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नागपट्टिनम - तमिलनाडु के नागापट्टनम, तंजावुर और तिरूवारूर जिलों को शुक्रवार तड़के पार करते हुए भीषण चक्रवाती तूफान'गाजा'ने काफी तबाही मचाई है और राज्य में विभिन्न हादसों में 20 लोगों की मौत हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार तंजावुर में चक्रवात और बारिश के चलते हुए हादसों में 10 लोगों की मौत हुई है और तिरूवारूर मेें चार, पुडुकोट्टाई में तीन, त्रिची में दो ,नागापट्टनम,कुड्डालोर और तिरूवानामलाई में एक एक लोगों की मौत की रिपोर्ट है। मुख्यमंत्री ई के पलानीस्वामी ने इन घटनाओं में मारे गए लोगों के परिजनों को दस दस लाख रूपए की सहायता देने की घोषणाा की है।
उन्होंने बताया कि चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी के लिए राज्य सरकार के मंत्री कैम्प कर रहे हैं। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में बिजली और पानी की आपूर्ति बहाल करने के लिए लोक कल्याण विभाग, बिजली विभाग और राहत प्रबंधन विभाग को युद्ध स्तर पर काम करने को कहा है।
उन्होंने सलेम के ओमालुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि चक्रवात के कारण हवाओं की रफ्तार 11० किलोमीटर प्रति घंटा थी और इसके कारण तिरूवारूर,नागापट्टनम, पुडुकोट्टाई, रामानाथापुरम, तंजावुर और कुड्डालोर जिलों में गंभीर विनाश हुआ है।
मुुख्यमंत्री ने कहा कि तूफान जनित हादसों में मारे गए लोगों के परिजनों को राज्य दस दस लाख रूपए, गंभीर रूप से घायल लोगों को एक लाख रूपए तथा साधारण रूप से घायलों को 25 हजार रूपए की अनु्ग्रह राशि राज्य सरकार की तरफ से दी जाएगी। उन्होंने मछुआरों को यह आश्वासन भी दिया कि उन्हें हुुए नुकसान की भरपाई भी की जाएगी।
तमिलनाडु राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, निचले इलाकों से 76,290 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। इन सभी को नागपट्टिनम, पुदुकोट्टई, रामनाथपुरम और तिरूवरूर सहित छह जिलों में स्थापित 300 से ज्यादा राहत शिविरों में रखा गया है। नागपट्टिनम के शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।
राज्य के मंत्री एमसी संपत ने कहा- जिन लोगों ने अपने इस आपदा में अपनी जान गंवाई है उनके परिजनों को अनुग्रह राशि दी जाएगी।
भारत मौसम विज्ञान विभाग की ओर से जारी बुलेटिन में कहा गया है, ''गंभीर चक्रवातीय तूफान 'गज शुक्रवार की सुबह नागपट्टिनम और वेदारण्यम के बीच तमिलनाडु और पुडुचेरी तट से गुजरा.... इस दौरान हवा की गति 100-110 किलोमीटर प्रतिघंटा के बीच थी जो बढ़कर 120 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच गई।
मौसम विभाग का कहना है कि चक्रवातीय तूफान के पश्चिम की ओर बढ़ने और अगले छह घंटे में कमजोर पड़ने की संभावना है। इस दौरान नागपट्टिनम, तिरूवरूर और तंजावुर में भारी बारिश हुई। कई क्षेत्रों में पेड़ उखड़ गए। चक्रवात के मद्देनजर यहां और तटवर्ती क्षेत्रों में कई जगहों पर बिजली आपूर्ति बाधित रही।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की चार टीमें पहले से ही नागपट्टिनम में मौजूद हैं जबकि राज्य आपदा मोचन बल की दो टीमों को कडलूर में तैनात किया गया है।


