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मुंबई: (हम हिंदुस्तानी)-लोगों के दिलों पर राज करने वाले बॉलीवुड एक्टर्स सैफ अली खान और अली फज़ल एक कॉमेडी हॉरर फीचर फिल्म में एक साथ नजर आएंगे, जिसका टाइटल है 'भूत पुलिस' और इसे दुनिया भर में सबसे प्रतिष्ठित स्टूडियो में से एक फॉक्स स्टार स्टूडियोज द्वारा प्रस्तुत किया जा रहा है। देश के सबसे सफल वीडियो ऑन डिमांड सीरीज़, यानी नेटफ्लिक्स के सेक्रेड गेम्स तथा एमेज़ॉन प्राइम के मिर्ज़ापुर के लीड एक्टर्स, अब बड़े पर्दे पर एक साथ नजर आने वाले हैं। फॉक्स स्टार स्टूडियोज की ओर से ट्विटर के जरिए इस प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी दी गई, जिसका डायरेक्शन पवन कृपलानी करेंगे। इस फिल्म में दंगल फेम एक्ट्रेस फातिमा सना शेख भी हैं। इस फिल्म की शूटिंग इसी साल अगस्त महीने में शुरू होगी।
ट्वीट में कहा गया- भूतों से सावधान! #PavanKirpalani #SaifAliKhan @fattysanashaikh @alifazal9 साथ मिलकर #BhootPolice- एक 3D हॉरर कॉमेडी फिल्म के लिए तैयार हैं! अगस्त, 2019 में शूटिंग शुरू होगी। फॉक्स स्टार स्टूडियोज की प्रस्तुति।


आगरा | (हम हिंदुस्तानी)- कालेश्वर फिल्मस् के बैनर तले ग्राम रिहावली (फतेहाबाद) में समाज को जागृत करने के लिए लघुफिल्मों का निर्माण किया गया | जिसमें प्रमुख है - शराब है खराब, इसके साथ ही एक अन्य लघुफिल्म भी शूट की गई जिसका विषय आस्था से भरपूर है | इनके अलावा एक भक्तिगीत का फिल्मांकन माँ कालिका मंदिर (प्राचीन) के प्रांगण में शूट किया गया | सभी प्रोजेक्टों के हेड मि. राहुल तेजा हैं | आपको बतादें कि उपर्युक्त सभी प्रोजेक्टों को जल्द आप उन्हीं के नाम से यूट्यूब चैनल पर देख सकेंगे |

‘शराब है खराब’ एक ऐसी लघुफिल्म है जो युवाओं को एक नई शिक्षा देगी | शराब किस तरह युवाओं को मिटा रही है, यह सब कुछ दर्शाया गया है शराब है खराब में | उपर्युक्त सभी प्रोजेक्टों के निर्माता हैं अवधेश कुमार निषाद, कैमरा मैन मुकेश कुमार ऋषि वर्मा | मुख्यकलाकार हैं - अवधेश कुमार निषाद, राहुल तेजा, मुकेश कुमार ऋषि वर्मा, दिनेश खन्ना, ओमप्रकाश, प्रीतम निषाद, अजय, महेन्द्र आदि | मुख्य सहयोगी रहे वेद प्रकाश वेद (गायक), सत्यदेव पचौरी, सिराहुद्दीन |

आपको बतादें कि कालेश्वर फिल्मस इससे पहले भी अपने सहयोगी प्रोडक्शनों के साथ कई प्रोजेक्टों का निर्माण कर चुके हैं और सफलता पूर्वक उन्हें प्रदर्शित भी कर चुके हैं | जिन्हें दर्शकों ने काफी पसंद किया है | और हमेशा ऐसे प्रोजेक्टों को प्राथमिकता दी जाती रही है, जिनसे देश, समाज, इंसानियत का भला हो और इसी वजह से प्रोडक्शन हमेशा आर्थिक दृष्टि से कुछ खास सफलता प्राप्त नहीं कर सका है, परन्तु ध्येय हमेशा सामाजिक व धार्मिक प्रोजेक्टों के निर्माण का ही है |


