर प्रति औंस और चांदी 14.59 डॉलर प्रति औंस रही है।तैयार चांदी 350 रुपये लुढ़ककर 38,150 रुपये प्रति किलोग्राम और साप्ताहिक आधारित डिलीवरी 410 रुपये गिरकर 37,890 रुपये प्रतिकिलो ग्राम रही है। हालांकि सिक्कों के भाव 74,000 रुपये लिवाल और 75,000 रुपये बिकवाल प्रति 10 पीस रहे हैं।

नई दिल्ली। दिल्ली में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की धर्मसभा में संघ के सरकार्यवाहक भैय्याजी जोशी ने कहा कि हम चाहते हैं, जो भी हो शांति से हो। संघर्ष करना होता तो इंतजार नहीं करते। इसलिए सभी लोग इसमें सकारात्मक पहल करें। हमारा किसी के साथ संघर्ष नहीं, राम राज्य में ही शांति आती है।जोशी ने कहा कि न्यायालय की प्रतिष्ठा बनी रहनी चाहिए। जिस देश में न्यायालय में विश्वास घटता है, उसका उत्थान होना असंभव है। इसलिए न्यायालय को भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। देश पर हमला करने वालों के निशान मिटने चाहिए। सत्ता में बैठे लोगों को जनभावनाओं का सम्मान करना चाहिए। राम मंदिर की भीख नहीं मांगी जा रही है, सरकार को कानून बनाना चाहिए।
'सत्ता में बैठे लोग संकल्प पूरा करें':-वैसे तो रैली विहिप की थी लेकिन संघ ने भी इसी बहाने अयोध्या विवाद पर केंद्र सरकार को एक सख्त संदेश देने की कोशिश की है। भैयाजी जोशी ने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों ने भी घोषणा की है कि मंदिर वहीं बनाएंगे, अब संकल्प पूरा करने का समय आ गया है। बिना झिझक के उन्हें इसे पूरा करना चाहिए।' संघ सरकार्यवाहक ने कड़े शब्दों में कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को जनभावनाओं का सम्मान करना चाहिए।
चारों चरफ दिख रहा भगवा रंग:-रामलीला मैदान का भगवा रंग गुलाबी ठंड में और गाढ़ा हो गया है। मंच से लेकर प्रवेश द्वार, दीवारें, खंभे सभी कुछ भगवा रंग में रंग गए हैं। हर ओर भगवा पताकाएं फहरा रही हैं। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की ओर से रविवार को आयोजित धर्मसभा की तैयारियां देर रात तक चलती रहीं। अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर यहां देशभर से राम भक्तों का सैलाब पहुंचा है।कई राज्यों से राम भक्त दिल्ली पहुंच भी गए हैं। यह अयोध्या, मुंबई और नागपुर जैसे बड़े शहरों में लाखों राम भक्तों की उपस्थिति वाली धर्मसभा की अगली और महत्वपूर्ण कड़ी है। पूरे इलाके पर ड्रोन से नजर रखी जा रही है।
इनका संबोधन होगा:-इस धर्म सभा को जूना अखाड़ा पीठाधीश्वर महा-मंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज, जगन्नाथ पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानंदाचार्य, स्वामी हंसदेवाचार्य महाराज, गीता मनीषी महा-मंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद महाराज, परमानंद महाराज, वात्सल्य ग्राम संस्थापक मां साध्वी ऋतंभरा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह सुरेश (भैया जी) जोशी, विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत) विष्णु सदाशिव कोकजे व कार्याध्यक्ष एडवोकेट आलोक कुमार सहित अनेक संत व गणमान्य लोग संबोधित करेंगे।11 दिसंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र से पहले दिल्ली में इस धर्मसभा के गहरे राजनीतिक निहितार्थ निकाले जा रहे हैं तो विहिप के साथ ही संघ समेत अन्य संगठन इसे ऐतिहासिक बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहते। कोशिश है कि दिल्ली में 'राम सैलाब' देखकर राजनीतिक दल और सत्ता पक्ष राम मंदिर पर अपने विचार बदले और संसद से सर्वसम्मति से कानून बनाकर अयोध्या में भव्य राम के मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करें।