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कारोबार (1884)

दिल्ली। इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में डिजिटल माध्यम के जरिए आसानी से खाता खुलवाया जा सकते हैं। आईपीपीबी  (IPPB) अपने मोबाइल एप के जरिए डिजिटल रूप से बचत खाता खोलने की सुविधा प्रदान करता है। पोस्ट ऑफिस खाताधारक आईपीपीबी मोबाइल एप के माध्यम से आसानी से बेसिक बैंकिंग लेनदेन कर सकते हैं। पहले ग्राहकों को बैलेंस चेक करने, रुपये ट्रांसफर करने और दूसरे वित्तीय लेनदेन के लिए अपने पास के पोस्ट ऑफिस में जाना पड़ता था। अब इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के माध्यम से ग्राहकों की बैंकिंग सेवाओं तक काफी आसान पहुंच हो गई है। इससे उन्हें बहुत सहूलियत हुई है।यदि आपके पास आईपीपीबी खाता खुलवाने के लिए पोस्ट ऑफिस जाने का समय नहीं है और आप वहां लाइन में खड़े रहने के झंझट से बचना चाहते हैं, तो घर बैठे ही आईपीपीबी एप डाउनलोड कर उससे डिजिटल बचत खाता खुलवा सकते हैं। यह खाता खुलवाने के लिए आवेदक को 18 साल से अधिक का भारतीय नागरिक होना चाहिए।बता दें कि डिजिटल सेविंग अकाउंट केवल एक साल के लिए वैध होता है। खाता खोलने के एक साल के अंदर आपको उस खाते के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण पूरा करना है, जिसके बाद इसे नियमित बचत खाते में बदल दिया जाएगा। खाता खुलवाने का स्टेप बाय स्टेप प्रॉसेस यह है-

स्टेप 1. अपने मोबाइल फोन में आईपीपीबी मोबाइल बैंकिंग एप डाउनलोड करें। इसके बाद आईपीपीबी मोबाइल बैंकिंग एप को ओपन कर ‘Open Account’ पर क्लिक करें।

 

स्टेप 2. यहां आपको अपना पेन कार्ड नंबर और आधार कार्ड नंबर दर्ज करना होगा।

स्टेप 3. पेन कार्ड नंबर और आधार कार्ड नंबर दर्ज करने के बाद आपको लिंक्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी प्राप्त होगा। वह ओटीपी दर्ज करें।

स्टेप 4. अब आपको अपनी मां का नाम, शैक्षिक योग्यता, पता और नॉमिनी आदि का विवरण देना होगा।

स्टेप 5. यह जानकारी दर्ज करने के बाद सबमिट पर क्लिक करें। इसके साथ ही खाता खुल जाएगा।

स्टेप 6. आप इस इंस्टेंट बैंक अकाउंट का उपयोग एप के द्वारा  कर सकते हैं।

नई दिल्ली। अधिकतर लोगों को यह नहीं पता कि बच्चों को भी आधार कार्ड की जरूरत होती है। अगर आपका बच्चा 5 साल से कम उम्र का है, तो आपको उसके लिए भी आधार कार्ड बनवाना होगा। यह नीले रंग का कार्ड होगा, जिसे बाल आधार कार्ड (Baal aadhaar card) कहा जाता है। जब बच्चे की उम्र 5 साल से ऊपर हो जाएगी, तब यह कार्ड अवैध हो जाएगा। कार्ड अवैध होने के बाद बच्चे को फिर से नया आधार कार्ड बनवाना होगा, जिसके लिए बायोमेट्रिक अपडेशन करवाना होगा।बाल आधार कार्ड में बच्चे का बायोमेट्रिक या आयरिश स्केन नहीं किया जाएगा, क्योंकि छोटे बच्चों में बायोमेट्रिक डेवलप नहीं होते हैं। इसकी जगह बच्चे के माता-पिता के दस्तावेज लगाए जाएंगे। बाल आधार कार्ड के लिए आवेदक भारतीय निवासी होना चाहिए और उसकी उम्र 5 साल से कम होनी चाहिए।

दस्तावेज;-बाल आधार कार्ड के लिए बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, माता व पिता का आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, पते का प्रमाण और बच्चे की पासपोर्ट साइज फोटो की आवश्यकता होगी।

