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नई दिल्ली। आयकर विभाग ने वित्त वर्ष 2019-20 का आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए फॉर्म-1 (सहज) को एक्टिवेट कर दिया है। ऐसे में 50 लाख रुपये सालाना तय की आय वाले व्यक्तिगत करदाता इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। अगर आप भी इनकम टैक्स जमा करना चाहते हैं तो आपके लिए इस बात की गणना जरूरी है कि आपके ऊपर कितने रुपये की कर देनदारी बनती है। ऐसा करने के लिए आपको कही और जाने की जरूरत नहीं है। आप इनकम टैक्स विभाग की वेबसाइट से कुछ मिनटों में ही अपनी कर देनदारी का पता लगा सकता है। इसके लिए आपको कुछ स्टेप्स फॉलो करने होंगे।
आइए जानते हैं इनकम टैक्स देनदारी की गणना करने का स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस क्या हैः
1. सबसे पहले https://www.incometaxindia.gov.in/pages/default.aspx को ओपन करें।
2. अब आपको बाएं साइड में नीचे की तरफ 'Important Links' दिखेगा।
3. इस सेक्शन के अंतर्गत आपको 'Tax Calculators' पर क्लिक करना होगा।
4. अब आपके सामने कई तरह के कैलकुलेटर आएंगे।
5. इनमें हाउस रेंट अलाउएंस कैलकुलेटर, ट्रांसपोर्ट अलाउएंस कैलकुलेटर, इनकम एंड टैक्स कैलकुलेटर और टैक्स कैलकुलेटर प्रमुख हैं।
6. अब आप इनकम एंड टैक्स कैलकुलेटर पर क्लिक कीजिए।
7. इस विकल्प के तहत आपको एसेसमेंट ईयर, टैक्सपेयर टाइप और विभिन्न तरक की जानकारी प्रविष्ट करनी होगी।
8. सभी तरह की जरूरी जानकारी प्रविष्ट करने के साथ आपको अपनी टैक्स देनदारी के बारे में बता चल जाएगा।
क्या होता है सहज फॉर्म:-ITR-1 एक पेज का आसान सा फॉर्म होता है। इस फॉर्म का इस्तेमाल सैलरी/ पेंशन, एक घर के रेंट से होने वाली कमाई, अन्य स्रोत से एक वित्त वर्ष में 50 लाख रुपये तक की आमदनी वाले लोग इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने के लिए कर सकते हैं। हालांकि, कोई ऐसा व्यक्तिगत करदाता जो किसी कंपनी में निदेशक हो या गैर-सूचीबद्ध इक्विटी शेयर रखने वाले लोग सहज फॉर्म भर सकते हैं।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan) केंद्र सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना है। इस स्कीम के तहत केंद्र सरकार किसानों को हर साल 6,000 रुपये की राशि ट्रांसफर करती है। इसका लक्ष्य किसानों की आमदनी में बढ़ोत्तरी करना है। केंद्र सरकार ने पीएम किसान से जुड़ी विभिन्न सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध करा दिया है। अगर आप किसान हैं और इस योजना के तहत खुद को रजिस्टर कराना चाहते हैं तो आपको बता दें कि आप पीएम किसान की वेबसाइट या एप के जरिए ऐसा कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि पीएम किसान की वेबसाइट के जरिए आप किस तरह की सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
रजिस्ट्रेशनःअगर अब तक आपने पीएम किसान स्कीम के लिए अपना रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है तो यह जानकर आपको काफी राहत मिल सकती है कि आप ऑनलाइन माध्यम से स्कीम के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसके लिए आपको आधार नंबर के साथ आपके नाम पर दर्ज भूखंड की जानकारी सहित कुछ अन्य विवरण देने होंगे।
