कारोबार

कारोबार (1100)

शंघाई/ बीजिंग। चीन के सबसे बड़े कार डीलर्स में से एक की निदेशक ब्रिगिटा इस समय बड़ी उलझन में हैं। उनके पास अपनी कंपनी को बचाने के लिए बहुत विकल्प नहीं बचे हैं क्योंकि कंपनी के 100 आउटलेट कोरोनावायरस की वजह से पिछले एक माह से बंद हैं। कंपनी के पास कैश खत्म हो रहा है और बैंक आसानी से कर्ज नहीं दे रहे हैं। यह सिर्फ एक कंपनी की कहानी है लेकिन चीन की लाखों कंपनियां अपने अस्तित्व को बचाने में जद्दोजहद में लगी हुई हैं। इन कंपनियों को सरकार की ओर से किए गए तमाम उपायों का कुछ खास फायदा अब तक नहीं मिल सका है।
चीन में थम गई हैं आर्थिक गतिविधियां:-Coronavirus ने 75,000 से अधिक लोगों को अपने जद में ले लिया है। इस वजह से चीन की इकोनॉमी लगभग थम सी गई है। छोटी एवं मझोले आकार की कंपनियों को लेकर हाल में हुए सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है कि केवल एक तिहाई कंपनियों के पास ही एक महीने के खर्च लायक नकदी बची है। वहीं एक तिहाई कंपनियों का कहना है कि उनके पास दो माह के खर्च के बराबर कैश पड़ा है।
चीन की सरकार ने उठाए हैं कई कदम:-चीन की सरकार ने स्थिति को काबू में करने के लिए ब्याज दरों में कटौती की है। इसके अलावा बैंकों को अधिक कर्ज देने और कंपनियों को परिचालन दोबार शुरू करने के लिए नियमों में ढील देने को कहा है। हालांकि, चीन के करोड़ों कारोबारियों में से कई का कहना है कि उन्हें कर्ज और सैलरी के पेमेंट के लिए फंड नहीं मिल पा रहा है। बिना किसी वित्तीय मदद के इनमें से कई कंपनियां बंद हो सकती हैं।Beijing Zhonghe Yingtai Management Consultant Co में एनालिस्ट एल चांगसुन का कहना है कि अगर चीन इस साल की पहली तिमाही में वायरस को रोकने में विफल रहता है तो बड़ी संख्या में छोटी कंपनियों के बंद होने का खतरा है।