मुंबई: (हम हिंदुस्तानी)-चिल्ड्रन वेल्फेयर सेंटर हायस्कूल तसेच क्लारास कॉलेज ऑफ कॉमर्स या संस्थेचा ३८वा वार्षिक महोत्सव नुकताच रविवारी ३ मार्च २०१९ रोजी मुंबईतील चिल्ड्रन वेल्फेयर सेंटर हायस्कूल ग्राऊंड, यारी रोड, अंधेरी (पश्चिम) येथे आयोजित करण्यात आला होता. हा सोहळा मोठ्या उत्साहात आणि धडाक्यात पार पडला. याप्रसंगी लहान मुलांची नृत्ये, समाजमाध्यमांवर आधारलेले एक सामाजिक नाटक आणि आणखीही अनेक प्रकारचे सांस्कृतिक कार्यक्रम सादर करण्यात आले.
गेल्याच वर्षी स्वर्गीय अभिनेत्री श्रीदेवी यांच्या हस्ते सुरू झालेल्या 'एकता मंच' या सामाजिक संस्थेच्या 'मोफत पोळी भाजी योजने'च्या अपार यशासाठी सहकार्य करणारे डब्बेवाले विलास शिंदे यांना, काही सामाजिक कार्यकर्त्यांना, काही डॉक्टरांना आणि समाजसेविका मेहर हैदर यांना सन्मानित करण्यात आले. महाबळेश्वरच्या एका ट्रॅकर ग्रुपच्या जवळपास ४० सदस्यांचाही यावेळी सत्कार करण्यात आला. हा ग्रुप दरीत पडलेल्यांना, अपघातात सापडलेल्यांना वाचवण्याचे काम नि:स्वार्थ भावनेने करतो. या लोकांचा कुणीच विचार करत नाही. या कार्यक्रमात चिल्ड्रन वेल्फेयर सेंटर हायस्कूलचे मुख्याध्यापक श्री. अजय कौल यांच्या व्यतिरिक्त संजय निरुपम, कृपाशंकर सिंह, धर्मेंद्र, शिल्पा शेट्टी, जयाप्रदा, ग्रेसी सिंह, राहुल देव, रिमी सेन, सोनाली कुलकर्णी, पुनीत इस्सर, सिद्धार्थ जादव, दृष्टि धामी असे अनेक मान्यवर, समाजसेवक तसेच राजकीय नेते उपस्थित होते. त्यांच्या हस्ते मुलांना पुरस्कार प्रदान करण्यात आले.
या प्रसंगी चिल्ड्रन वेल्फेयर सेंटर हायस्कूलचे मुख्याध्यापक श्री. अजय कौल यांनी सांगितले की, "या कार्यक्रमाद्वारे आम्ही लहान मुलांच्या जीवनात उत्साह आणि आनंद भरण्याचा प्रयत्न करतो. त्यांच्यात लपलेली छुपी कला बाहेर आणण्याचाही आमचा उद्देश्य आहे. मनोरंजनाच्या माध्यमातून त्यांना नवं काहीतरी शिकवण्याचा आमचा प्रयत्न असतो. म्हणूनच यावेळी एका नाटकातून आम्ही समाज माध्यमांचं महत्त्व मुलांना पटवून दिलं. आज फेसबुक, इन्स्टाग्राम, ट्विटर यांत आपण आपला जास्तीतजास्त वेळ वाया घालवतो. हेही महत्वाचे आहेच, पण त्यात दिवसच्या दिवस घालवणे योग्य नाही. आम्ही या सोहळ्यातून मुलांमध्ये मैत्री, बंधुभाव आणि चांगले संस्कारही पेरतो. कारण ही मुलेच देशाचे उद्याची भविष्य आहेत."
याप्रसंगी चिल्ड्रन वेल्फेयर सेंटर हायस्कूलचे कार्यकारी संचालक प्रशांत काशिद यांनी सोहळा छान पार पाडल्याबद्दल गौरविण्यात आले.


