नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी के चलते दुनिया 1930 के दशक की महामंदी के बाद से सबसे गहरी मंदी से जूझ रही है। कोविड-19 महामारी कई विकासशील और सबसे गरीब देशों के लिए ‘‘भयावह घटना’’ है। विश्व बैंक के अध्यक्ष डेविड मालपास ने यह बातें कही हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक संकुचन की सीमा को देखते हुए कई देशों में कर्ज संकट का खतरा बढ़ गया है।उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक की वार्षिक बैठक के मौके पर बुधवार को कहा कि यहां बैठकों में इस मुद्दे पर बहुत अधिक ध्यान दिया गया है। डेविड मालपास ने कहा, ‘‘मंदी बहुत गहरी है, महामंदी के बाद से सबसे बड़ी मंदी में एक है। और कई विकासशील देशों तथा सबसे गरीब देशों के लोगों के लिए ये वास्तव में अवसाद की एक भयावह घटना है।’’ उन्होंने कहा कि इस बैठक और कार्रवाई का केंद्र बिंदु इन देशों को राहत पहुंचाना है तथा विश्व बैंक इन देशों के लिए एक बड़ा वृद्धि कार्यक्रम तैयार कर रहा है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि विश्व बैंक को लगता है कि इस समय ‘के’ आाकर का सुधार हो रहा है। ‘के’ आकार के सुधार का अर्थ मंदी के बाद दुनिया के विभिन्न हिस्सों में अगल-अगल दर से सुधार का होना है।उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति उन देशों का स्वागत करते हैं जो अपने निर्यात बाजार खोल रहे हैं, और वे देश भी जो इस बेहद चुनौतीपूर्ण समय के दौरान अपनी अर्थव्यवस्थाओं में अधिक भोजन की उपलब्धता की अनुमति देने के लिए अपनी सब्सिडी प्रणाली को बदलने में सक्षम हैं। मलपास ने कहा कि पहली प्राथमिकता लोगों के जीवन, स्वास्थ्य और सुरक्षा थी।

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