नई दिल्‍ली। इसरो का चंद्रयान 2 भले ही चांद से कुछ सेकेंड के फासले पर है, लैंडर से संपर्क टूट गया है लेकिन उम्‍मीदें अभी भी कायम है। इस क्रम में देश के राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाया है। ‘हम होंगे कामयाब, मन में है विश्‍वास, पूरा है विश्‍वास हम होंगे कामयाब एक दिन’ इस तरह से राष्‍ट्रपति राम नाथ कोविंद ने इसरो की सराहना की और उनका हौसला बढ़ाया।बता दें कि अंतिम क्षणों में लैंडर से संपर्क टूट जाने के कारण इसरो का मिशन पूरा नहीं हो सका। हालांकि चंद्रयान 2 आर्बिटर चांद के ऑर्बिट में पहुंच चुका है और चंद्रमा का चक्‍कर लगा रहा है। आर्बिटर की लाइफ 1 साल की है।राष्‍ट्रपति ने उम्‍मीद जताई कि अगली बार भारत अपने ‘मून मिशन’ में कामयाब होगा। उन्‍होंने कहा कि श्रीहरिकोटा में उन्‍होंने खुद उस विशाल करियर बाहुबली को देखा था। राष्‍ट्रपति ने कहा, ‘हमने 3.84 लाख किमी की दूरी सफलतापूर्वक तय की केवल 2.1 किमी बचा था। इतने बड़ी दूरी के लिए 2.1 किमी नगण्‍य था। यह बहुत बड़ी उपलब्‍धि है। यह मात्र संयोग है दुर्भाग्‍य नहीं। मैं कहूंगा, ‘हम होंगे कामयाब, मन में है विश्‍वास, पूरा है विश्‍वास हम होंगे कामयाब एक दिन।’काम के प्रति वैज्ञानिकों की प्रतिबद्धता की प्रशंसा करते हुए राष्‍ट्रपति ने कहा कि बेंगलुरु में एक ऐसे वैज्ञानिक से मुलाकात हुई जो अपने बच्‍चे को छोड़ कर आईं थीं। राष्‍ट्रपति ने कहा इसरो चेयरमैन के सिवन व उनकी टीम आने वाले समय में हमारे रोल मॉडल होंगे।

Share this article

AUTHOR

Editor

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

ताज़ा ख़बरें