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नई दिल्ली। बीमा क्षेत्र के नियामक Irdai ने लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसीज के प्रीमियम के भुगतान के लिए 30 दिन का अतिरिक्त समय देने का ऐलान किया है। नियामक ने मार्च और अप्रैल में रिन्यूल डेट वाली पॉलिसी के प्रीमियम के भुगतान के लिए समयसीमा बढ़ाने का निर्णय किया है। भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (Irdai)हेल्थ इंश्योरेंस और मोटर थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के रिन्यूअल प्रीमियम के भुगतान के लिए पहले ही समयसीमा बढ़ा चुका है। लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों और लाइफ इंश्योरेंस काउंसिल के प्रतिनिधियों की ओर से अपनी बात रखे जाने के बाद नियामक ने प्रीमियम के भुगतान के लिए और 30 दिन का समय दिए जाने की घोषणा की।बीमा कंपनियों और काउंसिल ने तीन सप्ताह के लॉकडाउन और सोशल डेस्टेंसिंग से जुड़े परामर्श की वजह से पॉलिसीधारकों को हो रही दिक्कतों एवं परिचालन संबंधी परेशानियों से Irdai को अवगत कराया। उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस ने दुनिया के 200 से अधिक देशों को अपनी जद में ले लिया है। इस वजह से अब तक 50,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। Irdai ने पिछले सप्ताह कहा था कि 25 मार्च से 14 अप्रैल, 2020 के बीच रिन्यूअल के लिए ड्यू मोटर थर्ड पार्टी इंश्योरेंस और हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम का भुगतान 21 अप्रैल, 2020 तक किया जा सकता है। इस तरह की पॉलिसी के रिन्यूअल के ड्यू डेट से रिस्क कवरेज मिलता रहेगा। इसी बीच Irdai ने नियामकीय रिटर्न भरने के लिए इंश्योरेंस कंपनी को अतिरिक्त समय दिया है। मंथली रिटर्न भरने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है। वहीं, तिमाही, अर्ध-वार्षिक और वार्षिक रिटर्न भरने के लिए इंश्योरेंस कंपनियों को 30 दिन का अतिरिक्त समय मिलेगा।

कानपुर। कोरोना के कहर के बीच लॉकडाउन के दौरान EMI जमा करने से दी गई तीन महीने की छूट यानी मोरेटोरियम के एवज में बैंक अपने खुदरा ऋण खाताधारकों से डेढ़ से 11 महीने तक की अतिरिक्त EMI वसूल करेंगे। दूसरी तरफ कहें, ऋण देने वाले खाताधारक अगर किस्तें नहीं चुका पा रहे हैं तो उन्हें अपनी साख बचाने के लिए EMI की कई गुना रकम चुकानी होगी। ऐसा मोरेटोरियम में किए गए प्रावधान और पुराने नियम को दरकिनार करने के कारण होगा। लॉकडाउन को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) ने ईएमआइ स्थगन (मोरेटोरियम) का मौका दिया।आरबीआइ की ओर से दी गई छूट के मुताबिक पहली मार्च से 31 मई, 2020 के बीच किस्तें नहीं देने पर खाता एनपीए नहीं होगा। लेकिन, इस अवधि के दौरान ब्याज देना होगा। यह ब्याज ईएमआइ पर न लगकर मूलधन पर लगेगा। ब्याज की दर वही होगी, जो ऋण लेने के समय तय हुई थी। इसकी एकमुश्त अदायगी भी कर सकते हैं और मूलधन में जुड़वाकर ईएमआइ के रूप में भी दे सकते हैं। इस तरह देखा जाए तो मोरेटोरियम अवधि में लगे ब्याज पर भी ब्याज देना होगा, जिसकी लोन जितनी लंबी अवधि का बाकी होगा, उसे उतनी अधिक रकम चुकानी होगी।
ऐसे समझ सकते हैं पूरा गणित:-अगर आपने 20 लाख रुपये का ऋण 20 साल यानी 240 महीने के लिए 8.4 फीसद वार्षिक ब्याज की दर पर लिया । ईएमआइ करीब 17,230 रुपये हुई। 