कारोबार

कारोबार (3317)

नई दिल्ली। ई-कॉमर्स क्षेत्र के लिए सरकार के नए विदेशी निवेश प्रतिबंध, जिसमें अमेजन डॉट कॉम इंक और वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली फ्लिपकार्ट भी शामिल है की बिक्री वर्ष 2022 तक 46 बिलियन डॉलर तक कम हो सकती है। वैश्विक सलाहकार PwC से एक मसौदा विश्लेषण के अनुसार यह जानकारी सामने आई है।इस परिवर्तन के मुताबिक देश की ई-कॉमर्स कंपनियां एक फरवरी से अपने प्लेटफॉर्म्स पर उन कंपनियों के प्रोडक्ट्स की बिक्री नहीं कर पाएंगी, जिन्होंने इन कंपनियों ने इक्विटी ले रखी है और वो उन पर अपने उत्पादों को एक्सक्लूसिवली बिक्री के लिए कंपनियों के प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर जोर डालती हैं।मई महीने में होने वाले आम चुनाव से ठीक पहले दिसंबर महीने में की गई इस घोषणा को मोदी सरकार की ओर से छोटे कारोबारियों और दुकानदारों को खुश करने का तरीका माना जा रहा है। ये लोग एक मजबूत वोटर बेस बनाते हैं और इन्हें ग्लोबल ऑनलाइन रिटेलर्स से खतरा है।इंडस्ट्री के सूत्रों का मानना है कि यह पॉलिसी कंपनी की तमाम निवेश योजनाओं को लंबित या बेपटरी कर सकती है और ये नए एवं जटिल बिजनेस स्ट्रक्चर को विकसित करने के लिए अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियों को मजबूर कर सकती है।उद्योग के अनुमानों और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के उपयोग के मुताबिक पीडब्ल्यूसी की ओर से किए गए निजी विश्लेषण के आधार पर यह अनुमान लगाया गया है कि अगर कंपनियों ने ई पॉलिसी के मुताबिक अपने बिजनेस मॉडल को बदला तो ऑनलाइन रिटेल सेल्स ग्रोथ, टैक्स कलेक्शन और रोजगार सृजन बुरी तरह से प्रभावित होगा।

नई दिल्ली। जेट एयरवेज के चेयरमैन नरेश गोयल ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) को जानकारी दी है कि वो एयरलाइन्स में 700 करोड़ रुपये का निवेश करने को तैयार हैं। हालांकि इसके लिए उन्होंने यह शर्त रखी है कि उनका स्टेक 25 फीसद से नीचे नहीं होना चाहिए।गोयल ने जेट में निवेश करने पेशकश वैसे समय में की है जब एतिहाद ने संकट से जूझ रही कंपनी में निवेश करने के लिए कड़ी शर्तें रखी थीं, जिसमें गोयल की नियंत्रण हिस्सेदारी को भी कम किया जाना शामिल था। एसबीआई चेयरमैन रजनीश कुमार को लिखे अपने पत्र में गोयल ने कहा वह चर्चा के तहत संकल्प योजना और "महत्वपूर्ण नकदी संकट और आसन्न ग्राउंडिंग के बावजूद, जिसका सामना एयरलाइन कर रही है" एतिहाद की स्थिति के संदर्भ में लिख रहे हैं।गोयल ने कहा कि वो कंपनी में 700 करोड़ रुपये तक का निवेश करने और अपने शेयर गिरवी रखने को लेकर प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि हालांकि इसकी एक शर्त होगी कि नकदी निवेश करने के बाद भी उनकी शेयर होल्डिंग कम कम 25 फीसद रहे। उन्होंने पत्र में लिखा, "क्या यह संभव नहीं होना चाहिए, तब मैं किसी भी तरह का निवेश करने या अपने शेयर गिरवी रखने की स्थिति में नहीं होऊंगा, जब तक कि सेबी मुझे छूट नहीं देती और मुझे अपनी कम हिस्सेदारी (अगर यह 25 फीसद से कम है तो) बढ़ाने की अनुमति नहीं देती है।"गौरतलब है कि बीएसई पर जेट एयरवेज के शेयर होल्डिंग पैटर्न के मुताबिक दिसंबर 2018 में खत्म हुई तिमाही तक गोयल के पास 5,79,33,665 शेयर है, जो कि कंपनी के करीब 51 फीसद स्टेक के बराबर है।

