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नई दिल्ली। शिक्षा पर लगने वाला खर्च हर साल महंगा होता जा रहा है। बच्चों की पढ़ाई के लिए माता-पिता पैसे की जुगाड़ में सोने में या फिक्स्ड एसेट में निवेश करते हैं। हालांकि, कई सारे फाइनेंशियल एडवाइजर का कहना है कि बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए माता-पिता एजुकेशन लोन ले सकते हैं। हायर एजुकेशन के लिए बैंक या एनबीएफसी (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी) से एजुकेशन लोन मिलता है। हम आपको अपनी इस खबर में एजुकेशन लोन के पांच फायदे के बारे में बता रहे हैं।
ज्यादा बचत: एजुकेशन लोन लेने के बाद आप बिना किसी व्यवधान के अपनी कमाई में से बचत को जारी रख सकते हैं, जिससे आगे आपकी किसी भी वित्त जरूरतों की पूर्ति हो सकती है। आप चाहें तो बच्चों की शादी, घर खरीदने में अपनी बचत का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे यह होगा कि आप रिटायरमेंट के बाद अपने बच्चों पर निर्भर नहीं रहेंगे।
कवरेज: एजुकेशन लोन से न केवल आप अपनी कोर्स का फीस भर पाएंगे बल्कि, यह आपके अन्य खर्चे जैसे- हॉस्टल खर्च, परीक्षा फीस, लाइब्रेरी चार्ज, लैब फीस में भी काम आएगा। लोन का इस्तेमाल आप किताब का खर्च, यात्रा व्यय आदि में भी कर सकते हैं।
टैक्स में फायदा: आयकर अधिनियम की धारा 80 ई के तहत, एजुकेशन लोन पर भुगतान की जाने वाली पूरी राशि ब्याज आयकर कटौती के लिए मान्य है। आयकर कटौती का दावा आठ साल तक किया जा सकता है।
मोरेटोरियम पीरियड: मोरेटोरियम पीरियड लोन टाइम के समय उधारकर्ता को दी गई अवकाश अवधि की तरह है। इस अवधि में उधारकर्ता को लोन चुकाने से छूट मिलती है। एजुकेशन लोन के मामले में, उधारकर्ता को कोर्स पूरा होने की तारीख से 6 महीने से 1 वर्ष तक के लिए छूट मिलती है, इससे लोन लेने वाले को अच्छी नौकरी तलाशने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है।
क्रेडिट की जानकारी: अगर आपने एजुकेशन लोन लिया है और उसका पुनर्भुगतान समय पर करते हैं तो इससे आपकी क्रेडिट हिस्ट्री अच्छी रहेगी और आगे भी आपको लोन मिलने में कोई दिक्कत नहीं होगी।

नई दिल्ली। देश तेजी से डिजिटलाइजेशन की ओर बढ़ रहा है। लोग घर बैठे आसानी से फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन कर रहे हैं। ऐसे में ऑनलाइन फ्रॉड का खतरा भी बना रहता है। हैकर्स कई बार आपकी जानकारी हैक कर लेते हैं। इसलिए ऑनलाइन बैंकिंग करते समय सबसे ज्यादा जरूरी है कि आप सुरक्षित लेनदेन करें। कंप्यूटर और इंटरनेट का सही इस्तेमाल कर और कुछ जरूरी बातों को ध्यान में रखते हुए इससे बचा जा सकता है। हम इस खबर के जरिए बता रहे हैं कि आपको कैसे सेफ ट्रांजेक्शन करना चाहिए।
