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पंचकूला। Ram Rahim को पत्रकार रामचंद्र छत्र‍पति मामले में क्‍या सजा होगी यह थोड़ी देर में साफ हो जाएगा। पत्रकार रामचंद्र छ्त्रपति हत्या मामले में दोषी करार डेरा सच्‍चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह और तीन अन्‍य को पंचकूला की विशेष सीबीआइ कोर्ट थो़ड़ी देर में सजा सुनाएगी। जज जगदीप सिंह कोर्ट में सजा पर बहस पूरी हो चुकी है और फैसला किसी भी क्षण आ जाएगा। जज ने फैसला लिखवाना शुरू कर दिया है।इससे पहले बचाव पक्ष और सीबीआइ के वकीलों के बीच सजा को लेकर बहस हुई। सीबीआइ के वकील ने गुरमीत राम रहीम के लिए फांसी की सजा मांगी। बचाव पक्ष के वकील ने रहम की गुहार लगाई। इस दौरान वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग से पेश हो रहा गुरमीत राम रहीम हाथ जोड़े खड़ा रहा। सुनवाई के दौरान रामचंद्र छत्रपति के परिवार ने मुआवजा देने की मांग उठाई। सरकारी पक्ष की ओर से डेरा मुखी राम रहीम को दी गई सुरक्षा में हुए खर्च का मुआवजा भी कोर्ट में मांगा गया।
सीबीआइ के वकील ने गुरमीत को फांसी की सजा देने की मांग की, बचाव पक्ष ने की रहम की गुहार;-सीबीआइ के वकील ने विशेष जज के सामने अपनी दलील में कहा कि राम रहीम को फांसी की सजा दी जाए। दूसरी ओर, बचाव पक्ष ने कम से कम सजा देने के लिए गुहार लगाई। पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में सीबीआई कोर्ट में सुनवाई में दोनों पक्षों की सज़ा पर बहस हुई पूरी। राम रहीम के वकील ने उसके द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों का दिया गया हवाला। बहस के बाद सभी पक्ष कोर्ट से बाहर आ गए और जज फैसला लिखवाना शुरू किया। फैसला लिखवाने के बाद विशेष सीबीआई जज जगदीप सिंह द्वारा सज़ा का एेलान किया जाएगा।वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के दौरान स्क्रीन पर चारों दोषियों को लाकर सुनवाई हुई। गुरमीत राम रहीम, निर्मल, कुलदीप और कृष्ण लाल को कुछ क्षणों बाद सजा सुनाई जाएगी। बताया जाता है कि फैसला सुनाने के बाद चारों दोषियों को सजा के फैसले की कॉपी ईमेल के द्वारा भेजी जाएगी। जेल प्रशासन को ईमेल के बाद प्रिंट निकालने के बाद इन पर दोषियों के साइन करवाकर स्कैन कापी वापस कोर्ट में ईमेल से भेजी जाएगी।अदालत में गुरमीत सहित सभी दोषियों की वीडियो काॅन्‍फ्रेंसिंग के जरिये पेशी हो रही है। कानून‍ के जानकारों का कहना है कि गुरमीत राम रहीम को जिन धाराओं के तहत दोषी करार दिया गया है उससे बड़ी सजा सुनाए जाने की संभावना है। उसे फांसी या उम्रकैद की सजा हो सकती है। बताया जाता है कि सुनवाई के दाैरान गुरमीत सहमा-सहमा सा दिख रहा है।अपने आवास पर कोर्ट के फैसले का इंतजार करतीं रामचंद्र छत्रपति की पत्‍नी।
गुरमीत राम रहीम की सुना‍रिया जेल व तीन अन्‍य की अंबाला जेल से वी‍डियो कॉन्‍फ्रेंसिंग से पेशी;-सजा सुनाने के लिए काेर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है। स्पेशल सीबीआइ जज जगदीप सिंह कोर्ट रूम पहुंचे और इसके बाद वीडियो कॉ‍न्‍फ्रेंसिग से सुनारिया जेल और अंबाला सेंट्रल जेल में संपर्क बनाया गया। पंचकूला के डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी पंकज राज गर्ग भी सीबीआइ कोर्ट में मौजूद हैं। संपर्क स्‍थापित होने के बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये गुरमीत राम रहीम की जेल से पेशी शुरू हुई। अंबाला सेंट्रल जेल से तीन अन्‍य दा‍ेषियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी हाे रही है। कोर्ट में सीबीआइ के वकील एचपीएस वर्मा और बचाव पक्ष के वकील सरबजीत सिंह मौजूद भी मौजूद हैं। इसके अलावा रामचंद्र छत्रपति के पुत्र अंशुल छत्रपति मुख्य गवाह खट्टा सिंह भी मौजूद हैं।पत्रकारों से बात करते डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी पंकज राज गर्ग।डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी पंकज राज गर्ग ने बताया धारा 302 और धारा 120 बी के तहत सभी आरोपियों दोषी करार दिया गया था। इसके लिए न्यूनतम सज़ा उम्रकैद वहीं अधिकतम सज़ा ए मौत का प्रावधान है। गुरमीत राम रहीम और अन्‍य दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की अदालत से मांग की जाएगी ।
डीजीपी बोले- पुलिस पूरी तरह चौकस, हरियाणा में कहीं भी शांति भंग नहीं होने देंगे;-पंचकूला की कोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्र में हालात का जायजा लेने हरियाणा के डीजीपी बीएस संधू भी पहुंचे। उन्‍होंने वहां सुरक्षा व्‍यवस्‍था का निरीक्षण किया और पुलिसकर्मियों को पूरी तरह चौकस रहने का निर्देश दिया। उन्‍होंने कहा कि रोहतक और सिरसा सहित पूरे राज्‍य में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। राज्‍य में कहीं भी शांति भंग नहीं होने दिया जाएगा।पंचकूला कोर्ट परिसर में पहुंची जज जगदीप सिंह की कार।
