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नई दिल्ली। रिलायंस जियो वोडाफोन को पछाड़कर देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बन गई है। हालांकि एयरटेल अब भी नंबर एक की कुर्सी पर काबिज है। TRAI की ओर से जारी की गई जुलाई 2018 कि रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक जियो की डाउनलोड स्पीड 22.3 एमबीपीएस रही है। जो वोडाफोन और आइडिया से तीन गुना ज्यादा है, जबकि एयरटेल से दो गुना ज्यादा है। जुलाई आखिरी तक जियो के 227 मिलियन ग्राहक हैं।ट्रार्इ की रिपोर्ट के अनुसार जियो हर महीने सबसे अधिक ग्राहकों को अपने साथ जोड़ रहा है। जियो ने जब से अपने 4G फीचर फोन की एक्सचेंज करने की कीमत को 1500 रुपये से घटाकर 501 रुपये कर दी है, तबसे इसकी ग्राहक संख्या में और बढ़ोत्तरी हुई है। पिछले दो महीनों से जियो फोन से करीब 50 फीसद नये ग्राहक जियोफोन से जोड़े हैं। हाल ही में आई रिपोर्ट के मुताबिक जियो ने हर महीने लगभग 10-12 मिलियन ग्राहकों को जोड़ना शुरू कर दिया है।मिली जानकारी के मुताबिक जून के अंत तक जियो चौथे स्थान पर काबिज था। उस वक्त जियो के पास कुल 215 मिलियन ग्राहक थे। जुलाई में जियो ने एक बार फिर 12 मिलियन ग्राहकों को जोड़ा है। एयरटेल के पास 345 मिलियन यूजर हैं। वहीं वोडाफोन के पास 223.3 मिलियन और आइडिया के पास 220.6 मिलियन यूजर हैं।खबरों के मुताबिक वोडाफोन और आइडिया का मर्जर हो चुका है। इस तरह दोनों के यूजर संख्या को जोड़ दिया जाए तो यह आंकड़ा 450 मीलियन यूजर के आसपास संख्या पहुंच जाएगी। जो एयरटेल के यूजर से भी ज्यादा है।

बीजिंग। चीन की सेना के एक वरिष्ठ जनरल ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ चीन के सैन्य संबंध दोनों देशों के रिश्तों का आधार हैं। उन्होंने चीन दौरे पर आए पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा से मुलाकात के दौरान यह बात कही। बाजवा रविवार से मंगलवार तक बीजिंग दौरे पर थे।पिछले माह इमरान खान के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद पाकिस्तान के किसी शीर्ष अधिकारी का यह पहला चीन दौरा था। अमेरिका के साथ रिश्तों में खटास आने के बाद पाकिस्तान की अपने सदाबहार मित्र चीन पर निर्भरता बढ़ती जा रही है।बाजवा का यह दौरा ऐसे समय हुआ जब हाल में चीन की महत्वाकांक्षी परियोजना सिल्क रोड पर पाकिस्तान की नई सरकार के वाणिज्य मंत्री अब्दुल रजाक दाऊद ने सवाल उठाए थे। दाऊद ने पिछले हफ्ते कहा था कि सिल्क रोड समेत चीन की बेल्ट एंड रोड इनीशिएटिव परियोजना के तहत बनने वाले चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) को एक साल के लिए बंद कर देना चाहिए। चीन के केंद्रीय सैन्य आयोग के डिप्टी चेयरमैन झांग यूसिया ने मंगलवार को बाजवा से मुलाकात में दोहराया कि दोनों देशों में रणनीतिक साझीदारी को लेकर सदाबहार संबंध हैं। इस आयोग के अध्यक्ष चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग हैं।

 