विहिप के कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि यह इतनी बड़ी रैली (धर्मसभा) होगी, जो पहले रामलीला मैदान ने देखी नहीं होगी। यह सभी दलों के लिए चेतावनी होगी कि अगर वह राम मंदिर निर्माण में बाधा बनते हैं तो उसे हिंदू समाज की नाराजगी झेलनी पड़ेगी।विहिप के क्षेत्र संगठन मंत्री करुणा प्रकाश ने बताया कि रामभक्तों की सुविधा के लिए सभा स्थल व आस-पास लगभग दो-तीन किलोमीटर तक कई बड़ी-बड़ी एलइडी स्क्रीन लगाई जाएंगीं, ताकि जो रामभक्त रामलीला मैदान में प्रवेश न कर सकें, वह इन एलइडी स्क्रीन से अंदर की पूरी गतिविधियां देख सकें। मैदान में जगह जगह बड़े कलश रखे जाएंगे, जिनमें दिल्ली के राम भक्त अपने-अपने घरों से साथ लाए संकल्प पुष्पों को अर्पित कर सकेंगे।
16 जगह पार्किंग की व्यवस्था:-एनसीआर से आने वाली बसों और अन्य वाहनों के लिए 16 जगह पार्किंग तैयार की गई है। हर पार्किंग स्थल पर पीने के पानी, शौचालय और अनाउंसमेंट सिस्टम होंगे। उत्तर प्रदेश, हरियाणा व पंजाब से जुड़ने वाली राजधानी के सभी सीमाओं पर स्वागत द्वार बनाए गए हैं।वहीं, राम भक्तों को भोजन व पानी के पैकेट दिए जाएंगे. जगह-जगह मार्गदर्शिका लगाई गई है, ताकि रामलीला मैदान आने में लोगों को परेशानी न हो।

जेएनएन। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) की जनाक्रोश रैली के सभामंच पर मुलायम सिंह यादव के पहुंचने से कार्यकर्ताओं में जोश भर गया। शिवपाल ने उनकी अगवानी की और हाथ का सहारा देकर रैली मंच पर ले गए। मुलायम की बहू अपर्णा यादव भी रैली में पहुंची। इस मौके पर उमड़ी भीड़ देखकर गदगद शिवपाल यादव ने कहा कि रैली देश से भाजपा को हटाने के लिए है। देश 51304 अरब के कर्ज है। 1086 वर्ग मील पर पाकिस्तान का और 37 हजार किमी पर चीन का कब्जा है। पीएम नरेंद्र मोदी कहते हैं कि उनका 56 इंच का सीना है। अब एकाध इंच बढ़कर 57 इंच हो गया होगा लेकिन आपके सीने में दम नहीं है। पाकिस्तान तक का कब्जा बढ़ता जा रहा है।
नेताजी से पूछकर बनाई पार्टी:-शिवपाल ने कहा कि यहां नेताजी बैठे हैं। आपके साथ मैंने 40 साल काम किया है। हम तो नेताजी से साथ सपा में ही रहना चाहते थे। मुख्यमंत्री क्या मंत्री का भी पद नहीं मांगा। नेताजी ने जो आदेश दिया उसका पालन किया। परिवार में चाहे छोटा हो या बड़ा है सबकी बात सुनी। आप सब लोग थे रजत जयंती पर मैंने कहा था कि मुझे कोई पद नहीं चाहिये। मुझे तो बस सम्मान चाहिए था। नेताजी के सम्मान चाहिये था। नेताजी मैने बहुत इंतजार किया। आपने भी बहुत प्रयास किया। लेकिन यह सब चुगलखोर, चापलूसों और और जनाधार विहीन लोगों की वजह से हुआ। मैंने उनका भी सम्मान किया लेकिन नेताजी न आपकी सुनी गई और न मेरी सुनी गई। तब मैंने आपसे पूछकर पार्टी बनाई। भगवती सिंह, रामनरेश यादव गवाह है कि आपसे पूछा था। दुबारा भी आपसे पूछा तब पार्टी बनाई। देश को फिर से दंगे में झोंकने की साजिश है। नेताजी आप मुख्यमंत्री थे तब अक्टूबर 1989 में आपने बाबरी को बचाया था लेक़िन 1992 में क्या हुआ। हम देश को फिर दंगे में नही झोंकने देंगे।
मुलायम की छोटी बहू अपर्णां क्या बोलीं:-मुलायम की छोटी बहू अपर्णां यादव ने कहा कि आज की रैली इस बात का सबूत है कि शेर को चोट नहीं देनी चाहिए। जब नेताजी (मुलायम) को चोट पहुंची तो वह शिक्षक से राजनेता बने। अब चाचा (शिवपाल) को चोट पहुंची है। देखिए क्या होता है? उल्लेखनीय है कि सपा से अलग होकर शिवपाल सिंह यादव आज अपनी पहली रैली के जरिए राजनीतिक ताकत का अहसास करा रहे हैं। उनके समर्थकों ने रैली को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक रखी है। जनाक्रोश रैली में भीड़ जुटी है। शिवपाल की रैली को सेक्युलर मोर्चा के बैनर से जुड़े 40 से अधिक छोटे दलों का भी समर्थन है।