मुंबई: (हम हिंदुस्तानी)-भोजपुरी के सुपरहिट एक्शन हीरो सुदीप पांडे ने सुपरहिट भोजपुरी फिल्म 'भोजपुरिया भैया' के साथ अपना करियर फ़िल्मी कैरियर शुरू किया था। जिसमें उन्होंने डबल रोल किया था। शायद इसीलिए अपने हिंदी फ़िल्मी कैरियर की शुरुवात भी डबल रोल वाली हिंदी फीचर फिल्म, 'वी फॉर विक्टर' से कर रहे है, जोकि काफी चर्चा में है। वैसे इससे पहले वे 'मशीहा बाबू','सौतन', 'शराबी','कुर्बानी'इत्यादि जैसी ४० भोजपुरी फिल्मों में बतौर हीरो काम कर चुके है। उनकी हिंदी पहली हिंदी फीचर फिल्म,'वी फॉर विक्टर' ५ अप्रैल २०१९ को पीवीआर द्वारा रिलीज़ होगी। फिल्म को मनीन्द्र तिवारी ने प्रसेन्ट किया।इसी को लेकर उनसे की गई भेंटवार्ता के प्रमुख अंश कर रहे है :-
हमें कुछ अपनी फिल्म ' वी फॉर विक्टर' के बारे में बताये ?
'वी फॉर विक्टर'एक मुक्केबाज के जीवन में उतार-चढ़ाव से संबंधित है। मैं विक्टर की भूमिका निभा रहा हूं जो एक आम आदमी है,वह कैसे बॉक्सर बनता है? और देश के कल्याण के लिए काम करता है। यही दिखाया गया है। यह लोगों में देशभक्ति की भावना पैदा करेगी। फिल्म में रोमांस, एक्शन, मनोरंजन, मधुर गीत हैं। कुछ मिलकर सभी फ़िल्मी मसालों के साथ मनोरंजक फिल्म है।
इस फिल्म में आपके अलावा और कौन कौन से कलाकार है? और इसकी शूटिंग कहाँ - कहां हुई है?
इस फिल्म में मेरे अलावा रूबी परिहार,बंगाली अभिनेत्री पामेला,संघ मित्रा, सुरेश चौहानके,नासिर अब्दुल्ला,उषा बच्चानी,राशूल टंडन,जसविंदर गार्डनर,श्रीकांत प्रत्युष,देवी शंकर शुक्ला, संजय स्वराज इत्यादि मुख्य कलाकार है।फिल्म की ९० प्रतिशत शूटिंग मलेशिया में हुई है और बाकी भारत में हुई है।फिल्म को मनीन्द्र तिवारी ने प्रसेन्ट किया। फिल्म के निर्देशक एस.कुमार है और इसके संगीतकार संजीव-दर्शन है। इसकी बुकिंग बुक माय शो डॉटकॉम में अभी से शुरू हो गया है। और ५ अप्रैल को फिल्म पीवीआर द्वारा रिलीज़ होगी।
आपने अपनी पहली भोजपुरी फिल्म में डबल रोल किया था और अपनी पहली हिंदी फिल्म में भी डबल रोल कर रहे है,इसका कारण है और दूसरा रोल कौनसा है?
मैंने जब भी भोजपुरी में डबल या ट्रिपल रोल किया है, वे फिल्मे सुपरहिट हुई है। मेरे लिए हमेशा लक्की रहा है। इसलिए इसमें में डबल रोल किया है। इसमें मैं एक विक्टर का रोल किया है और दूसरा मेरे दादा जी का रोल यानि सूर्या राय का रोल किया है। जोकि लोगों को बहुत पसंद आएगा।
आप अपनी फिल्म को लेकर कितने आश्वस्त हैं?
मुझे विश्वास है कि प्रशंसक इसे एक बड़ी सफलता बनाएंगे, क्योंकि यह मानवता के सकारात्मक संदेश के साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बनाई गई फिल्म है।
आप एक निर्माता होने के साथ-साथ इस फिल्म में अभिनेता भी हैं। क्या आपको अधिक डर नहीं लगता है?
नहीं। वास्तव में मैं सहज हूं क्योंकि मैं उन चीजों को तय करता हूं जो मैं चाहता हूं। जब मैंने भोजपुरी फिल्मों में अभिनेता-निर्माता के रूप में पदार्पण किया, तब से मैं हिंदी फिल्मों में एक अभिनेता के रूप में सही ब्रेक का इंतजार कर रहा था इसलिए मैंने खुद को इस फिल्म के साथ लॉन्च करने का फैसला किया। जीवन में तरक्की करनी है तो रिस्क उठाना पड़ता है।
आपकी आनेवाली दूसरी कोई फिल्म है ?
रॉ एजेंट रविंद्र कौशिक की बायोपिक ' ब्लैक टाइगर' का निर्माण जल्द ही शुरू करूँगा। और उसमें रॉ एजेंट रविंद्र कौशिक की भूमिका करनेवाला हूँ।जिस पर कुछ राइटर रिसर्च करके कहानी लिख रहे है।
आपकी भविष्य की क्या योजना है ?
इंसान को ज्यादा योजनाएं नहीं बनानी चाहिए, बल्कि मेहनत और लगन से अपना काम करना चाहिए। मैं जीवन में अच्छा काम करना चाहता हूँ। यदि एक अच्छा इंसान और एक अच्छा कलाकार अपने को साबित कर सका तो यही बहुत होगा। सब कुछ समय और ईश्वर की मर्जी पर निर्भर होता है।


