Editor

Editor


काबुल - अफगानिस्तान में चुनावी हिंसा के कारण करीब 65 लोग मारे गए हैं और 125 अन्य घायल हुए हैं। शनिवार को देश में हुए चुनाव के दौरान तालीबान द्वारा 193 मतदान केंद्रों पर गए गए हमलों में 27 नागरिक, 9 सुरक्षाबलों और 31 विद्रोहियों की मौत हो गई।
कई मतदान केंद्र घंटों देरी से खुले जिससे अफरा-तफरी पैदा हो गई। तकनीकी गड़बड़ी और कर्मचारियों की कमी के कारण मतदान देरी से शुरू हुआ।
खबरों के अनुसार काबुल के एक मतदान केंद्र पर एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया। इस घटना में कम से कम 15 लोग मारे गए और 20 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने कहा कि अफगानिस्तान की राजधानी में हिंसा की विभिन्न घटनाओं में मरने वालों की संख्या 19 हो गई है और करीब 100 लोग घायल हुए हैं। इस हमले की जिम्मेवारी अभी तक किसी ने नहीं ली है, लेकिन तालिबान पहले ही दावा कर चुका है कि चुनाव के दौरान उसने देश भर में 300 हमले किए हैं।
उत्तरी शहर कुंदुज में हिंसा के कारण मतदान बाधित हुआ। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि यहां तीन लोग मारे गए और 39 अन्य घायल हुए हैं। प्रांत की राजधानी पर राकेट से 20 हमले हुए हैं। स्वतंत्र चुनाव आयोग (आइईसी) के निदेशक मोहम्मद रसूल उमर ने बताया कि कुंदुज से कई किलोमीटर दूर एक मतदान केंद्र पर तालिबान के हमले में आइईसी का एक कर्मचारी मारा गया और कई अन्य लापता हैं। हमले में बैलेट बॉक्स तबाह हो गए। नानगरहार प्रांत में आठ धमाके हुए। प्रांत के गवर्नर के प्रवक्ता ने बताया कि दो लोग मारे गए हैं और पांच अन्य घायल हुए हैं।
तालिबान के पतन के बाद तीसरा चुनाव
प्रारंभिक आंकड़ों में बताया गया है कि 27 प्रांतों के चुनाव में मतदान केंद्रों पर 15 लाख मतदाता जुटे। चुनाव आयोजकों ने बताया कि कई मतदाता घंटों तक प्रतीक्षा करते रहे। अधिकांश मतदान केंद्र प्रक्रिया की देखरेख करने के लिए नियुक्त शिक्षकों के विफल रहने के कारण देरी से खुले। चुनाव आयोग ने कहा है कि 371 मतदान केंद्रों पर रविवार तक मतदान बढ़ाया जा सकता है। प्रारंभिक चुनाव तीन वर्ष देरी से हो रहा है। 2001 में तालिबान के पतन के बाद यह तीसरा चुनाव है।
पुलिस प्रमुख के मारे जाने से पड़ा असर
कंधार में गुरुवार को हुए हमले में पुलिस प्रमुख के मारे जाने से सुरक्षा बलों का आत्मविश्वास डगमगा गया था। चुनाव से पहले सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं। हमले के कारण कंधार में मतदान एक सप्ताह के लिए टाल दिया गया है। चुनाव लड़ रहे 2500 से ज्यादा प्रत्याशियों में से 10 की हत्या हो चुकी है। प्रारंभिक परिणाम 10 नवंबर को जारी किए जाएंगे।


टोक्यो - एक यूरोपीय-जापानी अंतरिक्ष यान को सौर मंडल के सबसे छोटे ग्रह बुध पर भेजा गया है। सात साल की यात्रा के बाद यह यान सूर्य के सबसे करीबी ग्रह तक पहुंचेगा। यूरोपीय स्पेस एजेंसी (ईएसए) और जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (जेएएक्सए) ने कहा कि मानवरहित बेपीकोलंबो अंतरिक्ष यान को फ्रेंच गुएना से कक्षा में सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया। दोनों एजेंसियों ने कहा कि इस यान का नाम इटली के वैज्ञानिक गिसेपे बेपी कोलंबो के नाम पर रखा गया है। एरिआने 5 रॉकेट से शुक्रवार को स्थानीय समय के अनुसार रात 10:45 पर अंतरिक्ष यान को रवाना किया गया।
एक बयान में ईएसए के महानिदेशक जान वोएर्नर कहा, 'ईएसए और जेएक्सए के लिए बेपीकोलंबो एक बड़ा मील का पत्थर है। इससे कई बड़ी सफलताएं सामने आएंगी। चुनौतीपूर्ण यात्रा पूरी करने के अलावा यह अभियान बदले में विज्ञान को कई बड़ी उपलब्धियां सौंपेगा।'
सूर्य के सबसे करीबी ग्रह होने के कारण बुध पर कुछ ही अंतरिक्ष यान भेजे जा सके हैं। सूर्य से यह ग्रह छह करोड़ किलोमीटर से कम दूरी पर जबकि धरती से करीब 15 करोड़ किलोमीटर दूर स्थित है। यही दूरी इस ग्रह तक की यात्रा को चुनौतीपूर्ण बनाती है। दिन में जो हिस्सा सूर्य के सामने होता है वहां का तापमान 400 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचता है जबकि रात वाले हिस्से का तापमान माइनस 170 डिग्री सेल्सियस होता है।


