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नई दिल्ली। इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के चलते आजकल सभी कार्य डिजिटल होते जा रहे हैं। इसी बीच हम आपको एक ऐसी एप डिजीलॉकर (DigiLocker) के बारे में बता रहे हैं, जिसका इस्तेमाल निजी डॉक्यूमेंट को ऑनलाइन सेव करने के लिए किया जाता है। आज के समय में सभी डॉक्यूमेंट्स को साथ रखना तो जरूरी है, लेकिन उन्हें साथ रखना आसान नहीं है, जिसके चलते कई बार डॉक्यूमेंट्स खोने का खतरा भी बना रहता है। अब इसके लिए चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि डिजीलॉकर एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जिसमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस को सेव करके रख सकते हैं।
आप इन डॉक्यूमेंट को डिजीलॉकर में सेव कर सकते हैं:
1. डिजीलॉकर ने UIDAI के साथ भागीदारी की है, जिससे नागरिकों को डिजिटल आधार कार्ड नंबर का इस्तेमाल करने की अनुमति मिल सके।
2. डिजीलॉकर ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के साथ भागीदारी की है, जिससे नागरिकों को डिजिटल ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी का इस्तेमाल करने की अनुमति मिल सके।
3. डिजीलॉकर में आप पर्मानेंट अकाउंट नंबर (PAN) कार्ड भी सेव कर सकते हैं। मेंबर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से रियर-टाइम PAN वेरिफिकेशन रिकॉर्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं।
4. डिजीलॉकर ने सीबीएसई के साथ भी भागीदारी की है, जिसके जरिए स्टूडेंट्स की मार्कशीट का डिजिटल वर्जन प्रोवाइड किया जा सके। इन मार्कशीट को रजिस्टर्ड और नॉन-रजिस्टर्ड CBSE दोनों स्टूडेंट्स एक्सेस कर सकते हैं।
डिजीलॉकर पर ऐसे अपलोड करें डॉक्यूमेंट:-
1. डिजीलॉकर पर डॉक्यूमेंट अपलोड करने के लिए सबसे पहले डिजीलॉकर एप डाउनलोड करके लॉगिन करने की जरूरत है।
2. एप डाउनलोड होने के बाद सबसे पहले अपलोड डॉक्यूमेंट पर क्लिक कीजिए।
3. उसके बाद अपलोड आइकन पर क्लिक कीजिए।
4.अब लोकल ड्राइव से फाइल ढूंढ कर अपलोडिंग के लिए 'ओपन' का चयन करना है।
5. अपलोड की गई फाइल के लिए उसका प्रकार असाइन करने के लिए 'सिलेक्ट डॉक टाइप' पर क्लिक करना होगा। यहां सभी डॉक्यूमेंट एक साथ दिखाई देंगी।
6. अब डॉक्यूमेंट का प्रकार चुनने के बाद सेव पर क्लिक कीजिए। यूजर फाइल का नाम भी बदला सकता है।

नई दिल्ली। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) देश का सबसे बड़ा बैंक है, जो sbiINTOUCH के तहत बहुत सी बैंकिंग सुविधाओं को प्रदान करता है। एसबीआई इन टच टैप और गो डेबिट कार्ड (sbiINTOUCH Tap & Go debit card) के जरिए ग्राहक कॉन्टैक्टलेस खरीदारी कर सकते हैं। इस कार्ड को PoS पर स्वाइप करने की आवश्यकता नहीं है, सिर्फ PoS के पास रखकर ही ट्रांजेक्शन की जा सकती है। यह कार्ड एनएफसी टेक्नोलॉजी पर काम करता है।
एसबीआई इन टच एंड गो डेबिट कार्ड के खास फीचर्स:-
1. एसबीआई की वेबसाइट के अनुसार, इस कार्ड से प्रति 200 रुपये खर्च करने पर एक फ्रीडम रिवार्ड पॉइंट मिलता है।