अपडेशन ऑफ सेल्फ रजिस्ट्रेशनःपीएम किसान की वेबसाइट के जरिए आप रजिस्ट्रेशन के बाद भी दी गई अपनी जानकारी को अपडेट कर सकते हैं। इससे किसानों को किसी तरह भी की गलत जानकारी को सुधारने का मौका मिल जाता है और उनका फॉर्म निरस्त होने से बच जाता है।
एडिट आधार फेल्योर रिकॉर्डःअगर आपके आधार कार्ड में दर्ज डिटेल्स और पीएम किसान की पंजी के विवरण में किसी तरह का अंतर है तो आप इस ऑप्शन के जरिए उसे दुरुस्त कर सकते हैं।
बेनिफिशियरी स्टेटसःअगर आप पीएम किसान स्कीम के पंजीकृत लाभार्थी हैं तो आप इस ऑप्शन के जरिए देख सकते हैं कि सरकार ने आपके खाते में 2,000 रुपये की किस्त ट्रांसफर की है कि नहीं। आप आधार कार्ड या मोबाइल नंबर या अकाउंट नंबर के जरिए ये जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
बेनिफिशियरी लिस्टःइस ऑप्शन के जरिए आप इस योजना के लाभार्थियों की पूरी लिस्ट देख सकते हैं। इस लिस्ट से पता चलता है कि स्कीम के लाभार्थियों में आपका नाम शामिल है या नहीं।

नई दिल्ली। मोर्चे पर भारी तनातनी और भरोसे पर ठेस के बाद पहली बार भारत में चीनी सामान और आयात पर लगाम को लेकर गंभीरता से विचार शुरू हुआ है। लेकिन यह कहना पूरी तरह ठीक नहीं होगा कि इसकी शुरूआत अभी से हुई है। दरअसल पिछले तीन चार सालों से इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई जब दोनों देशों मे शीर्ष स्तर पर बातचीत के दौरान व्यापार घाटे को लेकर खुद प्रधानमंत्री के स्तर से बार बार सवाल उठाए जा रहे थे। इससे पहले व्यापार का लक्ष्य रखा जाता था और चीन की आक्रामक नीति के कारण हर बार यह लक्ष्य से ज्यादा होता था जिसमें चीन की हिस्सेदारी भी बढ़ती थी और भारत का व्यापार घाटा भी। भारत में औद्योगिक नीतियों के साथ साथ व्यापार को लेकर भी आक्रामकता अपनाई गई और इसी कारण पिछले छह सालों में चीन से होने वाले आयात में 10 फीसद तो भारत से निर्यात में 40 फीसद का इजाफा हुआ। लेकिन यह भी सच है कि आत्मनिर्भरता की लड़ाई अभी लंबी है।वर्ष 2014 में भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग 1.90 लाख कारोबार का था जो 2019 के आखिर तक 4.5 लाख करोड़ के स्तर पर पहुंच गया। मोबाइल फोन बनाने वाली 10 से भी कम कंपनियां छह साल पहले भारत में उत्पादन कर रही थी। अब यह संख्या 200 से अधिक है। इसका नतीजा यह हुआ कि चीन से इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स आयात में पिछले दो साल में 9 अरब डॉलर की कमी आ गई।वित्त वर्ष 2017-18 में भारत ने चीन से 28.6 अरब डॉलर के इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम (कल-पुर्जे, कच्चे माल समेत) का आयात किया था जो वित्त वर्ष 2019-20 में घटकर 19.1 अरब डॉलर रह गया। आर्थिक विशेषज्ञों के मुताबिक नीतिगत फैसले एवं मैन्युफैक्चरिंग को लेकर दृढ़ता का नतीजा भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में देखा जा सकता है। यही वजह है कि चीन से होने वाले आयात का ग्राफ पिछले दो साल से नीचे की ओर है। हालांकि वर्ष 2014-15 के मुकाबले 2019-20 में चीन से होने वाले आयात में लगभग 10 फीसद का इजाफा दर्ज किया गया।