नई दिल्ली। कुछ पब्लिक सेक्टर बैंकों ने हाल में Fixed Deposit पर ब्याज दर में कटौती की है। इससे इस फंड में निवेश करने वाले निवेशक मायूस हैं क्योंकि FD पर लोगों को निश्चित रिटर्न की गारंटी मिलती है। फिक्स्ड डिपोजिट ऐसे लोगों के लिए आदर्श विकल्प है जो निवेश के साथ-साथ मेच्योरिटी से पहले पैसे निकालने की सुविधा चाहते हैं। एफडी पर मिलने वाला ब्याज अलग-अलग बैंक एवं इंवेस्टमेंट की अवधि पर निर्भर करता है। अभी SBI, HDFC, Axis और ICICI Bank जैसे प्रमुख बैंक FD पर 6-7 फीसद सालाना की दर से ब्याज दे रहे हैं। हालांकि, कुछ छोटी फाइनेंस कंपनियां निवेशकों को 8-9.5% तक का ब्याज दे रही है।
Suryoday Small Finance Bank;-सर्वोदय स्मॉल फाइनेंस बैंक 2008 में अस्तित्व आया था। इस फाइनेंस कंपनी का मुख्यालय मुंबई में है। Suryoday Small Finance Bank FD Interest Rate की बात करें तो यह कंपनी दो करोड़ रुपये तक के निवेश पर आम ग्राहकों को चार फीसद से नौ फीसद तक और वरिष्ठ नागरिकों को 4.5%-9.5% तक का ब्याज दे रही है। पांच साल की अवधि की FD पर बैंक सर्वाधिक नौ फीसद का ब्याज दे रही है।सामान्य ग्राहकों को कंपनी सात दिन से 46 दिन की एफडी पर चार फीसद, 46 दिन से 90 दिन की एफडी पर पांच फीसद और 91 दिन से छह माह की एफडी पर 5.50% का ब्याज दे रही है। छह से नौ महीने की एफडी पर सर्वोदय स्मॉल फाइनेंस बैंक 7.50 फीसद की दर से ब्याज दे रहा है। नौ माह से एक साल की अवधि की FD पर आपको 7.75% का ब्याज मिलता है। एक साल से दो साल की अवधि की एफडी पर 8.25 फीसद एवं दो से तीन साल की अवधि के एफडी पर आपको 8.50 फीसद का ब्याज मिलता है।
Fincare Small Finance Bank;-इस फाइनेंस कंपनी की स्थापना जून 2017 में हुई थी। इस कंपनी का कॉरपोरेट ऑफिस बेंगलुरु में है और इसे आरबीआई की ओर से लाइसेंस मिला हुआ है। यह फाइनेंस कंपनी से सात दिन से सात साल तक की FD की सुविधा दे रही है। Fincare Small Finance Bank FD interest rates की बात करें तो यह अलग-अलग अवधि के लिए चार फीसद से नौ फीसद तक का ब्याज देती है।वरिष्ठ नागरिकों को 4.5-9.5% तक का ब्याज इस फाइनेंस कंपनी की एफडी पर मिलता है। कंपनी 30 माह एक दिन से 36 माह की एफडी पर सर्वाधिक नौ फीसद की दर से ब्याज देती है। सात दिन से 90 दिन तक की एफडी पर यह फाइनेंस कंपनी चार फीसद और 91 दिन से 180 दिन की एफडी पर छह फीसद की दर से इंटरेस्ट दे रही है। अन्य अवधि पर मिलने वाले ब्याज की जानकारी दिए गए चार्ट में है।
छोटी फाइनेंस कंपनियों में निवेश कितना सुरक्षित:-अगर आप इन छोटी फाइनेंस कंपनियों में निवेश करना चाहते हैं तो बेहतर होगा कि आप पांच लाख रुपये तक की राशि का ही निवेश इन बैंकों में करें। ऐसा इसलिए कि हाल में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट प्रस्तावों में पांच लाख रुपये तक की बैंक जमा पर बीमा कवर देने की घोषणा की थी। इसका मतलब है कि इस राशि तक का निवेश सुरक्षित है। हालांकि, इससे अधिक निवेश के बारे में ग्राहकों को खुद से तय करना होगा।