नई दिल्ली। आयकर रिटर्न भरने वालों को बड़ी राहत देते हुए केंद्र सरकार ने नेक्स्ट जेनरेशन इनकम टैक्स फाइलिंग सिस्टम को विकसित किए जाने की योजना को मंजूरी दे दी है। इसके बाद टैक्स रिटर्न प्रोसेसिंग में महज एक दिन का समय लगेाग और लोगों को उनका रिफंड भी जल्द ही मिलेगा। फिलहाल इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग का प्रोसेसिंग टाइम 63 दिनों का है।केंद्र सरकार के लिए यह सिस्टम आईटी क्षेत्र की दूसरी बड़ी कंपनी इन्फोसिस तैयार करेगी, जिसकी लागत कुल 4,241.97 करोड़ रुपये होगी। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने आयकर विभाग के इंटीग्रेटेड ई-फाइलिंग एंड सेंट्रलाइज्ड प्रॉसेसिंग सेंटर 2.0 प्रॉजेक्ट पर 4,241.97 करोड़ रुपये के खर्च को मंजूरी दे दी है।" इस फैसले के संबंध में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में इनकम टैक्स रिटर्न का प्रोसेसिंग टाइम 63 दिनों का है और इस परियोजना के क्रियान्वयन के बाद यह समय घटकर 1 दिन पर आ जाएगा।गोयल ने कहा कि इस परियोजना के 18 महीनों के भीतर पूरा होने की उम्मीद है और इसे तीन महीने की टेस्टिंग के बाद लॉन्च कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बोली प्रक्रिया के बाद इस परियोजना के लिए इंफोसिस का चयन किया गया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा प्रणाली सफल रही है और नई प्रणाली ज्यादा टैक्स फ्रैंडली होगी।इसके साथ ही कैबिनेट ने वर्ष 2018-19 तक मौजूदा सीपीसी-आईटीआर 1.0 प्रॉजेक्ट के लिए 1,482.44 करोड़ रुपये के बजट को भी मंजूरी दी है। वहीं गोयल ने यह भी बताया कि चालू वित्त वर्ष में अब तक 1.83 लाख करोड़ रुपये का टैक्स रिफंड किया जा चुका है।

नई दिल्ली। अमेजन और वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली फ्लिपकार्ट ने ई-कॉमर्स सेक्टर में एफडीआई के संशोधित नियमों का अनुपालन करने के लिए एक फरवरी की डेडलाइन को आगे बढ़ाने का अनुरोध किया है। कंपनियों का कहना है कि उन्हें नए नियमों को समझने के लिए थोड़ा और समय चाहिए।नए नियम जिन्हें कि 1 फरवरी से लागू किया जाना है- अमेजन और फ्लिपकार्ट को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा सकते हैं। ये दोनों ही देश की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियां हैं। दिसंबर में ई-कॉमर्स क्षेत्र की कंपनियों के लिए नए दिशानिर्देशों की घोषणा की गई थी, जिसमें एफडीआई वाले ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर उन कंपनियों के प्रोडक्ट्स बेचने से रोक लगाई गई है, जिनमें उनकी हिस्सेदारी है। इसके अलावा इन प्लेटफॉर्म पर उत्पादों की एक्सक्लूसिवली बिक्री पर भी पाबंदी लगाई गई है।एक अन्य प्रावधान कहता है कि अगर किसी भी विक्रेता के माल की 25 फीसद से अधिक खरीद मार्केटप्लेस इकाई की ओर से की जाती है तो उनकी इन्वेट्री (माल के स्टॉक) को मार्केटप्लेस चलाने वाली कंपनी के नियंत्रण वाली माना जाएगा।अमेजन इंडिया के प्रवक्ता ने बताया, "हम नई पॉलिसी में हुए परिवर्तनों पर सरकार के स्पष्टीकरण का इंतजार कर रहे हैं। जैसा कि हम स्पष्टता चाहते हैं, हमने सरकार को पत्र लिखकर मांग की है कि इसमें चार महीनों का विस्तार दिया जाए।" प्रवक्ता ने आगे कहा कि हमारे साथ चार लाख से अधिक विक्रेता जुड़े हुए हैं और अमेजन इंडिया मार्केटप्लेस में रोजाना बड़ी मात्रा में लेनदेन होता है लिहाजा कंपनी को नीतियों मं हुए बदलावों को समझने के लिए वक्त दिया जाना चाहिए।