मुलायम के पहुंचते ही कार्यकर्ताओं में जोश:-अपर्णा ने जनाक्रोश रैली मंच से कहा कि भारत एक सेक्युलर देश है। हमें पानी, बिजली, सड़क सब चाहिए पर आज हमको ऐसा कुछ नहीं मिला। किसान, मजदूर, युवा, किसी की भी सुनवाई नहीं हो रही है। आज परिवर्तन का दिन है, 2019 में आप तय करिए कि आपको किसको चुनना है। मैं आभारी हूं कि चाचा ने मुझे बोलने का मौका दिया, मैं तन मन धन हर तरह से आपके साथ हूं। शिवपाल सिंह यादव हमेशा कहते रहे हैं कि बड़े भाई मुलायम सिंह यादव के आशीर्वाद से ही उन्होंने पार्टी बनाई है। आज मुलायम के रैली मंच पर पहुंचते ही कार्यकर्ताओं में जोश भर गया। समझा जाता है कि दूसरे दलों के कई प्रमुख नेता पार्टी की सदस्यता भी ग्रहण कर रहे है। जनाक्रोश रैली के जरिए जनसाधारण के आक्रोश को स्वर देने की बात कही गई है। गरीब, किसान, मजदूर के आक्रोश को स्वर देना इस आयोजन का इरादा है।
नए संदर्भों में सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष:-शिवपाल ने कह रखा है कि हम सामाजिक विकास में पिछड़ गए तमाम जातीय समूहों और वर्गो को अपने साथ जोडऩा चाहते हैं। पार्टी सामाजिक न्याय की लड़ाई को नए संदर्र्भों से जोड़ते हुए लड़ेगी। जनाक्रोश रैली के लिए रमाबाई अंबेडकर मैदान और आसपास का इलाका पार्टी के झंडों, बैनरों, होर्डिंग्स व पोस्टरों से सजाया गया था। यूपी के जेहन में सवाल, उम्मीद शिवपाल, फिर संघर्ष की मशाल, आपके लिए निकल पड़े शिवपाल, हजार सवाल और एक जवाब शिवपाल जैसे नारे लिखे होर्डिंग्स से राजधानी पटी नजर आती रही।
रैली में प्रदेश भर के शिवपाल समर्थक:-शिवपाल सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी में उपेक्षा से क्षुब्ध होकर पहले समाजवादी सेकुलर मोर्चा और फिर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) बनाई और 75 जिलों में संगठनात्मक ढांचा खड़ा किया। इसके बाद आनुषांगिक संगठनों को सक्रिय किया। रैली के लिए शिवपाल के समर्थक प्रदेश के कोने-कोने से यहां पहुंचे हैं। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सीपी राय ने अभूतपूर्व रैली का दावा किया है।

 

नई दिल्ली।फरार कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण की मांग वाले मामले की कार्यवाही के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआई की संयुक्त टीम लंदन रवाना हो गई है। इस टीम की अगुवाई सीबीआई के ज्वाइंट डायरेक्टर ए साई मनोहर कर रहे हैं।समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक इस मामले पर यूके की अदालत सोमवार को फैसला सुना सकती है। इससे पहले राकेश अस्थाना के पास इस केस की जिम्मेदारी थी।ब्रिटेन की कोर्ट में माल्‍या के प्रत्‍यर्पण के लिए भारत के विशेष अनुरोध पर सुनवाई होनी है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने कारोबारी विजय माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने के लिए मुंबई की एक अदालत में चल रही कार्यवाही को चुनौती देने वाली उसकी याचिका पर 7 दिसंबर को को प्रवर्तन निदेशालय को नोटिस जारी किया था।
सुप्रीमकोर्ट ने कार्यवाही पर रोक लगाने से किया इनकार:-चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की पीठ ने विजय माल्या की याचिका पर नोटिस जारी किया लेकिन उसने मुंबई की धन शोधन मामले की रोकथाम संबंधी विशेष अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगाने से इंकार कर दिया।
माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने की मांग:-प्रवर्तन निदेशालय ने विशेष अदालत से लंदन में रह रहे कारोबारी माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के तहत भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने का अनुरोध किया है। इस कानून के तहत यदि किसी व्यक्ति को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया गया तो उस पर मुकदमा चलाने वाली एजेंसी को उसकी संपत्ति जब्त करने का अधिकार होता है।