पंचकूला में कोर्ट परिसर व आसपास के क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा, सिरसा और रोहतक में भी पुलिस का कड़ा पहरा:-सजा सुनाए जाने के मद्देनजर रोहतक और सिरसा में कड़ी सुरक्षा है। सिरसा मेें डेरा सच्‍चा सौदा के बाहर पुलिस का कड़ा पहरा है। पंचकूला के कोर्ट परिसर और अासपास के क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा है। पुलिस और सुरक्षा के जवान चप्‍पे-चप्‍पे पर तैनात हैं। कोर्ट परिसर में जाने के मार्गों पर बेरिकेट्स लगाए गए हैं।पंचकूला में कोर्ट परिसर में तैनात अर्द्ध सैनिक बल के जवान।
कानूनविदों के अनुसार गंभीर धाराओं में दोषी करार गिए गए हैं, हो सकती है उम्रकैद या फांसी की सजा;-विशेष सीबीअाइ कोर्ट के जज जगदीप सिंह सजा सुनाने के लिए आज सुनवाई करेंगे। अदालत ने बुधवार को इस संबंध में हरियाणा सरकार को बड़ी राहत दी और गुरमीत राम रहीम व अन्‍य तीनों दोषियों की अदालत में वी‍डियो कान्‍फ्रेंसिंग के जरिये पेशी की अनुमति दे दी थी। हरियाणा सरकार ने इस संबंध में अदालत में याचिका दी थी। हरियाणा सरकार की ओर से डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी द्वारा लगाई गई याचिका को हरियाणा की विशेष सीबीआई कोर्ट ने मंजूर कर लिया।पंचकूला में कोर्ट परिसर में तैनात पुलिस और अर्द्ध सैनिक बल के जवान।इसके बाद अब गुरमीत राम रहीम की सुनारिया जेल और तीन अन्‍य दोषियों की अंबाला सेंट्रल जेल से वी‍डियो कांन्‍फ्रेंसिंग के जरिये पेशी होगी व उनको सजा सुनाई जाएगी। गुरमीत राम रहीम दो साध्वियों से दुष्‍कर्म के मामले में सुनारिया जेल में 20 साल कैद की सजा काट रहा है।विशेष सीबीआइ कोर्ट पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में गुरमीत राम रहीम, कृष्ण लाल, निर्मल सिंह और कुलदीप सिंह को 11 जनवरी को दोषी करार दिया था। इसके बाद हरियाणा सरकार ने मामले की संवेदनशीलता व प्रदेश में सुरक्षा व कानून व्यवस्था के मद्देनजर गुरमीत राम रहीम व अन्‍य दोषियों को प्रत्‍यक्ष तौर पर पेशी को जोखिम भरा कहा था। गुरमीत राम रहीम , कृष्ण लाल, निर्मल सिंह और कुलदीप सिंह को भादसं की धारा 302 और 120बी के तहत दोषी करार दिया गया है।कृष्ण लाल को 1959 आर्म्स एक्ट के सेक्शन 29 के तहत भी दोषी करार दिया गया है। निर्मल सिंह को 1959 आर्म्स एक्ट के सेक्शन 25 के तहत भी दोषी करार दिया गया है। गुरमीत राम रहीम वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सुनारिया जेल से ही पेश हुआ था। अदालत द्वारा मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद कुलदीप, कृष्ण लाल और निर्मल को अंबाला जेल भेज दिया गया।कानूनविदों का मानना है कि गुरमीत राम रहीम और तीन अन्‍य अारोपितों को गंभीर धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया। सीबीआइ के वकील एचपीएस वर्मा के अनुसार इस मामले में कम से कम उम्रकैद व अधिकतम फांसी की सजा सुनाई जा सकती है।
जेल में डरा-सहमा है गुरमीत, वकीलों से की मुलाकात;-सुनारिया जेल में गुरमीत राम रहीम छत्रपति हत्याकांड में सजा सुनाने को लेकर डरा-सहमा सा है। हालांकि बुधवार को जेल में वकीलों से मुलाकात के बाद वह थोड़ा आश्वस्त भी दिखा। जेल प्रशासन ने पहले ही वीडियो काॅन्‍फ्रेसिंग को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली। राम रहीम को सीबीआइ की विशेष अदालत में पेश करने के लिए सुबह दस बजे ही काॅन्‍फ्रेंसिंग रूम में ले जाया जाएगा। अमूमन सजा या दोषी ठहराने का फैसला अदालत में जज लंच के बाद ही लेते हैं। वीडियो काॅन्‍फ्रेंसिंग के दौरान कोई बाधा उत्पन्न न हो, इसलिए जेल प्रशासन की तरफ से बीएसएनएल और बिजली निगम को स्टैंडबाई पर रखा गया। साथ ही जनरेटर, इनवर्टर व अन्य व्यवस्थाएं भी की गई। इतना ही नहीं दोषी के स्वास्थ्य जांच करने के लिए सुबह ही पीजीआइ के चिकित्सकों का बोर्ड जेल में पहुंच गया। डॉक्‍टरों ने गुरमीत के स्‍वास्‍थ्‍य की जांच की।पंचकूला के कोर्ट परिसर के बाहर लगाए गए बेरिकेट्स।
बाबा ने करीब आधा घंटा वकीलों से की बात:-इससे पहले बुधवार को वकील भास्कर भारद्वाज और हरीश छाबड़ा सुनारिया जेल में राम रहीम से मिलने पहुंचे। वकीलों ने गुरमीत से करीब आधा घंटे मुलाकात की। वकीलों से मुलाकात करने के बाद बाबा के चेहरे पर छाई मायूसी कुछ समय के लिए छंट गई थी। यह भी बताया जा रहा है कि गुरमीत खाना भी ढंग से नहीं खा रहा।
कठोर से कठोर सजा दे अदालत : अंशुल;-रामचंद्र छत्रपति के हत्यारों को सजा दिलवाने के लिए लंबी लड़ाई लडऩे वाले उनके बेटे अंशुल छत्रपति ने अदालत के फैसले से पहले मीडिया से बातचीत में कहा कि अदालत ने राम रहीम व अन्यों को दोषी करार देकर सम्मानीय निर्णय दिया है। उन्होंने अदालत से अपील की कि समूचे देश की निगाहें बृहस्पतिवार को होने वाले फैसले पर लगी हुई हैं। अदालत सभी दोषियों को कठोर से कठोर सजा दे।
रोहतक व अंबाला में जेलों की सुरक्षा बढ़ी, फतेहाबाद व सिरसा में धारा 144;-सजा सुनाए जाने के मद्देनजर पुलिस एक बार फिर से अलर्ट हो गई है। पुलिस महानिदेशक बीएस संधू के निर्देशों के बाद रोहतक व अंबाला में जेलों की सुरक्षा को बढ़ा दिया गया। डेरा सच्चा सौदा के मुख्यालय सिरसा में भी डेरा की तरफ जाने वाले सभी रास्तों की नाकाबंदी कर दी गई। सुरक्षा की दृष्टि से सिरसा व फतेहाबाद जिलों में धारा 144 लागू कर दी गई है। उधर पंचकूला स्थित सीबीआई कोर्ट की तरफ जाने वाले सभी रास्तों पर नाकाबंदी करके सील कर दिया गया है। एडीजीपी आपरेशन एएस चावला के अनुसार सभी संवेदनशील जिलों में पुलिस मुस्तैद है।पंचकूला कोर्ट परिसर के बाहर तैनात अर्द्ध सैनिक बल और पुलिस के जवान।
