कारोबार

कारोबार (1884)

लुधियाना। कोरोना के चलते कच्चे माल की कीमतों में लगातार उछाल, आयात में दिक्कत और समुद्री माल भाड़े में बेतहाशा वृद्धि के कारण कागज महंगा हो रहा है। पैकेजिंग के लिए उपयोग होने वाले क्राफ्ट पेपर की कीमतें दोगुनी से भी अधिक हो गई हैं। उद्योगों के लिए भी पैकेजिंग की लागत 30 से 35 फीसद तक बढ़ गई है।कीमतों पर नियंत्रण के लिए उद्यमियों ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाले क्राफ्ट पेपर में 90 फीसद योगदान रद्दी कागज का होता है। इसका आयात यूरोप, अमेरिका, पश्चिम एशिया समेत कई देशों से किया जाता है।इंडियन एग्रो पेपर इंडस्ट्री के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अनिल कुमार ने कहा कि वैश्विक बाजार में रद्दी कागज की किल्लत के अलावा समुद्री माल भाड़ा भी चार गुना तक बढ़ गया है। इससे आयात करना महंगा पड़ रहा है। ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ मास्टर प्रिंटर्स के अध्यक्ष प्रो कमल चोपड़ा ने कहा कि चीन ने प्रदूषण समस्याओं के चलते रद्दी के आयात पर रोक लगा दी है। वहां पर पैकेजिंग के लिए क्राफ्ट पेपर की मांग है।ऐसे में दुनियाभर के कई छोटे-छोटे निर्माताओं ने सस्ता क्राफ्ट पेपर बना कर चीन को बेचना शुरू कर दिया। इससे भी रद्दी की बाजार में किल्लत आ गई। लुधियाना हैंड टूल्स एसोसिएशन के प्रधान एससी रल्हन ने कहा कि उद्योगों के लिए पैकेजिंग अहम है। पैकेजिंग पर खर्च ही 35 से 40 फीसद तक बढ़ गया है। इसे मैनेज करना मुश्किल हो रहा है। सरकार को बढ़ रही इनपुट लागत को कम करने के लिए उपाय करने की जरूरत है।

नई दिल्ली। खरीफ सीजन में उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित करने पर सरकार का जोर है। सरकार ने शनिवार को कहा कि उर्वरकों की उपलब्धता तथा कीमतों की निगरानी की जा रही है। इस संबंध में मैन्यूफैक्चरर्स और आयातकों से इस साल खरीफ (गर्मी की फसल) बोआई के दौरान उर्वरकों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है।रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि रबी (सर्दियों की फसल) 2020-21 के दौरान देशभर में उर्वरकों की उपलब्धता संतोषजनक रही है। कोविड-19 की वजह से पैदा हुई तमाम चुनौतियों के बावजूद उर्वरकों का उत्पादन, आयात और आवाजाही समय पर और पर्याप्त रही। बयान में कहा गया है कि किसानों के हित में सरकार की उर्वरक की उपलब्धता और कीमतों पर नजदीकी निगाह है।कृषि मंत्रालय ने राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के साथ विचार-विमर्श में विभिन्न उर्वरकों की जरूरत का आकलन किया है और इसकी जानकारी उर्वरक विभाग को दे दी है। इसके अनुरूप उर्वरक मंत्रालय ने मैन्यूफैक्चरर्स के साथ विचार-विमर्श में घरेलू उत्पादन का लक्ष्य तय किया है और इसकी निगरानी की जा रही है।यूरिया के मामले में आवश्यकता तथा घरेलू उत्पादन के बीच अंतर को पूरा करने के लिए समय पर आयात की योजना बनाई गई है। फॉस्फेटिक और पोटासिक (पीएंडके) का आयात मुक्त और सामान्य लाइसेंस (ओजीएल) के तहत आता है। इसमें उर्वरक कंपनियों को मात्रा/कच्चे माल की जरूरत के हिसाब से आयात करने की आजादी होती है। खरीफ, 2021 के सत्र की तैयारियों के सिलसिले में रसायन एवं उर्वरक मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने 15 मार्च को विभिन्न उर्वरक कंपनियों के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशकों के साथ बैठक की थी।

