नई दिल्ली। वेलेंटाइन वीक चल रहा है और रोज डे से लेकर प्रॉमिस डे, चॉकलेट डे, टैडी डे, हग डे तक हम पहुंच चुके हैं। अब अंतिम दो दिन हैं जिसमें 13 फरवरी को किस डे और अंत में 14 फरवरी को वेलेंटाइन डे मनाया जाता है। फरवरी के इन दिनों के बारे में कहा जाता है कि यह साल का वो वक्त होता है जब फिजाओं में रोमांस तैरता है। सच्चे प्यार और रोमांस की तलाश में लोग क्या-क्या कोशिशें नहीं करते। इन्हीं कोशिशों में से एक है डेटिंग एप्स के जरिए सच्चे साथी की तलाश। लेकिन यही तलाश कई बार आपको मुसीबत में भी डाल देती है। ब्रिटेन में 450 करोड़ रुपये के रोमांस फ्रॉड का खुलासा हुआ है।ब्रिटिश पुलिस रिपोर्टिंग सेंटर 'एक्शन फ्रॉड' ने सच्चे प्यार की तलाश कर रहे लोगों को सावधान किया है। पुलिस ने इसके लिए ऐसे आंकड़े पेश किए हैं, जो ऑनलाइन प्यार की तलाश करने वालों को डराने के लिए काफी हो सकते हैं। पुलिस आंकड़ों के अनुसार ब्रिटेन में हर साल 5 करोड़ पाउंड यानी भारतीय करेंसी के अनुसार करीब 450 करोड़ रुपये का रोमांस फ्रॉड होता है। यहां रोमांस फ्रॉड का सीधा मतलब डेटिंग एप या सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों पर नकली प्रोफाइल बनाकर किसी के साथ रिश्ता बनाना और फिर मौका मिलते ही धोखे से उसका पैसा लेकर रफू चक्कर हो जाने से है।
रोमांस फ्रॉड की शिकार ज्यादातर महिलाएं:-महिलाएं जल्द ही इमोशनल हो जाती हैं और फ्रॉड इस बात को जानते हैं। यही कारण है कि रोमांस फ्रॉड के 63 फीसद मामले महिलाओं के साथ ही होते हैं और इनकी औसत उम्र 50 साल होती है। यह फ्रॉड इतने शातिर होते हैं कि पहले वह पीड़ित को विश्वास दिला देते हैं कि वही उनका परफेक्ट पार्टनर है, जिसकी उन्हें तलाश थी। फिर जैसे ही मौका मिलता है, इस विश्वास का फायदा उठाकर किसी न किसी बहाने पीड़ित से पैसा लेकर यह लोग चंपत हो जाते हैं। यही नहीं कई बार तो निजी जानकारियां हासिल करने के बाद धोखा दिया जाता है और कई बार अंतरंग पलों की वीडियो रिकॉर्डिंग करके ब्लैकमेल करके भी पैसा ऐंठा जाता है।
धन ही नहीं स्वास्थ्य का भी नुकसान झेलना पड़ा;-आंकड़ों की बात करें तो अकेले साल 2018 में ही रोमांस फ्रॉड से जुड़ी 4555 रिपोर्ट दर्ज कराई गईं। साढ़े चार हजार से ज्यादा इन मामलों में पीड़ितों को कुल 450 करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ा। यह भी चौंकाने वाला तथ्य है कि साल 2017 के मुकाबले यह आंकड़ा 27 फीसद ज्यादा है। 42 फीसद पीड़ितों का मानना है कि रोमांस फ्रॉड में उन्हें धन का नुकसान तो झेलना ही पड़ा, साथ ही इसका उनके स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ा है। कई पीड़ित तो ऐसे भी हैं, जिन्होंने शर्म और बेइज्जती की आशंका के चलते रोमांस फ्रॉड की शिकायत ही दर्ज नहीं की।
जागरुकता प्रोग्राम चला रही पुलिस;-पुलिस की एक्शन फ्रॉड टीम डेट सेफ नाम के एक ग्रुप से साथ मिलकर जागरुकता प्रोग्राम चला रही है, ताकि लोगों को ऐसे फ्रॉड से बचाया जा सके। डेट सेफ ग्रुप में लंदन पुलिस, मेट्रोपोलिटन पुलिस, विक्टिम सपोर्ट, एज यूके, गेट सेफ ऑनलाइन जैसे संगठन शामिल हैं। एक्शन फ्रॉड, ऐसे मामलों में पीड़ित की पूरी मदद तो करती है, लेकिन ज्यादातर मामलों में लूटा गया धन वापस नहीं करवा पाती। यह इसलिए भी होता है, क्योंकि रोमांस फ्रॉड के मामलों में आम तौर पर अपराधी अपनी असल पहचान कभी जाहिर नहीं करते। ये लोग बड़े ही शातिर होते हैं और पकड़े जाने से बचने के लिए डेटिंग एप या सोशल नेटवर्किंग साइट का इस्तेमाल करने से पहले ही अपने IP एड्रेस को मास्क कर लेते हैं।
ऑनलाइन रोमांस फ्रॉड से ऐसे बचें
-अगर आप किसी ऑनलाइन रिलेशनशिप में हैं तो बिल्कुल भी जल्दबाजी न करें। जिस व्यक्ति के साथ आप रिलेशनशिप में हैं उसके प्रोफाइल को जानने की बजाय उसके व्यक्तित्व को समझने की कोशिश करें और लगातार उसके बारे में जानने की कोशिश करें।
-प्रोफाइल में जो नाम और फोटो दिया गया है उसके बारे में सर्च इंजन पर जाकर रिसर्च करें। हो सकता है आप जिसके साथ रिलेशनशिप में हैं वह अच्छा व्यक्ति हो, लेकिन जांच-परखकर ही रिश्ते में जाएं। यह आपकी सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
-जिसके साथ आप ऑनलाइन रिलेशनशिप में जा रहे हैं उसके बारे में अपने दोस्तों और परिजनों से बात करें। और हां, ऐसे व्यक्ति ले सावधान रहें जो अपने बारे में बात करने से कतराता हो और कुछ भी बताने से बच रहा हो।
-ऑनलाइन मिले लोगों को पैसे भेजने की गलती तो कभी भी न करें। अपनी बैंकिंग डिटेल, आधार नंबर या डेबिट व क्रेडिट कार्ड नंबर तो बिल्कुल भी साझा न करें।
-जितना संभव हो आप ऑनलाइन मिले लोगों से किसी सार्वजनिक जगह पर ही मिलें। कोशिश करें कि किसी मॉल, भीड़-भाड़ वाले बाजार या रेस्त्रां में ही मिलें। यही नहीं अपने किसी करीबी को इस मुलाकात के बारे में जरूर बताएं और हो सके तो उसे अपने ही आसपास कहीं पर मौजूद रहने को कहें। खतरा महसूस हो तो पुलिस को कॉल करने में संकोच न करें।

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