इस तरह लें अपॉइंटमेंट:-सबसे पहले आवेदक को UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। यहां होम पेज पर 'Get AAdhaar' में से 'Book an appointment' पर क्लिक करना होगा। पेज खुलने के बाद आपको अपना राज्य, जिले व आधार केंद्र का चयन कर अपना appointment बुक करना होगा। इसके बाद आपको अपना मोबाइल नंबर डालकर और ओटीपी दर्ज कर appointment की तारीख बुक करनी होगी।

आवेदन का प्रॉसेस:-आपको अपने निकटतम आधार केंद्र में अपने और बच्चे के दस्तावेज लेकर जाने होंगे। यहां आपको रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरना होगा। इस फॉर्म में आपको बच्चे का नाम, माता-पिता का आधार नंबर और अन्य जानकारियां देनी होंगी। अब आपको बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र व माता-पिता में से किसी एक का आधार नंबर केंद्र में जाकर देना होगा। बाल आधार कार्ड बनवाने के लिए अपना मोबाइल नंबर दर्ज करवाएं और बच्चे की फोटो दें। एसएमएस से आपको कंफर्मेशन आने के बाद 60 से 90 दिनों के भीतर आपको बच्चे का आधार नंबर प्राप्त हो जाएगा। बाल आधार कार्ड बनवाने के लिए कोई शुल्क नहीं देना होता है।

नई दिल्ली। बीमा विनियामक इरडा ने बीमा कंपनियों से कहा है कि वे कैशलेस आधार पर दावों का शीघ्र निपटान सुनिश्चित करें। इरडा को ऐसी कई शिकायतें मिली हैं, जिनमें कहा गया है कि बहुत से हॉस्पिटल पॉलिसीधारकों से कोविड-19 के इलाज के लिए नकद भुगतान पर जोर दे रहे हैं।इरडा ने भर्ती या इलाज के लिए आ रहे मरीजों में भेदभाव नहीं करने का निर्देश सभी हॉस्पिटल को दिया है। नियामक के अनुसार, कुछ नेटवर्क प्रदाताओं (हॉस्पिटल) द्वारा कोरोना मरीजों से बेहद उच्च शुल्क लेने और बीमा कंपनियों के साथ कैशलेस व्यवस्था के बावजूद पॉलिसीधारकों से नकद भुगतान पर जोर देने की खबरें हैं।नियामक ने एक परिपत्र में कहा कि स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के तहत कैशलेस दावों के मामले में बीमा कंपनियों को सलाह दी जाती है कि वे हॉस्पिटल के साथ सेवा स्तर समझौतों (एसएलए) के अनुसार कैशलेस आधार पर ऐसे दावों का तेजी से निपटान सुनिश्चित करें।इसमें बीमाकर्ताओं को यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है कि हॉस्पिटल पॉलिसीधारक से सहमत दरों के अनुसार शुल्क लें और इसमें किसी तरह का भेदभाव नहीं हो। एक अलग बयान में इरडा ने कहा कि पॉलिसीधारकों से अतिरिक्त दरों की वसूली, अग्रिम जमा राशि की मांग करना और कैशलेस उपचार से इनकार करना पॉलिसीधारकों के हितों पर तो चोट पहुंचाता ही है, यह सेवा प्रदाता हॅास्पिटल और बीमा कंपनियों के बीच सेवा स्तर समझौते का भी उल्लंघन हो सकता है।