विदेश व्यापार विशेषज्ञों के मुताबिक सरकार ने चीन से व्यापार घाटा कम करने एवं घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने को लेकर जो शुरुआत की, उसका असर पिछले दो साल से दिखने लगा। तभी वित्त वर्ष 2017-18 में चीन से भारत का आयात 76.3 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया था जो गत वित्त वर्ष में 65 डॉलर के स्तर पर आ गया। व्यापार घाटा कम करने के लिए चीन पर दबाव डालने से भारत से चीन होने वाले निर्यात में इजाफा हुआ। वित्त वर्ष 2014-15 में भारत ने चीन को 11.9 अरब डॉलर का निर्यात किया था जो वित्त वर्ष 2019-20 में बढ़कर 16.6 अरब डॉलर का हो गया। यानी पिछले छह सालों में चीन होने वाले भारतीय निर्यात में लगभग 40 फीसद की बढ़ोतरी हुई।

मुंबई।BEST Undertaking ने अपने उपभोक्ताओं को बिजली बिल के भुगतान के लिए तीन माह की ईएमआई की सुविधा दी है। अथॉरिटी ने बयान जारी कर यह जानकारी दी है। हालांकि, उसने कहा है कि यह सुविधा उन अकाउंट्स के लिए ही है, जिनका बिल तीन माह (मार्च से मई) के औसत से दोगुना है। बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (BEST) Undertaking ने अपने वाणिज्यिक एवं औद्योगिक ग्राहकों को निर्धारित शुल्क पर तीन माह के मोराटोरियम की सुविधा दी है। BEST Undertaking मुंबई में बिजली की आपूर्ति करती है और कंपनी के ग्राहकों की संख्या 10 लाख के आसपास है।कंपनी ने कहा है, ''जिन उपभोक्ताओं का बिजली बिल मार्च और मई के बीच की अवधि के बिल के औसत के दोगुना से ज्यादा आया है, वे कैरिइंग कॉस्ट के साथ तीन किस्त में भुगतान कर सकते हैं। BEST के साथ-साथ महाराष्ट्र में बिजली की आपूर्ति करने वाली अन्य कंपनियां MSEDCL, Adani Electricity Mumbai और Tata Power जून में बिजली के बढ़े हुए बिल को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं।BEST ने स्पष्ट किया है कि लॉकडाउन की अवधि में जेनरेट बिल मार्च में उपभोग पर आधारित हैं। अथॉरिटी के आवासीय ग्राहकों की संख्या 7.6 लाख के आसपास है और औद्योगिक उपभोक्ताओं की संख्या 8,836 है।BEST ने कहा है, ''अप्रैल, मई और जून के महीनों में आम तौर पर कंजम्शन बढ़ जाता है। लॉकडाउन के दौरान लोग घरों में थे और कई मामलों में इस वजह से भी घरेलू कंजम्शन में वृद्धि संभव है।''

नई दिल्ली। देश के विदेशी मुद्रा भंडार में 26 जून को समाप्त हुए सप्ताह में 1.27 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है। इसके साथ ही देश का विदेशी मुद्रा भंडार 506.84 अरब डॉलर पर आ गया है। आरबीआई द्वारा जारी ताजा आंकड़ों से यह जानकारी सामने आई है। इससे पिछले सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट दर्ज हुई थी। इससे पिछले सप्ताह अर्थात 19 जून को समाप्त हुए सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में 2.08 अरब डॉलर की गिरावट आई थी और यह 505.57 अरब डॉलर पर रह गया था।भारत के विदेशी मुद्रा भंडार ने पहली बार 5 जून को समाप्त हुए सप्ताह में आधा ट्रिलियन डॉलर के स्तर को पार किया था। उस सप्ताह में भंडार में 8.22 अरब डॉलर का बड़ा इजाफा हुआ था और यह 501.70 अरब डॉलर पर आ गया था। देश का विदेशी मुद्रा भंडार 12 जून को समाप्त हुए सप्ताह में अब तक के उच्चतम स्तर 507.64 अरब डॉलर पर पहुंचा था।आंकड़ों के अनुसार, 26 जून को समाप्त हुए सप्ताह में स्वर्ण भंडार 707 मिलियन डॉलर बढ़कर 33.52 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के साथ विशेष आहरण अधिकार तीन मिलियन डॉलर घटकर 1.44 अरब डॉलर पर आ गया था। आंकड़ों के अनुसार, 26 जून को समाप्त हुए सप्ताह में आइएमएफ के साथ देश की भंडार स्थिति 3 मिलियन डॉलर बढ़कर 4.27 अरब डॉलर पर पहुंच गई थी।