अमृतसर - यहां श्‍ुाक्रवार शाम दशहरा कार्यक्रम के दौरान जोड़ा फाटक के पास हुए रेल हादसे के लिए रेलवे पुलिस ने गैर इरादतन हत्या और हादसे की धाराओं के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इस हादसे में 61 लोगों की मौत हो गई और करीब 150 लोग घायल हा‍े गए थे। उधर पुलिस ने डीएमयू के चालक को हिरासत में ले लिया है। उसकी डीएमयू से ही हादसा हुआ था। उधर पंजाब के मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह अमृतसर पहुंच गए हैं। उन्‍होंने गुरु नानकदेव अस्‍पताल में जाकर घायलों को देखा अौर उनकी हालत के बारे मे जानकारी ली। उधर लाेगों ने हादसा स्‍थल जोड़ा फाटक पर प्रदर्शन किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए हल्का सा लाठीचार्ज किया।
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि यह समय एक-दूसरे पर गलत बयानबाजी करने व जिम्मेदारी थोपने का समय नहीं है। रेलवे की जांच से अलग मामले की मजिस्ट्रेटी जांच होगी। चार हफ्ते में इसकी जांच रिपोर्ट देनी होगी। देरी से आने पर कहा कि वह कल इजराइल जा रहे थे। उन्होंने तत्काल इजराइल दौरा रद किया और वह एयरपोर्ट से वापस लौटे हैं। उनकी गैर हाजरी में प्रशासन और चंडीगढ़ से उनकी पूरी टीम काम कर रही थी। सिद्धू ने हादसे को कुदरत का कहर कहने जाने के बारे में पूछे जाने पर कैप्टन ने कहा कि कुछ लोग सिद्धू के बयान का गलत मतलब निकाल रहे हैं। उनके बयान को तोड़मरोड़कर पेश न किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नौ शवों को छोड़कर सभी शवों की पहचान हो गई है। सरकार ने मृतकों के परिजनों को पहले ही मदद की घोषणा कर दी है।
मुख्‍यमंत्री ने कहा कि पूरे घटना की जांच के बाद जाे भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मीडिया से बातचीत में उन्‍होंने कहा, मेरा यहां तुुरंत आना या नहीं आना से ज्‍यादा प्रभावित लोगों को तुरंत राहत देने का था। सरकार रेलवे से अलग इस हादसे की मजिस्‍ट्रेट जांच जिला कमिश्‍नर से करवाएगी। मजिस्‍ट्रेट हादसे की हर पहलू से जांच कराकर आवश्‍यक कार्रवाई की जाएगी। उन्‍होंने कहा कि जांच से प‍हले इस मामले में कुछ भी कहना उचित नहीं होगा।
इसके साथ ही कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने कहा, मैंने राज्‍य के गृह सचिव एनएस कलसी से ऐसे हादसों को राेकने के लिए धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन के विस्‍तृत दिशा-निर्देश (गाइडलाहन) तैयार करने को कहा है। इसमें तरह के आयोजन को लेकर पूरी गाइडलाइन होगी।
दूसरी ओर, रेलवे पुलिस ने इस संबंध में शनिवार सुबह मामला दर्ज किया। दूसरी आेर, हादसे के कारण आज सुबह से ट्रेनें नहीं चल रही है। इससे यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है। अमृतसर सहित विभिन्‍न स्‍टेशनों पर यात्री फंसे हुए हैं। उधर पंजाब के मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह अमृतसर पहुंचे। वह हादसा स्‍थल पर जाएंगे।
मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिेंदर सिंह के दौरे के मद्देनजर हादसा स्‍थल और अस्‍पतालों के आसपास कड़ी सुरक्षा की गई है। मुख्‍यमंत्री सबसे पहले गुरु नानकदेव अस्‍पताल पहुंचे अौर वहां भर्ती घायलाें का हालचाल जाना। उन्‍होंने हादसे में घायल लोेगों से बातचीत भी। मुख्‍यमंत्री ने अधिका‍रियों ने हादसे के बारे में विस्‍तृत जानकारी ली।
मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह अमनदीप हॉस्पिटल भी पहुंचे और वहां भर्ती घायलों का हाल पूछा। मुख्‍यमंत्री के साथ राज्‍य के स्‍थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू और शिक्षामंत्री ओपी सोनी भी थे। मुख्‍यमंत्री इसके बाद अन्‍य अस्‍पतालों में भी गए। वह हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों से भी मिलेंगे और उनके सांत्‍वना देंगे।
मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि हादसे की पूरी जांच कराई जाएगी और इसके लिए जिम्‍मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्‍होंने घायलों के इलाज में पूरी तत्‍परता बरतने और उन्‍हें अच्‍छी चिकित्‍सा कराने का निर्देश दिया। मुख्‍यमंत्री ने कहा कि हादसे के शिकार हुए लाेगों की सहायता में कोई कमी नहीं रहेगी।
हादसा नरसंहार जैसा, जिम्‍मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई हो: सुखबीर बादल
शिरोमणि अकाली दल के प्रधान और पूर्व उपमुख्‍यमंत्री सुखबीर बादल भी हादसे के शिकार हुए लाेगों का हाल जानने अमृतसर पहुंचे। वह अस्‍पतालों में घायल लोेगों से मिले और हादसा स्‍थल जाेड़ा फाटक भी गए। उन्‍होंने हादसा पर दुख जताया और इसमें मारे गए लोगों के प्रति शोक जताया। सुखबीर ने कहा कि यह अक्षम्‍य लापरवाहर है और इसे राेका जा सकता था। इस घटना को लेकर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्‍होंने कहा, यह नरसंहार की तरह है।
उधर मुख्‍यमंत्री के दौरे से पहले जो़ड़ा फाटक के पास कुछ लोगों ने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। पुलिस का कहना है कि ये लोग वहां माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे थे। वे रोकने पर भी नहीं माने तो पुलिस ने उनको खदड़ने के लिए हल्‍का लाठीचार्ज किया। इससे कई लाेगों को चोटें लगीं।
उधर पु‍लिस ने बताया कि चौड़ा रेलवे फाटक के पास हुए हादसे के बाद क्रुद्ध लोगों ने शुक्रवार रात अमृतसर के शिवालय रेलवे क्रासिंग पर स्थित रेलवे केबिन में तोड़फोड़ की। लाेगों ने क‍ेबिन के शीशे तोड़ डाले और अन्‍य सामान तोड़ दिया। लोगों ने वहां तैनात केबिन मैन को भी बाहर फेंक दिया।
पुलिस ने शनिवार को वहां जांच की। राजकीय रेलवे पुलिस के सहायक सब इंस्‍पेक्‍टर (एएसअाइ) जसपाल सिंह ने बताया उपद्रवियों ने बीती रात केबिन के विंडो पैनल तोड़ डाले। उन्‍होंने केबिन मैन को भी बाहर फेंक दिया। इस घटना की जानकारी शनिवार को मिली। इसके बाद इसकी जांच शुरू की गई।