जनता के पैसों का भुगतान करने को तैयार हूंः माल्या:-वहीं भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या ने बुधवार को कहा कि उनके ब्रिटेन से भारत में प्रत्यर्पण के मामले में कानून अपना काम करेगा लेकिन मैं "जनता के पैसों" का 100 प्रतिशत भुगतान करने के लिये तैयार हूं।माल्या प्रत्यर्पण को लेकर ब्रिटेन में कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने दावा कि नेताओं और मीडिया ने उन्हें गलत तरीके से "डिफॉल्टर" के रूप में पेश किया। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा कि मैंने देखा है कि मेरे प्रत्यर्पण के फैसले को लेकर मीडिया में कई चर्चाएं चल रही हैं। यह अलग मामला है और इसमें कानून अपना काम करेगा।
नौ हजार करोड़ से अधिक का कर्ज;-माल्या ने कहा कि जनता के पैसे सबसे जरूरी चीज है और मैं 100 प्रतिशत पैसे वापस करने की पेशकश कर रहा हूं। मैं बैंकों और सरकार से अनुरोध करता हूं कि वो इस पेशकश को स्वीकार करें। माल्या पर कई बैंकों का 9000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है। यह कर्ज उसकी कंपनी फिंगफिशर एयरलाइंस को दिया गया था। माल्या मार्च 2016 में देश छोड़कर ब्रिटेन चले गये थे।

नई दिल्ली। देशभर में अगले साल 1 अप्रैल से सभी वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अनिवार्य कर दिया गया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम 1989 में आवश्यक संशोधन के बाद इले लागू करने के निर्देश दिए हैं। यानि 1 अप्रैल 2019 के बाद बाजार में आने वाले सभी नए वाहन हाई सिक्योरिटि रजिस्ट्रेशन प्लेट (SSRP) के साथ आएंगे। अब इसके लिए गाड़ी खरीदने वालों को परिवहन विभाग की लाइन में नहीं लगना पड़ेगा।
नहीं होगा हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगवाने का खर्च:-ग्राहकों को अब हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगवाने के लिए उसी समय भुगतान करना होगा जब वह गाड़ी खरीदेंगे। इसलिए वाहन खरीदते समय इसका शुल्क उसी में जुड़ जाएगा, जिसमें 5 साल की गारंटी भी दी जाएगी। लेकिन इसमें ध्यान देने वाली बात यह है कि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट में लगा रजिस्ट्रेशन मार्क खराब न हो अन्यथा आपको इसके लिए दोबारा भुगतान करना :पड़ सकता है।
वाहनों की चोरी पर लगेगा लगाम;-परिवहन विभाग द्वारा जारी बयान में यह निर्देश दिया गया है कि हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट टैम्पर प्रूफ होना चाहिए, जिसमें सुरक्षा के लिए अशोक चक्र की इमेज के साथ एक होलोग्राम भी दिया जाएगा। बता दें इस नंबर प्लेट में नीचे की तरफ लेजर मार्क से 7 अंकों की संख्या दी गई है, जिसे निकालने की कोशिश की तो यह टूट जाएंगी। सरकार का मानना है कि इस फैसले से हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगे वाहनों की संख्या बढ़ेगी और इस तरह से नंबर प्लटे की गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जाएगी। इतना ही नहीं नंबर प्लेट लगे वाहनों को ट्रैक करना आसान होगा और चोरी होने की स्थिति में उस वाहन ढूंढना भी आसान होगा।

 

मुंबई। टीवी शो बिग बॉस के जरिये अपना नाम बनाने के लिए अक्सर लोग हदें पार कर जाते हैं लेकिन इस बार की कंटस्टेंट रही जसलीन मथारू और भजन सम्राट अनूप जलोटा ने तो बिग बॉस 12 में एंट्री लेते समय ही एक झूठ बोल दिया था।बिग बॉस से बाहर होते ही जसलीन ने ख़ुद ही अपने झूठ से पर्दा हटाया है। बिग बॉस 12 के ग्रैंड फिनाले में अब कुछ ही हफ़्ते बचे हैं। इस बार जसलीन को घर से बाहर का रास्ता दिखाया गया। एक बातचीत में जसलीन ने कहा कि उनके पैदा होने से पहले ही उनके पिता अनूप जलोटा को जानते थे और बचपन से ही जसलीन ने अनूप से संगीत सीखना शुरू किया था। जब बिग बॉस 12 का ऑफर आया तो वो अनूप जलोटा के साथ गुरु-शिष्य के रूप में ही शामिल होने गईं थीं लेकिन घर में प्रवेश से पहले उन्होंने स्टेज पर एक प्रैंक खेला और बताया कि वो अनूप के साथ रिलेशनशिप में हैं।