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नई दिल्‍ली। चुनाव आयोग ने पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को 23 अप्रैल 2019 को सुबह 10 बजे से 72 घंटे तक चुनाव से संबंधित किसी भी सार्वजनिक बैठक, रोड शो, सार्वजनिक रैली या प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पर रोक लगा दी। सिद्धू द्वारा आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर चुनाव आयोग ने नोटिस जारी किया है, नोटिस में बिहार में कटिहार जिले के बारसोई और बरारी में चुनाव प्रचार के दौरान उनके द्वारा दिए गए बयानों की निंदा की गई।इससे पहले चुनाव आयोग उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍य नाथ, मेनका गांधी, बसपा प्रमुख मायावती और सपा नेता आजम खान के चुनाव प्रचार पर रोक लगाकर कार्रवाई कर चुका है।गौरतलब है कि बिहार के कटिहार में दिए गए बयानों के बाद सिद्धू ने छत्तीसगढ़ में मुस्लिम समर्थन के लिए अल्लाह हू अकबर कहकर घिर गए। छत्तीसगढ़ सिख संगठन के प्रमुख अमरजीत सिंह ने सिद्धू के खिलाफ मोर्चा खोला है। अमरजीत सिंह छाबड़ा ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को पत्र लिखकर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि सिद्धू ने मुस्लिम समर्थन के लिए अल्लाह हू अकबर कहकर सिख धर्म के परंपरा और नियम का उल्लंघन किया है।छाबड़ा ने कहा कि शीर्ष अदालत ने अक्टूबर-2016 में जारी अपने आदेश में कहा था कि कोई भी धर्म के नाम पर वोट नहीं मांग सकता है। छाबड़ा ने निर्वाचन आयोग को शिकायत भेजी थी।
चुनाव आयोग सिद्धू को भेजा था नोटिस:-इससे पहले नवजोत सिंह सिद्धू कटिहार में दिए गए बयानों को लेकर घिरे थे। इस मामले में चुनाव आयोग ने सिद्धू के उस बयान पर उनसे सफाई मांगी थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हटाने के लिए सभी मुस्लिम मतदाताओं से एकजुट होने की अपील की थी।चुनाव आयोग ने सिद्धू के खिलाफ कारण बताओ का नोटिस जारी किया था। चुनाव आयोग ने सिद्दू से 24 घंटे के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा था। नवजोत सिंह सिद्धू ने बिहार के कटिहार में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए यह विवादित बयान दिया था। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने सिद्धू के इस बयान पर चुनाव आयोग से शिकायत की थी।कटिहार रैली में नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा था 'यहां जातपात में बांटने की राजनीति हो रही है, मैं अपने मुस्लिम भाइयों को एक ही बात कहने आया हूं, आपका ऐसा क्षेत्र है जहां आप अल्पसंख्यक बनकर नहीं बल्कि बहुसंख्यक बनकर हो। इस क्षेत्र में आपका वर्चस्व 62 फीसद का है और ये भाजपा वाले षडयंत्रकारी लोग आपको बांटने का प्रयास करेंगे, आप इकठ्ठा रहें तो कांग्रेस को दुनिया की कोई ताकत हरा नहीं सकेगी।'

