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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सांसदों विधायकों के वकालत करने पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दी है। सांसद और विधायक अब बतौर वकील प्रैक्टिस कर सकेंगे। कोर्ट ने कहा कि कानून में ऐसी कोई रोक का प्रावधान नहीं है। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया नियम विधायकों को वकीलों के रूप में अभ्यास करने से मना नहीं करते हैं।मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, जस्टिस ए एम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने यह फैसला सुनाया है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 9 जुलाई को इस पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। वहीं, केंद्र ने इस याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि सांसद या विधायक फुल टाइम कर्मचारी नहीं हैं, वे जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं और उनका कोई नियोक्ता नहीं है, इसलिए वो प्रैक्टिस कर सकते हैं।गौरतलब है कि इस वक्त कपिल सिब्बल, पी चिदंबरम, अभिषेक मनु सिंघवी, केटीएस तुलसी, विवेक तन्का, के परासरन आदि कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे हैं। दरअसल भाजपा नेता अश्वनी उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर सासंदों, विधायकों को बतौर वक़ील कोर्ट में प्रैक्टिस करने से रोक की मांग की थी।
याचिका में क्या कहा गया था;-याचिका में कहा गया था कि जब तक कोई भी सांसद या विधायक जैसे पद पर है, तब तक उसकी वकील के रूप में प्रैक्टिस पर पाबंदी लगा देनी चाहिए। इतना ही नहीं, उनके शपथ लेते ही उसका लाइसेंस तब तक सस्पेंड कर देना चाहिए जब तक वो सांसद या विधायक है। उपाध्याय ने इस बाबत सुप्रीम कोर्ट का 1994 में आया जजमेंट भी अटैच किया है। इसमें प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर को कोर्ट ने कहा था कि वो तब तक वकालत के योग्य नहीं माने जाएंगे, जब तक कि वो डॉक्टर के पद से इस्तीफा न दे देते।

भोपाल। हबीबगंज स्टेशन का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के नाम पर रखने के प्रस्ताव पर सोमवार को पश्चिम मध्य रेल जोन के जीएम के साथ हुई सांसदों की बैठक में सहमति बन गई है। अब रेलवे बोर्ड से स्वीकृति मिलना बाकी है। इसके बाद हबीबगंज स्टेशन अटल बिहारी बाजपेयी स्टेशन (अटल स्टेशन) के नाम से जाना जाएगा।राज्यसभा सांसद प्रभात झा ने बैठक में प्रस्ताव रखा था, जिस पर मौजूद पांच सांसदों ने सहमति दे दी है। बैठक अशोका लेकव्यू में हुई। तीन साल में पहली बार छह सांसद बैठक में मौजूद थे। सभी ने अपने-अपने क्षेत्र के स्टेशनों पर यात्री सुविधा बढ़ाने, नई ट्रेनें चलाने, पहले से चल रही ट्रेनों के स्टॉपेज देने, स्टेशनों पर स्वास्थ्य सुविधा बढ़ाने के सुझाव रखे। शुरू में जीएम अजय विजयवर्गीय और भोपाल डीआरएम शोभन चौधुरी ने रेलवे की उपलब्धियां बताईं।
