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नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) देश के सबसे सफल कप्तानों में से एक हैं। धोनी की बल्लेबाजी और मैदान पर उनके उनकी प्लानिंग की पूरी दुनिया तारीफ करती है। यह बात भी सब जानते हैं कि धोनी (Mahendra Singh Dhoni) को कारों और बाइक का खासा शौक है। आज हम आपको उन शानदार एसयूवी के बारे में बता रहे हैं, जो कि धोनी के कलेक्शन में शामिल हैं।
हमर एच2 (Hummer H2):-धोनी को कई बार हमर H2 ड्राइव करते देखा गया है। धोनी ने इसे 2009 में खरीदा था। इंजन और पावर की बात की जाए तो इसमें 6.2 लीटर वी8 पेट्रोल इंजन दिया गया है जो कि 393 बीएचपी की पावर जनरेट करता है। अधिकतम रफ्तार की बात की जाए तो इस एसयूवी की टॉप स्पीड 200 किमी प्रति घंटा है।
ऑडी क्यू7 (Audi Q):-धोनी के पास शानदार Audi Q7 30 TDI Quattro भी मौजूद है। इंजन और पावर की बात की जाए तो इस कार में 2,967 सीसी का डीजल इंजन दिया गया है जो कि 242 एचपी की पावर और 550 न्यूटन मीटर का टार्क जनरेट करता है। ऑडी क्यू 7 भारत में ऑडी की सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाली कारों में से एक है।
मित्सुबिशी पजेरो (Mitsubishi Pajero);-धोनी के पास मित्सुबिशी पजेरो है। इंजन और पावर की बात की जाए तो इस एसयूवी में 2.8 लीटर का टर्बोचार्ज्ड डीजल इंजन दिया गया है जो कि 120 एचपी का पावर और 280 न्यूटन मीटर का टार्क जनरेट करता है।
लेंड रोवर फ्रीलांडर 2 (Land Rover Freelander 2);-धोनी के पास शानदार एसयूवी Land Rover Freelander 2 भी मौजूद है। इंजन और पावर की बात की जाए तो इस एसयूवी में 2.2 लीटर का टर्बो डीजल इंजन दिया गया है जो कि 148 एचपी की पावर और 187 एचपी की पावर जनरेट करता है और 420 न्यूटन मीटर का टार्क जनरेट करता है।

नई दिल्ली। अगर आपको अपने बैंक या इंश्योरेंस कंपनी से किसी तरह की शिकायत है और उसके शिकायत निवारण तंत्र में शिकायत करने पर कोई नतीजा नहीं निकल रहा है तो आप इसके लिए इन दोनों सेक्टर से संबंधित ओंबड्समैन के पास शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। वहीं प्रॉपर्टी के मामलों में आप रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी से संपर्क कर सकते हैं जो रियल एस्टेट एक्ट के दायरे में आता है। यहां हम आपको बैंकिंग ओंबड्समैन, इंश्योरेंस ओंबड्समैन और रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी से शिकायत दर्ज करने का आसान तरीका बता रहे हैं।
इंश्योरेंस ओंबड्समैन
-सबसे पहले इंश्योरेंस कंपनी से बात करें उसके बाद ओंबड्समैन से संपर्क करें। शिकायत जरूरी दस्तावेजों के साथ लिखित रूप में होनी चाहिए।
-अगर इंश्योरेंस कंपनी मदद करने में नाकाम है तो आईआरडीए की शिकायत प्रबंधन प्रणाली (igms.irda.gov.in) से शिकायत कर सकते हैं।
-आप ओंबड्समैन से भी संपर्क कर सकते हैं, जिसके अधिकार क्षेत्र में आपका मामला है।
-अगर आपको लगता है कि ओंबड्समैन से भी कोई नतीजा नहीं निकला है तो कंज्यूमर कोर्ट जाएं।
रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (RERA)
-RERA की वेबसाइट पर लॉग इन करें और शिकायतकर्ता के रूप में रजिस्ट्रेशन करें।