मुंबई: (हम हिंदुस्तानी)-पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया (पीएफआई), एक राष्ट्रीय गैर सरकारी संगठन जो इस वर्ष 50 साल का हो गया है, पारंपरिक दृष्टिकोण के माध्यम से परिवार नियोजन के मुद्दे का समाधान देता है. पीएफआई ने एक लोकप्रिय टेलीविज़न सोप ओपेरा मैं कुछ भी कर सकती हूं (एमकेबीकेएसएच) का निर्माण किया है जो ऐसे सामाजिक मानदंडों को चुनौती देता है जो घर के भीतर परिवार नियोजन के निर्णयों को निर्धारित करते हैं. यह दृष्टिकोण इस ज्ञान से उत्पन्न होता है कि महिलाओं को उन सभी निर्णयों में सहमति की आवश्यकता होती है जो उनके जीवन पर प्रभाव डालते हैं. यह धारावाहिक वैश्विक स्तर के कुछ ऐसे उदाहरणों में से एक है जहां लोकप्रिय मनोरंजन का उपयोग सफलतापूर्वक लोगों को अपने स्वयं के जीवन को बदलने में किया गया है.

भले ही हमने स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक भलाई में महत्वपूर्ण प्रगति की है. लेकिन भारत में किशोर लड़कियों पर किए गए एक हालिया अध्ययन के अनुसार, उनमें से तीन-चौथाई के पास करियर आकांक्षाएं हैं और 70% 21 साल से पहले शादी नहीं करना चाहती हैं. इसके बावजूद, भारत में दुनिया की सबसे ज्यादा बाल वधू हैं और आर्थि सर्वेक्षण 2018 के अनुसार 63 मिलियन बेटियों को सेक्स डिटरमिनेशन कर मार दिया गया है. बेटा चाहने या बेटी बचाओ के परिणामस्वरूप 21 मिलियन "अवांछित लड़कियों" का जन्म हुआ है. इन लड़कियों को वे अवसर नहीं मिलते हैं जिनकी वे इच्छा करती है या पात्र हैं और अपने पूरे जीवन में पितृसत्तात्मक समाज में पैदा होने का खामियाजा भुगतती हैं.

जैसे-जैसे वे बड़े होती हैं, लड़कियों को नारीत्व और माता के रूप में भेदभाव का सामना करना पड़ता है. आधे से अधिक किशोर लड़कियां (15 - 19 वर्ष) बच्चे पैदा करती हैं. उनमें से 10 में से सिर्फ 1 आधुनिक गर्भनिरोधक विधि का उपयोग करती है. लगभग 30 मिलियन महिलाएँ हैं, जिनकी परिवार नियोजन की ज़रूरतें पूरी नहीं होती हैं. भारत में लगभग आधी गर्भधारण अवांछित हैं, जिनमें से दो-तिहाई गर्भपात करवाना पडता है.

पीएफआई की कार्यकारी निदेशक पूनम मुत्तरेजा कहती हैं, "ये आंकड़े बताते हैं कि महिलाएं अपने स्वयं के जीवन से संबंधित निर्णयों में बहुत कम भूमिका निभाती हैं. हम नीतियों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए संघर्ष करते रहे हैं, लेकिन वास्तविक बदलाव केवल तभी होगा जब हम महिलाओं को पीछे रखने वाले गहरे सामाजिक मानदंडों को बदलेंगे. इसीलिए हम पुरुषों और महिलाओं को समानता और 'दोनोंबराबर' को बढ़ावा देने और उसका अभ्यास करने का आह्वान करते हैं, जैसा कि धारावाहिक मैं कुछ भी कर सकती हूं में दिखाया गया है. यह 2019 अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के 'बैलेंस फॉर बेटर' के साथ संरेखित करता है."