नई दिल्ली। पिछले कई साल से मैं लिखता रहा हूं कि फिक्स्ड इनकम म्यूचुअल फंड आमतौर पर बैंक फिक्स्ड एफडी से बेहतर विकल्प हैं, लेकिन शायद लोग इस बात को उतना महत्वपूर्ण नहीं मान रहे हैं। इसका कारण यह है कि लोग इनके बारे में कम जानते हैं। लोगों को आमतौर पर इक्विटी इन्वेस्टमेंट की जानकारी रहती है। इसकी वजह यह है कि सबसे बेहतर और सबसे खराब इक्विटी इन्वेस्टमेंट के बीच अंतर बहुत ज्यादा होता है। वहीं सबसे बेहतर और सबसे खराब फिक्स्ड इनकम विकल्पों के बीच अंतर कम होता है। कम अंतर की वजह से ही लोगों का ध्यान इस ओर नहीं जाता है।
म्यूचुअल फंड पर लोग नहीं करते विचार:-इस टॉपिक पर इस तरह से सोचना सही तरीका नहीं है। अच्छा हो या बुरा लेकिन लंबे समय से भारत एक फिक्स्ड इनकम कंट्री रहा है। यानी यहां कई पीढ़ियों से लोग पीपीएफ, बैंक एफडी, पोस्ट ऑफिस डिपॉजिट जैसी स्कीमों में अपनी बचत लगाते रहे हैं। सिर्फ इसलिए क्योंकि यहां रिटर्न की गारंटी है। निवेश के लिहाज इन स्कीमों का अच्छा या बुरा होना अलग बात है। लेकिन अगर फिक्स्ड इनकम ऑप्शन की बात करें तो ज्यादातर लोग म्यूचुअल फंड के बारे में विचार नहीं करते हैं और निवेश के लिए एफडी को चुनते हैं।
बड़ी आय गंवाते हैं निवेशक;-सबसे बेहतर और सबसे खराब फिक्स्ड इनकम चॉइस के बीच अंतर डेढ़ से दो फीसदी का है। लोग इस पर उतना गौर नहीं करते हैं लेकिन लंबी अवधि में आपकी कुल रकम में यह बहुत बड़ा फर्क पैदा करता है। कुछ दशकों में दो फीसद सालाना का अंतर अगर रकम के लिहाज से देखें तो यह आपके कुल रिटर्न का 50 फीसद हो सकता है। ऐसे में आपका तर्क हो सकता है कि कोई भी 20 साल के लिए निवेश नहीं करता है। आमतौर पर कोई निवेश दो से तीन साल ही चलता है। लेकिन सोचने का यह तरीका सही नहीं है। भले निवेश टुकड़ों में हो, लेकिन ज्यादातर लोग हमेशा एक बड़ी रकम फिक्स्ड इनकम ऑप्शन में रखते हैं। यह सिलसिला साल दर साल और दशक दर दशक चलता रहता है। इसका मतलब है कि बचत करने वाला हर व्यक्ति संभावित आय के तौर पर बड़ी रकम गंवाता है।
FD से पैसा निकालकर Fixed Income Mutual Fund में निवेश बेहतर:-पोस्ट टैक्स फिक्स्ड इनकम रिटर्न बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका बैंक एफडी से पैसा निकालकर फिक्स्ड इनकम म्यूचुअल फंड में निवेश करना है। कुछ खास तरह के डेट फंड में मुश्किलों के बावजूद शॉर्ट ड्यूरेशन डेट फंड सबसे सुरक्षित हैं और एफडी की तुलना में ज्यादा फायदा देते हैं। निवेश से जुड़ी तीन अहम बातों रिटर्न, लिक्विडिटी और टैक्स बचाने के लिहाज से शॉर्ट ड्यूरेशन डेट फंड निश्चित तौर पर बेहतर विकल्प हैं।
एक दिन में अकाउंट में आ जाते हैं पैसे:-ओपन एंडेड फिक्स्ड इनकम फंड में आप अपनी रकम एक दिन के नोटिस पर निकाल सकते हैं। ऐसा करने से आपको रिटर्न का नुकसान भी नहीं होगा। वहीं एफडी में समय से पहले पैसा निकालने पर आपको पेनल्टी देनी होगी। निवेशक म्यूचुअल फंड में कभी भी निवेश शुरू कर सकते हैं। उनको इस बात पर भी ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है कि वे रकम कितनी अवधि के लिए निवेश कर रहे हैं। समय के साथ म्यूचुअल फंड आमतौर पर एफडी से एक फीसद ज्यादा रिटर्न देते हैं। सिर्फ एक फीसद रिटर्न का अंतर ही लंबी अवधि में बड़ा फर्क पैदा करता है और यह म्यूचुअल फंड को बेहतर विकल्प बनाता है। अगर टैक्स के मोर्चे पर अंतर की बात करें तो इसमें बड़ा फर्क दिखता है। म्यूचुअल फंड से मिलने वाले रिटर्न को कैपिटल गेन्स माना जाता है। वहीं एफडी पर मिलने वाले ब्याज को इनकम माना जाता है और यह आपकी टैक्सेबल इनकम में जुड़ जाता है। कैपिटल गेन पर टैक्स आपको तभी देना होता है जब आप म्यूचुअल फंड में अपना निवेश भुनाते हैं। लेकिन ब्याज इनकम पर आपको अपनी इनकम की तरह हर साल टैक्स देना पड़ता है, चाहे आपने एफडी को भुनाया हो या न भुनाया हो। अगर सभी बैंक अकाउंट और डिपॉजिट से आपको एक साल में 10,000 रुपये अधिक ब्याज मिलता है तो बैंक इस इनकम पर टीडीएस काट लेता है। इसका मतलब है कि ब्याज का एक हिस्सा कंपाउंडिंग के लिए नहीं मिलता है। क्योंकि यह हर साल टैक्स के तौर पर ले लिया जाता है। तो कुल रिटर्न पर इसका बड़ा असर पड़ता है। म्यूचुअल फंड का टैक्स के मोर्चे पर फायदा यहीं खत्म नहीं होता है। अगर आप म्यूचुअल फंड में तीन साल से अधिक समय तक निवेश बनाए रखते हैं तो आपका गेन यानी रिटर्न लांग टर्म कैपिटल गेन्स की कैटेगरी में आ जाता है। इस पर टैक्स इंडेक्सेशन बेनेफिट के साथ टैक्स लगता है। इंडेक्सेशन बेनेफिट का मतलब है कि आपके रिटर्न को महंगाई से घटाने के बाद जो रिटर्न बचत है, उसी पर टैक्स देना पड़ता है। एफडी के साथ ऐसा नहीं होता है क्योंकि ब्याज सामान्य इनकम की तरह ही है। इन सभी बातों का हिसाब लगाएं तो अल्ट्रा शॉर्ट ड्यूरेशन डेट फंड में भी तीन साल के निवेश पर पोस्ट टैक्स रिटर्न बैंक एफडी की तुलना में लगभग दोगुना होता है। अफसोस की बात है फिक्स्ड इनकम इन्वेस्टमेंट पर निर्भर होने के बावजूद ज्यादातर भारतीय बचतकर्ता बेहतर विकल्प चुनने का प्रयास नहीं करते हैं।भारत लंबे समय से फिक्स्ड इनकम कैटेगरी वाला देश रहा है। यहां निवेश करते समय लोग रिस्क नहीं गारंटी चाहते हैं। यही वजह है कि ज्यादातर लोग ऐसे ही विकल्प चुनते हैं, जहां न्यूनतम रिस्क के साथ फिक्स्ड इनकम गारंटी मिलती हो। सोच के इस निश्चित दायरे के कारण लोग आमतौर पर बैंक एफडी, पीपीएफ और पोस्ट ऑफिस डिपॉजिट जैसी स्कीम का रास्ता ही चुनते हैं। सवाल यह है कि आखिर यह चुनाव कितना सही है? क्या इस तरह से कुछ गिनती के विकल्पों में ही निवेश करना ज्यादा सही है? आखिर मौजूदा दौर में लोग फिक्स्ड इनकम वाले म्यूचुअल फंड के रास्ते पर जाने से क्यों कतराते हैं? म्यूचुअल फंड से मिलने वाला रिटर्न आमतौर पर बैंक एफडी या इस तरह के कई विकल्पों से मिलने वाले रिटर्न से ज्यादा रहता है। इतना ही नहीं टैक्स लाभ और अन्य कई बातें मिलकर इसके अंतर को बहुत बड़ा भी बना देते हैं। निसंदेह लोगों को इन विकल्पों की ओर बढ़ना चाहिए।