जसलीन कहती हैं कि उन्हें लगा कि अनूप जलोटा इस पर रिएक्ट करेंगे लेकिन जब उन्होंने इस बात से इंकार नहीं किया तो जसलीन ने इस बात को आधार बना लिया और घर में भी ऐसा ही दिखाया कि दोनों रिलेशन में हैं। जसलीन ने स्वीकार किया कि वो प्रैंक उन्हें भारी पड़ गया। उन्हें ये नहीं पता था कि दर्शक इसे इस तरह से लेंगे। उनके प्रैंक के बारे में चैनल एक को नहीं पता था।जसलीन ने कहा कि वो अपने से दोगुनी उम्र के आदमी से शादी नहीं करेंगी और अभी उनका शादी का कोई प्लान नहीं है। सिंगर सुखविंदर सिंह के साथ रिलेशनशिप को लेकर जसलीन ने कहा कि वो पहले से ही दोस्त रहे हैं। उनकी दोस्ती छह साल की है और आगे भी जारी रहेगी। अनूप जी ने उनके बीच किसी अफेयर की बात को गलत समझ लिया था। जसलीन ने उनके और हनी सिंह के बीच किसी अफेयर की बात को भी गलत बताया।याद हो कि बिग बॉस के घर में जब अनूप और जसलीन साथ थे तो उन्होंने काफी क्लोज़नेस दिखाई थी, जिसे लेकर ख़ूब सुर्खियां बनीं। ये सब वो असल में दुनिया को दिखाने के लिए कर रहे थे।

नई दिल्ली। ज्यादा तीखा या मसालेदार खाना खाने से आपको सीने और पेट में जलन के साथ ही कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। यदि आप हरी मिर्च का सेवन करते हैं, तो तीखे स्वाद का लुत्फ उठा सकते हैं। हरी मिर्च में कई पोषक तत्व जैसे- विटामिन ए, बी6, सी, आयरन, कॉपर, पोटेशियम, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट मौजूद होते हैं। यही नहीं इसमें बीटा कैरोटीन और क्रीप्टोक्सान्थिन आदि स्वास्थ्यवर्धक चीजें भी मौजूद हैं। जानते हैं हरी मिर्च खाने से आपको क्या-क्या फायदे मिल सकते हैं...
हरी मिर्च के फायदे;-तीखी हरी मिर्च का सेवन सेहत और सौंदर्य दोनों के लिए फायदेमंद होता है। ये त्वचा से लेकर शरीर के रोग प्रतिरोधक तंत्र को मजबूत करती हैं। रोजाना हरी मिर्च का सेवन करने से सेहत दुरुस्त रहती है। हरी मिर्च में कैप्सियासिन नामक यौगिक मौजूद होता है, जो इसे मसालेदार बनाता है। मिर्च खाने से खून साफ होता है और नसों में खून का फ्लो तेजी से होता है, जिससे चेहरे पर पिंपल्स की समस्या नहीं होती। मिर्च में पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी और विटामिन ई पाया जाता है।
एंटी एंटीऑक्सीडेंट से है भरपूर:-लाल मिर्च केवल हमारी जीभ को ही संतुष्ट नहीं करती है बल्कि हमें कई तरह के स्वास्थ्य लाभ भी देती है। आप अपने आहार में चाहे हरी मिर्च का सेवन करें या लाल मिर्च का सेवन करें, दोनों में ही भरपूर मात्रा में एंटी एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो भरपूर खाद्य पदार्थ ऑक्‍सीकरण की प्रक्रिया को समाप्‍त करने में मदद करते हैं जिससे कोशिकाएं स्वस्थ होती हैं।
ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है:-जिस व्यक्ति का ब्लड सर्कुलेशन जितना अच्छा होगा उसका इम्यूनिटी लेवल उतना ही मजबूत होता है। हमारे पूरे शरीर में न्यूट्रिएंट्स, इलेक्ट्रोलाइट्स, हार्मोन्स, हीट और ऑक्सीजन पहुंचाने का काम रक्त ही करता है। चाहे लाल हो या हरी मिर्च उसमें इतनी क्षमता होती है कि उसके सेवन से हमारा ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और हम स्वस्थ रहते हैं।
इम्युनिटी मजबूत होती है:-मिर्च में मौजूद विटामिन सी, फ्लेवेनॉइड्स, पोटेशि‍यम और मैंगनीज लाभदायक है। जिस व्यक्ति का इम्यून सिस्टम जितना मजबूत होगा वह उतना ही स्वस्थ रहता है। इम्यूनिटी सिस्टम यानि रोग-प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करने का काम भी ब्लड ही करता है। एक सीमित मात्रा में लाल या हरी मिर्च का सेवन करने से इम्यून सिस्टम काफी मजबूत होता है।