2. कार्ड जारी होने के एक महीने बाद पहली खरीदारी पर 50 बोनस फ्रीडम रिवार्ड पॉइंट दिए जाते हैं।
3. कार्ड जारी होने के एक महीने बाद दूसरी खरीदारी 50 अतिरिक्त फ्रीडम गिफ्ट बोनस पॉइंट मिलते हैं।
4. कार्ड जारी होने के एक महीने बाद तीसरी खरीदारी पर बैंक 100 बोनस फ्रीडम रिवार्ड्ज पॉइंट देता है।
5. अगर एक तिमाही में कम से कम 3 खरीदारी के लिए एसबीआई इनटच टैप एंड गो डेबिट कार्ड का उपयोग जारी रखते हैं तो उस तिमाही के पॉइंट दोगुने हो जाएंगे। इन पॉइंट को जमा किया जा सकता है और गिफ्ट के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
6. शॉपिंग करते वक्त इस कार्ड से बहुत तेजी से भुगतान किया जा सकता है। इस कार्ड का इस्तेमाल मूवी टिकट बुक करने, यात्रा करने, ऑनलाइन शॉपिंग या इंटरनेट पर पेमेंट करने के लिए किया जा सकता है।
इस कार्ड पर इस तरह के चार्ज लगते हैं:
-प्रकार चार्ज
-इशूएंस चार्ज 0
-एनुएल मेंटेनेंस चार्ज 175 रुपये प्लस जीएसटी
-कार्ड रिप्लेसमेंट चार्ज 300 रुपये प्लस जीएसटी
sbiINTOUCH ब्रांच से इन सर्विस का फायदा लिया जा सकता है:
1. ब्रांच से सेविंग अकाउंट, करंट अकाउंट और पीपीएफ आदि खोल सकते हैं। इन sbiINTOUCH ब्रांच से ग्राहक होम, कार, एजुकेशन और पर्सनल लोन ले सकते हैं।
2. इलेक्ट्रॉनिक चेक डिपॉजिट मशीन के जरिए चेक जमा किया जा सकता है। ई-टीडीआर, ई-एसबीआई फ्लेक्सी, ई-टैक्स सेविंग जैसे डिपॉजिट और कैश डिपॉजिट मशीन से कैश भी जमा कर सकते हैं।

नई दिल्ली। कार इंश्योरेंस कार, कार में सवार यात्री और थर्ड पार्टी के लिए बहुत उपयोगी है। देश में वाहनों की बढ़ती मांग के साथ कार इंश्योरेंस इंडस्ट्री भी बहुत तेजी के साथ ग्रो कर रही है। मोटर वाहन अधिनियम 1988 के अनुसार, सभी वाहन मालिकों के लिए थर्ड-पार्टी मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी होना जरूरी है। किसी भी कार इंश्योरेंस पॉलिसी को खरीदने से पहले मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी के फीचर्स और फायदों को समझना जरूरी है। ऐसी कार इंश्योरेंस पॉलिसी का चयन करना चाहिए, जिससे सबसे अधिक फायदा हो।
इन 5 फायदों को ध्यान में रखकर कार इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदनी चाहिए:
1. फाइनेंशियल कवरेज: कार इंश्योरेंस कवर का मुख्य उद्देश्य दुर्घटना की स्थिति में कार के नुकसान और शारीरिक चोट के नुकसान की भरपाई करना है। कार चोरी होने की स्थिति में भी इंश्योरेंस कंपनी ही भुगतान करती है। भारत में कार इंश्योरेंस दो प्रकार के होते हैं- थर्ड पार्टी इंश्योरेंस कार इंश्योरेंस और कार इंश्योरेंस।
थर्ड-पार्टी मोटर इंश्योरेंस: इसमें कार में बैठी सवारी और एक्सीडेंट की स्थिति में थर्ड पार्टी के चोटिल या मृत्यु होने पर क्षतिपूर्ति होती है। हालांकि इसमें कार के नुकसान की भरपाई नहीं होती है।
कार इंश्योरेंस: इसमें थर्ड पार्टी वाले सभी फायदों के साथ एक्सीडेंट या चोरी होने पर कार के नुकसान की भरपाई भी होती है।
2. कैशलेस गैराज नेटवर्क: कार की मरम्मत बिना किसी खर्च के होती है। बहुत सी इंश्योरेंस कंपनियों ने ऑटोमोबाइल कंपनियों से टाई-अप किया होता है, जिसके तहत एक्सीडेंट हुई कार को कैशलेस तरीके से ठीक करवाया जा सकता है, बिल का निपटान इंश्योरेंस कंपनी खुद करेगी।