पासवर्ड: पासवर्ड हमेशा अक्षर, नंबर और शब्दों में रखें। ऐसे में आपकी नेट बैंकिंग सुरक्षित रहेगी। कोशिश करें कि स्पेशल कैरेक्टर का इस्तेमाल करें। ऐसे पासवर्ड का इस्तेमाल करें जिसे याद रखने में आपको मुश्किल न हो। जैसे कोई अक्षर लिखें फिर, एक शब्द लिखें फिर एक नंबर लिख सकते हैं।
किसी लिंक को न करें फॉलो: नेट बैंकिंग करते समय किसी भी तरह के लिंक पर क्लिक न करें। हो सकता है वो कोई ऐसा लिंक हो जिसपर क्लिक करते ही आपकी जानकारी हैकर्स तक पहुंच जाए। इसके अलावा नेट बैंकिंग के समय किसी भी पॉप पर क्लिक करने से बचें।
कैशे को क्लियर करते रहें: कोशिश करें कि जब नेट बैंकिंग का इस्तेमाल करना हो तो कैशे को क्लियर कर लें। इसके अलावा जब भी आईडी पासवर्ड को सेव करने का ऑप्शन आता हो तो नेवर पर क्लिक करें। ऐसे आप नेट बैंकिंग करते समय फ्रॉड से बचे रहेंगे।
सेफ रहें: अपने कंप्यूटर, लैपटॉप को अपडेट रखें। सभी जरूरी सिक्यूरिटी फीचर इनस्टॉल रखें। इसके अलावा पब्लिक वाई-फाई का इस्तेमाल करने से बचें। नेट बैंकिंग के समय ऑफिस के कंप्यूटर का इस्तेमाल न करें। कोशिश करें हमेशा पर्सनल कंप्यूटर का यूज किया जाए। समय समय पर अपना पासवर्ड बदलते रहें।
ऑन-स्क्रीन की बोर्ड: यह आपके खाते को सुरक्षित रखने का सबसे आसान तरीका है। ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए बैंक की ओर से यूजर-नेम व पासवर्ड की सुविधा दी जाती है। नेट बैंकिंग के वक्त की- लॉगर आपके कंप्यूटर पर कोई हार्डवेयर या एप्लिकेशन होता है। यह आपकी ओर से टाइप की गई जानकारी को हैकर्स तक पहुंचाता है। जिससे हैकर्स के लिए उपयोगकर्ता का नाम और पासवर्ड ढूंढना काफी आसान होता जाता है वहीं सॉफ्टवेयर लॉगर्स को स्पॉट करना काफी कठिन होता है। अगर सेफ्टी की बात करें तो ऑन-स्क्रीन कीबोर्ड भी अब भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता है।

नई दिल्ली। नौकरीपेशा लोगों के पास (सरकारी और प्राइवेट नौकरी) अक्सर बैंकों की ओर से क्रेडिट कार्ड लेने के ऑफर्स आते रहते हैं। कंपनियों की ओर से दिए जाने वाले आकर्षक ऑफर्स के कारण अक्सर लोग काफी सारे क्रेडिट कार्ड ले लेते हैं और उनका इस्तेमाल शुरू कर देते हैं। ऐसे में लोग इन कार्ड का इस्तेमाल तो आसानी से कर लेते हैं लेकिन बिल के भुगतान में देरी हो जाती है जिससे उनका सिबिल स्कोर या क्रेडिट स्कोर खराब हो जाता है। बैंक से लोन लेने के लिए आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा होना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं क्या है क्रेडिट स्कोर..