-आपको ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर जैसी जानकारी दर्ज करनी होगी।
-अकाउंट्स पर जाएं > माई प्रोफाइल और शिकायत के लिए पूछी गई जानकारी दर्ज करें।
'-कंप्लेंट डीटेल' पर क्लिक करें और 'एड न्यू कंप्लेंट' का चयन करें।
-मांगी गई जानकारी जैसे प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन नंबर और अन्य जानकारी दर्ज करें।
-संबंधित प्रोजेक्ट से जुड़े डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें और अपने मामले की जानकारी दर्ज करें।
-कानूनी प्रावधानों को बताते हुए आप जो राहत चाहते हैं उसके बारे में बताएं।
-सटीक जानकारी प्रदान करें और जरूरी फीस की ऑनलाइन पेमेंट करें।
-RERA सहायक अधिकारी मामले की सुनवाई करेगा और एक आदेश जारी करेगा।
-अगर आप इससे खुश नहीं हैं तो आप आदेश प्राप्त होने के 60 दिनों के अंदर अपीलेट ट्रिब्यूनल से संपर्क कर सकते हैं उसके बाद हाई कोर्ट ही अगला कदम है।
बैंकिंग ओंबड्समैन
-सबसे पहले बैंक से शिकायत करें और उन्हें जवाब देने के लिए 30 दिनों का समय दें।
-अगर बैंक आपकी दिक्कतों को दूर नहीं करता है या उसमें नाकाम रहता है तो बैंकिंग ओंबड्समैन (BO) ऑफिस से संपर्क करें, जिसके दायरे में आपका मामला आता है। अब आप cms.rbi.org.in के जरिए ऐसा कर सकते हैं।
-बैंक की प्रतिक्रिया के बाद 1 साल या 1 साल से अधिक समय न होने दें और शिकायत दर्ज करें।
-आप बैंकिंग ओंबड्समैन पोर्टल (https: //bankingombuhman.rbi.org.in) पर मौजूद फॉर्म डाउनलोड करने के बाद लिखित शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
-जरूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ आप अपनी शिकायत दर्ज करने के लिए ऑनलाइन रूट भी चुन सकते हैं (https: // secweb। rbi.org.in/BO/precompltindex.htm)
-बीओ या तो सुलह करवाकर मामले को सुलझाएगा या अवार्ड पारित करेगा
-अगर ओंबड्समैन दिक्कतों को दूर करने में नाकाम रहता है तो अपीलेट अथॉरिटी से संपर्क करें। अगर सब नाकाम रहते हैं तो कंज्यूमर कोर्ट में जाएं।

नई दिल्ली। एक समय था जब कार खरीदना सपना हुआ करता था, लेकिन आज के समय में कार लोन के जरिए ये काफी आसान हो गया है। यानी कि अब आपको अपने सपनों की कार खरीदने के लिए एक साथ मोटी रकम की जरूरत नहीं है बल्कि आप उसे आसान ईएमआई के जरिए भी घर ला सकते हैं। काफी लोगों के लिए कार खरीदना तो आसान होता है, लेकिन उसका मेंटेनेंस थोड़ा मुश्किल साबित होता है, लेकिन अब आपको इसके लिए ज्यादा टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। हम आपको दिल्ली के एक ऐसे कार बाजार के बारे में बता रहे हैं, जहां पर कार के स्पेयर पार्ट्स, बॉडी पार्ट्स, टायर और अन्य एसेसरीज बेहद कम कीमत में मिल सकती है। जी हां अगर ये कहा जाए कि यहां पर कार के पार्ट्स आधी से भी कम कीमत में उपलब्ध होते हैं तो यह बिल्कुल सही होगा।जहां सामान्य तौर पर कार के टायर की कीमत 3-5 हजार के बीच होती है वहीं इस बाजार में आपको सेकेंड हैंड टायर महज 500-1000 रुपये में मिल सकता है। इस बाजार में अधिकतर सामान सेकेंड हैंड ही मिलता है वहीं कुछ सामान नहीं भी मिल सकता है। ग्राहक अपनी सहूलियत के हिसाब से सेकेंड हैंड या नया सामान खरीद सकते हैं। इस बाजार में कारों के साथ-साथ टू-व्हीलर्स का सामान भी मिलता है। यहां पर आपको टायर्स, व्हील, एलॉय व्हील, बॉडी पार्ट्स, लाइट, हॉर्न, वायरिंग आदि उपलब्ध रहती है।