नई दिल्ली। सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया आर्थिक तंगी से उबरने के लिए अब अपनी संपत्तियों और जमीन को बेचेगी। एयरलाइंस कंपनी एयर इंडिया ने 50 से अधिक संपत्तियों और जमीन बेचने का फैसला किया है। इन संपत्तियों को बेचकर कंपनी को 500 करोड़ रुपए जुटाने में मदद मिलेगी।एयर इंडिया इस बिक्री में ऐसी संपत्तियों को भी बेचेगी जो पिछली बार अधिक कीमत की वजह से नहीं बिक पाई थीं।जानकारी के मुताबिक इस बिक्री में मुंबई के बांद्रा, माहिम, खार, कोलाबा, कफ परेड और मलाड क्षेत्र के अपार्टमेंट बिकेंगे। इसके अलावा बिक्री में बेंगलुरु के इंदिरानगर, अहमदाबाद के नवरंगपुरा और मेमनगर क्षेत्र के अपार्टमेंट भी शामिल हैं।एयरलाइंस जमीन की बिक्री में कोलकाता, पुणे, भुज, गोवा, ग्वालियर, त्रिवेंद्रम और नाशिक शहर की जमीन बेचेगी। एयरलाइंस की ओर से बिक्री के लिए गुरुवार को अखबारों में विज्ञापन भी दिए गए।मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बिक्री होने वाली संपत्तियों की बोली ई-नीलामी के जरिए होगी। कंपनी एमएसटीसी लिमिटेड के द्वारा इसकी बोली लगाई जाएगी। आवासीय फ्लैट और जमीन की ई-बोली 12 अक्टूबर तक लगाई जा सकेगी। बीते फरवरी में रीयल एस्टेट में छाई मंदी से संपत्ति बिक्री में एअर इंडिया को निराशा हाथ लगी थी। एयर इंडिया पर फिलहाल 55,000 करोड़ रुपए का कर्ज है।

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने सैरीडॉन, डार्ट और पिरिटोन दवाओं पर लगी रोक हटा दी है। कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।गौरतलब है कि सरकार ने पिछले हफ्ते लगभग 328 दवाओं की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया था। जिसके बाद दवाई कंपनियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट के आदेश के बाद अब तीनों दवाओं को बाजार में बेचा और खरीदा जा सकता है। जिन दवाओं पर बैन लगाया था उनमें फेंसीडिल और कोरेक्स कफ सिरप भी शामिल है।मालूम हो कि फार्मा कंपनियों ने केंद्र के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए याचिका दाखिल की थी। याचिका में दलील दी गई थी कि केंद्र सरकार ने इन दवाओं को प्रतिबंधित करने के की वजह दी थी कि यह प्रभावशाली नहीं हैं।सरकार की ओर से बैन दवाओं में सेरिडॉन, कोरेक्स, सुमो, जीरोडॉल, फेंसिडील, जिंटाप, डिकोल्ड और कई तरह के ऐंटीबायॉटिक्स, पेन किलर्स, शुगर और दिल के रोगों की दवाएं शामिल हैं। इनमें कई ऐसी हैं, जिन्हें लोग तुरंत आराम पाने के लिए खुद से खरीद लेते हैं। कई दवाएं सिरदर्द, जुकाम, दस्त, पेट दर्द जैसी बीमारी में ली जाती हैं। हालांकि बताया जाता है कि एफडीसी दवाएं मरीजों के लिए खतरनाक होती हैं, कई देशों में इन पर बैन भी है। अभी और भी कई एफडीसी दवाएं हैं, जो देश में बिक रही हैं।
क्या होती है एफडीसी दवाएं:-दो या दो से अधिक दवाओं के निश्चित अनुपात के कॉम्बिनेशन को फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन या एफडीसी कहा जाता है। अमेरिका जापान, फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन के साथ ही कई देशों में एफडीसी पर रोक है। भारत में एफडीसी दवाएं बहुत ज्यादा बिकती हैं।