कैंसर का खतरा कम करती है:-हरी मिर्च खाने से फेफड़ों के कैंसर का खतरा कम हो जाता है। मर्दों को हरी मिर्च खानी चाहिए क्योंकि उन्हें प्रोस्टेट कैंसर का खतरा रहता है। वैज्ञनिक शोधों ने यह साबित किया है कि हरी मिर्च खाने से प्रोस्टेट की समस्या पूरी तरह खत्म हो जाती है।
त्वचा:-हरी मिर्च या फिर शिमला मिर्च में आकपो काफी ज्‍यादा विटामिन सी और एंटीऑक्‍सीडेंट मिल जाएगा। एंटीऑक्‍सीडेंट हमारी त्‍वचा और सेहत के लिये बहुत अच्‍छा माना जाता है। मिर्च खाने से चेहरे पर जल्‍दी झुर्रियां नहीं पड़ेंगी।हरी मिर्च में बहुत सारा विटामिन ई होता है जो कि त्‍वचा के लिये फायदेमंद प्राकृतिक तेल का प्रोडक्‍शन करता है। तो अगर आप तीखा खाना खाती हैं तो आपकी त्‍वचा अपने आप ही अच्‍छी हो जाएगी।
बैक्‍टीरियल इंफेक्‍शन से बचाव:-हरी मिर्च में एंटी बैक्‍टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो कि संक्रमण को दूर रखते हैं। हरी मिर्च को खाने से आपको स्‍किन रोग नहीं होगा।महिलाओं में अक्‍सर आयरन की कमी हो जाती है लेकिन अगर आप हरी मिर्च खाने के साथ रोज खाएंगी तो आपकी यह कमी भी पूरी हो जाएगी।
आंखों की रोशनी;-हरी मिर्च में कई तरह के पोषक तत्व तो मौजूद होते ही हैं। साथ ही हरी मिर्च खाने से आंखों की रोशनी भी तेज होती है। हमेशा कोशिश करें कि खाने में लाल मिर्च को शामिल करने के बजाए हरी मिर्च का इस्तेमाल करें।
दर्द कम करे, दमे, साइनस में मददगार:-हरी ताजी मिर्च का एक चम्मच रस शहद में मिलाकर खाली पेट खाने से दमे के रोगी को राहत मिलती है। इस का प्रयोग दस दिनों तक करने से लाभ होगा। वहीं, हरी मिर्च खाने से गर्मी निकलती है, दो प्रभावी दर्दनिवारक का काम करती है। इसमें कैप्सेइसिन मौजूद होता है, जो नाक में रक्त प्रवाह को आसान बनाता है। इससे सर्दी और सायनस की समस्या में राहत मिलती है।
वजन घटाता है:-हरी मिर्च में कैलोरीज कम होती है। यह शरीर में अतिरिक्त फैट को बर्न करने में सहायता करती है और वजन पर नियंत्रण रखने में भी सहायक होती है। मोटापे से पीड़ित लोगों में कोलैस्ट्रॉल के स्तरों को कम करने में हरी मिर्चें काफी सहायक होती हैं। हरी मिर्च में मौजूद विटामिन के ओस्टियोपोरोसिस के खतरे को कम करता है।

नई दिल्ली: असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की अंतिम सूची से बाहर रहने वाले लोगों को मतदान के अधिकार से वंचित किया जा सकता है। एनआरसी मसौदे पर दावों और आपत्तियों को जमा कराने की आखिरी तारीख अगले हफ्ते खत्म हो रही है, उसके बाद एनआरसी की अंतिम सूची जारी की जाएगी। वहीं, सरकार ने यह भी कहा है कि लोग अधिकृत दस्तावेजों के साथ ही नागरिकता का दावे करें, ऐसा नहीं करने पर उनके दावों को नहीं माना जाएगा।अधिकारियों ने रविवार को बताया कि अब तक 40 लाख में से सिर्फ 10 लाख लोगों ने ही असम के नागरिक के रूप में नाम दर्ज करने के लिए प्रासंगिक दस्तावेज जमा कराए हैं। असम में एनआरसी की मसौदा सूची में 40 लाख लोगों के नाम नहीं थे। अधिकारियों के मुताबिक अगर कोई भारतीय नागरिकता के संबंध में दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाता है तो उसे मताधिकार से वंचित किया जा सकता है। हालांकि, ऐसे लोगों के बारे में आखिरी फैसला सुप्रीम कोर्ट ही करेगा, जो असम में एनआरसी के इस अभियान की निगरानी कर रहा है।सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद ही एनआरसी की मसौदा सूची पर दावे और आपत्तियां दायर करने की प्रक्रिया 25 सितंबर से शुरू हुई थी, जो 15 दिसंबर तक चलेगी। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि एनआरसी की सूची से जिन लोगों के नाम बाहर रह गए थे, उन्हें खुद को भारतीय नागरिक साबित करने के लिए पर्याप्त मौके दिए गए। अगर कोई भारतीय नागरिक होने का दावा नहीं करता है तो इसका मतलब है कि उसके पास इस संबंध में आवश्यक दस्तावेज नहीं हैं।हालांकि, एनआरसी की अंतिम सूची में जिन लोगों के नाम नहीं होंगे, उन्हें नागरिकता न्यायाधिकरण और उसके बाद सक्षम कोर्ट में एनआरसी प्राधिकरण के फैसले के खिलाफ चुनौती देने का अधिकार होगा।आपको बता दें कि एनआरसी के मसौदा को 30 जुलाई को प्रकाशित किया गया था। इसमें 3.29 करोड़ आवेदकों में से 2.9 करोड़ लोगों के ही नाम शामिल थे। 40 लाख लोगों के नाम बाहर कर दिए गए थे। तभी से इसको लेकर विवाद शुरू हो गया था।