मैं कुछ भी कर सकती हूं के पहले दो सत्रों के प्रसारण के दौरान, शो के इंटरएक्टिव वॉयस रिस्पांस सिस्टम, गरीबों का ’फेसबुक’, पर भारत के 29 राज्यों से 1.7 मिलियन कॉल प्राप्त हुए थे. ये कॉल लगभग समान संख्या में पुरुषों (48%) और महिलाओं (52%) से आए थे. इस शो को पुरुषों और महिलाओं के समान हिस्से द्वारा देखा जाता है और अधिकांश लोग अपने पति या पत्नी के साथ धारावाहिक देखते हैं. इससे महिलाओं को अपने पति के साथ गर्भनिरोधक उपायों पर चर्चा करने का आत्मविश्वास प्रदान करने में मदद मिली है. शो के कम से कम आधे दर्शकों ने बताया कि उन्हें धारावाहिक से पहली बार परिवार नियोजन के बारे में जानकारी मिली है.

टेलीविज़न शो से प्रेरित होकर, मध्य प्रदेश के नयागाँव के 21 वर्षीय लाड कुवार कुशवाहा ने अपने माता-पिता को अपनी शादी के लिए मजबूर नहीं करने का साहस दिया. उसने दहेज का पैसा अपनी शिक्षा में लगाया. वह कॉलेज जाने वाली अपने गाँव की पहली लड़की थी, जो ऊँची जाति के पुरुषों के विरोध का सामना करती थी. कुछ ने उसे कार से कुचलने की भी कोशिश की. लेकिन उसकी हिम्मत ने गाँव की और लड़कियों को उच्च अध्ययन के लिए प्रेरित किया.

शो के निर्माता फिरोज अब्बास खान कहते हैं, “अगर हम देश में बदलाव लाना चाहते हैं, तो हमें पहले पुरुषों को बदलने की जरूरत है. हम अब और महिलाओं को बोझ नहीं दे सकते. चूंकि पुरुष देश की आधी से अधिक आबादी है, हम उनसे बड़े सकारात्मक बदलाव की उम्मीद कर सकते हैं अगर वे जिम्मेदारी से काम करना और जीना शुरू कर दें."

एमकेबीकीसएच देखने के बाद, घरेलू हिंसा को स्वीकार करने वाले पुरुषों का प्रतिशत 66% से घटकर 44% हो गया. मध्यप्रदेश के छतरपुर के पुरुषों का एक समूह, जो आदतन पत्नी को पीटने वाले थे, बदल गए और अपने गाँव में परिवार नियोजन का प्रचार कर रहे हैं. शो देखने के बाद, कम उम्र में विवाह के दुष्परिणामों को समझने वाले पुरुषों का प्रतिशत 2% से बढ़कर 31% हो गया.

हर शनिवार और रविवार को रात 9.30 बजे मैं कुछ भी कर सकती हूं का तीसरा सीजन डीडी नेशनल पर वापस आ गया है. नवीनतम सीज़न महिलाओं के नेतृत्व में समुदायों में सकारात्मक बदलाव लाने में भूमिका को बढ़ावा देता है. यह शो अच्छे स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए बेहतर स्वच्छता और स्वच्छता प्रथाओं समेत युवा लोगों तक यौन और प्रजनन स्वास्थ्य की बेहतर पहुंच पर केन्द्रित है.

इस बार, आरईसी फाउंडेशन और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने लोकप्रिय एडुटेनमेंट शो के तीसरे सीजन का निर्माण करने के लिए पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया को समर्थन दिया है.

