नई दिल्ली। आपने कई लोगों के मुंह से यह जुमला जरूर सुना होगा कि सैलरी का क्या है एक तारीख को आती है और महीना पूरा होने से पहले खत्म हो जाती है। अब अगर आपसे कोई कहे कि एक व्यक्ति की सैलरी इतनी है कि दो साल की तनख्वाह से वह अरबपति बन जाए, तो क्या आपको विश्वास होगा? नहीं ना, लेकिन यह सच है। न्यूज एजेंसी पीटीआइ की एक रिपोर्ट के अनुसार, डिवीज लैबोरेटरीज के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुरली के. डिवी को साल 2018-19 में 58.80 करोड़ रुपये मेहनताना मिला हैं। इसमें सैलरी और कमिशन दोनों शामिल हैं। इस तरह Murali Divi भारतीय दवा कंपनियों में सबसे ज्यादा मेहनताना पाने वाले कर्मचारी बन गए हैं।मुरली डिवी को जो मेहनताना मिला है उसमें से 57.61 करोड़ रुपये तो उन्हें बतौर कमिशन ही मिले हैं। मुरली के अलावा डिवीज लैबोरेटरीज ने इस वित्त वर्ष में कंपनी के कार्यकारी निदेशक NV रमण को 30 करोड़ रुपये और मुरली डिवी के बेटे व पूर्णकालिक निदेशक किरण S डिवी को 20 करोड़ रुपये मेहनताना दिया है।डिवीज लैबोरेटरीज की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, मुरली के. डिवी के मेहनताने में पिछले साल की तुलना में 46.30 फीसद की बढ़ोतरी हुई है। मुरली को वित्तीय वर्ष 2017-18 में 40.20 करोड़ रुपये मेहनताना मिला था। उनके इस मेहनताने में 39 करोड़ रुपये बतौर कमीशन मिले थे।कंपनी ने साल 2018-19 में 5,036 रुपये का राजस्व प्राप्त किया है और टैक्स चुकाने के बाद इसे 1,333 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ है। वहीं, डिवीज लैबोरेटरीज के कर्मचारियों के मेहनताने में औसतन 3.96 फीसद की बढ़ोतरी हुई है।

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