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नई दिल्ली। प्राकृतिक आपदा की स्थिति में अतिरिक्त राजस्व जुटाने के लिए जीएसटी काउंसिल लक्जरी गाड़ियों और तंबाकू उत्पादों पर सेस की दर बढ़ा सकती है। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में शुक्रवार को काउंसिल की बैठक होगी जिसमें इस आशय के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। खास बात यह है कि केरल को वित्तीय मदद मुहैया कराने के इरादे से काउंसिल में लाए गए इस प्रस्ताव से हिमाचल प्रदेश सहित पूवरेत्तर के उन राज्यों को भी फायदा होगा जहां इस साल बाढ़ से व्यापक स्तर पर हानि हुई है।सूत्रों ने कहा कि जेटली की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल की बैठक वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगी। केरल ने अतिरिक्त धनराशि जुटाने के लिए सेस लगाने की मांग की थी। इसलिए काउंसिल इस संबंध में राज्य सरकार के प्रस्ताव पर विचार करेगी। हालांकि यह सेस किस तरह लगाया जाएगा, अभी इस बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं है। ज्यादा संभावनाएं इस बात की हैं कि काउंसिल मौजूदा सेस की दर को ही बढ़ा सकती है ताकि अतिरिक्त धनराशि जुटायी जा सके। जीएसटी में फिलहाल सिर्फ क्षतिपूर्ति सेस लगाने का प्रावधान है। इससे जो भी राशि जुटायी जाती है उससे उन राज्यों को राजस्व की भरपाई की जाती है जहां अनुमान से कम राजस्व संग्रह हुआ है।सूत्रों ने कहा कि जीएसटी लागू करने के लिए संविधान में 101वें संशोधन के बाद जो नया अनुच्छेद 279ए जोड़ा गया था, उसकी धारा चार की उपधारा एफ में जीएसटी काउंसिल को प्राकृतिक आपदा या किसी अन्य तरह की आपदा की स्थिति में राजस्व जुटाने के लिए एक विशेष अवधि के लिए जीएसटी की विशेष दर तय करने का अधिकार दिया गया है। इसमें साफ कहा गया है कि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में सरकार अतिरिक्त राजस्व जुटाने के लिए जीएसटी की विशेष दर तय कर सकती है। इसी धारा का इस्तेमाल कर काउंसिल मौजूदा सेस की दर बढ़ा सकती है।

नई दिल्ली। दुनिया में तेज होते ट्रेड वॉर की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था के ग्रोथ को उभर रही शंकाओं के बीच वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि लंबे समय में इससे भारतीय अर्थव्यस्था को फायदा होगा।पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए जेटली ने कहा कि मौजूदा ट्रेड वॉर (व्यापार युद्ध) ‘आरंभ में अस्थिरता’ जरूर पैदा कर सकता है, लेकिन यह भारत के लिए कई अवसरों के दरवाजे खोलेगा। इससे देश को एक बड़ा मैन्य़ुफैक्चरिंग और बिजनेस हब बनाने में मदद मिल सकती है।जेटली ने व्यापारियों से आग्रह किया कि उन्हें साफ-सुथरी व्यापारिक गतिविधियों को अपनाना चाहिए और अपने हिस्से का टैक्स भरना चाहिए क्योंकि इनसॉल्वेंसी और बैंकरप्सी कोड (आईबीसी) ने रातों-रात गायब हो जाने वाले कारोबारियों को मुश्किल में डाल दिया है।जेटली ने कहा कि कुछ वैश्विक घटनाएं भारत पर ‘विपरीत प्रभाव’ डालती हैं, लेकिन यही देश के सामने तेजी से आगे बढ़ने के कई रास्ते भी खोलेगी।वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से अपने संबोधन में जेटली ने कहा कि ट्रेड वार ने शुरुआत में अस्थिरता पैदा की, लेकिन उन्होंने कई नए बाजारों को खोला। यह भारत के सामने एक बड़ा बिजनेस और मैन्युफैक्चरिंग हब बनने का रास्ता खोलेगा। इसलिए हमें स्थिति को बहुत नजदीक से देखना होता है। पता नहीं कि चुनौती कब मौका बन जाए।विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका और चीन के बीच चल रहे मौजूदा व्यापार युद्ध से भारत में बनने वाली मशीनों, इलेक्ट्रिक उपकरणों, वाहनों एवं कलपुर्जों, रसायन, प्लास्टिक एवं रबर उत्पादों को अमेरिकी बाजार में नयी पहचान मिल सकती है।

