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नई दिल्ली। यदि आपका राशन कार्ड अभी तक आधार कार्ड से लिंक नहीं है, तो आपको अपने खाद्यान्न कोटा का लाभ मिलता रहेगा, लेकिन इसकी सुविधा बस इस महीने के अंत तक मिलेगी। दरअसल, खाद्यान्न लेने के लिए आप सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत पात्र हैं, इसके लिए आपको अपने आधार कार्ड को राशन कार्ड से जोड़ना आवश्यक है। सरकार ने राशन कार्ड के साथ आधार को जोड़ने की सीमा इस सितंबर के अंत तक बढ़ा दी थी। केंद्रीय उपभोक्ता मामले खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (केंद्र शासित प्रदेशों) को स्पष्ट निर्देश जारी किए थे कि किसी भी वास्तविक लाभार्थी या घर को खाद्यान्न के कोटे के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। मालूम हो कि आधार, राशन कार्ड को ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन भी लिंक किया जा सकता है। 

अपने राशन कार्ड को आधार कार्ड से ऑनलाइन कैसे लिंक करें?

  • आधिकारिक आधार लिंकिंग वेबसाइट पर जाएं।
  • 'स्टार्ट नाउ' पर क्लिक करें।
  • आगे बढ़ें और अपना पता डिटेल दर्ज करें।
  • दिए गए विकल्पों में से राशन कार्ड के रूप में लाभ प्रकार चुनें।
  • अब आपको स्कीम का नाम चुनना है।
  • राशन कार्ड नंबर, अपना आधार नंबर, ई-मेल एड्रेस और मोबाइल नंबर डालें।
  • OTP आपके मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा।
  • ओटीपी डालने के बाद आपको एक सूचना मिलेगी जो आपकी आवेदन प्रक्रिया के पूरा होने की सूचना देगा।
  • इसके बाद आपके आवेदन का सत्यापन हो जाएगा और सफल सत्यापन के बाद आपका आधार कार्ड राशन कार्ड से जुड़ जाएगा।

अपने राशन कार्ड को ऑफलाइन आधार कार्ड से कैसे लिंक करें?

नई दिल्ली। सरकारी स्वामित्व वाली रक्षा क्षेत्र की कंपनी Mazagon Dock Shipbuilders का इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) 29 सितंबर, 2020 यानी मंगलवार को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। कंपनी ने इस आइपीओ के लिए 135-145 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। कंपनी ने गुरुवार को वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए यह जानकारी दी। Mazagon Dock Shipbuilders के आइपीओ को एक अक्टूबर तक सब्सक्राइब किया जा सकता है। कंपनी ऑफर फॉर सेल के जरिए 3,05,99,017 शेयरों के लिए यह इनिशियल पब्लिक ऑफर लेकर आई है। ऊपरी प्राइस बैंड को देखा जाए तो कंपनी इस IPO के जरिए 444 करोड़ रुपये जुटाएगी। वहीं, निचले प्राइस बैंड के जरिए कंपनी 413 करोड़ रुपये जुटाएगी। कंपनी के शेयरों को BSE और NSE पर लिस्ट किया जाएगा।यस सिक्योरिटीज, एक्सिस कैपिटल, Edelweiss Financial, आइडीएफसी सिक्योरिटीज और जेएम फाइनेंशियल इस ऑफर के मैनेजर हैं। कंपनी के आइपीओ दस्तावेज के मुताबिक Mazagon Dock Shipbuilders भारतीय नौसेना द्वारा इस्तेमाल में लाए जाने वाले युद्धक पोतों और पनडुब्बियों के निर्माण और मरम्मत का काम करती है। कंपनी अन्य वाणिज्यिक क्लाइंट्स के लिए पोत बनाती है।स साल एसबीआइ कार्ड, रोसारी बॉयोटेक, माइंडस्पेस बिजनेस पार्क आरईआईटी, Happiest Minds Technologies और Route Mobile के शेयर पहले की लिस्ट हो चुके हैं। वहीं, कंप्यूटर एज मैनेजमेंट सर्विसेज और केमकॉन स्पेशियालिटी केमिकल्स का पब्लिक इश्यू 23 सितंबर को बंद हुआ। एंजल ब्रोकिंग का आइपीओ गुरुवार को बंद होगा। वहीं, Likhitha Infrastructure एवं UTI AMC के आइपीओ 29 सितंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेंगे।

