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एडिलेड। भारत ने एडिलेड टेस्ट मैच जीतकर इतिहास रच दिया। विराट कोहली की अगुवाई में टीम इंडिया ने वो उपलब्धि हासिल की जो इससे पहले कोई भी भारतीय कप्तान हासिल नहीं कर सका था। भारत ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज़ के पहले मैच में कंगारुओं को मात दी। इस जीत के एक दिन बाद कोहली और अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा की शादी की पहली सालगिरह पर भारतीय कप्तान और उनकी पत्नी ने एक ऐसा काम किया जिसे जानकर पूरी दुनिया उन्हें सलाम कर रही है।
कोहली- अनुष्का ने सालगिरह पर ऐसा जीता सभी का दिल:-कोहली और अनुष्का की सालगिरह के मौके पर टीम इंडिया दूसरे टेस्ट मैच के लिए एडिलेड से पर्थ के लिए रवाना हुई। पर्थ जाने वाली फ्लाइट में विरुष्का ने अपनी बिजनेस क्लास सीट भारतीय तेज़ गेंदबाज़ों के लिए छोड़ दी। कोहली और अनुष्का ने ऐसा इसलिए किया ताकी भारतीय पेसर आरामदायक यात्रा कर सके और दूसरे टेस्ट मैच के लिए वो थकान को पीछे छोड़ सके। आपको बता दें कि पहले और दूसरे टेस्ट मैच के लिए सिर्फ तीन दिन का समय है। ऐसे में दोनों ही टीमों के गेंदबाज़ों को आराम करने का ज़्यादा समय नहीं मिलेगा, लेकिन कोहली चाहते हैं कि उनके गेंदबाज़ इस पूरे दौरे पर फिट रहे और पूरे दमखम के साथ कंगारुओं की नाक में दम करें। यही वजह है कि कोहली और अनुष्का ने अपनी आरामदायक सीट को छोड़ दिया।बिजेनस क्लास सीट इकॉनमी क्लास के मुकाबले ज़्यादा आरामदायक होती है और उसमें पैर रखने के लिए ज़्यादा जगह भी होती है, लेकिन कोहली और अनुष्का ने न तो अपना आराम देखा और न ही ये देखा कि आज उनकी शादी की पहली सालगिरह है। इस जोड़े ने टीम इंडिया के तेज़ गेंदबाज़ों की आरामदायक यात्रा के लिए अपनी सीट छोड़ दी। विराट कोहली और अनुष्का के भारतीय तेज़ गेंदबाज़ों के लिए किए गए इस काम के बाद सोशल मीडिया पर इस जोड़े की जमकर तारीफ हो रही है।भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट सीरीज़ का दूसरा मुकाबला शुक्रवार यानि की 14 दिसंबर से पर्थ के मैदान पर खेला जाएगा।