नई दिल्ली। किशोर बियानी की अगुवाई वाले फ्यूचर ग्रुप के रिटेल चेन बिग बाजार (Big Bazaar) ने तत्काल होम डिलिवरी सर्विस में एंट्री की गुरुवार को घोषणा की। कंपनी ऑनलाइन मिलने वाले ऑर्डर को दो घंटे के भीतर डिलिवर करेगी। कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक अगर आप बिग बाजार के मोबाइल ऐप या पोर्टल के जरिए ऑनलाइन ऑर्डर प्लेस करते हैं तो नजदीकी स्टोर से दो घंटे के भीतर सामानों की डिलिवरी की जाएगी। इस सर्विस के जरिए आप इस रिटेल चेन से कपड़े, खाने-पीने की वस्तुएं, एफएमसीजी उत्पाद और घरेलू जरूरत के सामान ऑर्डर कर सकते हैं।फ्यूचर ग्रुप के प्रेसिडेंट (फूड और एफएमसीजी) कमलदीप सिंह ने कहा कि कंपनी ने दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरु में दो घंटे में डिलिवरी की सेवा शरू की है। कंपनी की योजना आने वाले समय में इस सेवा का विस्तार अन्य शहरों में करने की है।सिंह ने कहा, ''हम अगले दो-तीन माह तक हर दिन करीब एक लाख ऑर्डर डिलिवर करने की उम्मीद कर रहे हैं।''Big Bazaar दूसरे चरण में अगले 45 दिन में 21 शहरों में दो घंटे की डिलिवरी सर्विस का विस्तार करेगी। अगले पांच-छह माह में बिग बाजार के प्रत्येक स्टोर द्वारा यह सेवा उपलब्ध करायी जाएगी। 

डिलिवरी चार्ज:-इस सर्विस के तहत कम-से-कम 500 रुपये का सामान बिग बाजार से मंगाना होगा। इस नई सेवा के तहत बिग बाजार 1,000 रुपये से कम के ऑर्डर पर 49 रुपये का डिलिवरी चार्ज लेगा। हालांकि, ऑर्डर का मूल्य 1,000 रुपये से ज्यादा होने पर आपको किसी तरह का शुल्क नहीं देना होगा।Big Bazaar फ्यूचर रिटेल का फ्लैगशिप रिटेल स्टोर है। देश के 150 शहरों में बिग बाजार के 280 से ज्यादा स्टोर हैं।

नई दिल्ली। चर्चित म्यूचुअल फंड कंपनी फ्रैंकलिन टेंपलटन ने कहा है कि वह भारत में अपना कारोबार नहीं समेटने जा रही है। कंपनी के प्रेसिडेंट संजय सप्रे ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि फंड हाउस बंद करने या इसे बेचने की खबरें अफवाह हैं। छह डेट म्यूचुअल फंड योजनाएं बंद करने के बाद नियामकीय जांच का सामना कर रही कंपनी का भारतीय कारोबार बंद होने की खबरें चल रही हैं।सप्रे ने ऐसी खबरों का खंडन करते हुए कहा कि भारत में कारोबार जारी रखने के प्रति फंड हाउस दृढ़ संकल्पित है। पिछले वर्ष बड़ी मात्रा में निवेशकों के फंड चुकाने व पूंजी तरलता की कमी के चलते कंपनी ने 23 अप्रैल को छह डेट योजनाएं बंद कर दी थीं। इस मामले में फंड हाउस को अदालती सुनवाई का सामना भी करना पड़ा है।फिलहाल मामले की जांच पूंजी बाजार नियामक सेबी कर रहा है। योजनाएं अचानक बंद करने के खिलाफ निवेशक अदालत पहुंचे थे। शीर्ष अदालत तक गए इस मामले में फंड हाउस को निवेशकों के पैसे लौटाने को कहा गया है। इस पर कंपनी ने कहा कि वह जल्द से जल्द इसका निपटान करने में जुटी हुई है।