 


अमृतसर - जोड़ा फाटक पर दर्दनाक हादसा देख लोगों का बुरा हाल था। जिनके घरों के चिराग नहीं मिल रहे थे उनका रो-रो कर बुरा हाल हो रहा था। जिन्हें अनहोनी का डर सता रहा था वह पागलों की तरह रेल पटरियों पर दौड़ रहे थे। घटनास्थल पर पड़े शवों से कपड़ों के टुकड़े उठाकर अपने वारिसों की पहचान करने का प्रयास कर रहे थे। लेकिन तेज रफ्तार ट्रेन के पहियों तले बुरी तरह से कुचले गए शरीर परिजन तो क्या किसी से पहचान नहीं जा रहे थे। रात के अंधेरे में किसी का सिर नहीं मिल रहा था, तो किसी का हाथ। मृतकों के अंग तलाशने में परिजनों को काफी मुश्किल हो रही थी क्योंकि तेज रफ्तार डीएमयू काफी दूर तक लोगों को घसीटते हुए ले गई थी।
एक मां अपने गुल्लू को तलाशते हुए कभी रो पड़ती तो कभी हंस पड़ती। एक पल के लिए उसे लगता कि रावण तो जल गया और उसका गुल्ल कुछ ही देर में घर पहुंच रहा होगा, यह कहकर वह हंस पड़ती। वहीं दूसरे पल वह रो पड़ती और कहने लगती कि वह घर बोल कर गया था कि ट्रेन ट्रैक के पास रुक कर जलता रावण देख लेगा। कभी उसे आसपास के लोग समझाते कि वह घर चली जाए, लेकिन वह नहीं जा रही थी क्योंकि उसे अपने गुल्लू की तलाश थी। गुल्लू उसे देर रात तक कहीं नहीं मिला।
जोड़ा फाटक में हादसे के बाद 150 से ज्यादा खून से लथपथ हुए लोग रेल ट्रैक और उसके आसपास पड़े पत्थरों पर बुरी तरह से तड़प रहे थे। ट्रैक के आसपास स्थित घरों की छतों पर मौजूद लोगों ने तुरंत प्रशासन को घटना की जानकारी दी। देखते ही देखते सारे शहर की एंबुलेंस घटनास्थल पर पहुंच गईं। अस्पतालों में हूटर बजाती एंबुलेंस आती रहीं और जाती रहीं। एंबुलेंसों में एक-एक कर शव उतारे जाते। क्षत-विक्षत शवों को देखकर डॉक्टर भी विचलित हो गए।
मिला जिंदगी भर का गम...
हादसे में अपना 15 वर्षीय पोता गंवा चुके तरसेम सिंह ने बताया कि पोता सुबह से जिद कर रहा था कि मैं दशहरा देखने जाऊंगा। मैं उसे मना कर रहा था, पर चार बजे वह चुपचाप घर से निकल गया। शाम साढ़े सात बजे मुझे पता चला कि रेलवे ट्रैक पर ट्रेन के नीचे आकर लोग दब गए हैं। मैं डर गया। मैैं दौड़े-दौड़े रेलवे ट्रैक पर पहुंचा तो वहां पोते की लाश मिली।
जो बच गए...
सिविल अस्पताल में दाखिल मोनिका ने बताया कि पटाखों का शोर सुनकर लोग भागने लगे। मैं भी उनके साथ भागी। इसके बाद मेरी कमर पर जोरदार टक्कर लगी और मैं पटरी के दूसरी साइड गिर गई। उठकर देखा तो मेरे पास एक व्यक्ति का कटा हुआ हाथ पड़ा था। चारों तरफ क्षत-विक्षत लाशें बिखरी थीं।
प्रत्यक्षदर्शियों की जुबानी...
एक प्रत्यक्षदर्शी राकेश कुमार ने बताया कि लोग रेलवे ट्रैक और उसके आसपास छतों पर चढ़कर दशहरा देख रहे थे। रावण के पुतले को आग लगते ही चारों तरफ पटाखों की गडगड़़ाहट होने लगी। उसी दौरान अमृतसर से हावड़ा जाने वाली ट्रेन जोड़ा फाटक के पास पहुंच गई। लोग बीच वाले ट्रैक से हटकर दूसरे ट्रैक पर पहुंच गए। तभी जालंधर से अमृतसर की तरफ तेज रफ्तार डीएमयू पहुंच गई। इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते, वे ट्रेन की चपेट में आ गए और चीख-पुकार मच गई।
दो लड़कों को बचाया, तभी 25-30 लाशें बिछ गईं
प्रत्यक्षदर्शी गुरजिंदर ने बताया कि रावण के पुतले को आग लगाने के बाद पटाखे बज रहे थे। तभी अचानक ट्रेन आ गई जिसकी आवाज किसी को सुनाई नहीं दी। मैंने दो लड़कों का हाथ पकड़ खींचकर बचाया। तब तक देखा कि 25-30 लोगों की लाशें बिछ गई हैं। लाशों को दूसरी जगह पहुंचाने में मेरे हाथ पूरे खून से सन गए। उनमें कई मेरे जान-पहचान के थे।
ट्रेन ने कोई हॉर्न नहीं दिया
मौके पर मौजूद हरदयाल ने बताया कि ट्रेन बहुत स्पीड में आई और कोई हॉर्न नहीं दिया। ट्रैक पर जो भी थे सभी कुचले गए। स्टेज से कहा गया था कि लोग पटरी से दूर होकर खड़े रहें। ये आयोजन हर साल होता है।
उधर, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने कहा- रेलवे की कोई गलती नहीं, स्‍थानीय प्रशासन जिम्‍मेदार
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्वनी लोहानी ने कहा है कि अमृतसर दुर्घटना पर बयान। रेलवे की कोई गलती नहीं। इसके लिए स्थानीय प्रशासन जिम्मेदार। ड्राइवर ने ब्रेक लगाए थे लेकिन ट्रेन अपनी निर्धारित स्पीड से थोड़ा धीमी हुई। ट्रैक पर किसी की मौजूदगी के लिए वह व्यक्ति खुद जिम्मेदार है और इस बारे में कानून स्पष्ट है। रेलवे को प्रशासन की ओर से इस कार्यक्रम के बारे में कोई सूचना नहीं दी गई।
--------
"ड्राइवर ने स्पीड कम की थी, अगर इमरजेंसी ब्रेक लगाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। वहां अंधेरा था, ट्रैक थोड़ा मुड़ाव में था इसलिए ड्राइवर को ट्रैक पर बैठे लोग नज़र नहीं आए। गेटमैन की ज़िम्मेदारी सिर्फ गेट की होती है। हादसा इंटरमीडिएट सेक्शन पर हुआ। जो कि एक गेट से 400 मीटर दूर है, वहीं दूसरे गेट से 1 किलोमीटर दूर है।

