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नई दिल्ली। मुकेश अंबानी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी को 2.71 फीसद बढ़ा दिया है। इसके बाद प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 48.87 फीसद हो गई है। कंपनी द्वारा रेगुलेटरी फाइलिंग से यह बात पता चली है। 13 सितंबर की स्थित से पता चलता है कि प्रमोटर ग्रुप फर्म पेट्रोलियम ट्रस्ट के नियंत्रण वाली रिलायंस सर्विसेज एंड होल्डिंग्स लिमिटेड ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के 17.18 करोड़ शेयर या 2.71 फीसद हिस्सेदारी खरीदी हैं।रिलायंस इंडस्‍ट्रीज देश की दूसरी सबसे मूल्‍यवान कंपनी है। 30 जून, 2019 की स्थिति के अनुसार, अंबानी और उनकी निजी कंपनियों की रिलायंस इंडस्ट्रीज में कुल हिस्सेदारी 47.29 फीसद थी।30 जून, 2019 की स्थिति के अनुसार, रिलायंस इंडस्‍ट्रीज में एफआईआई की हिस्‍सेदारी 24.4 फीसद है। वहीं म्युचुअल फंड्स की हिस्सेदारी 4.56 फीसद और इंश्योरेंस कंपनीज की हिस्सेदारी 7.1 फीसद है। बाकी के बचे शेयर पब्लिक हैं।नियामकी दस्‍तावेज में बिना विवरण दिए कहा गया है कि यह अधिग्रहण रिलायंस की प्रत्‍यक्ष रूप से शामिल न होने वाली व्‍यवस्‍था की योजना के तहत किया गया है।इससे पहले जुलाई महीने में रिलायंस ने विलय योजना की घोषणा की थी। इसमें रिलायंस ने रिलायंस होल्डिंग यूएसए को रिलायंस एनर्जी जनरेशन एंड डिस्‍ट्रीब्‍यूशन में विलय करके और बाद में इसे मूल कंपनी में विलय करने की एक समग्र योजना की घोषणा की थी।

 

 

नई दिल्ली। केंद्रीय कैबिनेट ने ई-सिगरेट पर बैन से जुड़े अध्यादेश को बुधवार को अपनी मंजूरी दे दी। इसके साथ ही देश में ई-सिगरेट के प्रोडक्शन, मैन्यफैक्चरिंग, इम्पोर्ट/एक्सपोर्ट, ट्रांसपोर्ट, सेल, डिस्ट्रीब्यूसन, स्टोरेज और एडवरटाइजिंग पर प्रतिबंध लग गया है। ई-हुक्का को प्रतिबंधित कर दिया गया है।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ई-सिगरेट लोगों और खासकर युवाओं के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। इसलिए केंद्रीय कैबिनेट ने ई-सिगरेट और संबंधित उत्पादों को बैन करने का फैसला किया है। सीतारमण इस मुद्दे पर ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की अगुवाई कर रही थीं।ई-सिगरेट पीना और बेचना दोनों ही संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आ गया है। पहली बार यह अपराध करने पर एक साल की जेल की सजा या एक लाख रुपये का जुर्माना या दोनों हो सकता है। आदतन अपराध करने पर तीन साल की जेल या पांच लाख रुपये का जुर्माना या दोनों हो सकता है।सीतारमण ने कहा कि सिगरेट की लत को छुड़ाने के लिए पहले ई-सिगरेट को प्रोत्साहित किया गया था। लेकिन अब देश को युवाओं को ई-सिगरेट से जुड़े खतरों से बचाने के लिए यह फैसला किया गया है।बात दें कि यह 150 से ज्यादा फ्लेवर्स में मिलती है, ऐसे दिखाया जाता है जैसे इसके माध्यम से सिगरेट छोड़ने में आसानी होती है जबकि अध्ययन से खुलासा हुआ है कि इसके माध्यम से सिगरेट की आदत को बढ़ावा मिलता है।
e-cigarette क्‍या है:-यह ऐसी डिवाइस है जो बैटरी से चलती है, इसमें लिक्विड भरा रहता है। इसे निकोटीन और दूसरे हानिकारक केमिकल्‍स के घोल से तैयार किया जाता है। इसके कश को खींचने पर हीटिंग डिवाइस इसे गर्म करके भाप में बदल देती है।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में देश के रेलवे कर्मचारियों को बड़ा तोहफा देने का फैसला दिया गया है। इसके तहत इस साल भी रेल कर्मचारियों को 78 दिन का वेतन बोनस के रूप में मिलेगा। इससे 11 लाख कर्मचारियों एवं उनके परिवार लाभान्वित होंगे। इस पर 2,024 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इस बात की जानकारी दी। इसके अलावा कैबिनेट ने पूरे देश में ई-सिगरेट पर बैन का निर्णय किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बात की जानकारी दी।मोदी सरकार ने त्योहारी सीजन से पहले कर्मचारियों को बोनस देने का यह अहम फैसला किया है। इससे बाजार में डिमांड बढ़ने की संभावना है। हालांकि, इसका लाभ सिर्फ नॉन गैजेटेड कर्मचारियों को मिलेगा। पिछले वर्ष प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस के रूप में अधिकतम 17,951 रुपया की राशि मिली थी।रेलवे में प्रोडक्टिविटी को लेकर बोनस देने की शुरुआत 1979 में की गयी थी। पहले कर्मचारियों को 72 दिन के वेतन के बराबर बोनस मिलता था।