बंद योजनाओं की कमाई 15,776 करोड़ रही:-फ्रैंकलिन टेंपलटन म्यूचुअल फंड ने शुक्रवार को बताया कि बंद की गई छह डेट योजनाओं की 31 मार्च, 2021 तक की कमाई 15,776 करोड़ रुपये रही। यह कमाई मैच्योरिटी, प्री-पेमेंट व कूपन पेमेंट के मद में जमा कुल राशि का जोड़ है। कंपनी ने यह भी बताया कि बंद हुई सभी छह डेट म्यूचुअल फंड योजनाएं अब कैश पॉजिटिव हो चुकी हैं। इस प्रकार, 31 मार्च, 2021 तक इन सभी योजनाओं की नेट असेट वैल्यू (एनएवी) 23 अप्रैल, 2020 की तुलना में अधिक हो चुकी है।

नई दिल्ली। रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (RRVL) व फ्यूचर ग्रुप के बीच 24,713 करोड़ रुपये का सौदा पूरा करने की समयसीमा बढ़ाकर 30 सितंबर, 2021 की गई है। फ्यूचर रिटेल (Future Retail) ने बताया कि आरआरवीएल ने नई तारीख को लेकर सहमति दे दी है। इससे पहले यह सौदा 31 मार्च, 2021 तक संपन्न हो जाना था। फिलहाल इस सौदे के खिलाफ अमेरिकी दिग्गज ई-कॉमर्स फर्म अमेजन की याचिका पर मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।फ्यूचर रिटेल ने कहा, ''योजना और अन्य लेन-देन दस्तावेजों के प्रावधानों के मुताबिक, रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड ने अधिकार प्रदान करने की कवायद की है, जिसमें 31 मार्च, 2021 से 30 सितंबर, 2021 तक 'लॉन्ग स्टॉप डेट' की समयसीमा का विस्तार किया गया है, जिसे स्वीकार किया गया है।''फ्यूचर रिटेल के खुदरा एवं थोक कारोबार की खरीद का एलान पिछले वर्ष अगस्त में हुआ था। करार को देश की नियामकीय संस्थाएं, जैसे भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग, सेबी व शेयर बाजारों की मंजूरी भी मिल चुकी है। हालांकि सौदे को नियम विरुद्ध बताते हुए अमेजन इसे अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र व अदालती कार्रवाई के जरिये रोकने की कोशिश में जुटी है। दिल्ली हाई कोर्ट में चली सुनवाई के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट में है। मामले में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) को शीर्ष अदालत किसी प्रकार का निर्णय सार्वजनिक करने से मना कर चुकी है।दिल्ली हाई कोर्ट की एकल पीठ ने पिछले महीने फ्यूचर ग्रुप को इस सौदे पर आगे बढ़ने से रोक दिया था। फ्यूचर ग्रुप ने एकल पीठ के आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी। इससे पहले अमेजन ने इस सौदे के खिलाफ एक अंतरराष्ट्रीय पंचाट में अपील की थी, जिसने सौदे को रोक दिया था। बाद में अमेजन ने पंचाट के उसी फैसले को लागू करने के लिये हाई कोर्ट की शरण ली थी।

