नई दिल्ली। अमेरिकी नियामकों ने शुक्रवार को एक नए स्टॉक एक्सचेंज को मंजूरी दे दी है। यह आइडिया सिलिकॉन वैली के ही एक उद्यमी का है। इस कदम से हायर ग्रोथ वाली प्रौद्योगिकी कंपनियों को पारंपरिक न्यूयॉर्क स्टॉसक एक्सचेंजों के बाहर अपने शेयरों को सूचीबद्ध करने के लिए विकल्प प्रदान करेगा।अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (SEC) ने लॉन्ग-टर्म स्टॉक एक्सचेंज, या LTSE को मंजूरी दे दी है। LTSE सिलिकॉन वैली में होगा। इससे गवर्नेंस और वोटिंग के अधिकार के नजरिए से अनूठा नजरिया है। इसके अलावा, LTSE के अस्तित्वे में आने से पब्लिक कंपनियों पर अल्पलकालिक दबाव भी कम होगा।LTSE देश के टेक कैपिटल में एक स्टॉक एक्सचेंज बनाने का प्रयास है जो स्टार्टअप्स को आकर्षित करेगा। खास तौर से उन स्टार्टअप्स के लिए जो अपने पैसे गंवा रहे हैं लेकिन लॉन्ग टर्म इनोवेशन पर फोकस कर रहे हैं।एसईसी को नवंबर में प्रौद्योगिकी उद्यमी, लेखक और स्टार्टअप सलाहकार एरिक रीस द्वारा स्टॉक एक्सचेंज का प्रस्ताव दिया गया था, जो कि वर्षों से इस विचार पर काम कर रहे हैं। उन्होंने अपनी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए उद्यम पूंजीपतियों से 19 मिलियन डॉलर जुटाए, लेकिन एक्सचेंज को लॉन्च करने के लिए अमेरिकी नियामकों से अनुमोदन आवश्यक था।

 

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