कारोबार

कारोबार (3082)

नई दिल्‍ली। हवाई यात्रा के दौरान बोर्डिंग पास लेने के लिए जल्द ही लंबी लाइनों से छुटकारा मिल जाएगा। अब आपको भारत के किसी भी शहर में यात्रा करने के लिए बोर्डिंग पास की जरूरत नहीं होगी। केंद्र सरकार पेपरलेस बॉयोमीट्रिक सेल्फ बोर्डिंग टेक्नोलॉजी की शुरुआत करने जा रही है। इस तकनीक से यात्रियों का चेहरा देखकर एयरपोर्ट पर एंट्री मिल सकेगी। सबसे पहले इसकी शुरुआत बेंगलुरू, दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद एयरपोर्ट पर होगी। इसके बाद वाराणसी, विजयवाड़ा, पुणे और कोलकाता एयरपोर्ट्स पर भी यह सुविधा मिलेगी।
ऐसे होगी पहचान:-फेस रिकॉग्नाइजेशन तकनीक बॉयोमीट्रिक सॉफ्टवेयर पर काम करेगी। इसमें चेहरे के बॉयोमीट्रिक डिटेल के जरिए यात्रियों की पहचान होगी और वे एयरपोर्ट पर आराम से जा सकेंगे। इसके लिए उन्हें बार-बार बोर्डिंग पास, पासपोर्ट या अन्य पहचान प्रमाण पत्र नहीं दिखाने पड़ेंगे।
रेलवे पहले से ही है पेपरलेस:-भारतीय रेलवे पहला सरकारी उपक्रम बना जिसने अपना कामकाज पेपरलेस किया। अक्टूबर 2011 में आइआरसीटीसी (भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम) ने सुविधा देते हुए कहा कि यात्रियों को अपने साथ काउंटर टिकट रखना जरूरी नहीं होगा। लोग मोबाइल पर एसएमएस या ई-टिकट के जरिए यात्रा कर सकते हैं।
एशिया में चीन पहला देश:-एशियाई देशों में एयरपोर्ट पर फेस रिकॉग्नाइजेशन तकनीक इस्तेमाल करने वाला पहला देश चीन है। वहीं जर्मनी इस तकनीक का इस्तेमाल ट्रेन स्टेशन पर आतंकियों की पहचान के लिए कर रहा है।
इन देशों में है ये तकनीक:-अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात, जापान, चीन, जर्मनी, रूस, आयरलैंड, स्कॉटलैंड, स्विट्जरलैंड, फ्रांस, न्यूजीलैंड, फिनलैंड, हांगकांग, नीदरलैंड, सिंगापुर, रोमानिया, कतर, पनामा

नई दिल्ली। अब आधार कार्ड के वेरिफिकेशन के लिए आपको बॉयोमेट्रिक्स शेयर करने की जरूरत नहीं होगी। सरकार अब इसके लिए ऑफलाइन वेरिफिकेशन टूल्स को बढ़ावा देगी। ऑफलाइन टूल्स में पेपरलेस केवाईसी और क्यूआर कोड जैसे मीडियम इस्तेमाल किए जाएंगे। इसके पीछे सरकार का मकसद सर्विलांस, निजता का उल्लंघन और डाटा चोरी जैसी आशंकाओं को दूर करना है।वेरिफिकेशन का नया तरीका आने के बाद केवाईसी प्रोसेस में आधार नंबर बताने की जरूरत नहीं रहेगी। अब तक इसे लेकर काफी विवाद होता आया है। माना जा रहा है कि इससे डाटा ट्रैक और चोरी किया जाता है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने प्राइवेट कंपनियों के लिए बायोमेट्रिक बेस्ड आधार वेरिफिकेशन की व्यवस्था खत्म करने का निर्देश दिया था। ऑफलाइन केवाईसी का इस्तेमाल सरकार सहित दूसरे सर्विस प्रोवाइडर कर सकेंगे।
यूआईडीएआई की वेबसाइट से डाउनलोड किए जा सकते हैं क्यूआर कोड:-सरकार का मानना है कि ऑफलाइन केवाईसी की विश्वसनीयता इसे और लोकप्रिय करेगी। बता दें कि क्यूआर कोड यूआईडीएआई की वेबसाइट से डाउनलोड और प्रिंट किए जा सकते हैं। इसके बाद सर्विस प्रोवाइडर यूआईडीएआई साइट से क्यूआर कोड रीडर या स्कैनर डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अलावा यूआईडीएआई 'पेपरलेस लोकल ईकेवाईसी' भी देता है जिसे लैपटॉप या फोन पर स्टोर किया जा सकता है।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि ईकेवाईसी और क्यूआर कोड प्राइवेसी को प्रोटेक्ट करते हैं। इससे आप केवल नाम और पता देकर दूसरी जानकारियों को औरों के हाथ लगने से बचा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले ही ये टूल्स विकसित हो चुके थे।सूत्रों के मुताबिक, डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (डीबीटी) समेत दूसरी चीजों के लिए इन टूल्स का इस्तेमाल किया जा सकता है। ऑफलाइन टूल्स के दूसरे फायदे भी हैं। ऑफलाइन होने के कारण सरकार समेत किसी तीसरी पार्टी को इस बात की जानकारी नहीं होगी कि आपने बैंक खाता खोलने या सिम लेने के लिए आधार इस्तेमाल किया है या नहीं। इससे निजता के हनन की चिंताएं भी दूर हो सकेगी।