12 किस्तें दी जा चुकी हैं। अभी 19 साल की किस्तें बाकी हैं। मूलधन में करीब 46 हजार रुपये घटे हैं यानी 19.54 लाख रुपये का मूल कर्ज बाकी है। मोरेटोरियम का लाभ लेने पर मार्च से मई 2020 तक की किस्तें 241वें, 242वें और 243वें महीने जमा करनी होंगी लेकिन, मूलधन 19.54 लाख रुपये पर 8.40 फीसद की दर से तीन महीने का 41,034 रुपये ब्याज देना होगा। एकमुश्त ब्याज देते हैं तो जून 2020 में जमा करना होगा और यह ईएमआइ का करीब ढाई गुना हुआ। अगर इस मूलधन में जुड़वाते हैं इस ब्याज पर भी 8.40 फीसद की दर से 19 साल का ब्याज लगेगा, जो 82,308 रुपये होगा। यानी करीब पांच ईएमआइ अधिक है। समान ब्याज दर पर 30 साल के लिए 20 लाख रुपये के ऋण पर ईएमआइ 15,237 रुपये होगी। एक साल की किस्त दी है तो करीब 29.65 लाख रुपये मूलधन बाकी होगा। इस पर तीन माह का ब्याज 62,265 रुपये होगा। इसे किस्तों में देने पर करीब 1,64,952 रुपये देने होंगे। यानी करीब 11 EMI अधिक देनी होगी।

नई दिल्ली। PF सब्सक्राइबर्स अब आधार कार्ड के जरिए भी अपने पीएफ अकाउंट में दर्ज जन्मतिथि को दुरुस्त करा सकेंगे। इससे पीएफ खाताधारकों को ऑनलाइन केवाइसी कराने में मदद मिलेगी। श्रम मंत्रालय ने रविवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा, ''COVID-19 महामारी के समय ऑनलाइन सेवाओं की पहुंच और उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए Employees' Provident Fund Organisation (EPFO) ने पीएफ मेंबर्स को ईपीएफओ रिकॉर्ड्स में जन्मतिथि में सुधार में मदद के लिए फील्ड ऑफिसर्स को संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इससे उनके UAN की केवाइसी में आसानी होगी।'' श्रम मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पीएफ खाता में दर्ज जन्मतिथि में सुधार के लिए आधार कार्ड स्वीकार किया जा सकता है। हालांकि, पीएफ अकाउंट में दर्ज जन्मतिथि एवं आधार में दर्ज जन्म की तारीख में तीन साल से ज्यादा का अंतर नहीं होना चाहिए। PF खाताधारक जन्मतिथि में सुधार के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विभाग ने कहा है कि इससे EPFO अपने सब्सक्राइबर की ओर से दी गई जानकारी को तत्काल UIDAI से सत्यापित कर लेगा। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। इससे जन्मतिथि में बदलाव में लगने वाले समय में कमी आएगी। EPFO ने अपने फील्ड ऑफिसेज को ऑनलाइन क्लेम रिक्वेस्ट के जल्द निपटारे का निर्देश दिया है ताकि कोविड-19 महामारी की वजह से वित्तीय दिक्कतों का सामना कर रहे पीएफ मेंबर्स को जल्द-से-जल्द राहत मिल जाए।इससे पहले EPFO ने अपने सब्सक्राइबर्स को कोविड-19 की वजह से तीन माह की बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता नॉन-रिफंडेबल एडवांस के रूप में निकालने की अनुमति दे दी थी। हालांकि, यह सुविधा ऐसे पीएफ सब्सक्राइबर्स के लिए है, जिनका केवाइसी पूरा है। अब इस फैसले से ऐसे पीएफ सब्सक्राइबर्स को अपने अकाउंट का केवाइसी कराने में मदद मिलेगी, जिन्हें जन्मतिथि में सुधार करवाना है।

नई दिल्ली। देश की शीर्ष FMCG कंपनी ITC ने कोरोना महामारी के इस मुश्किल समय में बच्चों एवं बुजुर्गों तक खाने-पीने का सामान पहुंचाने के लिए नई पहल की है। इन असाधारण परिस्थितियों में कंपनी 'आशीर्वाद बॉक्स ऑफ होप' और 'सनफिस्ट बॉक्स ऑफ हैपिनेस' के जरिए देशभर में फूड सप्लाई सुनिश्चित कर रही है। कंपनी COVID-19 के लिए बनाए गए 150 करोड़ रुपये के इमरजेंसी फंड के तहत यह पहल कर रही है। उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए देशभर में 21 दिन का लॉकडाउन लागू है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 मार्च को इस बात की घोषणा की थी। यह लॉकडाउन 14 अप्रैल तक चलेगा।
तीन NGO के जरिए सप्लाई;-कंपनी की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि ITC तीन गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के जरिए लोगों तक खाने-पीने का सामान पहुंचा रही है। विज्ञप्ति के मुताबिक इस योजना को एक अप्रैल से चलाया जा रहा है और फूड सप्लाई के दौरान साफ-सफाई जुड़े सभी पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है। 'आशीर्वाद बॉक्स ऑफ होप' का वितरण बुजुर्गों जबकि 'सनफिस्ट बॉक्स ऑफ हैपिनेस' का वितरण बच्चों को किया जा रहा है।