नई दिल्ली। रिसर्च एजेंसी इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने चालू वित्त वर्ष (2021- 22) के लिए भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) विकास दर अनुमान पहले के 10.4 फीसद से घटाकर 10.1 फीसद कर दिया है। देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर को देखते हुए यह संशोधन किया गया है। इंडिया रेटिंग्स ने शुक्रवार को कहा है कि देश के बड़े हिस्से में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों से चिकित्सा सुविधाओं पर भारी दबाव है। कोरोना की यह दूसरी लहर मध्य मई से कमजोर पड़नी शुरू हो जायेगी।आरबीआइ ने भी इस माह की शुरुआत में जारी मौद्रिक नीति की समीक्षा में चालू वित्त वर्ष के दौरान जीडीपी वृद्धि 10.5 फीसद रहने का अनुमान व्यक्त किया है। हालांकि, गवर्नर शक्तिकांत दास ने इस दौरान देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को वृद्धि के रास्ते में आने वाली सबसे बड़ी अड़चन बताया।अन्य ब्रोकरेज कंपनियां और विश्लेषक भी कोरोना वायरस की दूसरी लहर को देखते हुए भारत की आर्थिक विकास दर के अपने-अपने अनुमान घटा रहे हैं। इस वर्ष 31 मार्च को खत्म हुए वित्त वर्ष में देश की जीडीपी दर में 7.6 फीसद गिरावट का अनुमान है।इंडिया रेटिंग्स ने कहा है कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर का आर्थिक प्रभाव उतना बुरा नहीं होगा जितना पहली लहर का था। इसकी मुख्य वजह यह है कि पहली लहर के चरम के मुकाबले संक्रमण मामलों की वर्तमान संख्या तीन गुना तक पहुंच जाने के बावजूद लॉकडाउन स्थानीय स्तर तक ही सीमित रखा जा रहा है। इसके साथ ही कोरोना वायरस का टीका लगने से भी सुरक्षा बढ़ेगी। देश में 21 अप्रैल तक 13.20 करोड़ लोगों को टीका लग चुका है।

नई दिल्ली। केंद्रीय कैबिनेट ने वित्त विधेयक, 2021 में संशोधनों को मंगलवार को मंजूरी दे दी। वित्त विधेयक में प्रस्तावित संशोधनों को लेकर स्टेकहोल्डर्स की चिंताओं के समाधान और विभिन्न प्रस्ताओं को स्पष्ट करने और तार्किक बनाने के लिए ये संशोधन काफी अहम हो गए थे। वित्त विधेयक, 2021 में संशोधन का लक्ष्य सभी टैक्सपेयर्स का समावेशित करना और समानता सुनिश्चित करना है। वित्त विधेयक, 2021 में संशोधन टैक्स से जुड़े प्रस्ताव हैं, जिससे सरकार को समय पर राजस्व के सृजन और टैक्सपेयर्स की शिकायतों के निवारण के जरिए प्रावधानों को सरल करने में मदद मिलेगी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की मंजूरी मिलने के बाद वित्त विधेयक, 2021 इस साल के 28 मार्च को वित्त अधिनियम, 2021 बन गया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इन प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गईःकेंद्रीय कैबिनेट ने बेंगलुरु मेट्रो प्रोजेक्ट के फेज 2A और फेज 2B को भी अपनी मंजूरी दे दी। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने यह जानकारी दी। फेज 2A का निर्माण सेंट्रल सिल्क बोर्ड जंक्शन से के आर पुरम, फेज 2B का निर्माण के आर पुरम से एयरपोर्ट (वाया हेब्बल जंक्शन) के बीच किया जाएगा। प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 58.19 किलोमीटर है। इस प्रोजेक्ट पर कुल 14,788.101 करोड़ रुपये खर्च होंगे।केंद्रीय कैबिनेट ने तालचर फर्टिलाइजर्स लिमिटेड द्वारा कोयले के गैसेफिकेशन से उत्पादित यूरिया के लिए विशेष सब्सिडी पॉलिसी को भी अपनी स्वीकृति दे दी। गोयल ने बताया कि इससे सालाना आधार पर 12.7 लाख टन यूरिया का आयात घटाने में मदद मिलेगी। इससे फॉरेन एक्सचेंज की बचत होगी। भारत में अपनी तरह की इस पहली परियोजना पर करीब 13,277 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यूरिया भारत में व्यापक तौर पर इस्तेमाल में लाए जाने वाला उर्वरक है।