नई दिल्ली। आयकर विभाग ने 8 अप्रैल से 30 जून के बीच 20 लाख से अधिक करदाताओं को 62,361 करोड़ रुपये के रिफंड जारी किया है। कुल टैक्स रिफंड में से 23,453.57 करोड़ रुपए 19,07,853 टैक्सपेयर्स को दिए हैं, जबकि 38,908.37 करोड़ रुपए का कॉरपोरेट टैक्स 1,36,744 मामलों में रिफंड किया गया है। "आयकर विभाग ने 8 अप्रैल से 30 जून, 2020 तक प्रति मिनट 76 मामलों की गति से कर रिफंड जारी किए हैं। केवल 56 सप्ताह के इस अवधि के दौरान, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने 20 से अधिक समय के लिए रिफंड जारी किए हैं।" एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि लाख मामले 62,361 करोड़ रुपये से अधिक के हैं।आयकर विभाग की ओर से भेजे गए ई-मेल में करदाताओं से उनकी बकाया मांग, उनके बैंक खाते तथा रिफंड में किसी तरह के अंतर के बारे में जानकारी मांगी जाती है। विभाग ने आठ अप्रैल को कहा था कि कोविड-19 संकट के मद्देनजर उसने पांच लाख रुपये तक के आयकर रिफंड तत्काल जारी करने का फैसला किया है।

नई दिल्ली। सरकार ने विलंब से जीएसटी रिटर्न दाखिल करने वालों के लिए बड़ा राहत भरा निर्णय लिया है। अब ऐसे करदाताओं पर विलंब शुल्क का अधिक बोझ नहीं पडे़गा। सरकार ने जुलाई 2020 तक विलंब से जमा होने वाले मासिक और तिमाही सेल्स रिटर्न और जीएसटीआर-3बी (GSTR-3B) से टैक्स पेमेंट पर अधिकतम विलंब शुल्क मात्र 500 रुपये तय कर दिया है।केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने…
नई दिल्ली। सरकार अपने विनिवेश लक्ष्य को पूरा करने के लिए रणनीतिक हिस्सेदारी बिक्री पर ध्यान केंद्रित करेगी। डीआईपीएएम (DIPAM) सचिव तुहिन कांत पांडे ने शुक्रवार को यह बात कही है। उन्होंने कहा कि सरकार चालू वित्त वर्ष में 1.20 लाख करोड़ के सीपीएसई विनिवेश लक्ष्य को पूरा करने के लिए रणनीतिक हिस्सेदारी बिक्री पर ध्यान देगी।सरकार ने पहले से ही एयर इंडिया (Air India) और दिग्गज तेल कंपनी बीपीसीएल…
नई दिल्ली। देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी जारी है, फिर भी यह बड़ा मुद्दा नहीं बन पा रहा है। दरअसल पेट्रोल-डीजल की कीमत में निरंतर वृद्धि होने का कारण इन पर ज्यादा कर आरोपित करना है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में मामूली वृद्धि ही हुई है। वैसे भी कोरोना महामारी के आरंभिक दिनों में वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत…
नई दिल्ली। इंडिगो ने गुरुवार को कहा कि वह 2020 के अंत तक डॉक्टरों और नर्सों को हवाई किराये पर 25 फीसद की छूट देगी। दरअसल, कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ाई में अग्रिम मोर्चे पर काम कर रहे इन लोगों के लिए इंडिगो ने यह कदम उठाया है।एयरलाइन ने कहा, 'नर्सों और डॉक्टरों को चेक-इन के समय अपनी पहचान के सबूत के तौर पर अस्पताल की वैध आईडी…
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