नई दिल्ली। पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे सामने आ चुके हैं। कांग्रेस ने तीन राज्यों से भाजपा को साफ कर दिया है और सरकार बनाने जा रही है। इसके साथ ही तीनों राज्यों में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के बीच मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचने की रेस शुरू हो चुकी है। मंगलवार को चुनाव रुझान कांग्रेस के पक्ष में आने के बाद से ही पार्टी के दिग्गज नेताओं में मुख्यमंत्री बनने के लिए खींचतान शुरू हो चुकी है। समर्थकों ने अपने नेताओं के पक्ष में नारेबाजी शुरू कर दी है। कुछ देर पहले ही राजस्थान में मुख्यमंत्री पद के दावेदार अशोक गहलोत और सचिन पायलट के समर्थक आपस में भिड़ गए हैं।ऐसे में कांग्रेस आलाकमान के सामने भी तीनों राज्यों में मुख्यमंत्री घोषित करने की चुनौती बढ़ गई है। दिग्गज नेताओं को मनाने और सभी के समर्थन से मुख्यमंत्री चुनने के लिए कांग्रेस ने पार्टी के रणनीतिकारों को संबंधित राज्यों में भेजना भी शुरू कर दिया है। पार्टी मुख्यमंत्री के चुनाव में काफी सावधानी बरतना चाहती है। कवायद ऐसा मुख्यमंत्री पेश करने की है जो जनता से जुड़ा हुआ दिखे, साथ ही राज्य में सभी पार्टियों को साथ लेकर चल सके। ताकि पार्टी के लिए लोकसभा चुनाव 2019 का रास्ता साफ रहे।
छत्तीसगढ़ की चुनौती;-छत्तीसगढ़ में सीएम पद की चुनौती से निपटने के लिए कांग्रेस आलाकमान मल्लिकार्जुन खड़गे को भेज रही है। पार्टी ने नतीजे आने के बाद देर रात उन्हें ऑब्जर्वर नियुक्त किया है। उन्हें जिम्मेदारी दी गई है कि वह नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक कर विधायक दल के नेता पर राय बनाएं और आलाकमान को रिपोर्ट दें। साथ ही नाराज नेताओं को मनाने का प्रयास करें।
भूपेश बघेलः प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हैं। 23 अगस्त 1961 को जन्मे बघेल कुर्मी जाति से आते हैं। छत्तीसगढ़ की राजनीति में उनका महत्वपूर्ण स्थान है। वह छत्तीसगढ़ में कुर्मी समाज के सन् 1996 से वर्तमान तक संरक्षक बने हुए हैं। 1999 में मध्य प्रदेश सरकार में परिवहन मंत्री रहे हैं। अक्टूबर 2017 में कथित सेक्स सीडी कांड में भूपेश के खिलाफ रायपुर में एफआईआर हुई और उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल जाना पड़ा। अक्टूबर में ही भूपेश बघेल नए विवाद में पड़ गए थे। एक सभा के दौरान बीजेपी पर निशाना साधते वक्त उनके मुंह से लड़कियों के लिए आपत्तिजनक शब्द निकल गए थे। इससे सभा में उपस्थित महिलाएं बीच कार्यक्रम में ही उठकर चली गईं थीं।
टीएस सिंहदेवः नेता प्रतिपक्ष हैं। वह चुनाव जीतने वाले छत्तीसगढ़ के पहले नेता प्रतिपक्ष बने हैं। अपनी परंपरागत अंबिकापुर सीट से लगातार तीसरी बार जीत दर्च की है। वह शुरू से सीएम पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। उनका रुतबा पूरे छत्तीसगढ़ में है। राज घराने से ताल्लुक रखने के बावजूद लोग उन्हें राजा जी या राजा साहब की जगह प्यार से टीएस बाबा कहकर पुकारते हैं। वह राज्य के सबसे अमीर विधायक भी हैं। 2013 के आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और मिजोरम के सभी विधायकों की संपत्ति मिला दी जाए तो वह टीएस बाबा की संपत्ति के बराबर होगी।
ताम्रध्वज साहूः पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। राहुल के कहने पर वह बतौर सांसद रहते हुए विधानसभा चुनाव लड़े। इसलिए माना जाता है पार्टी ने उन्हें कुछ सोचकर विधानसभा चुनाव में उतारा है। लिहाजा उन्हें सीएम रेस में माना जा रहा है। साहू, ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) विभाग के अध्यक्ष हैं। वह 1998-2000 तक राज्य विधान सभा मध्य प्रदेश के सदस्य रहे। 2000 से 2003 तक छत्तीसगढ़ सरकार में राज्यमंत्री रहे। 2000 से 2013 तक तीन कार्यकाल के लिए छत्तीससगढ़ विधान सभा सदस्य रहे। 2014 में लोकसभा चुनाव जीता।
राजस्थान का रण:-राजस्थान में वसुंधरा सरकार को सत्ता से बेदखल कर कांग्रेस सहयोगियों की मदद से सरकार बनाने जा रही है। यहां पार्टी के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत और युवा नेता सचिन पायलट मुख्यमंत्री रेस में हैं। दोनों नेताओं के बीच मुख्यमंत्री पद के लिए खींचतान भी शुरू हो चुकी है। कांग्रेस आलाकमान यहां अपने सबसे बड़े रणनीतिकार अहमद पटेल को विधायकों संग बैठक कर एक राय बनाने और सभी को संतुष्ट करने के लिए भेज रही है।
अशोक गहलोतः राजस्थान के दो बार मुख्यमंत्री रहे। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हैं। कांग्रेस के लिए अन्य राज्यों में भी अहम भूमिका है। लिहाजा लोकसभा चुनाव 2019 में उनकी अहम भूमिका हो सकती है। राज्य में कांग्रेस सरकार बनती देख पार्टी के आधा दर्जन बागियों ने वापसी के संकेत दिए हैं। इनमें से पांच निर्दलीय विधायक गहलोत खेमे से जुड़ चुके हैं। गहलोत खेमे से आलाकमान को ये संदेश पहुंचाया जा रहा है कि वह लोकसभा में राज्य की 25 सीटों पर कब्जा करना है तो उन्हें सीएम बनाना उचित रहेगा। माना जाता है कि वह पार्टी के बाहर भी समर्थन प्राप्त कर सकते हैं।
सचिन पायलटः पार्टी का युवा चेहरा हैं। राजस्थान कांग्रेस समेत पीसीसी अध्यक्ष होने के साथ राहुल की युवा ब्रिगेड का बड़ा चेहरा हैं। चुनाव जीतने वाले तीन दर्जन से ज्यादा युवा विधायकों ने सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाने की बात पार्टी आलाकमान के सामने रखी है। उन्हें युवाओं के नेता के तौर पर पेश किया जा रहा। चुनाव पूर्व पार्टी छोड़ने वाले दो निर्दलीय विधायकों ने भी सचिन के मुख्यमंत्री बनने पर समर्थन देने की पेशकश की है। दोनों का टिकट गहलोत की वजह से कटा था। सीएम पद के लिए राहुल गांधी की पहली पसंद माने जा रहे हैं।
मध्य प्रदेश में सीएम पर मंथन;-मध्य प्रदेश में कांग्रेस 15 साल बाद भाजपा को सत्ता से बेदखल कर सरकार बनाने जा रही है। मध्य प्रदेश की जंग सबसे दिलचस्प रही। यहां अंतिम दौर तक भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली थी। यहां पर कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया मुख्यमंत्री रेस में सबसे आगे हैं। यहां भी दोनों नेताओं ने समर्थकों के जरिए दावेदारी पेश करनी शुरू कर दी है। कांग्रेस आलाकमान ने यहां पर अपने वरिष्ठ नेता एके एंटनी को विधायकों संग बैठक कर एक राय बनाने के लिए भेजा है।
कमलनाथः प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हैं। अनुभवी नेता होने की वजह से वह सीएम के प्रबल दावेदार हैं। वह 1980 से मध्य प्रदेश की छिंदवाड़ा सीट से नौवीं बार लोकसभा सदस्य हैं। पार्टी उनके तजुर्बे का लाभ लोकसभा चुनाव 2019 में भी लेना चाहेगी। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत में उनकी अहम भूमिका मानी जा रही है। हवाला कांड में नाम आने की वजह से वह 1996 में आम चुनाव नहीं लड़ सके थे। एक साल बाद वह इससे बरी हुए। 1984 के सिख दंगों में भी उनका नाम आया था, लेकिन कोई अपराध सिद्ध नहीं हो सका।
ज्योतिरादित्य सिंधियाः प्रदेश चुनाव समिति के अध्यक्ष रहे। युवा नेता हैं और राहुल की युवा ब्रिगेड़ के बड़े चेहरे हैं। वह राहुल गांधी के करीबी मित्र व विश्वास पात्र माने जाते हैं। वह सिंधिया राजघराने से आते हैं और ग्वालियर समेत राज्य के कई हिस्सों में उनकी मजबूत राजनीतिक पकड़ रही है। केंद्र में मंत्री भी रहे।