बैठक के दौरान यह मांगें रखी सांसदों ने;-आलोक संजर, सांसद भोपाल-भोजपुरी समाज के लिए भोपाल-हबीबगंज से पटना के लिए स्पेशल ट्रेन चलाएं। ताकि छठपूजा व दीपावली के समय हजारों परिवार व उनके सदस्यों को आने-जाने में सहूलियत हो सके। हबीबगंज-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्स. प्रतिदिन चलाएं, जबलपुर-सोमनाथ के बीच नई ट्रेन चले, कामायानी एक्स. को छपरा तक चलाएं, हजरत निजामुददीन-एर्नाकुलम-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस को सप्ताह में तीन दिन चलाएं, संत हिरदाराम नगर स्टेशन पर सुविधा बढ़ाएं, भोपाल-इटारसी तीसरी लाइन का काम जल्दी पूरा कर चालू करें।लक्ष्मी नारायण यादव, सांसद सागर-हबीबगज-हजरत निजामुद्दीन एक्स. भोपाल एक्स. का मथुरा में स्टॉपेज दें। बीना में रेलवे की खाली जमीन पर होटल खोलें, ताकि यात्रियों को सुविधा हो। गंजबासौदा स्टेशन पर रेलवे के हिस्से को जल्द पूरा कर रोड ओवर ब्रिज चालू करें, मंडीबामोरा स्टेशन पर पातालकोट एक्स. का ठहराव दें। क्षिप्रा एक्सप्रेस को प्रतिदिन चलाए व मालखेड़ी स्टेशन का नाम मालखेड़ी बीना रखें।उदय प्रताप सिंह, सांसद होशंगाबाद-भोपाल-इटारसी के बीच मेमू ट्रेन चलाए, इटारसी स्टेशन के प्लेटफार्मों पर स्वास्थ्य केंद्र खोले। ताकि यात्रियों की तबीयत खराब होने पर उन्हें तुरंत इलाज मिल सके। बानापुरा में शेड बनाए, इटारसी स्टेशन के 'लेटफॉर्म पर शौचालय की कमी है संख्या बढ़ाए, कामायनी एक्स. का बानापुरा में ठहराव दें, सोहागपुर स्टेशन पर श्रीधाम एक्सप्रेस का ठहराव चालू कराएं।ज्योति धुर्वे, सांसद बैतूल-छनेरा स्टेशन का नाम छनेरा-हरसूद करें, हरदा, टिमरनी, छनेरा-हरसूद, खिरकिया स्टेशन के प्लेटफार्मों की लंबाई बढ़ाकर शेड लगाए। ताकि यात्रियों को बारिश व धूप के समय दिक्कत नहीं होना चाहिए। सभी स्टेशनों पर पानी, रैम्प, व्हीलचेयर की सुविधा हो, यात्रियों के ठहरने के लिए यात्री प्रतीक्षालय बनवाएं जाएं। हरदा में रोड ओवर ब्रिज बनवाएं। पंजाब मेल का टिमरनी व कर्नाटका एक्स. का हरदा और हैदराबाद-जयपुर एक्स. का खिरकिया स्टेशन पर ठहराव चालू कराएं।रोडमल नागर, सांसद राजगढ़-पचोर रोड पर रोड ओवर ब्रिज बनाए, ताकि आसपास के रहवासियों को आने-जाने में दिक्कत न हो। जबलपुर-इंदौर एक्स. का समय बदलकर पुन: चालू करें। दोनों तरफ से इस ट्रेन को शाम को चलाए। ताकि राजगढ़, ब्यावरा, गुना के यात्रियों को सहूलियत हो सके। प्रभात झा, सांसद राज्यसभा-यात्रियों का फीडबैक लेकर रेलवे स्टेशन, ट्रेनों में सुविधा बढ़ाई जाए। भोपाल, हबीबगंज, बीना, इटारसी में लाइब्रेरी केंद्र हो, ताकि यात्रियों को पुस्तके आसानी से उपलब्ध हो सकें। स्टेशनों पर स्वास्थ्य केंद्र खोले, ताकि तुरंत इलाज मिले। स्टेशनों पर यात्रियों को शासकीय योजनाओं की जानकारी देनें केंद्र खोले जाएं।

 

चेन्नई। तमिलनाडु की रूबी आज देश के लिए पदक जीतकर करोड़ों महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। हालांकि एक समय वो भी था, जब उन्‍हें वजन ज्‍यादा होने के कारण तरह-तरह के ताने सुनने को मिलते थे। रूबी के पति ने भी उनमें रुचि लेना कम कर दिया था। लेकिन उन्‍होंने इसे एक चुनौती की तरह लिया और आज एक अलग मुकाम पर पहुंच गई हैं।छह साल के बच्‍चे की मां रूबी का वजन काफी ज्‍यादा था। इस वजह से उनके पति ने भी ताने मारने शुरू कर दिए थे। इससे रूबी को बुरा तो लगा, लेकिन उन्‍होंने इसे एक चुनौती की तरह लिया। उन्‍होंने बताया, 'मेरे पति ने मुझसे कहा कि वह मेरे वजन के कारण मुझमें रुचि खो रहे हैं। तब मुझे अहसास हुआ कि अपनी फिटनेस का ख्‍याल रखना है। इसके बाद मैंने पैदल चलना शुरू किया, जिससे मैंने अपना काफी वजन कम लिया। बेटे होने के बाद मेरे लिए यह काफी मुश्किल हो गया था। लेकिन मैंने अपना लक्ष्‍य तय कर लिया था और उसे हासिल करने के लिए कुछ भी करने को तैयार थी।'