 

 


रोहतक (हम हिंदुस्तानी)-सामाजिक संस्था विलक्षणा एक सार्थक पहल समिति ने महिलाओं एवं लड़कियों को मुफ्त में ब्यूटीशियन का कोर्स करवाने के लिए अजायब गाँव में विलक्षणा ब्यूटीशियन प्रशिक्षण केंद्र की शुरुआत की। अजायब गाँव के सरपंच समुंदर सिंह और बाबा फुलमाई नाथ ने केंद्र का उद्घाटन किया। संस्था की संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ सुलक्षणा अहलावत ने इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनका मकसद मातृशक्ति को मजबूत एवं आत्मनिर्भर बनाना है। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए इस ब्यूटीशियन प्रशिक्षण केंद्र की शुरुआत की गई है जहाँ पर गांव की महिलाओं एवं लड़कियों को मुफ्त में तीन महीने का प्रशिक्षण दिया जाएगा और प्रशिक्षण के बाद उन्हें एक प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा।
इस अवसर पर सरपँच समुंदर सिंह ने कहा कि संस्था द्वारा महिलाओं के हित में किये जा रहे कार्य सराहनीय हैं। उन्होंने आज के दौर में ब्यूटीशियन का कार्य करके महिलाएं अपने परिवार व बच्चों अच्छे पालन कर सकती हैं। उन्होंने संस्था को हर प्रकार से सहयोग देने का आश्वासन दिया। बाबा फुलमाई नाथ ने कहा कि संस्था बहुत ही बढ़िया काम कर रही है और माताओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास एक दिन रंग जरूर लाएगा।
इस अवसर पर 3 महीने का सिलाई का प्रशिक्षण ले चुकी महिलाओं एवं लड़कियों को प्रमाण पत्र भी दिए गए। केंद्र के उद्घाटन के अवसर पर उपस्थित सभी महिलाओं को मुफ्त में एक एक सेनेटरी पैड का पैकेट भी वितरित किया गया। उद्घाटन के अवसर उपस्थित सभी ग्रामीणों का लड्डू खिलाकर मुँह मीठा करवाया गया। इस अवसर पर अमित सिंह, कश्मीर शर्मा, नवीन, विकाश कुमार, अनिल कुमार, राहुल, राकेश, नितिन, मनिंदर और नन्दकिशोर सहित गांव के अन्य मौजिज व्यक्ति उपस्थित रहे।

