अंबिकापुर। बचपन से ही आंखों की परेशानी से जूझ रही 3 साल की बच्ची अनीशा अब अमेरिकन दंपति के आंचल की छांव में दुनिया देखेगी। पहले से ही तीन बच्चों के माता-पिता होने के बाद भी जब अमेरिकन दंपति से इसका कारण पूछा तो उनके द्वारा कहा गया अमेरिका मैं वह भारतीय लोगों के संपर्क में रहते हैं भारत की संस्कृति ने उन्हें प्रभावित किया है इसके साथ साथ सेवा भावना को लेकर उनकी इच्छा एक बच्ची दत्तक लेने की थी। मंगलवार को न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी करने के बाद अमेरिकन दंपत्ति को मातृछाया में पल रही बच्ची दे दी गई।
मातृछाया सेवा भारती की में पल रही थी बच्ची;-अनाथ बच्चों की बेहतरी और पालन पोषण करने वाली संस्था मातृछाया सेवा भारती की स्थापना को कई वर्ष हो गए हैं, लेकिन ये दूसरा मौका है जब यहां रहने वाले तीन साल के अनाथ बच्चे को विदेशी दंपति ने गोद लिया है। अब मातृछाया की अनीशा आगे का जीवन अमेरिका मे बिताएगी।
इस तरह किया था विदेशी दंपति ने आवेदन:-दरअसल, अमेरिका में रहने वाले 30 साल की जेसिका और 35 साल के जर्मी नाम के दंपति ने पहले भारत सरकार की संस्था कारा के माध्यम से बच्चे को गोद लेने के लिए आवेदन किया था। जिसके बाद सभी संवैधानिक प्रकिया और न्यायालय की अनुमति के बाद तीन साल की अनिशा को संस्था द्वारा अमेरिका के जर्मी जो कि अमेरिका के केनेसी पुलिस विभाग में जांच अधिकारी है औऱ उसकी पत्नी जेसिका को सौंप दिया है।
अनिशा के जाने से दुखी संस्था:-पैदा होने के कुछ दिन बाद से ही मातृछाया में पली-बढ़ी अनिशा को साढे तीन साल तक पालने वाले संस्था के लोग अनिशा के जाने से दुखी तो हैं, लेकिन उनको खुशी इस बात की है कि वो अनाथ आश्रम से अमेरिका जा कर रहेंगी। संस्था के लोगों को विश्वास है कि दंपति जर्मी औऱ जेसिका इस बच्चे की बेहतरी का हमसे ज्यादा ख्याल रखेंगे।इधर अमेरिका के ये दंपति बच्चे को पाकर बेहद खुश हैं, और भारत के बच्चे को गोद लेने की बात पर वो कहते हैं कि भारत और उनके देश में समानता है और भारत उन्हे बेहद पसंद है, इसलिए वो यहां के बच्चे को गोद ले रहे हैं। इस बच्चे की वो अच्छे से देखभाल करेंगे और इसे अच्छी शिक्षा के साथ बच्ची का पूरा ख़याल रखेंगे। उसकी आंखों की रोशनी वापस लौटाने के लिए भी वे पूरा प्रयास करेंगे।

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