हॉलीवुड राइटर-डायरेक्टर चक रसेल अपनी फिल्म ‘जंगली’ के साथ हिंदी फिल्मों में डेब्यू कर रहे हैं। लेकिन इससे पहले वो कई बेहतरीन हॉलीवुड फिल्में दे चुके हैं। इन फिल्मों ने महज हॉलीवुड ही नहीं पूरी दुनिया में नाम कमाया है। हिंदी में वो विद्युत जामवाल की फिल्म ’जंगली’ के साथ सिनेमाघर पहुंचेगे। लेकिन इससे पहले हम आपको बताते हैं हॉलीवुड की वो 5 फिल्में जिन्हें आपने एक बार नहीं कई बार देखा होगा। इन फिल्मों ने पूरी दुनिया में नाम कमाया और इनकी हिंदी डब फिल्मों को भारतीय दर्शकों ने भी कई बार देखा है।
ए नाइटमेयर ऑफ एल्म स्ट्रीट 3: ड्रीम वॉरियर:-चक रसेल की ये पहली फिल्म थी। साल 1987 में रिलीज हुई इस फिल्म ने अपने शानदार विजुअल इफैक्ट के चलते हॉलीवुड में हंगामा मचा दिया था। ये उनकी हाईएस्ट ग्रोसिंग इंडिपेंडेट फिल्म बनी थी।
द ब्लॉब:-ये एक भूतिया फिल्म थी। साल 1988 में आई चक रसेल की ये फिल्म भी बेहद कम बजट में शानदार विजुएल इफैक्ट के चलते मशहूर हुई थी। इस फिल्म को भी काफी सराहना मिली थी।
द मास्क:-इसके बाद द मास्क के जरिए तो पूरी दुनिया में चक रसेल का डंका बजा था। हमें यकीन है कि आपने ये फिल्म एक बार नहीं कई-कई बार देखी होगी। ये फिल्म सिर्फ हॉलीवुड ही नहीं पूरी दुनिया में काफी लोकप्रिय हुई थी। फिल्म में एक ऐसे बैंक कलर्क की कहानी दिखाई गई थी जिसके हाथ एक मास्क लग जाता है और इसे पहनकर वो अजीबो-गरीब हरकत करने लगता है। लेकिन इसी के साथ वो बेहद शक्तिशाली बन जाता है और गुनेहगारों की तो घंटी बजा देता है।
इरेसर:-इसके बाद एक्शन और एडवेंचर से भरी चक रसेल की फिल्म ने एक बार फिर तहलका मचा दिया था। इस फिल्म में अर्नाल्ड श्वार्जनेगर लीड रोल में थे और ये फिल्म भी पूरी दुनिया में सराही गई थी।
द स्कोर्पियन किंग:-इसके बाद एक बार फिर चक रसेल की इस फिल्म ने इतिहास रच दिया। हॉलीवुड फिल्मों की बात हो और द स्कॉर्पियन किंग का नाम न आए, ऐसा तो हो ही नहीं सकता। इस फिल्म में चक रसेल ने डब्लयूडब्लयूई स्टार और ‘द रॉक’ फेम ड्वेन जॉनसन ने लीड रोल प्ले किया था।

 

 

 

 

 

जाह्नवी कपूर और सारा अली खान ने साल 2018 में कुछ ही महीनों के अंतराल पर डेब्यू किया था, जिसके बाद से ही दोनों को एक-दूसरे का प्रतिद्वंदी माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर दोनों की पिक्चर्स से लेकर, इनकी फिल्मों के द्वारा की गई कमाई तक हर किसी की तुलना होती है लेकिन इन सारी चीजों के बीच ये दोनो स्टारकिड्स एक-दूसरे के साथ हेल्दी रिलेशन शेयर करती…
रणबीर कपूर-आलिया भट्ट और अमिताभ बच्चन की मचअवेटेड फिल्म 'ब्रह्मास्त्र' का लोगो वीडियो आखिरकार रिलीज हो गया है। बीते कई दिनों से इसकी चर्चाएं सोशल मीडिया पर बनी हुई थी। इस फिल्म के लोगो को रिलीज करने के लिए मेकर्स ने एक बड़ा आयोजन भी किया था। बीते सोमवार प्रयागराज में जाकर महाशिवरात्रि के दिन भगवान से आशिर्वाद लेकर इस फिल्म का लोगो वीडियो रिलीज हुआ था। यहां मेकर्स ने…
आपको याद होगा कि कुछ दिनों पहले रणबीर कपूर और दीपिका पादुकोण की अपकमिंग एड फिल्म की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर लीक हुई थीं, जो देखते ही देखते वायरल हो गई थीं। दोनों कलाकारों के फैंस ने कहा था कि इनकी यह एड फिल्म किस दिन रिलीज होने वाली है ? ऐसे सभी फैंस के लिए आज हम एक खुशखबरी देने वाले हैं। रणबीर कपूर और दीपिका पादुकोण की…
बॉलीवुड कलाकार अक्षय कुमार हमेशा से अपने अजीब-ओ-गरीब स्टंट्स के लिए जाने जाते रहे हैं, जिन्हें देख दर्शकों की सांसे रुक जाती हैं। हालांकि बीते दिन उन्होंने एक ऐसा स्टंट किया कि उनकी ही सांसे थम गई हैं। अपनी पहली वेब सीरीज दि एंड के लांचिंग इवेंट पर अक्की अपने कपड़ों में आग लगाकर स्टेज पर चढ़ गए थे, जिसे देख उनकी पत्नी ने डांट लगा दी थी।ट्विंकल खन्ना ने…
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