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नई दिल्ली। ज्‍यादातर लोग अपने सपनों का घर होम लोन लेकर ही खरीदते हैं। हालांकि, घर खरीदने के लिए यह लोन सभी को नहीं मिल पाता है। बैंक और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां ग्राहकों को कई मानदंडों पर परखते हुए होम लोन उपलब्‍ध करती हैं। होम लोन की ब्‍याज दरें- प्रोसेसिंग फीस, क्रेडिट अमाउंट, री-पेमेंट पीरियड, ईएमआई, पेमेंट रीपेमेंट में डिफॉल्ट आदि जैसे कारकों पर काफी हद तक निर्भर करती हैं। अगर आप होम लोन लेने की प्लानिंग कर रहे हैं तो उससे पहले आपको कुछ बातों पर गौर करना चाहिए। यहां हम आपको उन 4 कारकों के बारे में बता रहे हैं जो होम लोन एलिजिबिलिटी को प्रभावित कर सकते हैं:
क्रेडिट स्कोर: किसी भी व्यक्ति का क्रेडिट स्कोर बहुत हद तक उसकी होम लोन एलिजिबिलिटी को प्रभावित करता है। क्रेडिट स्कोर कई खास क्रेडिट प्रोफाइलिंग कंपनियों की तरफ से तय किया जाता है। इसमें यह देखा जाता है कि आपने पहले लोन लिया है या क्रेडिट कार्ड आदि का इस्‍तेमाल किस प्रकार किया है। किसी भी व्यक्ति का क्रेडिट स्कोर रीपेमेंट इतिहास, क्रेडिट इस्तेमाल का अनुपात, मौजूदा लोन और बिलों के समय पर पेमेंट से पता चलता है।
कुल इनकम: किसी भी व्यक्ति सभी स्रोतों से होने वाली इनकम और उसमें कितनी बचत हो रही है इससे लोन लेने की क्षमता तय होती है। जैसे कोई व्यक्ति 1 लाख रुपये कमाता है, जिसमें 50 हजार रुपये सैलरी से, 30 हजार रुपये किराए से और 20 हजार रुपये ब्याज से कमाता है। इसके अनुसार, मासिक ईएमआई तय की जाएगी और लोन की राशि मिलेगी।
उम्र: होम लोन लेने की किसी व्यक्ति की वर्तमान उम्र बहुत ज्यादा मायने रखती है, जिससे होम लोन लेने की एलिजिबिलिटी प्रभावित होती है। अगर कोई व्यक्ति रिटायरमेंट की उम्र के करीब है तो ऐसे में उसे लोन मिलने में मुश्किल हो सकती है।
वर्तमान लोन: मौजूदा लोन और रीपेमेंट चक्र में देरी या डिफॉल्ट होम लोन एलिजिबिलिटी को काफी हद तक प्रभावित करती है। 2 से 3 मौजूदा लोन जैसे एजुकेशन लोन, व्हीकल लोन और क्रेडिट कार्ड लोन वाले व्यक्ति का होम लोन आवेदन स्वीकार होने में दिक्कत आ सकती है।

नई दिल्ली। पर्मानेंट अकाउंट नंबर (PAN) एक 10 डिजिट का अल्फान्यूमेरिक आईडी है जो कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ से जारी की जाती है। पैन कार्ड एक बहुत ही जरूरी वित्तीय दस्तावेज है, जिसका इस्तेमाल पहचान के लिए भी किया जाता है। सभी व्यक्तियों के लिए जो टैक्स देते हों या नहीं उनके लिए पैन कार्ड होना जरूरी है। इनकम टैक्‍स भरने के लिए भी यह एक महत्‍वपूर्ण दस्‍तावेज है। इसी के साथ कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार का आर्थिक या वित्तीय लेनदेन करना चाहता है तो उसके लिए भी पैन होना चाहिए।इस बात पर ध्यान दिया जाना चाहिए कि एक से पैन रखना या उसके लिए आवदेन करना कानून के खिलाफ है और इसके लिए 10 हजार रुपये तक की पेनल्टी लग सकती है। आज हम आपको बताएंगे ई-पैन के बारे में जो पैन कार्ड का इलेक्‍ट्रॉनिक फॉर्मेट होता है। इलेक्ट्रॉनिक पैन फिजिकल पैन कार्ड की तरह की होता है जो कि इलेक्ट्रॉनिक तौर पर जारीकिया जाता है और डिजिटली साइन होता है।