3. नो क्लेम बोनस: अगर आपने कार इंश्योरेंस में पहले कोई क्लेम नहीं लिया है तो अगली पॉलिसी में आपको नो क्लेम बोनस का लाभ दिया जाएगा। नो क्लेम बोनस 20 फीसद से 25 फीसद के बीच हो सकता है।
4. एड-ऑन फीचर्स: कार इंश्योरेंस में एड-ऑन फीचर्स को जोड़कर पॉलिसी को ज्यादा बेहतरीन बनाया जाता है। एड-ऑन्स फीचर्स कुछ इस प्रकार हैं- जीरो डेप इंश्योरेंस, इंजन प्रोटेक्शन, रोड साइड एसिस्टेंस और एनसीबी प्रोटेक्ट आदि।

नई दिल्ली। एटीएम और डेबिट कार्ड की मदद से पैसा निकालना बहुत आसान हो गया है। कभी बैंकों की लंबी लाइन में लगकर पैसा निकाला जाता था। अब यह काम एटीएम-डेबिट कार्ड की मदद से मिनटों में ही हो जाता है। जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी में इजाफा हुआ है उसी तरह बैंकिंग भी हाइटेक होती गई है। अब पैसा निकालने के लिए एटीएम-डेबिट कार्ड की भी जरूरत नहीं है। कैश निकालने के इस तरीके को कार्डलेस निकासी कहा जाता है।
एसबीआई मोबाइल बैंकिंग: भारतीय स्टेट बैंक के YONO एप से डिजिटल लेनदेन जैसे निवेश, खरीदारी, यूटिलिटी बिल पेमेंट, रिचार्ज, टूर टिकट बुकिंग या UPI का उपयोग करके पैसा ट्रांसफर किया जाता था। अब इस एप से डेबिट कार्ड के बिना एसबीआई एटीएम से पैसा भी निकाला जा सकता है और अन्य लोगों को ट्रांसफर भी किया जा सकता है। इसके जरिए न्यूनतम 500 रुपये और अधिकतम 10,000 रुपये निकाल सकते हैं।
आईसीआईसीआई बैंक एटीएम: आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम से नकद निकासी तभी की जा सकती है, जब आपके पास बैंक में सेविंग अकाउंट न हो। मान लीजिए आपका बेटा जिसका आईसीआईसीआई बैंक में सेविंग अकाउंट नहीं है और वह कहीं ट्रैवल कर रहा है और उसे अचानक कुछ पैसों की जरूरत पड़ गई तो आप इस स्थिति में आपको सिर्फ उसके मोबाइल नंबर की जरूरत है। आपके मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से एक 4 डिजिट का कोड आएगा, लाभार्थी को भी 6 डिजिट का एक कोड उसके मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिए मिलेगा, जो कि आईसीआईसीआई बैंक की ओर से भेजा जाएगा। अंत में, जिस व्यक्ति को पैसा भेजा गया है, उसे (लाभार्थी) अपना मोबाइल नंबर, 4 डिजिट का कोड और 6 डिजिट का वेरिफिकेशन कोड और कुल राशि को अपने नजदीकी आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम में एंटर करवाना होगा। इसके बाद आपको ट्रांसफर किया गया अमाउंट मिल जाएगा।
एक्सिस बैंक का एटीएम: कार्डलेस कैश ट्रांजेक्शन के लिए सबसे पहले IMT सर्विस शुरू करने की जरूरत है। बैंक के एटीएम पर लाभार्थी को IMT ऑप्शन का चयन करना होगा और उसके बाद 'Withdraw IMT' चुनना होगा। इसके लिए ग्राहक को मोबाइल नंबर दर्ज करने की जरूरत होगी, जिस पर आईएमटी विवरण, प्रेषक कोड, एसएमएस कोड और आईएमटी अमाउंट प्राप्त होता है। अब एटीएम से कैश निकाला जाएगा। इसी के साथ लाभार्थी एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और लक्ष्मी विलास बैंक के एटीएम से भी IMT कैश निकाल सकते हैं।

