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कारोबार (566)

नई दिल्‍ली। आप फिजूलखर्च हैं या बचतकर्ता, बचतकर्ता हैं या निवेशक, निवेशक हैं या बाजीगर, यह सब इस पर निर्भर है कि आप खुद को कितना अमीर या गरीब महसूस करते हैं। ध्यान रखिए, मैंने यह नहीं कहा कि आप असल में कितने अमीर या गरीब हैं। मैंने यह कहा कि आप कैसा महसूस करते हैं। इससे भी मजेदार बात यह है कि निवेश को लेकर अमीर और गरीब के व्यवहार की हमारी जो सोच है, उनका असल व्यवहार उसके ठीक विपरीत भी हो सकता है। मसलन, जो खुद को गरीब महसूस करता है, वह ज्यादा जोखिम वाले फैसले ले सकता है। इसका किसी एक पैमाने के हिसाब से अमीरी या गरीबी से कोई सरोकार नहीं है। इसका सीधा सरोकार इस बात से है कि आप दूसरों के मुकाबले खुद को क्या और कैसा महसूस करते हैं।हाल ही में मैंने गरीबी और विषमता के मनोवैज्ञानिक पहलुओं को लेकर कुछ शोध पढ़े। उन्हें पढ़कर लगा कि बचतकर्ताओं और निवेशकों के जिन व्यवहारों का मैं बरसों से साक्षी रहा हूं, वे शोध से हासिल तथ्यों से अलग नहीं हैं। अमेरिका में कुछ अर्थशास्त्रियों ने एक परीक्षण करने का फैसला किया। उन्होंने किसी विभाग के सरकारी कर्मचारियों को दो दलों में बांट दिया। उनमें से एक दल के सरकारी कर्मचारियों को एक ऑनलाइन माध्यम से उनके सहकर्मियों का वेतन बताया, और दूसरे दल को नहीं बताया। बाद में उन्होंने दोनांे दलों पर एक अध्ययन किया।एक-दूसरे की वित्तीय स्थिति का पता चल जाने के बाद कर्मचारियों की प्रतिक्रिया क्या होगी, इसे लेकर शोध से पहले शोधकर्ताओं के सामने दो विपरीत सिद्धांत थे। शोधकर्ताओं के एक हिस्से का मानना था कि जिन्हें यह पता चलेगा कि उन्हें औरों के मुकाबले कम वेतन मिलता है, वे दुखी हो जाएंगे। दूसरा सिद्धांत यह था कि जब उन्हें पता चलेगा कि उनका वेतन औरों से कम है, तो वे इसे भविष्य में उनके जितना ही कमाने के मौके की तरह लेंगे। ऐसे में उन्हें अपने सहकर्मियों से कम कमाने का दुख नहीं होगा, बल्कि वे भविष्य में और कमाने की बात सोचकर खुश होंगे। मैं जानता हूं कि किसी भी सामान्य व्यक्ति को दूसरा विचार बेवकूफी भरा लगेगा। लेकिन क्या करें।