नई दिल्ली। गूगल और उसकी पैरेंट कंपनी अल्फाबेट के सीइओ सुंदर पिचाई को टाइम पत्रिका ने 2020 के दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों में शामिल किया है। जेपी मोर्गन चेज के सीइओ जैमी डाइमन ने पिचाई की जमकर तारीफ की है। टाइम पत्रिका में डाइमन ने कहा है कि युवावस्था में भारत से अमेरिका आए पिचाई ने एक लाख करोड़ डॉलर की कंपनी के सीइओ बनने तक का शानदार सफर तय किया है। उन्होंने पिचाई को बहुत बड़ा प्रेरणास्रोत करार दिया।डाइमन ने लिखा है कि पिचाई अपनी नैसर्गिक क्षमता और कार्य सिद्धांतों की बदौलत गूगल में आगे बढ़े। उन्होंने ड्राइव, जीमेल और मैप्स जैसे बेहद सफल प्रोडक्ट्स की अगुवाई की और आधिकारिक तौर पर पिछले साल दिसंबर में पूरी कंपनी की कमान संभाली।डाइमन ने कहा है कि सुंदर पिचाई इस समय के सबसे चुनौतीपूर्व और महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कार्यकारियों में से एक हैं। वह नवाचार के साथ निजता, रेगुलेशन और प्रतिस्पर्धा जैसी चीजों को देख रहे हैं। डाइमन ने पिचाई के विश्लेषणात्मक, विनम्र और समावेशी नेतृत्व की सराहना की है।  

पिचाई को जानिए;-ब्रिटानिका के मुताबिक सुंदर पिचाई का जन्म सन 1972 में तमिलनाडु में हुआ था। उनके पिता ब्रिटेन की एक मल्टीनेशनल कंपनी जीईसी में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे। पिचाई बचपन से ही पढ़ाई-लिखाई में काफी तेज थे और काफी कम उम्र से ही उन्हें तकनीक में काफी अधिक दिलचस्पी थी। उन्होंने आइआइटी खड़गपुर से बीटेक किया। इसके बाद उन्हें स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने के लिए स्कॉलरशिप हासिल हुआ। इसके बाद कुछ समय तक Applied Materials में काम करने के बाद पिचाई ने 2002 में यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिलवानिया से एमबीए किया। McKinsey & Co में कुछ समय तक काम करने के बाद पिचाई 2004 में गूगल से जुड़े। अपने शुरुआती दिनों में पिचाई ने गूगल टूलबार पर काम किया। इसके बाद उन्होंने गूगल के अपने वेब ब्राउजर क्रोम के डेवलपमेंट में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पिचाई को 2015 में गूगल का सीइओ नियुक्त किया गया। दिसंबर, 2019 में पिचाई को गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट की कमान मिल गई। 

नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी और इसके संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लागू किये गए लॉकडाउन के चलते काफी लोग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। औद्योगिक गतिविधियां बाधित रहने के चलते कई कर्मचारियों को घटा हुआ वेतन दिया गया, तो कई अपनी नौकरी से हाथ भी धो बैठे। अपनी नौकरी गवां चुके ऐसे लोगों की इस मुश्किल समय में सरकार की एक योजना मदद कर सकती है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम द्वारा एक योजना लॉन्च की गई है, जिसका नाम है, अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना (ABVKY)।अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना के अंदर नामांकित व्यक्ति की नौकरी अगर कोरोना संकट के चलते गई है, तो उसे बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। ऐसे लोगों को तीन महीने तक उनकी सैलरी की 50 फीसद राशि प्रदान की जाएगी। यह मदद उन लोगों को मिलेगी जिनकी नौकरी इस साल 24 मार्च से 31 दिसंबर के बीच चली गई होगी।गौरतलब है कि कर्मचारी राज्य बीमा निगम बोर्ड ने हाल ही में इस योजना के तहत बेरोजगारी भत्ते को बढ़ाया है। पहले यह सैलरी का 25 फीसद ही था, जिसे 50 फीसद कर दिया गया है। इससे औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले करीब 40 लाख कर्मचारियों को फायदा होगा।  साथ ही बोर्ड ने योजना के पात्रता मानदंडों में भी राहत दी है।हाल ही में ESIC ने इस योजना को एक और साल यानी 30 जून, 2021 तक के लिए आगे बढ़ाने का भी निर्णय लिया था। साथ ही ESIC बोर्ड ने एक और बड़ी राहत योजना के लाभार्थियों को दी है। पहले नौकरी जाने के 90 दिन बाद राहत राशि का भुगतान किया जा सकता था, अब इस समयसीमा को घटाकर 30 दिन कर दिया गया।

इस तरह करें क्लेम:-ESIC के अनुसार, अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना के अंदर नामांकित व्यक्ति सीधे संगठन के ब्रांच ऑफिस में अपना क्लेम डाल सकते हैं। नई शर्तों के अनुसार, क्लेम को पुराने नियोक्ता को भेजने की बजाय राहत राशि का भुगतान सीधे इंश्योर्ड व्यक्ति के बैंक खाते में किया जाएगा, जिससे लाभार्थी को तुरंत राहत मिल सकेगी।

नई दिल्ली देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने कोविड-19 से प्रभावित रिटेल बॉरोअर्स को राहत देने के लिए एक लोन रिस्ट्रक्चरिंग पॉलिसी पेश की है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देश के मुताबिक बैंक ने यह कदम उठाया है। बैंक की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि रिस्ट्रक्चरिंग पॉलिसी के सुचारू एवं परेशानी रहित क्रियान्वयन के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल लांच किया गया है।अगर आप भी स्टेट बैंक की इस सुविधा का लाभ उठाना चाहते हैं तो इसके लिए सबसे पहले आपको एलिजिबिलिटी चेक करनी होगी। आप अपनी सुविधा के मुताबिक घर बैठे इस पोर्टल के जरिए लोन रिस्ट्रक्चरिंग के लिए एलिजिबिलिटी चेक कर सकते हैं। SBI के रिटेल ग्राहक को इस पोर्टल पर लॉग इन करने के बाद अकाउंट नंबर डालने की जरूरत होगी। ओटीपी वैलिडेशन पूरा करने और कुछ जरूरी जानकारी डालने के बाद ग्राहक को अपनी एलिजिबिलिटी की जानकारी मिल जाएगी और रेफरेंस नंबर प्राप्त होगा। यह रेफरेंस नंबर 30 दिन के लिए वैध होगा और इस अवधि के दौरान ग्राहकों को जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए शाखा जाना होगा। दस्तावेजों के सत्यापन और शाखा में सामान्य दस्तावेजों के एक्जीक्यूशन के जरिए रिस्ट्रक्चरिंग की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।SBI के मैनेजिंग डायरेक्टर (रिटेल एंड डिजिटल बैंकिंग) सी एस शेट्टी ने उम्मीद जतायी है कि यह पोर्टल ग्राहकों के लिए काफी मददगार साबित होगी। वे ब्रांच जाने से पहले इस पोर्टल के जरिए अपनी एलिजिबिलिटी का पता लगा सकेंगे।स्टेट बैंक ऑफ इंडिया एसेट्स, जमा, शाखा, ग्राहक और कर्मचारियों के लिहाज से देश का सबसे बड़ा वाणिज्यिक बैंक है। 31 मार्च, 2020 को बैंक का डिपोजिट बेस 32 लाख करोड़ रुपये से अधिक का था। 

