कारोबार

कारोबार (492)

नई दिल्ली। सभी बैंकों के सेविंग अकाउंट में एक तय एवरेज मंथली बैलेंस (AMB) बनाए रखने की आवश्यकता होती है। देश के बड़े बैंक जैसे भारतीय स्टेट बैंक (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), आईसीआईसीआई बैंक (ICICI BANK) और एचडीएफसी बैंक (HDFC BANK) ने सेविंग अकाउंट के लिए मंथली एवरेज बैलेंस तय किया हुआ है। बैंक अकाउंट में न्यूनतम बैलेंस की जरूरत ब्रांच की लोकेशन पर निर्भर करती है और उसके हिसाब से कम या ज्यादा होती है। अगर अकाउंट में मंथली एवरेज बैलेंस बरकरार नहीं रहता है तो बैंक उसपर पेनल्टी चार्ज लगाता है जो कि अलग-अलग बैंकों और उनकी ब्रांच की लोकेशन के हिसाब से बदलता रहता है।यहां हम एसबीआई, पीएनबी, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक की तरफ से तय एवरेज मंथली बैलेंस की तुलना कर रहे हैं:
भारतीय स्टेट बैंक (SBI):-भारतीय स्टेट बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार, ग्राहकों को एसबीआई के सामान्य सेविंग अकाउंट में एक न्यूनतम मासिक बैलेंस बरकरार रखने की जरूरत है।
ब्रांच का प्रकार एवरेज मंथली बैलेंस
मेट्रो 3,000 रुपये
अर्बन 3,000 रुपये
सेमी-अर्बन 2,000 रुपये
रूरल 1,000 रुपये
पंजाब नेशनल बैंक (PNB);-पंजाब नेशनल बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार, ग्राहकों को पीएनबी के रेगुलर सेविंग अकाउंट में एक न्यूनतम मासिक बैलेंस बरकरार रखने की जरूरत है।
ब्रांच का प्रकार एवरेज मंथली बैलेंस
मेट्रो 2,000 रुपये
अर्बन 2,000 रुपये
सेमी-अर्बन 2,000 रुपये
रूरल 1,000 रुपये
एचडीएफसी बैंक (HDFC BANK):-एचडीएफसी बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार, ग्राहकों को एचडीएफसी बैंक के रेगुलर सेविंग अकाउंट में एक न्यूनतम मासिक बैलेंस बरकरार रखने की जरूरत है।
ब्रांच का प्रकार एवरेज मंथली बैलेंस
मेट्रो 10,000 रुपये
अर्बन 10,000 रुपये
सेमी-अर्बन 5,000 रुपये
रूरल 2,500 रुपये
आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank);-आईसीआईसीआई बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार, ग्राहकों को आईसीआईसीआई बैंक के रेगुलर सेविंग अकाउंट में एक न्यूनतम मासिक बैलेंस बरकरार रखने की जरूरत है।
ब्रांच का प्रकार एवरेज मंथली बैलेंस
मेट्रो 10,000 रुपये
अर्बन 10,000 रुपये
सेमी-अर्बन 5,000 रुपये
रूरल 2,000 रुपये
ग्रामीण 1,000 रुपये

 

