नई दिल्ली। अगर आप प्राइवेट सेक्टर में काफी वर्षों से काम कर रहे हैं, तो जाहिर तौर पर आपके कई बैैंकों में अकाउंट होंगे। क्योंकि हर नौकरी के साथ ही इस बात की संभावना अधिक होती है कि आपका एक और अकाउंट खुल जाए। इस सूरत में पुरानी कंपनी की ओर से खुलवाया गया बैंक अकाउंट में इस्तेमाल में नहीं रह जाता है। इसे निष्क्रिय अकाउंट कहा जाता है।अगर किसी अकाउंट में लेनदेन नहीं हो रहा होता है तो उसे बंद करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि न्यूनतम मासिक बैलेंस या औसतन मासिक बैलेंस न रखने पर बैंक पेनल्टी फीस वसूलते हैं। अगर आप अपने बैंक अकाउंट में लेनदेन करना बंद कर देते हैं तो एक समय के बाद वो डोरमेंट अकाउंट में तब्दील हो जाता है।अगर लगातार 12 माह से अधिक समय तक किसी बैंक अकाउंट में ग्राहक की ओर से कोई लेनदेन नहीं होता है तो बैंक इसे एक इनेक्टिव अकाउंट की लिस्ट में डाला जाता है, जिसके बाद अगले 12 माह तक दोबारा उस अकाउंट से कोई ट्रांजेक्शन नहीं होती है तो उस अकाउंट को बंद कर दिया जाता है। डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग, फोन बैंकिंग, ऑफलाइन बैंकिंग, थर्ड-पार्टी ट्रांसफर और एफडी से मिलने वाले ब्याज के जरिए हुई ट्रांजेक्शन को वैध माना जाता है।
बैंक अकाउंट बंद करवाने के लिए ये 6 बातें हैं जरूरी:-
1: सबसे पहले बैंक अकाउंट बंद करवाने के लिए उस बैंक की ब्रांच पर जाएं।
2: बैंक में जाकर अकाउंट बंद करने का फॉर्म भरें।
3: एक अन्य बैंक अकाउंट की जानकारी दर्ज कीजिए, जिसमें बचा हुआ बैलेंस ट्रांसफर करवाना है।
4: डी-लिंकिंग अकाउंट फॉर्म भरें, अगर जरूरी हो तो।
5: बची हुई चेक बुक और डेबिट कार्ड बैंक में जमा करें।
6: अकाउंट बंद करने की फीस भरिए, अगर है तो।
बैंक अकाउंट बंद करने से पहले उसे क्रेडिट कार्ड पेमेंट, ट्रेडिंग अकाउंट, आवर्ती जमा आदि से डी-लिंक कर देना चाहिए, कुछ भी भूलना नहीं चाहिए। अगर बैंक अकाउंट खोलने के 14 दिनों के अंदर बंद किया जा रहा है तो अकाउंट बंद करने की कोई फीस नहीं ली जाएगी।अकाउंट बंद करने की फीस अकाउंट खुलने की तारीख के 14 दिनों और 1 साल के बीच लगाई जाती है। बैंक 1 साल पूरा होने के बाद अकाउंट बंद करने की फीस ले भी सकते हैं और नहीं भी। प्रत्येक बैंक अकाउंट बंद करने की अलग-अलग फीस लेते हैं, इसकी अधिक जानकारी के लिए बैंक ब्रांच जाकर पता करना चाहिए। बैंक अकाउंट में बचा हुआ पैसा दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर किया जाता है। अगर बचा हुआ पैसा 20,000 से कम है तो उसे नकद में दिया जा सकता है।

 

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