क्या होता है क्रेडिट स्कोर?:-क्रेडिट स्कोर से पता चलता है कि आपने पहले कितना लोन ले रखा है और उसका भुगतान समय पर किया है या नहीं। बैंक कोई भी कर्ज देने से पहले आपका क्रेडिट स्कोर या सिबिल स्कोर चेक करते हैं। आपको क्रेडिट कार्ड देने के पहले भी सिबिल स्कोर चेक किया जाता है। अगर आपने नियमित कर्ज चुकाया है तो आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा रहता है। जितना अच्छा क्रेडिट स्कोर होता है, उतनी ही आसानी से कर्ज मिलता है।क्रेडिट स्कोर को 24 महीने की क्रेडिट हिस्ट्री के हिसाब से तैयार किया जाता है। क्रेडिट स्कोर 300 से 900 अंकों के बीच होता है। अगर स्कोर 750 अंक या उसके आस पास होता है तो कर्ज मिलना आसान होता है। अगर क्रेडिट स्कोर 300 के करीब है तो इसे खराब माना जाता है जबकि 900 के करीब क्रेडिट स्कोर को बहुत अच्छा माना जाता है।

मुफ्त में भी पता करें क्रेडिट स्कोर: 500 रुपये चुकाकर सीआईबीआईएल (CIBIL) से अपना क्रेडिट रिपोर्ट खरीदा जा सकता है। लेकिन, सीआईबीआईएल से व्हाट्सएप पर मुफ्त में भी इसकी सुविधा मिल सकती है। विशाफिन नामक एक फिनटेक स्टार्ट-अप ने 'व्हाट्सएप फॉर क्रेडिट स्कोर' लॉन्च करने के लिए व्हाट्सएप के साथ समझौता किया है। इस सुविधा के जरिए अब आप व्हाट्सएप पर अपना सीआईबीआईएल स्कोर मुफ्त में प्राप्त कर सकते हैं।
ऐसे करें पता:
-8287 151 151 पर मिस्ड कॉल दें
-फिर आपका नंबर व्हाट्सएप चैट पर जोड़ा जाएगा
-अपना नाम, जन्मतिथि और सेक्स दर्ज करके प्रोसेस शुरू करें
-अपना पैन नंबर टाइप करें (आपका डिटेल सेफ रहेगा)
-अपने घर का पता टाइप करें (जो आपने बैंक में दिया है)
-अपना शहर, राज्य और पिन कोड डालें
-फिर अपनी ईमेल आईडी डालें
-अब आप अपने व्हाट्सएप चैट बॉक्स में अपने नए सीआईबीआईएल स्कोर को देख सकते हैं
इन बातों को रखें ध्यान:
-पहचान की पुष्टि करने के लिए आपसे कुछ प्रश्न पूछे जाएंगे
-आपके मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी पर एक वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) भेजा जाएगा। सत्यापन पूरा करने के लिए आपको ओटीपी दर्ज करना होगा।
-यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद आप खुद भी खुद ग्रुप चैट से हट जाएंगे, जिससे यह सुनिश्चित हो सकेगा कि आपकी ओर से दी गई जानकारी सुरक्षित है।

नई दिल्ली। अलग-अलग जगह पर सैर करना हर किसी का सपना होता है। लेकिन, घूमने के लिए काफी पैसों की जरूरत होती है। कई बार ज्यादा बजट होने की वजह से लोग घूमने का प्लान टाल देते हैं। अगर आप घूमने का प्लान बना रहे हैं तो कुछ छोटी-छोटी बातों पर ध्यान दें। इससे आपके फिजूल खर्चे में कमी आएगी। हम अपनी इस खबर में आपको पांच ऐसे तरीके बता रहे हैं जिससे आप घूमने पर लगने वाले खर्च को कम कर सकते हैं।