नई दिल्ली। स्वीडन की टेलिकॉम इक्विपमेंट कंपनी एरिक्सन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। रिलायंस एडीएजी कंपनी से अपना बकाया न मिलने पर एरिक्सन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए कहा है कि रिलायंस ने 30 सितंबर तक बकाया 550 करोड़ देने का वादा किया था, जो पूरा नहीं किया गया है। इसलिए जब तक बकाए की रकम नहीं चुकाई जाती तब तक रिलायंस के चेयरमैन अनिल अंबानी और कंपनी के दो बड़े अधिकारियों के देश से बाहर जाने पर रोक लगाई जाए।उधर, रिलायंस कम्युनिकेशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर बताया है कि स्पेक्ट्रम बिक्री पूरी नहीं होने के कारण बकाया रकम नहीं चुकाया गया है। इसलिए कोर्ट बकाया भुगतान के लिए 60 दिन का समय और दे। मालूम हो कि एरिक्सन ने आरकॉम के अखिल भारतीय टेलिकॉम नेटवर्क को ऑपरेट और मैनेज करने के लिए 2014 में सात साल की डील की थी। वह अब अपना 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया रिकवर करने की कोशिश कर रही है।बता दें कि आरकॉम की ओर से 30 सितंबर तक पैसा न चुकाने पर एरिक्सन ने कोर्ट में कहा कि आरकॉम देश के कानून का आदर नहीं करती और कोर्ट द्वारा दिए आदेश को गंभीरता से नहीं लेती है। अपनी याचिका में एरिक्सन ने लिखा है कि कोर्ट के ऑर्डर के बिना इन लोगों के देश के बाहर जाने पर रोक लगनी चाहिए।