नई दिल्‍ली। अगर आप आयकर में छूट के साथ-साथ एक बेहतर निवेश की जगह खोज रहे हैं तो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की लोक भविष्य निधि योजना (PPF) आपके लिए ही बनी है। यह योजना राष्ट्रीय बचत संगठन द्वारा साल 1968 में आरंभ की गई थी। यह योजना रिटायरमेंट प्लानिंग को केंद्र में रखकर बनाई गई है। PPF में सालाना 1.5 लाख रुपये तक का निवेश कर आप आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत कटौती का लाभ पा सकते हैं। एसबीआई की वेबसाइट के अनुसार इस योजना की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं।
कौन खुलवा सकता है अकाउंट:-इस योजना के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति अपने नाम पर या नाबालिग की ओर से बैंक की किसी भी साखा में जाकर अकाउंट खुलवा सकता है। मौजूदा नियमों के अनुसार, हिंदू अविभाजित परिवार के नाम पर इस योजना में अकाउंट नहीं खोला जा सकता।
निवेश सीमा:-इस योजना में साल 2014 में हुए संसोधन के बाद न्यूनतम 500 रुपये और अधिकतम 1.50 लाख रुपये सालाना जमा किये जा सकते हैं। अगर आप 1.50 लाख रुपये सालाना से अधिक राशि जमा करते हैं तो अतिरिक्त राशि पर न तो आपको कोई ब्याज प्राप्त होगा और न ही उस राशि पर आयकर अधिनियम के तहट टैक्स में छूट मिलेगी। योजना के तहत आप राशि को एकमुश्त या साल में 12 किश्तों में जमा करा सकते हैं। अगर किसी साल आप अंशदान की राशि जमा नहीं करा पाए तो उस मामले में हर साल 50 रुपये की दर से दंड लगेगा और इस दंड की राशि का भुगतान होने पर अकाउंट फिर से एक्टिव हो जाएगा।
योजना की अवधि:-इस योजना में पीपीएफ अकाउंट की अवधि मुख्य रूप से 15 साल की है। इसके बाद अगर आप अवधि बढ़वाना चाहते हैं, तो आवेदन करके 5 साल के एक या अधिक ब्लॉक्स के लिए योजना की अवधि बढ़ाई जा सकती है।
ब्याज दर:-योजना में ब्याज की दर त्रैमासिक आधार पर केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित की जाती है। वर्तमान में यह 8.0 फीसदी सालाना है। ब्याज राशि की गणना महीने के पांचवें और अंतिम दिन के बीच की अवधि के दौरान अकाउंट की न्यूनतम शेष राशि के आधार पर की जाती है। वहीं ब्याज राशि का भुगतान हर साल 31 मार्च को किया जाता है।
कर लाभ;-आयकर अधिनियम की धारा 80सी के अंतर्गत इस योजना में आयकर लाभ मिलता है। पीपीएफ अकाउंट में ब्याज से अर्जित पूरी आय टैक्स फ्री होती है। साथ ही अकाउंट में जमा राशि को संपत्ति कर से भी छुट प्राप्त है।
नॉमिनी;-पीपीएफ अकाउंट में नॉमिनी की सुविधा उपलब्ध है। इसमें एक या अधिक व्यक्तियों को नॉमिनी बनाया जा सकता है। साथ ही नामित व्यक्ति के हिस्से को भी ग्राहक द्वारा निर्धारित किया जा सकता है।
समय से पहले निकासी:-इस योजना में कुछ शर्तों के साथ पांच साल की अवधि पूरा होने के बाद निकासी की अनुमति दी जाती है। यह सुविधा नाबालिगों के अकाउंट पर भी लागू है।
खाते का ट्रांसफर:-इस योजना में ग्राहक के चाहने पर एसबीआई की अन्य शाखाओं या अन्य बैंकों अथवा डाकघरों में खाते को ट्रांसफर किया जा सकता है।

नई दिल्ली। लाइफ में कभी भी फाइनेंशियल क्राइसिस आ सकती हैं। कई बार ऐसी स्थिति पैदा हा जाती है, जहां पर कुछ लोग लोन के चक्करों में फंस जाते हैं और ऐसे में नौकरी भी छूट जाती है। इसके अलावा कई बार मेडिकल दिक्कतों के चक्कर में फंस जाते हैं, जहां पर सबसे ज्यादा पैसों की जरूरत होती है ऐसी स्थिति में सारी बचत की खपत हो जाती है। ऐसी दिक्कतों का सामना करने के लिए हमेशा फाइनेंशियल तौर पर मजबूत रहना चाहिए। फाइनेंशियल तौर पर मजबूत रहने के लिए एक सही प्लानिंग की जरूरत होती है। इसमें सबसे पहले आपातकाल स्थिति के लिए एक फंड तैयार करना चाहिए और इसकी शुरुआत नौकरी लगने की शुरुआत से ही करनी चाहिए। इस फंड में नियमित रूप से सेविंग करनी चाहिए।
इन 3 जगह सेविंग है बहुत जरूरी:
लाइफ इंश्योरेंस स्कीम: लाइफ का कोई भरोसा नहीं है, जिसको देखते हुए लाइफ इंश्योरेंस खरीदना बहुत ज्यादा जरूरी है। लाइफ इंश्योरेंस के जरिए कोई भी व्यक्ति अपने परिवार को खुद के न रहने की स्थिति में भी मजबूत कर जाता है। मार्केट में मौजूद कई लाइफ इंश्योरेंस स्कीम किसी व्यक्ति के निधन पर उसके परिवार को पहले से तय एक अमाउंट देती हैं। लाइफ इंश्योरेंस खरीदने से पहले यह तय करना चाहिए कि इंश्योरेंस अमाउंट सालाना खर्च का कम से कम 10 गुना होना चाहिए।
हेल्थ इंश्योरेंस: हेल्थ इंश्योरेंस काफी महत्वपूर्ण चीज है, क्योंकि इसके जरिए कोई व्यक्ति अपनी बचत को खत्म किए बिना इलाज करवा पाता है। इससे एक प्रकार से बीमारी में फाइनेंशियल तौर पर मदद मिलती है। बीमारी का इलाज हो जाता है और जेब पर असर भी नहीं होता है। हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते वक्त पॉलिसी के बेनिफिट्स, कवरेज और प्रीमियम की तुलना करनी चाहिए और यह भी देखना चाहिए कि भविष्य में कितने कवरेज की जरूरत हो सकती है।
इमरजेंसी फंड: अगर आपने होम लोन या कार लोन लिया है या आपके क्रेडिट कार्ड के बिल बाकी हैं तो ऐसे स्थितियों में इमरजेंसी फंड बहुत काम आता है। फाइनेंशियल क्राइसिस के दौरान इस फंड का इस्तेमाल बिना अन्य निवेशों को छेड़े कर सकते हैं। इस फंड में 9 से 10 माह के घरेलू मासिक खर्च के बराबर पैसा होना चाहिए।

नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में आप बिना केवाईसी के भी अपना अकाउंट खुलवा सकते हैं। SBI बीएसबीडी स्मॉल अकाउंट की पेशकश करता है। जिनके पास केवाईसी डॉक्यूमेंट्स नहीं होते हैं वह लोग ऐसे अकाउंट खुलवा सकते हैं। एसबीआई की वेबसाइट के अनुसार, इस अकाउंट का उद्देश्य समाज के गरीब तबके को बचत के लिए प्रोत्साहित करना है। इस अकाउंट को 18 वर्ष से अधिक उम्र का कोई भी व्यक्ति खुलवा सकता है। केवाईसी प्रक्रिया न होने के कारण इस अकाउंट के संचालन में कुछ प्रतिबंध हैं, लेकिन केवाईसी प्रक्रिया होने के बाद इसे सामान्य सेविंग अकाउंट में परिवर्तित किया जा सकता है।इस अकाउंट का सबसे महत्वपूर्ण फीचर यह है कि इस अकाउंट में किसी प्रकार के न्यूनतम औसत बैलेंस (AMB) बरकरार रखने की आवश्यकता नहीं है। इस अकाउंट में अधिकतम बैलेंस 50 हजार रुपये तक रखा जा सकता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर इस अकाउंट में अधिकतम बैलेंस 50 हजार से ज्यादा या एक वित्त वर्ष में 1 लाख से अधिक क्रेडिट होता है तो उसके बाद की सभी ट्रांजेक्शन केवाईसी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होंगी। इस अकाउंट को सिंगल या ज्वाइंट तौर पर खुलवाया जा सकता है। यह अकाउंट स्पेशल ब्रांच जैसे पर्सनल बैंकिंग ब्रांच (PBBs), स्पेशल पर्सनल बैंकिंग (SPB), मिड कॉरपोरेट ग्रुप (MCG), कॉर्पोरेट अकाउंट ग्रुप (CAG) ब्रांच को छोड़कर सभी ब्रांच में उपलब्ध है।इस अकाउंट के साथ सभी अकाउंट होल्डर्स को बेसिक रूपे एटीएम-कम-डेबिट कार्ड फ्री में मिलता है, जिसके साथ कोई मेंटेनेंस चार्ज भी नहीं लगता है। इस अकाउंट में NEFT और RTGS के जरिए भी पैसों का क्रेडिट बिल्कुल फ्री है। अकाउंट बंद करवाने पर कोई भी चार्ज नहीं लगता है। इस अकाउंट से एक माह में अधिकतम 4 बार निकासी की जा सकती है, जिसमें एसबीआई बैंक एटीएम और अन्य बैंक की निकासी, NEFT और RTGS के जरिए निकासी, ब्रांच से कैश निकासी, ट्रांसफर, इंटरनेट डेबिट और ईएमआई आदि शामिल हैं।