अपना बजट बनाना न भूलें: टूरिंग पर जाने से पहले एक बजट तैयार करें। इसमें आप यात्रा पर लगने वाले खर्च, ठहरने का स्थान, कितने टाइम के लिए जा रहे हैं ये सब शामिल करें। इससे आपको एक अंदाजा मिल जाएगा कि आपको कितने पैसों की जरुरत है। अक्सर लोग यात्रा करते समय अधिक पैसे लगा देते हैं। अगर पहले से बजट बना रहेगा तो खर्च भी उसी के अनुसार होगा।
सस्ते होटल की तलाश करें: सबसे जरूरी बात कि जब आप छुट्टियों में कहीं घूमने जाते हैं तो, आपका अधिकांश समय होटल में गुजरता है। तो ठहरने से पहले आपको इस बारे में सोचना चाहिए कि आप इसपर कितना खर्च करना चाहते हैं। वैसे, हर दिन के लिए 2,500-3,000 रुपये का कमरा आपकी सभी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए काफी है। आप चाहें तो इस खर्च में और कटौती कर सकते हैं।
ट्रेन से ट्रेवल करें: यात्रा पर आपकी कोशिश रहनी चाहिए कि आप ट्रेन से सफर करें। क्योंकि यह फ्लाइट से सस्ता होता है, खासकर अगर आप यूरोप जा रहे हैं तो वहां स्थित देशों में शहरों को हाई-स्पीड ट्रेन सेवाओं से जोड़ा गया है। ऐसे में आपके लिए ट्रेन से सफर करना सस्ता रहेगा। हालांकि फ्लाइट से आपका समय तो लम लगता है लेकिन, ट्रेन से सफर में आप अधिक पैसा बचा सकते हैं।
सस्ते ट्रांसपोर्ट को चुनें: किसी भी नई जगह घूमने जाने से पहले आप प्राइवेट टैक्सी या कैब के बजाए पब्लिक ट्रांसपोर्ट को चुन सकते हैं, क्योंकि यह सस्ता होता है। कई डेस्टिनेशन ऐसे होते हैं जहां पास लेकर आप सफर को ज्यादा सस्ता बना सकते हैं।
टिकट बुक करते समय दिखाएं होशियारी: कई बार अलग-अलग सीजन में फ्लाइट, ट्रेन और रोड ट्रांसपोर्ट में ऑफर मिलते हैं। जब भी टिकट बुक करें तो कोशिश रहे कि कौन सी कंपनी किस तरह के यात्रा पर क्या डिस्काउंट ऑफर दे रही है इसका ध्यान रखें। कई बार सिंगल वे का टिकट बुक करना आपके लिए ज्यादा बेहतर होगा बजाए कि आप राउंड ट्रिप टिकट बुक कर रहे हैं। इसलिए खर्च में कटौती के लिए डिस्काउंट ऑफर चेक करें फिर बुकिंग करें।

नई दिल्ली। विदेश में उच्च शिक्षा लेने के बारे में सोचने से पहले आपके दिमाग में सबसे पहली बात यह आती होगी कि इसके लिए फंडिंग कहां से आएगी। स्टूडेंट्स के साथ पेरेंट्स के लिए भी यह एक कठिन चुनौती होती है।हालांकि, दुनिया भर में कई यूनिवर्सिटीज ऐसी भी हैं जो आपके प्रवेश परीक्षा के रिजल्ट के आधार पर छात्रवृत्ति देती हैं, यह मास्टर और पीएचडी डिग्री के लिए होती है। कई भारतीय छात्र ऐसे हैं जिन्हें विदेश में जाकर पढ़ाई करने के लिए स्नातक स्तर पर मिलने वाली छात्रवृत्ति के बारे में जानकारी नहीं होती है। हम अपनी इस खबर में आपको बता रहे हैं कि जो भारतीय छात्र विदेश में जाकर पढ़ाई करना चाहते हैं उनके लिए कौन कौन सी छात्रवृत्ति योजना चलती हैं।
