नई दिल्ली। पोस्ट ऑफिस की सेविंग्स स्कीम में निवेशकर्ता की मृत्यु हो जाने की स्थिति में उत्तराधिकारी के लिए पैसों पर दावा करना अब बहुत आसान हो गया है। यहां तक कि उत्तराधिकारी के पास अगर लीगल एविडेंस भी मौजूद नहीं है तो भी वह स्कीम के पैसों पर अपना दावा कर सकता है। दरअसल, हाल ही में पोस्ट ऑफिस ने अपनी सेविंग्स स्कीम के नियमों में परिवर्तन किया है। डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट ने 20 मई, 2019 को एक लेटर जारी किया है। इस पत्र में पोस्ट ऑफिस की सेविंग्स स्कीम में नियमों के नए बदलाव के बार में बताया गया हैं। नियमों में हुए नए बदलावों के अनुसार, अगर निवेश करने वाले की मृत्यु हो जाए और उसने किसी को नॉमिनी नहीं बनाया हो व उत्तराधिकारी के पास कोई लीगल एविडेंस भी ना हो, तब भी निवेश का पैसा आसानी से पाया जा सकता है।डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट के इस नए आदेश में विभिन्न अथॉरिटीज की ताकत में भी बदलाव किया गया है। नए नियमों के अनुसार, अगर निवेशकर्ता की मौत हो जाती है और उसने किसी को भी नॉमिनी नहीं बनाया है और उत्तराधिकारी के पास कोई लीगल एविडेंस भी नहीं है तब भी अथॉरिटी तय लिमिट्स के अधार पर दावे को सेंक्शन कर सकती है।नए नियमों के अनुसार, कोई उत्तराधिकारी सर्टिफिकेट, विल की कॉपी अथवा मृतक की संपत्ति का कोई पत्र नहीं मिलता है, तो अथॉरिटी निवेशकर्ता की मृत्यु के 6 महीने बाद, बिना लीगल एविडेंस के भी उत्तराधिकारी के पैसे के दावे को स्वीकार कर सकती है।इस आदेश के अनुसार, अगर क्लेम नहीं किया गया है या पहले ही क्लेम कर दिया गया है और सेंक्शन नहीं हुआ है, तो भी नए नियम लागू होंगे। ये नियम सभी कोर-बैंकिंग सॉल्यूशंस (CBS) और नॉन-सीबीएस पोस्ट ऑफिस के लिए लागू होगा।अपने आदेश में डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट ने रुपयों की सीमा के हिसाब से अथॉरिटी तय की है जो इस प्रकार है।

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