नई दिल्ली। डाक विभाग ने डाकघर योजनाओं (Post Office Schemes) से निकासी पर टीडीएस (TDS) की कटौती को लेकर नए नियम जारी किये हैं। अगर निवेशक द्वारा की गई सभी डाकघर योजनाओं से कुल निकासी 20 लाख रुपये से अधिक है, तो उस पर टीडीएस कटौती का नया नियम लागू होगा। इसमें पीपीएफ से निकासी भी शामिल है।आयकर अधिनियम 1961 की धारा 194एन के तहत नए प्रावधान के अनुसार, अगर कोई निवेशक पिछले तीन आकलन वर्षों से आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल नहीं कर रहा है, तो निकासी की राशि से टीडीएस काटा जाएगा। नया नियम एक जुलाई, 2020 से प्रभावी है। आइए इस नए टीडीएस नियम के बारे में जानते हैं।अगर एक निवेशक द्वारा एक वित्त वर्ष में कुल निकासी 20 लाख रुपये से अधिक की गई है, लेकिन एक करोड़ रुपये से अधिक नहीं है और वह आईटीआर नहीं भरता है, तो 20 लाख से अधिक निकल रही राशि पर 2 फीसद टीडीएस कटेगा। यदि सभी पोस्ट ऑफिस खातों से कुल निकासी एक वित्त वर्ष में एक करोड़ से अधिक है, तो एक करोड़ से अधिक निकल रही राशि पर 5 फीसद टीडीएस कटेगा।वहीं, अगर आप आईटीआर भरते हो, तो आपके लिए अलग नियम है। अगर एक आईटीआर भरने वाला व्यक्ति एक वित्त वर्ष में एक करोड़ रुपये से अधिक की निकासी करता है, एक करोड़ से अधिक निकल रही राशि पर 2 फीसद आयकर देना होगा।टीडीएस की यह निकासी जमाकर्ता का संबंधित पोस्ट ऑफिस करेगा और इस कटौती के बारे में खाताधारक को लिखित में सूचित किया जाएगा। यह एक नियामकीय आवश्यकता है, इसलिए नियम के अनुसार, संबंधित पोस्टमास्टर व्यक्तिगत रूप से टीडीएस की कटौती के लिए जिम्मेदार है। टीडीएस की कटौती ना होने पर रिकवरी या पेनल्टी लग सकती है। विभिन्न डाकघरों को टीडीएस कटौती में मदद करने की जिम्मेदारी सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन पोस्टल टेक्नोलॉजी (CEPT) की है। सीईपीटी डाकघरों को तकनीक से संबंधित सहायता प्रदान करता है।

नई दिल्ली। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) की ओर से जारी 12-अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या को भारतीय निवासियों के लिए पहचान और पते के सबसे महत्वपूर्ण प्रमाणों में से एक माना जाता है। UIDAI में इस योजना के तहत भारत में रहने वाले सभी निवासी शामिल हैं, चाहे उनकी उम्र कितनी भी हो। नवजात बच्चों/बच्चों को आधार के लिए नामांकित किया जा सकता है। आधार कार्ड के लिए बच्चे…
नई दिल्ली। नजारा टेक्नोलॉजीज के शेयर मंगलवार को 1,101 रुपये के इशू प्राइस के मुकाबले करीब 81 फीसद प्रीमियम के साथ लिस्टेड हुए। कंपनी के शेयर बीएसई पर 79.01 फीसद की बढ़त के साथ 1,971 रुपये पर लिस्टेड हुए। बाद में शेयर 84 फीसद बढ़कर 2,026.90 रुपये पर पहुंच गए। एनएसई पर शेयर 80.74 फीसद की छलांग के साथ 1,990 रुपये पर सूचीबद्ध हुए।नजारा टेक्नोलॉजीज के आईपीओ को 175.46 गुना…
नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर के कर्जदाता एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) के कुछ ग्राहकों को मंगलवार को इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग में परेशानी आ रही है। ग्राहक ठीक से इन सुविधाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। बैंक का कहना है कि वह इस समस्या के समाधान के लिए काम कर रहा है। ग्राहक सोशल मीडिया पर भी यह बता रहें हैं कि उन्हें एचडीएफसी बैंक…
नई दिल्ली। आप में से कई लोग आश्चर्य करते हैं कि हर महीने अपनी तनख्वाह से जो पैसा बचता है, उसका क्या करें। जवाब है, उसे निवेश करें। अब आपके मन में सवाल उठता होगा कि निवेश क्यों करना चाहिए? इसका उत्तर है कि पैसों को बैंक में रखने की बजाय निवेश करके आप अधिक पैसे कमा सकते हैं। वित्तीय सुरक्षा हासिल करने और दीर्घकालिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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