नई दिल्ली। इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) निर्माताओं के निकाय एसएमईवी ने देश में इलेक्ट्रिक वाहन को बढ़ावा देने के लिए अगले दो साल में सरकार से 20,000 करोड़ रुपये की मांग की है। इसके अलावा ईवी ने अंतरिम बजट में सरकार से "नोशनल ग्रीन सेस" लगाने का भी आग्रह किया है।सोसाइटी ऑफ मैन्युफैक्चरर्स ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (एसएमईवी) ने अपनी बजट सूची के बारे में बताते हुए कहा कि फास्टर अडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ हाइब्रिड एंड इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (फेम) के फेज II को छह साल की योजना और समयबद्ध कार्यान्वयन के साथ घोषित किया जाना चाहिए।एसएमईवी के महानिदेशक सोहिंदर गिल ने कहा, "इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को स्थिर और दीर्घकालिक नीति समर्थन की जरूरत है, इसके अलावा ग्राहक प्रोत्साहन की भी दरकार है, जिससे कि 2030 तक ईवीएस के 30 फीसद के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाए जाए।" उन्होंने आगे कहा कि एसएमईवी को उम्मीद है कि सरकार पूरे भारत के टॉप -10 सबसे प्रदूषित शहरों में कम से कम एक मिलियन ईवी का लक्ष्य लेकर चले।सोहिंदर गिल ने कहा, "एसएमईवी सभी आईसी (आंतरिक दबाव) इंजन वाहनों पर ग्रीन सेस लगाने की सिफारिश करता है, जिससे इस कोष को सरकारी खजाने में डुबोने के बजाए बनाया जा सके।" लोहिया ऑटो इंडस्ट्रीज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आयुष लोहिया ने FAME योजना के विस्तार के लिए कम से कम 10 साल के दीर्घकालिक योजना के विस्तार की मांग की।उन्होंने कहा, बैटरी सहित सभी प्रकार के इलेक्ट्रिक वाहनों पर जीएसटी (माल और सेवा कर), इनपुट टैक्स क्रेडिट उपलब्धता 5 फीसद से ज्यादा नहीं होना चाहिए।

नई दिल्ली। एतिहाद की तरफ से निवेश की पेशकश किए जाने की खबरों के बीच जेट एयरवेज ने कहा है कि भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) समेत अन्य कर्जदाता और हितधारक विमानन कंपनी के कायापलट के लिए समग्र योजना पर काम कर रहे हैं। गंभीर नकदी संकट से जूझ रही जेट एयरवेज 31 दिसंबर 2018 को एसबीआई के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह के कर्ज भुगतान में डिफॉल्ट कर चुकी है।बयान…
नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) गवर्नर शक्तिकांत दास इंडस्ट्री चैंबर्स के साथ गुरुवार को मुलाकात करेंगे। दास इससे पहले सरकारी और निजी बैंकों के प्रमुख के अलावा एनबीएफसी कंपनियों के साथ छोटे कारोबारियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर चुके हैं। ट्विटर पर दास ने बताया, 'कल कारोबारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठनों से मुलाकात होगी।'कुछ साल पहले तक आरबीआई प्रमुख सीआईआई और फिक्की के साथ ही बैठकें किया करते…
नई दिल्ली। बुधवार को कैबिनेट बैठक में बीपीसीएल की नुमालीगढ़ रिफाइनरी की विस्तार योजना को मंजूरी मिल गई। रिफायनरी की क्षमता 6 से 8 मिलियन टन तक बढ़ाई जा सकती है। प्रोजेक्ट के 4 साल में पूरा होने की उम्मीद है। नुमालीगढ़ रिफाइनरी में बीपीसीएल की कुल 61.65 फीसदी हिस्सेदारी है। विस्तार योजना पर करीब 22 हजार करोड़ रुपए निवेश किए जाएंगे।कोयला और रेलवे मंत्री पीयूष गोयल ने कैबिनेट में…
नई दिल्ली। देश की तीसरी बड़ी आईटी फर्म विप्रो ने जानकारी दी है कि वो 17 और 18 जनवरी 2019 को होने वाली अपनी बोर्ड मीटिंग में बोनस इश्यू जारी करने पर विचार करेगी। इस संभावित कॉर्पोरेट घोषणा के साथ ही विप्रो वित्त वर्ष 2018-2019 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के वित्तीय नतीजे भी घोषित करेगी। साथ ही अगर कंपनी के निदेशक मंडल की ओर से फैसला लिया जाता है तो…
Page 1 of 237

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

ताज़ा ख़बरें