भोपाल। मध्यप्रदेश में सरकार बनाने को लेकर तस्वीर पूरी तरह से साफ हो गई है। भाजपा द्वारा सरकार ना बनाने की बात कहने के बाद अब कांग्रेस मध्यप्रदेश में सरकार बनाने जा रही है,इसी सिलसिले में कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मिलने राजभवन पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को 122 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपते हुए सरकार बनाने का दावा पेश किया। लेकिन राज्यपाल आनंदी बेन ने प्रतिनिधिमंडल को कहा कि पहले अपना नेता चुनकर आएं।राज्यपाल ने अब तक कांग्रेस को औपचारिक तौर पर पार्टी बनाने के लिए न्यौता नहीं दिया है, इसे लेकर वे विधि विशेषज्ञों से सलाह ले रही हैं। हालांकि उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को शपथ लेने के लिए समय बनाने का जरुर कहा है।राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मिलने प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ, ज्योतिरादित्य सिंधिया और विवेक तन्खा सहित पार्टी के अन्य नेता भी पहुंचे थे। इसी बीच बड़ी संख्या में कांग्रेस के कार्यकर्ता पार्टी का झंडा लेकर राजभवन के बाहर जमा हो गए थे।राज्यपाल से मुलाकात करने के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से शिष्टाचार मुलाकात करने के लिए सीएम हाऊस पहुंचे।बुधवार शाम चार बजे कांग्रेस विधायक दल की बैठक होने जा रही है, इस बैठक में विधायक दल का नेता चुना जाएंगा। बैठक में कांग्रेस को समर्थन करने वाले निर्दलीय प्रत्याशी भी शामिल होंगे। बैठक पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा ली जाएगी, माना जा रहा है कि बैठक में कमलनाथ को विधायक दल का नेता चुना जाएगा। प्रदेश की जनता ने इस बार किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं सौपा है। भाजपा को 108 सीटें मिली हैं और कांग्रेस को 114 सीटें मिली हैं, कुछ वक्त पहले तक भाजपा भी प्रदेश में सरकार बनाने का दावा कर रही थी। हालांकि हाल ही में सीएम शिवराज द्वारा प्रेस कांफ्रेस लेकर सरकार बनाने का दावा ना करने की बात कहते हुए स्थिति साफ कर दी है।