सीबीआइ ने साबित किया रामचंद्र छत्रपति को किशनलाल की रिवाल्‍वर थी:-बता दें कि सीबीआइ ने चश्मदीदों के अलावा कोर्ट में यह भी साबित किया कि जिस रिवाल्वर से रामचंद्र को गोली मारी गई थी, वह आरोपित किशन लाल की लाइसेंसी रिवाल्वर थी। किशन लाल ने 23 अक्टूबर को यह रिवाल्‍वर आरोपित निर्मल सिंह और कुलदीप को दी थी। इस तथ्‍य को सीबीआइ ने ब्लेस्टिक एक्सपर्ट से भी कोर्ट में साबित करवाया। एक्‍सपर्ट ने कोर्ट में बताया था कि गोली उसी रिवाल्वर से चली थी, जोकि किशन लाल के नाम पर रजिस्टर्ड थी।
राम रहीम के पूर्व ड्राइवर खट्टा सिंह की गवाही रही अहम;-गुरमीत राम रहीम के पूर्व ड्राइवर खट्टा सिंह ने गवाही मेें कहा था कि पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या करने के लिए डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने कृष्ण लाल, कुलदीप और निर्मल सिंह को आदेश दिया था। गुरमीत राम रहीम 23 अक्टूबर 2002 को जालंधर के एक सत्संग से वापिस सिरसा पहुंचा, तो उसे कृष्ण लाल ने अखबार दिखाया, जिसमें साध्वियों के यौन शोषण के बारे में खबर छपी थी। खबर पढ़ते ही गुरमीत तिलमिला उठा। उसने मेरे सामने कृष्ण लाल, कुलदीप और निर्मल को आदेश दिया कि रामचंद्र छत्रपति को मौत के घाट उतार दो। 24 अक्टूबर 2002 को रामचंद्र छत्रपति को उसके घर के बाहर गोलियों से भून दिया गया था।
एक बार गवाही देने के बाद मुकर गया था खट्टा सिंह;-वैेसे बाद में खट्टा सिंह एक बार में मामले में अपने बयान से मुकर गया था। राम रहीम को साध्वी यौन शोषण मामले में सजा होने के बाद एक बार फिर खट्टा सिंह सामने आया और उसने सीबीआइ कोर्ट में अपने बयान दर्ज करवाए और अपना पुराना बयान दाेहराया। खट्टा सिंह ने कहा था कि वर्ष 2012 से 2018 तक वह डेरा प्रमुख के खिलाफ इसलिए सामने नहीं आया था, क्योंकि डेरा प्रमुख खुलेआम घूम रहा था। उसके परिवार को जान का खतरा बना हुआ था। खट्टा सिंह ने सीबीआइ अदालत में बताया था कि यदि वह डेरा प्रमुख के खिलाफ पहले बयान दे देता, तो उसे और उसके बेटे को डेरा प्रमुख जान से मरवा सकता था। इसकी मुझे धमकियां मिली थीं। गौरतलब है कि वर्ष 2011 में सीबीआइ कोर्ट के समक्ष बयान दिया था कि उसे राम रहीम के खिलाफ बयान देने का दबाव डाला जा रहा है। खट्टा सिंह कह चुका था कि उसे इन मामलों में डेरा प्रमुख की भूमिका के बारे में कोई जानकारी नहीं है। लेकिन 25 अगस्त 2017 को गुरमीत सिंह के साध्वी यौन शोषण मामले में सजा होने के बाद खट्टा सिंह ने दोबारा गवाही देने के लिए मौका मांगा था।
पूरे राज्‍य में कड़ी सुरक्षा, विशेष जज जगदीप सिंह की सुरक्षा भी पुख्‍ता की गई:-फैसले के मद्देनजर पंचकूला शहर, पंचकूला के कोर्ट परिसर, रोहतक के सुनारिया जेल परिसर और सिरसा शहर व वहां डेरा सच्‍चा सौदा के आसपास कड़ी सुरक्षा है। मूल रूप से जींद के रहने वाले जगदीप सिंह ने ही साध्वी यौन शोषण मामले में डेरा मुखी को सजा सुनाई थी।रोहतक में जांच करते पुलिसकर्मी।
सीबीआइ ने मामले में पेश किए 46 गवाह;-बचाव पक्ष और सीबीआइ के वकील अपनी दलीलें कोर्ट के समक्ष पहले ही रख चुके थे। 24 अक्टूबर 2002 को सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति को गोलियाें से छलनी कर दिया गया था और 21 नवंबर 2002 को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में रामचंद्र छत्रपति की मौत हो गई थी।रामचंद्र के बेटे अंशुल छत्रपति ने बताया कि उनके पिता रामचंद्र छत्रपति ने ही सबसे पहले गुरमीत राम रहीम के खिलाफ तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को लिखी पीडि़त साध्वी की चिट्ठी छापी थी। साल 2002 में इस रेप केस की जानकारी पत्रकार रामचंद्र छत्रपति ने पहली बार दी थी।सिरसा मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर दडबी गांव के रहने वाले रामचंद्र छत्रपति सिरसा जिले से रोज शाम को निकलने वाला अखबार छापते थे। ना सिर्फ छत्रपति ने चिट्ठी छापी बल्कि उस पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पीडि़त साध्वी से इस पत्र को प्रधानमंत्री, सीबीआई और अदालतों को भेजने को कहा था। उन्होंने उस पत्र को 30 मई 2002 के अंक में छापा था, जिसके बाद उनको जान से मारने की धमकियां दी गईं।24 सितंबर 2002 को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए मामले की जांच के आदेश दिए। इस बीच छत्रपति को जान से मारने की धमकियां मिलती रहीं। 24 अक्टूबर को छत्रपति शाम को आफिस से लौटे थे। उस समय उनकी गली में कुछ काम चल रहा था और वह उसी को देखने के लिए घर से बाहर निकले थे। उसी समय दो लोगों ने उन्हें आवाज देकर बुलाया और गोली मार दी। 21 नवंबर को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी।इसके बाद उनके बेटे अंशुल छत्रपति ने कोर्ट में याचिका दायर कर अपने पिता की मौत की सीबीआई जांच की मांग की थी। जनवरी 2003 में अंशुल ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में सीबीआई जांच करवाने के लिए याचिका दायर की, जिस पर हाईकोर्ट ने नवंबर 2003 में सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। अपने पैतृक गांव दडबी में खेती किसानी करने वाला अंशुल अपनी मां कुलवंत कौर, छोटे भाई अरिदमन और बहन क्रांति और श्रेयसी के साथ अपने पिता को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ते रहे। अंशुल ने बताया कि हमने एक ताकतवर दुश्मन के साथ इंसाफ के लिए लड़ाई लड़ी और 16 साल बाद अब हमें इंसाफ मिला।