इस मार्केट में रिपेयरिंग का काम भी किया जाता है जो कि बेहद किफायती दामों में होता है। यहां पर मिलने वाला अधिकतर सामान सेकेंड हैंड होता है इसलिए ग्राहकों को खुद जांच पड़ताल करके या किसी मैकेनिक की सलाह के बाद ही सामान खरीदना चाहिए ताकि सही सामान का चयन किया जा सके। पूर्वी दिल्ली के गोकलपुरी मेट्रो स्टेशन के नजदीक स्थित इस मार्केट तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। जिन लोगों को सेकेंड हेंड सामान किफायती दामों में चाहिए वह इस मार्केट का रुख कर सकते हैं।

नई दिल्ली। निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि बजट में निवेश बढ़ाने की पूरी योजना के साथ विकास की बड़ी तस्वीर पेश की गई है। उन्होंने कहा कि इसके लिए राजकोषीय मजबूती के लक्ष्यों से कोई समझौता नहीं किया गया है। राज्यसभा में केंद्रीय बजट 2019-20 पर चर्चा के बाद जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इस बजट में अगले 10 वर्षों के लिए व्यापक कदम उठाए गए हैं।सीतारमण ने कहा कि सरकार का मध्यावधि लक्ष्य भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर (5,000 अरब डॉलर) की अर्थव्यवस्था बनाना है। वित्त मंत्री ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर के क्लब में रखने का लक्ष्य ‘बिना योजना के नहीं’ है बल्कि इसके लिए बजट में कई कई उपाय सूचीबद्ध हैं।उन्होंने कहा कि निवेश को बढ़ावा देने के लिए एफडीआई मानदंडों को और अधिक उदार बनाया गया, 400 करोड़ रुपये तक के कारोबार वाली कंपनियों के लिये कारपोरेट टैक्स की दर कम की गयी है और देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिये कदम उठाये गये हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने बुनियादी ढांचा क्षेत्र में अगले पांच साल में 100 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा है। इससे बजट में निवेश को बढ़ाने के लिये सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता दिखायी देती है।लोकसभा में पांच जुलाई को पेश हुए बजट में उन्होंने कहा था कि सरकार का 2019-20 में शुद्ध कर राजस्व के रूप में 16.49 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य है। यह पूर्व वित्त वर्ष के मुकाबले 11.13 फीसदी अधिक है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि बजट में राजस्व और व्यय के प्रत्येक अनुमान उपयुक्त हैं और उसके लिये पर्याप्त प्रावधान किये गये हैं।

नई दिल्ली। स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती लागत आज हर किसी के चिंता का सबब बनी हुई है। रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए यह और भी अधिक चिंता की बात है, वह इसलिए क्योंकि उस उम्र में कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं देखने को मिलती हैं। ऐसे में सही स्वास्थ्य बीमा योजना निश्चित रूप से उपचार में आपकी सहायता कर सकती है। आइए जानते हैं वे पांच तरीके जिनसे आप अपना स्वास्थ्य और पैसे दोनों बचा सकते हैं।