- अश्विनी लोहानी, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन।
----------
मृतकों की सूची (सभी अमृतसर निवासी)
-तरुण माकन निवासी तहसीलपुरा
-नरिंदर पाल निवासी जोड़ा फाटक
-विकास निवासी कृष्णा नगर
-गुरिंदर कुमार निवासी दशमेश नगर
-पवन कुमार निवासी दशमेश नगर
-चंद्रिका यादव निवासी जज नगर
-हरदीप कुमार निवासी जोड़ा फाटक
-सार्थक निवासी जज नगर
-बॉबी निवासी दशमेश नगर
-जतिंदर दास निवासी मोहकपुरा
-शुभम निवासी मोहकमपुरा
-रोहित शर्मा निवासी बाग रामानंद
-दिनेश राम निवासी धर्मपुरा
-अभिषेक निवासी जोड़ा फाटक
-दलबीर सिंह निवासी जोड़ा फाटक
-गुरदेवसिंह
-मदन लाल निवासी चौधरी हरि नगर
-कुसम निवासी जोड़ा फाटक
-श्रवण निवासी न्यू जवाहर नगर बटाला रोड
-विशू निवासी शरीफ पुरा
----
घायलों की सूची
कद्दू (40), नितिन (29), ज्योति (32), मोनिका (40), कुसुम (23), संतोख सिंह (50), संदीप सिंह (35), नीरज सिंह (30), मंजीत कौर (30), कृमिता (45), विवेक (15), शालू (19), अमर (30), परस राम (35), मोती लाल (35), मदन लाल (40), प्रवीण (30), संदीप कौर (32), सतीश कुमार (35), शशि कुमार (25), वासु (18), संतोख सिंह (45), राम कुमार (16), राजेश यादव (24), मनोज कुमार (26), लाभ राम (40), प्रकाश चंद (30), बलविंदर कुमार (30), तृप्ता देवी (17), सोमा रानी (30), बलदेव यादव (26), सुभाष (60), विशाल (10), हरजीत सिंह (20) , रमेश कुमार (42), सिरमजीत कौर (31), प्रेम कुमार (12), संतोख सिंह (32), सुमन (17), रामपाल (50), सुरेश यादव (26), अमृता (30), तृप्ता (32), अशोक (21), बलदेव यादव (36), यूनस मसीह (19), कीर्ति कुमार (13), काजल (42), सोमचंद (42), अजय (32 वर्ष)।


बक्‍सर - बीते दिनों गुजरात में एक मासूम लड़की से दुष्‍कर्म का आरोपित अनिल यादव बिहार के बक्सर से गिरफ्तार कर लिया गया है। बक्‍सर के इटाढ़ी प्रखंड के लोधास गांव में शुक्रवार की रात गुजरात पुलिस ने स्‍थानीय पुलिस की मदद से उसे दबोच लिया। बक्सर डीएसपी सतीश कुमार ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
विदित हो कि गुजरात में बीते 13 अक्‍टूबर को साढ़े तीन साल की एक मासूम लड़की के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। इस घटना में अनिल यादव का नाम सामने आया था। घटना के बाद गुजरात में उत्‍तर भारतीयों, खासकर बिहारियों के खिलाफ स्‍थानीय लोगों का आक्रोश उमड़ पड़ा था। इस दौरान हजारों उत्‍तर भारतीयों को प्रताडि़त कर उन्‍हें गुजरात छोड़ने को मजबूर किया गया था।
घटना, एक नजर
सूरत के लिम्बायत गोडाद्रा विस्तार में बीते 13 अक्टूबर को एक साढ़े तीन वर्षीय मासूम बच्ची की लाश मिली। बच्ची दो दिनों से लापता थी। बच्ची की तलाश में लिम्बायत पुलिस क्राइम ब्रांच सहित पुलिस की कुल 10 अलग-अलग टीमें लगीं थीं। दो दिनों के बाद जिस घर में बच्ची रहती थी, उसी मकान के नीचे के कमरे में एक प्लास्टिक बैग में उसका शव मिला।
परिजनों का आरोप था कि घर के पड़ोस में रहने वाला अनिल यादव उसे अपने साथ ले गया था। परिजनों ने कहा कि अनिल ने ही दुष्कर्म के बाद बच्ची की हत्या कर दी। इस घटना के बाद से आरोपित अनिल फरार था। अनिल पड़ोस के मकान में किराए पर रहने आया था।