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुकाबले सपा ने कांग्रेस के पूर्व सांसद व राज्यसभा के पूर्व उप सभापति श्यामलाल यादव की पुत्रवधू शालिनी यादव को मैदान में उतारा है। वाराणसी से मेयर का चुनाव लड़ चुकीं शालिनी सोमवार शाम सपा में शामिल होने के कुछ ही देर बाद गठबंधन की प्रत्याशी घोषित हो गईं। सोमवार को प्रेस वार्ता में अखिलेश अपने साथ शालिनी यादव को लेकर आए। यहीं पर लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष व आजमगढ़ से अखिलेश के खिलाफ चुनाव लड़ रहे डॉ.एसपी सिंह कुशवाहा ने भी अपनी प्रत्याशिता से संबंधित कागजात सौंपते हुए बताया कि वह अखिलेश के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ना चाहते थे और अब चुनाव लडऩे की बजाय केवल अखिलेश का समर्थन करेंगे। इसके अलावा कई अन्य लोग भी सपा मुख्यालय में पार्टी में शामिल हुए।पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए अखिलेश ने कहा कि भाजपा के लोग संतुलन खोते जा रहे हैैं। भैैंस चराने वाले बयान पर भगवान कृष्ण को भी सभा में ग्वाला कहे जाने का उदाहरण देते हुए अखिलेश ने कहा कि जब दुर्योधन का अहंकार नहीं बचा तो उनका भी नहीं बचेगा। उन्हें जनता वापस मठ में पहुंचा देगी। कांग्रेस के प्रति नरम रुख को गलत ठहराते हुए अखिलेश ने कहाकि कांग्रेस के नामांकन में वे लोग मौजूद थे, जिन्होंने नेताजी पर पीआइएल कराई थी। सपा अध्यक्ष ने कहा कि किसानों को फसल का सही मूल्य नहीं मिल रहा, जबकि विदेशों से खाद्य तेल मंगाया जा रहा है। भोपाल में साध्वी प्रज्ञा के बयानों को उन्होंने असली ध्यान बांटने की कोशिश बताया।केंद्र सरकार पर अन्य दलों के मुख्यमंत्रियों के लिए कठिनाई खड़ी किए जाने का आरोप लगाते हुए अखिलेश ने कहा कि इस बार क्षेत्रीय दल ही देश को नया प्रधानमंत्री देंगी। अखिलेश ने एक्सप्रेस वे से एक करोड़ रुपये से ज्यादा टोल टैक्स आने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था न होने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सपा ने न्यूजीलैैंड से हाइवे पुलिसिंग के लिए लोग बुलाए थे लेकिन भाजपा सरकार ने कोई इंतजाम नहीं किया। अखिलेश ने प्रदेश में एक भी यादव डीएम-एसएसपी न होने पर भी सवाल उठाया। अखिलेश ने कहा कि प्रधानमंत्री कन्नौज आ रहे हैैं तो वह झोला भी लेते आएं, जिससे उन्होंने कन्नौज में काम कराए हों।
चंदौली में जनवादी पार्टी के प्रमुख संजय चौहान को थमाई साइकिल:-वाराणसी से प्रत्याशी उतारने के साथ ही सपा ने चंदौली से जनवादी पार्टी के प्रमुख संजय चौहान को टिकट दिया है, वहीं पिछले दिनों सपा में शामिल हुए मछलीशहर के भाजपा सांसद रामचरित्र निषाद को सपा ने मीरजापुर से प्रत्याशी घोषित कर दिया। इस सीट से सपा ने पहले राजेंद्र एस बिंद का नाम तय किया था।

नई दिल्ली। Lok Sabha Election 2019: लोकसभा चुनाव-2019 के तहत 12 मई को दिल्ली में मतदान होना है और मंगलवार यानी 23 अप्रैल को छठे चरण के लिए नामांकन का अंतिम दिन है। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी ने बाकी बचे तीन सीटों में से दो सीटों पर सोमवार रात को अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। भाजपा की नई सूची के मुताबिक, पिछले महीने पार्टी ज्वाइन करने वाले क्रिकेटर गौतम गंभीर को पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से और वर्तमान सांसद को नई दिल्ली सीट से उम्मीदवार बनाया गया है।