नई दिल्ली। बहुत से लोगों को कारों से अधिक लगाव होता है और वह कारों को मॉडिफाई करवाते रहते हैं। अगर आप भी कार मॉडिफाई करवाने के शौकीन हैं तो इस बात का ध्यान जरूर दें कि मॉडिफिकेशन से कार इंश्योरेंस प्रीमियम में इजाफा हो सकता है। मॉडिफिकेशन कुछ भी हो सकता है यह छोटा सा बदलाव हो सकता है या पूरी की पूरी कार ही बदली जा सकती है। इसलिए मॉडिफिकेशन करवाते वक्त इंश्योरेंस प्रीमियम के बारे में विचार करना हमेशा बेहतर होता है।
कार मोडफिकेशन:-अधिकतर लोग कार को नॉर्मल से अलग दिखाने के लिए उसका मॉडिफिकेशन करते हैं। वहीं कुछ लोग कार की पावर और उसकी स्पीड में बदलाव के लिए भी मॉडिफिकेशन करवाते हैं। वहीं बहुत से कार डीलर भी अपनी तरफ से मॉडिफिकेशन की पेशकश करते हैं।
कार इंश्योरेंस:-इंश्योरेंस कंपनी किसी भी कार का इंश्योरेंस और उसका प्रीमियम तय करने से पहले बहुत सी बातों पर ध्यान देती है। अधिकतर इंश्योरेंस कंपनी चोरी होने पर और दुर्घटना होने पर भुगतान करते हैं। मॉडिफिकेशन से पावर में बदलाव वाहन की चोरी होने की संभावना को बढ़ाते हैं, दुर्घटना का रिस्क बढ़ता है। इंश्योरेंस कंपनी ने जिन मॉडिफिकेशन के बारे में बताया है उनमें इंजन, बॉडी-किट, स्पॉइलर, स्पोर्ट्स सीट्स आदि में बदलाव शामिल हैं। भारत में अधिकतर रोड एक्सीडेंट ओवरटेकिंग, हाई स्पीड और अन्य एक्सीडेंट-प्रोन एक्टिविटी के कारण होती हैं, इसलिए स्पीड बढ़ाने वाले बदलाव के चलते इंश्योरेंस प्रीमियम में इजाफा हो सकता है।
महत्वपूर्ण बदलाव;-अपनी कार में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव जैसे कार की पावर को बदलने के लिए ब्रेक और सशपेंशन को अपग्रेड करने पर इंश्योरेंस कंपनी को जरूर बताएं। इसके अलावा, स्टीयरिंग, पैडल और साउंड सिस्टम जैसे कार के इंटीरियर में बदलाव करते समय आपको इंश्योरेंस कंपनी को बताना होगा। अगर आप पहले से ही इंश्योरेंस कंपनी को बताएंगे तो भविष्य में कोई दावा करते वक्त आपको किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी।

नई दिल्ली। जिंदगी में हॉलिडे पर जाना बहुत जरूरी है, क्योंकि सभी लोग इस भागदौड़ भरी जिंदगी में कुछ राहत के पल चाहते हैं। युवाओं के लिए इन दिनों छुट्टियों पर जाना अन्य किसी भी फाइनेंशियल गोल से ज्यादा जरूरी हो गया है। अगर आप भी 2020 में कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं तो हम आपको कुछ ऐसे सुझाव के बारे में बता रहे हैं, जिससे आप हॉलिडे के लिए सही प्रकार से फंड एकत्रित कर पाएंगे।यात्रा के लिए बजट तैयार करना सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। समझदारी से योजना बनाने के लिए आप अधिक बचत करने के लिए फालतू खर्चों में कटौती कर सकते हैं। इसी के साथ बाजार में बहुत सी डील मौजूद हैं, जिनसे आप कम खर्च में घूम सकते हैं। अगर आप अपने अगले साल की छुट्टियों के लिए योजना बनाना शुरू करते हैं तो आप फ्लाइट ऑफर पर नजर रखना शुरू कर दीजिए। ऐसे आप फ्लाइट टिकट पर बहुत बचत कर पाएंगे।होटल बुकिंग के लिए रिसर्च करना शुरू कर देना चाहिए। ट्रैवल बजट में होटल और आराम सबसे ज्यादा अहम भूमिका निभाता है। बेहतरीन ऑफर के लिए आप पहले से ही बुकिंग कर सकते हैं ताकि अधिक से अधिक पैसा बचा पाएं। एडवांस प्लानिंग आपको अपने क्रेडिट, डेबिट कार्ड का उपयोग करने या अपनी सेविंग को खत्म किए बिना ट्रैवल का मजा दे सकती है। अगर आपके पास ठीक-ठाक पैसा हैं तो आप अच्छी डील प्राप्त कर सकते हैं।खर्चों की एक लिस्ट तैयार करें और फिर उसके अनुसार बचत करना शुरू करें। मान लीजिए एक अमेरिका के टूर के दौरान 5 सदस्यों वाली फैमिली के लिए लगभग 10 लाख रुपये खर्च होंगे। इसके बाद मुद्रास्फीति की दर को ध्यान में रखते हुए सेविंग करना शुरू कीजिए। इसी के साथ आप हॉलिडे लोने लेने के बारे में भी विचार कर सकते हैं।