नई दिल्ली। दुनिया के सबसे सफल निवेशकों में से एक वारेन बफेट ने शनिवार को कहा कि Berkshire Hathaway उनकी विदाई के लिए तैयार है। बफेट ने इसके साथ ही अपने 96 वर्षीय साझीदार चार्ली मुंगेर (96) के भी जल्द पद छोड़ने की घोषणा की। महज 11 साल की उम्र में अपना पहला निवेश करने वाले बफेट ने अपनी समझबूझ और अनुभव से एक बड़ा साम्राज्य खड़ा किया है, जिसे वह जल्द छोड़ देंगे। अपने परोपकारी कार्यों के लिए प्रसिद्ध और 'ऑरेकल ऑफ ओमाहा' के नाम से मशहूर बफेट पिछले कई साल से दुनिया के सबसे अमीर लोगों की लिस्ट में शुमार हैं। इसके बावजूद उनका विनम्र व्यवहार लोगों का दिल जीत लेता है।
अजीत जैन या ग्रेग एबल संभाल सकते हैं कंपनी की बागडोर:-89 वर्षीय बफेट ने शेयरहोल्डर्स को अपने सालाना पत्र में कहा है कि Berkshire के शेयर होल्डर्स को परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि कंपनी उन दोनों की विदाई के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि, उनके अपने उत्तराधिकारी के बारे में कोई बात नहीं की। हालांकि, पिछले साल मई में शेयरहोल्डर्स की सालाना बैठक में उन्होंने इस बात का संकेत दिया था कि ग्रेग एबल या भारतीय मूल के अजीत जैन आने वाले समय में कंपनी की बागडोर संभाल सकते हैं। वारेन के इस सालाना खत का उनके प्रशंसकों और दुनियाभर के निवेशकों को बेसब्री से इंतजार रहता है। इसमें वह बर्कशायर, अर्थव्यवस्था, निवेश और अन्य मुद्दों पर खुलकर राय रखते हैं।
ओडिशा में हुआ था अजीत जैन का जन्म:-ओडिशा में जन्में जैन ने आईआईटी खड़गपुर से बीटेक किया था। इसके बाद उन्होंने आईबीएम में काम किया था। हालांकि, उसके बाद वह एमबीए करने अमेरिका चले गए। वह 1986 में Berkshire Hathaway के इंश्योरेंस बिजनेस से जुड़े थे। बकौल जैन उस समय उन्हें इंश्योरेंस के बारे में बहुत सीमित जानकारी थी। हालांकि, उन्होंने जल्दी से इस बिजनेस को सीखा और बर्कशायर की कमाई बढ़ाने में उनका योगदान काफी महत्वपूर्ण रहा है।
बफेट की बर्कशायर ने की रिकॉर्ड कमाई;-बफेट की बर्कशायर हैथवे ने 81.42 अरब डॉलर की रिकॉर्ड कमाई की है। कंपनी के कॉमन स्टॉक होल्डिंग्स में बड़ा फायदा हुआ। हालांकि ऑपरेटिंग प्रॉफिट तीन फीसद गिरा है। वारेन बफेट ने एपल जैसी कंपनियों के शेयरों में बड़े निवेश के कंपनी के फैसलों का बचाव किया। बर्कशायर कुछ कंपनियों को खरीदने की कोशिश कर रही थी, लेकिन सौदों को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका था।

