कारोबार

कारोबार (1884)

नई दिल्‍ली। 10 लाख से ज्‍यादा Indian Railways के कर्मचारियों के फायदे की खबर है। उनके एसोसिएशन AIRF (ALL INDIA RAILWAYMEN’S FEDERATION) ने मांग की है कि Privilege/Complementary Pass और PTO की तारीख को 31 अक्‍टूबर 2021 तक बढ़ाया जाए। क्‍योंकि Covid mahamari के कारण कई जगहों पर Lockdown लगा है। इससे लोगों की आवाजाही रुक गई है। लोगों को अपनी यात्रा भी कैंसिल करनी पड़ी है। इसलिए पास की डेडलाइन बढ़ानी चाहिए।AIRF के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने कहा कि Privilege/Complementary Pass और PTO की तारीख आगे बढ़ने से रेलवे कर्मचारी इसे दशहरा और दीपावली पर इस्‍तेमाल कर लेंगे। इस मामले में त्‍वरित फैसला लेने की जरूरत है। Indian railways अगर इस फैसले को मान लेता है तो इससे लाखों रेलवे कर्मचारियों को फायदा होगा। AIRF ने ऐसा लेटर रेल मिनिस्‍ट्री को भेजा है।

 
Appraisal पर भी Covid की मार:-यही नहीं Central Government employees के Appraisal पर भी Covid की मार पड़ी है। Coronavirus Mahamari के कारण उनका Annual Appraisal FY 2020-21 आगे बढ़ गया है। DoPT ने कहा है कि CSS, CSSS और CSCS काडर के Group A, B और C की Annual Performance Assessment Report (APAR) जमा करने की तारीख 31 दिसंबर 2021 तक आगे बढ़ा दी गई है। ऐसा Covid Mahamari के कारण हुआ है। आदेश के मुताबिक जो लोग 28 फरवरी 2021 को रिटायर हो चुके हैं, उनको इसका फायदा मिलेगा।

प्रमोशन भी टला:-बता दें कि सरकार ने इससे पहले भी 2019-20 के लिए केंद्रीय कर्मचारियों के APAR की मियाद को बढ़ा दिया था। इसे बढ़ाकर मार्च 2021 तक कर दिया गया था. पहले इसे 31 दिसंबर 2020 तक पूरा करना था। डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल ट्रेनिंग (DoPT) के ऑर्डर के मुताबिक, मौजूदा स्थितियों को देखते हुए APAR  को पूरा करने की मियाद बढ़ा दी गई है। 

इंक्रीमेंट का यह पहला कदम:-आदेश के मुताबिक, सभी कर्मचारियों को खाली फॉर्म या ऑनलाइन फॉर्म लेने का काम पूरा करना था। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए इंक्रीमेंट प्रोसेस का यह पहला कदम होता है। लॉकडाउन के कारण यह काम पूरा नहीं हुआ है। इसलिए सरकार ने मियाद को बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दिया है।

31 दिसंबर तक टला प्रोसेस;-रिपोर्टिंग ऑफिसर को 30 जून तक Self Appraisal जमा करना होता है। इसके बाद 31 दिसंबर तक यह अप्रेजल की प्रक्रिया पूरी करनी है। कर्मचारी नेताओं की मानें तो Lockdown के दौरान दफ्तर में रोटेशन शिफ्ट चल रही है। इस कारण अधिकारी अप्रेजल प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए हैं। सभी मंत्रालयों को कोविड-19 से निपटने के लिए कहा गया है और अपने कर्मचारियों की हिफाजत करने की ताकीद की गई है। इसलिए परफॉर्मेंस रिव्यू में देरी हो रही है।

नई दिल्‍ली। Monthly Income के तौर पर Post Office की मंथली इनकम स्‍कीम (MIS) भी अच्‍छा प्‍लान है। इस स्‍कीम में Investment पर आपको हर महीने रिटर्न मिलता है। इसमें सिंगल या Joint अकाउंट खोल सकते हैं और एकमुश्त रकम जमा कर सकते हैं, जिस पर हर महीने ब्‍याज मिलेगा। Single Account में 4.5 लाख रुपए तक जमा कर सकते हैं। Joint Account में निवेश की रकम डबल हो जाती है।