कोच्चि - सबरीमाला मंदिर जाने के लिए शुक्रवार तड़के केरल के कोच्चि पहुंचीं महिला कार्यकर्ता तृप्ति देसाई को हवाई अड्डे पर भारी विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा। गुस्से में प्रदर्शनकारियों ने उनका रास्ता रोक दिया। वहीं, निलक्कल, पांबा और सन्नीधनम में धारा 144 को लागू कर दिया गया है।
पुणे से सुबह पांच बजे इंडिगो फ्लाइट से पहुंची देसाई को एयरपोर्ट से बाहर जाने की इजाजत नहीं दी गई। सड़कों पर उतरकर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से कहा कि वे देसाई को वहां से लेकर जाएं नहीं तो पूरे इलाके में तनाव बढ़ जाएगा। हालांकि, पुलिस ने देसाई को एक होटल में शिफ्ट करने की कोशिश की लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उसे एयरपोर्ट से बाहर निकालने से इनकार करते हुए उसे वापस जाने को कहा।
देसाई ने पुलिस ने कहा कि वह पंबा तक एक टैक्सी भारी पर ले लें जो सबरीमाला मंदिर के बेस कैम्प है। वहां से करीब 5.5 किलोमीटर की यात्रा शुरू होती है। टैक्सी ड्राईवर ने भी उसे एयरपोर्ट से बाहर ले जाने से इनकार कर दिया। वे करीब तीन घंटे से भी ज्यादा वक्त तक व्यस्ततम एयरपोर्ट पर रही।
राज्य सरकार दे सुरक्षा
उधर, सबरीमाला मंदिर जाने पर अड़ी तृप्ति देसाई ने कहा- "प्रदर्शनकारियों को हिंसा नहीं करनी चाहिए। एक बार जब मैं वहां पहुंच जाती हूं तो देखती हूं कि किसी तरह की सुरक्षा राज्य सरकार हमें देती है। अगर हमें राज्य सरकार सुरक्षा नहीं देती है तो हम वैसे ही जाएंगे। हम पर हमले किए जा सकते हैं। मुझे जान से मारने और हमले की कई धमकियां दी जा चुकी हैं।"
उधर, बीजेपी नेता एमएन गोपी ने कोच्चि एयरपोर्ट के बाहर कहा- तृप्ति देसाई को एयरपोर्ट से पुलिस या किसी सरकारी गाड़ी में जाने की इजाजत नहीं देंगे। एयरपोर्ट टैक्सियां भी उन्हें नहीं ले जाएंगी। अगर वे चाहती हैं तो वे अपनी गाड़ी से जा सकती हैं। अगर वे एयरपोर्ट से बाहर जाती हैं तो उन्हें पूरे रास्ते विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ेगा।
आज शाम तीसरी बार खुलेगा सबरीमाला मंदिर
उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद मंदिर शुक्रवार शाम को तीसरी बार खुलेगा। शीर्ष अदालत ने 28 सितंबर के अपने आदेश में भगवान अयप्पा मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति दे दी थी लेकिन अभी तक कोई महिला दर्शन नहीं कर सकी। हवाई अड्डे पर प्रदर्शन कर रहे स्थानीय भाजपा नेताओं ने कहा कि श्रद्धालु देसाई और उनके साथ आए दल को हवाई अड्डे से बाहर निकलकर सबरीमला मंदिर नहीं जाने देंगे। देसाई के साथ कथित तौर पर उनके छह साथी भी हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि देसाई और उनकी टीम यहां दशकों से चल रही मंदिर की परंपरा का उल्लंघन करने आई हैं। उन्होंने कहा, ''वह यहां दर्शन करने नहीं बल्कि शनिवार से शुरू हो रही शांतिपूर्ण सबरीमला तीर्थयात्रा में बाधा डालने आई हैं।
महिलाओं और भाजपा कार्यकर्ताओं समेत अयप्पा श्रद्धालु बड़ी संख्या में हवाई अड्डे के बाहर एकत्रित हुए और उन्होंने अयप्पा के मंत्रोच्चार के साथ प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी हालात को नियंत्रण में करने के लिए हवाई अड्डे पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने देसाई और प्रदर्शनकारियों के साथ चर्चा की लेकिन दोनों पक्ष अपनी बात पर अड़े रहे।
फोन पर मीडिया से बातचीत में देसाई ने कहा कि वह भगवान अयप्पा मंदिर में दर्शन के बिना महाराष्ट्र वापस नहीं जाएंगी। स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी हवाई अड्डे के घरेलू टर्मिनल पर मौजूद रहे । भगवान अयप्पा मंदिर शनिवार को दो महीने तक चलने वाली पूजा के लिए फिर से खुलेगा।
शनि शिंगणापुर मंदिर, हाजी अली दरगाह, महालक्ष्मी मंदिर और त्र्यम्बकेश्वर शिव मंदिर समेत कई धार्मिक सथानों पर महिलाओं को प्रवेश देने के अभियान का नेतृत्व करने वाली देसाई ने केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन को ई-मेल लिखकर सुरक्षा मांगी थी क्योंकि उन्हें मंदिर जाने के दौरान हमले का डर था।
देसाई ने कहा, ''हम सबरीमला मंदिर में दर्शन किये बिना महाराष्ट्र नहीं लौटेंगे। हमें सरकार पर भरोसा है कि वह हमें सुरक्षा मुहैया कराएगी। उन्होंने कहा, ''यह राज्य सरकार और पुलिस की जिम्मेदारी है कि सुरक्षा मुहैया कराई जाए और हमें मंदिर ले जाया जाए क्योंकि उच्चतम न्यायालय ने मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति दे दी है।