नई दिल्ली। बैंक अक्सर हमें दी जाने वाली सेवाओं पर चार्ज वसूलते हैं। ठीक यही कहानी होम लोन के साथ भी है। होम लोन देकर बैंक हमसे कुछ ऐसे चार्ज वसूलता है जिसकी जानकारी हमें नहीं होती। चूंकि होम लोन लंबे समय तक के लिए लिया जाता है इसलिए इसे लेते वक्त सावधान रहें। हम यहां पांच ऐसे चार्जेस का जिक्र कर रहे हैं जिसके बारे में बहुत कम ही कर्जदारों को जानकारी होती है।
पुनर्भुगतान: होम लोन की सेवा लेते समय ज्यादातर उधारकर्ता अपने ऋणदाता से मौजूदा पुनर्भुगतान मोड को बदलने के लिए कहते हैं। कुछ ईसीएस मोड को पसंद करते हैं जबकि अन्य को पोस्ट डेटेड चेक सिस्टम ज्यादा सुविधाजनक लगता है। हालांकि, उधारकर्ता के अनुरोध पर कई ऋणदाता पुनर्भुगतान मोड को ईसीएस से चेक के रूप में स्विच करने के लिए शुल्क लेते हैं। शुल्क की राशि आमतौर पर 500 प्रति स्वैप तक होती है।
फ्रेंकिंग फीस: फ्रेंकिंग की प्रक्रिया के जरिए स्टॉम्प ड्यूटी के पेमेंट पूरे होने की पुष्टि की जाती है। जब आप लोन के एग्रीमेंट की स्टॉम्प ड्यूटी चुकाते हैं तब बैंक या फ्रेंकिंग एजेंसी आपके डॉक्यूमेंट को सर्टिफाई करती है कि आपने स्टॉम्प ड्यूटी चुका दी है। ये चार्ज हर राज्य में अलग अलग हो सकते हैं। आम तौर पर ये चार्ज लोन की कुल रकम का 0.1 से 0.2 फीसदी हो सकता है।
मॉरगेज डीड फीस: होम लोन के लिए मॉरगेज डीड फीस भी देनी पड़ती है। बैंक यह चार्ज होम लोन लेने के लिए अदा की जाने वाली कुल राशि पर वसूलते हैं। हालांकि कुछ बैंक यह चार्ज नहीं लेते हैं। इसलिए होम लोन लेने से पहले पता कर लें की कौन से बैंक में यह चार्ज नहीं है।
स्विचिंग फीस: विभिन्न कारणों से उधारकर्ता ऋणदाता से उनकी मौजूदा ब्याज दरों को बदलने या कम करने का अनुरोध करता है। इस तरह के स्विचिंग में एक निश्चित शुल्क लिया जाता है। आम तौर पर, रेट कन्वर्जन फीस बकाया मूलधन राशि का अधिकतम 2% तक होता है।
ईएमआई बाउंस चार्ज: अगर आप निर्धारित तिथि पर अपने मासिक ईएमआई का भुगतान करने में विफल रहते हैं तो बैंक आपसे इसके लिए अतिरिक्त शुल्क लेते हैं। आम तौर पर ऋणदाता ऐसे चूक के लिए 500 रूपये तक चार्ज करते हैं।

