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कारोबार (279)

नई दिल्ली। डॉलर की मजबूत आवक और उसमें आई गिरावट की वजह से रुपया सात महीनों के उच्चतम स्तर को छूने में सफल रहा है।सोमवार को रुपया 68.62 की ऊंचाई पर पहुंचने में सफल रहा। शुक्रवार को रुपया 69.10 पर बंद हुआ था।अमेरिका के कमजोर आर्थिक आंकड़ों ने इस साल के अंत तक फेडरल रिजर्व की तरफ से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ाई है। वहीं, ब्रिटिश करेंसी पॉन्ड, करीब 9 महीनों की ऊंचाई पर पहुंच चुका है। पॉन्ड में आई मजबूती की वजह ब्रेग्जिट में होने वाली संभावित देरी है।फर्स्ट रैंड बैंक में ट्रेडिंग डेस्क के हेड प्रकाश नायर ने कहा, 'हमने पिछले कुछ दिनों में बाजार में डॉलर का मजबूत प्रवाह देखा है। डॉलर रुपया स्वैपिंग और व्यापार घाटे में आई गिरावट की वजह से रुपये में मजबूती आई है।'पिछले हफ्ते रॉयटर्स के पोल में यह बात सामने आई थी कि पिछले एक सालों में निवेशक पहली बार रुपये को लेकर बुलिश हो रहे हैं। सत्तारुढ़ पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता और अगले आम चुनाव के बाद उसकी वापसी की उम्मीदों ने निवेशकों के भरोसे को मजबूती दी है।मार्च में भारतीय शेयर बाजार और डेट मार्केट में विदेशी पूंजी के प्रवाह में तेजी आई है। 15 मार्च तक विदेशी निवेशकों ने बाजार में 3.65 अरब डॉलर की पूंजी का निवेश किया है। आंकड़ों के मुताबिक फरवरी में जहां विदेशी निवेशकों ने बाजार में 1.58 अरब डॉलर लगाए वहीं जनवरी में यह रकम 78.8 करोड़ डॉलर रही।नायर ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि किसी ने इस बात की उम्मीद लगाई होगी कि रिजर्व बैंक के आक्रामक हस्तक्षेप के बिना रुपये की सेहत में तेज सुधार होगा। रुपये के लिए अगला सपोर्ट 68.50 पर होगा।'रुपये की सेहत को मजबूत करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) बैंकों के साथ तीन साल की विदेशी विनिमय अदला-बदली व्यवस्था के तहत बैंकिंग प्रणाली में पांच अरब डॉलर की नकदी डालेगा।नकदी की स्थिति को सुनिश्चित करने के लिए आरबीआई यह रकम इसी वित्त वर्ष में डालेगा। यह प्रक्रिया 26 मार्च से शुरू होकर 28 मार्च 2022 तक चलेगी।यह स्वैप या अदला-बदली व्यवस्था रिजर्व बैंक की ओर से विदेशी मुद्रा विनिमय की खरीद-बिक्री के रूप में होगी। इसके तहत बैंक की ओर से रिजर्व बैंक को अमेरिकी डॉलर बेचा जाएगा और साथ ही वह स्वैप की अवधि समाप्त होने के बाद इतनी ही राशि के डॉलर की खरीद की सहमति देगा।

नई दिल्ली। विमानन नियामक डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने मंगलवार दोपहर को एक बैठक बुलाई है, जिसमें एयरलाइन्स के साथ जेट एयरवेज के विमान खड़े होने और लगातार फ्लाईट कैंसल होने की वजह से बढ़ने वाले हवाई किराए को लेकर बातचीत की जाएगी। एक सरकारी अधिकारी ने इस बात की जानकारी दी है।अधिकारी के अनुसार, डीजीसीए (DGCA) ने 13 मार्च को इथियोपियाई एयरलाइंस के विमान की दुर्घटना में 157 लोगों के मारे जाने के बाद स्पाइसजेट के 12 सभी 737 मैक्स विमानों पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिसके बाद भारत में बढ़ते हवाई किराए की समस्या पैदा हो गई है। सरकारी अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि डीजीसीए ने जेट एयरवेज द्वारा पिछले कुछ हफ्तों में रद्द की गई हवाई उड़ानों की वजह से बढ़ने विमान किराए पर चर्चा के लिए मंगलवार दोपहर को एक बैठक बुलाई है।