 


नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने MP Election 2018 के चुनाव प्रचार के दौरान गांधी परिवार पर बड़ा हमला बोला है और उन्हें मुकाबले का चैलेंज दिया है। पीएम ने कहा कि आओ हो जाए मुकाबला कि एक ही परिवार की चार पीढ़ियों ने और पिछले चार साल में एक चायवाले प्रधानमंत्री ने देश को क्या दिया है। प्रधानमंत्री शुक्रवार को शहडोल में जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा, 'कांग्रेस के नेता जा-जाकर भड़का रहे हैं कि शिवराज जी ने ये नहीं किया, शिवराज जी ने वो नहीं किया। इनसे एक सवाल पूछा जाना चाहिए कि नहीं?. तो कांग्रेस वाले जब आएं तो पूछना कि 55 साल आपने सरकार चलाई थी, क्या आप सड़क बना कर गए थे और शिवराज जी ने आकर उखाड़ फेंकी हैं?। ये सड़क-स्कूल क्या आप 55 साल में बनाकर गए थे जो शिवराज जी ने आकर तोड़ दिए। तो जो काम उन्होंने नहीं किया, हमें पूछ रहे हैं क्यों नहीं हुआ।'

 


रेवाड़ी - हरियाणा के रेवाड़ी जिले के धारूहेड़ा में हत्या के एक वांटेड आरोपी के साथ गुरुवार रात हुई मुठभेड़ के दौरान क्राइम ब्रांच के एक सब इंस्पेक्टर (एसआई) रणबीर सिंह (49) की गोली लगने से मौत हो गई।
घटना गुरवार रात को उस समय हुई जब रणबीर सिंह को हत्या के मामले में वांटेड आरोपी नरेश के धारूहेड़ा-भिवाड़ी रोड पर होने की सूचना मिली। वह पुलिस टीम के साथ रात लगभग साढ़े नौ बजे मौके पर पहुंचे, लेकिन पुलिस को देखते ही नरेश ने फायरिंग कर दी। इस फायरिंग में एसआई रणबीर सिंह गोली लगने से गम्भीर रूप से घायल हो गए। जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने नरेश को मौके से ही दबोच लिया और रणबीर सिंह को अस्पताल लेकर पहुंची लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हत्या के कई मामलों में वांटेड है नरेश
न्यूज एजेंसी वार्ता के अनुसार, गिरफ्तार बदमाश नरेश रेवाड़ी के खरखरा गांव का रहने वाला है। उसने गत 31 अक्टूबर को दिल्ली-जयपुर राजमार्ग पर ढाबा मालिक की हत्या कर दी थी जो उसके ही गांव का रहने वाला था। बताया जाता है कि नरेश पर इससे पहले भी हत्या और हत्या का प्रयास के मामले चल रहे हैं और इनमें वह पुलिस को वांटेड था। पुलिस नरेश को शुक्रवार को अदालत में पेश करेगी।
डीजीपी ने एसआई के निधन पर दुख जताया
इस बीच राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बी.एस. संधू ने एसआई रणबीर सिंह के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे पुलिस विभाग के लिए भारी क्षति बताया है। उन्होंने कहा कि दिवंगत अधिकारी को उनकी बहादुरी और सेवाओं के लिए सदैव याद रखा जाएगा। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति भी हार्दिक समवेदना व्यक्त करते ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की। उन्होंने रेवाड़ी पुलिस अधीक्षक को भी इस मामले में अदालत में जल्द चालान पेश करने के निर्देश दिए ताकि आरोपी को सख्त सजा दिलाई जा सके।
आश्रित परिवार को 60 लाख रुपए देने का एलान
डीजीपी संधू ने कहा कि पुलिस विभाग की कल्याणकारी योजनाओं के तहत रणबीर सिंह के परिवार को सभी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नीति के तहत 30 लाख रुपये की विशेष अनुदान राशि के अलावा 30 लाख रुपये की अन्य वित्तीय सहायता भी आकस्मिक मृत्यु बीमा कवर के तहत आश्रितों को प्रदान की जाएगी। इसके अलावा पुलिस पब्लिक स्कूल में मृत कर्मचारी के बच्चों को बारहवीं तक मुफ्त शिक्षा भी मुहैया कराई जाएगी।