पटना। मुजफ्फरपुर बालिका गृहकांड मामले में सीबीआइ ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि केस की चार्जशीट तैयार है और उसे जल्द ही फाइल करेंगे। सीबीआइ ने कहा कि इस मामले में 21 पीड़िताओं की 21 चार्जशीट फाइल करने की प्रक्रिया में है। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआइ से पूछा कि क्या इस मामले की जांच आयकर विभाग कर रहा है, इसपर सीबीआइ ने कोर्ट को कहा कि हां, इस मामले की जांच आयकर कर रहा है।इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को चार्जशीट दायर करने के लिए सात दिसंबर तक की मोहलत दी थी। लेकिन, इस संबंध में किसी तरह की आधिकारिक जानकारी नहीं मिल सकी थी। कहा जा रहा था कि सीबीआई अधिकारी चार्जशीट तैयार कर चुके हैं और जल्द इसे दाखिल करेंगे।बता दें कि मुजफ्फरपुर शेल्टर होम में 30 से अधिक नाबालिग लड़कियों के साथ कथित रूप से बलात्कार और यौन उत्पीड़न किया गया था। यह मामला सबसे पहले तब सामने आया था जब टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेस (टीआईएसएस) ने बिहार के सामाजिक कल्याण विभाग को एक आडिट रिपोर्ट सौंपी।इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद हड़कंप मच गया था। शेल्टर होम में नाबालिग लड़कियों के साथ हुई इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस मामले में कई रसूखदारों का नाम सामने आया तो बिहार सरकार पर भी सवाल उठे। मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही है।