नई दिल्ली - अमृतसर ट्रेन हादसे में 60 लोग कटकर मर गए और अपने पीछे सवाल छोड़ गए कि आखिर इनकी मौत का जिम्मेदार कौन है? कोई रामलीला के आयोजकों को जिम्मेदार मान रहा है, तो कोई स्थानीय नेताओं और रेलवे पर इल्जाम लगा रहा है। लेकिन हर कोई इस दर्दनाक हादसे से कन्नी काट रहा है। इस बीच हादसे पर रेलवे की सफाई भी समाने आई है। रेलवे ने हाथ खड़ा करते हुए कहा कि उनकी तरफ से कोई लापरवाही नहीं बरती गई। रेल राज्य मंत्री ने भी कहा है कि हादसे में रेलवे की कोई गलती नहीं है, इसलिए जांच किस बात की।
'रेलवे को जिम्मेदार ठहराना गलत'
हादसे पर रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी ने कहा है, 'इस हादसे के लिए रेलवे को जिम्मेदार ठहराना गलत है। वहां पर दो मैन्ड लेवल क्रॉसिंग है और वो दोनों ही बंद थीं।' उन्होंने कहा कि यह मेन लाइन है और यहां पर स्पीड के लिए कोई बंधन नहीं है।
'लोगों को ट्रैक पर नहीं आना चाहिए था'
इतना ही नहीं, लोहानी ने आगे कहा कि रेलवे प्रशासन को मेन लाइन के पास दशहरा उत्सव मनाने की कोई जानकारी नहीं दी गई थी। लोग दशहरा उत्सव रेलवे ट्रैक पर खड़े होकर देख रहे थे। लोहानी ने कहा कि लोगों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए था और उन्हें रेलवे ट्रैक पर अतिक्रमण नहीं करना चाहिए।'
रेलवे ने ट्रेन ड्राइवर का किया बचाव
वहीं, इतनी भीड़ होने के बावजूद रेल चालक द्वारा गाड़ी नहीं रोके जाने को लेकर सवाल उठने पर लोहानी ने कहा, 'वहां काफी धुआं था जिसकी वजह से चालक कुछ भी देखने में असमर्थ था और गाड़ी घुमाव पर भी थी।' ये भी कहा जा रहा है कि इस हादसे की जांच रेलवे नहीं कराएगा। जानकारी के मुताबिक, रेलवे का कहना है कि यह पूरी तरह से लापरवाही का मामला है। ये दुर्घटना जैसा नहीं है, यह पूरे तौर पर रेलवे ट्रैक पर अतिक्रमण का मामला है।
'मामले पर राजनीति न हो, घटना काफी दुखद'
वहीं, रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने अमृतसर ट्रेन हादसे की किसी भी तरह की जांच से इनकार किया है। साथ ही उन्होंने ट्रेन ड्राइवर और गेटमैन का भी बचाव किया है। गेटमैन का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि जिस जगह पर हादसा हुआ है, वह रेल फाटक से 300 मीटर दूर है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इस घटना में रेलवे की कोई जिम्मेदारी नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, क्योंकि यह काफी दुखद घटना है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था राज्य सरकार का जिम्मा है और लोगों को रेलवे ट्रैक पर जमा नहीं होना चाहिए था, जबकि हादसे के वक्त लोग ट्रैक पर थे। उन्होंने भी दोहराते हुए कहा कि कार्यक्रम की सूचना रेलवे को नहीं दी गई थी।
ट्रेनों तो स्पीड से ही चलती हैं....
जब ट्रेन ड्राइवर के बारे में उनसे पूछा गया कि वह रफ्तार धीमी कर सकता था। इस पर उन्होंने कहा कि ट्रेन की रफ्तार कहां कम करनी है, इसकी जानकारी पहले ही ड्राइवर को दे दी जाती है। उन्होंने कहा कि जिस वक्त हादसा हुआ, शाम हो चुकी थी और वहां कि पटरी भी घुमावदार थी। ड्राइवर को आगे भी नहीं दिखाई पड़ रहा होगा। ट्रेन की रफ्तार के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि ट्रेनें तो स्पीड से ही चलती हैं।
20 साल से होता आ रहा है कार्यक्रम
स्थानीय लोगों का कहना है कि रावण दहन का कार्यक्रम पिछले 20 सालों से जोड़ा फाटक के करीब खाली जगह पर ही हो रहा है। 50 वर्षीय जसवंत ने बताया कि रावण दहन इस जगह पर होता है और रामलीला का कार्यक्रम रेलवे ट्रैक से कुछ दूरी पर होता है। जसवंत ने कहा कि रावण दहन के वक्त पटाखों का शोर बेहद तेज था, इस वजह से लोगों को ट्रेन की आवाज सुनाई नहीं दी। उन्होंने दावा किया कि इस ट्रेन से पहले दो और ट्रेनें घटनास्थल से गुजरी थीं लेकिन उनकी रफ्तार धीमी थी।
बढ़ सकता है मृतकों का आंकड़ा
गौरतलब है कि लापरवाही और जिम्मेदारी के सवालों के बीच अमृतसर में अपनों को खोने वालों में घरों में मातम पसरा हुआ है। रोते-बिलखते परिजन अब भी यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि दशहरे ने उनकी जिंदगी में गहरा अंधेरा भर दिया है। इस बीच कहा जा रहा है कि हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है।

 