लखनऊ - बतौर निर्दलीय विधायक 25 वर्ष पूरा करने पर रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने अपना अलग दल बना लिया है। लखनऊ में 30 नवंबर को अपनी पार्टी जनसत्ता दल की रैली की तैयारी में लगे राजा भैया ने आज मीडिया से कहा कि एससी-एसटी एक्ट का विरोध करने के लिए उन्होंने अपनी नई पार्टी बना ली है।
प्रतापगढ़ के कुंडा से पिछले लगातार पांच चुनाव से निर्दलीय विधायक के रूप सदन में पहुंचने वाले पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने आज अपनी नई राजनीतिक पार्टी का ऐलान कर दिया। इस अवसर पर उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संसद में एससी-एसटी एक्ट में संशोधन न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रमोशन में भी आरक्षण प्रतिभाओं के साथ अन्याय है। अगर एक बार किसी को आरक्षण का लाभ मिला तो आगे उसको लाभ नही मिलना चाहिए। हमारी पार्टी इसके खिलाफ मोर्चा खोलेगी।
उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी जातीय आधार पर प्रमोशन के खिलाफ है। हम मानते हैं कि योग्यता प्रमोशन का आधार होनी चाहिए। दलित और गैर दलित के बीच मिलने वाली सरकारी सुविधाओं में भेदभाव हो रहा है, जिसका हम विरोध करेंगे। दलित और गैर दलित के बीच भेदभाव हो रहा। राजा भैया ने कहा कि कुछ मुद्दे ऐसे है जिसपर सियासी पार्टिया सदन और बाहर कही भी नही बोलते। ऐसा ही एक मुद्दा है एससी-एसटी एक्ट। एक्ट। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी के समय एससी-एसटी एक्ट बना और समय के साथ इसमे जटिलता आती गई।
प्रदेश में 25 वर्ष से राजनीतिक पारी खेल रहे राजा भैया के मुताबिक पार्टी के 80 फीसदी समर्थक चाहते थे कि नई पार्टी का ऐलान हो इसलिए उन्होंने ये बड़ा कदम उठाया है। राजा भैया अब 30 नवंबर को लखनऊ के रमाबाई मैदान में अपनी पार्टी की रैली अयोजित करेंगे। 30 नवंबर को राजा भैया के राजनीति में 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस रैली में अपने समर्थकों के बीच ही वो अपनी पार्टी के गठन करेंगे। इसी साल मार्च में राज्य सभा की दस सीटों के लिए चुनाव हुए थे। बीजेपी ने 9, एसपी और बीएसपी ने एक एक उम्मीदवार उतारे थे। दबंग रघुराज प्रताप सिंह और उनके समर्थक विधायक विनोद सरोज ने बीजेपी की लाज बचा ली। समाजवादी पार्टी का साथ छोड़ कर दोनों विधायकों ने बीजेपी के लिए वोट किया। बीएसपी का उम्मीदवार हार गया।