उन्‍होंने बताया, 'हालांकि यह आर्थिक रूप से भी मुश्किल था, क्योंकि प्रशिक्षण के दौरान महंगी खुराक का उपभोग करना पड़ता है, लेकिन मैं अपने जुम्बा क्‍लास के साथ ही इसे मैनेज किया। मैंने बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता में असम में पुरस्‍कार जीता। इससे पहले मैंने मिस चेन्‍नई का खिताब भी अपने नाम किया। मैं चाहती हूं कि राज्‍य सरकार मुझे और आगे बढ़ने में मदद करे। मैं दिखाना चाहती थी कि महिलाएं भी क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं। मैंने खुद को साबित कर दिया है। मैं अपने राज्‍य से पहली महिला हूं, जिसने ऐसा किया है।रुबी के कोच कार्तिक भी रूबी के दृढ़ संकल्प की सराहना करते हैं। वह बताते हैं कि रू‍बी आसानी से मिस इंडिया का खिताब जीतेंगी। उन्‍होंने कहा, 'मैंने 100 से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षित किया है, लेकिन वे कुछ महीनों के भीतर रुचि खो देती हैं। लेकिन इच्छाशक्ति रूबी खासियत है। मैंने उसके लिए एक साल तय किया लेकिन उसने छह महीने के भीतर लक्ष्‍य हासिल कर लिया। मेरे अनुसार, वह आसानी से फिटनेस में मिस इंडिया का खिताब हासिल कर सकती है।

नई दिल्ली। देश के युवा बेरोजगारी और शिक्षा की कमी की वजह से सबसे ज्यादा परेशान हैं। हालांकि उनमें से ज्यादातर मानते हैं कि उनके राजनीतिक नेता उनकी जरूरतों पर ध्यान देते हैं। यह बात एक नए अध्ययन में कही गई है। अध्ययन में यह तथ्य सामने आया है कि देश में लगभग 55 फीसद युवा यह मानता है कि वे राजनीति और सरकार के बारे में जानते हैं। वहीं, 69 फीसद का मानना है कि वे इस बात पर बहस कर सकते हैं कि देश का शासन कैसा चल रहा है।गोलकीपर ग्लोबल यूथ पोल के अनुसार, लगभग 86 फीसद युवा भारत के भविष्य के बारे में आशावादी हैं। इनमें से ज्यादातर अपने राजनीतिक नेताओं पर विश्वास करते हैं। इस सर्वेक्षण का आयोजन इस हफ्ते न्यूयॉर्क में होने वाले बिल और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के दूसरे वार्षिक गोलकीपर कार्यक्रम से पहले इप्सोस पब्लिक अफेयर्स द्वारा किया गया था। देश के युवाओं को परेशान करने वाली सबसे बड़ी चिंता बेरोजगारी थी। सर्वे में शामिल 44 फीसद युवाओं ने यह बात मानी। वहीं, 33 फीसद ने शिक्षा की कमी पर चिंता जताई।भारत से एकत्रित आंकड़ों के विश्लेषण के अनुसार, लगभग 86 फीसद युवा भारत के भविष्य के बारे में आशावादी हैं और 56 फीसद अपने राजनीतिक नेताओं के कार्यकलापों से संतुष्ट हैं।अध्ययन में 12 वर्ष और उससे अधिक आयु के 40,000 से अधिक लोगों से एकत्र आंकड़ों को शामिल किया गया है। यह सर्वे ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, स्वीडन, अमेरिका, सऊदी अरब, ब्राजील, चीन, भारत, इंडोनेशिया, केन्या, मेक्सिको, नाइजीरिया और रूस में भी किया गया है। अध्ययन के नतीजे बताते हैं कि कम और मध्यम आय वाले देशों में पिछले एक दशक के दौरान गरीबी और बीमारी के खिलाफ लड़ाई में आश्चर्यजनक प्रगति महसूस की गई है।वर्ष 2000 से तुलना करें तो अत्यधिक गरीबी में रहने वाले लोगों की संख्या में पूरी दुनिया में एक अरब से भी ज्यादा की कमी आई है। हालांकि, उप सहारा अफ्रीका जैसे सबसे गरीब देशों में तेजी से बढ़ रही जनसंख्या भविष्य की प्रगति को खतरे में डाल रही है। इस साल की रिपोर्ट यह भी बताती है कि युवाओं के स्वास्थ्य और शिक्षा में सरकार को निवेश करना होगा जिससे उत्पादकता और नवाचार को बढ़ावा मिल सके। इसके अलावा यह भी ध्यान देना होगा कि युवाओं की सबसे बड़ी चिंताओं बेरोजगारी और शिक्षा की कमी को किस तरह से दूर किया जाए। अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि इस रिपोर्ट के निष्कर्षों को संबद्ध देश की सरकार को अवगत कराया जाएगा ताकि वे इसका इस्तेमाल अपनी नीतियों को बनाने में कर सकें।

