नई दिल्‍ली। लोगों के बीच जागरूकता बढ़ने से अब म्‍युचुअल फंडों के प्रति उनका रुझान बढ़ा है। निवेश के पारंपरिक तरीके जैसे रैकरिंग डिपॉजिट, फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट की जगह निवेशक अब लंबे समय के लिए इक्विटी म्‍युचुअल फंडों में निवेश करने लगे हैं। हालांकि, कुछ लोग अब भी यही सोचते हैं कि चलो पैसे तो म्‍युचुअल फंड में लगा दिए लेकिन ये निकलेंगे कैसे? इसमें कितना वक्‍त लगेगा? इसकी प्रक्रिया क्‍या है? अगर आप भी म्‍युचुअल फंडों के ज्‍यादा मुनाफे का लाभ सिर्फ इस वजह से नहीं उठा पा रहे हैं कि इनसे पैसे निकालने में परेशानी होगी तो हम आपकी इस मुश्किल को आसान बना देते हैं। म्‍युचुअल फंडों से पैसे निकालना यानी यूनिट्स भुनाना काफी सरल है।
क्‍या है म्‍युचुअल फंड यूनिट्स को रिडीम करने की प्रक्रिया?:-अगर आपने म्‍युचुअल फंडों में इन्‍वेस्‍ट किया है और अपने पैसे निकालना चाहते हैं तो इसकी शुरुआत किसी भी कारोबारी दिन शुरू कर सकते हैं। अगर आप एजेंट की मदद न लेकर खुद यह काम करना चाहते हैं तो आपको म्‍युचुअल फंड कंपनी की वेबसाइट से ट्रांजैक्‍शन स्लिप डाउनलोड करना होगा। इसे भर लीजिए और इस रिडेम्‍पशन अप्‍लीकेशन को संबंधित म्‍युचुअल फंड कंपनी के किसी भी कार्यालय में जमा करवा दें।
ऑनलाइन भी निकाल सकते हैं म्‍युचुअल फंडों से पैसे:-अगर आप टेक सैवी हैं तो ऑनलाइन भी म्‍युचुअल फंड से पैसे निकाल सकते हैं। ज्‍यादातर म्‍युचुअल फंड कंपनियां अपनी वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन रिडेम्‍पशन की सुविधा देती है। अगर आपने ऑनलाइन निवेश किया है तो यह प्रक्रिया और आसान हो जाती है।
बैंक अकाउंट में पैसे आने में लगेगा अधिकतम 4 दिनों का वक्‍त:-अगर आपने लिक्विड या डेट ओरिएंटेड म्युचुअल फंडों में निवेश किया है तो आपको अधिकतम दो दिनों में पैसे मिल जाएंगे. डेट म्‍युचुअल फंडों के यूनिट भुनाने पर ज्‍यादातर मामलों में उसी दिन पैसे अकाउंट में आ जाते हैं। इक्विटी फंडों का पैसा 4-5 दिनों में निवेशकों के अकाउंट में आ जाता है. गौर करने वाली बात यह है कि अगर आपने इक्विटी फंडों में निवेश किया हुआ है और यूनिट खरीदने के 365 दिनों के भीतर उसे भुना रहे हैं तो आपको 1% तक का एक्जिट लोड देना पर सकता है. लिक्विड फंड, अल्ट्रा शॉर्ट टर्म फंड्स आदि पर कोई एक्जिट लोड नहीं लगता है.
आपके पास ऐसे आते हैं म्युलचुअल फंड के पैसे:-म्युचुअल फंड का यूनिट भुनाने (रीडीम) से प्राप्त होने वाले पैसे सीधे आपके बैंक खाते में आ जाते हैं अगर आपने निवेश के समय बैंक की सारी जानकारी दी हुई है. अगर म्युचुअल फंड कंपनी के पास आपकी बैंक की पूरी डिटेल नहीं है तो फिर आपको चेक से पैसे भेज दिए जाएंगे.

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