यथार्थवादी योजना बनाएं;-रिटायर्मेंट के बाद वित्तीय योजना बनाना थोड़ा जटिल हो सकता है। इसमें आपको अपने भरण-पोषण से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं तक, हर पहलू पर पूरी तरह योजना बनानी होती है। इसके लिए आपको कुछ महत्वपूर्ण चीजों पर ध्यान देना होता है। जब आप भविष्य के लिए वित्तीय योजना बना रहे होते हैं, तो आपको उच्च महंगाई दर को ध्यान में रखना होता है। भविष्य में आपका स्वास्थ्य किस करवट लेगा, यह कोई नहीं जानता। इसलिए, आपकों विभिन्न स्वास्थ्य-संबंधी परिदृश्यों की कल्पना करनी चाहिए और उसके अनुसार योजना बनानी चाहिए। हर तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्या का अगल उपचार है और हर बार लागत बहुत बदल जाती है।
सही बीमा योजना में निवेश करें:-स्वास्थ्य संबंधी खर्चों के खिलाफ अगर कोई सबसे बड़ा हथियार है, तो वह हैं विभिन्न स्वास्थ्य बीमा योजनाएं। आप विशेष स्वास्थ्य बीमा कवर के लिए भुगतान की जाने वाली प्रीमियम राशि का निर्धारण करने के लिए ऑनलाइन स्वास्थ्य बीमा कैलकुलेटर का उपयोग कर सकते हैं। सेवानिवृत्त लोग विभिन्न प्रकार के बीमा कवर का लाभ उठा सकते हैं जैसे व्यक्तिगत बीमा, फैमिली फ्लोटर आदि।
निर्धारित करें कि आपको कितना स्वास्थ्य बीमा चाहिए;-किसी गंभीर बीमारी की स्थिति में आपको कितना कवर चाहिए इसका पता करना चुनौतीपूर्ण है। इसलिए, अंतिम निर्णय लेने से पहले कुछ बातों पर विचार करना चाहिए। सबसे पहले, आपको अपने क्षेत्र में अस्पताल में भर्ती होने की लागत का पता लगाने की आवश्यकता है। यदि आपकी फैमिली में लोगों को बड़ी बीमारियां हुई हैं, तो यह बहुत महत्वपूर्ण है कि आप उन बीमारियों के इलाज की लागत का पता लगाएं। साथ ही बीमा कवर लेते समय आपको स्वास्थ्य सेवाओं पर 15 फीसद महंगाई का भी ध्यान रखना चाहिए। कम से कम आपका स्वास्थ्य कवर 5 लाख रुपये का होना चाहिए।
दीर्घकालिक देखभाल के लिए योजना बनाएं;-60 वर्ष की आयु के बाद स्वास्थ्य संबंधी मुद्दे अधिक गंभीर होने लगते हैं। आपको लंबे समय तक विशेष देखभाल की आवश्यकता हो सकती है। इसमें न केवल लंबे समय तक अस्पताल में रहना शामिल है, बल्कि बाद में नर्सिंग देखभाल भी शामिल है। ऐसे में गंभीर बीमारी बीमा पॉलिसी में सहायक हो सकती है क्योंकि यह दीर्घकालिक देखभाल की आवश्यकता वाले स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों को कवर करती है।
अपनी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी की समीक्षा करें;-स्वास्थ्य सेवाओं की लागत और बीमा पॉलिसी समय-समय पर बदलती रहती हैं। इसलिए, यह बहुत महत्वपूर्ण है कि आप हर साल अपने बीमा कवर की समीक्षा करें और सुनिश्चित करें कि आपके पास हमेशा सबसे अच्छा बीमा कवर हो। हमेशा अपनी बदलती जरूरतों के आधार पर स्वास्थ्य बीमा खरीदें ताकि आपका प्रीमियम बेकार न जाए।