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने दागी नेताओं पर फैसले का अधिकार संसद पर छोड़ दिया है। कोर्ट ने आपराधिक केस के कारण चुनाव लड़ने पर रोक लगाने से इनकार किया। हालांकि, इसके लिए एक गाइडलाइन जारी की। कोर्ट ने कहा कि राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों के नामांकन के बाद कम से कम तीन बार प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए उनके आपराधिक रिकॉर्ड का प्रचार करें।चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने कहा कि राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी पार्टी की वेबसाइट पर डालें। इस पर कानून बनाने का वक्त आ गया है ताकि आपराधिक रिकॉर्ड वालों को सदन में जाने से रोका जा सके। भ्रष्‍टाचार और अपराधीकरण लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा रहे हैं। वहीं सांसदों और विधायकों के वकालत करने पर रोक लगाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियम विधायकों को वकील के रूप में अभ्यास करने से नहीं रोकते हैं। भाजपा नेता अश्वनी कुमार उपाध्याय ने यह याचिका दाखिल की थी। इस पर मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, एएम खानविल्कर और डीवाई चंद्रचूड़ ने गत 9 जुलाई को बहस सुनकर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।दागियों के चुनाव लड़ने पर रोक यानी जिसके खिलाफ पांच साल से अधिक की सजा के अपराध में अदालत से आरोप तय हो जाएं उनके चुनाव लड़ने पर रोक लगाई जाए। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं लंबित हैं। जिसमें पब्लिक इंटरेस्ट फाउंडेशन, पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त जेएम लिंगदोह और भाजपा नेता अश्वनी कुमार उपाध्याय की जनहित याचिका शामिल है। इस मामले में मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, आरएम नारिमन, एएम खानविल्कर, डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस इंदू मल्होत्रा की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने बहस सुनकर गत 28 अगस्त को अपना फैसला सुरक्षित रखा था। याचिकाकर्ताओं की दलील थी कि राजनीति का अपराधीकरण रोकने के लिए दागियों के चुनाव लड़ने पर रोक लगनी चाहिए। पांच साल से अधिक की सजा के अपराध में अदालत से आरोप तय होने का मतलब होता है कि अदालत ने उस व्यक्ति को प्रथमदृष्टया आरोपी माना है। चुनाव आयोग ने भी इस याचिका का कोर्ट में समर्थन किया था हालांकि केन्द्र सरकार ने याचिका का पुरजोर विरोध करते हुए दलील दी थी कि कानून में आरोप तय होने के बाद चुनाव लड़ने पर रोक नहीं है और न ही इसे अयोग्यता में गिना गया है, ऐसे में कोर्ट अपनी तरफ से कानून में अयोग्यता की शर्त नहीं जोड़ सकता।

 

 