वित्तीय संकटों से जूझ रहे जेट एयरवेज ने सोमवार को कहा कि चार और विमानों को खड़ा कर दिया गया है, जो कि किराया न चुका पाने के कारण नॉन-ऑपरेशनल हैं। एतिहाद एयरपोर्ट सर्विस ने रविवार को नोटिफिकेशन जारी कर अपने यात्रियों से कहा कि जेट एयरवेज ने कुछ कारणों से 18 मार्च से तत्काल प्रभाव से अबू धाबी से अपनी सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं। इसकी वेबसाइट के अनुसार, एयरलाइन के पास 119 विमानों का बेड़ा है।पिछले कुछ हफ्तों से यात्री सोशल मीडिया पर अपनी बातें बता रहे हैं, क्योंकि लगातार खड़े हो रहे विमानों की संख्या बढ़ने के कारण जेट एयरवेज की उड़ाने रद्द हो रही हैं। वित्तीय संकट से जूझते हुए, कंपनी नए तरह से फंड जुटाने की कोशिश कर रही है।सोमवार को स्टॉक एक्सचेंज में फाइलिंग के दौरान एयरलाइन ने कहा, 'अतिरिक्त चार विमानों को किराए न देने संबंधित दिक्कतों के कारण खड़ा कर दिया गया है।' कंपनी ने पहले कहा था कि वह अपने सभी विमान को चलाने और उनके सुधार के लिए प्रयास कर रही है।8 मार्च को जेट एयरवेज के चेयरमैन नरेश गोयल ने एतिहाद एयरवेज ग्रुप के सीईओ टोनी डगलस से 750 करोड़ रुपये की तत्काल धनराशि की मांग करते हुए यह चेतावनी दी कि फंड में किसी भी तरह की देरी से और अधिक विमान खड़े हो सकते हैं। उन्होंने कहा था कि कर्मचारियों की सैलरी और अन्य बकाए में बढोतरी की वजह से 50 से अधिक विमान खड़े हो गए हैं। जेट एयरवेज पर 8,200 करोड़ रुपये का कर्ज है और मार्च के अंत तक 1,700 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाने की जरूरत है।10 मार्च को, इथियोपियाई एयरलाइंस द्वारा संचालित 737 मैक्स विमान आदिस अबाबा के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें चार भारतीयों सहित 157 लोग मारे गए। पांच महीने से कम समय में घटित ये दूसरी ऐसी दुर्घटना थी, जिसमें बोइंग 737 मैक्स विमान शामिल था। पिछले साल अक्टूबर में लायन एयर द्वारा संचालित एक बोइंग 737 विमान इंडोनेशिया में दुर्घटना ग्रस्त हुआ, जिसमें 180 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। इसलिए डीजीसीए ने 13 मार्च को स्पाइसजेट के 12 सभी 737 मैक्स विमानों पर प्रतिबंध लगा दिया।

नई दिल्ली। नैशनल कंपनी लॉ अपीली ट्रिब्यूनल (NCLAT) ने कर्ज से लदी एस्सार स्टील के लिए पेश की गई वैश्विक दिग्गज स्टील कंपनी आर्सेलर मित्तल के समाधान योजना को सशर्त मंजूरी दे दी है। आर्सेलर मित्तल ने एस्सार स्टील के अधिग्रहण के लिए 42,000 करोड़ रुपये की बोली लगाई है।एनसीएलएटी ने कहा है कि उसकी यह मंजूरी पूर्व के आदेश पर एस्सार स्टील के प्रोमोटर्स की तरफ से दायर की गई अपील पर आने वाले निर्णय से तय होगी।जस्टिस एस जे मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ ने कहा कि एस्सार स्टील की समाधान योजना पर कोई रोक नहीं है और मिलने वाले फंड को कंपनी को कर्ज देने वालों के बीच बांटा जाएगा।ट्रिब्यूनल ने कहा, 'समाधान योजना को तैयार करने वाल पेशेवर निगरानी कमेटी के चेयरमैन होंगे और वह कानून के मुताबिक काम करेंगे।'अपीली ट्रिब्यूनल ने कहा कि वह फाइनैंशियल क्रेडिटर्स और ऑपरेशनल क्रेडिटर्स के बीच होने वाले फंड के वितरण के मामले को भी देखेगा।पीठ ने इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी बोर्ड ऑफ इंडिया (आईबीबीआई) से दोनों तरह के कर्जदाताओं के बीच होने वाले फंड वितरण का अनुपात तय करने को कहा है।