नई दिल्ली। जेट ईंधन पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाए जाने के फैसले से विमानन कंपनियों के शेयरों को तेज झटका लगा है। भारतीय शेयर बाजार में सूचीबद्ध विमानन कंपनियां सरकार के इस फैसले के बाद हिचकोले खाती नजर आ रही है।गुरुवार को बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में विमानन कंपनियों के शेयर 52 हफ्तों के निचले स्तर तक लुढ़क गए। बीएसई में जेट एयरवेज के शेयर में जहां 6 फीसद से अधिक का गिरावट आई है वहीं इंडिगो एयरलाइंस के शेयरों ने करीब 4 फीसद का गोता लगाया है।इसके अलावा स्पाइस जेट का शेयर भी करीब 4 फीसद तक टूटा है। तीनों कंपनियों के शेयरों पर बिकवाली का दबाव हावी है।गौरतलब है कि बुधवार को सरकार ने एटीएफ (जेट ईंधन) समेत 19 सामानों पर लगने वाले कस्टम ड्यूटी में इजाफा कर दिया था। शुल्क में बढ़ोतरी का फैसला गैर जरूरी सामानों के निर्यात को कम करने के मकसद से लिया गया ताकि देश के चालू खाता घाटा (सीएडी) को कम किया जा सके और रुपये की कमजोर होती हालत को सुधारा जा सके।हालांकि जेट ईंधन पर कस्टम ड्यूटी को बढ़ाए जाने का फैसला पहले से ही दबाव का सामना कर रहे विमानन सेक्टर के लिए ठीक नहीं है। इंडिगो की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि जेट ईंधन पर कस्टम ड्यूटी में पांच फीसद का इजाफा विमानन कंपनियों पर अतिरिक्त दबाव डालेगा।पिछले एक महीनों के दौरान विमानन कंपनियों के शेयरों में करीब 35 फीसद से अधिक तक की गिरावट आई है। पिछले एक महीनों के दौरान जेट एयरवेज के शेयरों में करीब 30 फीसद से अधिक की कमजोरी आई है वहीं पिछले छह महीनों में इस कंपनी के शेयरों ने करीब 70 फीसद का गोता लगाया है।

नई दिल्ली। सरकार ने दूसरे चरण के पूंजी निवेश के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) से बातचीत का सिलसिला शुरू किया है। वित्तीय मामलों के सचिव राजीव कुमार ने बुधवार को कहा कि सभी सार्वजनिक बैंकों ने पूंजी निवेश की प्रक्रिया जल्द शुरू करने का आग्रह किया था, जिसके बाद उनके साथ बातचीत शुरू की गई है।कुमार ने कहा कि कई बैंकों ने प्रांप्ट करेक्टिव एक्शन (पीसीए) से संबंधित दिशा-निर्देशों पर पुनर्विचार का आग्रह किया था। उन बैंकों का कहना था कि पीसीए के दायरे में होने के चलते कर्ज देने की उनकी क्षमता पर बुरा असर पड़ा है और उन्हें तत्काल वित्तीय मदद मुहैया कराई जानी चाहिए।वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को कहा था कि सरकार सार्वजनिक बैंकों को हरसंभव मदद देने के लिए तैयार है। जेटली के मुताबिक बैंकों को तत्काल राहत का भरोसा दिया गया है, क्योंकि सरकार उनकी स्थिति पर गंभीरता से नजर रखे हुए है।सरकार ने पिछले वर्ष अक्टूबर में सार्वजनिक बैंकों में 2.11 लाख करोड़ रुपये पूंजी निवेश का फैसला किया था। इसमें से 1.35 लाख करोड़ रुपये री-कैपिटलाइजेशन बांड्स के जरिये निवेश किए जाने थे, जबकि 58,000 करोड़ रुपये बाजार से जुटाए जाने की योजना थी। सरकार 1.35 लाख करोड़ रुपये में से 71,000 करोड़ रुपये का निवेश बैंकों में कर चुकी है। शेष रकम का निवेश चालू वित्त वर्ष में किया जाएगा।