नई दिल्ली। देश के उत्तरी राज्यों में बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार बारिश से उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन के कारण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई। भारी बारिश के मद्देनजर पंजाब में 'रेड अलर्ट' जारी किया गया है। साथ ही उत्तर भारत के कई इलाकों में बारिश से मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की गई है।पंजाब में बाढ़ के खतरे को देखते हुए सेना को तैयार रहने को कहा गया है और जिला प्रशासन को भी पर्याप्त मात्रा में नावें तैयार रखने को कहा गया है।
आफत की बारिश- उत्तर भारत में 11 की मौत;-हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश, बर्फबारी के बाद सोमवार को भूकंप का हल्का झटका भी लगा। पंजाब व हरियाणा, उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण फसलों को खासा नुकसान हुआ है। भारी बारिश के मद्देनजर पंजाब के बाद हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थाएं मंगलवार को बंद रहेंगी। इसके अलावा आंगनवाड़ी केंद्र को भी बंद रखने का फैसला लिया गया है। सोमवार को वर्षा जनित हादसों मे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और हरियाणा में 11लोगों की मौत हो गई। जम्मू-कश्मीर के डोडा में भूस्खलन से एक ही परिवार के पांच की मौत हो गई। मरने वाले सभी बच्चे हैं।
दूर रहें नदी-नालों से;-हिमाचल के कुल्लू में हालात बिगड़ते देख हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। यहां लोगों को नदी और नालों से दूर रहने को कहा गया है। कुल्लू में भारतीय वायुसेना की टीम पिछले 24 घंटों में 21 लोगों को बचा चुकी है। यहां पानी के तेजबहाव में एक वॉल्वो बस के बह जाने की सूचना है। कांगड़ा जिले में नदी-नाले उफान पर हैं।ब्यास नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों लाहुल स्पीति, रोहतांग में बर्फबारी से न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। केलंग में न्यूनतम तापमान माइनस दो डिग्र्री तक पहुंच गया है। सिरमौर में सोमवार दोपहर हल्का भूकंप आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.7 मापी गई।
पंजाब-हरियाणा में फसलों को नुकसान:-पंजाब, हरियाणा व चंडीगढ़ में लगातार बारिश से धान व कपास की तैयार खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है। पड़ोसी राज्यों हिमाचल व उत्तराखंड के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण पंजाब में सतलज, ब्यास व रावी किनारे के जिलों व हरियाणा के यमुना किनारे के जिलों में अलर्ट जारी किया गया।
उत्तराखंड में भारी चारधाम यात्रा बाधित:-उत्तराखंड में भारी बारिश से बद्रीनाथ, केदारनाथ, यमुनोत्री के सड़क मार्ग बंद हो गए। इससे चारधाम यात्रा बाधित हो गई। देहरादून, हरिद्वार, पौडी, उत्तरकाशी, रद्रप्रयाग, चमौली, टिहरी, पिथौरागढ़ व बागेश्वर में बारिश हुई। पड़ावों पर फंसे 1340 यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। कैलास मानसरोवर यात्रा पूरी कर पिथौरागढ़ के गुंजी पहुंचे आखिरी दो दल में शामिल 49 यात्री तीसरे दिन भी फंसे रहे। मौसम की खराबी की वजह से उन्हें लाने के लिए पिथौरागढ़ से हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पाए।
पंजाब के सभी स्कूल कॉलेज मंगलवार को रहेंगे बंद:-पंजाब में पिछले चार दिनों से हो रही भारी बारिश की वजह से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पंजाब के मुख्यमंत्री ने बारिश के मद्देनजर मंगलवार को सभी स्कूल और कॉलेज बंद करने का फैसला लिया है। वहीं सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बारिश की वजह से फसलों को हुए नुकसान के आंकलन के निर्देश दिए हैं।