नई दिल्ली। इंडिया पोस्ट ने बुधवार को एशिया, यूरोप और दक्षिण अमेरिका के छह नए देशों के लिए स्पीड पोस्ट सेवा शुरू करने की घोषणा की। विभाग ने एक बयान में कहा, 'हमने अंतरराष्ट्रीय स्पीड पोस्ट में बोस्निया और हर्जेगोविना, ब्राजील, इक्वाडोर, कजाखस्तान, लिथुआनिया और उत्तरी मेसोडोनिया के लिए (ईएमएस) सेवा प्रारंभ करने की घोषणा की है।' ईएमएस यानी एक्सप्रेस मेल सर्विस प्रीमियम सेवा है। इसमें लोग अपने दस्तावेज अधिक तेजी से डेस्टिनेशन तक भेज सकते हैं।उपभोक्ता इंटरनेट पर भेजे गए सामान की जानकारी भी ले सकते हैं। डाक विभाग ने बयान में कहा कि इस सुविधा से इन देशों में रहने वालों लोगों के साथ संपर्क में मजबूती आएगी और व्यापार में वृद्धि होगी क्योंकि ईएमएस छोटे तथा मझोले उद्यमों के लिए लोकप्रिय माध्यम है। इन देशों के लिए ईएमएस सेवा देश के प्रमुख डाकघरों में उपलब्ध होगी। भारतीय डाक की वेबसाइट के अनुसार अभी 100 देशों के लिए स्पीड पोस्ट सेवा उपलब्ध है।

नई दिल्ली। अमेरिका, भारत को रियायती शर्तों पर अपने भंडार से तेल और गैस की आपूर्ति की पेशकश कर सकता है। सऊदी अरामको के ऑयल फैसेलिटी पर ड्रोन हमले के बाद दुनियाभर में तेल की आपूर्ति में कमी को देखते हुए भारत के रिजर्व में किसी तरह की कमी ना हो, इसको लेकर अमेरिका की तरफ से ऐसा ऑफर दिया जा सकता है। सूत्रों ने बताया कि भारत के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल की अमेरिका यात्रा के दौरान आपूर्ति से जुड़े विवरण पर विस्तार चर्चा की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में यह प्रतिनिधिमंडल अमेरिका जाएगा। इस यात्रा की शुरुआत 21 सितंबर से हो रही है। इस दौरान वह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मुलाकात करेंगे। प्रतिनिधिमंडल में बड़ी संख्या में भारतीय उद्योगपति भी शामिल होंगे। इसमें पब्लिक एवं प्राइवेट सेक्टर की तेल कंपनियों के प्रमुख भी शामिल हैं।राजनयिक सूत्र ने बताया कि भारतीय तेल कंपनियां घरेलू डिमांड को पूरा करने के लिए तेल आयात में बढ़ोत्तरी को लेकर अपने अमेरिकी समकक्षों के साथ एमओयू कर सकते हैं।एक सूत्र ने कहा कि सऊदी अरब भारत की तेल संबंधी जरूरतों के 20 फीसद की आपूर्ति करता है। उसने कहा कि आपूर्ति में किसी तरह की दिक्कत आने पर अमेरिका विश्वस्त सहयोगी की भूमिका निभा सकता है। भारत ने रूस से भी तेल आपूर्ति बढ़ाने का आग्रह किया है। रोजनेफ्ट पीजेएससी ने भारत को सहयोग करने पर सहमति जताई है। रोजनेफ्ट के चेयरमैन आईगर सेचिन ने पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ मंगलवार को बैठक के दौरान इस बात को लेकर सहमति जताई।सूत्र ने बताया कि अमेरिका, भारत को तेल की आपूर्ति के लिए वो रियायतें दे सकता है, जो ईरान से भारत को मिलता खा। ईरान सस्ती ढुलाई और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, मेंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स और नयारा एनर्जी जैसे प्रमुख आयातकों को 60 दिन का क्रेडिट जैसी सुविधाएं देता था।राजनयिक सूत्र ने कहा कि ऑफर को लेकर बात चल रही है और डेलिगेशन लेवल बैठक के दौरान इस पर आगे का काम होगा।