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों के फंसे कर्ज की वसूली को लेकर शुक्रवार को नए दिशानिर्देश जारी किये। इनके तहत बैंकों को डिफॉल्ट की पहचान करने के लिये 30 दिन का समय दिया जाएगा। नए दिशानिर्देश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।आरबीआइ ने शुक्रवार को कहा कि फंसे कर्ज की शीघ्र पहचान, सूचना देने और समयबद्ध ढंग से उसे वसूलने का फ्रेमवर्क उपलब्ध कराने के मकसद से नए दिशानिर्देश ‘प्रूडेंशियल फ्रेमवर्क फॉर रिजोल्यूशन ऑफ स्ट्रैस्ड असेट’ जारी किए गए हैं। इनके प्रभाव में आने के बाद पहले से चले आ रहे उपाय अमान्य हो जाएंगे। इनमें कॉरपोरेट कर्ज पुर्नसरचना योजना, वर्तमान दीर्घकालिक परियोजना लोन की पुर्नसरचना, रणनीतिक कर्ज पुर्नसरचना योजना (एसडीआर), एसडीआर के बाहर स्वामित्व में बदलाव, स्कीम फॉर सस्टेनेबल ऑफ स्ट्रेस्ड असेट्स (एस4ए) और ज्वाइंट लेंडर्स फोरम शामिल हैं।
ऐसा है नया फ्रेमवर्क : नए फ्रेमवर्क से उन बैंकों को थोड़ी राहत मिल जाएगी, जिनका पूंजी आधार छोटा है। नया फ्रेमवर्क व्यवसायिक बैंकों, नाबार्ड, एग्जिम बैंक और सिडबी जैसे वित्तीय संस्थानों, स्मॉल फाइनेंस बैंकों और जमा राशि स्वीकार न करने वाली महत्वपूर्ण गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) पर लागू होगा। अब कर्जदाताओं को दिए कर्ज के 35 फीसद की प्रोविजनिंग करनी ही होगी। इनमें 20 फीसद की प्रोविजनिंग डिफॉल्ट होने के शुरुआती 180 दिनों के भीतर करनी होगी। अगर कर्जदाता 365 दिनों के भीतर किसी समाधान पर पहुंचने में विफल रहते हैं, तो उन्हें शेष 15 फीसद की प्रोविजनिंग करनी होगी।

 

नई दिल्ली। थाईलैंड एक ऐसे खूबसूरत देश है, जहां अक्‍सर भारत से लोग घूमने जाते हैं। अगर आप थाईलैंड जाने का प्लान कर रहे हैं तो आईआरसीटीसी का जोनल ऑफिस मुंबई से थाईलैंड के लिए ट्रेजर्स ऑफ थाईलैंड (Treasures Of Thailand) के नाम से टूर पैकेज की पेशकश कर रहा है। इस टूर पैकेज में किफायती दामों में थाईलैंड की सभी खूबसूरत जगहों को कवर किया गया है।
पैकेज की जानकारी:
पैकेज का नाम: ट्रेजर्स ऑफ थाईलैंड (Treasures Of Thailand)
ट्रैवलिंग मोड: फ्लाइट
अवधि: 13 अगस्त, 2019 से 18 अगस्त, 2019
यात्रा कार्यक्रम: मुंबई-बैंकॉक-पटाया-बैंकॉक-मुंबई
कितने दिन का है टूर: 4 रात/5 दिन
कुल सीट: 34
पैकेज का किराया (मुंबई से) :
क्लास ऑक्यूपेंसी कीमत (प्रति व्यक्ति)
कंफर्ट व्यस्क सिंगल ऑक्यूपेंसी 46,990 रुपये
व्यस्क डबल ऑक्यूपेंसी 40,990 रुपये
व्यस्क ट्रिपल ऑक्यूपेंसी 40,990 रुपये
चाइल्ड विद बेड (2-11वर्ष) 39,990 रुपये
चाइल्ड विदआउट बेड (2-11वर्ष) 32,990 रुपये
चाइल्ड ( 2 वर्ष से कम) 14,990 रुपये
2 वर्ष से कम आयु के बच्चे का किराया नकद में बुकिंग के समय आईआरसीटीसी के ऑफिस में डिपॉजिट करवाना होगा।
फ्लाइट की जानकारी:
तारीख फ्लाइट सेक्टर प्रस्थान आगमन
13 अगस्त, 2019 SL 219 BOM-DMK 06:55 12:45
18 अगस्त, 2019 SL 218 DMK-BOM 02:25 05:40
पैकेज में शामिल
-रिटर्न एयरपोर्ट ट्रांसफर
-थाई लॉयन से रिटर्न एयर फेयर
-सामान्य वीजा का चार्ज
-मील: AP (4 ब्रेकफास्ट, 5 लंच, 5 डिनर)
-एसी 2 X 2 विद पुश बैक बस से सभी ट्रांसफर
साइटसीइंग:
-पटाया: कॉरल आईलैंड, एल्काजर शो
-बैंकॉक हाफ डे बैंकॉक सिटी टूर (गोल्डन बुद्धा + मार्बल टेंपल + रिकलाइनिंग बुद्धा), सफारी वर्ल्ड और मरीन पार्क साथ में लंच भी शामिल है।
-इंद्रा मार्के में शॉपिंग
-प्रति दिन प्रति व्यक्ति के हिसाब से पानी की बोतल
-थाईलैंड में क्षेत्रीय अंग्रेजी भाषा बोलने वाला टूर गाइड
-2 रातों के लिए 3 स्टार कैटेगरी के होटल में स्टे
-2 रातों के लिए 3 स्टार कैटेगरी के होटल में स्टे
-ट्रेवल इंश्योरेंस (60 वर्ष से कम उम्र के लोगों के लिए)
-सभी टैक्स शामिल हैं।
ऑप्शनल टूर
1. छांव फारया रिवर क्रूज
2. नोंग नूच गांव
वीजा के लिए इन दस्तावेजों की है जरूरत
-35 x 40 एमएम साइज का वाइट बैकग्राउंड वाला फोटो, जिसमें 80 फीसद चेहरा नजर आए, मैट फिनिश और चश्मा न पहना हो।
-ऑरिजनल पासपोर्ट कॉपी
-पिछले 6 माह की बैंक स्टेटमैंट ( बैंक की तरफ से जारी और साइन की हुई)
टूर कैंसल करने पर इतना लगेगा चार्ज:
-टूर शुरू होने से 30 दिन पहले 20 फीसद चार्ज लगेगा।
-टूर शुरू होने से 30-21 दिन पहले 30 फीसद चार्ज लगेगा।
-टूर शुरू होने से 20-15 दिन पहले 60 फीसद चार्ज लगेगा।
-टूर शुरू होने से 14-8 दिन पहले 90 फीसद चार्ज लगेगा।
-टूर शुरू होने से 8 दिन पहले 100 फीसद चार्ज लगेगा।