सही दस्तावेज देने पर ही विचार:-इस बीच, गुवाहाटी में जारी एक सरकारी बयान में कहा गया है कि एनआरसी की अंतिम सूची में नाम दर्ज कराने के लिए जिन जरूरी दस्तावेजों का उल्लेख सूची ए और बी में किया गया है, उससे अलग दस्तावेज जमा कराने वाले लोगों के दावे को स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह भी कहा गया है कि जो लोग पहले दस्तावेज जमा करा चुके हैं, उन्हें दोबारा दस्तावेज जमा कराने की जरूरत नहीं है

श्रीनगर। श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र मुजगुंड में शनिवार को शुरू हुई मुठभेड़ रविवार को भी जारी है। मुजगुंड मुठभेड़ में सेना ने तीन आतंकियों को मार गिराया है, जबकि पांच जवान घायल बताए जा रहे हैं। मुठभेड़ के दौरान लगी आग में आतंकी ठिकाना बने मकान सहित चार घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वहीं, सुरक्षा के लिहाज से इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया है।
संदिग्ध मकानों की तलाशी:-अधिकारियों ने बताया कि शनिवार शाम करीब साढ़े चार बजे पुलिस को पता चला कि तीन से चार आतंकी लाल चौक से करीब 15 किलोमीटर दूर मुजगुंड मलूरा में एक जगह छिपे हुए हैं। सूचना पक्की थी। इसके तुरंत बाद सेना की पांच आरआर, राज्य पुलिस के विशेष अभियान दल और सीआरपीएफ के जवानों ने मिलकर वहां घेराबंदी करते हुए तलाशी अभियान चलाया। यह इलाका श्रीनगर-बारामुला राजमार्ग पर स्थित एचएमटी चौराहे से बांडीपोर की तरफ जाने वाली सड़क पर है। जवानों ने घेराबंदी करते हुए सभी संदिग्ध मकानों की तलाशी शुरू की।
ग्रेनेड फेंकने के बाद फायरिंग;-जैसे ही वह घट्ट मोहल्ले में शेख हमजा पब्लिक स्कूल के पास पहुंचे तो वहां स्थित एक मकान में छिपे आतंकियों ने उनपर पहले ग्रेनेड फेंकने के बाद फायरिंग शुरू कर दी। इसमें सीआरपीएफ और राज्य पुलिस के दो जवान जख्मी हो गए। दोनों घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने का बंदोबस्त करते हुए अन्य जवानों ने जवाबी फायर किया। करीब एक घंटे बाद सुरक्षाबलों को पहला आतंकी मार गिराने में सफलता मिली।दूसरा आतंकी अगले एक घंटे के दौरान मारा गया। इस दौरान सेना के दो और पुलिस का एक और जवान जख्मी हो गया। सभी घायलों को बादामी बाग स्थित सेना के 92 बेस अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
धमाके से घरों में आग लगी:-वहीं, इस दौरान जहां आतंकी छिपे हुए थे वहां एक जोरदार धमाका होने के साथ ही आग भी लग गई। इससे मकान के आसपास के तीन अन्य घर भी चपेट में आ गए। इस दौरान रात साढ़े नौ बजे तक गोलीबारी होती रही। एसएसपी श्रीनगर ने कहा कि अभी तलाशी अभियान जारी है। वहां एक-दो आतंकी और छिपे होने की आशंका है।मुठभेड़ में नष्ट हुए आतंकी ठिकाने में दो आतंकियों के शव एक जगह पड़े देखे गए हैं। जब तक हम उन शवों को अपने कब्जे में नहीं लेते, किसी आतंकी के मारे जाने की पुष्टि नहीं कर सकते। इस बीच सूत्रों ने बताया कि मारे गए आतंकियों में एक पाकिस्तानी आतंकी अली भाई है, जो पिछले एक साल से उत्तरी कश्मीर में सक्रिय था। दूसरा आतंकी बांडीपोर के हाजिन का रहने वाला मुदस्सर अहमद है।