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे का उपक्रम इंडियन रेलवे टूरिज्म एंड कैटरिंग कॉरपोरेशन (IRCTC) तीर्थ यात्रा के लिए स्पेशल ट्रेन टूर पैकेज ऑफर कर रहा है। इस टूर पैकेज से दिल्ली, मथुरा, वाराणसी, गया और प्रयागराज के दर्शनीय स्थलों पर घूमने का मौका मिलेगा। अगर आप इस समय घूमने का प्लान कर रहे हैं तो आईआरसीटीसी का ये किफायती टूर आपके लिए बेहतरीन साबित होगा। इस टूर को बुक करने के लिए आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर जा सकते हैं और इसी के साथ आईआरसीटीसी के जोनल ऑफिस और रीजनल ऑफिस में जाकर भी बुकिंग कर सकते हैं। हम आपको इस टूर से जुड़ी सभी जानकारी दे रहे हैं।
पैकेज की जानकारी
पैकेज का नाम: आस्था तीर्थ यात्रा SZBD359
ट्रैवलिंग मोड: ट्रेन
स्टेशन/प्रस्थान समय: मदुरई 01:30 बजे
क्लास: बजट
फ्रीक्वेंसी: 16 जुलाई, 2019
मील प्लान: ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर
टूर की अवधि: 8 रात/ 9दिन
टूर में शामिल डेस्टिनेशन: दिल्ली, मथुरा, वाराणसी, गया और प्रयागराज
पैकेज का किराया
क्लास प्रति व्यक्ति किराया
बजट 10,395 रुपये
पैकेज में शामिल चीजें
-रात में ठहरने / सुबह के लिए धर्मशाला/हॉल/शयनगृह में रहने की सुविधा। (मल्टी शेयरिंग बेसिस पर)
-ब्रेकफास्ट, सुबह की चाय/कॉफी, लंच, डिनर और 1 लीटर पानी की बोतल
-दर्शनीय स्थलों की यात्रा के लिए एसआईसी बेसिस ट्रांसफर।
-टूर एस्कॉर्ट्स और ट्रेन में सुरक्षा व्यवस्था।
-ट्रेन की स्लीपर क्लास में यात्रा।
टूर कैंसल करने पर इतना लगेगा चार्ज
-टूर शुरू होने से 15 दिन पहले कैंसल करने पर 100 रुपये प्रति यात्री चार्ज लगेगा।
-टूर शुरू होने से 8-14 दिन पहले कैंसल करने पर 25 फीसद चार्ज लगेगा।
-टूर शुरू होने से 4-7 दिन पहले कैंसल करने पर 50 फीसद चार्ज लगेगा।
-टूर शुरू होने से 4 दिन पहले कैंसल करने पर 100 फीसद चार्ज लगेगा।

 

नई दिल्ली। टाटा मोटर्स ने जून माह की सेल्स रिपोर्ट जारी की है। जून 2019 में जगुआर लैंड रोवर (JLR) की बिक्री सहित टाटा मोटर्स ने अपने ग्लोबल रिटेल आंकड़ों में 5 फीसद की गिरावट दर्ज की है, जिसमें इस दौरान 95,503 यूनिट्स की बिक्री हुई है। जून 2019 में सभी यात्री वाहनों के ग्लोबल रिटेल आंकड़ों में 56,657 इकाइयों की ग्रोथ हुई है। इसी महीने में कंपनी ने 38,846 यूनिट्स को भेजा जिसमें 12 फीसद की गिरावट है।उसी महीने में जगुआर लैंड रोवर की ग्लोबल होलसेल में 43,204 यूनिट की बिक्री हुई। इस महीने में जगुआर की 12,839 यूनिट्स बिकी थी, जबकि लैंड रोवर की 30,365 यूनिट्स बिकी थी। जून 2019 में JLR के नंबरों में Chery JLR (CJLR) चाइना ज्वाइंट वेंचर वॉल्यूम भी शामिल है, जिसकी चीन में 6,809 यूनिट्स बिकी थी।जहां तक ​​टाटा मोटर्स इंडिया के कारोबार की बात है तो जून 2019 में घरेलू मार्केट में 13,351 यूनिट्स की बिक्री के साथ पैसेंजर व्हीकल की बिक्री में 27 फीसद की गिरावट आई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 18,213 यूनिट्स की बिक्री हुई थी। अप्रैल 2019 से जून 2019 की अवधि के लिए घरेलू बाजार में संचयी बिक्री 36,945 इकाई रही, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में बेची गई यूनिट्स की तुलना में 30 फीसद कम है।भारतीय ऑटो बाजार में ग्राहकों की भावनाओं और तरलता की कमी ने बिक्री को प्रभावित किया है, जिसके चलते टाटा मोटर का कारोबार भी चुनौतियों का सामना कर रहा है। हालांकि कंपनी को उम्मीद है कि आगामी तिमाही में बिक्री में बढ़ोतरी होगी।