इस मामले में सीबीआइ की ओर से 46 गवाह कोर्ट में पेश किए गए। बचाव पक्ष की ओर 21 गवाही पेश किए गए थे। हत्या के चश्मदीद रामचंद्र के बेटे अंशुल और अदिरमन थे। जिन्होंने कोर्ट में आंखों देखी ब्यां की थी। इसके अलावा हत्या के षड्यंत्र के बारे में गवाह खट्टा सिंह ने कोर्ट में बयान दिए थे। साथ ही डाक्टरों की भी गवाहियां हुई थी। बचाव पक्ष की दलीलें थी कि राम रहीम का पहली बार 2007 में केस में सामने आया था। साथ ही किसी भी आरोपित की पहचान नहीं हुई थी। मामले की जांच डीएसपी सतीश डागर और डीआइजी एम नारायणन ने की थी। कोर्ट मेें केस को साबित करने के लिए एडवोकेट एचपीएस वर्मा ने कोई कसर नहीं छोड़ी।
अब तक का घटनाक्रम
- पत्रकार रामचंद्र छत्रपति द्वारा 'पूरा सच' में 30 मई 2002 को धर्म के नाम पर किया जा रहा है साध्वियों का जीवन बर्बाद समाचार प्रकाशित किया गया।
- 4, 7 और 27 जून 2002 को डेरा सच्‍चा सौदा से जुड़े बड़े समाचार प्रकाशित किए।
- डेरा अनुयायियों ने पूरा सच के खिलाफ कार्रवाई करने व प्रतिबंध की रखी मांग।
- 2 जुलाई 2002 को एसपी सिरसा को डेरे की धमकियों से अवगत करवाया और सुरक्षा की मांग रखी।
- अक्टूबर 2002 में डेरा के प्रबंधक कृष्ण लाल पूरा सच कार्यालय पहुंचे और यहां उन्होंने डेरे के विरूद्ध खबर लिखने के मामले को बंद करने को कहा।
24 अक्टूबर 2002 को डेरा में कारपेंटर का काम करने वाले दो युवकों ने रामचंद्र छत्रपति को उनके घर के बाहर गोली मारी। एक पकड़ लिया गया। शहर थाना में केस दर्ज।
- 24 अक्टूबर 2002 को एसआइ ने बयान दर्ज किए, लेकिन डेरा प्रमुख का नाम नहीं लिखा।
- 29 अक्टूबर 2002 को कृष्ण लाल ने सीजेएम फिरोजपुर की कोर्ट में सरेंडर किया।
- छत्रपति का 8 नवंबर 2002 तक क पीजीआइ रोहतक में चला इलाज। इसके बाद अपोलो भेज दिया गया।
- 8 नवंबर 2002 को ही छत्रपति के पिता सोहन राम ने मजिस्ट्रेट से बयान करवाए जाने की दरखास्त दी।
- 21 नवंबर को रामचंद्र छत्रपति का देहांत हो गया।
- 5 दिसंबर 2002 को सिरसा पुलिस ने सीजेएम कोर्ट में दायर की चार्जशीट, डेराप्रमुख का नाम नहीं था।
- 2003 : अंशुल छत्रपति ने हाइकोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआइ जांच की मांग की।
- 10 नवंबर 2003 सीबीआइ को ट्रांसफर हुआ केस।
- 9 दिसंबर 2003 को सीबीआई ने शुरू की जांच, सीबीआई ने शहर थाना में एक केस और दर्ज किया, जिसमें डेरा प्रमुख का नाम भी शामिल किया।
- 30 जुलाई 2007 को सीबीआई ने पेश किया चालान।
-2 जनवरी 2019: पंचकूला की विशेष सीबीआइ कोर्ट में मामले की सुनवाई पूरी।
- 11 जनवरी 2019: विशेष सीबीआइ कोर्ट के जज जगदीप सिंह ने गुरमीत राम रहीम सहित चारों आरोपित दोषी करार।

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन कुंभ मेला शुरू हो चुका है। 14 जनवरी को शाही स्नान के साथ इसकी शुरुआत हो गई है। शाही स्नान के दिन करीब सवा करोड़ लोगों ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई।
12 करोड़ लोगों के आने का अनुमान;-इस बार कुंभ में 12 करोड़ लोगों के आने का अनुमान है। ऐसे में करोड़ों लोगों की सुविधा और सुरक्षा का ख्याल रखते हुए जबरदस्त बंदोबस्त किए गए हैं। इनमें संगम तट पर बना अस्थाई अस्पताल लाजवाब है। इसमें 100 बेड लगाए गए हैं, वो बेहद आधुनिक हैं। अब तक इस अस्पताल में 10 हज़ार लोगों को ओपीडी के जरिए इलाज किया जा चुका है।
अंतरिक्ष से ऐसा दिख रहा है कुंभ;-भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने भारतीय रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट कार्टोसैट-2 के द्वारा कुंभ मेला और इसके आसपास के क्षेत्रों की ली गई तस्वीरों को जारी किया है। आप देख सकते हैं कि इन तस्वीरों में त्रिवेणी संगम और नया यमुना पुल भी दिखाई दे रहा है।यूपी पुलिस की ओर से पहली बार कुंभ मेले के लिए इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर बनाया गया है। खुद प्रधानमंत्री मोदी ने इस कमांड सेंटर का उद्घाटन किया था। कुंभ में 40 हज़ार एलईडी लाइट लगाई गई। साथ ही, लेज़र शो के ज़रिए सांस्कृतिक कार्यक्रम दिखाए जाने की व्यवस्था भी की गई है।

नई दिल्ली। कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की बीमारी को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा कर्नाटक में और जोड़-तोड़ करने की कोशिश करेगी तो उन्हें कर्नाटक की जनता का श्राप लगेगा और उनकी तबीयत पहले से ज्यादा खराब हो जाएगी। बता दें कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को स्वाइन फ्लू हो गया है और वे अस्पताल में भर्ती हैं। हालांकि, उनकी तबीयत में सुधार हो रहा है। कांग्रेस सांसद ने ये विवादित बयान एक निजी चैनल से बातचीत में दिया। पत्रकार ने उनसे अमित शाह की तबीयत को लेकर सवाल पूछा था। जिस पर सांसद ने कहा, 'उसको स्वाइन फ्लू हुआ है, हिंदी में उसको.. ... (विवादित शब्द) का जुकाम बोला जाता है।'हरिप्रसाद ने आगे कहा, 'कर्नाटक में और हाथ लगाने से उनका तबीयत और खराब हो जाएगा। कर्नाटक का सरकार छूने से लोगों का श्राप लगेगा, उनको और बीमारी आ जाएगा। उन्होंने कहा कि राफेल डील में 30 हजार करोड़ रुपये का घोटाला करके उस पैसे कर्नाटक की सरकार गिराने की साजिश करेंगे तो श्राप तो लगेगा ही। बाद में उन्होंने चैनल से बातचीत में भी कहा कि उन्हें अपने बयान पर भी कोई खेद नहीं है।