नई दिल्‍ली। आर्थिक मोर्चे पर आज दो अहम आंकड़े आए हैं। कंज्‍यूमर प्राइस इंडेक्‍स (CPI) आधारित खुदरा महंगाई दर जून 3.18 फीसद रही जबकि मई में यह 3.05 फीसद थी। खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ने से खुदरा महंगाई दर जून में 8 महीने के उच्‍च स्‍तर पर पहुंच गई। महीने दर महीने के आधार पर CPI आधारित महंगाई दर में 0.13 फीसद की बढ़त दर्ज की गई है। हालांकि, यह अब भी रिजर्व बैंक के मध्‍यावधि के लक्ष्‍य 4 फीसद के नीचे है। वहीं, औद्योगिक उत्‍पादन (IIP Growth) की बात करें तो मई में IIP ग्रोथ 3.1 फीसद रही जो अप्रैल में 3.4 फीसद थी। IIP की बात करें तो पावर जेनरेशन सेक्‍टर में अच्‍छा विस्‍तार हुआ है और यह 7.4 फीसद रहा जो एक साल पहले की समान अवधि में 4.2 फीसद था। खनन ग्रोथ मई में 3.2 फीसद रही जो पिछले वित्‍त वर्ष की समान अवधि में 5.8 फीसद थी। हालांकि, मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर में इस मई के दौरान सुस्‍ती देखी गई जिसमें 2.5 फीसद के हिसाब से ग्रोथ हुई। इस सेक्‍टर में एक साल पहले की समान अवधि में 3.6 फीसद की ग्रोथ थी। CPI आंकड़ों के अनुसार, उपभोक्‍ता खाद्य महंगाई दर की बात करें तो यह जून में 2.37 फीसद रही जो मई में 1.93 फीसद थी। हालांकि, सब्जियों की महंगाई दर जून में घटकर 4.66 फीसद रही जो मई में 5.46 फीसद थी। अनाज की महंगाई में भी मामूली इजाफा हुआ है। जून में अनाजों की महंगाई दर 1.31 फीसद रही जो मई में 1.24 फीसद थी। कपड़े और चप्‍पल की महंगाई दर जून में 1.52 फीसद रही जो इससे पिछले महीने 1.8 फीसद थी। जून में दालों की महंगाई दर में अच्‍छा खासा उछाल देखने को मिला है। CPI डाटा के अनुसार, जून में दालों की महंगाई दर 5.68 फीसद रही जो मई में 2.13 फीसद थी।

नई दिल्ली। समय के साथ-साथ कार पुरानी होने लग जाती है और उसका इंटीरियर भी पुराना हो जाता है। अगर आप भी अपनी पुरानी कार के इंटीरियर के बोर हो गए हैं तो आज हम आपको अपनी कार को पुरानी से नई बनाने की तरकीब बता रहे हैं। कार के इंटीरियर को बदलकर आप उसे नई कारों की तरह बना सकते हैं। अब आप सोच रहे हैं होंगे कि कार…
नई दिल्ली। देश की जानी-मानी कार निर्माता कंपनी होंडा इस समय भारत में बिकने वाली अपनी शानदार कारों पर बंपर डिस्काउंट दे रही है। अगर आप इस समय होंडा की कार खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं तो यह समय आपके लिए सबसे किफायती साबित हो सकता है। आइए जानते हैं किस मॉडल पर कितना डिस्काउंट मिल रहा है। होंडा कार इंडिया की ऑफिशियल साइट पर यह डिस्काउंट दिया जा…
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी 2.0 सरकार का पहला बजट पेश करके भारत को अगले पांच साल में पांच खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है। इस कवायद में उन्होंने राष्ट्र निर्माता की भूमिका अपनाते हुए एक मझे हुए लेखाकार की भूमिका निभाई है। इस बजट को लेकर तमाम तरह की आलोचनाएं की जा सकती हैं जिसका लोकतंत्र में सभी को पूरा अधिकार है।…
नई दिल्ली। राज्यसभा में आज मंगलवार को बताया गया कि पिछले 11 सालों में साल 2008-09 से अब तक बैंकों और चुनिंदा वित्तीय संस्थानों में धोखाधड़ी के 44,016 मामले सामने आए। धोखाधड़ी के इन मामलों में करीब 1,85,624 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई है। जानकारी में सामने आया कि साल 2016-17 में ही 25,883.99 करोड़ रुपये के कुल 3,927 मामले सामने आए। बताया गया कि यह आंकड़ा 11 सालों में…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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