एस्सार स्टील के निदेशकों ने नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल की अहमदाबाद बेंच के फैसले को चुनौती दे रखा है। एस्सार स्टील का कहना है कि उसकी 54,389 करोड़ रुपये की बोली आर्सेलर मित्तल की बोली से अधिक है क्योंकि इसमें फाइनैंशियल और ऑपरेशनल क्रेडिटर्स के 100 फीसदी बकाये के भुगतान का खाका पेश किया गया है।स्टैंडर्ड चार्टर्ड ने भी एनसीएलएटी के खिलाफ याचिका दे रखी है। बैंक का कहना है कि एस्सार स्टील को दिए कर्ज का उसे मात्र 1.7 फीसद वापस मिल रहा है, जबकि अन्य फाइनैंशियल क्रेडिटर्स को उनके बकाया रकम का 85 फीसद से अधिक हिस्सा मिल रहा है।आर्सेलर मित्तल के प्रस्ताव में वित्तीय संस्थाओं को 41,987 करोड़ रुपये का बकाया चुकाए जाने का जिक्र है, जबकि कुल बकाया 49,395 करोड़ रुपये है। वहीं ऑपरेशनल क्रेडिटर्स को कुल 4,976 करोड़ रुपये के बकाया के मुकाबले 214 करोड़ रुपये मिल रहे हैं। अगर आर्सेलर मित्तल की योजना को मंजूरी दी जाती है, तो स्टैंडर्ड चार्टर्ड को मात्र 60 करोड़ रुपये मिलेंगे जबकि उसने 3,187 करोड़ रुपये का दावा कर रखा है।

नई दिल्ली। अधिग्रहण की कोशिशों से आईटी कंपनी माइंडट्री को बचाने के लिए कंपनी के पूर्व सह संस्थापकों में से एक सुब्रतो बागची ने सरकारी सेवा से इस्तीफा दे दिया है।बागची ओडिशा स्किल डिवेलपमेंट अथॉरिटी के प्रमुख के पद पर काम कर रहे थे। उन्होंने अपने ट्विटर पर लिखा, 'माइंडट्री का जबरन अधिग्रहण किए जाने की कोशिश की वजह से मैंने (ओडिशा) सरकार से इस्तीफा दिया है। ताकि मैं वहां जाकर कंपनी को बचा सकूं।'बागची अब बेंगलुरू जाएंगे, जहां कंपनी का मुख्यालय है। उन्होंने कहा, 'मुझे उस पेड़ को उन लोगों से बचाना है, जो बुलडोजर और आरी लेकर उसे खत्म करना चाहते हैं, ताकि उस जगह पर शॉपिंग मॉल का निर्माण किया जा सके।'माइंडट्री को राष्ट्रीय संपत्ति बताते हुए बागची ने कहा कि यह ऐसी ''संपत्ति'' नहीं है, जिसे बेचा और खरीदा जा सके।बागची ने कहा, 'मुझे मुश्किल के समय में वहां होना चाहिए। इसलिए मैंने लौटने का मुश्किल निर्णय लिया है।'गौरतलब है कि माइंडट्री के सबसे बड़े शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी को बेचने के लिए कथित रूप से प्रतिस्पर्धी कंपनी से बातचीत कर रहे हैं।बागची ने 1999 में माइंडट्री की स्थापना की थी । 2016 में वह कंपनी के एग्जिक्यूटिव चेयरमैन के पद से इस्तीफा अपने गृह राज्य ओडिशा लौट आए थे।एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मतुबाकि लार्सन एंड टुब्रो, माइंडट्री के सबसे बड़े शेयरधारक वी जी सिद्धार्थ की हिस्सेदारी खरीदने की तैयारी में है।डॉलर की कमजोरी और निवेशकों के भरोसे से रुपया 7 महीनों की ऊंचाई पर, आगे और होगा मजबूत!टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक माइंडट्री में नियंत्रण हिस्सेदारी लेने के लिए लार्सन एंड टुब्रो 70,000 करोड़ रुपये की मदद से ओपन ऑफर लाने की योजना पर काम कर रही है। अधिग्रहण की कोशिश को रोकने के लिए माइंडट्री शेयर बॉयबैक की योजना बना रही है। कंपनी ने इस हफ्ते बोर्ड की बैठक बुलाई है।स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में माइंडट्री ने बताया है कि कंपनी की बोर्ड मीटिंग 20 मार्च को होगी, जिसमें शेयर बॉयबैक पर विचार किया जाएगा। माइंडट्री ने इससे पहले 2017 में बॉयबैक किया था। सोमवार को बीएसई में कंपनी का शेयर करीब एक फीसद से अधिक की तेजी के साथ ट्रेड कर रहा है।

 

नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र का स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अपने ग्राहकों को देशभर में 50,000 ऑटोमेटेड टेलर मशीन (एटीएम) का इस्तेमाल करने की सुविधा देता है। यह ग्राहकों को एसबीआई एटीएम से मुफ्त निकासी की सुविधा देता है। इसमें एसबीआई के सहयोगी बैंक स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला और स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर के एटीएम भी शामिल हैं।यह ग्राहकों को प्रति दिन 40,000 रुपये की निकासी की सुविधा भी देता है, यह सीमा क्लासिक डेबिट कार्ड पर लागू होती है। वहीं हायर वैल्यू कार्ड में डेली विदड्रॉअल की लिमिटि भी ज्यादा होती है जो कि 1 लाख रुपये तक होती है।स्टेट बैंक के एटीएम पर काम करते हैं ये कार्ड: स्टेट बैंक की ओर से जारी किए गए सभी कार्ड्स के अलावा अन्य कार्ड्स भी एसबीआई एटीएम पर स्वीकार किए जाते हैं। इस लिस्ट में स्टेट बैंक क्रेडिट कार्ड, अन्य बैंकों की ओर से जारी किए गए कार्ड जिनमें मैस्ट्रो, मास्टर कार्डस, साइरस, वीजा और वीजा इलेक्ट्रॉन लोगो, इंडिया के बाहर के बैंक की ओर से जारी किए गए डेबिट और क्रेडिट कार्ड जिनमें मैस्ट्रो, मास्टर कार्डस, साइरस, वीजा और वीजा इलेक्ट्रॉन लोगो वाले कार्ड शामिल होते हैं।
SBI के ATM कार्ड पर मिलते हैं ये फायदे:
-एसबीआई अपने ग्राहकों को एटीएम के जरिए भी कुछ सुविधाएं प्रदान करती है। इनमें से ही एक सर्विस फास्ट कैश की है। यह ग्राहकों को वन टच के साथ मर्जी के हिसाब से राशि निकालने की अनुमति देता है। इसमें निकलने वाली राशि 100,200,500,1000,2000, 3000,5000 और 10,000 हो सकती है। इसके अलावा बैंक ग्राहको को पिन चेंज, बैलेंस इन्क्वायरी, मिनी स्टेटमेंट प्राप्त करने, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम का भुगतान करने और यूटिलिटी बिल का पेमेंट करने की भी सुविधा देता है।
-ग्राहक एसबीआई के सभी एटीएम पर खुद को इंटर मोबाइल पेमेंट सिस्टम (आईएमपीएस) के लिए रजिस्टर्ड भी करवा सकते हैं। यह आईएमपीएस के साथ रजिस्टर्ड व्यक्ति को तुरंत पैसा ट्रांसफर करने की भी सुविधा देता है।
-यह मोबाइल टॉप अप की भी सुविधा देता है। ग्राहक एसबीआई के किसी भी एटीएम से अपने प्रीपेड मोबाइल कनेक्शन को रिचार्ज करा सकते हैं। ऐसे में ग्राहकों को अपने मोबाइल रिचार्ज को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है।
-एसबीआई ग्राहकों को यह सुविधा देता है कि वो अपने मोबाइल एप्लीकेशन को रजिस्टर्ड और डीरजिस्टर्ड करा सकते हैं, अकाउंट के साथ आधार को रजिस्टर्ड करा सकते हैं, मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड एवं अपडेट करा सकते हैं। ये सारे काम एसबीआई के एटीएम के इस्तेमाल से किए जा सकते हैं।
-ग्राहक शाखा पर जाए बिना चेक बुक के लिए ऑर्डर कर सकते हैं और किसी भी ट्रांजेक्शन स्लिप को फाइल कर सकते हैं। इसके लिए ग्राहकों को अपने पते को ब्रांच में रजिस्टर्ड कराना होगा ताकि चेक बुक की डिलीवरी उन तक हो पाए।
-ग्राहक आसानी से एक एसबीआई डेबिट कार्ड से दूसरे में कैश भेज सकते हैं। यह सुविधा फ्री में मिलती है और आसान सेवा है जिसमें वो एक दिन में 40,000 रुपये तक भेज सकते हैं। यहां ट्रांजेक्शन की संख्या की कोई सीमा निर्धारित नहीं है। इसके लिए आपके पास बस एसबीआई का डेबिट कार्ड होना चाहिए।