विवादित बयान को लेकर भाजपा हमलावर:-वहीं, पार्टी अध्यक्ष के प्रति विवादित बयान को लेकर भाजपा नेता कांग्रेस पर हमलावर हो गए हैं। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, 'जिस तरह का गंदा और बेहूदा बयान कांग्रेस के सांसद बीके हरिप्रसाद ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह जी के स्वास्थ्य के लिये किया हैं, यह कांग्रेस के स्तर को दर्शाता है, फ्लू का उपचार है, लेकिन कांग्रेस के नेताओं की मानसिक बीमारी का उपचार मुश्किल है।'
शाह की तबीयत में हो रहा सुधार:-भाजपा प्रवक्ता अनिल बलूनी ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की सेहत में सुधार हैं, उन्हें एक-दो दिन के अंदर अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी।' गौरतलब है कि शाह के बीमार होने के चलते उनका कई प्रदेशों का दौरा रद कर दिया गया है।
क्यों आया कर्नाटक का जिक्र?:-गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से कर्नाटक में राजनीतिक नूरा कुश्ती हो रही है। कांग्रेस-जेडीएस पार्टी भाजपा पर सरकार गिराने के आरोप लगा रहे हैं। वहीं, भाजपा का कहना है कि उल्टा कांग्रेस पार्टी उनके विधायकों को प्रलोभन देकर तोड़ना चाहती है। कुल मिलाकर खूब बयानबाजी और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं।
क्या राहुल गांधी लेंगे एक्शन ?:-गौरतलब है कि सबसे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने वित्त मंत्री अरुण जेटली को स्वास्थ्य लाभ के लिए शुभकामनाएं दी और उनके जल्द ठीक होने की कामना की। इतना ही नहीं, कांग्रेस पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी चाहे मल्लिकार्जुन खड़गे हों या पी. चिदंबरम सबने एक सुर में विपक्षी नेताओं के जल्द ठीक होने की कामना की है। लेकिन बीके प्रसाद कहते हैं कि वो पार्टी अध्यक्ष की लाइन है, मैंने तो कार्यकर्ताओं की भावनाओं को उजागर किया है। हालांकि, देखना ये होगा कि विपक्षी नेताओँ के लिए ऐसी ओछी और स्तरहीन सार्वजनिक भाषा पर कांग्रेस पार्टी और अध्यक्ष राहुल गांधी क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

अहमदाबाद। उद्योगपति अनिल अंबानी को 18 जनवरी से आयोजित होने वाले नौवें द्विवार्षिक 'वाइब्रेंट गुजरात' अंतरराष्ट्रीय निवेशक सम्मेलन में न्योता नहीं दिया गया है। हालांकि सम्मेलन में उनके बड़े भाई उद्योगपति मुकेश अंबानी, अदाणी ग्रुप के गौतम अदाणी समेत देश के अन्य नामी उद्योगपतियों को आमंत्रित किया गया है।12 देश इस सम्मेलन के कंट्री पार्टनर हैं जबकि करीब 125 देशों के प्रतिनिधि इसमें हिस्सा लेंगे। इससे पहले गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी गांधीनगर में एक मेगा ट्रेड शो का उद्घाटन करेंगे।राज्य के ऊर्जा मंत्री सौरभ पटेल ने बुधवार को बताया कि वाइब्रेंट गुजरात-2019 में गुजरात सरकार ने निर्यात, व्यापार और निवेशकों की संभावनाओं पर विशेष जोर दिया है। मेगा ट्रेड शो में सभी पार्टनर देशों के पेवेलियन बनाए गए हैं। सभी प्रतिनिधि, व्यापारी और विद्यार्थी यहां मेल-मुलाकात से लेकर अपने विचारों का आदान-प्रदान भी कर सकेंगे।मेगा ट्रेड शो में एग्रो एंड फूड प्रोसेसिंग, ऑटोमोबाइल्स एंड ई-मोबिलिटी, बैंकिंग एंड फाइनेंस, कैमिकल, पेट्रो कैमिकल्स, ऑयल एंड गैस, फार्मास्यूटिकल्स, बायो टेक्नोलॉजी, सिरामिक्स, पो‌र्ट्स, ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स, पावर एंड रिन्युएबल्स, स्टार्टअप्स एंड इनोवेशन, टेक्सटाइल्स, ट्रैवेल्स सहित विभिन्न पेवेलियन भी बनाए गए हैं। इसके अलावा ट्रेड शो में मेक इन इंडिया और स्टेच्यू ऑफ यूनिटी की प्रतिकृति, बुलेट ट्रेन सिम्युलेटर, फार्म टू फैब्रिक पेवेलियन और खादी जैसे विषय भी मुख्य आर्कषण का केंद्र हैं।
अफ्रीका दिवस भी मनाया जाएगा:-ऊर्जा मंत्री सौरभ पटेल ने बताया कि भारत और अफ्रीका के द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से वाइब्रेंट गुजरात अंतरराष्ट्रीय निवेशक सम्मेलन के दौरान 19 जनवरी को अफ्रीका दिवस का आयोजन भी किया जाएगा। दिनभर चलने वाले इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज उपस्थित मेहमानों, प्रतिनिधियों और उद्योगपतियों को संबोधित करेंगे।उन्होंने बताया कि गुजरात से फिलहाल अफ्रीका के 54 देशों में से 51 देशों में विभिन्न वस्तुओं का निर्यात किया जाता है। 2017-18 दौरान यह निर्यात 19.6 अरब अमेरिकी डॉलर था। पिछले चार वर्षो में यह निर्यात दोगुने से अधिक हो गया है। गुजरात से वस्तुओं के निर्यात का 30 प्रतिशत हिस्सा अफ्रीकी देशों का है।