नोएडा। कांग्रेस के नेतृत्व में राजस्थान में बनने जा रही सरकार का अगला मुखिया (CM) ग्रेटर नोएडा का बेटा बन सकता है, क्योंकि सचिन पायलट राजस्थान के मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार हैं। उनकी जीत से गौतमबुद्ध नगर के साथ पैतृक गांव वैदपुरा के ग्रामीणों में जबरदस्त खुशी है। ग्रामीणों ने ढोल नंगाड़ों के बीच मिठाई बांटकर उनकी जीत का जश्न मनाया। सचिन ने टोंक विधानसभा से जीत दर्ज की है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद भी सचिन अपने गांव में जरूर आएंगे।बता दें कि सचिन पायलट मूलरूप से गौतमबुद्ध नगर के वैदपुरा गांव के हैं। वर्षों से राजस्थान की राजनीति में सक्रिय होने के बावजूद सचिन पायलट का अपने पैतृक गांव से आज भी गहरा जुड़ाव है। अपने पिता राजेश पायलट की गांव में हर साल होने वाली श्रद्धांजलि सभा में वह जरूर शिरकत करते हैं।इसके साथ ही अपने बच्चों के साथ वह गांव में गोवर्धन पर्व भी मनाना नहीं भूलते। इसलिए सचिन व गांव के लोग आज भी एक दूसरे के काफी करीब हैं। गांव के लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वह गांव में जरूर आएंगे।यहां पर बता दें कि राजनीति की प‍िच पर सिक्‍सर मारने वाले सचिन पायलट ने प्रेम की प‍िच पर भी खूब बल्‍लेबाजी की है। सचिन ने कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्लाह की बेटी सारा अब्‍दुल्‍लाह से शादी की। सारा द‍िखने में काफी ग्‍लैमरस हैं और अभिनेत्र‍ियों को टक्‍कर देती हैं। यही वचह रही कि सचिन उनके प्‍यार में क्‍लीन बोल्‍ड हो गए।
हापुड़ में बुआ के घर मना जश्न:-राजस्थान में कांग्रेस को मिली जीत के बाद जिले के गांव निजामपुर में पूर्व केंद्रीय मंत्री सचिन पायलट की बुआ के घर पर खूब जश्न मना। बधाई देने वालों का सचिन पायलट की बुआ के घर तांता लगा हुआ था। ग्रामीणों ने उन्हें मिठाई खिलाकर बधाई दी। पायलट की बुआ ने उन्हें फोन पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना ईश्वर से की।बता दें कि गांव निजामपुर वर्ष 2012 में उस समय चर्चा का विषय बना, जब सचिन के फूफा गांव निवासी स्वर्गीय अशोक कसाना की बदमाशों ने रात के समय घेर में सोते हुए गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके कुछ ही घंटों बाद बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री सचिन पायलट ने परिवार का साथ देते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री और डीजीपी को फोन कर मामले में तत्काल कार्रवाई को कहा था।पूर्व केंद्रीय मंत्री के फोन के बाद जिले की पुलिस ने तेजी दिखाते हुए अगले ही दिन बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद सचिन पायलट अपनी बुआ विद्या देवी को सांत्वना देने भी आए थे। इस दौरान लोगों ने परिवार के प्रति सचिन पायलट के बेहतर कार्य की प्रशंसा भी की थी। तभी से ही गांव निजामपुर लोगों में चर्चा का विषय बन गया।बता दें कि विद्या देवी एक घरेलू महिला हैं। इनके दो बेटे मोहित और बोबी हैं। मोहित राजस्थान चुनाव प्रचार में सचिन पायलट के लिए वोट मांगने भी इस बार गए थे। मंगलवार को राजस्थान चुनाव में मिली जीत के बाद विद्या देवी के घर ग्रामीण मिठाई लेकर पहुंचे। इस दौरान आतिशबाजी भी हुई। विद्या देवी सुबह से ही टीवी पर चिपकी हुई थीं और जीत के बाद बेहद खुश नजर आ रहीं थीं। मंदिर में माथा टेकने के बाद विद्या देवी ने घर-घर जाकर मिठाई बांटी। विद्या ने बताया कि जल्द ही वह परिवार के साथ सचिन पायलट को बधाई देने भी जाएंगी।
जानिये- सचिन पायलट के के करीबियों ने क्या कहा:-राजेश पायलट के भतीजे महिपाल विधुड़ी का कहना है कि राजस्थान में कांग्रेस की जीत से गांव में खुशी है। हमें पूरा विश्वास है कि कांग्रेस हाईकमान सचिन पायलट को ही मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी देंगे। वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय चौधरी की मानें तो विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत से उसका वनवास खत्म हो गया है। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है। लोकसभा चुनाव में भी पार्टी इसे दोहराएगी। राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनेंगे।वहीं, ग्रामीण धीरज सिंह की मानें तो सचिन पायलट की जीत से पूरा गांव खुश है। आज भी वह गांव व ग्रामीणों के साथ जुड़े हैं। गांव आने पर उनका जोरदार स्वागत किया जाएगा।