ऐसे में जहां पूर्वी दिल्ली सीट से वर्तमान सांसद महेश गिरि का टिकट कट गया और गौतम गंभीर के हाथ बाजी लगी तो नई दिल्ली सीट से वर्तमान सांसद मीनाक्षी लेखी अपनी दावेदारी बचाने में कामयाब रहीं। सूत्रों के अनुसार सबसे प्रतिष्ठापूर्ण मानी जाने वाली नई दिल्ली सीट से मौजूदा सांसद मीनाक्षी लेखी के साथ चर्चा में सुप्रीम कोर्ट की वकील मोनिका अरोड़ा का नाम भी था, लेकिन मीनाक्षी भारी पड़ीं और अंततः उनका नाम ही फाइनल हुआ है। मीनाक्षी भी एक जानी मानी वकील हैं और भाजपा की ओर से कई मुद्दों पर कोर्ट में पक्ष रखती रही हैं।वहीं, दिल्ली की एकमात्र सुरक्षित सीट उत्तर पश्चिम दिल्ली में सांसद उदित राज के साथ और भी नामों की चर्चा है। उदित राज अपने बयानों से काफी चर्चा में भी रहे हैं। ऐसे में मशहूर गायक हंसराज हंस को यहां से लड़ाया जा सकता है। बताया जा रहा है कि हंसराज हंस का नाम तकरीबन फाइनल है, बस औपचारिक ऐलान बाकी है।वहीं, खबर आ रही है कि टिकट नहीं मिलने पर उत्तर पश्चिमी दिल्ली के सांसद डॉ. उदित राज भाजपा से बगावत कर सकते हैं। उन्होंने मीडिया से कहा कि पार्टी द्वारा टिकट की घोषणा इंतजार का कर रहे हैं, पार्टी के निर्णय के बाद अगला कदम उठाएंगे। बताया जा रहा है कि उनके बागी तेवर की वजह से इस सीट पर टिकट की घोषणा में देरी हो रही है। सूत्रों का कहना है कि पार्टी उनकी जगह हंस राज हंस को चुनाव लड़ाना चाहती है।यहां पर बता दें कि पिछले महीने की 22 मार्च को ही पूर्व भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर भारतीय जनता पार्टी (BJP)में शामिल हो गए। केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली और रविशंकर प्रसाद की मौजूदगी में गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने भाजपा ज्वाइन की थी। इस दौरान उन्होंने कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रभावित हुए हैं। पहले कहा जा रहा था कि गौतम गंभीर को नई दिल्ली लोकसभा चुनाव सीट से उम्मीदवार बनाया जा सकता है, हालांकि अब पूर्वी दिल्ली से चुनाव लड़ेंगे।

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लोकसभा चुनावों में अलग ही रंग देखने को मिल रहे हैं। सोमवार को भोपाल सीट से कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह की सभा में ऐसा ही एक वाकया हुआ। जब दिग्विजय सिंह के मंच से एक ग्रामीण युवक ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ शुरू कर दी। इस दौरान दिग्विजय पहले तो असहज नजर आए फिर अपनी हंसी भी नहीं रोक पाए।सोमवार को दिग्विजय सिंह ने ईटखेड़ी गांव में चुनावी सभा आयोजित की थी। दिग्विजय सिंह अपने संबोधन में कालाधन, जीएसटी, नोटबंदी को लेकर भाजपा पर निशाना साध रहे थे। इसी बीच दिग्विजय ने कहा कि मोदी जी ने कहा था काला धन आ जाएगा।घर-घर में 15 लाख रुपये आएंगे। किसी के खाते में आए क्या? उन्होंने पूछा कि यदि किसी के खाते में 15 लाख रुपये आए हों तो हाथ उठाओ। इस दौरान एक युवक ने हाथ उठाया।दिग्विजय सिंह ने युवक को मंच पर बुला लिया। साथ ही कहा कि इस युवक का नागरिक अभिनंदन भी कराया जाएगा। युवक ने मंच पर आते ही कहा कि मोदी जी ने सर्जिकल स्ट्राइक की, आतंकवादियों को मारा।