नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 5 जुलाई, 2019 को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश किया। इस बजट में बहुत सी बड़ी योजनाओं का प्रस्‍ताव पेश किया गया और बहुत सारी बड़ी घोषणाएं भी हुईं। इस बजट से कई लोगों को काफी उम्मीदें थी, किसी की उम्मीद पूरी हुईं तो किसी को निराशा हासिल हुई। आम नागरिकों को टैक्स स्लैब में छूट की उम्मीद थी, लेकिन ऐसी कोई राहत नहीं दी गई है बल्कि अमीरों के लिए टैक्स अधिक बढ़ाया गया। यहां हम बताएंगे पूरे बजट का निचोड़ और जानेंगे कि बजट में किस वर्ग को कितना फायदा हुआ और किसकी उम्मीदों पर फिरा पानी।
मीडिल क्‍लास को कहां मिली राहत और कहां मिली निराशा ?
-मीडिल क्लास को इस बार उम्मीद थी कि टैक्स छूट और टैक्‍स स्लैब में राहत मिले, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
-वहीं इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर ऑटो लोन पर 1.5 लाख रुपये तक के ब्याज पर इनकम टैक्स में छूट का एलान किया गया।
-बजट में 45 लाख रुपये तक का घर खरीदने पर होम लोन के ब्याज पर छूट 2 लाख से बढ़ाकर 3.5 लाख कर दी गई।
अमीरों की बढ़ी जिम्मेदारी
-अमीरों को राहत तो नहीं दी गई, लेकिन 2 से 5 करोड़ रुपये वार्षिक आय वालों पर 3 फीसद अतिरिक्त टैक्स लगेगा और 5 करोड़ रुपये से अधिक वार्षिक आय पर 7 फीसद अतिरिक्त टैक्स लगेगा।
-बैंक से 1 साल में 1 करोड़ से अधिक की राशि निकालने पर 2 फीसद टीडीएस लगेगा, 1 करोड़ रुपये से अधिक निकालने पर 2 लाख रुपये टैक्स में कटेंगे।
-डिजिटल पेमेंट पर ग्राहक से कोई अलग से चार्ज या एमडीआर नहीं लिया जाएगा।
क्या हुआ महंगा ?
-पेट्रोल और डीजल पर 1-1 रुपये सेस बढ़ाया गया।
-सोने और अन्य कीमती धातुओं पर कस्टम ड्यूटी 10 फीसद से बढ़ाकर 12.5 फीसद कर दी गई।
-पैन की जगह आधार भी होगा इस्तेमाल
-अब पैन कार्ड की जगह आधार को भी मान्य माना जाएगा, यानी कि अगर पैन कार्ड मांगा जाए तो उसकी जगह पर आधार से भी काम चल जाएगा।
-पहले इनकम टैक्स भरने के लिए पैन अनिवार्य था, वहीं अब पैन की जगह आधार नंबर इनकम टैक्स रिटर्न के लिए काम आ पाएगा।
टैक्स में कंपनियों को मिली राहत ?
-जो कंपनियां 400 करोड़ रुपये तक सालाना टर्नओवर करती हैं, उन्हें 25 फीसद की टैक्स स्लैब कैटेगरी में लाया गया है।
-पहले 250 करोड़ रुपये के सालाना टर्नओवर वाली कंपनियां इसमें आती थीं। अब 99.30 फीसद कंपनियां 25 फीसद के कॉर्पोरेट टैक्स की कैटेगरी में आएंगी और सिर्फ 0.70 फीसद कंपनियां इससे अछूती रहेंगी।
महिलाओं के लिए खास ?
-महिलाओं को मुद्रा योजना के तहत 1 लाख रुपये तक लोन मिल पाएगा।
-महिलाओं के लिए मुद्रा योजना, स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) जैसी योजनाओं से महिला उद्यमिता को बढ़ावा दिया है।
-हर महिला वेरिफाइड एसएचजी (सेल्फ हेल्प ग्रुप) मेंबर जिसके पास जनधन अकाउंट है उन्हें 5,000 रुपये की ओवरड्राफ्ट सुविधा।
-महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए महिला एसएचजी इंट्रेस्ट सबवेंशन प्रोग्राम को सभी जिले में लागू करने का प्रस्ताव।
गरीबों के लिए ?
-प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के दूसरे चरण में 2020 से 2021-22 के दौरान 1.95 करोड़ घर देने का टारगेट है। इन घरों में शौचालय, बिजली कनेक्शन और गैस की सुविधा मिलेगी।
-2015-16 में इस स्कीम के तहत घर बनाने में 314 दिन लगते थे, डीबीटी प्लैटफॉर्म से अब सिर्फ 114 दिनों में घर बनकर तैयार होंगे।
गांवों को क्या मिला ?
-एग्रो रूरल इंडस्ट्री क्षेत्र में 75 हजार स्किल्ड व्यवसायी तैयार किए जाएंगे।
-गांवों में SFURTI स्कीम के तहत ज्यादा कॉमन फेसिलिटी सेंटर्स स्थापित किए जाएंगे।
-सरकार बांस, लकड़ी और रीन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में किसानों को बड़ी मदद करेगी।
-किसानों की उगाई फसलों में मूल्यवर्धन के लिए निजी व्यवसायी को बढ़ावा देगी।
-अब अन्नदाता को ऊर्जदाता भी बनाया जाएगा, जिसके लिए कई प्रोग्राम तैयार हो रहे हैं।
-प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इसके तीसरे चरण में 1.25 लाख किमी सड़कों को अगले 5 वर्षों में बनाया जाएगा, जिस पर 80,250 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
इन्फ्रास्ट्रक्चर
-देश में प्रति वर्ष निवेश के लिए 20 लाख करोड़ रुपये की आवश्यकता है।
-इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग के लिए साधनों को लेकर कई सुधारों के प्रस्ताव किए गए हैं।
-क्रेडिट गारंटी एनहांसमेंट कॉर्पोरेशन के लिए आरबीआई से नोटिफेशन आ चुका है, जिसकी स्थापना 2019-20 में हो जाएगी।
-इन्फ्रास्ट्रक्चर डेट फंड्स और एनबीएफसी की ओर से जारी डेट सिक्यॉरिटीज में एफआईआई और एफआई निवेश को घरेलू निवेशकों को निश्चित अवधि के लिए ट्रांसफर करने की अनुमति दी जाएगी।
-बजट भाषण में सड़क, जलमार्ग और वायुमार्ग को मजबूती प्रदान करने के टारगेट के बारे में बताया गया।
-सरकार नदियों से मालवहन करना चाहती है।
-जलमार्ग विकास परियोजना के तहत वाराणसी में एक मल्टिमॉडल टर्मिनल नवंबर से फंक्शनल है और साहिबगंज और हल्दिया में 2 और टर्मिनल्स बन रहे हैं।
डायरेक्ट टैक्स रेवेन्यू में 78 फीसद ग्रोथ
-प्रत्यक्ष कर से प्राप्त राजस्व में 78 फीसद ग्रोथ हुई।
-देश के इसमें 6.38 लाख करोड़ वित्त वर्ष 2013-14 करीब 11.37 लाख करोड़ 2018-19 हर वर्ष दोगुनी गति से बढ़ रही है।

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