नई दिल्ली। सरकार ने वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों सीरम इंस्टीट्युट ऑफ इंडिया (SII) और भारत बॉयोटेक को 4,500 करोड़ रुपये के अग्रिम भुगतान को अपनी मंजूरी दे दी है। इससे आने वाले समय में वैक्सीन कंपनियों को प्रोडक्शन और सप्लाई बढ़ाने में मदद मिलेगी। वैक्सीन कंपनियों को अग्रिम भुगतान का यह फैसला काफी अहम है क्योंकि सरकार ने 18 साल से अधिक उम्र के सभी व्यक्तियों को वैक्सीन देने का फैसला किया है। वैक्सीनेशन के तीसरे चरण की शुरुआत एक मई से होगी। इससे देश में कोरोना की दूसरी लहर को थामने में मदद मिलने की उम्मीद है। इस साल जुलाई तक SII सरकार को 20 करोड़ डोज और भारत बॉयोटेक नौ करोड़ डोज उपलब्ध कराएगी। ये दोनों कंपनियां 150 रुपये प्रति डोज की पूर्व निर्धारित कीमत पर वैक्सीन उपलब्ध कराएंगी।  सूत्रों ने कहा कि वित्त मंत्रालय ने बैंक गारंटी के बिना एडवांस पेमेंट सुनिश्चित करने के लिए नियमों में ढील दी है। इससे वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों को प्रोडक्शन बढ़ाने में मदद मिलेगी। SII को 3,000 करोड़ रुपये और Bharat Biotech को 1,500 करोड़ रुपये का एडवांस पेमेंट मिलेगा।इस महीने की शुरुआत में सीरम इंस्टीट्युट के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा था कि कोविड-19 की वैक्सीन बनाने के वास्ते प्रोडक्शन क्षमता बढ़ाने में करीब 3,000 करोड़ रुपये जरूरत होगी।वैक्सीनेशन की तीसरे चरण के तहत मैन्युफैक्चरर्स को अपने मासिक डोज का 50 फीसद सरकार को सप्लाई करना होगा। शेष डोज को वे राज्य सरकारों को उपलब्ध करा सकते हैं या खुले बाजार में बेच सकते हैं। हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स और 45 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए पहले की तरह वैक्सीनेशन जारी रहेगा। हालिया आंकड़े इस बात को दिखाते हैं कि कोरोना वायरस के 2.59 लाख से ज्यादा नए मामलों के जुड़ने से भारत में कोरोनावायरस से अब तक संक्रमित लोगों की तादाद 1.53 करोड़ पर पहुंच गई है। इससे भारत अमेरिका के बाद दूसरा सबसे ज्यादा प्रभावित देश है। अमेरिका में वायरस संक्रमण के 3.1 करोड़ से ज्यादा मामले सामने आए थे। भारत में हालिया आंकड़े के मुताबिक कोरोनावायरस से मरने वालों की संख्या 1.8 लाख के पार पहुंच गई है।

नई दिल्ली। कई बार लोग अपनी व्यक्तिगत और बिजनेस से जुड़ी आर्थिक जरूरत को पूरा करने के लिए प्रोपर्टी पर लोन लेते हैं। प्रोपर्टी के अगेंस्ट लोन लेकर आप अपने मकान को रिनोवेट करा सकते हैं, नई कार खरीद सकते हैं या बच्चों की पढ़ाई पर खर्च कर सकते हैं। प्रोपर्टी अगेंस्ट लोन में आपको अपनी संपत्ति को मॉर्गेज करने के बदले लोन मिलती है। यह एक सेक्योर्ड लोन होता…
नई दिल्ली। कोरोना के पहले दौर ने देश में स्वास्थ्य बीमा की जरूरत बढ़ा दी है। लेकिन ग्राहकों को पहले के मुकाबले इस पर ज्यादा प्रीमियम भी देना पड़ रहा है। अब जबकि देश कोरोना की दूसरी लहर का सामना कर रहा है, तो ग्राहकों को यह चिंता सता रही है कि स्वास्थ्य बीमा महंगा हो सकता है। इसकी मुख्य वजह यही है कि बीते एक वर्ष के दौरान कोरोना…
नई दिल्ली। शुक्रवार को अजय सेठ ने दिल्ली में वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग (DEA) के नए सचिव के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। सेठ 1987 बैच के कर्नाटक कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। सेठ पहले बैंगलोर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।सेठ ने ऐसे समय इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी संभाली है जबकि कोविड-19…
नई दिल्ली। वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली फ्लिपकार्ट ऑनलाइन ट्रैवल टेक्नोलॉजी कंपनी क्लियरट्रिप का अधिग्रहण करेगी। फ्लिपकार्ट ने गुरुवार को इस बारे में जानकारी दी है। एक बयान में कहा गया है कि फ्लिपकार्ट क्लियरट्रिप के शेयर होल्डिंग का 100 प्रतिशत अधिग्रहण करेगा, क्योंकि कंपनी अपने डिजिटल कॉमर्स को मजबूत करने के लिए निवेश कर रही है। कंपनी ने हालांकि सौदे के मूल्य का खुलासा नहीं किया।इस समझौते के तहत फ्लिपकार्ट…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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