इतना कहते ही कार्यकर्ताओं ने युवक को मंच से नीचे उतार दिया। युवक की बात सुनते ही दिग्विजय सिंह असहज नजर आए। साथ ही गुस्से में बोले कि तेरे खाते में 15 लाख रुपये आ गए। नौकरी भी मिल गई।गौरतलब है कि इससे पहले दिग्विजय ने ट्वीट में कहा था कि मैं हिंदू धर्म को मानता हूँ, जो हज़ारों सालों से दुनिया को जीने की राह सिखाता आया है। मैं अपने धर्म को हिंदुत्व के हवाले कभी नहीं करूँगा, जो केवल और केवल राजनीतिक सत्ता पाने के लिए संघ का षड्यन्त्र है।मुझे अपने सनातन हिंदू धर्म पर गर्व है जो वसुदैव क़ुटुम्बकम की बात कहता है। बता दें कि इससे पहले भोपाल से नामांकन करने के बाद दिग्विजय ने कहा था कि हिंदुत्व शब्द उनकी डिक्शनरी में ही नहीं है। पत्रकारों ने जब उनसे हिंदुत्व और हिंदू आतंकवाद पर बात किया तो उन्होंने कहा कि आप लोग हिंदुत्व शब्द का उपयोग क्यों करते हैं? यह शब्द मेरी डिक्शनरी में नहीं है।मध्य प्रदेश की भोपाल सीट से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहीं साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा है कि यह चुनाव साबित कर देगा कि भगवा आतंकवाद नहीं होता है। साध्वी प्रज्ञा ने आरोप लगाया कि जो दिग्विजय सिंह भगवा आतंक के सूत्रधार रहे हैं, वही इस चुनाव में लड़ रहे हैं। ऐसे में यह चुनाव भगवा आतंकवाद को गलत साबित कर देगा।

नई दिल्ली। सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ रविवार को खेले गए मैच के दौरान कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के लेग स्पिनर कुलदीप यादव को टीम में शामिल नहीं किया गया। कोलकाता के कप्तान दिनेश कार्तिक से जब कुलदीप को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि खराब फॉर्म के चलते उन्हें बाहर किया गया है। बड़ा सवाल अब यह कि अगर कुलदीप को फॉर्म की वजह से बाहर किया जा सकता है, तो कार्तिक को क्यों नहीं? आइपीएल (IPL) के इस पूरे सीजन में कार्तिक का बल्ला नहीं चला है और उन्होंने विकेटकीपिंग में कोई खास प्रदर्शन नहीं किया है।
पिछले छह मैच में 20 से अधिक रन नहीं;-दिनेश कार्तिक का फॉर्म को बताने के लिए उनके आंकड़े ही काफी हैं। आइपीएल 12 में कार्तिक ने 16.71 की औसत से 110 रन बनाए हैं। कुल खेले 10 मैच में उनके बल्ले से सिर्फ एक बार 30 रन से ऊपर का स्कोर निकाला है। पिछले लगातार छह मैचों में वह 20 से अधिक रन नहीं बना पाए हैं। हैदराबाद के खिलाफ छह रन, बैंगलोर के खिलाफ शून्य, चेन्नई के खिलाफ 18 रन, दिल्ली के खिलाफ दो रन, चेन्नई के खिलाफ एक बार फिर 19 रन और राजस्थान के खिलाफ भी 19 रन ही बना सके हैं। टीम में कार्तिक मिडिल ऑर्डर में खेल रहे हैं। मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज का काम तेजी से रन बनाना भी होता है, लेकिन इस टी-20 टूर्नामेंट में उनका स्ट्राइक रेट मात्र 119.38 का है।
फॉर्म के चलते गंभीर छोड़ चुके हैं कप्तानी:-दिल्ली की ओर से खेलते हुए पिछले सीजन में गौतम गंभीर खराब फॉर्म से जूझ रहे थे। गंभीर ने तब कप्तानी से पीछे हटने का फैसला लिया। गंभीर पूरे सीजन में सिर्फ तीन मैच खेले और फीस भी नहीं लिया। वहीं, इस सीजन राजस्थान रॉयल्स ने भी अपने कप्तान को हटा चुकी है। ऐसे में अब सवाल है कि क्या कोलकाता की टीम कोई ऐसा फैसला ले पाएगी?