नई दिल्ली। दुनिया की सबसे बड़ी सर्च इंजन कंपनी Google अपनी सोशल मीडिया प्लेटफार्म Google Plus को अप्रैल 2019 में बंद करने वाली है। इस सेवा के बंद हो जाने की असली वजह Google Plus के 5.2 करोड़ यूजर्स (52 मिलियन) यूजर्स का डाटा प्रभावित होना बताया जा रहा है। Google अपने इस सेवा को बंद करने की वजह इसमें आए एक बड़े बग (गड़बड़ी) को बताया है। इस बग की वजह से करीब 5.2 करोड़ का पर्सनल डाटा प्रभावित हुआ है। Google Plus को अगस्त 2019 में शट डाउन किया जाना था लेकिन इस बड़ी गड़बड़ी की वजह से इसे अप्रैल 2019 में ही शट डाउन कर दिया जाएगा।इस साल अक्टूबर में Google ने Google Plus के सॉफ्टवेयर में एक बग रिपोर्ट किया जिसकी वजह से इसका API प्रभावित हुआ। मार्च 2018 में आए इस बग की वजह से करीब 50 लाख यूजर्स का डाटा प्रभावित हुआ था। Google ने मार्च में आए इस बग को देरी से रिपोर्ट किया था। इसकी वजह रेग्यूलेटरी दिक्कत बताया जा रहा है। इस बग के रिपोर्ट होने के बाद गूगल ने इस सोशल मीडिया प्लेटफार्म को बंद करने की घोषणा की थी। Google ने अपने ब्लॉग पोस्ट में सोमवार (10 दिसंबर) को बताया कि कुछ यूजर्स को नवंबर में आए सॉफ्टवेयर अपडेट की वजह से Google+ API में बग का सामना करना पड़ रहा है।इस बग को Google ने एक सप्ताह के अंदर फिक्स कर लिया गया था लेकिन इसके बारे में यूजर्स को जानकारी अब दी गई है। गूगल ने बताया कि किसी भी तरह की थर्ड पार्टी का अटैक हमारे सिस्टम में नहीं हुआ है। ऐप डेवलपर्स (जिनके पास यूजर्स के डाटा का एक्सेस था) ने 6 दिनों के लिए यूजर्स का डाटा का दुरुपयोग किया है। इस वजह से Google+ API को इस बग के बारे में जानकारी मिलने के 90 दिनों के बाद बंद कर दिया जाएगा। इस नए बग की वजह से करीब 5.2 करोड़ यूजर्स प्रभावित हुए हैं।आपको बता दें कि API की वजह से ऐप डेवलपर्स को यूजर्स के पूरे प्रोफाइल का एक्सेस था चाहे यूजर्स ने अपने प्रोफाइल को प्राइवेट ही न किया हो। API की वजह से डेवलपर्स यूजर्स के नाम, ई-मेल, व्यावसाय, उम्र आदि का पता लगा सकते थे। Google के ब्लॉग के मुताबिक, इस बग की वजह से यूजर्स की फाइनेंशियस जानकारी, नेशनल आईडी नंबर आदि की जानकारी डेवलपर्स को नहीं मिली है। Google ने इस बग के बारे में यूजर्स को नोटिफाई करना शुरू कर दिया है।