अखिलेश यादव के साथ ही मुलायम सिंह यादव, राजनाथ सिंह व स्वर्गीय राम प्रकाश गुप्त के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री रहे राजा भैया की पार्टी का मुख्य मुद्दा एससी/एसटी एक्ट का विरोध और प्रमोशन में आरक्षण का विरोध होगा। बसपा से राजा भैया का विरोध जगजाहिर है। ऐसे में वह उत्तर प्रदेश की राजनीति में वो सवर्ण वोटों को कैश करने की कोशिश में हैं। वह खुलकर प्रमोशन में आरक्षण और एससी/एसटी एक्ट के विरोध में खड़े होकर वो सूबे की सवर्ण जातियों को अपनी ओर मोडऩा चाहते हैं। राजा भैया का प्रतापगढ़ और इलाहाबाद जैसे इलाकों में अच्छा खासा प्रभाव है। उनकी छवि एक बाहुबली और राजपूत नेता के तौर पर है।
लोकसभा चुनाव में उतार सकते हैं कैंडिडेट
माना जा रहा है कि राजा भैया लोकसभा चुनाव 2019 में अपने उम्मीदवार खड़े कर सकते हैं। रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने 26 वर्ष की उम्र में 1993 में पहली बार कुंडा विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीत हासिल की थी। इसके बाद से वे लगातार इसी सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर जीत हासिल करते आ रहे हैं। वह तो सिर्फ एक सीट से ही चुनाव लड़ते हैं लेकिन आसपास की आधा दर्जन सीटों पर उनकी दखल है। ऐसे में उनके अलग पार्टी बनाने के फैसले के उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़े मायने हैं।
उन्होंने कहा कि भले ही हमारी पार्टी नई है, लेकिन हमारी पार्टी नई है लेकिन भरोसा है कि हम अपने मुद्दों को लेकर जनता के बीच जगह बनाएंगे। उन्होंने कहा कि वह लगातार जीतते आए हैं। जाहिर है कि जनता को उन पर विश्वास है इसलिए वह उन्हें चुन रही है। इस लिए अब वह चाहते है कि पार्टी बनाकर जनता की सेवा करें। उन्होंने बताया कि पार्टी के रजिस्ट्रेशन के लिए वह जल्द ही चुनाव आयोग के पास जाएंगे। उन्होंने बताया कि जनसत्ता पार्टी, जनसत्ता लोकतांत्रिक पार्टी व जनसत्ता दल, तीन नाम चुनाव आयोग को भेजे गए हैं। पार्टी सिंबल के लिए चुनाव आयोग को लेटर लिखा गया है। राजा भैया का अच्छा खासा प्रभाव प्रतापगढ़ और इलाहाबाद जिले के कुछ हिस्से में हैं। उनका छवि एक दबंग और क्षत्रिय नेता के तौर पर है। ऐसे में अलग पार्टियों के क्षत्रिय विधायकों से उनके रिश्ते काफी बेहतर हैं।
राजाभैया 30 नवंबर को लखनऊ में अपने सम्मान समारोह के दौरान अलग दल की घोषणा करेंगे। एमएलसी कुंवर अक्षय प्रताप सिंह ने चित्रकूट में कहा कि नई पार्टी का नाम जनसत्ता दल होगा। उन्होंने कहा यह दल गरीबों, मजलूमों व आम जन की आवाज बनेगा। रजत जयंती समारोह में भारी जनसैलाब जुटाकर कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने में जुटे राजा भैया के करीबी विधान परिषद के सदस्य अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपाल जी धर्मनगरी चित्रकूट के दौरे पर पहुंचे। यहां अक्षय प्रताप ने कहा कि आम जनता के स्वाभिमान व सम्मान के लिए राजा भैया नई पार्टी का गठन कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव में किसी दल के साथ गठबंधन से उन्होंने इंकार किया।