 

नई दिल्ली। नए कानून के तहत मातृत्व अवकाश यानी मैटेरनिटी लीव की अवधि बढ़ने के बाद महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर प्रभावित हुए हैं। केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि इस समस्या से निपटने के लिए कानून में ही प्रावधान हैं।जब पूछा गया कि क्या मातृत्व अवकाश 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह किए जाने के बाद महिलाओं के रोजगारों पर प्रतिकूल असर पड़ा है, तो गंगवार ने कहा कि हां, रोजगार प्रभावित हुए हैं लेकिन इसके लिए आवश्यक उपाय मौजूद हैं।फिक्की के एक कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि मैटेरनिटी बेनिफिट एक्ट के कारण महिलाओं के रोजगार नहीं बढ़ रहे हैं। इससे पहले एक रिपोर्ट में कहा गया था कि इस कानून के चलते 18 लाख महिलाओं के लिए चालू वित्त वर्ष में रोजगार पाना मुश्किल हो सकता है। हालांकि मंत्री ने कहा कि इस कानून में प्रावधान हैं कि महिलाएं अवकाश की अवधि में घर से काम कर सकती हैं। इस समस्या से निपटने के दूसरे भी प्रावधान हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए उपाय हैं।स्टाफिंग सोल्यूशन कंपनी टीमलीज की रिपोर्ट के अनुसार देश के कुल कर्मचारियों में महिलाओं का अनुपात 27 फीसद है। औपचारिक क्षेत्र में तो उनका अनुपात महज 14 फीसद है। रिपोर्ट के अनुसार इस कानून के चलते महिलाओं को नई नौकरी मिलना खासा मुश्किल हो गया है।सरकार ने इस साल मार्च में मैटेरनिटी बेनिफिट (अमेंडमेंट) एक्ट 2017 की अधिसूचना जारी की थी। इसके साथ ही महिला कर्मचारियों से संबंधित 55 साल पुराने कानून के प्रावधानों में बदलाव हो गया। कानून में मातृत्व अवकाश बढ़ा दी गई और दूसरे लाभ ज्यादा उदार किए गए।रोजगार सृजन पर श्रम मंत्री ने कहा कि पिछले दो साल में ईपीएफओ और इएसआइसी जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से एक करोड़ नए कर्मचारी जुड़े।