नई दिल्ली। मंगलवार देर से पश्चिमोत्तर भारत में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मौसम विभाग के मुताबकि जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान के साथ लगते इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ के कारण ऐसा हो रहा है। जिस वजह से पश्चिम-उत्तर भारत के कई इलाकों में बर्फबारी और हल्की बारिश हुई है।उत्तराखंड और शिमला में बर्फबारी हुई है जबकि हरियाणा के कुछ इलाकों में बारिश हो रही है। इससे पहले मंगलवार देर रात दिल्ली में हल्की फुहारें गिरीं, हालांकि दिल्ली की हवा (प्रदूषण) में कोई सुधार नहीं आया है बल्कि आगे और खराब होने की संभावना जताई जा रही है।
पूरे भारत में शुष्क मौसम, मंद हवाएं:-मौसम विभाग का अनुमान है कि पश्चिमी विक्षोlभ के कारण गुरुवार को भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। तेलंगाना और केरल में ठंडी हवाएं चलेंगी और बारिश की संभावना है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश में भी ऐसे ही मौसम का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ के कारण पूरे भारत में खुश्क मौसम रहने और ठंडी मंद हवाएं चलने की संभावना जताई है। विभाग का मानना है कि पूरे भारत खासकर दिल्ली में हवा की गुणवत्ता काफी खराब रहने वाली है। ठंडी हवाओं के कारण उत्तर और मध्य भारत में धुंध बढ़ने की संभावना है।
उत्तराखंड में बर्फबारी, जनजीव प्रभावित:-उत्तराखंड और शिमला के इलाकों की ऊंची चोटियों में जमकर हिमपात हुआ है। उत्तरांखड में मसूरी और आसपास के क्षेत्र में हिमपात देख पर्यटकों के चेहरे भी खिल उठे। वहीं, मैदानी क्षेत्रों में हल्की बारिश से सर्दी बढ़ गई है। देहरादून में सुबह करीब साढ़े पांच बजे से हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। जो रुक-रुक कर देर तक जारी रही। साथ ही तेज हवाएं चलने से कड़ाके की सर्दी हो रही है।इसी तरह मसूरी में सुबह निकटवर्ती नागटिब्बा में अच्छा हिमपात हुआ। वहीं, सुरकुंडा में भी हिमपात की सूचना है। बदरीनाथ, केदारनाथ धाम, हेमकुंड, गंगोत्री, यमुनोत्री, गोमुख और नेलांग घाटी में भी अच्छी बर्फबारी की सूचना है। वहीं, गढ़वाल के जिलों में कहीं हल्की बारिश है तो कहीं, आसमान में बादल छाए हैं। कुमाऊं मंडल में भी सुबह के समय रानीखेत, अल्मोड़ा, बाजपुर, नैनीताल, पिथौरागढ़ आदि स्थानों पर बादल छाए रहे।
हिमाचल में भी बर्फबारी, 100 रूट प्रभावित:-हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी के चलते ऊंची चोटियां बर्फ की चादर से ढक गई। शिमला, मनाली, शिकारी देवी और कमरूना में बर्फ गिरी है। चंबा के भरमौर और सिरमौर के हरिपुरधार में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। इससे समूचा प्रदेश शीत लहर की चपेट में आ गया है।बर्फबारी के कारण 100 के करीब रूट प्रभावित हुए हैं और लोगों को कई किलोमीटर पैदल ही अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। जबकि कुछ क्षेत्रों में लोग रास्तों में ही फंसे हुए हैं। भारी बर्फ की वजह से पहाड़ी इलाकों में जन जीवन मुश्किल हो गया है। भारी बर्फबारी के कारण कुफरी.नारकंडा और हिंदुस्तान तिब्बत मार्ग को बंद कर दिया गया है।

जमशेदपुर। अपने अभिभावक के साथ हज पर जाने वाले बच्चे को भी हवाई किराया देना होगा। दो साल से कम उम्र के बच्चों के लिए दस फीसद किराया देना होगा, जबकि दो साल और उससे अधिक उम्र के बच्चों के लिए पूरा किराया लगेगा। पहले पांच साल तक के बच्चों का किराया नहीं लगता था। केंद्रीय हज कमेटी ने हज की नई गाइडलाइन में इसका जिक्र है। यह फैसला नागरिक उड्डयन मंत्रालय का है। जिसे केंद्रीय हज कमेटी ने लागू कर दिया है।इसके अलावा महिला आजमीन के साथ जाने वाले महरम (सगा भाई, पिता, बेटा, दादा आदि) के नियम में भी तब्दीली की गई है। महिला आजमीन और 70 साल की उम्र से अधिक के वृद्ध आजमीन के साथ अगर घर में कोई महरम के तौर पर पहले हज कर चुके लोग जाना चाहते हैं तो वो रिपीटर कहे जाएंगे। रिपीटर को अलग से 38 हजार रुपये जमा करने होंगे, तभी वो हज पर जा सकेंगे। यही नहीं, रिपीटर तभी महिला के साथ हज पर जाएंगे जब घर में कोई ऐसा महरम शख्स नहीं होगा जो पहले हज पर नहीं गया है। कुल मिलाकर एक शख्स को हज कमेटी एक ही बार हज कराएगी।
झूठी सूचना दी तो जब्त होगी रकम:-अगर किसी आजमीन ने हज के फॉर्म में अपनी उम्र आदि के बारे में गलत सूचना दी उसका हज का सफर रद कर दिया जाएगा। यही नहीं, अगर वो शख्स जहाज में बैठ गया है तो भी उसे उतार दिया जाएगा और उसका किराया जब्त कर लिया जाएगा। यही नहीं, गलत सूचना देने वाले आजमीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
हज का फॉर्म जमा करने की आखिरी तारीख आज:-आगामी हज के सफर जाने के लिए फार्म भरने की बुधवार को आखिरी तारीख है। हज के फार्म ऑनलाइन भरे जा रहे हैं। जमशेदपुर में मदरसा फैजुल उलूम और साकची जामा मस्जिद स्थित दफ्तरों में जाकर हज के फार्म भर सकते हैं। यहां ऑनलाइन फार्म भरने में आजमीन की मदद की जा रही है।