नई दिल्‍ली। यदि कोई एक ऐसा निवेश है जो सबसे उपयोगी साबित हुआ है, तो वह आवासीय घर में निवेश है, यह दीर्घकालिक रिटर्न की गारंटी देता है और निवेशक के लाइफ-टाइम के लिए आवास की आवश्यकता को सुरक्षित करता है। भारत में बढ़ती आबादी, जनसांख्यिकी और न्यूक्लियर फैमिली की अवधारणा के साथ, घर होना अधिक आवश्यक हो गया है जहां आप और आपके परिवार को सुरक्षा मिले। इससे अधिक से अधिक लोग घर खरीदना बनाम किराए पर लेने के विचार को आज़मा रहे हैं।आज, जैसा कि अर्थव्यवस्था नए सामान्य (न्‍यू नॉर्मल) के अनुरूप होते हुए लग रही है - घर खरीदारों के पास घर खरीदने के कई कारण हैं। महाराष्ट्र सरकार ने घर को पंजीकृत करने के लिए लागू स्टांप ड्यूटी को घटाकर सिर्फ 2% तक कर दिया है (यह दर 1 सितंबर से 31 दिसंबर, 2020 तक लागू है)। केंद्र सरकार ने अपनी ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत सीएलएसएस को एक साल के लिए बढ़ा दिया है और आरबीआई ने रेपो रेट को घटाकर दो दशक के निचले स्तर पर कर दिया है जिससे कॉमर्शियल बैंक 7% पर होम लोन की पेशकश कर रहे हैं। रुपये के अवमूल्यन ने एनआरआई से मुद्रा लाभ का फायदा लेने और भारत में आवासीय रियल एस्टेट में निवेश करने के लिए बहुत रुचि आकर्षित की है। एनआरआई ने हमेशा अपने गृह देश में आवासीय संपत्ति खरीदने के लिए रुचि दिखाई हैमौजूदा समय में लोग अपनी संचित पूंजी के साथ एक सुरक्षित जगह खरीदने के लिए जल्दबाज़ी कर रहे है। यह निर्विवाद रूप से निवेश के लिए एक उच्च माना जाने वाला विकल्प है, जिसे कई इसे 'स्थिर' आय का एक स्रोत के रूप में देख सकते हैं। रियल एस्टेट में निवेश हमेशा एक सुरक्षित निवेश रहा है क्योंकि इसकी लंबी अवधि है, इसमें अल्पकालिक अस्थिरता शामिल नहीं है, और यदि संपत्ति को बैंक ऋण के माध्यम से फाइनेंस किया जाता है, तो इसमें आयकर का लाभ भी मिलता है।दूसरी ओर, निवेश के दृष्टिकोण से कॉमर्शियल या वाणिज्यिक रियल एस्टेट उनके उच्च लागत वाले सूचकांक के कारण उच्च रिटर्न दे रही थी, लेकिन महामारी के बाद वाणिज्यिक रियल एस्टेट के दोनों उप-खंड, यानी मॉल और ऑफिस स्पेस लॉकडाउन और वर्क फ्रॉम होम ट्रेंड रफ़्तार पकड़ने के कारण प्रतिकूल रूप से प्रभावित हुए हैं।चूंकि मॉल्स को सोशल डिस्टेंसिंग के कारण सिमित भीड़ के साथ खोलने की अनुमति दी गई है, व्यवसाय और ब्रांड्स फिर से अपने किराए पर बातचीत कर रहे हैं, जिससे निवेशकों को कम किराया प्राप्त हो सकता है। इसके अलावा, ई-कॉमर्स अन्य सुरक्षा विकल्पों को उजागर करने के साथ 'ज़ीरो-कॉन्टेक्ट डिलीवरी' से सुर्खियों बटोर रहा है, जिससे वाणिज्यिक स्थानों के लिए आवश्यकता/इच्छा कम हो रही है। वाणिज्यिक रियल एस्टेट को ठीक होने में कुछ समय लग सकता है और तदनुसार रेट ऑफ़ रिटर्न प्रभावित हो सकती है क्योंकि इस वक्त लगभग 6 मिलियन वर्ग फुट कार्यालय स्थान खाली पड़ा हुआ है। कंपनियां कम खर्च करने का विचार कर सकती है और फ्लेक्सी-वर्किंग, को-वर्किंग स्पेस का विकल्प चुन सकती हैं, जो नियमित कार्यालय स्थान आवश्यकता को प्रभावित कर सकती हैं।लंबी अवधि में वर्क फ्रॉम होम कार्यालयों की जगह नहीं ले सकते - यह महामारी के चलने तक क्षणिक घटना हो सकती है। चूंकि सरकार जीवन के साथ-साथ आजीविका को समान महत्त्व देते हुए चरणबद्ध तरीके से नियमित व्यवसाय के लिए अर्थव्यवस्था को अनलॉक कर रही है, सोशल डिस्टेंसिंग मानदंडों को सुनिश्चित करने के लिए अधिक कार्यालय स्थान की आवश्यकता हो सकती है। आत्मनिर्भर बनने के लिए सरकार की ओर से 'आत्मनिर्भर भारत' और 'वोकल फॉर लोकल' के लिए प्रोत्साहन उम्मीद की किरण होगा, जिससे भारत में कार्यालय स्थापित करने वाली कंपनियों से कार्यालय स्थान की मांग बढ़ने की उम्मीद है।इन्फ्रा और हाउसिंग के विकास पर सरकार का ध्यान, कई उपायों की घोषणा निश्चित रूप से भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र को मदद करने वाली है और बदले में, रियल एस्टेट क्षेत्र के गुणक प्रभाव के कारण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगी। अब आपको यह निर्णय लेने में निश्चित तौर पर मदद मिलेगी आपको रेजीडेंशियल प्रॉपर्टी में निवेश करना चाहिए या कॉमर्शियल प्रॉपर्टी में।