आज हम आपको बताएंगे कि कैसे सिर्फ 48 घंटों में पैन प्राप्त किया जा सकता है। पैन कार्ड के लिए फॉर्म 49A या फॉर्म 49AA के जरिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदक NSDL की वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। पैन एप्लिकेशन फॉर्म को एनएसडीएल टिन-फेसिलिटेशन सेंटर (TIN-FC) से प्राप्त कर सकते हैं। इसी के साथ इस फॉर्म को एनएसडीएल की वेबसाइट से मुफ्त में डाउनलोड भी कर सकते हैं।
आवेदन करने के लिए ये चीजें हैं जरूरी
-हाल ही के दो पासपोर्ट साइज के सफेद बेकग्राउंड वाले दो कलर फोटो (3.5 सेमी x 2.5 सेमी) चाहिए, इन फोटो को फॉर्म में दी गई जगह पर चिपकाना है।
-आईडी प्रूफ के तौर पर दस्तावेज, एड्रेस प्रूफ के तौर पर दस्तावेज और उम्र के प्रूफ के दौर पर दस्तावेज चाहिए।
-इसमें बर्थ सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, पासपोर्ट, बिजली बिल और राशन कार्ड आदि इस्तेमाल किया जा सकता है।
-इसी के साथ ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर होना जरूरी है।
-ऑनलाइन आवेदन के लिए डिजिटल साइन की जरूरत होती है।
-यह ध्यान दें कि फॉर्म में भरी गई सभी जानकारी पूरी तरह से ठीक हैं।
-जब सब कुछ हो जाए तो डन कीजिए और सब्मिट एप्लिकेशन पर क्लिक करके फीस का ऑनलाइन भुगतान कीजिए, यहां पर आपके पास फिजिकल कार्ड और ई-पैन का चयन करने का विकल्प होता है।
-फॉर्म ठीक प्रकार से सब्मिट हो जाने के बाद आपको एक एक्नॉलेजमेंट रिसिप्ट प्राप्त होगी, जिस पर 15 डिजिटल का यूनिक नंबर होगा। इस नंबर के जरिए आप पैन कार्ड का स्टेट्स चेक कर सकते हैं। जैसे ही आपकी जानकारी वेरिफाई होती है वैसे ही आपको सिर्फ दो दिन (48 घंटों) में पैन कार्ड प्राप्त हो जाएगा।

नई दिल्ली। सोशल साइट ट्विटर ने अपने खाते का इस्तेमाल करने वाले 19 करोड़ यूजर के खातों की जांच करने को कहा है। जिससे फर्जी खातों द्वारा प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग को रोका जा सके। कंपनी की ओर से अपने प्रयासों के तहत 2018 की दूसरी छमाही में सत्यापन के लिए 19.35 करोड़ खातों को चुनौती दी गई है जो पिछले साल की पहली छमाही से 17 प्रतिशत कम है। माइक्रो ब्लॉगिंग साइट की एक पारदर्शिता रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।ट्विटर की ओर से अब खातों पर जांच के लिए 'एंटी-स्पैम चैलेंज' का उपयोग कर रहा है। इस प्रक्रिया में ट्विटर को फोन नंबर या ईमेल पते को सत्यापित करने और रिकैपचा(रजिस्ट्रेशन के दौरान आने वाला नंबर) को पूरा करने के लिए खाताधारक की जरूरत हो सकती है। वास्तविक रूप से ट्विटर का इस्तेमाल करने वाले खाताधारकों के लिए ये चुनौतियां सरल हैं, लेकिन स्पैम या दुर्भावनापूर्ण खाता-धारकों के लिए यह कठिन (या महंगी) हो सकती हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसे खाते जो एक निर्धारित अवधि के भीतर चुनौती को पूरा करने में विफल रहते हैं, उन्हें निलंबित किया जा सकता है। ट्विटर ने कहा कि उसका ध्यान छह महीने के दौरान साइन-अप करने वाले नकली खातों का पता लगाने पर है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2018 की दूसरी छमाही में स्पैम की रिपोर्ट में भी कमी दर्ज की गई है। इससे यह पता चलता है कि ट्विटर पर सही लोगों को फर्जी खाता धारकों का कम सामना करना पड़ा है।

नई दिल्ली। सोशल मीडिया का उपयोग केवल मनोरंजन और इन्‍फॉर्मेशन शेयर करने के लिए ही नहीं बल्कि अब पैसों का निवेश करने के लिए भी किया जा सकता है। जी हां, सोशल मीडिया के मैसेजिंग एप व्हाट्सएप (Whatsapp) को अब तक आप चैटिंग के लिए ही यूज ले रहे होंगे लेकिन, अब आप इसके द्वारा म्युचुअल फंडों में निवेश भी कर सकते हैं। मोतीलाल ओसवाल एसेट मैनेजमेंट कंपनी ने अपने ग्राहकों के लिए यह विकल्प पेश किया है।
लगेगा 2 मिनट से भी कम समय:-मोतीलाल ओसवाल एसेट मैनेजनेंट कंपनी (Motilal Oswal Asset Management Company) ने अपना व्हाट्सएप ट्रांजैक्शन प्लेटफॉर्म लांच किया है। इससे कंपनी के पुराने और नए ग्राहक म्युचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक, इस व्हाट्सएप ट्रांजैक्शन प्लेटफॉर्म से ग्राहक 2 मिनट से भी कम समय में निवेश कर सकते हैं।
यह है प्रक्रिया:-कंपनी की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार सबसे पहले आपको मोतीलाल ओसवाल का एक मोबाइल नंबर अपने मोबाइल में सेव करना होगा। यह मोबाइल नंबर 9372205812 है। अपने मोबाइल की कॉन्टैक्ट लिस्ट में नंबर सेव करने के बाद आप व्हाट्सएप पर जाकर इस नंबर पर Hi लिखकर भेजें। इसके बाद आपको इस नंबर से म्युचुअल फंड में निवेश करने के तरीके से संबंधित कुछ निर्देश मिलेंगे। अब आपको अपने PAN कार्ड से संबंधित जानकारी शेयर करनी होगी। अब आपके नंबर पर इन्‍वेस्टमेंट के प्रकार और फंड व अमाउंट से जुड़े निर्देश आएंगे। जब आप निर्देशित प्रक्रिया को पूरा करेंगे तो आपके पास एक पेमेंट लिंक आएगी। इस लिंक पर पेमेंट करके आप निवेश कर सकते हैं। गौरतलब है कि, अभी तक म्युचुअल फंड में निवेश के लिए पेटीएम, गूगल पे और फोन पे जैसे ऑनलाइन माध्यमों का ही प्रयोग होता था। यह पहली बार है जब ग्राहकों को निवेश के लिए व्हाट्सएप जैसा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मिल रहा है।

नई दिल्‍ली। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्युचुअल फंड ने बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNC) पर फोकस करनेवाले नए फंड ऑफर (एनएफओ) लॉन्‍च किया है। यह एनएफओ 28 मई को खुला है और 11 जून को बंद होगा। यह फंड ओपेन एंडेड इक्विटी स्कीम है जो एमएनसी थीम का पालन करती है और इसका उद्देश्य भारतीय और वैश्विक बहुराष्ट्रीय कंपनियां जो भारतीय बाजार में सूचीबद्ध हैं, से लाभ कमाना है। यह स्कीम शेयरों के चुनाव में बॉटमअप स्टाइल, बाजार पूंजीकरण और सेक्टर का पालन करेगा। अच्छी गुणवत्ता वाले शेयरों और डाइवर्सिफायड पोर्टफोलियो पर इसका फोकस होगा।