 


अमरावती - आंध प्रदेश सरकार की चंद्रबाबू नायडू सरकार ने केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को राज्य में कानून के तहत शक्तियों के इस्तेमाल के लिए दी गई 'सामान्य रजामंदी वापस ले ली। ऐसे में अब सीबीआई आंध्र प्रदेश की सीमाओं के भीतर किसी मामले में सीधे दखल नहीं दे सकती है। प्रधान सचिव (गृह) ए आर अनुराधा द्वारा आठ नवंबर को इस संबंध में जारी एक 'गोपनीय सरकारी आदेश गुरुवार की रात ''लीक हो गया।
समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा के अनुसार ताजा सरकारी आदेश में कहा गया, ''दिल्ली विशेष पुलिस प्रतिष्ठान अधिनियम, 1946 की धारा छह के तहत दी गई शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, सरकार दिल्ली विशेष पुलिस प्रतिष्ठान के सभी सदस्यों को आंध प्रदेश राज्य में इस कानून के तहत शक्तियों तथा क्षेत्राधिकार के इस्तेमाल हेतु दी गई सामान्य रजामंदी वापस लेती है।
इस साल तीन अगस्त को आंध्र सरकार ने भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के तहत विभिन्न कानूनों के तहत अपराधों की जांच के लिए केन्द्र सरकार, केन्द्र सरकार के उपक्रम के अधिकारियों और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ जांच के लिए आंध्र प्रदेश में शक्तियों और क्षेत्राधिकार के इस्तेमाल के लिए दिल्ली विशेष पुलिस प्रतिष्ठान के सभी सदस्यों को ''सामान्य रजामंदी देने वाला सरकारी आदेश जारी किया था। सीबीआई दिल्ली विशेष पुलिस प्रतिष्ठान कानून के तहत काम करती है।
इस साल मार्च में नरेंद्र मोदी नीत सरकार से संबंध तोड़ने के बाद से नायडू आरोप लगाते रहे हैं कि केन्द्र सीबीआई जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने में कर रहा है। कुछ कारोबारी प्रतिष्ठानों पर आयकर अधिकारियों के हालिया छापे से नायडू बहुत नाराज हैं क्योंकि इनमें से कुछ प्रतिष्ठान राज्य की सत्तारूढ टीडीपी के करीबियों के हैं। बाद में उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार छापा मारने वाले आयकर अधिकारियों को पुलिस सुरक्षा मुहैया नहीं कराएगी।

 