नई दिल्ली। व्यक्ति को अपनी कमाई पर इनकम टैक्स भरना पड़ता है। लेकिन आयकर धारा के अंतर्गत ऐसे बहुत से विकल्प हैं जिनका इस्तेमाल कर टैक्स बचाया सकता है। इसलिए टैक्स प्लानिंग में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए बल्कि इत्मिनान से इस पर काम करना चाहिए।
जल्दबाजी में निवेश से बचें: लोग अक्सर निवेश की प्लानिंग तब करते हैं जब वित्त वर्ष खत्म होने वाला होता है, क्योंकि उन्हें टैक्स बचाने की जल्दबाजी रहती है। लेकिन आपको कोशिश करनी चाहिए कि इन आदतों में बदलाव किया जाए और जल्दी निवेश करना सीखा जाए। इससे आप अपने निवेश का ज्यादा से ज्यादा फायदा उठा सकेंगे।
80C के अलावा क्या हैं दूसरे विकल्प: टैक्स बचाने के लिए लोग अक्सर आयकर की धारा 80C में विकल्प तलाशने शुरू करते हैं। हालांकि 80C ठीक है क्योंकि 80C में आपको 1।5 लाख तक टैक्स की छूट मिलती है। लेकिन इसके अलावा भी आपको इनकम टैक्स में दूसरे ऑप्शन तलाशने चाहिए। जैसे कि 80D,80U और 80DDB इत्यादि।
सही जगह डालें निवेश की आदत: टैक्स बचाने के लिए हमेशा सही जगह का चुनाव करें। पता करें कि जहां आप निवेश करना चाहते हैं उसमें निवेश करना आपके लिए फायदेमंद है या नहीं।
ब्याज दर: निवेश के वक्त ये जरूर ध्यान रखें कि आप जहां भी निवेश कर रहे हैं वहां आपको अच्छी ब्याज दरें मिल रही हैं या नहीं। पैसे की कीमत साल दर साल घट रही है और महंगाई बढ़ रही है।

नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2018-19 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फाइलिंग की डेडलाइन 31 जुलाई 2019 निर्धारित है। व्यक्तिगत करदाता या हिंदू अनडिवाइडेड फैमिली के सदस्य जिनकी आय 5 लाख से ज्यादा है और वो रिफंड क्लेम करना चाहते हैं उन्हें हर हाल में 31 जुलाई 2018 तक आईटीआर फाइल करना होगा।आमतौर पर करदाताओं को सलाह दी जाती है कि वो समय पर ही अपना आईटीआर फाइल कर लें,…
क्या आपको कभी ऐसे घर में रहने का मौका मिला है, जिसका निर्माण किसी आर्किटेक्ट ने नहीं किया हो या फिर जिसे बिना किसी योजना के बनाया गया हो? पहले देश के छोटे शहरों में ऐसे ही घर देखने को मिलते थे और शायद अब भी वहां ऐसे घर हुआ करते हैं। इन जगहों पर आमतौर पर कोई भी व्यक्ति जमीन का एक छोटा सा टुकड़ा खरीद लेता है, मकान…
नई दिल्ली। आइडीबीआइ बैंक के अधिकारियों ने बैंक को निजी बैंक की श्रेणी में डाले जाने का विरोध किया है और मांग की है कि उन्हें किसी दूसरे सरकारी बैंकों में स्थानांतरित होने का विकल्प दिया जाए, जहां उन्हें वेतन और सेवा की सुरक्षा हासिल हो सके। ऑल इंडिया आइडीबीआइ ऑफीशर्स एसोसिएशन (एआइआइडीबीआइओए) के सचिव एवी विट्ठल कोटेश्वर राव ने एक पत्र में कहा है कि संगठन 30 मार्च को…
नई दिल्ली। लोग कमाई के बाद बचत के अलावा निवेश को भी तरजीह देते हैं। लेकिन निवेश के लिए लोगों का रुझान हमेशा सुरक्षित निवेश विकल्प पर होता है। निवेशकों की यह उम्मीद भी होती है कि उन्होंने जिस विकल्प में निवेश किया है उसमें पैसा तेजी से बढ़े। वैसे तो बाजार में बहुत सारे निवेश विकल्प मौजूद हैं लेकिन कौन सा सबसे बेहतर है इसका चुनाव करना सबसे मुश्किल…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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