इस फंड का उद्देश्य बहुराष्ट्रीय क्षेत्र में मुख्य रूप से इक्विटी और इक्विटी से संबंधित प्रतिभूतियों में निवेश कर लंबी अवधि में पूंजी में लाभ कमाना है। भारत में भारत में तमाम एमएनसी हैं जो लोगों के प्रतिदिन के सामानों के साथ ही औद्योगिक जरूरतों को पूरा करती हैं। आगे चलकर इन कंपनियों के लिए अवसरों का आकार काफी बढ़ने वाला है, जिसमें यह माना जा रहा है कि भारत की अर्थव्यवस्था साल 2023 तक 4 ट्रिलियन डॉलर की होगी।इस बारे में आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी के एमडी एवं सीईओ निमेश शाह का कहना है कि अच्‍छा फंड प्रबंधन एमएनसी फंड की विशेषता है। एमएनसी में तकनीकी बढ़त, मजबूत वैश्विक ब्रांड, मजबूत बैलेंस शीट और उच्च आरओई है। अब तक बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा दिए गए अनुभव के आधार पर इन वैश्विक कंपनियों ने पूंजी आवंटन के बेहतर उपयोग का प्रदर्शन किया है और इसलिए उच्च आरओई (रिटर्न ऑन इक्विटी) को लगातार देने में कामयाब रही हैं।आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एमएनसी फंड के निवेशकों का एक्सपोजर भारतीय बहु-राष्ट्रीय कंपनियों, भारत में सूचीबद्ध बहु-राष्ट्रीय कंपनियों और वैश्विक बहु-राष्ट्रीय कंपनियों में होगा। बेहतर तकनीक से यह पता चलता है कि कैसे, मजबूत बैलेंस शीट और अच्छे प्रबंधन के साथ, बहुराष्ट्रीय कंपनियों के पास लंबी अवधि के धन के सृजन की अच्छी संभावनाएं हैं। इसके अतिरिक्त वे कंपनियां कई बाजारों में वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धा में आगे रहती हैं और इस तरह के अनुभवों से बढ़ती रहती हैं।

 

नई दिल्‍ली।FD हमारे देश के एक बड़े वर्ग में निवेश की पहली पसंद बना हुआ है। इसके काफी सारे कारण हैं। FD के लोकप्रिय होने का सबसे बड़ा कारण तो यह है कि, इसमें रिस्क की कोई गुंजाइश नहीं होती है और जमा पर रिटर्न मिलने का पूरा भरोसा होता है चाहे बाजार की मौजूदा हालत बुरी ही क्यों ना हो। साथ ही साथ फिक्स्ड डिपॉजिट पर आप आसानी से लोन ले सकते हैं, वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनरों को उच्च ब्‍याज दर मिलती है और एक सरल प्रक्रिया को पूरी कर समय से पहले एफडी से रुपयों की निकासी भी कर सकते हैं।
FD के ब्‍याज से प्राप्त करें मासिक आय;-यही नहीं, अगर आप फिक्स्ड डिपॉजिट में बड़ा निवेश करते हैं तो आप एफडी के जरिए नियमित रूप से आय भी कमा सकते हैं। यह व्यवस्थित निकासी योजना (SWP) से बहुत कुछ मिलता-जुलता है। व्यवस्थित निकासी योजना (Systematic Withdrawal Plan) के तहत, कोई भी व्यक्ति मासिक, त्रैमासिक या अर्ध-वार्षिक निकासी का विकल्प चुन सकता है।
निवेश संस्थाएं और कुछ बैंक देते हैं निकासी की अनुमति:-आपको बता दें, कि सभी गैर-बैंकिंग वित्‍तीय कंपनियां, अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक और निवेश संस्थाएं सावधि जमा पर अर्जित ब्याज की निकासी की अनुमति देती हैं। फिक्स्ड डिपॉजिट पर अर्जित ब्याज की निकासी से आप एक जोखिम मुक्त मासिक, त्रैमासिक या अर्ध-वार्षिक आय का बंदोबस्त कर सकते हैं। वहीं आपकी मूल राशि वैसे की वैसे ही आपके एफडी अकाउंट में सुरक्षित रहेगी।