कुलदीप को लेकर बोले कार्तिक:-कोलकाता के कप्तान कार्तिक से जब कुलदीप को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि खराब फॉर्म के चलते उन्हें बाहर किया गया है। कप्तान कार्तिक ने कहा, 'कुलदीप के साथ फॉर्म का इश्यू है। वह पिछले मैच में हमारे लिए अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए थे। हमने उन्हें एक ब्रेक दिया, ताकि वह फ्रेश होकर लौटें।'

नई दिल्ली। Maruti Suzuki, Mahindra, Tata Motors, Honda और Nissan की 5 ऐसी कारें आज हम लेकर आए हैं, जो इस साल भारतीय बाजार में लॉन्च हुई हैं। इनमें बजट कार से लेकर प्रीमियम कारें तक शामिल हैं। इन कारों की सबसे खास बात इनमें शामिल किए गए नए फीचर्स हैं। वहीं, इन कारों में बेहतर परफॉर्मेंस के साथ अच्छा माइलेज भी मिलता है। इन कारों में 2019 Maruti Suzuki Wagon R, Mahindra XUV300, 2019 Tata Harrier, 2019 Honda Civic और 2019 Nissan Kicks शामिल हैं। तो जानते हैं इन कारों के फीचर्स और कीमत के बारे में। ताकी आप अपनी पसंद की कार खुद चुन सकें। डालते हैं एक नजर,
2019 Maruti Suzuki Wagon R
परफॉर्मेंस- 2019 Maruti Suzuki Wagon R दो इंजन में उपलब्ध है। 1.0 लीटर का K-सीरीज इंजन है 67 bhp का मैक्सिमम पावर जेनरेट करता है। वहीं, 1.2 लीटर का K12B इंजन 82 bhp की मैक्सिमम पावर जेनरेट करता है। दोनों ही इंजन में 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स दिया गया है। वहीं, इस कार में ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन (AMT) का भी विकल्प ग्राहकों को मिलता है।
डायमेंशन- 2019 Wagon R की लंबाई 3655 मिलीमीटर है। वहीं, चौड़ाई 1620 मिलीमीटर है। इसका व्हीलबेस 2435 मिलीमीटर है।
सेफ्टी- नई Wagon R के सभी वेरिएंट्स में EBD के साथ ABS, फ्रंट सीट बेल्ट रिमाइंडर, स्पीड अलर्ट सिस्टम और रियर पार्किंग सेंसर के साथ ड्राइवर साइड एयरबैग जैसे फीचर्स दिए गए हैं। हालांकि यात्री की तरफ दिया गया एयरबैग स्टैंडर्ड नहीं है।
कीमत- 2019 Wagon R की शुरुआती कीमत 4.3 लाख रुपये है, जो इसके टॉप एंड वेरिएंट पर 5.8 लाख रुपये तक जाती है।
Mahindra XUV300
कीमत- Mahindra XUV300 के पेट्रोल इंजन (W4 वेरिएंट) की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 7.90 लाख रुपये है। वहीं, इसके डीजल इंजन (W4 वेरिएंट) की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 8.49 लाख रुपये है।
परफॉर्मेंस- Mahindra XUV300 के डीजल वेरिएंट में पावर के लिए 1.5 लीटर का टर्बो डीजल इंजन दिया गया है। इसका इंजन 115 Bhp की मैक्सिमम पावर और 300 Nm का पीक टॉर्क जेनरेट करता है। वहीं, पेट्रोल वेरिएंट में पावर के लिए 1.2 लीटर का टर्बो पेट्रोल इंजन दिया गया है। इसका इंजन 110 Bhp की मैक्सिमम पावर और 200 Nm का पीक टॉर्क जेनरेट करता है।
डायमेंशन- Mahindra XUV300 की लंबाई 3990 मिलीमीटर, चौड़ाई 1820 मिलीमीटर, ऊंचाई 1620 मिलीमीटर है। इसका व्हीलबेस 2620 मिलीमीटर है।
2019 Tata Harrier
कीमत- 2019 Tata Harrier की शुरुआती मुंबई एक्स शोरूम कीमत 12.69 लाख रुपये है।