Joint Account के अलग फायदे:-अगर आप Joint Account खोलकर स्कीम में 9 लाख रुपये जमा करते हैं तो इस पर 6.6% की दर से सालान 59,400 रुपये ब्याज मिलेगा। स्कीम की सबसे खास बात है कि ब्याज हर साल बढ़ता है। साथ ही ब्‍याज की रकम को Monthly भी ले सकते हैं। यानि 4,950 रुपये हर महीने निकाल सकते हैं। इस स्कीम का मैच्योरिटी पीरियड 5 साल का होता है। इसे आगे भी बढ़ा सकते हैं।

एक खाते में सिर्फ 3 लोग:-स्कीम को 5-5 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है. एक खाते में सिर्फ 3 लोग ही शामिल हो सकते हैं। खाता खोलने वाले की उम्र 18 साल से ऊपर होगी, 10 साल से कम उम्र के बच्चों के पैरेंट्स अपने नाम खाता खुलवा सकते हैं।

 

ब्‍याज का फॉर्मूला

MIS Joint खाते में कुल जमा रकम = 9 लाख रुपये

सालाना ब्‍याज = 6.6 फीसद

9 लाख रुपए पर कुल ब्याज = 59400 रुपये

मंथली निकासी = 59400/12 = 4950 रुपये

 

खाता खोलने का तरीका

Post Office में Saving Account होना चाहिए।

ID Proof में Aadhaar Card, पासपोर्ट, Voter ID, DL दे सकते हैं।

2 पासपोर्ट साइज फोटो। MIS फॉर्म भरना होगा। आनलाइन भी डाउनलोड कर सकते हैं।

इसके बाद खाता खोल सकते हैं। नॉमिनी का नाम भी देना होगा।

खाता खुलने के बाद 1000 रुपये जमा करना होगा।

नई दिल्ली। वित्तीय लेनदेन में पैन कार्ड (Pan card) काफी अहम और जरूरी दस्तावेज है। पचार हजार रुपये से अधिक की लेनदेन के लिए पैन कार्ड आवश्यक है। इसके अलावा कई सारे सरकारी कार्यों में पैन कार्ड की जरूरत होती है। अगर आपको अचानक से पैन कार्ड की जरूरत पड़ गई है और आपने अभी तक पैन कार्ड नहीं बनवाया है, तो चिंता की कोई बात नहीं है। आप चंद मिनटों में ऑनलाइन अपना ई-पैन कार्ड (e-Pan card) बनवा सकते हैं। आप केवल आधार नंबर (Aadhaar Number) के जरिए अपना पैन कार्ड बनवा सकते हैं। आधार कार्ड धारक इस सुविधा के तहत अपना पैन कार्ड चंद मिनटों में बनवा सकते हैं।आधार कार्ड के जरिए पैन कार्ड बनवाने की सुविधा पूरी तरह निशुल्क है। आपको इनकम टैक्स की वेबसाइट से पैन कार्ड के लिए अप्लाई करना होगा। आपको e-PAN के लिए अप्लाई करने के लिए केवल 12 अंक का aadhaar number डालने की जरूरत होगी। हालांकि, इसके लिए मोबाइल नंबर का आधार नंबर के साथ लिंक होना जरूरी होता है। आइए तत्काल पैन कार्ड पाने का प्रॉसेस जानते हैं।

 

स्टेप 2. अब होम पेज पर ‘Quick Links’ सेक्शन में जाकर 'Instant PAN through Aadhaar' पर क्लिक करें।

स्टेप 3. इसके बाद 'Get New PAN' के लिंक पर क्लिक करिए। यह आपको इंस्टेंट पैन रिक्वेस्ट वेबपेज पर ले जाएगा।

स्टेप 4. अब अपना आधार नंबर और कैप्चा कोड डालकर कंफर्म करिए।

 

स्टेप 5. अब  ‘Generate Aadhar OTP’ पर क्लिक करिए। आपको पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी प्राप्त होगा।

स्टेप 6. टेक्स्ट बॉक्स में ओटीपी प्रविष्ट करके ‘Validate Aadhaar OTP' पर क्लिक करें। इसके बाद  'Continue' बटन पर क्लिक करें।

स्टेप 7. अब आप पैन रिक्वेस्ट सबमिशन पेज पर रि-डायरेक्ट हो जाएंगे, यहां आपको अपनी आधार डिटेल की पुष्टि करनी होगी और नियम व शर्तों को एक्सेप्ट करना होगा।

