नई दिल्‍ली। आखिरकार दुनिया भर में डोसा के लिए मशहूर श्रवण भवन के मालिक पी राजागोपाल को सरेंडर करना पड़ा। उन्‍होंने पुलिस के सामने समर्पण कर दिया है। इससे पहले डोसा किंग को सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इनकार कर दिया है। बता दें कि 2001 मर्डर मामले में सरेंडर के लिए राजागोपाल ने अस्‍वस्‍थता को कारण बताते हुए अतिरिक्‍त समय की मांग की थी। जस्‍टिस एनवी रमना की अध्‍यक्षता वाले बेंच ने यह कहते हुए राजागोपाल की याचिका खारिज कर दी कि मामले की सुनवाई से पहले अस्‍वस्‍थता का मामला नहीं उठाया गया था। दरअसल, कोर्ट ने उन्हें 7 जुलाई तक आत्मसमर्पण करने और बाकी बची जिंदगी कैद में बिताने के आदेश दिए थे।राजागोपाल कर्मचारी की विवाहित बेटी से शादी कर उसे तीसरी पत्‍नी बनाना चाहता था। इसलिए उसने हद पार कर दी और महिला के पति को मरवा दिया। इसके बाद महिला ने राजागोपाल पर केस किया। वर्ष 2004 में सत्र अदालत ने राजागोपाल को दोषी पाया और 10 साल की सजा सुनाई। इस फैसले को राजागोपाल ने मद्रास हाई कोर्ट में चुनौती दी जहां 2009 में इसे बदल कर आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। इसके बाद राजागोपाल ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। लेकिन मार्च 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने भी इस फैसले को बरकरार रखा और आत्‍मसमर्पण के लिए 7 जुलाई की तारीख तय कर दिया था

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