नई दिल्ली। आज के समय में हर किसी के पास एक से अधिक बैंक अकाउंट होना सामान्य बात है। वेतनभोगी लोग जब भी जॉब बदलते हैं या किसी दूसरे शहर में शिफ्ट होते हैं, तो उन्हें अपना बैंक अकाउंट बदलना पड़ ही जाता है। सामान्यतया कुछ बैंक ग्राहकों के जीरो बैलेंस सैलरी अकाउंट में कुछ महीनों तक सैलरी क्रेडिट नहीं होने पर उसे बचत खाते में बदल देते हैं। अब ऐसे में नॉन-सैलरी सेविंग अकाउंट में न्यूनतम बैंलेंस रखना होता है, जो हर बार संभव नहीं हो पाता।न्यूनतम बैलेंस नहीं होने पर लगने वाले शु्ल्क से बचने के लिए काम नहीं आ रहे अकाउंट को बंद कराना ही समाधान है। अब हम आपको बताने वाले हैं कि जब आप अपना बैंक अकाउंट बंद करने जाएं, तो इन बातों का ध्यान जरूर रखें।
1. सभी ऑटोमेटिक डेबिट्स को बंद करें: अपना बैंक अकाउंट बंद करवाते समय आपको अपने अकाउंट से लिंक सभी डेबिट्स को डीलिंक करवा लेना चाहिए। साथ ही अगर आपका यह बैंक अकाउंट मंथली लोन इएमआई के लिए लिंक है, तो आपको अपने कर्जदाता को नया वैकल्पिक बैंक अकाउंट नंबर उपलब्ध करवाना चाहिए।
2. नई अकाउंट डिटेल्स अपडेट करें: अगर आप अपना पुराना सैलरी अकाउंट बंद कर रहे हैं, तो एंप्लॉयर को नए अकाउंट डिटेल्स की अपेडट दे दें। जिस अकाउंट को आप बंद करने जा रहे हैं, अगर उसमें रिटायरमेंट के बाद आपकी पेंशन आ रही है, तो आपको अपने सरकारी एंप्लॉयर को अकाउंट डिटेल्स बदलने की जानकारी देनी होगी।
3. करनी होगी ब्रांच विजिट: बैंक अकाउंट को स्थाई रूप से बंद कराने के लिए खाताधारक को व्यक्तिगत रूप से ब्रांच विजिट करना होता है। ब्रांच में जाकर आपको अकाउंट क्लोजर फॉर्म भरना होता है। इस फॉर्म के साथ ही आपको डी-लिंकिंग फॉर्म भी सबमिट करना होता है। साथ में उपयोग में नहीं आई चेक बुक, क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड भी बैंक में जमा कराना होती है।
4. अकाउंट बंद कराने का शुल्क: अगर आप बचत खाता खुलवाने के 14 दिन के अंदर ही उसे बंद कराते हैं तो कोई भी शुल्क नहीं लगता है। अगर आप अकाउंट ओपन होने के 14 दिनों से लेकर एक साल के बीच में अकाउंट बंद करवाते हैं, तो इसके लिए बैंक कुछ शुल्क लेते हैं। इसके लिए अलग-अलग बैंकों का शुल्क अलग-अलग हो सकता है। देश का सबसे बड़ा बैंक इस अवधि में अकाउंट बंद करवाने पर 500 रुपये शुल्क लेता है। वहीं अगर आप अकाउंट ओपन होने के एक साल बाद उसे बंद करवाते हैं, तो कोई शुल्क लागू नहीं होता है।

नई दिल्ली। दुनिया की सबसे बड़ी ऑयल कंपनियों में गिनी जाने वाली अरामको के क्रूड ऑयल फैसिलिटी सेंटर्स पर ड्रोन हमले के बाद वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी आ गई है। इस ड्रोन हमले के बाद वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति को लेकर संकट खड़ा हो गया है। इस हमले के बाद तेल की वैश्विक आपूर्ति में प्रतिदिन 57 लाख बैरल की कमी आई है। यह…
नई दिल्ली। दुनिया की सबसे बड़ी ऑयल कंपनियों में शुमार सऊदी अरामको के क्रूड ऑयल फैसिलिटी सेंटर्स पर ड्रोन हमले के बाद वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी दर्ज गई है। इसका सीधा इम्पैक्ट भारत में देखने को मिला है और इसकी शुरुआत स्थानीय मुद्रा में गिरावट से हुई है। तेल की कीमतों में भारी बढ़ोत्तरी से सोमवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया…
नई दिल्‍ली। ताजा अधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में जीडीपी वृद्धि दर पांच प्रतिशत रह गई है। विकास दर का यह स्तर छह साल में न्यूनतम है। ज्ञात हो कि जीडीपी विकास दर पिछले वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में 5.8 फीसद थी। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में विनिर्माण की वृद्धि दर मात्र 0.6 प्रतिशत है, जबकि पिछले साल समान तिमाही में…
नई दिल्ली। आज के समय में घर, गाड़ी या जरूरत के अन्य सामानों के लिए लोन लेना आम बात हो गयी है। लेकिन कई बार लाइफ में ऐसी अनएक्सपेक्टेड चीजें हो जाती हैं जब आप लोन के ईएमआई का पेमेंट समय पर नहीं कर पाते हैं। ऐसे में आपको काफी सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि रिजर्व बैंक ने ईएमआई पेमेंट में चूक करने वालों के खिलाफ ज्यादा सख्ती दिखाने…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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