सेवानिवृत्ति कोष से कमाएं मोटी मासिक आय;-मान लीजिए कि कोई सेवानिवृत्‍त हुआ व्यक्ति अपने सेवानिवृत्ति कोष का पूरा 50 लाख रुपया फिक्स्ड डिपॉजिट में डाल देता है। अब अगर उस एफडी पर 8 फीसदी की दर से ब्याज मिलता है तो टीडीएस कटने के बाद सालाना कुल ब्याज हुआ लगभग 4 लाख रुपये। अब वह व्यक्ति अपने इस सालाना ब्याज में से मासिक, त्रैमासिक या अर्ध-वार्षिक निकासी का विकल्प चुन सकता है। अगर वह मासिक निकासी का विकल्प चुनता है, तो हर महीने वह लगभग 33,000 रुपये की जोखिम रहित आय पा सकता है।
FD की ब्याज आय की आंशिक निकासी का भी है विकल्प:-इसके अलावा, आपके पास अपने फिक्स्ड डिपॉजिट अकाउंट में से ब्याज आय की पूर्ण निकासी और आंशिक निकासी के विकल्प भी होते हैं। अगर आप अपने एफडी निवेश से अर्जित मासिक आय से कम में ही अपनी आवश्यकता पूरी कर सकते हैं तो आप अपने फिक्स्ड डिपॉजिट से अर्जित ब्याज आय की आंशिक वापसी का विकल्प भी चुन सकते हैं।

नई दिल्ली। जीवन में पैसे रुपये को लेकर कभी भी दिक्कत आ सकती है। कभी ऐसा भी समय आ सकता है जब आपके ऊपर कर्ज हो और अचानक से आपकी नौकरी चली जाए। इसके अलावा आपको कभी पता भी नहीं चलता है और आप मेडिकल जैसी आपात स्थिति में फंस जाते हैं और आपकी ओर से बचाए गए सारे पैसे दांव पर लग सकते हैं। ऐसे परिस्थितियों से निपटने के…
नई दिल्ली। ग्लोबल रेटिंग एजेंसी फिच ने कहा है कि भारतीय बैंकिंग सेक्टर फंसे कर्ज (एनपीए) और पूंजीगत कमी की समस्या से अभी भी दबाव में है। एजेंसी का कहना है कि पिछले वित्त वर्ष के शुरुआती नौ महीने (अप्रैल-दिसंबर, 2018) के दौरान बैंकों का एनपीए घटकर 10.8 फीसद रहा, जो उससे पिछले वित्त वर्ष (2017-18) की पूरी अवधि में 11.5 फीसद रहा था। इसके अलावा इस वर्ष मार्च में…
नई दिल्ली। रिटायरमेंट की प्लानिंग सभी को करनी चाहिए, क्योंकि जैसा लाइफस्टाइल आज चल रहा है उसे रिटायरमेंट के बाद भी बरकरार रखने के लिए निवेश जरूरी होता है। रिटायरमेंट सेविंग के लिए कुछ नियमों को मानना होता है और यह तय करना होता है कि भविष्य में कितने रुपये की जरूरत होगी, जिससे जीवन निर्वाह आसानी से होता रहेगा। आज हम आपको बता रहे हैं कि रिटायरमेंट के लिए…
नई दिल्ली। आकलन वर्ष 2019-20 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की प्रोसेस शुरू हो गई है। आयकर विभाग ने आकलन वर्ष 2019-20 के लिए ITR 1, 2 और 4 के लिए ई-फाइलिंग 'यूटिलिटीज' (यानी ऑनलाइन फाइलिंग के लिए उपयोग किए जा सकने वाले वर्जन) भी जारी किए हैं जो कि व्यक्तिगत करदाताओं के लिए जरूरी है। इसे वेबसाइट www.incometaxindiaefiling.gov.in के जरिए डाउनलोड किया जा सकता है। इनकम टैक्स…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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