कोलकाता। बंगाल में मंगलवार सुबह सात बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता रिऐक्टर स्केल पर 5.1 दर्ज की गई। इस भूकंप का केंद्र बंगाल की खाड़ी में सतह से 10 कीलोमीटर की गहराई पर था। इस भूकंप के झटके चेन्नई तक महसूस किए गए, जहां भूकंप की तीव्रता 4.9 महसूस की गई। इससे लोग दहशत में आ गए और घरों से बाहर निकल आए। भूकंप इतना तेज था कि घर के दरवाजे और खिड़कियां हिलने लगीं। इस भूकंप के कारण हुए जानमाल के नुकसान की जानकारी फिलहाल नहीं मिल पाई है। स्‍थानीय प्रशासन ने लोगों से अभी कुछ देर के लिए घरों से बाहर रहने की हिदायत दी है।इससे पहले पिछले हफ्ते दिल्ली एनसीआर में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 6.1 दर्ज की गई थी। भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान की हिंदुकुश की पहाड़ियों में था। 6.1 की तीव्रता वाले इस भूकंप के झटके अफगानिस्तान, पाकिस्तान समेत भारत के उत्तरी हिस्सों में महसूस किए गए थे।
क्यों आते हैं भूकंप:-पृथ्वी बारह टैक्टोनिक प्लेटों पर स्थित है, जिसके नीचे तरल पदार्थ लावा के रूप में है। ये प्लेटें लावे पर तैर रही होती हैं। इनके टकराने से ही भूकंप आते हैं। टैक्‍टोनिक प्लेट्स अपनी जगह से हिलती रहती हैं और खिसकती भी हैं। हर साल ये प्लेट्स करीब 4 से 5 मिमी तक अपने स्थान से खिसक जाती हैं। इस क्रम में कभी-कभी ये प्लेट्स एक-दूसरे से टकरा जाती हैं। जिनकी वजह से भूकंप आते हैं।
भूकंप आए तो क्या करें;-भूकंप का एहसास होते ही घबराएं नहीं। घर से बाहर किसी खाली जगह पर खड़े हो जाना चाहिए। बच्चों व बुजुर्गों को पहले घर से बाहर निकालें, किनारे में खड़े रहें। घर में भारी सामान सिर के ऊपर नहीं होना चाहिए।

 

 

 

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