कोई पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल नहीं आएगा : रूपाणी:-मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने बुधवार को स्प्ष्ट किया कि वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन में पाकिस्तान का कोई प्रतिनिधिमंडल हिस्सा नहीं लेगा। दरअसल, गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (जीसीसीआइ) द्वारा विभिन्न वैश्विक व्यापार संगठनों को आमंत्रित करने के क्रम में कराची चैंबर ऑफ कॉमर्स को भी आमंत्रण भेज दिया गया था। इससे विवाद की स्थिति पैदा हो गई थी। पत्रकारों से बातचीत में रूपाणी ने कहा, 'वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन में पाकिस्तान से कोई प्रतिनिधिमंडल नहीं आ रहा है। इसके बारे में चर्चा हुई थी, लेकिन यह सच नहीं है।'

इंदौर। Indian Railway, रेलवे यात्रियों के लिए खुशखबरी है, अब चार्ट बनने के बाद भी Waiting ticket कंफर्म हो सकेंगे। टीसी के पास अब रिजर्वेशन रद कराने वालों की अपडेट जानकारी होगी। रेलवे ट्रेन में चलने वाले प्रत्येक टीसी को हैंड डिवाइस उपलब्ध कराएगा। इसमें जैसे ही कोई व्यक्ति अपना रिजर्वेशन रद कराएगा, वैसे ही लाइन में लगे अगले व्यक्ति का वेटिंग या आरएसी कंफर्म हो जाएगा और उसे टीसी को सीट देनी होगी। ये निर्देश डीआरएम को दो दिन पहले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान रेल मंत्री पीयूष गोयल ने दिए। यह सुविधा शीघ्र ही लागू की जाएगी।रेलवे रतलाम मंडल के डीआरएम आरएन सुनकर ने बताया कि कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान स्वच्छता व अन्य व्यवस्थाओं पर भी ध्यान देने के लिए कहा गया है। साथ ही उन्होंने इंदौर स्टेशन की सुंदरता और हेरिटेज ट्रेन की भी तारीफ की है। उन्होंने स्टेशनों के मेंटेनेंस पर लगातार ध्यान देने की बात कही है। उन्होंने कहा, लोगों को स्टेशन पर मिलने वाली सुविधाओं का ध्यान रखा जाए।
ऐसे काम करेगी नई सुविधा:-अभी रिजर्वेशन चार्ट स्टेशन से ट्रेन चलने के चार घंटे पहले बनकर तैयार हो जाता है। इसके बाद यदि कोई अपना रिजर्वेशन रद करवाता है, तो उसकी जानकारी न तो टीसी को लग पाती है, न ऑनलाइन दिखाई देता है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। जैसे ही टिकट रद होगा, वह टीसी के पास मौजूद टेबलेट पर दिख जाएगा। इसके बाद अगले व्यक्ति का रिजर्वेशन कंफर्म हो जाएगा और उसे सीट मिल जाएगी।
सीट खाली होने पर देनी होगी जगह;-नई सुविधा के दौरान यदि कोई व्यक्ति ट्रेन में नहीं चढ़ा और उसने टिकट भी रद नहीं करवाया है, तो अगले वेटिंग वाले व्यक्ति को जगह देना टीसी की जिम्मेदारी होगी। सीट नंबर के हिसाब से ही जगह मिलेगी, लेकिन सीट देने के पहले टीसी को पूरी तरह इस बात की पुष्टि करना होगी कि रिजर्वेशन कराने वाला सफर नहीं करेगा।
दो दिन पहले दिए निर्देश:-रतलाम मंडल के डीआरएम आरएन सुनकर का कहना है, 'रेल मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नई सुविधा शुरू करने की तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। यह सेवा शीघ्र ही सभी ट्रेनों में शुरू की जाएगी। इसे लेकर सभी टीसी को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।'

नई दिल्ली। लेटलतीफी के लिए मशहूर भारतीय रेलवे (Indian Railways) अब यात्रियों को ट्रेन की स्थिति (Real Time Train Status) की सटीक सूचना दे सकेगा। इसके लिए रेलवे ने अपने ट्रेन इंजनों को इसरो के सैटेलाइट से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे रेलवे को भी ट्रेनों के संचालन को लेकर आसानी से और सटीक जानकारी मिल सकेगी। अभी रेलवे के लिए भी अपनी ट्रेनों की मौजूद स्थिति पता करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। इसकी वजह से रेलवे यात्रियों को अक्सर स्टेशन पर घंटों इंतजार करना पड़ता है।रेलवे के अनुसार ट्रेनों के आवागमन की जानकारी जुटाने और कंट्रोल रूम को अपडेट करने के लिए भारतीय अनुसंधान संगठन (इसरो) की मदद लेने की योजना काफी समय से चल रही थी। इस योजना के तहत ट्रेन के इंजनों को इसरो की सैटेलाइट से जोड़कर रियल टाइम ट्रेन इंफोरमेशन सिस्टम (आरटीआइएस) तैयार किया गया है। इससे ट्रेनों के कंट्रोल चार्ट में उनकी मौजूदा स्थिति अपने आप रिकॉर्ड होगी। इस नई प्रणाली से रेलवे को ट्रेन संचालन में अपने कंट्रोल रूम और पूरे नेटवर्क को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
इन रूट की ट्रेनों में हुई है शुरूआत:-नए साल पर रेलवे ने इस योजना की शुऊआत कर दी है। आठ जनवरी से श्रीमाता वैष्णो देवी-कटरा बांद्रा टर्मिनस, नई दिल्ली-पटना, नई दिल्ली-अमृतसर और दिल्ली-जम्मू रूट की कुछ ट्रेनों में योजना की शुरूआत की जा चुकी है। जल्द ही अन्य ट्रेनों के इंजन को भी इसरो सैटेलाइट से जोड़ लिया जाएगा। इस पूरी कवायद का मकसद ट्रेनों के परिचालन की सूचना को सटीक करना है।
ऐसे पता लगेगा रियल टाइम स्टेटस:-ट्रेनों की सटीक जानकारी पता करने के लिए उसके इंजन में आरटीआइएस युक्त एक डिवाइस लगाई जा रही है। इस डिवाइस के जरिए ट्रेन इंजन को इसरो के गगन जियो पोजीशनिंग सिस्टम से जोड़ा जा रहा है। इससे ट्रेनों के परिचालन का रियल टाइम स्टेटस पता लगाया जाता है। इससे ट्रेनों की गति व गैर निर्धारित स्टॉपेज आदि का भी पता चलता है।