परफॉर्मेंस- Tata Harrier में 2-लीटर 4-सिलेंडर टर्बोचार्ज्ड डीजल इंजन दिया गया है। इसका इंजन 138 bhp की पावर और 350 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इसका इंजन 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स से लैस है। इसके साथ ही इसमें Eco, City और Sport जैसे तीन मोड्स दिए गए हैं।
फीचर्स- 2019 Tata Harrier में Eco, City और Sport जैसे तीन मोड्स दिए गए हैं। Harrier में पावर स्टीयरिंग, टिल्ट और टेलिस्कोपिक एडजस्टेबल स्टीयरिंग के साथ पावर विडों दिए गए हैं। इसके अलावा इसके टॉप-एंड XZ में 8.8 इंच फ्लोटिंग टचस्क्रीन इन्फोटेनमेंट सिस्टम के साथ हाई-रेश्योल्यूशन डिस्प्ले और फुली डिजिटल 7-इंच TFT इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर दिया गया है।
2019 Honda Civic
परफॉर्मेंस- 2019 Honda Civic का 1.8-लीटर पेट्रोल इंजन 6,500 आरपीएम पर 141 PS की मैक्सिमम पावर और 4,300 आरपीएम पर 174 Nm का पीक टार्क जेनरेट करता है। वहीं, 1.6-लीटर डीजल इंजन 4,000 आरपीएम पर 120 PS की मैक्सिमम पावर और 2,000 आरपीएम पर 300 Nm का पीक टार्क जेनरेट करता है। 2019 Honda Civic के 1.8-लीटर पेट्रोल इंजन में CVT ट्रांसमिशन का विकल्प शामिल है। वहीं, 1.6-लीटर डीजल इंजन 6-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन से लैस है।
डायमेंशन- 2019 Honda Civic की लंबाई 4656 मिलीमीटर, चौड़ाई 1799 मिलीमीटर और ऊंचाई 1433 मिलीमीटर है। इसका व्हीलबेस 2700 मिलीमीटर है।
कीमत- Honda Civic की पेट्रोल वेरिएंट की शुरुआती कीमत 17.69 लाख रुपये है, जो इसके टॉप-एंड वेरिएंट (ZX CVT) पर 20.99 लाख रुपये तक जाती है।वहीं, Honda Civic के डीजल इंजन के बेस वेरिएंट की कीमत 20.49 लाख रुपये है, जो टॉप-एंड वेरिएंट (ZX MT) पर 20.99 लाख रुपये तक जाती है।
2019 Nissan Kicks
परफॉर्मेंस-1.5 लीटर H4K पेट्रोल इंजन 104bhp की पावर और 142Nm का टॉर्क जनरेट करता है। वहीं, 1.5 लीटर K9K डीजल इंजन 108bhp की पावर और 240Nm का टॉर्क जनरेट करता है। पेट्रोल इंजन 5-स्पीड गियरबॉक्स से लैस है वहीं, डीजल में 6-स्पीड यूनिट दी गई है। कंपनी ने अभी इसमें ऑटोमैटिक का विकल्प नहीं दिया है।
कीमत- 2019 Nissan Kicks के बेस (XL) पेट्रोल वेरिएंट की दिल्ली एक्स शोरूम कीमत 9.55 लाख रुपये है, जो इसके टॉप-स्पेसिफिकेशन वेरिएंट (XV Premium Plus) डीजल वेरिएंट पर 14.65 लाख रुपये तक जाती है

 

 

नई दिल्ली। स्कूलों में आठवीं तक फेल न करने की नीति में बदलाव को भले की कई राज्यों ने अब तक अपनी सहमति नहीं दी है, बावजूद इसके केंद्रीय विद्यालय जैसे संगठनों में इस बदलाव को भारी राहत के रूप में देखा जा रहा है। उन्हें इस बदलाव से आठवीं तक चौपट हो चुकी पढ़ाई में सुधार आने की उम्मीद है। हालांकि उन्हें इसका असर नौवीं में दिखाई देता था, जहां लगभग पचास फीसद बच्चे फेल हो जाते थे।स्कूलों में इस नीति का एक और जो खामियाजा देखने को मिलता था, वह नौवीं की कक्षाओं में बच्चों की भारी भीड़ होती थी। वजह आठवीं तक फेल किए जाने से सभी बच्चे नौवीं तक आसानी से पास होते चले आते थे। वहीं दूसरी ओर से नौवीं में पचास फीसद बच्चे फेल भी हो जाते थे। ऐसे में स्कूलों में नौवीं की क्लास में इतने बच्चे हो जाते थे, कि स्कूलों में उनके लिए क्लास रुम छोटे हो जाते थे।