नई दिल्ली। पाकिस्तान में वर्ष 2016 में भारतीय सेना के जवानों द्वारा की गई सर्जिकल स्‍ट्राइक को दो वर्ष से ज्‍यादा का समय हो चुका है। ऐसे में अब इस पर एक फिल्‍म रिलीज हुई है जिसमें इसकी काफी कुछ कहानी को दर्शाया गया है। Surgical Strike पर 'URI: The Surgical Strike' फिल्म के जरिए सेना के इस ऑपरेशन की हकीकत पता चल जाएगी। सर्जिकल स्‍ट्राइक में सेना के जांबाज सैनिकों ने जिस साहस का परिचय दिया वह अपने आप में तारीफ के काबिल है। जवानों को इस स्‍ट्राइक पर भेजे जाने से पहले काफी कड़ी परीक्षा से गुजरना पड़ा। इसके लिए सबसे बड़ी चुनौती जवानों का सिलेक्‍शन को लेकर थी। चयन के बाद सभी जवानों को कड़ी ट्रेनिंग से गुजरना पड़ा। इनके पास एक से एक अत्‍याधुनिक हथियार थे। लेकिन इसके अलावा इनके पास एक खास चीज थी, जो थी तेंदुए का मल और पेशाब। इसको अपने साथ रखने के पीछे एक सोची समझी रणनी‍ति थी जो बेहद कारगर साबित हुई। इस सर्जिकल स्‍ट्राइक में आसमान में मौजूद भारतीय सैटेलाइट की भी मदद ली गई थी।इस सर्जिकल स्ट्राइक को 29 सितंबर 2016 को अंजाम दिया गया था। इस दौरान सेना के कमांडो ने पाकिस्‍तान की सीमा में करीब 15 किमी अंदर जाकर आतंकियों के तीन लॉन्चिंग पैड ध्‍वस्‍त किये थे। इस सर्जिकल स्‍ट्राइक में 30 आतंकी भी मारे गए। इसके बाद पाकिस्‍तान ने कुछ समय के लिए आतिंकियों के कैंप भी यहां से हटा दिये थे। इसके लिए सर्जिकल स्‍ट्राइक में शामिल जवानों को वर्ष 2017 में सम्‍मानित भी किया गया था।
कार्टोसेट ने निभाई खास भूमिका;-भारतीय सेना द्वारा पीओके में की गयी सर्जिकल स्ट्राइक में पहली बार कार्टोसेट सैटेलाइट द्वारा ली गयी तस्वीरों का प्रयोग किया गया था। इसरो ने कार्टोसेट के जरिए LOC के पार हुए सर्जिकल स्ट्राइक के लिए सैन्य बलों को बेहतरीन क्वालिटी की तस्वीरे प्रदान की थीं। विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत अपनी रक्षा के लिए जमीन के साथ-साथ 'आसमान' से भी नजर रख रहा है। सूत्रों का कहना है कार्टोसेट सैन्य बलों को एरिया ऑप इंट्रेस्ट (AOI) आधारित तस्वीरें भी प्रदान कर रहा है। सशस्त्र बलों की मांग के अनुसार तस्वीरों को प्रदान किया जाता है।आपको बता दें कि पहला कार्टोसेट उपग्रह कार्टोसैट-1 जो श्रीहरिकोटा में नव निर्मित लॉन्च पैड से 5 मई 2005 पर पीएसएलवी-सी6 द्वारा लांच किया गया था। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने इसी साल जून में पीएसएलवी सी34 के ज़रिए एक साथ जिन 20 उपग्रहों को अंतरिक्ष में प्रक्षेपित कर नया इतिहास रचा था उनमें कार्टोसेट 2 सीरीज़ के सैटेलाइट को भी अंतरिक्ष कक्षा में स्थापित किया गया था, जिसके जरिए ये तस्वीरें मिली थीं। आपको बता दें कि इस सर्जिकल स्‍ट्राइक पर डिस्‍कवरी चैनल ने एक डॉक्युमेंट्री भी तैयार की थी जिसको टीवी चैनल पर दिखाया गया था। आपको यहां बता दें कि निंबोरकर को बाजीराव पेशवा प्रतिष्‍ठान की तरफ से सम्‍मानित किया गया था। इस दौरान उन्‍होंने बताया कि इस सर्जिकल स्‍ट्राइक के दौरान कमांडो ने तेंदुए के पेशाब और मल का उपयोग किस तरह से किया था।उन्‍होंने बताया कि जिस इलाके से होकर यह कमांडो पाकिस्‍तान के अंदर जाने वाले थे वह इलाका घने जंगल के अलावा आबादी वाला भी था। कॉर्प कमांडर को डर था कि यहां पर मौजूद कुत्‍ते इस सर्जिकल स्‍ट्राइक को नाकाम कर सकते हैं।

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