यात्रियों को मिलेगी ये सुविधा:-इस नई योजना से ट्रेनों के परिचालन को और समयबद्ध करने में मदद मिलेगी। जाहिर है कि ये रेलवे यात्रियों के लिए भी एक बड़ी सहूलियत होगी। साथ ही रेलवे को भी अपनी लेटलतीफ वाली छवि सुधारने में मदद मिलेगी। अभी ट्रेनों के रनिंग स्टेटस की स्थिति मैन्युअल अपडेट की जाती थी। ऐसे में अक्सर सटीक जानकारी नहीं मिल पाती थी।

नई दिल्ली। Dance Bar, सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने डांस बार (Dacne Bar) मामले में अहम फैसला सुनाया है। फैसले के मुताबिक मुंबई में एक बार फिर डांस बार खुल सकेंगे। लेकिन कोर्ट ने शर्तों के साथ डांस बार खोलने की इजाजत दी है। कोर्ट ने कहा कि डांसर को अलग से टिप नहीं दी जा सकती है और ना ही डांसर पर पैसे उछाले जा सकते हैं। बता दें कि इससे पहले 30 अगस्त 2018 को सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद देश की उच्चतम न्यायलय ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।शीर्ष न्यायलय ने स्कूल और धार्मिक स्थान से एक किलोमीटर की दूरी की शर्त पर कहा अतार्किक, लेकिन तर्कसंगत दूरी रहेगी। कोर्ट ने अश्लील डांस की परिभाषा बरकरार रखी। कोर्ट ने बार डांसिग एरिया अलग रखने की शर्त खारिज कर दी है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार ने 2016 के कानून मे डांस बार के लिए कड़ी शर्तें लगाई थीं, जिनमें सीसीटीवी कैमरे लगाने की शर्त भी थी इस शर्त को भी कोर्ट खारिज कर दिया है। कानून को सुप्रीम कोर्ट मे चुनौती दी गई थी
जानिए कोर्ट के फैसले की अहम बातें
-कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि डांसर को टिप दी जा सकती है, लेकिन उन पर पैसे नहीं फेंके जा सकते।
-डांस बार में आर्केस्ट्रा (Orchestra) पर कोई रोक नहीं।
-सुप्रीम कोर्ट ने सीसीटीवी कैमरा लगाने और 'अच्छे लोगों' को ही लाइसेंस देने की शर्त को खत्म किया।
-अदालत ने कहा कि मुंबई के डांस बार में सीसीटीवी कैमरों की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि ये लोगों की निजता यानी प्राइवेसी का उल्लंघन करते हैं।
-डांस बार में शराब पर कोई प्रतिबंध नहीं।
-कोर्ट ने अश्लील डांस की परिभाषा बरकरार रखी है।
-स्कूल और धार्मिक स्थान से एक किलोमीटर की दूरी की शर्त पर कहा अतार्किक लेकिन तर्कसंगत दूरी रहेगी।
-कोर्ट ने बार डांसिग एरिया अलग रखने की शर्त खारिज कर दी है।
-डांस बार में एरिया और ग्राहकों के बीच दीवार नहीं होगी। सरकार ने नियम तय किया था कि ग्राहक और डांसरों के बीच एक 3 फुट ऊंची दीवार बनाई जाए, जिससे डांस तो देखा जा सके, मगर डांसर तक पहुंचा न जा सके।
-सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मुंबई में डांस बार शाम 6 से 11.30 तक खुल सकेंगे।
-डांस बार में अश्लीलता नहीं होनी चाहिए।
-कोर्ट ने कहा कि डांस बार पर पूरी तरह से प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता है, हां कुछ पाबंदियां जरूर लगाई जा सकती हैं
हर व्यक्ति को जीविका कमाने का अधिकार:-इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने राज्य सरकार के नए एक्ट को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। अपनी सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई में कहा था कि समय के साथ अश्लीलता की परिभाषा भी बदल गई है और ऐसा लग रहा है कि मुंबई में मॉरल पुलिसिंग हो रही है।कोर्ट ने कहा था कि जीविका कमाने का अधिकार हर व्यक्ति को है। आपको बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा लगाई गई पाबंदी को हटा दिया था जिसके बाद सरकार ने नए लाइसेंस देने के लिए नियाम और कड़े कर दिए थे। नए कानून के अनुसार, बार सिर्फ शाम 6:30 से रात 11:30 तक ही खुल सकते हैं और राज्य में ऐसे किसी भी बार या होटल में शराब नहीं परोसी जाएगी जहां लड़कियां डांस करती हैं

नई दिल्ली। आइएसआइएस (ISIS Module) से प्रभावित मॉड्यूल के संबंध में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) पंजाब और उत्तर प्रदेश की करीब 7 जगहों पर छापेमारी कर रही है। एनआइए के आइजी ने ये जानकारी दी।इस सिलसिले में लुधियाना की नूरी मस्जिद के मौलवी भी गिरफ्तार किया गया है। एनआइए ने सुबह ही मस्जिद में रेड की। यहां तक की स्थानीय पुलिस को भी इस मामले की जानकारी नहीं थी। बता दें कि इससे पहले एनआइए ने यूपी के अमरोहा से आइएसआइएस मॉड्यूल का खुलासा किया था। इस संबध कई लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी और विस्फोटक भी बरामद किए गए थे। बता दें कि आतंकी गतिविधियों में लिप्त लोगों पर एनआइए लगातार शिकंजा कस रही है। इससे पहले मेरठ से कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसमें किठौर के गांव राधना निवासी नईम, जसौरा निवासी मौलवी अफसार शामिल हैं। शनिवार सुबह एनआइए ने पुलिस-पीएसी के साथ अफसार और उसके मामा के यहां दबिश दी। इस दौरान अफसार का बैग, मोबाइल व कुछ धार्मिक पुस्तकें जब्त की गईं। इसके बाद एनआइए अफसार को लेकर हापुड़ के गांव पिपलैड़ा पहुंची। जहां उसकी निशानदेही पर शहजाद नामक युवक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। वहां से दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए हुए हैं। हालांकि शहजाद की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की गई है।