केंद्रीय विद्यालय संगठन से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक फेल न करने नीति में बदलाव के बाद पढ़ने में कमजोर छात्र अब पांचवीं के बाद ही कक्षाओं में फेल होंगे। ऐसे में अब वह पढ़ाई-लिखाई की ओर ध्यान देंगे। साथ ही अभिभावक भी अब बेफिक्री नहीं दिखाएंगे। फिलहाल केंद्रीय विद्यालयों में इसका असर दिखा है। नौवीं में पहले के मुकाबले बच्चों की भीड़ कम है। वजह आठवीं में ही कमजोर बच्चों को ड्राप कर दिया गया।खास बात यह है कि स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता के सुधार में जुटी मौजूदा सरकार के रास्ते की यह एक बड़ी बाधा थी। हालांकि सरकार ने खत्म करने की कोशिश सत्ता संभालने के बाद 2014 से शुरु कर दी थी। लेकिन संसद के अंतिम सत्र में सरकार को आठवीं तक फेल न करने की इस नीति में बदलाव कर सफलता मिली। जिसमें सरकार ने सभी राज्यों को इस बदलाव के लिए स्वतंत्र कर दिया था। फिलहाल 25 राज्यों ने इसे अपनी सहमति दी। बावजूद इसके लिए जो राज्यों इसके खिलाफ थे, उनमें आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, उड़ीसा और तेलंगाना प्रमुख है।

नई दिल्ली। श्रीलंका में हुए बम धमाकों के बाद भारत ने अपनी समुद्री सीमा की सुरक्षा बढ़ा दी है। भारतीय तटरक्षक बल ने समुद्र में निगरानी के लिए ज्यादा संख्या में जहाज और विमान लगा दिए हैं। तटरक्षक बल के अनुसार समुद्री रास्ते से भारत में घुसपैठ करने और यहां कोई वारदात अंजाम देने की आशंका को खत्म करने के लिए ऐसा किया गया है।तटरक्षक बल के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि तुतिकोरीन, मंडपम और करईकल में मौजूद सभी जहाजों को निगरानी के कार्य में लगा दिया गया है। वैसे खुफिया सूचना के आधार पर तटरक्षक बल पहले से ही सतर्क है लेकिन रविवार को श्रीलंका में हुए बम धमाकों के बाद सतर्कता और बढ़ा दी गई है।उल्लेखनीय है कि 2008 में समुद्री मार्ग से ही मुंबई पहुंचकर लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने पांच सितारा होटलों और रेलवे स्टेशन पर हमलों को अंजाम दिया था। इन हमलों में कई विदेशियों समेत 166 लोग मारे गए थे।

नोएडा। गौतमबुद्धनगर से सांसद और केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा को ब्लैकमेल करने की कोशिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि एक लड़की ने केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा को ब्लैकमेल करके दो करोड़ रुपये ऐंठने की कोशिश की। इस मामले की जानकारी उन्होंने गौतमबुद्ध नगर के एसएसपी वैभव कृष्ण को दी। इसके बाद मामला मीडिया के सामने आया।बताया जा रहा है कि इस ब्लैकमेलिंग में नोएडा स्थित एक निजी चैनल का संचालक भी शामिल है। इस गिरोह में पांच से छह लोगों के शामिल होने की बात सामने आ रही है। महेश शर्मा को ब्लैकमेल करने वाली लड़की भी मीडिया में काम कर चुकी है।अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक, लड़की ने एक पत्र देकर केंद्रीय मंत्री से रुपये मांगे थे। इस मामले की जानकारी महेश शर्मा ने गौतमबुद्ध नगर के एसएसपी को दी। इसके बाद मामला सामने आया। लड़की के पास केंद्रीय मंत्री और कुछ लोगों के बीच बातचीत का वीडियो भी मिला है। बातचीत चुनाव से पहले की है।गौतमबुद्ध नगर के एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि महेश शर्मा से 2 करोड़ रुपये मांगने वाली लड़की सोमवार को 45 लाख की किश्त लेने के लिए नोएडा स्थित कैलाश अस्पताल आयी थी। इसके बाद आरोपित युवती को गिरफ्तार कर लिया गया।बता दें कि महेशशर्मा दिल्ली से सटे गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट से मौजूद सांसद हैं और इससे पहले वे नोएडा से विधायक भी रह चुके हैं। पश्चिमी यूपी में उन्हें कद्दावर भाजपा नेता माना जाता है।
