नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उत्तरप्रदेश सरकार की प्राथमिकता अयोध्या को ‘इक्ष्वाकुपुरी’ के रूप में विकसित करना है। सरकार की कोशिश है कि अयोध्या को विश्व मानचित्र पर एक धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी के रूप में विकसित किया जाए। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने कंबोडिया के शहर सीएम रीप की तर्ज पर अयोध्या को विकसित करने की कार्ययोजना पेश की है। सीएम रीप आधुनिकता और प्राचीनता का मिश्रण है। जहां प्राचीन मंदिरों के साथ आधुनिक सुख सुविधाएं भी मौजूद हैं।
अंकोर क्षेत्र का प्रवेश द्वार;-सीएम रीप उत्तरी पश्चिमी कंबोडिया के सीएम रीप प्रांत की राजधानी है। इसे अंकोर क्षेत्र का प्रवेश द्वार कहा जाता है। यहां से साढे पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित है अंकोर क्षेत्र। खामेर भाषा में अंकोर का अर्थ होता है राजधानी। यह खामेर साम्राज्य की राजधानी थी। अंकोर क्षेत्र के प्राचीन मंदिरों को देखने के लिए दुनिया भर से पर्यटक यहां आते हैं। बारहवीं सदी में बने अंकोर के मंदिर आध्यात्मिक केंद्र हैं। ये विशाल मंदिर खामेर साम्राज्य के समय बनवाए गए थे और अब यूनेस्को की वल्र्ड हेरिटेज साइट में शामिल हैं।
इतिहास के झरोखे से सीएम रीप:-नवीं से 13वीं सदी का दौर सीएम रीप का स्वर्णकाल कहा जाता है। इस दौर में खामेर साम्राज्य ने कंबोडिया के साथ ही थाइलैंड, लाओस और म्यांमार तक अपना विस्तार कर लिया था। सीएम रीप में उस वक्त लाखों लोग रहते थे। इसके सबसे यशस्वी शासक जयवर्मन सप्तम थे जिन्होंने 1181 से 1215 तक शासन किया। कहा जाता है कि अंकोर का वास्तविक नाम यशोधरपुर है। खामेर साम्राज्य 1431 तक रहा। अंकोर की संस्कृति बहुत हद तक भारत से मिलती जुलती है। जानकारों के मुताबिक यह लंबे व्यापारिक संबंधों के चलते है।
आधुनिकता में भी नहीं है पीछे;-आज सीएम रीप आधुनिकता में किसी से पीछे नहीं है। अंकोर जहां एक प्राचीन नगर है तो वहीं पर सीएम रीप आधुनिक सुख सुविधाओं को स्वयं में समेटे हर पर्यटक के लिए बाहें बिछाए खड़ा है। यह कंबोडिया का सबसे तेजी से विकसित होता शहर है। एयरपोर्ट से लेकर बड़े होटल्स, रेस्टोरेंट्स की यहां कोई कमी नहीं है।
हिंदू पौराणिक कथाओं का चित्रण:-अंकोर क्षेत्र में मंदिर करीब 200 हेक्टेयर में फैले हैं। अंकोर दुनिया का सबसे विशाल धार्मिक स्मारक है। मान्यता है कि इन्हें पूर्व में हिंदू मंदिरों के रूप में निर्माण किया गया था और ये मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित थे। 14वीं शताब्दी में भगवान बुद्ध की प्रतिमाओं को स्थापित किया गया। इन मंदिरों में समुद्र मंथनसहित कर्ई हिंदू पौराणिक कथाओं का चित्रण किया गया है। यहां पर करीब सौ मंदिर हैं।
फ्रांसीसियों ने लौटाया खोया वैभव:-बीसवीं शताब्दी तक सीएम रीप अपना वैभव खो चुका था। इसके बाद फ्रांसीसियों ने इसके पुनरुत्थान का बीड़ा उठाया। इसके बाद मंदिरों को फिर से खोजा गया और पर्यटकों की आवक शुरु हुई। 1929 में यहां पहला होटल खुला और धीरे-धीरे दुनिया के नक्शे पर छा गया। 1953 में फ्रांस के शासन से आजादी के बाद भी सीएम रीप का तेजी से विकास हुआ।

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