नए मॉड्यूल हरकत उल हर्ब-ए-इस्लाम का राजफाश;-गौरतलब है कि एनआइए ने गत 26 दिसंबर को दस संदिग्धों को गिरफ्तार कर आतंकी संगठन आइएसआइएस के नए मॉड्यूल हरकत उल हर्ब-ए-इस्लाम का राजफाश किया था। मामले में हापुड़ के गांव वैट निवासी साकिब की गिरफ्तारी के बाद आतंकियों को हथियार मुहैया कराने में किठौर के राधना निवासी नईम का नाम सामने आया था। एनआइए द्वारा वांछित घोषित करने के बाद तीन जनवरी को नईम ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। चार जनवरी को दस दिन की रिमांड पर लेने के बाद एनआइए ने नईम के साथ राधना निवासी मतलूब और उसके भाई महबूब के घर छापामारी की थी। हालांकि, दोनों फरार मिले थे। इन पर आतंकियों को हथियार बेचने का आरोप है।

कुंभनगर। भारत धर्मप्राण देश रहा है यानी इसकी आत्मा धर्म है। सिर्फ हमें अपने व्यवहार का पालन करना है, धर्म का पालन हो जाएगा। कथावाचक किरण कहती हैं कि जो मानवतापूर्ण गुणों से युक्त होगा वो धर्म युक्त होगा। आज लोगों के ज्यादा देर तक चुप रहने से भी हम बेचैन हो रहे हैं। हम धैर्यहीन हो रहे हैं। हमारा व्यवहार हमारे माता-पिता बनाते हैं। ये न शास्त्र सिखा सकते हैं न गुरु बता सकते हैं। कहा गया है कि धर्मो रक्षति रक्षित: यानि धर्म की जो रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है। बाकी अंदाजा लगा सकते हैं कि आज हम असुरक्षित क्यों महसूस कर रहे हैं। भक्ति किरण जी सोलह साल से कथावाचक हैं।
..तो संस्कारों की जड़ तक समझ जाएंगे:-कोई भी संन्यासी है या नहीं, यह तो उसके संस्कार बता देते हैं और संस्कार कहां से मिले हैं वो देखकर ही पता किया जा सकता है। कहा भी गया है कि जैसा पानी होता है वैसी वाणी होती है और जैसा अन्न खा रहे हैं वैसा मन हो जाता है। दीपो भक्षते ध्वांतम..मतलब दीया अंधेरा खाता तो कालिख छोड़ता है। इसी प्रकार, मनुष्य का वातावरण ही उसका आचरण बता देता है। वागीश स्वरूप ब्रह्मचारी कहते हैं जितनी इंद्रियां नियंत्रित होंगी उतने ही हम संयमित। बस यही धर्म है और ऐसा ही उसका कर्म भी। वागीश स्वरूप ब्रह्मचारी पंजाब से हैं। पहला आश्रम यानी ब्रह्मचर्य का पालन कर रहे हैं।प्रयागराज कुंभ मेले में ड्यूटी पर आए सीआइएसएफ जवान के साथ फोटो खिंचवाते विदेशी पर्यटक।
विवेकानंद जैसे तो विरले ही होते हैं;-भक्ति किरण जी कहती हैं कि आश्रम एक व्यवस्था है जो धर्म के प्रवाह में हमारी सारथी होती है। संन्यास तक पहुंचने के लिए हमें ब्रह्मचर्य, गृहस्थ और वानप्रस्थ से होकर गुजरना पड़ता है और एक गृहस्थ बहुत अच्छा संन्यासी हो सकता है क्योंकि उसने दुनिया को समझा और जाना है। विवेकानंद जी का जीवन एक मिसाल है और उन जैसे विरले ही हो सकते हैं।
भीड़ ज्यादा, गहराई कम;-दोनों ही युवाओं की नजर में धर्म में युवा चेहरे हैं और लगातार बढ़ रहे हैं लेकिन पूरी तरह के शास्त्र का ज्ञान रखने वाले कम हैं। जो हैं यह उनकी साधना है। कहते हैं आज तीन तरह के लोग हैं समाज में। पहले वो जो शास्त्र में क्या लिखा है..यह जानते हैं और दूसरे वो जो उन्हें सुनना चाहते हैं। तीसरे वे जो न जानते हुए भी चीखते हैं। ऐसे में शास्त्र का ज्ञान रखने वालों के मौन से धर्म का स्वरूप बिगड़ रहा है।

मेघालय। भारतीय नौसेना ने पू्र्वी जयंतिया हिल्स में गैरकानूनी कोयला खदान से 200 फुट की गहराई से एक शव बरामद किया है। इस घटना को लगभग 36 दिन बीत चुके हैं।शेष खनिकों की तलाश के लिए अभियान जारी है। इस खदान में बीते 13 दिसंबर से खनिक फंसे हुए हैं। बताया जा रहा है कि अंदर फंसे लोगों के जीवित बाहर आने की उम्मीद नहीं है। इससे पहले एनडीआरएफ की टीम को तीन खनिक कर्मचारियों के हेलमेट मिले थे। मेघालय के लुमथरी की कोयला खदान मे 13 दिसंबर से 15 मज़दूर फंसे हैं। 370 फीट गहरी इस अवैध खदान में लगभग तीन हफ्तों से फंसे श्रमिकों को निकालने के लिए वचाव कार्य जारी है। इसके लिए करीब 200 से भी ज्यादा कुशल अधिकारियों व कर्मचारियों को लगाया गया है। इनमें नौसेना के 14, ओडिशा दमकल विभाग के 21, कोल इंडिया के 35, एनडीआरएफ के 72 और मेघालय एसडीआरएफ के जवान शामिल हैं। खदान से पानी निकालने के लिए उच्च क्षमता वाले आठ सबमर्सिबल पंप भी लगाए गए हैं।इससे पहले खदान हादसे में जीवित बच निकले मजदूर साहिब अली ने बताया था कि किसी भी तरह से अंदर फंसे लोगों के जीवित बाहर आने की उम्मीद नहीं है। आखिर कोई आदमी बिना सांस लिए कितने समय तक जिंदा रह सकता है। साहिब असम के चिरांग जिले का निवासी है। उसके साथ अन्य चार मजदूर भी कोयला खदान में पानी भरने के दौरान बच निकले।हालांकि, इसके बावजूद खनिकों की तलाश जारी है। पिछले दिनों केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि मेघालय की अवैध कोयला खदान में 13 दिसंबर से फंसे 15 मजदूरों को बचाने में उसे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने बताया कि 355 फीट गहरी यह खदान चूहों के बिलों की भूल भुलैया की तरह है, जिसका कोई ब्लूप्रिंट नहीं है। खदान नदी के किनारे हैं और खदान में हो रहे नदी के पानी का रिसाव बचाव अभियान में बाधक बन रहा है।

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