बुजुर्गों, बच्चों पर विशेष ध्यान:-इस साझेदारी के बारे में ITC के एक प्रवक्ता ने कहा कि कंज्यूमर बहुत धैर्य के साथ इस महामारी से लड़ रहे हैं। हालांकि, बच्चे और बुजुर्ग समुदाय सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं और उन्हें इन मुश्किल परिस्थितियों में अतिरिक्त सहायता की जरूरत है। ITC समाज में सार्थक योगदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और Cry, SOS और एक अन्य एनजीओ की मदद से कंपनी अपनी ओर से प्रयास करने में लगी है।
बॉक्स में शामिल हैं ये सामान:-ITC की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि 'आशीर्वाद बॉक्स ऑफ होप' में आशीर्वाद आटा, नमक और कुछ जरूरी मसाले हैं। वहीं, 'सनफिस्ट बॉक्स ऑफ हैपिनेस' में सनफिस्ट बिस्किट, YiPPee नू़डल्स, जेलीमल्स, जूस और स्नैक्स हैं।

नई दिल्ली। Avenue Supermarts के प्रमोटर राधाकृष्ण दमानी ने कोरोनावायरस से लड़ाई में मदद के लिए PM-CARES Fund में 100 करोड़ रुपये का योगदान किया है। दमानी ने अपने समूह की कंपनी Bright Star Investments के जरिए ये अंशदान किया है। इसके अलावा सार्वजनिक क्षेत्र की स्टील कंपनियों ने पीएम-केयर्स फंड में कुल 267.55 करोड़ रुपये का योगदान किया है। उल्लेखनीय है कि हाल में विभिन्न सेक्टर्स की कंपनियों, उद्योगपतियों और आम लोगों ने इस फंड में अंशदान किया है।Avenue Supermarts की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ''आम लोगों को बचाने के लिए केंद्र, राज्य और स्थानीय सरकारों की ओर से उठाए गए त्वरित कदम में हम पूरा सहयोग कर रहे हैं। हमें अपने समुदाय और देशवासियों को बचाने के लिए अपनी ओर से सर्वश्रेष्ठ कोशिश करनी होगी।''कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ''इस संबंध में हमारे प्रमोटर राधाकृष्ण दमानी ने अपनी ग्रुप कंपनी ब्राइट स्टार इंवेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड के जरिए 100 करोड़ रुपये का अंशदान पीएम केयर्स फंड में किया है। इसके अलावा विभिन्न राज्यों रिलीफ फंड में 55 करोड़ रुपये का अंशदान किया गया है।''महाराष्ट्र और गुजरात सरकार के रिलीफ फंड में 10-10 करोड़ रुपये, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, राजस्थान और पंजाब सरकारों को पांच-पांच करोड़ रुपये एवं तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश को 2.5-2.5 करोड़ रुपये का अंशदान कंपनी की ओर से किया गया है।दमानी की Avenue Supermarts Ltd सुपरमार्केट चेन DMart का संचालन करती है। दमानी भारत के इक्विटी मार्केट में निवेश के लिए भी जाने जाते हैं।
स्टील कंपनियों ने किया 267 करोड़ रुपये का योगदान:-कोरोनावायरस महामारी से लड़ने के लिए देश की सार्वजनिक क्षेत्र की स्टील कंपनियों ने PM-CARES Fund में 250 करोड़ रुपये से अधिक का का अंशदान किया है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक NMDC ने सर्वाधिक 155 करोड़ रुपये का योगदान किया है। वहीं, MOIL ने 48 करोड़ रुपये का अंशदान किया है। Steel Authority of India Ltd (SAIL) ने 30 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड ने (RINL) 6.16 करोड़ रुपये का योगदान किया है। इसके अलावा KIOCL, MSTC और Ferro Scrap Nigam Ltd (FSNL) ने भी योगदान किया है। सार्वजनिक क्षेत्र की स्टील कंपनियों ने पीएम-केयर्स फंड में कुल 267.55 करोड़ रुपये का योगदान किया है।