नई दिल्ली। देश का सबसे बड़ा बैंक SBI अपने अकाउंट होल्डर्स की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई तरह की सेवाओं की पेशकश करता है। इन लोकप्रिय सुविधाओं में टॉल फ्री एसएमएस की फेसिलिटी भी शामिल है। State Bank के कस्टमर्स एसएमएस बैंकिंग के जरिए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से मिस कॉल देकर और SMS भेजकर बैलेंस इन्क्वायरी और मिनी स्टेटमेंट प्राप्त कर सकते हैं। इसमें आपको महज दो मिनट से भी कम समय लगता है। इतना ही नहीं आप एसएमएस के जरिए चेकबुक के लिए भी रिक्वेस्ट कर सकते हैं।
आइए जानते हैं एमएसएस या मिस कॉल के जरिए आप किस प्रकार SBI Balance Enquiry प्राप्त कर सकते हैं:-अपने अकाउंट बैलेंस की जानकारी प्राप्त करने के लिए आप 09223766666 पर मिस कॉल कर सकते हैं या 'BAL' लिखकर इस नंबर पर मैसेज कर सकते हैं।
मिनी स्टेटमेंट:-अपने अकाउंट से पिछले पांच लेनदेन की जानकारी की आप एसएमएस के जरिए प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए आपको 09223866666 नंबर पर ‘MSTMT’ लिखकर मैसेज करना होगा। इसके अलावा आप इस नंबर पर मिस कॉल देकर भी मिनी स्टेटमेंट प्राप्त कर सकते हैं।
चेकबुक रिक्वेस्ट:-SBI SMS Banking के जरिए आप नए चेकबुक के लिए भी रिक्वेस्ट कर सकते हैं। इसके लिए आपको 09223588888 पर CHQREQ लिखकर मैसेज करना होगा। इसके बाद आपको एक एसएमएस प्राप्त होगा, जिसमें छह डिजिट का एक नंबर होगा। अब आप 'CHQACCY 6 डिजिट का नंबर' 09223588888 पर भेज दें। यह मैसेज पहला मैसेज मिलने के दो घंटे के भीतर भेजना होता है।
SBI SMS Banking और मोबाइल सेवाओं के लिए पंजीकरण;-इस सुविधा को प्राप्त करने के लिए एसबीआई ग्राहकों को अपना अकाउंट नंबर रजिस्टर कराना होता है। उन्हें अपने अकाउंट को रजिस्टर करने के लिए अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 09223488888 पर REG Account Number भेजना होता है। उदाहरण के लिए आपका अकाउंट नंबर अगर 12345678901 है तो आपको एसएमएस में लिखना होगा- REG 12345678901 और इसे दिए गए नंबर पर भेजना होगा। इसके बाद आपको कंफर्मेशन का एसएमएस प्राप्त होगा।