खरीफ फसल को नुकसान:-अचानक आई बारिश को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि पंजाब और हरियाणा में भारी बारिश से खरीफ फसलों को नुकसान पहुंच सकता है और खेतों में पानी भर सकता है। हरियाणा के अंबाला में भारी बारिश के कारण घर की छत गिरने से 45 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई।मौसम विभाग ने उत्तराखंड में कहीं-कहीं विशेषकर देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली, रूद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में अगले 24 घंटों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है।
हाई अलर्ट पर कुल्लू:-हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश से कुल्लू, कांगड़ा और चंबा जिले में अलग-अलग घटनाओं में 5 लोगों की मौत हो गई। कुल्लू जिले को हाई अलर्ट पर रखा गया है। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि राजस्थान में पिछले 24 घंटे में भारी से मध्यम स्तर की बारिश दर्ज की गई।जम्मू-कश्मीर में 2 अलग-अलग हादसों में 7 लोगों की मौत हो गई। राज्य में अगले 24 घंटों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। राज्य के डोडा जिला में भूस्खलन की चपेट में आने से 3 नाबालिग सहित एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत हो गई जबकि कठुआ जिला में अचानक आई बाढ़ में फंसे 29 लोगों को बचाया गया। डोडा और जम्मू क्षेत्र में पिछले 2 दिनों से लगातार बारिश हो रही है।

नई दिल्‍ली। भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने देश की सर्वोच्‍च अदालत में एक बार फिर रामसेतु का मुद्दा उठाया है। उन्‍होंने रामसेतु को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की याचिका सुप्रीम कोर्ट में मेंशन की। स्‍वामी ने कहा कि कोर्ट ने इस पर केन्द्र सरकार को नोटिस जारी किया था। दस साल हो गए लेकिन सरकार ने अभी तक याचिका का जवाब दाखिल नही किया। इस पर कोर्ट ने कहा कि दस दिन और इंतज़ार करो।वैसे बता दें कि मोदी सरकार रामसेतु पर अपना रुख स्‍पष्‍ट कर चुकी है। केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर सेतु समुद्रम परियोजना और राम सेतु के बारे में रुख स्पष्ट करते हुए कहा था कि समुद्र में जहाजों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए प्रस्तावित सेतु समुद्रम परियोजना के लिए राम सेतु को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। परियोजना के लिए सरकार कोई दूसरा वैकल्पिक मार्ग तलाशेगी। स्वामी ने अपनी याचिका में कहा है कि राम सेतु लाखों हिन्दुओं की आस्था से जुड़ा है। इसे न तोड़ा जाए और राम सेतु को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया जाए।गौरतलब है कि वर्ष 2008 में तत्कालीन यूपीए सरकार ने इस मामले में हलफनामा दाखिल कर सेतु समुद्रम परियोजना के लिए राम सेतु को तोड़ कर तय वर्तमान मार्ग से ही लागू किये जाने पर जोर देते हुए कहा था कि भगवान राम के अस्तित्व में होने के बारे में कोई पुख्ता साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। ये भी कहा था कि रामायण महज कल्पित कथा है। यूपीए सरकार के इस हलफनामे पर काफी हंगामा हुआ था जिसके बाद आनन-फानन में सरकार ने अपना वह हलफनामा कोर्ट से वापस ले लिया था।