नई दिल्ली। एयरलाइन कंपनी जेट एयरवेज अंतरराष्ट्रीय उड़ान टिकटों पर छूट दे रही है। जेट एयरवेज की वेबसाइट के मुताबिक, इस स्कीम के तहत एयरलाइन प्रीमियर और इकोनॉमी क्लास बुकिंग में बेस किराया पर 30 फीसद तक की छूट दे रही है। यह ऑफर दोनों तरफ के किराए पर लागू होगा। इस ऑफर का लाभ लेने के लिए ग्राहकों को 3 अक्टूबर, 2018 से पहले टिकट बुक करनी होगी।कंपनी के मुताबिक यह ऑफर लंदन के यात्रा के लिए मान्य नहीं होगा और छूट केवल सिलेक्ट बुकिंग क्लास पर मिलेगी। जेट एयरवेज के मुताबिक विदेश यात्रा 15 अक्टूबर, 2018 और 15 दिसंबर, 2018 के बीच शुरू होनी चाहिए। मैनचेस्टर की यात्रा 5 नवंबर, 2018 को या उसके बाद शुरू होनी चाहिए। जबकि घरेलू यात्रा 15 जनवरी, 2019 को या उसके बाद शुरू होनी चाहिए। एयरलाइन के मुताबिक चाइल्ड डिस्काउंट, डेट चेंज, फ्लाइट चेंज, रिफंड शुल्क का जिक्र यात्रा नियमों में पहले से ही दिया गया है।उधर, एयरलाइन कंपनी इंडिगो अपने ग्राहकों के लिए नया ऑफर लेकर आई है। ऑफर के तहत ग्राहकों को सिर्फ 1,199 रुपये में हवाई यात्रा करने का मौका मिल रहा है। कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार किराए में सभी टैक्स शामिल हैं। इंडिगो का यह ऑफर 7 अक्टूबर 2018 से 31 मार्च 2019 तक वैध है।हालांकि, इंडिगो के इस ऑफर के तहत यात्रा की तारीख 15 दिसंबर से लेकर 15 जनवरी तक है। मोबीक्विक के जरिए टिकट खरीदने वाले ग्राहकों को कैशबैक के रूप में छूट मिलेगी। कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक यह ऑफर लिमिटेड सीट्स पर ही है। फिलहाल इंडिगो के पास 180 से अधिक विमानों का बेड़ा है।

नई दिल्ली। अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद भारत नवंबर से ईरान से कच्चा तेल खरीदना बंद कर सकता है। जिससे आशंका जताई जा रही है कि तेहरान अपना एक और ग्राहक खो सकता है। एक मीडिया रिपोर्ट में इस बात का दावा किया गया है। हालांकि चीन की ओर से ईरान से तेल खरीदने को लेकर अब तक स्थिति साफ नहीं है। बता दें कि चीन दुनिया का सबसे बड़ा तेल आयातक देश है।बता दें कि अमेरिका ने नवंबर से सभी देशों पर ईरान से तेल खरीदने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन देश के दो सबसे बड़े सरकारी स्वामित्व वाले रिफाइनरी हैं, दोनों कंपनियों के अधिकारियों के मुताबिक नवंबर में किसी भी कार्गो से तेल लोड करने बारे में नहीं पूछा गया है। उद्योग के एक कार्यकारी अधिकारी के मुताबिक नायरा एनर्जी भी किसी खरीददारी की योजना नहीं बना रही है। इनके अलावा मैंगलोर रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड ने भी नवंबर महीने के लिए कोई नामांकन नहीं किया है।ये कंपनियां भारत में ईरानी तेल के चार सबसे बड़े खरीददार हैं। बताया जा रहा है कि खरीददारी पर अंतिम निर्णय अक्टूबर के शुरू में हो सकता है, संभावना जताई जा रही है कि तब तक खरीददारों का मूड बदल जाए। मुख्य तेल विश्लेषक अमृता सेन के मुताबिक, नवंबर में ईरान का निर्यात एक दिन में 1 मिलियन बैरल से नीचे गिर सकता है।
प्रमुख खरीददार:-ब्लूमबर्ग टैंकर ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक भारत ईरान से कच्चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा खरीददार है, इस साल देश ने एक दिन में 577,000 बैरल कच्चे तेल का औसत आयात किया है। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी प्रतिबंध आने वाले वैश्विक तेल बाजार में एक बड़ा अंतर पैदा कर सकते हैं, ब्रेंट क्रूड गुरुवार को चार साल के उच्चतम 80 डॉलर प्रति बैरल का स्तर पार कर गया था।

 

 