टाटा छात्रवृत्ति कॉर्नेल यूनिवर्सिटी, न्यूयॉर्क: टाटा एजुकेशन एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट की ओर से बीस स्कॉलर के लिए यह छात्रवृत्ति योजना चलाई जाती है। इसकी कुल राशि $25 मिलियन है, जिसे 20 योग्य छात्र में बांटा जाता है। इस छात्रवृत्ति के बारे में और ज्यादा जानकारी के लिए आप इसकी आधिकारिक वेबसाइट admission.cornell.edu/apply/international-students/tata पर जाकर पता लगा सकते हैं।
डॉ मनमोहन सिंह छात्रवृत्ति कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी (यूके): यह छात्रवृत्ति भारत के पूर्व प्रधान मंत्री डॉ मनमोहन सिंह के नाम पर है। इस छात्रवृत्ति का उद्देश्य भारत के छात्रों को ब्रिटेन के कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में स्नातक स्तर की पढ़ाई के लिए वित्तीय सहायता देना है। इस छात्रवृत्ति का लाभ दवा, और पशु चिकित्सा विज्ञान को छोड़कर अधिकांश पाठ्यक्रमों के लिए मिलता है। यह छात्रवृत्ति भारत के उन गरीब छात्रों के लिए है जो पढ़ने में मेधावी हैं और आर्थिक तौर पर पिछड़े हैं। इस छात्रवृत्ति के बारे में अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर www.britishcouncil.in पर जाएं।
वोलोंगोंग, ऑस्ट्रेलिया: ऑस्ट्रेलिया में वोलोंगोंग यूनिवर्सिटी चार वर्षों तक के इंटरनेशनल कोर्स के ट्यूशन फीस में 25% की कमी करता है। इस छात्रवृत्ति का लाभ लेने के लिए छात्रों की कोई लिमिट नहीं रखी गई है। जो छात्र अकादमिक मानदंडों को पूरा कर पाते हैं वो इसका लाभ ले सकते हैं। डिटेल जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट www.uow.edu.au पर जाकर पता लगा सकते हैं।
हुआवेई मैत्री छात्रवृत्ति, चीन: ऐसे भारतीय छात्र जो चीन में जाकर स्नातक स्तर की पढ़ाई करना चाहते हैं उनके लिए हुआवेई मैत्री छात्रवृत्ति योजना है। इस पहल का उद्देश्य भारत और चीन के युवाओं के बीच बेहतर समझ और दोस्ती को बढ़ावा देना है। छात्रवृत्ति के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट www.huaweischolarships.org पर विजिट कर सकते हैं।
भारत 4EU II छात्रवृत्ति, यूरोप: यह छात्रवृत्ति उन छात्रों को वित्तीय सहायता देती है जो अध्ययन, अनुसंधान, प्रशिक्षण या शिक्षा लेना चाहते हैं। इस छात्रवृत्ति योजना के तहत भारतीय यूनिवर्सिटी साझेदारी में काम कर करती हैं। साझेदारी में बीस यूनिवर्सिटी हैं, जिनमें 10 भारत से हैं और 10 यूरोप से 10 हैं। इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट www.india4eu.eu पर जाकर मालूम कर सकते हैं।

नई दिल्ली। इस रक्षाबंधन आप अपनी बहन के भविष्य को आर्थिक रुप से सुरक्षित कर खास तोहफा दे सकते हैं। आपको बता दें कि तोहफे के तौर तमाम चीजें दी जा सकती हैं, लेकिन इस त्योहार को यादगार बनाने के लिए हेल्थ इंश्योरेंस से लेकर म्युचुअल फंड जैसे कई गिफ्ट्स आप अपनी बहन को दे सकते हैं। इन तोहफों के जरिए आपकी बहन को निवेश पर अच्छा रिटर्न भी मिलता रहेगा। जानिए ऐसे ही खास गिफ्ट्स के बारे में...