स्टेप 8. इसके बाद ‘Submit PAN Request’ पर क्लिक करें।

स्टेप 9. अब इसके बाद एक एकनॉलेजमेंट नंबर जेनरेट होगा। आप इस एक्नॉलेजमेंट नंबर को नोट कर लीजिए।

ऐसे करें डाउनलोड:-इसके लिए आपको फिर से आयकर विभाग की ई-फाइलिंग वेबसाइट के होमपेज पर ‘Quick Links’ सेक्शन में जाकर 'Instant PAN through Aadhaar' पर क्लिक करना होगा। इसके बाद आप यहां 'चेक स्टेटस/डाउनलोड पैन' बटन पर क्लिक करें। यहां आप आधार नंबर और कैप्चा कोड डालकर अपने पैन कार्ड का स्टेटस चेक कर सकते हैं। साथ ही आप यहां से अपना पैन कार्ड डाउनलोड कर पाएंगे।

नई दिल्ली। PM Kisan Samman nidhi Yojana की आठवीं किस्त PM Modi द्वारा जारी कर दी गई है। अधिकतर लाभार्थी किसानों के खातों में 2,000 रुपये की यह किस्त पहुंच चुकी है और जल्द ही सभी लाभार्थी किसानों के खातों में पहुंच जाएगी। आप पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट https://pmkisan.gov.in/ पर जाकर PM Kisan योजना की इस 8वीं किस्‍त (PM Kisan 8th installment) का स्टेटस चेक कर सकते हैं।PM Kisan Yojana के लाभार्थियों को मोदी सरकार सस्ता Loan उपलब्ध कराती है। यह लोन Atmanirbhar Bharat Yojana के तहत बनने वाले Kisan Credit Card पर मिलता है। इससे किसानों को आसान किस्‍तों और कम ब्‍याज पर कर्ज मिल रहा है। अगर आप भी पीएम किसान के लाभार्थी हैं, तो इसका फायदा उठा सकते हैं।सरकार ने बीते साल इस योजना में हर किसान को शामिल करने का निर्देश दिया था। इसपर बैंकों और दूसरे संस्‍थानों ने कर्ज लेकर खेती करने वाले किसानों के लिए KCC स्कीम को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से लिंक कर दिया था।

इन दस्तावेजों की होगी जरूरत:-किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) का फॉर्म पीएम किसान स्कीम की वेबसाइट PMkisan.gov.in पर दिया गया है। इसमें स्पष्ट निर्देश है कि बैंक सिर्फ 3 दस्तावेज लेकर Loan दे सकते हैं। KCC बनवाने के लिए Aadhaar card, Pan और फोटो लगती है। साथ ही एक शपथ पत्र देना होता है, जिसमें किसी दूसरे बैंक से कर्ज नहीं लिया होने की जानकारी देनी होती है।

ये बैंक देते हैं Loan:-Kisan Credit Card बनवाने के इच्छुक किसान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India), को-ऑपरेटिव बैंक (Co-operative Bank), क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (Regional rural bank), नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (National Payments Corporation of India) और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (IDBI) से संपर्क कर सकते हैं।

प्रक्रिया:-आपको सबसे पहले KCC फॉर्म डाउनलोड करने के लिए pmkisan.gov.in पर जाना होगा। वेबसाइट में फॉर्म टैब के दाईं ओर Download KKC Form विकल्प दिया है। यहां से फॉर्म को प्रिंट करें और नजदीकी बैंक में जमा कर दें। इस कार्ड की वैद्यता 5 साल है।

इतनी राशि का मिलता है Loan:-Kisan Credit Card पर किसानों को 3 लाख रुपये तक का लोन दिया जाता है। Loan पर ब्याज 9 फीसद है, लेकिन KCC पर सरकार 2 फीसद सब्सिडी देती है। इससे KCC पर किसान को 7 फीसद ब्‍याज दर पर लोन मिलता है। किसान अगर समय से पहले Loan चुका देते हैं, तो उन्हें ब्याज पर 3 फीसद तक की छूट भी मिल जाती है। अर्थात कुल ब्याज सिर्फ 4 फीसद ही लगेगा।