नई दिल्ली। इनकम टैक्स रिटर्न भरने के बाद अगर आपको लगता है कि आपसे ITR भरने में कोई चूक हो गई है या कोई जरूरी चीज भरना रह गया है, तो अब परेशान होने की जरूरत नहीं है। आप आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल से एक निश्चित समयावधि के भीतर अपने आइटीआर में सुधार करवा सकते हैं। हालांकि, अगर आपने मैनुअली आइटीआर भरा है तो उसमें किसी भी इलेक्ट्रॉनिक या…
नई दिल्ली। आज के समय में आधार कार्ड की जरूरत किसे नहीं पड़ती है। आपको बैंक में खाता खुलवाना हो, नया सिम कार्ड लेना हो या इनकम टैक्स रिटर्न भरना हो, आधार कार्ड के रहने से आपको काफी अधिक सहूलियत हो जाती है। यही वजह है कि अगर आप किसी व्यक्ति को अपने घर में किरायेदार रखने जा रहे हैं या दुकान किराये पर देने की सोच रहे हैं तो…
नई दिल्ली। सरकार ने घरेलू खिलौना उद्योग को गुणवत्ता मानकों को लागू करने के लिए और चार माह की मोहलत दी है। इसका मतलब है कि कोरोना वायरस महामारी से जुड़ी परिस्थितियों के बीच घरेलू खिलौना उद्योग को अब इन मानकों को अमल में लाने के लिए अगले साल जनवरी तक का समय मिल गया है। सरकार की ओर से बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी…
नई दिल्ली। ICICI Home Finance ने दिल्ली में असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले कुशल श्रमिकों के लिए नई लोन स्कीम 'अपना घर ड्रीम्ज' की शुरुआत की है। कंपनी इस स्कीम के तहत दो लाख रुपये से लेकर 50 लाख रुपये तक का लोन देगी। यह स्कीम कारपेंटर, पलम्बर, इलेक्ट्रिशियन, टेलर, पेंटर, वेल्टर, ऑटो मैकेनिक, मैन्युफैक्चरिंग मशीन ऑपरेटर, कंप्यूटर मैकेनिक्स, आरओ रिपेयर टेक्नीशियन, छोटे एवं मझोले उद्योग के मालिकों और…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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