हेल्थ इंश्योरेंस: इस वर्ष अपनी बहन को पर्याप्त कवर वाला हेल्थ इंश्योरेंस गिफ्ट करें। यह पॉलिसी आकस्मिकता की स्थिति में मददगार साबित होगी और यह लंबे चौड़े मेडिकल बिल से बचाएगा।
लंबी अवधि के लिए ब्लू चिप: बहन के लिए ब्लू चिप शेयर्स पूंजी बढ़ाने में काम आएगा। इसके अलावा आप उसके लिए इक्विटी एसआईपी भी शुरू कर सकते हैं। आप हर महीने उसके लिए एसआईपी में एक निश्चित राशि निवेश कर सकते हैं। छोटी अवधि में शेयर्स में निवेश करना थोड़ा जोखिम भरा हो सकता है, लेकिन लंबी अवधि में यह अच्छे रिटर्न देता है।
डायवर्सिफाइड म्युचुल फंड में एसआईपी: यदि आप शेयर्स में निवेश नहीं करना चाहते हैं तो किसी बैलेंस्ड फंड में सिस्टेमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) का चयन कर सकते हैं। इससे बहन के लिए जरूरत के समय पर्याप्त पूंजी की व्यवस्था हो जाती है। यह उसकी आगे की हायर एजुकेशन के समय भी काम आ सकती है।
बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट: बढ़ती ब्याज दरों के चलते बहन के नाम पर बैंक एक विशेष समय सीमा के लिए फिकस्ड डिपॉजिट भी करवाया जा सकता है। इसकी मदद से जरूरत के समय पर उसके पास पर्याप्त पूंजी होगी साथ ही समय के साथ-साथ एक अच्छा रिटर्न भी मिलेगा। इसके अलावा शॉर्ट टर्म डेट फंड भी अच्छा ऑप्शन हो सकते हैं।
गिफ्ट कार्ड: आजकल अधिकांश बैंक प्रीपेड गिफ्ट कार्ड इश्यू करते हैं। यह आमतौर पर वीजा या मास्टर कार्ड से एफिलिएटेड होते हैं। इनका इस्तेमाल किसी भी शॉप या आउटलेट पर किया जा सकता है। कार्ड कैश की तुलना में ज्यादा पर्सनल होता है। इससे वह अपनी पसंद का गिफ्ट भी खरीद सकती है। साथ ही कई कार्ड्स में एटीएम पिन भी होता है, जिसके कि वह कैश भी निकाल सकती है।

नई दिल्ली। मास्टर कार्ड और वीजा कार्ड के एकाधिकार को समाप्त करने के लिए वर्ष 2012 में भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने रुपे कार्ड (RuPay) लॉन्च किया था। यह कार्ड भी वीजा और मास्टर कार्ड की तरह ही काम करता है। रुपे कार्ड, क्रेडिट/डेबिट कार्ड का भारतीय संस्करण है। रुपे कार्ड के फायदे?-इस कार्ड के जरि‍ये लेनदेन जल्दी हो जाता है और लागत कम आती है। आपके लेने-देन की…
नई दिल्ली। वर्ष 2035 तक 5जी सेवा का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर करीब 1 लाख करोड़ डॉलर के बराबर होगा। देश में इस सेवा के वर्ष 2020 तक लॉन्च होने की उम्मीद की जा रही है। भारत में 5जी की सफलता के लिए बनाई गई 5 एक स्टीयरिंग कमेटी ने सुझाव दिया है कि कम कीमत के साथ स्पेक्ट्रम की मात्रा को बढ़ाया जाए।स्टेनफोर्ड यूनीवर्सिटी के प्रोफेसर एजे पॉलराज के…
नई दिल्ली। भारत में पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों से हाहाकार मचा है। इस बीच, सूचना के अधिकार के तहत हैरान करने वाली जानकारी सामने आई है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबित, आरटीआई से पता चला है कि भारत 15 देशों को 34 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से पेट्रोल और 29 देशों को 37 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से डीजल निर्यात कर रहा है। इसी पेट्रोल…
नई दिल्ली। टाटा स्टील के कर्मचारियों को इस साल दो लाख रुपये तक बोनस मिलेगा। समझौते के अनुसार कर्मचारियों को बोनस के तौर पर न्यूनतम 26,130 रुपये व अधिकतम 1,99,723 रुपये मिलेंगे। इसी तरह टाटा मोटर्स में भी बोनस को लेकर एक सप्ताह के अंदर समझौता होने के आसार हैं।समझौते के तहत कर्मचारियों को इसबार 12.543 फीसद बोनस मिलेंगे। पिछले साल तय हुए फॉर्मूले के तहत बोनस के मद में…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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