नई दिल्ली - 1984 सिख विरोधी दंगा मामले में कांग्रेस नेता सज्जन कुमार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई के दौरान गवाह चाम कौर ने सज्जन कुमार को सुनवाई के दौरान जज के सामने पहचान लिया। सज्जन कुमार की पहचान करते हुए चाम कौर ने कहा कि ये वही शख्स है जिसने भीड़ को उकसाया था।
जानकारी के अनुसार, सुनवाई के दौरान भारी सुरक्षा के बीच कांग्रेस नेता सज्जन कुमार कोर्ट में पहुंचे थे जिसको लेकर कोर्ट में काफी गहमा-गहमी देखने को मिली। इस दौरान गवाह चाम कौर ने सज्जन कुमार उनकी पहचान की। चाम कौर इससे पहले पटियाला हाउस कोर्ट में ये अर्जी भी लगा चुकी हैं कि उनको गवाही से रोकने के लिए धमकी दी गई थी, साथ ही पैसे की पेशकश भी की गई।
दंगे में पिता और बेटे को खोया
कोर्ट में गवाही देने के बाद मीडिया से बात करते हुए चाम कौर ने कहा कि 1984 सिख दंगा मामले में गवाह के तौर पर मैंने सामने खड़े सज्जन कुमार की पहचान कर ली है। मैंने जज साहब को बोला कि इसी शख्स ने भीड़ को उकसाया था। पार्क में सज्जन कुमार ने बोला था कि हमारी मां का कत्ल सिखों ने किया है, इसलिए इन लोगों को नहीं छोड़ना है और बाद में उसी भीड़ ने उकसावे में आकर मेरे बेटे और पिता का कत्ल कर दिया।
चाम कौर ने कोर्ट में सज्जन कुमार के सामने दिए बयान में कहा कि 1 नवंबर 1984 को सुल्तानपुरी इलाके में भीड़ को सज्जन कुमार ने उकसाया था और उसके बाद भीड़ ने उसके घर को आग के हवाले कर दिया था। चाम कौर ने कोर्ट को दिए अपने बयान में आगे बताया कि उसके पिता और बेटे की हत्या भी उसी भीड़ ने की। इस मामले की जांच सीबीआई भी कर रही है।
जमानत पर बाहर हैं सज्जन कुमार
सिख विरोधी दंगा मामले में सज्‍जन कुमार अभी जमानत पर बाहर हैं। फरवरी 2018 में दिल्ली हाईकोर्ट ने 1984 के सिख विरोधी दंगे के दो मामलों में कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को अग्रिम जमानत देने के निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखा था। इस मामले की अगली सुनवाई अब 20 दिसंबर को होगी।


नई दिल्ली - सीबीआई विवाद के बीच छुट्टी पर भेजे गए डायरेक्टर आलोक वर्मा के खिलाफ केन्द्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) की गोपनीय रिपोर्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि यह रिपोर्ट इस ओर इशारा करती है कि वर्मा के खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर कुछ और जांच की जरुरत है।
सुप्रीम कोर्ट ने वर्मा से कहा कि सोमवार तक वे अपना जवाब दाखिल करें। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि संस्थान (सीबीआई) की मर्यादा बहाल और उसे सुरक्षित रखने के साथ ही लोगों में विश्वास को देखते हुए इस पर सीबीआई डायरेक्टर की प्रतिक्रिया जरूरी समझी गई।
सरकार के दो बड़े लॉ ऑफिसर्स अटॉर्नी जनरल वीवी वेणुगोपाल और सॉलिसिटर जनरल को भी बंद लिफाफे में इसकी एक कॉपी सौंपी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट की तरफ से 31 अक्टूबर को आलोक वर्मा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज एके पटनायक के पर्यवेक्षण में दो हफ्ते के भीतर सीवीसी जांच का आदेश दिया गया था। हालांकि, आयोग ने एक दिन की देरी से 16 नवंबर को कोर्ट में अपनी रिपोर्ट सौंपी है।
आलोक वर्मा को बंद लिफाफे में दी सीवीसी रिपोर्ट
सीबीआई विवादों पर शुक्रवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सीवीसी रिपोर्ट आलोक वर्मा को बंद लिफाफे में देने के लिए कहा। कोर्ट ने कहा कि सीवीसी रिपोर्ट पर वर्मा के जवाब देने के बाद ही कोर्ट अपने आगे का फैसला सुनाएगा। इसके साथ ही, कोर्ट ने सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को इनक्वायरी रिपोर्ट देने से इनकार कर दिया।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 20 नवंबर को होगी।
आलोक वर्मा के साथ नाइंसाफी हुई- सुब्रमण्यम स्वामी
उधर, बीजेपी नेता सुब्रमण्य स्वामी ने कहा- “मैं सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा को तब से जानता हूं जब वे दिल्ली पुलिस कमिश्नर थे। मैनें उन्हें सीबीआई में एयरसेल मैक्सिस और अन्य केसों में देखा है। मैं उन्हें एक जिम्मेदार अफसर मानता हूं। काफी नाइंसाफी उनके साथ हुई है। यह भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारे प्रचार को आघात पहुंचाया है। मैं उम्मीद करता हूं कि सुप्रीम कोर्ट उन्हें न्याय देगा।”
सुप्रीम कोर्ट सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा की उस याचिका पर सुनवाई की जिसमें उन पर भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच, उन्हें छुट्टी पर भेजने के आदेश को चुनौती दी गई थी। वर्मा द्वारा दायर याचिका के अलावा, अदालत में एनजीओ कॉमन कॉज की जनहित याचिका भी विचाराधीन है। इस याचिका में सीबीआई अधिकारियों के खिलाफ विशेष जांच दल द्वारा जांच की मांग की गई है।