गुवाहाटी - अरुणाचल प्रदेश और असम में बाढ़ की आशंका को देखते हुए दोनों राज्यों की सरकारों ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने शनिवार को अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे संभावित बाढ़ के लिए 'सतर्क रहें'। चीन में सियांग नदी के किनारे हुए भूस्खलन से नदी का बहाव रुक गया है और वहां काफी बड़ी कृत्रिम झील बन गई है। इस झील की प्रकृति निर्मित दीवार कभी भी टूट सकती है और बड़ी मात्रा में पानी अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में तबाही मचा सकता है। चीन ने इस बाबत भारत सरकार को आगाह कर दिया है। चीन से चेतावनी मिलने के बाद अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाके अलर्ट पर आ गए हैं। सतर्कता बरतते हुए नदी के किनारे के इलाके खाली करा दिए गए हैं।
असम मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि सोनोवाल ने अधिकारियों को धीमाजी, डिब्रूगढ़, लखीमपुर और तिनसुकिया जिलों में खास सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्‍होंने अधिकारियों से कहा है कि किसी भी बड़ी आपदा को रोकने के लिए सभी संभव कदम उठाएं। जिला प्रशासन, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) और संबंधित सभी अन्य विभागों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
इधर कोलकाता से छह एनडीआरएफ टीम यहां पहुंचने के लिए तैयार हैं और आवश्यकता पढ़ने पर तुरंत जिलों में पहुंच जाएंगी। वहीं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शुक्रवार की रात मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल से बात की और स्थिति को देखते हुए सभी संभावित कदम उठाने का आग्रह किया। अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि अरुणाचल प्रदेश में सियांग नदी के साथ के जिलों को संभावित बाढ़ के लिए चेतावनी दी गई है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा है कि दोनों देशों के अधिकारी लगातार संपर्क में हैं। प्रशासन के उच्चतम स्तर पर तालमेल बना हुआ है। जल संसाधन मंत्रालय के अधिकारी के अनुसार चीन में कृत्रिम झील से जल रिसाव शुरू हो गया है और वह जल्द ही मोटी धार का रूप ले सकता है। आशंका है कि बाढ़ के रूप में पानी शुक्रवार रात तक भारत आ जाएगा। चीनी दूतावास की प्रवक्ता जी रोंग ने बताया कि चीन ने भारत के साथ आपात सूचना को साझा करने का तंत्र सक्रिय कर दिया है। जैसे-जैसे पानी आगे बढ़ेगा, वैसे-वैसे भारतीय अधिकारियों को सूचना दी जाएगी। चीन में भूस्खलन की घटना बुधवार सुबह तिब्बत के मिलिन इलाके के जियाला गांव के नजदीक हुई।


नई दिल्ली - चीन में सियांग नदी के किनारे हुए भूस्खलन से नदी का बहाव रुक गया है और वहां काफी बड़ी कृत्रिम झील बन गई है। इस झील की प्रकृति निर्मित दीवार कभी भी टूट सकती है और बड़ी मात्रा में पानी अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में तबाही मचा सकता है।
चीन ने इस बाबत भारत सरकार को आगाह कर दिया है। चीन से चेतावनी मिलने के बाद अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाके अलर्ट पर आ गए हैं। सतर्कता बरतते हुए नदी के किनारे के इलाके खाली करा दिए गए हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा है कि दोनों देशों के अधिकारी लगातार संपर्क में हैं। प्रशासन के उच्चतम स्तर पर तालमेल बना हुआ है। जल संसाधन मंत्रालय के अधिकारी के अनुसार चीन में कृत्रिम झील से जल रिसाव शुरू हो गया है और वह जल्द ही मोटी धार का रूप ले सकता है। आशंका है कि बाढ़ के रूप में पानी शुक्रवार रात तक भारत आ जाएगा।
चीनी दूतावास की प्रवक्ता जी रोंग ने बताया कि चीन ने भारत के साथ आपात सूचना को साझा करने का तंत्र सक्रिय कर दिया है। जैसे-जैसे पानी आगे बढ़ेगा, वैसे-वैसे भारतीय अधिकारियों को सूचना दी जाएगी। चीन में भूस्खलन की घटना बुधवार सुबह तिब्बत के मिलिन इलाके के जियाला गांव के नजदीक हुई।
कृत्रिम झील चीन की यारलुंग सांगपो नदी में बनी है जिसे भारत के अरुणाचल प्रदेश में सियांग और असम में ब्रह्मपुत्र नदी के नाम से जाना जाता है।
भारतीय अधिकारियों के अनुसार कृत्रिम झील बनने के कुछ ही घंटों बाद चीन ने भारत को इसकी जानकारी दे दी थी। समय बीतने के साथ इस झील का आकार बढ़ता जा रहा है और अवरोध हटने से बाढ़ का खतरा भी बढ़ रहा है। बाढ़ का पानी शुक्रवार रात को भारतीय सीमा में दाखिल हो सकता है। पानी आने की मात्रा और उसकी गति की हर घंटे समीक्षा की जा रही है।
दोनों देशों के अधिकारी बेहतर तालमेल से सूचनाओं को साझा कर रहे हैं। तालमेल का यह तंत्र इसी साल अप्रैल में वुहान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच हुई अनौपचारिक मुलाकात के बाद विकसित हुआ।