नई दिल्ली। सरकारी कंपनी एनबीसीसी ने अपनी बोली ठुकराए जाने के बाद जेपी इन्फ्राटेक लिमिटेड (जेआइएल) के इंसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोफोशनल (आइआरपी) के वैधानिक क्षेत्राधिकार पर सवाल उठाए हैं। कंपनी ने एनबीसीसी के लिए अपनी बोली पर वोटिंग कराने की भी मांग की है। जेआइएल के आइआरपी ने एनबीसीसी की बोली को चुनिंदा अनुपालन में विफल बताते हुए अयोग्य घोषित कर दिया था।आइआरपी को लिखे पत्र में एनबीसीसी ने जेपी इन्फ्रा के लिए अपने ऑफर को अनुपालन दायरे में बताया है। कंपनी ने कहा कि उसे अनुपालन पर खरा उतरने की अपनी जिम्मेदारियों का पूरा अंदाजा है। इस सप्ताह गुरुवार (20 मई) को जेपी इन्फ्राटेक के कर्जदाताओं की समिति (सीओसी) ने सिर्फ दूसरे बोलीकर्ता सुरक्षा ग्रुप की बोली पर वोटिंग का फैसला किया था।एनबीसीसी का ऑफर इस तर्क के साथ खारिज किया गया था कि फाइनेंशियल क्रेडिटर्स के लिहाज से उसकी बोली इंसॉल्वेंसी एंड बैंक्रप्सी कोड (आइबीसी) की चुनिंदा शर्तो पर खरा नहीं उतरती है। सुरक्षा ग्रुप की बोली पर अगले सप्ताह सोमवार (24 मई) से गुरुवार (27 मई) के दौरान वोटिंग होनी है।एनबीसीसी ने अपने पत्र में कहा कि उसकी बोली को अनुपालन में अयोग्य करार देकर आइआरपी ने अपने लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा उल्लिखित सीमाओं का उल्लंघन किया है। कंपनी के मुताबिक आरआरपी का काम सिर्फ कर्जदाताओं की समिति की मदद करना है, समिति को यह बताना नहीं कि किसकी समाधान प्रक्रिया कानून के दायरे में है और किसकी नहीं।इससे पहले सूत्रों ने बताया कि आइआरपी ने अपनी रिपोर्ट में एनबीसीसी की बोली को आइबीसी के चुनिंदा मानकों पर अमान्य करार दिया था। एनबीसीसी ने पत्र में यह भी कहा कि बात नहीं सुने जाने की सूरत में उसके पास उचित मंच पर अपना पक्ष रखने का अधिकार सुरक्षित है।उल्लेखनीय है कि कर्ज के बोझ तले दबी जेपी इन्फ्राटेक के लिए दिवालिया प्रक्रिया के चौथे चरण में इसी सप्ताह बुधवार को अंतिम बोली लगाई थी। दिलचस्प यह भी है कि एनबीसीसी की बोली को वर्ष 2019 के आखिरी महीनों में और पिछले वर्ष की शुरुआत में तीसरे चरण के तहत सीओसी और नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) द्वारा स्वीकार कर लिया गया था। इस बोली को अंतिम रूप से जीतने वाली कंपनी को जेपी इन्फ्राटेक की फंसी रियल एस्टेट परियोजनाओं के तहत 20,000 से अधिक फ्लैट का निर्माण कार्य पूरा करना है।