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को आधार की संवैधानिक वैधता को कायम रखने का बड़ा फैसला सुनाया है। जस्टिस सीकरी ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि आधार से निजता हनन के सबूत नहीं मिले हैं। आधार को सिर्फ पैन से लिंक कराने की अनिवार्यता को बरकरार रखा गया है।आधार यूजीसी, नीट एवं सीबीएससी परीक्षाओं के लिए भी अनिवार्य नहीं है। यह बायोमैट्रिक डेटा कोर्ट की इजाजत के बिना किसी के भी साथ साझा नहीं किया जाएगा। वहीं पैन कार्ड के साथ भी आधार को लिंक कराना अनिवार्य रखा गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि अवैध प्रवासियों को आधार कार्ड नहीं मिले। कोर्ट न आगे कहा कि शिक्षा हमें अंगूठे से हस्ताक्षर पर लाई थी, लेकिन तकनीक हमें फिर से हस्ताक्षर से थम्ब इंप्रैशन पर ला दिया है।सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जितना संभव होगा केंद्र सरकार जल्द से जल्द डेटा प्रोटेक्शन के लिए एक मजबूत कानून बनाएगा। इस फैसले को पांच जजों की खंडपीठ ने सुनाया। इसमें न्यायाधीश ए के सीकरी, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा और न्यायधीश ए एम खानविलकर प्रमुख रुप से शामिल थे। वहीं दो अन्य जजों में जस्टिस डी वाई चंद्रचूर्ण और अशोक भूषण ने अपनी अलग-अलग राय लिखी।जस्टिस ए के सीकरी ने अपने फैसले में लिखा, "इसका यूनीक होना बेहतर है और आधार यूनीक है। याचिकाकर्ता के तर्क अलग थे। आधार कार्ड और पहचान को लेकर यहां बुनियादी मतभेद हैं। एक बार जब बायोमैट्रिक जानकारियां सेव हो जाती हैं ये सिस्टम में ही रहती हैं।"
समझिए आधार कहां जरूरी:
-पैन कार्ड के आवेदन के लिए
-आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए
-सरकार की लाभकारी योजनाओं और सब्सिडी का लाभ पाने के लिए
यहां के लिए जरूरी नहीं:
-मोबाइल सिम के लिए कंपनी आधार नहीं मांग सकती
-बैंक में अकाउंट खोलने के लिए आधार जरूरी नहीं
-स्कूल में दाखिले के लिए बच्चे का आधार जरूरी नहीं
-सीबीएसई, नीट और यूजीसी की परीक्षाओं के लिए भी आधार जरूरी नहीं
-14 साल से कम के बच्चों के पास आधार नहीं होने पर उसे केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से दी जाने वाली जरूरी सेवाओं से वंचित नही किया जा सकता
-टेलिकॉम कंपनियां, ई-कॉमर्स फर्म, प्राइवेट बैंक और अन्य इस तरह के संस्थान आधार की मांग नहीं कर सकते

 

नई दिल्ली। बुधवार को हुई अहम सुनवाई के दौरान देश की सर्वोच्च अदालत ने आधार की संवैधानिक वैधता पर अपना फैसला बरकरार रखा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार बॉयोमैट्रिक डाटा को राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर कोर्ट की इजाजत के बिना किसी और एजेंसी से शेयर नहीं करेगी। कोर्ट ने केंद्र को हिदायत भी दी है कि सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि अवैध प्रवासियों को आधार कार्ड…
नई दिल्ली। भारतीय बैंकों से करोड़ों का कर्ज लेकर लंदन भागे शराब कारोबारी विजय माल्‍या ने सोमवार को स्पेशल कोर्ट में कहा कि वह बैंकों का कर्ज लौटाना चाहते थे, लेकिन प्रवर्तन निदेशालय (ED) की वजह से वह ऐसा नहीं कर पाए। माल्या PMLA कोर्ट में जज एमएस आजमी के सामने ईडी के एक ऐप्लिकेशन का जवाब दे रहे थे।माल्या ने कहा कि हम चाहते थे कि बैंक का कर्ज…
नई दिल्ली। एयरलाइन कंपनी इंडिगो ने अपनी फ्लाइट सेवाओं का विस्तार करते हुए इलाहाबाद के लिए नए उड़ान की घोषणा की है। कंपनी ने एक प्रेस विज्ञप्ति के जरिए बताया कि इलाहाबाद उसका 60वां डेस्टिनेशन होगा। इंडिगो 15 नवंबर 2018 से इलाहाबाद और बैंगलोर के बीच उड़ानें शुरू कर देगी। जिसका शुरुआती किराया 3,620 रुपये है।एयरलाइन ने बताया है कि इलाहाबाद और बैंगलोर के लिए मंगलवार को छोड़कर बाकी सभी…
नई दिल्ली। देश की प्रमुख डिजिटल वॉलेट कंपनी पेटीएम तेजी से अपना दायरा बढ़ा रही है। अपने प्लेटफॉर्म पर लोगों को म्युचुअल यूनिट्स उपलब्ध करवाने के बाद अब कंपनी की नजर शेयर ट्रेडिंग पर है। अगर कंपनी की योजना कारगर हुई तो जल्द लोग पेटीएम पर शेयर्स की ट्रेडिंग भी कर सकेंगे।इस मामले की जानकारी रखने वाले दो लोगों ने बताया कि फर्म की ओर से अगले दो सप्ताह के…
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