बेंगलुरु। शराब कारोबारी विजय माल्या से जुड़ी कंपनी यूबीएचएल ने कर्नाटक हाई कोर्ट से गुहार लगाई है कि किंगफिशर एयरलाइन लिमिटेड से जुड़े कर्ज की वसूली के लिए उसे बंद नहीं किया जाए। माल्या द्वारा लिए गए कर्ज की वसूली के लिए बैंकों और कर्जदाताओं की तरफ से कंपनी को बंद करने का दबाव है। माल्या की नौ हजार करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी और मनी लांड्रिंग मामले में तलाश है।कर्नाटक हाई कोर्ट ने पिछले साल यूपी ग्रुप की होल्डिंग कंपनी यूनाइडेट ब्रेवरीज (होल्डिंग) लिमिटेड (यूबीएचएल) को बंद करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने यह आदेश यूबीएचएल द्वारा प्रवर्तित किंगफिशर एयरलाइंस लिमिटेड के कर्ज की वसूली के लिए दिया था।कंपनी ने हाई कोर्ट की खंडपीठ में सोमवार को याचिका दायर कर कहा कि वह अपनी और अपनी सहयोगी कंपनियों की संपत्तियों और बैंक को चुकाए जाने वाले धन का ब्योरा पेश करेगी। कोर्ट इन संपत्तियों को नीलाम कर उससे मिले धन को अपने यहां जमा कर सकती है। कंपनी ने उम्मीद जताई है कि इन संपत्तियों की नीलामी से लगभग 15 हजार करोड़ रुपये मिलेंगे।
भारत लाया जाएगा भगोड़ा विजय माल्या:-भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्‍या को भारत लाए जाने का रास्‍ता साफ हो गया है। लंदन की कोर्ट ने माल्‍या के प्रत्‍यर्पण को मंजूरी दे दी है। कोर्ट ने कहा कि वह ऊपरी कोर्ट में अपील कर सकता है। माल्‍या को 14 दिन में फैसले के खिलाफ अपील करनी होगी। फैसला आने के बाद मामले को ब्रिटेन के गृह विभाग के पास भेज दिया गया है और अब देश के गृह मंत्री को इस पर फैसला लेना है। वहीं सीबीआइ ने लंदन कोर्ट के फैसले का स्वागत किया।

 

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा में पराली जलाए जाने से दिल्ली-एनसीआर में होने वाले प्रदूषण को खत्म करने संबंधी याचिका पर वह जनवरी के दूसरे हफ्ते में विचार करेगा।जस्टिस एके सीकरी, अशोक भूषण और एस.अब्दुल नजीर की खंडपीठ ने मंगलवार को कहा कि जनवरी के दूसरे हफ्ते में वह पराली जलाने के मामले की अंतिम सुनवाई करके इस मामले को सुलझाएंगे। साथ ही खंडपीठ ने केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्रालय, हरियाणा और पंजाब से भी तब तक अदालत के समक्ष अपना जवाब दाखिल करने को कहा है।उन्होंने कहा कि पटाखों समेत सभी संबंधित याचिकाओं और राज्यों से मांगी रिपोर्ट पर अगले महीने की सुनवाई में विचार होगा। अदालत ने कहा है कि पराली से होने वाले प्रदूषण के मामले को अलग से देखा जाएगा। अदालत ने विगत 23 अक्टूबर को देश में दीपावली और अन्य त्योहारों पर रात आठ से दस बजे के बीच ही ग्रीन पटाखे जलाने का फैसला दिया था।

 

 

 

 

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