नई दिल्ली। दिवालिया कानून की प्रक्रिया से बचने की जुगत कर रहे कुछ कारपोरेट घरानों के नामी-गिरामी प्रवर्तकों को सुप्रीम कोर्ट ने करारा झटका दिया है। इंसाल्वेंसी एंड बैंक्रप्सी कोड (IBC) से जुड़े एक मामले में शीर्ष कोर्ट ने शुक्रवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए दिवालिया प्रक्रिया में शामिल कंपनियों को कर्ज दिलाने में पर्सनल गारंटी देने वाले प्रवर्तकों से भी वसूली की छूट बैंकों को दे दी।बैंक अब कारपोरेट गारंटी देने वाले लोगों की परिसंपत्तियों को बेचकर कर्ज की वसूली कर सकेंगे। इस बारे में केंद्र सरकार ने नवंबर, 2019 में अधिसूचना जारी की थी, जिसके खिलाफ कई बड़े उद्योगपतियों ने कोर्ट में याचिका दायर की थी। इनमें अनिल अंबानी, कपिल वधावन, संजय सिंघल, वेणुगोपाल धूत जैसे लोग शामिल हैं। इन सभी की तरफ से प्रमोटेड कंपनियों के खिलाफ आइबीसी के तहत कार्रवाई हो रही है।दिवालिया कानून के जानकार सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को आइबीसी लागू करने के संदर्भ में एक बड़ी जीत के तौर पर देख रहे हैं। देश में कोरोना की वजह से जब बैंकिग सेक्टर में फंसे कर्जों के मामले और बढ़ने के आसार हैं, तब यह फैसला ज्यादा प्रासंगिक हो गया है।दिवालिया प्रक्रिया के कई मामलों में दिवालिया होने वाली कंपनी के प्रवर्तकों ने बैंक लोन के लिए अपनी पर्सनल गारंटी दी है। अब इन सभी से वसूली की प्रक्रिया बैंक शुरू कर सकते हैं। वसूली नहीं होने की स्थिति में उन्हें व्यक्तिगत रूप से दिवालिया घोषित किया जाएगा। अदालत ने गारंटर पर भी कंपनी की तरह ही नेशनल कंपनी ला ट्रिब्यूनल (NCLT) में दिवालिया प्रक्रिया चलाने की अनुमति दी है।सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एल. नागेश्वर राव और जस्टिस एस. रवींद्र भट्ट की पीठ ने अपने आदेश में कहा है कि सिर्फ रिजोल्यूशन प्लान स्वीकृत होने का यह मतलब कदापि नहीं है कि कंपनियों को कर्ज दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले पर्सनल गारंटर का कोई उत्तरदायित्व नहीं है। लोन की गारंटी देने वाले को कांट्रेक्ट आफ गारंटी के दायित्व से अलग नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने इस बारे में केंद्र सरकार की तरफ से जारी अधिसूचना को वैध करार दिया है। केंद्र सरकार की अधिसूचना के खिलाफ तकरीबन 75 लोगों ने याचिका दायर की थी।

नई दिल्ली। ज्यादातर लोग 45 साल की उम्र तक तो यही सोचते हैं कि रिटायरमेंट या सेवानिवृत्ति के बारे में सोचने के लिए अभी बहुत समय है और इसको लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। 45 से 60 साल की उम्र वाले लोग सोचते हैं कि उनके पास शांति से रिटायर होने के लिए पर्याप्त फंड है। कई अध्ययन से यह बात सामने आई है कि रिटायर होने के…
नई दिल्ली। कोरोना महामारी ने जहां एक ओर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है, तो दूसरी ओर एक वर्ग ऐसा भी है, जिसकी जमकर कमाई हुई है। जी-20 देशों के नेताओं की ग्लोबल हेल्थ समिट से पहले पीपुल्स वैक्सीन अलायंस ने यह बात कही है। पीपुल्स अलायंस के मुताबिक, कोरोना महामारी की शुरुआत के बाद से नौ लोग अरबपति बने हैं। ये सभी किसी न किसी रूप…
नई दिल्‍ली। PSU बैंक के 8.5 लाख कर्मचारियों का महंगाई भत्‍ता (Dearness Allowance, DA) जारी हो गया है। यह DA मई, जून और जुलाई 2021 के लिए है। इसमें इस बार 7 Slab की कमी आई है। Indian Banks' Association (IBA) ने AIACPI (All India Average Consumer Price Index) के आंकड़े आने के बाद इसका ऐलान किया है। उधर, 7th Central Pay Commission पा रहे 52 लाख से ज्‍यादा केंद्रीय…
नई दिल्‍ली। केंद्र सरकार की देश भर में मार्च 2022 तक 1 लाख LPG delivery centre खोलने की योजना है। इसमें ग्रामीण और अर्द्ध-शहरी इलाकों पर जोर होगा। सरकार की ई-सेवा डिलिवरी इकाई CSC SPV ने कहा कि उसने 3 सरकारी तेल कंपनियों BPCL, HPCL और IOC के साथ मिलकर विभिन्न राज्यों में करीब 21,000 LPG केंद्र खोले हैं। कैसे शुरू करें बिजनेस;-अगर आप भी नया रोजगार शुरू करना चाहते…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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