नई दिल्ली। निजी कंपनियों के आधार के इस्तेमाल पर रोक लगाए जाने के ऐतिहासिक फैसले के बाद भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने मोबाइल कंपनियों से अगले 15 दिनों के भीतर ई-केवाईसी के दौरान इसके इस्तेमाल पर रोक लगाए जाने का एक्शन प्लान मांगा है।यूआईडीएआई, आधार बनाने वाली संस्था है।आधार पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले मोबाइल कंपनियां उपभोक्ताओं से उनका 12 नंबर का आधार मांग रही थी लेकिन आदेश के बाद अब कोई निजी कंपनी उपभोक्ताओं से आधार की मांग नहीं कर सकती, जिसका इस्तेमाल अब तक ई-केवाईसी के दौरान किया जाता रहा है।सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद सभी टेलीकॉम कंपनियों को अपने डेटाबेस में पहले से मौजूद उपभोक्ताओं का आधार डेटा भी डिलीट करना पड़ सकता है।इस बारे में पहले ही भारती एयरटेल, रिलायंस जियो और वोडाफोन आईडिया समेत अन्य दूरसंचार कंपनियों को सर्कुलर जारी किया जा चुका है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, ‘सभी मोबाइल कंपनियों को 26 अक्टूबर 2018 के आदेश के मुताबिक तत्काल कदम उठाना होगा। इस मामले में सभी मोबाइल कंपनियों को 15 अक्टूबर 2018 तक एक्शन प्लान सौंपना होगा, जिसमें इस बात का जिक्र होगा कि वह कैसे आधार के इस्तेमाल पर रोक लगाएंगे।’गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते ही आधार एक्ट में मौजूद धारा 57 को रद्द कर दिया था जो निजी कंपनियों को ई-केवाईसी के तहत उपभोक्ताओं से आधार मांगने का अधिकार देता है।कोर्ट ने कुछ विशेष मामलों को छोड़कर अन्य मामलों में आधार की अनिवार्यता खत्म कर दी है। आदेश के मुताबिक सरकारी सब्सिडी का लाभ लेने और पैन कार्ड से जोड़े जाने के मामले में आधार को अनिवार्य कर दिया गया है। वहीं स्कूलों में एडमिशन, बैंक खातों और मोबाइल सिम को आधार से जोड़े जाने की अनिवार्यता रद्द कर दी गई है

नई दिल्ली। संकट का सामना कर रही इंफ्रास्ट्रकचर डेवलपमेंट और फाइनेंस कंपनी आईएलएंडएफएस का नियंत्रण सरकार अपने हाथों में ले सकती है। वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक सरकार ने इस कंपनी के प्रबंधन में बदलाव को लेकर नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) का दरवाजा खटखटाया है।गौरतलब है कि आईएलएंडएफएस की सहायक कंपनियों के डिफॉल्ट के बाद वित्तीय बाजार में नकदी संकट की आशंका बढ़ गई है, जिसे दूर करने के लिए…
नई दिल्ली। नए महीने की शुरुआत हो चुकी है। इसी के साथ कई ऐसे नियम लागू हो रहे हैं जिनका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा। इनमें कर्ज से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग तक के नियम शामिल हैं। आइये जानते हैं कि इस महीने से कौन से नए नियम लागू हो रहे हैं-देना पड़ेगा पहले से ज्यादा ब्याज:-अक्टूबर से दिसंबर तिमाही के लिए छोटी बचत पर ब्याज दरें बढ़ रही हैं।…
नई दिल्ली। मान लीजिए आपको किसी ने कटा फटा नोट दे दिया है और उस वक्त आपने ध्यान नहीं दिया या फिर किसी किराने की दुकान के मालिक ने आपको कटे-फटे नोट दे दिए हैं तो ऐसी स्थिति में आप क्या करेंगे। आपकी कोशिश रहेगी कि या तो किसी को ये नोट थमा दें या फिर यह महीनों आपके पर्स में पड़ा रहे। हम आपको बता रहे हैं कि इन…
नई दिल्ली। कई बार लोग नौकरी छोड़ कुछ नया करना चाहते हैं। नौकरी छोड़ने के पीछे की वजह कुछ भी हो सकती है, मसलन नौकरी में असंतोष, ग्रोथ नहीं मिलना या बेहतर संभावनाओं की तलाश। कारण जो भी हो, नौकरी छोड़ने की प्लानिंग पहले ही कर लेनी चाहिए। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो हो सकता है कि आगे चलकर आपको वित्तीय संकट से जूझना पड़े।वित्तीय स्थिति का आकलन…
Page 4 of 221

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

ताज़ा ख़बरें