कारोबार

कारोबार (490)

नई दिल्‍ली। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्युचुअल फंड ने बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNC) पर फोकस करनेवाले नए फंड ऑफर (एनएफओ) लॉन्‍च किया है। यह एनएफओ 28 मई को खुला है और 11 जून को बंद होगा। यह फंड ओपेन एंडेड इक्विटी स्कीम है जो एमएनसी थीम का पालन करती है और इसका उद्देश्य भारतीय और वैश्विक बहुराष्ट्रीय कंपनियां जो भारतीय बाजार में सूचीबद्ध हैं, से लाभ कमाना है। यह स्कीम शेयरों के चुनाव में बॉटमअप स्टाइल, बाजार पूंजीकरण और सेक्टर का पालन करेगा। अच्छी गुणवत्ता वाले शेयरों और डाइवर्सिफायड पोर्टफोलियो पर इसका फोकस होगा।इस फंड का उद्देश्य बहुराष्ट्रीय क्षेत्र में मुख्य रूप से इक्विटी और इक्विटी से संबंधित प्रतिभूतियों में निवेश कर लंबी अवधि में पूंजी में लाभ कमाना है। भारत में भारत में तमाम एमएनसी हैं जो लोगों के प्रतिदिन के सामानों के साथ ही औद्योगिक जरूरतों को पूरा करती हैं। आगे चलकर इन कंपनियों के लिए अवसरों का आकार काफी बढ़ने वाला है, जिसमें यह माना जा रहा है कि भारत की अर्थव्यवस्था साल 2023 तक 4 ट्रिलियन डॉलर की होगी।इस बारे में आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी के एमडी एवं सीईओ निमेश शाह का कहना है कि अच्‍छा फंड प्रबंधन एमएनसी फंड की विशेषता है। एमएनसी में तकनीकी बढ़त, मजबूत वैश्विक ब्रांड, मजबूत बैलेंस शीट और उच्च आरओई है। अब तक बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा दिए गए अनुभव के आधार पर इन वैश्विक कंपनियों ने पूंजी आवंटन के बेहतर उपयोग का प्रदर्शन किया है और इसलिए उच्च आरओई (रिटर्न ऑन इक्विटी) को लगातार देने में कामयाब रही हैं।आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एमएनसी फंड के निवेशकों का एक्सपोजर भारतीय बहु-राष्ट्रीय कंपनियों, भारत में सूचीबद्ध बहु-राष्ट्रीय कंपनियों और वैश्विक बहु-राष्ट्रीय कंपनियों में होगा। बेहतर तकनीक से यह पता चलता है कि कैसे, मजबूत बैलेंस शीट और अच्छे प्रबंधन के साथ, बहुराष्ट्रीय कंपनियों के पास लंबी अवधि के धन के सृजन की अच्छी संभावनाएं हैं। इसके अतिरिक्त वे कंपनियां कई बाजारों में वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धा में आगे रहती हैं और इस तरह के अनुभवों से बढ़ती रहती हैं।

नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने पर्सनल बैंकिंग पोर्टफोलियो के तहत नई स्कीम की घोषणा की है, जिसका नाम सेविंग प्लस अकाउंट है। बैंक की ऑफिसियल वेबसाइट के मुताबिक यह एक सेविंग बैंक अकाउंट है जो मल्टी ऑप्शन डिपॉजिट स्कीम (MODS) से जुड़ा हुआ है। इसमें सेविंग बैंक अकाउंट से सीमा से अधिक सरप्लस फंड 1,000 रुपये के गुणकों में खोले गए सावधि जमाओं में ऑटोमैटिकली ट्रांसफर कर दिया जाता है। इसी के साथ मल्टी ऑप्शन डिपॉजिट पर लोन भी लिया जा सकता है।
सेविंग प्लस अकाउंट से जुड़ी जरूरी बातें
योग्यता: इस खाते को कोई भी व्यक्ति खोल सकता है, इसे सिंगल, जॉइंट खाते के रूप में भी खोला जा सकता है।
ब्याज दर:-सेविंग प्लस अकाउंट में भी वही ब्याज दर मिलता है जो नियमित बचत खाते में बैंक की ओर से दिया जाता है। अगर बचत खाते में राशि 1 लाख से कम है तो बैंक 3.5 फीसद की दर से ब्याज देता है। वहीं अगर राशि 1 लाख से ज्यादा है तो ब्याज दर 3.25 की दर से मिलता है।
अमाउंट:-अगर बचत खाते में राशि 25 हजार से ज्यादा है तो टर्म डिपॉजिट के तौर पर कम से कम 10 हजार रुपये 1 हजार रुपये के गुणकों में ट्रांसफर हो जाते हैं। इसका मतलब MOD अकाउंट में ट्रांसफर के लिए न्यूनतम सीमा 35,000 रुपये है।
मंथली बैलेंस;;-ग्राहकों को सेविंग प्लस अकाउंट में न्यूनतम राशि रखना जरुरी होता है। मेट्रो और शहरी क्षेत्रों में अकाउंट होल्डर्स के लिए न्यूनतम एमएबी 3,000 रुपये है। अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 2,000 रुपये और 1,000 रुपये है। जुर्माने से बचने के लिए ग्राहकों को न्यूनतम एमएबी बरकरार रखने की जरूरत होती है।इस खाते के साथ इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग एटीएम कार्ड की सुविधा भी मिलती है।

 

नई दिल्ली। ईपीएफ यानी कर्मचारी भविष्य निधि वैसे तो रिटायरमेंट के बाद अपना जीवन सुखपूर्वक बिताने के लिए होती है, लेकिन कई बार ऐसा समय भी आता है जब हमें जॉब के बीच में भी पीएफ के पैसों की जरूरत पड़ जाती है। ऐसे में जिन लोगों को अपने पीएफ से पैसा निकालने के संबंध में सही जानकारी होती है वो तो अपने पीएफ अकाउंट से पैसा निकाल लेते हैं लेकिन, जिन्हें पूरी प्रक्रिया नहीं पता होती उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ जाता है। इसलिए आज हम आपको उस पूरी प्रक्रिया से रूबरू करवाने जा रहे हैं जिसके द्वारा आप अपने पीएफ अकाउंट से आसानी से पैसा निकाल सकेंगे।
परिस्थिति के हिसाब से निकाल सकेंगे पीएफ का पैसा:-अपने पीएफ से आप कितना पैसा निकाल सकते हैं यह आपके पीएफ अकाउंट की स्थिति पर निर्भर करता है। अगर आप अपनी संतान, भाई/बहन या स्वयं की शादी के लिए पीएफ का पैसा पाना चाहते हैं, तो कर्मचारी हिस्सेदारी का 50 प्रतिशत तक निकाला सकता है। हालांकि, इसके लिए आपको जॉब करते हुए 7 साल पूरे होने चाहिए। स्वयं की या अपनी संतान की शिक्षा के लिए आप अपनी हिस्सेदारी का 50 प्रतिशत मय ब्याज तीन निकासी कर सकते हैं। इसके लिए भी जॉब करते हुए 7 साल पूरे होना अनिवार्य है। वहीं अगर आप घर या फ्लेट खरीदना चाहते हैं और आपको जॉब करते हुए पांच साल पूरे हो चुके हैं तो आप कुछ शर्तों के साथ अग्रिम निधि के लिए भी आवेदन कर सकते हैं।
मेडिकल इमरजेंसी होने पर निकाल सकते हैं पीएफ का पूरा पैसा:-अगर आप स्वयं, पत्नी, बच्चों या फिर पेरेंट्स के इलाज के लिए पैसा चाहते हैं तो आप अपनी सैलरी का 6 गुना या फिर पूरा पीएफ का पैसा, जो भी कम हो, वह निकाल सकते हैं। बीमारी की स्थिति में आप कभी भी पीएफ का पैसा निकाल सकते हैं। इसके लिए आपको एक महीने या अधिक समय तक अस्पताल में एडमिट रहने का सबूत, लीव सर्टिफिकेट और ईएसआई की सुविधा नहीं दी जाने की घोषणा का इंप्लॉयर या ईएसआई द्वारा अप्रूव सर्टिफिकेट की आवश्यकता होती है।
जॉब छूटने पर निकाल सकते हैं इतना पैसा;-आपको बता दें कि, पिछले साल EPFO ने अपने कर्मचारियों के एक महीने से अधिक समय तक बेरोजगार रहने पर पीएफ का 75 फीसदी हिस्सा निकालने की अनुमती दी थी। वहीं शेष 25 फीसदी हिस्से को जॉब छूटने के दो महीने बाद निकाला जा सकता है।
घर बैठे ऑनलाइन निकाल सकते हैं पैसा;-सबसे पहले आप EPFO की वेबसाइट https://unifiedportal-mem.epfindia.gov.in/memberinterface/ पर जाएं और अपना UAN नंबर, पासवर्ड और कैप्चा डालकर लॉग इन करें। इसके बाद Manage पर क्लिक करें और अपना KYC चेक कर लें। इसके बाद Online Services पर जाकर CLAIM (FORM-31, 19&10C) पर क्लिक करें। यहां पर पूरे पैसे निकालने, लोन और एडवांस के लिए कुछ पैसा निकालने और पेंशन के लिए पैसा निकालने के ऑप्शन होते हैं। आज जिस ऑप्शन के लिए योग्य हैं वही ऑप्शन आपको दिखाई देगा। अब अपनी आवश्यकता और योग्यता के अनुसार आप अपने क्लेम फॉर्म को ऑनलाइन भर दें। यह फॉर्म भरने के 10 दिनों के अंदर आपके रजिस्टर्ड बैंक अकाउंट में ईपीएफ की राशि क्रेडिट हो जाएगी।

नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े कर्जदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने इस साल दूसरी बार एफडी पर अपनी ब्याज दरों में बदलाव किया है। बैंक ने 9 मई 2019 से कुछ मैच्योरिटीज पर ब्याज दर में बदलाव किया है। एसबीआई की ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार, जो मैच्योरिटीज 1 साल से 2 साल के बीच की है, उन पर ब्याज दर को 6.8 फीसद से बढ़ाकर 7 फीसद कर दिया गया है। लेकिन, अन्य कई मैच्योरिटीज पर ब्याज दर कम की गई है।दो साल से तीन साल के बीच की एफडी पर एसबीआई (SBI) ने ब्याज दर घटाकर 6.8 फीसद से 6.75 फीसद कर दी है। वहीं 3 साल से लेकर 5 साल के बीच के डिपॉजिट्स पर ब्याज दर में मामूली कमी की गई है जिसके बाद ब्याज दर 6.8 फीसद से घटकर 6.70 फीसद रह गई है। 5 से 10 साल के बीच के डिपॉजिट्स पर भी ब्याज दर को 6.85 फीसद से कम करके 6.60 फीसद कर दिया गया है। वहीं 7 दिनों से लेकर 1 साल के बीच की एफडी पर ब्याज की दर बैंक द्वारा अपरिवर्तित ही रखी गई है। साथ ही वरिष्ठ नागरिकों को अपने डिपॉजिट्स पर मिलने वाली 0.5 फीसद की अतिरिक्त ब्याज दर पूर्व की तरह ही मिलती रहेगी।गौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत में ही SBI ने अपने सभी कर्ज लेने वालों के लिए फंड आधारित ब्याज दर (MCLR) की सीमांत लागत को 5 आधार अंकों तक कम कर दिया था। इससे होम लोन की ब्याज दर में कमी आई। बता दें कि, एक लाख से अधिक की सीमा वाले एसबीआई के सभी जमा खाते और ओवरड्राफ्ट आरबीआई की बेंचमार्क नीति से जुड़ गए हैं।