नई दिल्ली। अगर आप रिटायरमेंट के बारे में सोच रहे हैं तो सबसे पहले यह सुनिश्चित कर लें कि पैसे बचाने और निवेश करने में आप कितने सक्षम हैं। आप जितने कम उम्र में बचत के लिए सोचेंगे उतना ही बेहतर होगा।हाल ही में एचएसबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक केवल 33 फीसद कामकाजी भारतीय नियमित रूप से रिटायरमेंट के लिए बचत करते हैं। हम इस खबर में आपको बता रहे हैं कि अगर रिटायरमेंट से पहले इन पांच बातों का ध्यान रखा जाए तो आपको आगे चलकर इसका फायदा मिलेगा।महंगाई को नजरअंदाज न करें: यदि आप रिटायरमेंट के वक्त एक बड़ी राशि जोड़ना चाहते हैं तो आपको महंगाई को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर आप रिटायरमेंट के लिए बचत नहीं करते हैं तो आपके दिमाग में महंगाई को लेकर ध्यान अवश्य होना चाहिए। हो सकता है बचत न करने पर आपको वित्तीय रूप से किसी और पर निर्भर होना होगा। यह तय करने से पहले कि आप एक महीने में कितना बचत करेंगे, महंगाई को ध्यान में रखें।
निवेश विकल्प: अगर आप रिटायरमेंट के लिए निवेश कर रहे हैं तो अपने पोर्टफोलियो को विविधतापूर्ण रखें, क्योंकि इससे जोखिम कम हो जाता है। यदि आपने सभी निवेश एक ही प्रकार की संपत्ति में की है तो इससे पैसा खोने की संभावना अधिक हो जाती है। एक साथ सभी संपत्तियों खराब प्रदर्शन करें इसका संभावना काफी कम होती है, इसलिए आपके पास विविध निवेश पोर्टफोलियो होना चाहिए।
विश्लेषण करें: अगर आपने किसी संपत्ति में निवेश किया है तो कम से कम 2 साल उसे वैसे ही छोड़ दें। बीच में उसे न निकालें न ही हाथ लगाएं। हां समय-समय पर अपने निवेश का विश्लेषण जरूर करते रहें। जब आपको लगे कि निवेश से रिटर्न अच्छा नहीं है तो कहीं और स्विच कर जाएं। याद रखिए आप निवेश में जितना ज्यादा समय देंगे आपको रिटर्न उतना ही अच्छा मिलेगा।
लोन: रिटायरमेंट से पहले अपने सभी लोन चुकता कर दें। चाहे वह होम लोन हो, कार लोन, शिक्षा लोन हो। सभी का पेमेंट अपने नौकरी के दौरान ही कर दें। अगर आपने ऐसा नहीं किया और रिटायरमेंट के वक्त ऐसा करने की सोच रहे हैं तो हो सकता है आपकी सारी बचत लोन चुकाने में खत्म हो जाए।
समय: शुरुआत से ही बचत की आदत डालें। बहुत सारे लोग सोचते हैं कि 20 की उम्र से 5000 रुपये प्रति माह की बचत से आगे चलकर कोई खास फर्क नहीं पड़ता। इसलिए हम सीधे 35 की उम्र से 15,000 रुपये प्रति माह बचाएंगे। जबकि ऐसा करना गलत है। क्योंकि ऐसे में फिर आपके पास बचत के लिए ज्यादा समय नहीं रहेगा। इसलिए समय बर्बाद न करके जल्द से जल्द बचत की आदत डालें।

नई दिल्ली। भारत में डिजिटल व्यापार के दिसंबर 2018 के अंत तक 2.37 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है। इंटरनेट और मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएएमएआई) की रिपोर्ट में इस बात का दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2011 से 2017 के बीच डिजिटल व्यापार साल दर साल 34 फीसद की दर से बढ़ा। दिसंबर 2017 को समाप्त वर्ष में 2.04 लाख करोड़ रुपये था।डिजिटल कॉमर्स…
नई दिल्ली। एलआईसी ने 'एलआईसी जीवन शांति' नाम से एक नई योजना शुरू की है। एलआईसी जीवन शांति प्लान नॉन लिंक्ड एकल प्रीमियम एन्युटी योजना है। इस प्लान में पॉलिसीधारक के पास तुरंत वार्षिक वेतन या स्थगित वार्षिकी वेतन के चयन का विकल्प होता है। इसकी स्थगन अवधि 1 से 20 साल हो सकती है।जानकारी के मुताबिक संयुक्त जीवन वार्षिकी विकल्प का उपयोग परिवार के किसी भी वंशावली (दादा, अभिभावक,…
नई दिल्ली। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रमोटर शिविंदर मोहन सिंह को मंजूरी दे दी है कि वो अपने बड़े भाई मालविंदर और पूर्व-रेलिगेयर प्रमुख सुनील गोधवानी के खिलाफ अपनी याचिका को वापस ले लें।शिविंदर ने इससे पहले इस महीने की शुरुआत में एनसीएलटी में अपने भाई के खिलाफ याचिका दाखिल कराई थी। शिविंदर ने आरोप लगाया है कि मालविंदर और गोधवानी की गतिविधियों से कंपनियों…
नई दिल्ली। एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि सरकार जीडीपी के 3.3 फीसद के बजटीय लक्ष्य के भीतर राजकोषीय घाटे को बनाए रखने के लिए दृढ़संकल्प है क्योंकि देश में दोहरे घाटे की समस्या पैदा नहीं हो सकती। अधिकारी ने बताया कि कच्चे तेल की तेजी से बढ़ती कीमतें और उच्च आयात बिल जाहिर तौर पर देश के चालू खाते घाटे को दबाव में ला देगा और इस मोर्चे पर…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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