महेश शर्मा का राजनीतिक सफर:-महेश शर्मा बचपन से ही आरएसएस से जुड़ गए थे। छात्र जीवन के दौरान एबीवीपी से जुड़े। फिर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। वर्ष 2009 में पहली बार वह गौतमबुद्ध नगर लोकसभा का चुनाव भाजपा के टिकट पर लड़े। वह पंद्रह हजार मतों से चुनाव हार गए। वर्ष 2012 में वह नोएडा विधानसभा का चुनाव लड़े और जीत गए। वर्ष 2014 में गौतमबुद्ध नगर से भाजपा ने उन्हें फिर लोकसभा चुनाव में उतारा। इस बार वह चुनाव जीत गए। फिर केंद्रीय मंत्री बनें। इस बार फिर वे चुनावी मैदान में हैं।

बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री की नई जनरेशन के सबसे सफल कलाकार वरुण धवन आने वाली 24 अप्रैल के दिन 32 साल के हो जाएंगे। वरुण धवन ने कुछ ही सालों में सफलता की जो कहानी लिखी है, उसे देखते हुए न केवल उनके परिवार और करीबी बल्कि फैन्स भी उनके 32वें जन्मदिन के लिए बहुत उत्साहित हैं। हालांकि वरुण धवन अपना 32वां जन्मदिन एक्सक्लूसिव रखना चाहते हैं और अपने करीबियों के साथ ही इसे मनाना चाहते हैं।अगर आप सोच रहे हैं कि वरुण धवन ने अपनी गर्लफ्रेंड नताशा दलाल के साथ 32वां जन्मदिन मनाने का प्लान बनाया है तो आप गलत हैं। एक लीडिंग डेली के अनुसार 'कलंक' स्टार अपना 32वां जन्मदिन अपने करीबी दोस्तों के साथ मनाने जा रहे हैं, जिसके लिए उन्होंने थाईलैंड को चुना है।रिपोर्ट के अनुसार, वरुण धवन 21 अप्रैल की रात को ही अपने स्कूल फ्रेंड्स के थाईलैंड के लिए रवाना हो गए हैं। मुंबई मिरर की रिपोर्ट में बताया गया है कि, ‘वरुण धवन इस बार अपने जन्मदिन पर कुछ खास करना चाहते थे, जिस कारण उन्होंने थाईलैंड जाने का प्लान बनाया है। वहां वो अपने दोस्तों के साथ मिलकर समुंदर के किनारों और लोकल खाने का मजा लेंगे।’वरुण धवन पिछले कुछ समय से लगातार अपनी प्रोफेशनल लाइफ में व्यस्त थे और आने वाले दिनों में भी वो लगातार शूटिंग करते रहेंगे। ऐसे में थाईलैंड वेकेशन उनके लिए रिलीफ का काम करेगा। हमें पूरी उम्मीद है कि वरुण धवन जब विदेश से लौटेंगे तो फुल चार्ज होंगे। बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री से सामने आ रही खबरों के अनुसार, जब वरुण धवन थाईलैंड से लौट आएंगे तब गर्लफ्रेंड नताशा दलाल और अपने इंडस्ट्री फ्रेंड्स के साथ बर्थ-डे सेलीब्रेट करेंगे।अगर वरुण धवन की प्रोफेशनल लाइफ की बात की जाए तो उनकी 'कलंक' हाल में ही सिनेमाघरों में आई है, जो शानदार कमाई कर रही है। इसके बाद वो रेमो डिसूजा की डांसिंग फिल्म लेकर आएंगे, जिसमें प्रभुदेवा, नोरा फतेही और श्रद्धा कपूर भी दिखाई देंगे।

 

 

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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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