नई दिल्ली। भले ही किसी को कुत्ते पसंद ना हो, लेकिन कुत्ते के छोटे-छोटे प्यारे बच्चे हर किसी को अपनी तरफ आकर्षित कर लेते हैं। आपका भी उनको देखते ही उनके साथ खेलने का मन करता होगा। लेकिन अगर आपसे इन 'पपी' को खाने के लिए कहा जाए तो। इतना ही नहीं अगर ये भी बोला जाए कि ये 'पपी' जो हम आपको दिखा रहे हैं वह देखने में जितने खूबसूरत हैं, खाने में उतने ही स्वादिष्ट होते हैं, तो शायद आप हमारी बात पर विश्वास न करें। लेकिन ये बात सच है, क्योंकि ये सच में पपी नहीं उस शेप में बनी आइसक्रीम है।दरअसल ताइवान के दक्षिणी शहर काओसिउंग के एक रेस्त्रां में कुछ ऐसा ही हुआ है। यहां पर ग्राहकों को 'शार पेई पपी' के आकार की आइस्‍क्रीम सर्व की जा रही है। ताइवान के एक रेस्‍टोरेंट के मैन्‍यू में इन पपीज को रखा गया है। इंटरनेट पर इन दिनों कुत्ते के बच्‍चे के आकार की आइसक्रीम छाई हुई है। खास बात यह है कि यह आइसक्रीम तीन अलग-अलग फ्लेवरों में आती है। इनमें मिल्क टी, पीनट और चॉकलेट फ्लेवर शामिल हैं। कैफे में सबसे ज्‍यादा इसे ही पसंद किया जा रहा है। यहां आने वाले लोग आइसक्रीम को खाने से पहले तस्‍वीरें और वीडियो बनाना नहीं भूलते हैं।
कैसे तैयार की जाती है आइसक्रीम:-अपनी यूनीकनेस के कारण यह आइसक्रीम इस वक्‍त इंस्‍टाग्राम सेंसेशन बन चुकी है। इसे काफी सावधानीपूर्वक तैयार किया जाता है ताकि इसका आकार कुत्‍ते के बच्‍चे जैसा बन सके। इसे असली लुक देने के लिए पपी के आइस्‍क्रीम के ऊपर फ्रॉस्‍ट जैसे बाल भी बनाए गए हैं। इसके बाद आइस्‍क्रीम को -30 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर फ्रोजन करने के लिए रख दिया जाता है। स्‍टाफ चॉकलेट सॉस से आइस्‍क्रीम पर पपी की आंखें बना देते हैं। ये सब रिंकल्‍ड फीचर्स के होने से पहले किया जाता है।
आइसक्रीम की बढ़ी डिमांड;-सोशल मीडिया पर पॉपुलर होने के कारण अब इस आइसक्रीम की डिमांड भी बढ़ गई है। इस कैफे में रोज काफी कस्‍टमर्स पहुंच रहे हैं। इस आइसक्रीम की कीमत करीब 250 रुपये से 400 रुपये तक है। एक आइसक्रीम को तैयार करने में 5 घंटे का समय लगता है। आइसक्रीम की डिमांड इतनी ज्‍यादा है कि रेस्त्रां हर रोज कम से कम 100 आइस्‍क्रीम बेच रही है और तब भी वो अपने ग्राहकों की डिमांड को पूरा नहीं कर पा रही है।

मंडी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) मंडी के पांच सहायक प्रोफेसर व एक बीटेक प्रशिक्षु लाहुल-स्पीति में लापता हाे गए हैं। इन लोगों से तीन दिन से संपर्क नहीं हो पाया है। बारिश और बर्फबारी में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। सोमवार को प्रशिक्षु व पांचों सहायक प्रोफेसरों के संस्थान में न पहुंचने पर जब जांच पड़ताल शुरू हुई तो उनके लाहुल-स्पीति में लापता होने की बात सामने आई।वहीं हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि लाहौल स्पीति में ट्रेकिंग कर रहे आईआईटी रुड़की के छात्रों समेत सभी 50 ट्रेकर्स सुरक्षित निकाल लिया गया है।इसके बाद आइआइटी प्रबंधन ने मंडी, कुल्लू व लाहुल-स्पीति प्रशासन से संपर्क कर मदद की गुहार लगाई है। प्रशासन इन लोगों की तलाश में वायुसेना की मदद लेने पर विचार कर रहा है। आइआइटी मंडी में स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग की सहायक प्रोफेसर डाॅ. मौसमी मुखर्जी अपने स्टाफ के अन्य सदस्यों डाॅ. गौरव भुटानी, डॉ. कैसर जहान, डॉ. प्रदीप कुमार व डॉ. महेश कुमार के साथ 20 सितंबर शाम को मनाली के लिए रवाना हुए थे।