नई दिल्ली - पिछले कुछ दिनों से बिहार में लोकसभा सीटों के बंटवारे को लेकर जहां एनडीए के सहयोगी दलों के बीच तल्खी बढ़ती जा रही है तो वहीं दूसरी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा की तरफ से हाल में दिए बयान के बाद यह विवाद और खुलकर सामने आ गया।
कुशवाहा के बयान पर बिहार जनता दल (यूनाइडेट) के प्रेसिडेंट बशिष्ठ नारायण सिंह ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा- किसी के बयान से नीतीश कुमार या जेडीयू की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ता है। नारायण सिंह साफ किया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन काफी मजबूत है और किसी का आना- जाना कोई मायने नहीं रखता है।
कुशवाहा का सीधा नीतीश पर हमला
गौरतलब है कि रालोसपा प्रमुख उपेन्द्र कुशवाहा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उन्हें और उनकी पार्टी को बर्बाद कर देने पर उतारू हैं। उन्होंने कहा कि दलों में तोड़फोड़ करना उनकी नियति है, लेकिन हम दोनों एनडीए में हैं, लिहाजा उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। विधायक के कहीं चले जाने से उनका कुछ नहीं होने वाला है। वे कोई मुख्यमंत्री तो हैं नहीं कि उनका समर्थन कम हो जाएगा।
कुशवाहा रविवार को पटना में लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान से मिलकर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मिलने नई दिल्ली गए थे। सोमवार को वहां समय नहीं मिलने के कारण उनकी मुलाकात अमित शाह से नहीं हो पाई। तब वे पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव से मुलाकत कर पटना लौट आए थे।

 


लखनऊ - प्रतापगड़ के कुंडा से बाहुबली विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने अपनी नई पार्टी बनाने का ऐलान किया है। नई पार्टी के रजिस्ट्रेशन के लिए वह चुनाव आयोग भी पहुंच चुके हैं। राजा भैया ने कहा कि वह राजनीति में 25 वर्ष पूरे कर चुके हैं और निर्दलीय राजनेता और विधायक होने की वजह से उन्होंने अपनी एक अलग पार्टी बनाने का फैसला किया है।
खबरों के मुताबिक, राजाभैया 30 नवंबर को लखनऊ में अपने सम्मान समारोह के दौरान अलग दल की घोषणा करेंगे। एमएलसी कुंवर अक्षय प्रताप सिंह ने चित्रकूट में कहा कि नई पार्टी का नाम जनसत्ता दल होगा। उन्होंने कहा यह दल गरीबों, मजलूमों व आम जन की आवाज बनेगा।
रजत जयंती समारोह में भारी जनसैलाब जुटाकर कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने में जुटे राजा भैया के करीबी विधान परिषद के सदस्य अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपाल जी बुधवार को धर्मनगरी चित्रकूट के दौरे पर पहुंचे।
यहां अक्षय प्रताप ने कहा कि आम जनता के स्वाभिमान व सम्मान के लिए राजा भैया नई पार्टी का गठन कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव में किसी दल के साथ गठबंधन से उन्होंने इंकार किया।

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