नई दिल्ली। हाल के कुछ वर्षों में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपनी सेवाओं को ऑनलाइन बनाने की दिशा में कई तरह के कदम उठाए हैं। इस दिशा में विभाग ने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) के जरिए सबसे अहम कदम उठाया था। विभाग ने इस विचार के साथ यूएएन प्रणाली को लागू किया है कि हर सब्सक्राइबर का एक अकाउंट नंबर होना चाहिए, वह कितनी भी नौकरियां बदले। ऐसे में आप जब जॉब चेंज करते हैं तो नई कंपनी आपसे UAN मांगती है ताकि आपका पुराना पीएफ नई कंपनी में ट्रांसफर किया जा सके। EPFO की ऑनलाइन सेवाओं का लाभ उठाने के लिए आपके पास यूएएन होना चाहिए।अगर आपको पीएफ की किसी भी ऑनलाइन सर्विस का लाभ उठाना है तो आपको अपना UAN नंबर मालूम होना चाहिए। ऐसे में आपको अपनी कंपनी के एचआर डिपार्टमेंट से यूएएन नंबर की जानकारी मांगनी चाहिए। हालांकि, अगर आपने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है तो EPFO के यूएएन पोर्टल के जरिए यह नंबर खुद पता लगा सकते हैं। इसके लिए आपको एक आसान प्रक्रिया को फॉलो करना होगा।
आइए जानते हैं यूएएन नंबर पता करने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका:
-अपने कंप्यूटर या मोबाइल के ब्राउजर पर ईपीएफओ के यूनिफाइड मेंबर पोर्टल पर लॉग ऑन कीजिए।
-वेबसाइट के दाहिने तरफ 'important links' सेक्शन में ‘Know your UAN status’ को सेलेक्ट कीजिए।
-अब अपना पीएफ अकाउंट नंबर या आधार नंबर या पैन नंबर के साथ नाम, जन्म की तारीख, मोबाइल नंबर और ईमेल आइडी प्रविष्ट करें। अगर आपको ईपीएफ मेंबर आईडी नहीं मालूम तो आप अपने सैलरी स्लीप पर देख सकते हैं।
-इन जानकारियों को डालने के बाद आपको पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा।
-ओटीपी डालने के बाद आपका यूएएन नंबर आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा।
-ईपीएफओ ने इसके लिए ट्वीट कर जानकारी दी है कि कोई भी EPF Subscriber किस स्टेप को फॉलो करते हुए अपने यूएएन नंबर की जानकारी प्राप्त कर सकता है।

 

 

नई दिल्ली। भारतीय उद्योग जगत को उम्मीद है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच 'मिनी' ट्रेड डील हो सकती है। 20 जनवरी, 2017 को पदभार ग्रहण करने के बाद ट्रंप दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की यात्रा पर पहली बार आ रहे हैं और भारत के कारोबारी समूहों को लगता है कि इस दौरान अमेरिकी कंपनियों की ओर से ज्यादा…
नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े बैंक SBI के क्रेडिट कार्ड यूनिट SBI Cards and Payment Services को बाजार नियामक सेबी से आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) लाने की हरी झंडी मिल गई है। कंपनी ने नवंबर में आईपीओ के लिए सेबी के समक्ष आवेदन किया था। कंपनी के आवेदन को सेबी की हरी झंडी मिल गई है। किसी भी कंपनी को IPO, FPO और राइट इश्यू के लिए सेबी की…
नई दिल्ली। जीवन बीमा निगम (LIC) ने सोमवार को कहा कि उसको अपनी सहायक एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लि. (LICHFL) का किसी अन्य इकाई के साथ विलय का कोई प्रस्ताव नहीं है। एलआईसी का यह बयान कुछ रिपोर्ट में आई खबरों के बाद आया है। इसमें यह कहा गया है कि एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस का अपनी बैंक इकाई आईडीबीआई में विलय कर सकती है। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने स्पष्टीकरण…
नई दिल्ली। सोने के भाव में सोमवार को 233 रुपये की गिरावट दर्ज की गई है। इससे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 10 ग्राम सोने का भाव 41,565 रुपये पर आ गया है। एचडीएफसी सिक्युरिटीज के अनुसार, वैश्विक बाजार के कमजोर रहने के चलते सोने में यह गिरावट दर्ज की गई है। सिक्युरिटीज के अनुसार, सोना पिछले सत्र में 41,798 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।सोने की वैश्विक कीमतों…
Page 1 of 79

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

ताज़ा ख़बरें