नई दिल्ली। अगर आप टर्म इंश्योरेंस प्लान लेने की सोच रहे हैं तो यह खबर आपके काम की है। दरअसल, इंश्योरेंस ब्रोकर्स के मुताबिक 10 अप्रैल, 2020 से टर्म इंश्योरेंस का प्रीमियम बढ़ सकता है, इसलिए अगर आप टर्म प्लान लेने की सोच रहे हैं तो यह आपके लिए बिल्कुल मुफीद समय है। वास्तव में इस तरह के इंश्योरेंस प्लान का प्रीमियम एक अप्रैल, 2020 से बढ़ने वाला था लेकिन कोरोनावायरस महामारी की वजह से प्रीमियम में बढ़ोत्तरी को टाल दिया गया है। ऐसे में जो लोग भी टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदना चाहते हैं, उन्हें इसे 10 अप्रैल से पहले लेने की कोशिश करनी चाहिए।
प्रीमियम में हो सकती है कितनी बढ़ोत्तरी:-मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक टर्म इंश्योरेंस के प्रीमियम में 15 फीसद से 40 फीसद तक की बढ़ोत्तरी हो सकती है। यह इंश्योरेंस कंपनी पर निर्भर करता है।
टर्म प्लान लेते समय इन बातों का रखें ध्यान
-आपको टर्म इंश्योरेंस प्लान खरीदते वक्त ध्यान देना चाहिए कि प्रीमियम कम हो, साथ ही कवर अधिक-से-अधिक हो। टर्म प्लान के तहत पॉलिसी की अवधि में पॉलिसीहोल्डर की मौत होने पर नॉमिनी को कवरेज राशि मिल जाती है। टर्म इंश्योरेंस का प्रीमियम उम्र के साथ बढ़ जाता है। एक बार टर्म इंश्योरेंस प्लान खरीदने के बाद पॉलिसी खत्म होने तक प्रीमियम में कोई बदलाव नहीं होता है।
-टर्म इंश्योरेंस प्लान खरीदने के बारे में कहा जाता है कि आप जितनी जल्दी टर्म इंश्योरेंस खरीदेंगे उतना अच्छा होगा। उम्र अधिक होने पर प्रीमियम बढ़ जाता है और अगर आपको कोई बीमारी हो जाती है तो पॉलिसी लेने में दिक्कत होती है। ऐसे में अगर आपको मालूम है कि आपको किस अवधि तक कवर चाहिए तो आप टर्म प्लान खरीदने में देरी मत कीजिए।
-विशेषज्ञों का मानना है कि टर्म प्लान खरीदते समय बहुत अधिक राइडर एड करने पर ध्यान नहीं देना चाहिए। इसकी बजाय आपको प्लान के बेसिक फीचर्स पर गौर करना चाहिए।

मुंबई। किफायती एयरलाइन कंपनी AirAsia India ने शनिवार को कहा कि उसकी 15 अप्रैल के बाद की उड़ानों के लिए बुकिंग चालू है। हालांकि, कंपनी इस मुद्दे पर विमानन नियामक DGCA के दिशा-निर्देश के मुताबिक किसी भी तरह के बदलाव के लिए तैयार है। कोरोनावायरस संक्रमण रोकने के लिए लागू किए गए लॉकडाउन की वजह से सभी घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक उड़ान 14 अप्रैल तक निलंबित हैं। इसके साथ ही…
नई दिल्ली। सरकार ने डायग्नोस्टिक किट्स के निर्यात पर शनिवार को रोक लगा दी। इन किट्स के निर्यात को हतोत्साहित करने की दृष्टि से सरकार ने यह कदम उठाया है। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड की ओर से जारी एक नोटिफिकेशन में कहा गया है, ''डायग्नोस्टिक किट्स के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगायी जा रही है।'' इस कदम से Covid-19 संकट से मुकाबले में मदद मिलेगी क्योंकि अधिक-से-अधिक…
नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने 15 अप्रैल से ट्रेन सेवाओं का परिचालन फिर से शुरू करने की तैयारी आरंभ कर दी है। देश में 25 अप्रैल से लॉकडाउन लागू है, जो 14 अप्रैल तक चलेगा। समाचार एजेंसी पीटीआइ की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। यह ऐसे लोगों के लिए काफी राहत भरी खबर है, जो देश के अन्य हिस्सों में फंसे हुए हैं और अपने घरों को…
नई दिल्ली। कोरोनावायरस के प्रसार की वजह से देशभर में लॉकडाउन चल रहा है। इसके बावजूद बैंक खुले हुए हैं। हालांकि, बैंक कम स्टाफ के साथ चल रहे हैं लेकिन सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने के लिए बैंकों ने कई तरह के कदम उठाए हैं। इसके तहत बैंकों के कामकाजी घंटे कम कर दिए गए हैं। इसी बीच आपके लिए यह जानना जरूरी है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में विभिन्न…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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