नई दिल्ली। वर्ष 1967 में 300 रुपये के मासिक मेहनताना पर एक ट्रैवल एजेंसी में काम करने वाला 18 साल का लड़का वर्ष 1993 आते-आते जेट एयरवेज को ऐसे समय में लॉन्च करता है जब प्राइवेट कंपनियों की हालत पतली हो रही थी। लेकिन 25 वर्षों में समीकरण ऐसे बदलते हैं कि नरेश गोयल की 51 फीसद की हिस्सेदारी 25 फीसद पर आ गिरती है और उन्हें एयरलाइन्स के वजूद को बचाने के लिए कंपनी बोर्ड से इस्तीफा भी देना पड़ता है। 25 वर्षों के खट्टे-मीठे अनुभव के साथ अब जेट एयरवेज बिकने की दहलीज पर जा पहुंची है। हमने जेट के इस संकट पर सीएनआई रिसर्च के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्ट र से विस्तार से बात की।
क्या जेट का संकट बाकी एविएशन कंपनियों के लिए फायदेमंद?:-किशोर ओस्तवाल ने बताया कि जेट संकट से जाहिर तौर पर अन्य एयरलाइन्स को फायदा होगा। एतिहाद फिलहाल जेट एयरवेज में हिस्सेदारी लेने में दिलचस्पी नहीं दिखा रही है। वहीं स्पाइटजेट और इंडिगो के शेयर्स में उछाल दिखाई दे रहा है। ऐसे में जाहिर तौर पर कहा जा सकता है कि जेट के अलावा अन्य कंपनियां ऐसी स्थिति का भरपूर फायदा उठाएंगी।
क्या जेट के उबरने की संभावना है?:-ओस्तवाल ने कहा कि जेट की ओर से परिचालन को ठप किए जाने की घोषणा के बाद अब सरकार जेट के स्लॉट को अन्य एयरलाइन कंपनियों को दिए जाने के फैसले पर विचार कर रही है। नागर विमानन सचिव प्रदीप सिंह खरोला ने कहा है कि जेट एयरवेज ने मुंबई और दिल्ली हवाई अड्डे पर 440 स्लॉट छोड़े हैं। इन्हें अंतरिम आधार पर तर्कसंगत, निष्पक्ष और न्यायसंगत तरीके से अन्य एयरलाइन कंपनियों को आवंटित किया जाएगा। लिहाजा इसे देखकर जेट के उबरने की संभावना न के बराबर नजर आ रही है। वहीं लाइसेंस जारी रखने के लिए कम से कम पांच विमानों का परिचालन में रहना जरूरी है और जेट उस स्थिति में भी नहीं है उसने अपने सभी परिचालन को अस्थायी तौर पर रोक दिया है।
यात्रियों को कितना नुकसान?;-ओस्तवाल के अनुसार, जेट के इस संकट के जाहिर तौर पर यात्रियों को नुकसान होगा, खासकर के उन लोगों को जिन्होंने जेट के टिकट खरीद रखे हैं। अब वो इस पशोपेश मे हैं कि उन्हें रिफंड मिलेगा भी या नहीं। ओसवाल ने कहा कि अन्य विमानन कंपनियों ने अपने हवाई किराए में इजाफा जरूर कर दिया है, लेकिन यह इजाफा छोटी अवधि तक के लिए ही रहेगा। क्योंकि इन कंपनियों को अपने किराए को तर्कसंगत दरों पर रखने के लिए डीजीसीए की ओर से कहा जा चुका है।
जेट को उबारने में सरकार के पास क्या हैं विकल्प?:-ओस्तवाल ने कहा कि देखिए जहां तक सरकार का सवाल है, सरकार चुनाव तक तो इस समस्या में अपने हाथ नहीं डालेगी। चुनाव बाद बेशक सरकार जेट को उबारने के लिए कोई ठोस प्लान बना सकती है।