मुठभेड़ के दौरान भड़की हिंसा, पांच घायल:-मुजगुंड में मुठभेड़ की खबर फैलते ही एचएमटी, पंरपोरा, मलूरा, लावेपोरा और अन्य इलाकों से बड़ी संख्या में युवक जिहादी नारेबाजी करते हुए मुठभेड़स्थल पर जमा होने लगे। युवक राष्ट्रविरोधी नारेबाजी करते हुए सड़कों पर उतर आए और हिंसा शुरू कर दी। ऐसे में सुरक्षाबलों ने भी पथराव कर रही भीड़ पर काबू पाने के लिए लाठियां, आंसूगैस और पैलटगन का सहारा लिया। इस दौरान पांच लोगों के के घायल होने की खबर है।

इंदौर।मध्य प्रदेश के इंदौर में भय्यू महाराज की कार का गलत ढंग से नाम ट्रांसफर होने का मामला सामने आया है। महाराज के ट्रस्ट के नाम रजिस्टर्ड इस कार को जिस ट्रांसफर फॉर्म (फॉर्म 29) के आधार पर ट्रांसफर किया गया था, वह दो साल पुराना था। उस समय तो कार का निर्माण ही नहीं हुआ था। मामले में गड़बड़ी करने वाले बाबू देवेंद्र बनवारिया के खिलाफ आरटीओ ने जांच करने के लिए कहा है।भय्यू महाराज ने फरवरी में एक कार खरीदी थी। सात फरवरी को यह कार सदगुर दत्त धार्मिक और पारमार्थिक ट्रस्ट के नाम पर रजिस्टर्ड हो गई थी। इस कार का नंबर एमपी 09 सीएक्स 7477 था, लेकिन महाराज की मौत के 13 दिन बाद 23 जून को यह कार पीएमएस रियल इस्टेट प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर ट्रांसफर हो गई। यह कंपनी भारतीय जनता युवा मोर्चा के महामंत्री मयूरेश पिंगले की है। जब ट्रस्ट के पदाधिकारियों को इस बात की जानकारी मिली तो उन्होंने इंदौर आरटीओ में आपत्ति लगाई थी।
ऐसे पकड़ी गई गड़बड़ी:-आरटीओ ने इस कार की मूल फाइल और नाम ट्रांसफर की फाइल बुलवाई। कार ट्रस्ट के नाम पर थी और रजिस्ट्रेशन के समय सचिव तुषार पाटिल के दस्तावेज लगे हुए थे। ट्रांसफर के समय भी यही दस्तावेज लगाए गए थे। प्रारंभिक परीक्षण में सचिव तुषार के हस्ताक्षर मिलान हुए। जो सही निकले, लेकिन जब ट्रांसफर के लिए जरूरी फॉर्म 29 का परीक्षण किया गया तो उस पर 22 जून 2016 की तिथि अंकित थी। पता चला कि पुराने दस्तावेज के आधार पर गाड़ी को मयूरेश की कंपनी के नाम ट्रांसफर कर दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक आरटीओ के रिकार्ड में बाबू देवेंद्र बनवारिया इस सीरीज का काम देखते हैं। इस साल फरवरी में खरीदी कार के लिए उन्होंने दो साल पुराने फॉर्म पर भी ध्यान नहीं दिया। उस समय तो यह महंगी कार बनी भी नहीं थी। मामले में आरटीओ जितेंद्र सिंह रघुवंशी ने कहा कि जांच में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रजिस्ट्रेशन कार्ड नहीं मिला तो लगा दिया झूठा शपथ पत्र:-यह भी पता चला है कि गाड़ी के नाम ट्रांसफर के लिए जरूरी पुराने रजिस्ट्रेशन कार्ड के नहीं मिलने पर फाइल में झूठा शपथ पत्र भी लगा दिया गया। जिस अधिकार पत्र के आधार पर गाड़ी ट्रांसफर हुई है, उस पर तुषार पाटिल के हस्ताक्षर ही नहीं हैं। तुषार पाटिल के नाम से लगे शपथ पत्र में कहा गया है कि कार का रजिस्ट्रेशन कार्ड कहीं खो गया है, इसलिए नया रजिस्ट्रेशन कार्ड जारी कर दिया जाए। इस आवेदन पर एआरटीओ निशा चौहान ने नया रजिस्ट्रेशन कार्ड जारी करते हुए वाहन का नाम ट्रांसफर करने के आदेश भी दिए हैं।उधर, इस मामले में काम करने के लिए अधिकृत किए गए एजेंट संजय सैनी ने जो घोषणा पत्र फाइल में लगाया है, उसमें कही भी तुषार पाटिल के हस्ताक्षर नहीं हैं। फॉर्म 20 भी पुराना है। पाटिल ने बताया कि मैं ट्रस्ट का सचिव हूं, हमारे वाहन महाराष्ट्र में भी हैं। कई बार मेरे दस्तावेज देने पड़ते हैं, लेकिन इस कार के लिए मैंने कोई दस्तावेज नहीं दिया।
सेवादार विनायक ने अपने बच्चों को स्कूल से निकाला:-भय्यू महाराज का सहायक विनायक पिछले दो माह से गायब है। उसके लवकुश स्थित आवास पर ताला लगा हुआ है। उसने अपने सात और 12 साल के दोनों बच्चों को भी इंदौर के सुखलिया क्षेत्र स्थित स्कूल से निकाल लिया है। विनायक के इस तरह गायब होने से कई सवाल उठ रहे हैं।

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