नई दिल्‍ली। आम चुनाव से ठीक पहले पीएम किसान योजना जैसी लोकलुभावन घोषणाएं करने के बाद सरकार अब अर्थव्यवस्था को सुधारों की कड़वी डोज दे सकती है। इसी दिशा में कदम उठाते हुए सरकार सब्सिडी का बोझ हल्का करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत केंद्र ने अपना सब्सिडी खर्च घटाकर वित्त वर्ष 2020-21 में जीडीपी के 1.3% के स्तर पर लाने का लक्ष्य रखा है।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 5 जुलाई को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला आम बजट पेश किया था। इसी बजट में सरकार ने मध्यावधि राजकोषीय नीति और राजकोषीय रणनीति के वक्तव्य में सब्सिडी घटाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार के राजस्व व्यय में एक बड़ा हिस्सा खाद्य सब्सिडी, खाद सब्सिडी और पेट्रोलियम सब्सिडी के रूप में खर्च होता है। चालू वित्त वर्ष में सरकार का सब्सिडी पर खर्च तीन लाख करोड़ रुपए से अधिक होने का अनुमान है। यही वजह है कि सरकार ने आम बजट 2019-20 में सब्सिडी व्यय के लिए 3,01,694 करोड रुपए का आवंटन किया है। यह राशि वित्त वर्ष 2018-19 के संशोधित अनुमानों के मुकाबले 13.3 प्रतिशत अधिक है। बजट दस्तावेजों के मुताबिक जीडीपी के अनुपात में सब्सिडी व्यय 1.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। सरकार का मानना है कि आने वाले वर्षों में सब्सिडी को तर्कसंगत बनाने के प्रयास फलदाई होंगे जिससे सब्सिडी का बोझ कम होगा। ऐसा होने पर वित्त वर्ष 2020-21 और 2021-22 मई जीडीपी के अनुपात में सब्सिडी व्यय कम होकर 1.3 प्रतिशत के स्तर पर आ जाएगा।उल्लेखनीय है कि सरकार ने आम बजट 2019-20 में सब्सिडी व्यय के लिए 3,01,694 करोड रुपए का आवंटन किया है जिसमें 1,84,220 लाख करोड़ रुपए खाद्य सब्सिडी के लिए, 79,996 लाख करोड़ रुपए खाद सब्सिडी के लिए और 37,478 लाख करोड़ रुपए पेट्रोलियम सब्सिडी के लिए आवंटित किए गए हैं।

नई दिल्‍ली। SBI यानी भारतीय स्‍टेट बैंक के ग्राहकों के लिए एक अच्‍छी खबर है। SBI ने RTGS, NEFT और IMPS के लिए चार्ज खत्‍म कर दिया है। मतलब, अब भारतीय स्‍टेट बैंक के इन सर्विसेज के लिए आपको कोई चार्ज नहीं देना होगा। आपको बता दें कि YONO एप के जरिये NEFT और RTGS लेनदेन के साथ ही इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैकिंग के लिए चार्ज 1 जुलाइ 2019…
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) देश के सबसे सफल कप्तानों में से एक हैं। धोनी की बल्लेबाजी और मैदान पर उनके उनकी प्लानिंग की पूरी दुनिया तारीफ करती है। यह बात भी सब जानते हैं कि धोनी (Mahendra Singh Dhoni) को कारों और बाइक का खासा शौक है। आज हम आपको उन शानदार एसयूवी के बारे में बता रहे हैं, जो कि धोनी के कलेक्शन में…
नई दिल्ली। आज के समय में क्रेडिट कार्ड इंसान के लिए बहुत जरूरी चीज बन गया है। कभी एक दौर था जब लोग सिर्फ कैश से ही खरीदारी करते थे, लेकिन आज के समय में कैश की जगह क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल ज्यादा किया जाता है। समय के साथ लोग डिजिटल हो रहे हैं उसी प्रकार पेमेंट करने का तरीका भी डिजिटल हुआ है। क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने का बहुत…
नई दिल्ली। निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि बजट में निवेश बढ़ाने की पूरी योजना के साथ विकास की बड़ी तस्वीर पेश की गई है। उन्होंने कहा कि इसके लिए राजकोषीय मजबूती के लक्ष्यों से कोई समझौता नहीं किया गया है। राज्यसभा में केंद्रीय बजट 2019-20 पर चर्चा के बाद जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इस बजट में अगले 10 वर्षों के लिए व्यापक कदम उठाए…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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