नई दिल्ली। बढ़ती महंगाई के दौर में अपनी जरुरूतों को पूरा करने के लिए आपकी मासिक सैलरी काफी नहीं होती है। जीवन के किसी न किसी मोड़ पर आपको लोन की दरकार होती ही है। हालांकि, बैंकों से लोन लेना आज के समय में आसान नहीं रह गया है। बैंक आपकी मासिक सैलरी, आपके रहन-सहन और आपके क्रेडिट स्कोर के आधार पर ही आपको लोन देने पर राजी होता है। अगर आप किसी पुराने लोन की किश्त चुकाने में देरी करते हैं तो आपका क्रेडिट स्कोर खराब हो सकता है और इस सूरत में बैंक आपको लोन देने में ना-नुकुर कर सकते हैं। अगर आप भी इसी स्थिति में हैं और आपको लोन की सख्त जरूरत है तो हम अपनी इस खबर में आपको इसका समाधान बता रहे हैं।खराब क्रेडिट स्कोर की स्थिति में भी ऐसे काफी सारे विकल्प होते हैं जिनकी मदद से आप आसानी से लोन ले सकते हैं। खराब क्रेडिट स्कोर होने पर भी आप ज्वाइंट लोन, गोल्ड लोन और प्रॉपर्टी लोन का सहारा ले सकते हैं। हम आपको इन तीनों विकल्पों में से गोल्ड लोन के बारे में जानकारी दे रहे हैं।
गोल्ड लोन: इस स्कीम में सोने की ज्वैलरी गिरवी रखकर लोन लिया जा सकता है। लोन की राशि गिरवी रखे गए सोने की कीमत पर निर्भर करती है। आरबीआई के अनुसार, ज्वैलरी की सोने की कीमत का 75 फीसद तक लोन लिया जा सकता है। इसको सोने की शुद्धता को चेक करने और सोने की बाजार में कीमत की जानकारी के बाद तय किया जाता है। इस लोन के लिए अच्छे क्रेडिट स्कोर की जरूरत नहीं है। इस प्रक्रिया में बहुत कम पेपर वर्क होता है, जिसकी वजह से 5 मिनट से कम समय में लोन मिल सकता है।

नई दिल्ली। अगर आप अक्सर रेल यात्रा करते रहते हैं तो आपको यह भी मालूम होना चाहिए कि आप बिना पैसों का भुगतान किए भी अपनी टिकट बुक करा सकते हैं। आईआरसीटीसी की ओर से पेश किया गया अर्थशास्त्र प्राइवेट लिमिटेड का पायलट प्रोजेक्ट ePayLater इसमें आपकी मदद करेगा। आप रेलवे के इस यूनीक फीचर का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, आपको टिकट बुकिंग के अगले 14 दिनों के भीतर…
नई दिल्ली। अगर आप इस समय हवाई यात्रा पर जाने का प्लान बना रहे हैं तो टिकट बुकिंग के लिए ये समय फायदेमंद साबित हो सकता है। कॉम्पिटीशन के इस दौर में जानी-मानी एयरलाइन कंपनी विस्तारा हवाई यात्रा की टिकटों पर डिस्काउंट दे रही है।विस्तारा एयरलाइन कंपनी इस समय खास डिस्काउंट ऑफर लेकर आई है। अपने दोस्तों और परिवार के साथ यात्रा करना हमेशा मजेदार होता है। अब विस्तारा उस…
नई दिल्ली। दुनिया की सबसे बड़ी तेल उत्पादक कंपनी सऊदी अरामको रिलायंस इंडस्ट्रीज के रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल कारोबार में 25 फीसद हिस्सेदारी खरीदने के लिए गंभीरता से बात कर रही है। समाचार एजेंसी थॉमसन रॉयटर्स ने एक अंग्रेजी अखबार के हवाले से यह रिपोर्ट प्रकाशित की है।कंपनी की इस अल्पसंख्यक हिस्सेदारी की राशि के 10 बिलियन डॉलर से 15 बिलियन डॉलर के बीच होने की संभावना है। इस रिपोर्ट में…
नई दिल्ली। नागर विमानन नियामक डीजीसीए ने एयरलाइन कंपनियों से कहा है कि वो 10 घरेलू मार्गों पर हवाई यात्रा के किराये को कम करके 'उचित स्तर' पर लाएं। दरअसल बीते एक महीने से जेट संकट और अन्य वजहों से इन रूट्स पर हवाई किराए में 30 फीसद तक का इजाफा देखने को मिला है। यह जानकारी एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी है।हवाई किराए में हुई बढ़ोतरी और जेट एयरवेज…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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