जम्मू कश्मीर - जम्मू कश्मीर में इस महीने की शुरूआत में हुए शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा लद्दाख क्षेत्र में अपना खाता खोलने में विफल रही। चुनाव अधिकारियों ने यहां बताया कि इस क्षेत्र में कुल 26 वार्डों में से कांग्रेस ने लेह नगरपालिका समिति में सभी 13 सीटों पर जीत दर्ज हासिल की। पार्टी ने नजदीक के करगिल जिले में भी पांच वार्डों में जीत दर्ज की।
अधिकारी ने बताया कि क्षेत्र में छह सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल की। केवल दो सीटों पर परिणाम नहीं आये हैं। लद्दाख लोकसभा सीट से भाजपा के थुपस्तान छेवांग सांसद हैं। हालांकि 2014 में राज्य में हुये विधानसभा चुनाव में इस संसदीय सीट के चार विधानसभा क्षेत्रों में से तीन पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। चौथी विधानसभा सीट पर एक निर्दलीय विधायक ने जीत दर्ज की थी।
कश्मीर संभाग में 208 वार्ड में संपन्न मतदान के बाद कांग्रेस ने 70 वार्ड में जीत हासिल की, 53 वार्ड में निर्दलीयों ने बाजी मारी और भाजपा 21 सीटें जीत पाई। जनता दल यू को एक सीट मिली है।
मतगणना को लेकर पुख्त इंतजाम
मतगणना को देखते हुए मतगणना स्थल के चारों तरफ सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और प्रशासन की तरफ से जारी पास की जांच के बाद ही लोगों को भीतर जाने की अनुमति दी जा रही है। इन चुनावों में नेशनल कांफ्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) तथा मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकप) ने हिस्सा नहीं लिया। इन पार्टियों का आरोप था कि केन्द्र सरकार और राज्य सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 35 ए के बारे में कोई निर्णय नही लिया है।


नई दिल्ली - पहले से ही आर्थिक संकटों से जूझ रही सरकारी एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया नई मुश्किल में घिर गई है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस के विवादास्पद विलय समेत संप्रग सरकार के दौरान हुए कम-से-कम 4 सौदों में अनियमितताओं और मनी लांड्रिंग के आरोपों की जांच के लिए कई आपराधिक मामले दर्ज किए हैं। ईडी ने इस सिलसिले में एयरलाइंस और अन्य विभागों से जरूरी दस्तावेज हासिल कर लिए हैं।
अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि जांच एजेंसी ने चार प्रवर्तन प्रकरण सूचना रिपोर्ट यानी एनफोर्समेंट केस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट (ईसीआइआर) दर्ज की हैं, जो पुलिस एफआइआर के बराबर हैं। ईसीआइआर मनी लांड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत दर्ज की गई हैं।
उम्मीद है कि ईडी इस मामले में संलिप्त अधिकारियों एवं अन्य लोगों को शीघ्र ही पेशी के लिए समन जारी करेगा। सीबीआइ ने एयर इंडिया और नागर विमानन मंत्रालय के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर मामले दर्ज किए थे। पिछले साल मामले दर्ज करते हुए सीबीआइ ने कहा था कि संप्रग शासन के दौरान लिए गए इन फैसलों से सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।
सीबीआइ की प्राथमिकियों पर ईडी ने दर्ज किए मामले
-जांच एजेंसी यह पता लगाएगी कि क्या अनियमितताओं से काला धन पैदा हुआ और क्या आरोपितों ने अवैध संपत्ति बनाने के लिए मनी लांड्रिंग की। ईडी द्वारा दर्ज ये मामले सीबीआइ की चार प्राथमिकियों पर आधारित हैं।
-सीबीआइ के अनुसार संप्रग सरकार के दौरान दो मामले एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस के विवादास्पद विलय और इन दोनों कंपनियों द्वारा विमानों की खरीद और उन्हें लीज पर देने में कथित अनियमितताओं से संबंधित हैं।
-अन्य दो मामलों का संबंध एयर इंडिया के अच्छी कमाई वाले मार्गो और उड़ान समयों को देश-विदेश की निजी कंपनियों को सौंपे जाने और एयरलाइन के लिए सॉफ्टवेयर की खरीद में कथित गड़बड़ी से है।
यह है मामला
2006 में संप्रग सरकार के समय एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस के लिए 70,000 करोड़ रुपये में 111 विमान खरीदे गए। आरोप है कि विदेशी विमान निर्माता कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए यह खरीदारी की गई।
सीबीआइ ने आरोप लगाया कि इससे पहले से ही संकट से गुजर रही सरकारी विमानन कंपनी को आर्थिक नुकसान हुआ। 2011 में भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने एयरबस और बोइंग से विमान खरीदने के फैसले के औचित्य पर सवाल उठाया था।

 

Page 5 of 3260

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

ताज़ा ख़बरें