20 सितंबर की रात को यह लोग मनाली के किसी होटल में ठहरे थे। 21 सितंबर की सुबह साढ़े छह बजे इन लोगों की अपने किसी परिचित से मोबाइल फोन पर अंतिम बार बात हुई थी। उन्होंने अपने परिचित काे बताया था कि वह लोग यहां होटल में ठहरे हुए हैं। रोहतांग जाने के लिए तैयार हैं। सभी लोग मारुति जिप्सी में गए थे। इन लोगों का लाहुल-स्पीति स्थित चंद्रताल झील देखने जाने का कार्यक्रम था। ऐसा बताया जा रहा है। पांचों अपने व्यक्तिगत टूर पर गए थे। तय कार्यक्रम के तहत इन्हें रविवार शाम को मंडी लौटना था।21 सितंबर देर शाम लाहुल-स्पीति में अचानक मौसम खराब होने से बर्फबारी शुरू हाे गई थी। तीन दिन में तीन से चार फुट तक हिमपात हो चुका है। पांचों सहायक प्रोफेसर के मोबाइल नंबर स्विच ऑफ हैं। सोमवार को आइआइटी प्रबंधन, उनके परिचित व प्रशासन दिन भर संपर्क साधने की कोशिश करता रहा। लेकिन किसी से कोई संपर्क नहीं हो पाया।लाहुल-स्पीति प्रशासन से भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही है। आइआइटी का एक बीटेक प्रशिक्षु अलग से रोहतांग गया हुआ था। उससे भी कोई संपर्क नहीं हो पाया रहा है। अचानक हुए बर्फबारी से लेह से मनाली के बीच 500 से अधिक स्थानीय लोग व पर्यटक सरचू व पांग व भरतपुर के बीच फंसे होने की सूचना है। हालांकि इनको लेकर कोई अधिकारिक जानकारी नहीं है।
आइआइटी प्रबंधन ने पांच सहायक प्रोफेसर व प्रशिक्षु के लाहुल-स्पीति में तीन दिन से फंसे होने की सूचना दी है। मामला लाहुल-स्पीति प्रशासन के संज्ञान में लाया गया है। प्रदेश सरकार को भी इसकी जानकारी दी गई है।-ऋग्वेद ठाकुर, उपायुक्त मंडी
पांचों लोग अपने व्यक्तिगत कार्यक्रम से गए हैं। आइआइटी प्रबंधन को इसकी जानकारी सोमवार सुबह मिली है। तीन जिलों के प्रशासन से मदद मांगी गई है।-डाॅ. विशाल चौहान, रजिस्ट्रार आइआइटी मंडी

नई दिल्‍ली।सर्जिकल स्‍ट्राइक से भारत का स्‍वाभ‍िमान बढ़ाने वाले हीरो रहे संदीप सिंह तंगधार में घुसपैठियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए हैं। तंगधार में आर्मी के जवान घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे थे। उसी वक्‍त दुश्मन की गोली उनको लग गई। दुश्‍मन से लोहा लेते वक्‍त उन्‍होंने तीन आतंकवादियों को मार गिराया था।संदीप सिंह सेना के स्‍पेशल कमांडो बन कर सर्जिकल स्‍ट्राइक का अहम हिस्‍सा रहे थे। बता दें कि सितंबर 2016 में भारत ने पाकिस्‍तान के खिलाफ सर्जिकल स्‍ट्राइक कर दुश्‍मनों के लांच पैड का तबाह कर कई आंत‍की शिविरों को नष्‍ट कर दिया था। इस कार्रवाई में कई आंत‍की जो सीमा पार करने की फिराक में थे वह भी मारे गए थे।भारतीय सेना की इस कार्रवाई से पूरा देश खुश था, वहीं दुश्‍मन हैरान था। संदीप अपनी पीछे एक हंसता-खेलता परिवार छोड़ गए हैं। संदीप को एक पांच साल का बेटा भी है। उनकी पत्‍नी और परिवारजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।2007 में संदीप सेना में भर्ती हुए थे। उनकी ड्यूटी 4 पैरा उधमपुर में थी। घुसपैठ की सूचना पर उन्हें तंगधार भेजा गया था। बता दें कि रविवार को एलओसी पर आतंकियों ने घुसपैठ की जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। इसी मुठभेड़ में संदीप सिंह घायल हो गए और श्रीनगर के 92 बेस अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया।

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