नई दिल्ली। ऑनलाइन लेनदेन का इस्तेमाल जैसे-जैसे बढ़ रहा है, वैसे वैसे इसमें फ्रॉड के नए मामले भी सामने आ रहे हैं। हाल-फ़िलहाल में जलसाज फ्रॉड कॉल के जरिए या क्रेडिट कार्ड नंबर या बैंक डिटेल तक पहुंच बनाने के लिए वॉयस-ओवर-इंटरनेट तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। हम इस खबर में आपको बताएंगे कि कैसे होता है इस तकनीक का इस्तेमाल और आप इससे कैसे बच सकते हैं। लेकिन सबसे पहले जानिए ऑनलाइन फ्रॉड के कौन कौन से तरीके हैं।
फिशिंग:-यह इंटरनेट पर धोखाधड़ी का वह तरीका है जिसमें एक जाली वेबपेज या मेल के जरिए लोगों से उनकी व्यक्तिगत व गोपनीय सूचनाएं आदि ले ली जाती हैं और उनसे अवैध तरीके से पैसा निकाल लिया जाता है। दरअसल, यूजर्स वेबसाइट को सही समझकर उसपर अपनी सभी बेसिक जानकारी साझा कर देता है और बाद में वह फ्रॉड का शिकार हो जाता है।
विशिंग:-इसमें जालसाज टेली-कॉलिंग का इस्तेमाल करते हैं। फ्रॉड करने वाले कॉल का उपयोग कर यूजर्स से संवेदनशील जानकारी निकाल लेते हैं। जो जालसाज कॉल करते हैं वह खुद को किसी कंपनी या बैंक से जुड़ा कर्मचारी बताते हैं।
कस्टमर केयर को कॉल:-मान लीजिए कि आपको अपने बैंक खाते को लेकर कोई समस्या है। आप बैंक से जुड़े मसले के समाधान के लिए कस्टमर केयर का नंबर खोजते हैं और जो पहला लिंक नजर आता है आप उस पर क्लिक कर देते हैं। बाद में आप उस नंबर को कॉल करते हैं और दूसरी तरफ का व्यक्ति आपसे सारी संवेदनशील जानकारी साझा करा लेता है। बाद में आपको पता चलता है कि आपके साथ धोखाधड़ी हुई है।बता दें कि अक्सर पॉप अप करने वाली पहली संख्या असली नहीं होती है। नकली नंबर डालकर जालसाज खुद की असली वेबसाइट होने का दिखावा करते हैं। जालसाज़ इस तरह के वेबसाइट को गूगल में टॉप रैंकिंग में लाने के लिए हर संभव कोशिश करके उसे सबसे ऊपर लाते हैं। अमूमन ऐसी धोखाधड़ी तब होती है जब लोग बड़े बैंकों के ब्रांच के फोन नंबर खोजते हैं।
क्या है बचने का तरीका:-इससे बचने का सबसे आसान और कारगर तरीका है कि आप कभी भी अपने कार्ड की कोई जानकारी किसी से शेयर न करें, किसी को भी कार्ड की CVV, पिन नंबर और OTP न बताएं। क्योंकि बैंक ऐसी कोई भी जानकारी नहीं मांगते हैं। अगर ऐसा कुछ होता है या आपको कोई समस्या है तो आप बैंक कि ऑफिसियल वेबसाइट पर जाएं और वहां जाकर शिकायत करें। कई बैंक अपने एप पर कस्टमर केयर का नंबर डालकर रखते हैं। आप वहां से भी नंबर ले सकते हैं। ध्यान रखें कई एप भी नकली होते हैं। अगर आप इंटरनेट पर बिलकुल नए हैं तो किसी भी SMS, Emails और Whatsapp के जरिए कोई मैसेज आए तो उनका जवाब न दें

नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक पंजाब नेशनल बैंक ने अपनी एनपीए की स्थिति में सुधार किया है। मंगलवार को बैंक की ओर से कहा गया कि, उसने बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) का घाटा 4,750 करोड़ रुपये तक सीमित किया है। वहीं वित्त वर्ष 2017-18 की इसी तिमाही यानी (जनवरी-मार्च) के दौरान कंपनी को 13,417 करोड़ का चौंका देने वाला घाटा हुआ था। घोटालों के प्रभाव के कारण कंपनी को यह नुकसान हुआ था।परिसंप्त्तियों की बात करें, तो मार्च 2019 के अंत तक पंजाब नेशनल बैंक के नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) घट कर 15.50 फीसद पर आ गए जो कि एक अच्छा सुधार माना जा रहा है। बैंक का एनपीए मार्च 2018 में 18.38 फीसद था।पीएनबी ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि, उसका शुद्द एनपीए भी 11.24 फीसद से घटकर 6.56 फीसद पर आ गया है। हालांकि, खबर लिखे जाने के दौरान पंजाब नेशनल बैंक का शेयर 4.03 फीसद की गिरावट के साथ 85.70 पर ट्रेंड कर रहा था।आपको बताते चलें कि, वित्त मंत्रालय सरकारी बैंकों को घाटे से उबारने के लिए बैंकों के एकीकरण की योजना पर काम कर रहा है। इस साल पंजाब नेशनल बैंक के साथ 4 छोटे बैंकों का विलय किया जा सकता हैं। इन 4 बैंकों में सिंडिकेट बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, आंध्रा बैंक और इलाहाबाद बैंक के नाम सामने आ रहे हैं। वहीं, पिछले साल सरकार के वैकल्पिक तंत्र द्वारा बैंक ऑफ बड़ौदा में विजया बैंक और देना बैंक के विलय को मंजूरी दी गई थी। उससे पहले साल 2017 में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में उसके 5 सहयोगी बैंकों और भारतीय महिला बैंक का विलय हुआ था।

नई दिल्‍ली। भारत सरकार द्वारा यह नियम लागू है कि 20 से अधिक कर्मचारियों वाले प्रत्येक संगठन को अपने कर्मचारियों के लिए भविष्य निधि यानी EPF जमा करना होगा। ईपीएफ वह निधि है जिससे आप अपने रिटायरमेंट के बाद के जीवन को सुखपूर्वक बिता सकते हैं। इस प्रक्रिया में हर महीने कर्मचारी की बेसिक सैलरी से 12 फीसदी पीएफ काटा जाता है। यह हिस्सा कर्मचारी और कर्मचारी के संगठन दोनों…
नई दिल्ली। आज के समय में लगभग हर चीज के लिए इंश्योरेंस लिया जा सकता है। इसका फायदा यह होता है कि आपकी किसी भी कीमती चीज के आर्थिक नुकसान की भरपाई हो जाती है। आज हम होम लोन के लिए इंश्योरेंस लेने की बात कर रहे हैं। सभी जानते हैं कि होम लोन लंबे पीरियड के लिए होते हैं और ये दशकों में जाकर पूरे होते हैं। अगर ऐसी…
नई दिल्ली। जब लोगों को पैसों की जरूरत होती है तो वह पर्सनल लोन के लिए अप्लाई करते हैं। वहीं कोई भी कर्जदाता आसानी से इसे अप्रूव नहीं करता है। कर्जदाता कर्ज देने से पहले बहुत सी बातों और नियमों पर ध्यान देता है तो उसके बाद कर्ज देने की प्रक्रिया शुरू की जाती है। कर्ज देने से पहले आवेदक का क्रेडिट स्कोर, मंथली इनकम, एफओआईआर, कर्मचारी की प्रोफाइल, जॉब…
नई दिल्‍ली। राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र में दूध की आपूर्ति करने वाली अग्रणी कंपनी मदर डेयरी (Mother Dairy) ने अपने ग्राहकों को झटका दिया है। मदर डेयरी ने शुक्रवार को दूध की कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा की है जो शनिवार से प्रभावी हो जाएगी। कंपनी ने कहा है कि किसानों से दूध खरीदने की लागत में बढ़ोतरी की वजह से यह निर्णय लिया गया है।मदर डेयरी ने सिर्फ पॉली पैक…
Page 5 of 35

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

ताज़ा ख़बरें