नई दिल्ली। गर्मियों की छुट्टियों में लोग अक्सर हिल स्टेशन में घूमने का प्लान बनाते हैं। अगर आपका भी ऐसा ही विचार है तो आज हम आपको आईआरसीटीसी के कश्मीर टूर के बारे में बता रहे हैं। कश्मीर देश का सबसे खूबसूरत हिस्सा है, जिसके तुलना में कोई खूबसूरत हिल स्टेशन विदेशों में भी मौजूद नहीं है। आईआरसीटीसी के इस टूर पैकेज के जरिए आप किफायती कीमत में धरती के…
नई दिल्ली। आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व प्रबंध निदेशक और सीईओ चंदा कोचर पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) का शिकंजा कसता ही जा रहा है। आज शुक्रवार को ईडी द्वारा चंदा कोचर को फिर से नोटिस दिया गया है जिसके अनुसार उन्हें 10 जून को ईडी के समक्ष पेश होना होगा। बता दें कि, कोचर पर ईडी द्वारा यह शिकंजा 1,875 करोड़ रुपये के विडियोकॉन कर्ज मामले में कसा जा रहा है।…
नई दिल्ली। ATM इस्तेमाल पर लगने वाले चार्जेस की समीक्षा के लिए आरबीआई एक समिति का गठन करेगा। केंद्रीय बैंक ने डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए NEFT और RTGS मनी ट्रांसफर पर लगने वाले शुल्क को भी समाप्त कर दिया है। छोटे वित्त बैंकों के लाइसेंसिंग के लिए मसौदे को लेकर जल्द दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे। ये घोषणाएं आरबीआई की ओर से वित्तीय बाजारों को व्यापक बनाने के…
नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) के दौरान 3.0-3.10 फीसद खुदरा महंगाई का पूर्वानुमान लगाया है। इससे पहले अप्रैल की समीक्षा में रिजर्व बैंक ने इस अवधि के लिए खुदरा महंगाई 2.90-3.0 फीसद रहने का अनुमान जताया था।हालांकि दूसरी छमाही यानी अक्टूबर 19 से मार्च 20 के दौरान खुदरा महंगाई का पुर्वानुमान 3.50-3.80 फीसद से घटाकर 3.40-3.70 फीसद कर दिया गया। रिजर्व बैंक ने…
Page 3 of 36

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

ताज़ा ख़बरें